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                <title>AAM ADMI PARTY - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>हरियाणा के खजाने को लगा 1 हजार करोड़ से अधिक का चूना कैग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा  ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के वक्त की आई कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) रिपोर्ट पर हंगामा खड़ा किए बीजेपी की मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली पूर्व हरियाणा सरकार के कार्यकाल की आई कैग रिपोर्ट में राज्य के खजाने को बड़ी चपत बताई गई है। ये आंकड़ा 1000 करोड़ से अधिक का है। बिक्री कर, वैट, राज्य उत्पाद शुल्क, स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण फीस को लेकर 2021-22 की आई कैग की इस रिपोर्ट में राज्य के खजाने को हुए नुकसान के लिए खट्टर सरकार के कु-प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया है।</div>
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<div>हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149822/the-treasury-of-haryana-got-a-big-disclosure-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div>दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के वक्त की आई कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) रिपोर्ट पर हंगामा खड़ा किए बीजेपी की मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली पूर्व हरियाणा सरकार के कार्यकाल की आई कैग रिपोर्ट में राज्य के खजाने को बड़ी चपत बताई गई है। ये आंकड़ा 1000 करोड़ से अधिक का है। बिक्री कर, वैट, राज्य उत्पाद शुल्क, स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण फीस को लेकर 2021-22 की आई कैग की इस रिपोर्ट में राज्य के खजाने को हुए नुकसान के लिए खट्टर सरकार के कु-प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया है।</div>
<div> </div>
<div>हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन 10 मार्च को सदन के पटल पर रखी गई कैग की रिपोर्ट में राज्य के खजाने को हुए नुकसान का दिया गया आंकड़ा बड़ा है। कैग ने लिखा है कि बिक्री कर, वैट, राज्य उत्पाद शुल्क, स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण फीस के 104 यूनिटों के अभिलेखों की 2021-22 के दौरान की गई सैंपल जांच में 2,552 मामलों में 1,103,94 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। संबंधित विभागों ने 1,077 मामलों में 643,07 करोड़ की हानि तथा अन्य कमियां स्वीकार की हैं।</div>
<div> </div>
<div>रिपोर्ट बिंदुवार कहती है कि कर योग्य वस्तुओं के बजाय कर मुक्ति बिक्री कर के रूप में कटौती की अनुमति दे दी गई, जिसके परिणामस्वरूप 4.99 करोड़ के कर का नुकसान हुआ। इसके अलावा 4.77 करोड़ के ब्याज की वसूली भी होनी थी। अधिकारियों ने 36.61 करोड़ के बजाय 27.97 करोड़ के करयोग्य टर्नओवर पर कर की राशि तय की, जिससे 0.94 करोड़ के कर की हानि हुई। यही नहीं स्टॉक हस्तांतरण पर इनपुट टैक्स क्रेडिट वापसी दावे को गलत वापस कर दिया, जिससे भी 28.04 लाख की कम इनपुट टैक्स क्रेडिट की वापसी हुई। रिपोर्ट में सिलसिलेवार बताते हुए लिखा गया है कि विभाग ने वस्तु एवं सेवा कर के भुगतान और रिटर्न फाइलिंग को सत्यापित करने के लिए उचित तंत्र स्थापित नहीं किया। जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट, निष्पादित देयताओं और टर्न ओवर का मिलान न होने और वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम का पालन न होने से 678.22 करोड़ की विसंगतियां हुईं।</div>
<div> </div>
<div>राज्य उत्पाद शुल्क को लेकर हुए ऑडिट में पाया गया है कि अवैध शराब के लिए अपराधियों से पेनल्टी वसूलने व आवंटियों से लाइसेंस फीस और ब्याज वसूलने की पहल नहीं गई, जिससे 7.46 करोड़ के सरकारी राजस्व की कम वसूली हुई। </div>
<div> </div>
<div>स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण फीस के अंतर्गत कर प्रबंधन के ऑडिट में भी बिंदुवार खामियां गिनाई गई हैं। इसमें बताया गया है कि सेल डीड को गलत वर्गीकृत करने के परिणामस्वरूप 19.91 लाख के स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण फीस की कम वसूली हुई। खून के रिश्तों के अलावा अन्य व्यक्तियों के पक्ष में ट्रांसफर डीड के 20 दस्तावेजों में स्टाम्प शुल्क की अनियमित छूट के परिणामस्वरूप राजकोष को 32.05 लाख के राजस्व की हानि हुई। पंजीकरण प्राधिकारियों ने पार्टियों के बीच सहमति की अपेक्षा 9 ट्रांसफर डीड का कम मूल्यांकन किया। इससे 12.27 लाख के स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण फीस की कम वसूली हुई।</div>
<div> </div>
<div>मार्केट कमेटी, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण व उत्तर हरियाणा बिजली प्रसारण निगम को सरकारी संस्था मानते हुए उन्हें 3.11 करोड़ के स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण फीस के भुगतान से अनियमित छूट की अनुमति दी गई। नगरपालिका की सीमा के भीतर आने वाले 1,000 वर्ग गज से कम क्षेत्र के प्लाटों की 14 सेल डीड का आवासीय भूमि के बजाय कृषि भूमि के लिए निर्धारित दरों पर गलत मूल्यांकन किया गया, जिससे 0.57 करोड़ के स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण फीस की कम वसूली हो पाई।</div>
<div> </div>
<div>किसानों को 50 मामलों में स्टाम्प शुल्क से छूट की अनुमति दी गई थी। हालांकि, उन्होंने प्राप्त मुआवजे से आवासीय या व्यावसायिक भूमि खरीदी थी। इसके परिणामस्वरूप 1.61 करोड़ के स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण फीस की कम वसूली हो पाई। कृषि भूमि के लिए निर्धारित सामान्य दरों पर प्राइम खसरा भूमि का गलत निर्धारण किया गया, जिससे भी 64.28 लाख के स्टाम्प शुल्क की कम वसूली हो पाई। इसके अलावा हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त लेन-देन मूल्य पर 2 प्रतिशत की दर से शुल्क चार्ज किए बिना ग्राम पंचायत और जिला परिषद के क्षेत्रों में 176 सेल डीड पंजीकृत किए, जिससे 68.17 लाख के स्टाम्प शुल्क की कम वसूली हो पाई। </div>
<div> </div>
<div>कृषि भूमि के लिए निर्धारित दरों पर 142 सेल डीड पंजीकृत की गईं, जिन पर जमाबंदी के अनुसार 36.97 करोड़ के बजाय 18.22 करोड़ का स्टाम्प शुल्क एवं पंजीकरण फीस वसूली गई। इससे 18.75 करोड़ के स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण फीस की कम वसूली हो पाई। विस के पटल पर कैग की यह रिपोर्ट रखे जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि सरकार ने जिस तरह पिछली कैग की रिपोर्टों को कूड़ेदान में फेंका है कहीं इस रिपोर्ट का अंजाम भी वही न हो।</div>
<div> </div>
<div>इस बीच हरियाणा विधानसभा 11 मार्च को तू-तू...मैं-मैं...का मैदान बन गई। वह भी सत्ता पक्ष के एक विधायक और कैबिनेट मंत्री के ही बीच। बात गोहाना की जलेबी से निकलकर गोबर खाने तक पहुंच गई, जिसका अंत आरोप साबित होने पर राजनीति तक छोड़ देने के ऐलान से हुआ। घटनाक्रम शर्मनाक था, लेकिन दिलचस्प भी। कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा और भाजपा के ही जींद जिले की सफीदों विधानसभा सीट से विधायक रामकुमार गौतम के बीच। अरविंद शर्मा राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलने के लिए खड़े हुए थे। बात पूरे हरियाणा में मशहूर गोहाना की जलेबी से शुरू हुई। अरविंद शर्मा कह रहे थे कि ये जलेबी हरियाणा से निकल कर महाराष्ट्र तक पहुंच चुकी है। अब बिहार में भी ये पहुंचने वाली है। </div>
<div> </div>
<div>स्पीकर हरविंद्र कल्याण इस पर कहने लगे कि गोहाना की जलेबी का बार-बार नाम लेकर मुंह में पानी ला दिया, लेकिन ये नहीं बताया कि खिलाओगे कब। इस वार्तालाप के बीच भाजपा विधायक राम कुमार गौतम खड़े हुए और कहने लगे अब गोहाना की जलेबी शुद्ध नहीं रहीं। ये देशी घी में नहीं बनाई जाती, लेकिन उनके इस्तेमाल किए गए शब्द और कहने का अंदाज ऐसा था कि अरविंद शर्मा को बुरा लग गया। इसके पीछे वजह शायद यह थी की उनका दावा उनकी ही पार्टी के विधायक ने तार-तार कर दिया था।</div>
<div> </div>
<div>जवाब में अरविंद शर्मा ने कहा कि ये पता नहीं किस किस दुकान पर चले जाते हैं। वह यहीं नहीं रुके। वह कहने लगे कि ये तो शर्त लगाकर 10 किलो गोबर तक पी गए थे। रामकुमार गौतम की तरफ इशारा करते हुए यकीन से वह बोले कि इन्हीं से पूछ लो। जवाब में रामकुमार गौतम भी कहां रुकने वाले थे। अरविंद शर्मा पर उन्होंने बड़े गंभीर आरोप लगा दिए। स्पीकर ने जिन्हें बाद में कार्यवाही से निकाल दिया, लेकिन तब तक मामला बिगड़ चुका था। सत्तापक्ष के ही दो विधायकों में गर्मागर्मी से सरकार की किरकिरी हो चुकी थी।</div>
<div> </div>
<div>आरोप बेहद गंभीर किस्म के थे। विपक्ष ने भी मुद्दे को हाथों हाथ लपक लिया। कांग्रेस के विधायक खड़े होकर आरोपों पर जांच की मांग करने लगे। उधर, अरविंद शर्मा तिलमिलाए बैठे हुए थे। उनकी जग हंसाई हो चुकी थी। लिहाजा, भरपाई के लिए अरविंद शर्मा ने ऐलान किया कि यदि रामकुमार गौतम लेन-देन की एक भी बात सिद्ध कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। जाहिर है यह मसला स्पीकर ने फिलहाल तो खत्म कर दिया है, लेकिन इसकी गूंज दूर तक जाने वाली है। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने स्पीकर से कहा कि इस सदन की गरिमा को बनाए रखें। इतना मत ढील छोड़ो कि सदन में ये हाल हो जाए। </div>
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<div>रघुवीर कादियान ने इससे पहले स्पीकर से राज्यपाल के अभिभाषण पर मंत्री अरविंद शर्मा के बोलने पर आपत्ति प्रकट की थी। उन्होंने कहा कि ये गलत है, पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। आप एक नई प्रथा शुरू कर रहे हैं, लेकिन स्पीकर ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। विपक्ष का कहना था कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार ही लिखती है। मंत्री खुद भी एक तरह से सरकार है। लिहाजा, वह विपक्ष की बातों का जवाब तो दे सकता है, लेकिन चर्चा में भाग नहीं ले सकता।</div>
<div>विधानसभा में लाडो लक्ष्मी योजना पर भी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी ने सरकार से पूछा कि महिलाओं को 2100 रुपए कब से मिलेंगे। सरकार इसकी तारीख बताए।  इस पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने जवाब दिया कि सरकार इस पर विचार कर रही है। पूजा चौधरी ने सरकार के इस जवाब पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी है कि सरकार इस तरह का जवाब दे रही है। चुनाव में भाजपा का पहला संकल्प ही यही था। जिसके फार्म तक भर चुके थे। आधी आबादी के प्रति सरकार का यह रवैया ठीक नहीं है।</div>
<div> मंत्री कृष्ण बेदी के यह कहने पर कि हमारी सरकार पर आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा किया। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और विधायक गीता भुक्कल समेत कांग्रेस के विधायक खड़े हो गए और मंत्री के रवैये पर आपत्ति जताई। विधायक पूजा चौधरी ने बाद में भी इसे लेकर स्पीकर से आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मेरा सप्लीमेंट्री सवाल पूछने का अधिकार भी छीना गया है। इस सरकार का यह कैसा महिला सशक्तिकरण है। मैं सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हूं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 16:30:19 +0530</pubDate>
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                <title>केजरीवाल : जिनकी राजनीति को कोई नहीं समझ सका </title>
                                    <description><![CDATA[<div>देश की राजनीति में अरविंद केजरीवाल एक ऐसा नाम है जिनको जितना छेड़ोगे वह उतना ही निखरेगा। एक छोटे से राजनैतिक सफर में दो राज्यों में सरकार बना लेना कोई छोटी बात नहीं है। आप उनकी राजनीति को समझिए कि वह विपक्षी दलों के विरोध में भी बोलते हैं और विपक्ष के कार्यों को भी स्वयं करने लगते हैं। केजरीवाल ने कभी हिन्दू मुस्लिम नहीं किया जब कि देश में राजनीति के दो धड़े हैं जिसमें एक हिंदुत्ववादी है और दूसरा मोहब्बत का पैगाम देने वाला है। लेकिन केजरीवाल ने केवल अपने कार्यों पर बात करके विपक्ष को पीछे धकेला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144857/kejriwal-whose-politics-no-one-could-understand%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/arvind-kejriwal--12_1726280696059_1726384547852.jpg" alt=""></a><br /><div>देश की राजनीति में अरविंद केजरीवाल एक ऐसा नाम है जिनको जितना छेड़ोगे वह उतना ही निखरेगा। एक छोटे से राजनैतिक सफर में दो राज्यों में सरकार बना लेना कोई छोटी बात नहीं है। आप उनकी राजनीति को समझिए कि वह विपक्षी दलों के विरोध में भी बोलते हैं और विपक्ष के कार्यों को भी स्वयं करने लगते हैं। केजरीवाल ने कभी हिन्दू मुस्लिम नहीं किया जब कि देश में राजनीति के दो धड़े हैं जिसमें एक हिंदुत्ववादी है और दूसरा मोहब्बत का पैगाम देने वाला है। लेकिन केजरीवाल ने केवल अपने कार्यों पर बात करके विपक्ष को पीछे धकेला है। केजरीवाल जमानत पर बाहर आ चुके हैं और उनकी जमानत पर भी तमाम सर्त हैं जिसमें सबसे बड़ी सर्त यह है कि वह जमानत पर रहते हुए भी मुख्यमंत्री के रुप में कार्य नहीं कर सकेंगे। जमानत पर बाहर आने पर विपक्षी दलों ने केजरीवाल पर कई निशाने साधे जिसमें उनके मुख्यमंत्री निवास को एक महल बताया गया। केजरीवाल ने तुरंत ही घोषणा कर दी की वह इस महल को भी छोड़ देंगे। </div>
<div> </div>
<div>कल ही अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। जरुरी भी था क्योंकि जब किसी मुख्यमंत्री के पास अधिकार न बचें तो इस्तीफा ही एक विकल्प है। लोगों को उम्मीद थी कि केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा बड़ी मुश्किल से देंगे क्योंकि जब वह जेल गए तो भी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। लेकिन जेल से बाहर निकलते ही इस्तीफे का ऐलान कर दिया। अब लोगों की निगाह दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री के पद पर टिकीं हैं जिनमें सुनीता केजरीवाल, अतिशि और सौरभ भारद्वाज का नाम सामने आ रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री कोई भी बने सुप्रीमो तो अरविंद केजरीवाल ही रहेंगे। अरविंद केजरीवाल ने एक तीर से कई निशानों को साधा है और जनता की सहानुभूति बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जेल से बाहर आते वक्त उनके शब्द थे कि उनकी ताकत सौ गुना और बढ़ी है। इस बात में कोई दो राय नहीं कि अरविंद केजरीवाल में जुझारू पन तो है। और यही जुझारू पन राजनीति का एक अहम हिस्सा होता है।</div>
<div> </div>
<div>अरविंद केजरीवाल की राजनीति को समझ पाना इतना आसान नहीं है। कहीं वह कांग्रेस से समझौता करके चुनाव लड़ते हैं और कहीं कांग्रेस के विरुद्ध ताल ठोंकते नजर आते हैं। अरविंद केजरीवाल का सीधा आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी उनसे डरी हुई है क्योंकि कि वह सत्य बोलते हैं। यानि कि उन्होंने अपने आप को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की है। हालांकि अभी वह बरी नहीं हुए हैं केवल जमानत ही मिली है लेकिन जनता के सामने उन्होंने बेगुनाह साबित होने की कोशिश की है। आम आदमी पार्टी का जन्म ही अन्ना हजारे के आंदोलन के संघर्ष के समय ही हुआ है। केजरीवाल ने हमेशा सकारात्मक सोच के साथ राजनीति की है जब केजरीवाल से इस्तीफा देने की मांग की जा रही थी तब उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया लेकिन जब उनको सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत में एल जी की परमीशन के बिना कोई भी कार्य करने से रोक का आदेश मिला तब उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। यानि कि वह ऐसा पद स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें हर कार्य में एलजी की स्वीकृति लेनी हो। </div>
<div> </div>
<div>केजरीवाल को जितना घेरने की कोशिश की गई है उतना ही वो निखर कर सामने आए हैं। जिस पार्टी की टॉप लीडरशिप जेल में हो उस पार्टी के हौसले इतने बुलंद यह एक सकारात्मक सोच ही है। जो कि विपक्ष को परेशान करती है। अब केजरीवाल ने हरियाणा विधानसभा के चुनाव अकेले दम पर लड़ने का फैसला किया है। इस फैसले पर उनकी सोच क्या है यह तो वही बता सकते हैं लेकिन उनके इस निर्णय से कांग्रेस को जरुर चोट पहुंचेगी क्यों कि इस बार हरियाणा में कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत दिखाई दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव में हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को पांच पांच सीटें हासिल हुई थीं। मतलब लड़ाई कांटे की है। पार्टी की टॉप लीडरशिप जब जेल में थी तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि शायद आम आदमी पार्टी खत्म हो जायेगी लेकिन पार्टी के नेताओं की तारीफ करनी चाहिए कि उनके हौसले अब भी बुलंद हैं।</div>
<div> </div>
<div>एक तरफ जहां केजरीवाल पर मुख्यमंत्री के पद के मोह का आरोप लग रहा था वहीं जेल से रिहा होने के बाद उनके अधिकार भी दिल्ली के एलजी के आधीन कर दिए गये थे। इस तरह इस्तीफे की घोषणा करके केजरीवाल ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। और यह एक बहुत बड़ी राजनैतिक चाल है। केजरीवाल की छवि को जितना गिराने की कोशिश की गई हो लेकिन अरविंद केजरीवाल ने जनता में अपनी छवि को बरकरार रखा है। आम आदमी पार्टी के पास किसी एक जाति और किसी एक धर्म का वोट नहीं है। उनको हर वर्ग का वोट मिलता है। उनको हिंदुत्व विरोधी बनाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन केजरीवाल अपने आप पर डटे रहे। यहां तक कि दीपावली के अवसर पर भी उन्होंने लाइव लक्ष्मी पूजन कर एक तरफ़ प्रदूषण को खत्म करने की अपील की तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपनी हिंदू छवि को बरकरार रखा।</div>
<div> </div>
<div>आम आदमी पार्टी को छोड़कर जितने नेता जाने थे वो चले गए। अब आम आदमी पार्टी के पास जो भी लीडरशिप है वो जुझारू है और कर्मठ है। इसको डिगा पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि न मुमकिन है। योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण, कपिल मिश्रा, कुमार विश्वास, शाजिया इल्मी, आशुतोष जैसे तमाम नेता आम आदमी पार्टी की टॉप लीडरशिप में थे लेकिन वह पार्टी छोड़ गए। एक वक्त ऐसा आ गया था कि लग रहा था कि आम आदमी पार्टी खत्म हो जाएगी लेकिन आम आदमी पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ा उसका सबसे बड़ा कारण था अरविंद केजरीवाल का जुझारू पन, राजनीति का जुनून और जनता के बीच अपनी पकड़ बनाना। जब तक अरविंद केजरीवाल राजनीति में हैं शायद आम आदमी पार्टी को कोई नहीं तोड़ सकता। और यही कारण है कि अपने छोटे से सफ़र में एक पार्टी ने न सिर्फ दो राज्यों में अपनी सरकार बनाई बल्कि देश में अपनी पहचान भी बनाई।</div>
<div> </div>
<div>बीते वर्षों में देश की राजनीति में हमने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। कांग्रेस को देश की सबसे बड़ी पार्टी के रुप में देखा है और कांग्रेस को अपने अस्तित्व के लिए जूझते भी देखा है। लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के दो सांसदों के समय को भी देखा है वहीं लोकसभा में प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार को देखा है। उत्तर प्रदेश की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी को अपने दम पर सरकार बनाते देखा है और वही बसपा को शून्य पर आउट होते हुए भी देखा है। लेकिन आम आदमी पार्टी ने अपने छोटे से सफ़र में केवल बढ़त ही हासिल की है। केजरीवाल जब तक मुख्यमंत्री पद पर रहे उन्होंने दिल्ली के एलजी को चैन से नहीं बैठने दिया। यदि कोई फाइल एल जी ने मांगी तो उस बात को भी जनता के सामने रख दिया। इसलिए केजरीवाल की राजनीति एक अलग प्रकार की राजनीति ही दिखाई पड़ रही है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 17:31:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से किस तरह मिली जमानत, जानें कोर्ट रूम में ED से हुए सभी सवाल-जवाब  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Sanjay Singh Bail Supreme Court नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। करीब 6 महीने बाद वे जेल से बाहर आएंगे। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। आइए जानते हैं कि संजय सिंह को शीर्ष कोर्ट ने किस आधार पर जमानत दी और कोर्ट रूम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से क्या-क्या सवाल-जवाब हुए।</p>
<h3><strong>ED ने कहा- उसे जमानत पर ऐतराज नहीं</strong></h3>
<p>जानकारी के अनुसार, संजय सिंह को जमानत इस आधार पर मिली क्योंकि ईडी ने कोर्ट में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140031/how-sanjay-singh-got-bail-from-the-supreme-court-know"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/sanjay-singh-bail.jpg" alt=""></a><br /><p>Sanjay Singh Bail Supreme Court नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। करीब 6 महीने बाद वे जेल से बाहर आएंगे। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। आइए जानते हैं कि संजय सिंह को शीर्ष कोर्ट ने किस आधार पर जमानत दी और कोर्ट रूम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से क्या-क्या सवाल-जवाब हुए।</p>
<h3><strong>ED ने कहा- उसे जमानत पर ऐतराज नहीं</strong></h3>
<p>जानकारी के अनुसार, संजय सिंह को जमानत इस आधार पर मिली क्योंकि ईडी ने कोर्ट में कहा कि उसे जमानत पर ऐतराज नहीं है। सवाल ये कि ईडी ने ऐसा क्यों कहा? दरअसल, कोर्ट ने पूछा कि छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को आगे भी जेल में क्यों रखा जाना चाहिए? कोर्ट ने कहा कि यदि आप जमानत का विरोध करेंगे तो हमें PMLA एक्ट के तहत उनकी जमानत पर विचार करना होगा।</p>
<h3><br /><strong>शराब नीति केस कमजोर पड़ने का खतरा</strong></h3>
<p>PMLA एक्ट के सेक्शन 45 में जमानत देने का मतलब, कोर्ट कहता कि संजय सिंह के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं होते। इससे शराब नीति केस कमजोर पड़ जाता। यही वजह है कि ईडी ने जमानत का विरोध नहीं करना ही बेहतर समझा और संजय सिंह को जमानत मिल गई। संजय सिंह के वकील ऋषिकेश कुमार ने बताया कि कोर्ट ने कहा- अगर हमने ऑर्डर में लिख दिया कि संजय सिंह के खिलाफ कोई केस नहीं बनता तो ये आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए ईडी आई और कहा कि बेल दे दी जाए, हमें कोई दिक्कत नहीं है। कोर्ट ने ये भी कहा कि संजय सिंह छह महीने से जेल में बंद हैं और उनके पास कोई पैसा भी नहीं मिला। ऐसे में उन्हें हिरासत में रखना क्यों जरूरी है।</p>
<h3><br /><strong>राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने की मिली अनुमति</strong></h3>
<p>इसके साथ ही संजय सिंह को शीर्ष कोर्ट की ओर से एक और राहत दी गई है। उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया में भी भाग लेने की अनुमति दे दी गई है। यानी वे लोकसभा चुनाव संबंधी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के बाहर आने से काफी खुश नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल के जेल जाने और लोकसभा चुनाव से पहले संजय सिंह के बाहर आने से पार्टी को रणनीतिक रूप से काफी मदद मिलेगी। हालांकि अब ट्रायल कोर्ट उनकी जमानत की शर्तें तय करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Apr 2024 17:06:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ इंडी गठबंधन की महारैली क्या दोहराएगी अन्ना-जेपी का इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।  एसडी सेठी। </strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन  समूह के तमाम दलों की कल रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया गया है। ये महारैली समूह साथी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ईडी द्वारा कथित शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तारी पर पीएम नरेंद्र  मोदी  के खिलाफ बगावती आवाज बुलंद की जाएगी। आप व कांग्रेस नेताओ का दावा है कि यह महारैली अन्ना और जेपी आंदोलन के इतिहास को दोहराएगी।इस महारैली में इंडिया गठबंधन के कई बडे नेता रामलीला मैदान की  इस एतिहासिक रैली में शामिल रहेगें।</p>
<p>महारैली के आयोजन की  पूरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139958/will-indi-alliances-mega-rally-against-kejriwals-arrest-repeat-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240330_194747_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।  एसडी सेठी। </strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन  समूह के तमाम दलों की कल रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया गया है। ये महारैली समूह साथी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की ईडी द्वारा कथित शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तारी पर पीएम नरेंद्र  मोदी  के खिलाफ बगावती आवाज बुलंद की जाएगी। आप व कांग्रेस नेताओ का दावा है कि यह महारैली अन्ना और जेपी आंदोलन के इतिहास को दोहराएगी।इस महारैली में इंडिया गठबंधन के कई बडे नेता रामलीला मैदान की  इस एतिहासिक रैली में शामिल रहेगें।</p>
<p>महारैली के आयोजन की  पूरी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी ने ली है।  रैली में भीड जुटाने के लिए आप ने  शुक्रवार  से ही डोर टू डोर कैंपेन कर लोगों को रामलीला मैदान तक लाने की तैयारी पूरी कर ली है।कैंपस के तहत पार्टी के तमाम सीनियर लीडर,मंत्री, विधायक,पार्षदों समेत जिला मंडल,वार्ड स्तर जाकर लोगों को रैली में आमंत्रित करने के लिए बाकायदा निमंत्रण पत्र तक बांटे गए है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240330_194945_google.jpg" alt="Screenshot_20240330_194945_Google"></img>हजारों की तादाद में छपवाए गए निमंत्रण पत्र के पीछे  सलाखों के पीछे खडे सीएम केजरीवाल का फोटो भी छपा है। रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली रविवार सुबह 9:30 बजे दोपहर 2:00 बजे के बीच आयोजित की जाएगी। रैली में दिल्ली के अलावा हरियाणा और पंजाब समेत अन्य राज्यों से भी समर्थकों के जुटने की उम्मीद है।  कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  अरविंदर सिंह लवली ने बताया कि करीब 500-600बसों का प्रबंध किया गया है।इंडिया गठबंधन से आने वाले नेताओ में मल्लिकार्जुन खडगे,शरद पवार,उद्धव ठाकरे अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव,डेरेक ओ ब्रायन,एन शिवा,फारूख अब्दुला,चंपई सोरेन,सीताराम येचुरी,डी राजा,दीपांकर भट्टाचार्य, देवराज,और पंजाब सीएम भगवंत मान शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139958/will-indi-alliances-mega-rally-against-kejriwals-arrest-repeat-the</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Mar 2024 17:23:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आप को सुप्रीम झटका,15 जून तक पार्टी आफिस खाली का आदेश,4 मार्च को भी ईडी से नागा केजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र  प्रभात। </strong></div>
<div><strong>दिल्ली। एसडी सेठी। </strong>सुप्रीम कोर्ट ने राऊज एवेन्यु स्थित आम आदमी पार्टी दफ्तर को 15 जून तक  खाली करने के आदेश जारी कर दिए है। कोर्ट ने 15 जून तक की मोहलत दी है। दरअसल आम आदमी पार्टी के खिलाफ शिकायत दी गई  थी कि उनका दफ्तर राऊज एवेन्यू को कोर्ट को आवंटित जमीन पर बना है। इस मामले में हाइकोर्ट कोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए दफ्तर खाली करने को कहा था।  अब सुप्रीम कोर्ट ने दफ्तर खाली करने के लिए कहा है।</div>
<div>  </div>
<div>साथ ही कोर्ट ने कहा कि आप पार्टी। नए दफ्तर के लिए सरकार</div></div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139142/supreme-blow-to-aap-order-to-vacate-party-office-till"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240304_184115_google.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र  प्रभात। </strong></div>
<div><strong>दिल्ली। एसडी सेठी। </strong>सुप्रीम कोर्ट ने राऊज एवेन्यु स्थित आम आदमी पार्टी दफ्तर को 15 जून तक  खाली करने के आदेश जारी कर दिए है। कोर्ट ने 15 जून तक की मोहलत दी है। दरअसल आम आदमी पार्टी के खिलाफ शिकायत दी गई  थी कि उनका दफ्तर राऊज एवेन्यू को कोर्ट को आवंटित जमीन पर बना है। इस मामले में हाइकोर्ट कोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए दफ्तर खाली करने को कहा था।  अब सुप्रीम कोर्ट ने दफ्तर खाली करने के लिए कहा है।</div>
<div> </div>
<div>साथ ही कोर्ट ने कहा कि आप पार्टी। नए दफ्तर के लिए सरकार को आवेदन दे सकती है। क अदालत ने कहा कि संबंधित विभाग आप के आवेदन पर 4 सप्ताह  में फैंसला ले।कोर्ट ने साफ किया कि जमीन पहले से कोर्ट को आवंटित है।उस भूमि पर हाइकोर्ट के कर्मचारियों का आवासीय परिसर बनना है। वहां पार्टी दफ्तर नहीं चला सकते । उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी को भी इस मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कडी नाराजगी जताई थी।  जस्टिस चन्द्रचूड ने कहा था कि किसी को भी कानून तोडने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।</div>
<div> </div>
<div>8 समन के बाद ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे केजरीवाल। दिल्ली में कथित शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को (ईडी) दफ्तर में पेशी पर बुलाया था। सीएम केजरीवाल ने आज सोमवार को भी पेशी पर जाने से मना कर दिया।ईडी ने उनको 8 वां समन जारी किया था। सीएम केजरीवाल ने ईडी के आठवे समन का जवाब देते हुए कहा कि ईडी का समन गैरकानूनी है।बहरहाल केजरीवाल ने 12 मार्च के बाद की कोई तारीख मांगी है।</div>
<div> </div>
<div>साथ ही कहा है कि वह एजेंसी के सवाल का जवाब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देगे।  वहीं ईडी ने मुख्यमंत्री को 16 मार्च को अपनी कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने आरोप लगाया है कि आप के नेताओं ने 2021-22 की एक्साइज पाॅलिसी संबंधित कुल 100 करोड रूपये की रिश्वत ली।जिसे नवंबर,2021 में लागू किया गया था। उपराज्यपाल वीके सक्सेना वीके सक्सेना की सिफारिश के बाद पाॅलिसी को रद्द कर दिया गया था।</div>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139142/supreme-blow-to-aap-order-to-vacate-party-office-till</link>
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                <pubDate>Tue, 05 Mar 2024 15:18:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संजीव मिश्रा बने आम आदमी पार्टी के नए जिलाध्यक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>राहुल जायसवाल की रिपोर्ट</strong><br /><strong>नैनी, प्रयागराज </strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह की सुकृति पर काशी प्रांत अध्यक्ष पवन तिवारी ने संजीव मिश्रा को प्रयागराज का नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया। इससे प्रयागराज के सभी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला कार्यकर्ता काफी खुश नजर आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता सर्वेश यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय में जिला अध्यक्ष संजीव मिश्रा का प्रथम नगर आगमन पर माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। </p>
<p>              इस दौरान वरिष्ठ नेता सर्वेश यादव, श्रम प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अंजनी मिश्रा,प्रदेश प्रवक्ता इमरान संभल शाही,</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130718/sanjeev-mishra-became-the-new-district-president-of-aam-aadmi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/संजीव-मिश्रा-बने-आम-आदमी-पार्टी-के-नए-जिलाध्यक्ष.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>राहुल जायसवाल की रिपोर्ट</strong><br /><strong>नैनी, प्रयागराज </strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह की सुकृति पर काशी प्रांत अध्यक्ष पवन तिवारी ने संजीव मिश्रा को प्रयागराज का नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया। इससे प्रयागराज के सभी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला कार्यकर्ता काफी खुश नजर आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता सर्वेश यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय में जिला अध्यक्ष संजीव मिश्रा का प्रथम नगर आगमन पर माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। </p>
<p>       इस दौरान वरिष्ठ नेता सर्वेश यादव, श्रम प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अंजनी मिश्रा,प्रदेश प्रवक्ता इमरान संभल शाही, इंद्रेश चंद्रा, अरुण कुशवाहा,निखिल भारतीय,अमन कुमार,मनीष सिंह, धीरज तिवारी, दीपक गांगुली, सचिन चौधरी, दीपक श्रीवास्तव, शशि चंद्रा, राम सजीवन यादव, ज्योति प्रकाश चौबे, गोलू सोनकर, संजय पांडे प्रचंड, धर्मेंद्र मिश्रा,अर्पित साहू, सैफ रहमान, आनंद अग्रहरि, राजेंद्र पाल, मानंद मिश्रा आदि सैकड़ों साथी मौजूद रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2023 20:36:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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