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                <title>drone technology - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>drone technology RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन : आत्मनिर्भर युवा, विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला </title>
                                    <description><![CDATA[ युवा शक्ति का कौशल से स्वावलंबन की ओर बढ़ता कदम ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184560/uttar-pradesh-skill-development-mission-under-the-leadership-of-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong> -आदर अदीब पावेल बन्धु</strong><br /><strong>           (जिला सूचना अधिकारी)</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">युवा केवल किसी राष्ट्र की जनसंख्या का एक वर्ग नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की सबसे अमूल्य पूंजी होते हैं। जब उनके हाथों में कौशल, मन में आत्मविश्वास और सामने अवसरों का विस्तृत आकाश होता है, तब विकास का नया इतिहास रचा जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इसी विचार को आधार बनाकर कौशल विकास को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन लाखों युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ऐसा सशक्त सेतु बन चुका है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक आजीविका और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए कौशल विकास केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को अधिक प्रभावी, आधुनिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया गया है। आज मिशन लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ते हुए प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का गठन उत्तर प्रदेश कौशल विकास नीति-2013 के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधीन किया गया। मिशन का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मिशन के अंतर्गत राज्य स्किल डेवलपमेंट फंड (SSDF), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रोजेक्ट प्रवीण जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से विद्यालयों के विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक दक्षता भी विकसित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। मिशन की स्थापना से अब तक 18 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जबकि 7 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को सीधे रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने में सफल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। अब तक 1,194 बृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 4,52,976 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इनमें 8 जनपदों में आयोजित 8 वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 75,575 युवाओं को रोजगार मिला। इसके अतिरिक्त विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर प्रदेश के 75 जनपदों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 10,283 युवाओं का सेवायोजन किया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार ने कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया है। प्रशिक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए 'कौशल दर्पण', 'कौशल दिशा', 'कौशल साथी' तथा 'कौशल दोस्त' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, प्रशिक्षण, निगरानी, मूल्यांकन तथा रोजगार संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षणार्थियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निरंतर सुधार किया है। नई तकनीकों, डिजिटल स्किल, ग्रीन एनर्जी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 82 नए प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर (PTPs) को मिशन से संबद्ध किया गया है। इससे युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्य सरकार ने उद्योग और कौशल विकास के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया है। प्रदेश की 53 बड़ी औद्योगिक कंपनियों के साथ मिशन के समझौते किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह पहल 'स्किल टू एम्प्लॉयमेंट' मॉडल को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए मिशन ने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी साझेदारी की है। उच्च तकनीकी प्रशिक्षण हेतु IIT कानपुर, MNNIT प्रयागराज, IIT BHU, NIESBUD तथा भारतेन्दु नाट्य अकादमी जैसे संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है। वहीं सॉफ्ट स्किल, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास के लिए 7 संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। इससे युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास और उद्यमिता का प्रशिक्षण भी प्राप्त हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के माध्यम से 1,182 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार निराश्रित महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीकों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर विशेष बल दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, आतिथ्य, परिधान निर्माण और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवा भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> नवभारत के निर्माण की नई दिशा </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता-2026 के लिए प्रदेश से 1,09,249 युवाओं का पंजीकरण हुआ, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि बताती है कि प्रदेश के युवाओं में तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता निरंतर बढ़ रही है। आगामी वर्षों के लिए भी प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2026-27 में 4 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1 जुलाई 2026 तक 2 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 1M1B जैसी संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न तकनीकी एवं फ्यूचरिस्टिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। अंत्योदय परिवारों, दिव्यांगजनों तथा वंचित वर्गों के युवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। निजी आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी भी लगातार बढ़ाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने यह सिद्ध कर दिया है कि कौशल ही आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। लाखों युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर मिशन ने प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की है। आधुनिक तकनीक, उद्योगों के साथ साझेदारी, डिजिटल नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण की बदौलत उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी कौशल विकास राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह मिशन लाखों युवाओं के सपनों को नई दिशा, नई गति और नई पहचान प्रदान कर रहा है। कौशल से समृद्ध युवा, आत्मनिर्भर परिवार, सशक्त समाज और विकसित प्रदेश—इन्हीं चार स्तंभों पर विकसित उत्तर प्रदेश का भव्य भविष्य निर्मित हो रहा है। यह यात्रा केवल रोजगार प्राप्त करने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि की यात्रा है।</p>
<p style="text-align:justify;">          <br />          </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 22:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीसी कैडेटों ने लिया सैन्य प्रशिक्षण एवं आधुनिक तकनीक का अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज भ्भ्</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा सैनिक पीजी कॉलेज मई , देवकली, प्रयागराज में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) का दूसरा दिन सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक एवं व्यक्तित्व विकास पर आधारित विविध गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर में भाग ले रहे 660 एनसीसी कैडेटों ने दिनभर आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दिन की शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) से हुई, जिसके उपरांत ड्रिल परेड आयोजित की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, नेतृत्व, समन्वय एवं टीम भावना का विकास किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दिवस का प्रमुख</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183615/ncc-cadets-experienced-military-training-and-modern-technology"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa01021.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज भ्भ्</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा सैनिक पीजी कॉलेज मई , देवकली, प्रयागराज में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) का दूसरा दिन सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक एवं व्यक्तित्व विकास पर आधारित विविध गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर में भाग ले रहे 660 एनसीसी कैडेटों ने दिनभर आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिन की शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) से हुई, जिसके उपरांत ड्रिल परेड आयोजित की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, नेतृत्व, समन्वय एवं टीम भावना का विकास किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिवस का प्रमुख आकर्षण लाइव फायरिंग अभ्यास रहा, जिसमें जूनियर डिवीजन एवं जूनियर विंग के कैडेटों ने प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की निगरानी में पहली बार हथियार से फायरिंग का अनुभव प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण से कैडेटों का आत्मविश्वास बढ़ा तथा उन्हें हथियारों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की मूलभूत जानकारी प्राप्त हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं सीनियर डिवीजन एवं सीनियर विंग के कैडेटों को मैप रीडिंग, शस्त्र प्रशिक्षण, तकनीकी विषयों तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे उनके सैन्य ज्ञान एवं व्यावहारिक दक्षता में वृद्धि हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर के दौरान ड्रोन तकनीक पर एक विशेष परिचयात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों को ड्रोन की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं संचालन संबंधी मूलभूत जानकारी दी गई। आगामी दिवस पर कैडेटों को व्यावहारिक ड्रोन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें ड्रोन संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सायंकालीन सत्र में सेंट्रल गेम्स का आयोजन किया गया, जिसने कैडेटों में खेल भावना, टीमवर्क एवं शारीरिक दक्षता को प्रोत्साहित किया। इसके पश्चात ऑपरेशन रेड विंग्स पर आधारित एक प्रशिक्षण फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से कैडेटों को सैन्य नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा, साहस एवं सशस्त्र सेनाओं के मूल्यों की प्रेरणादायक जानकारी प्राप्त हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैम्प कमांडेंट कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शिविर की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी ज्ञान, शारीरिक दक्षता एवं जीवनोपयोगी कौशल का संतुलित प्रशिक्षण प्राप्त हो। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183615/ncc-cadets-experienced-military-training-and-modern-technology</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 21:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनसीसी कैडेटों ने लिया सैन्य प्रशिक्षण एवं आधुनिक तकनीक का अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<div>15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा सैनिक पीजी कॉलेज मई , देवकली, प्रयागराज में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) का दूसरा दिन सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक एवं व्यक्तित्व विकास पर आधारित विविध गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर में भाग ले रहे 660 एनसीसी कैडेटों ने दिनभर आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।</div>
<div>  </div>
<div>दिन की शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) से हुई, जिसके उपरांत ड्रिल परेड आयोजित की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, नेतृत्व, समन्वय एवं टीम भावना का विकास किया गया।</div>
<div>  </div>
<div>दिवस का प्रमुख आकर्षण लाइव फायरिंग अभ्यास रहा,</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183390/chances-of-humid-summer-due-to-weak-monsoon-activity-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<div>15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा सैनिक पीजी कॉलेज मई , देवकली, प्रयागराज में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) का दूसरा दिन सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक एवं व्यक्तित्व विकास पर आधारित विविध गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर में भाग ले रहे 660 एनसीसी कैडेटों ने दिनभर आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।</div>
<div> </div>
<div>दिन की शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) से हुई, जिसके उपरांत ड्रिल परेड आयोजित की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, नेतृत्व, समन्वय एवं टीम भावना का विकास किया गया।</div>
<div> </div>
<div>दिवस का प्रमुख आकर्षण लाइव फायरिंग अभ्यास रहा, जिसमें जूनियर डिवीजन एवं जूनियर विंग के कैडेटों ने प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की निगरानी में पहली बार हथियार से फायरिंग का अनुभव प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण से कैडेटों का आत्मविश्वास बढ़ा तथा उन्हें हथियारों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की मूलभूत जानकारी प्राप्त हुई।</div>
<div> </div>
<div>वहीं सीनियर डिवीजन एवं सीनियर विंग के कैडेटों को मैप रीडिंग, शस्त्र प्रशिक्षण, तकनीकी विषयों तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे उनके सैन्य ज्ञान एवं व्यावहारिक दक्षता में वृद्धि हुई।</div>
<div> </div>
<div>शिविर के दौरान ड्रोन तकनीक पर एक विशेष परिचयात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों को ड्रोन की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं संचालन संबंधी मूलभूत जानकारी दी गई। आगामी दिवस पर कैडेटों को व्यावहारिक ड्रोन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें ड्रोन संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।</div>
<div> </div>
<div>सायंकालीन सत्र में सेंट्रल गेम्स का आयोजन किया गया, जिसने कैडेटों में खेल भावना, टीमवर्क एवं शारीरिक दक्षता को प्रोत्साहित किया। इसके पश्चात ऑपरेशन रेड विंग्स पर आधारित एक प्रशिक्षण फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से कैडेटों को सैन्य नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा, साहस एवं सशस्त्र सेनाओं के मूल्यों की प्रेरणादायक जानकारी प्राप्त हुई।</div>
<div> </div>
<div>कैम्प कमांडेंट कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शिविर की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी ज्ञान, शारीरिक दक्षता एवं जीवनोपयोगी कौशल का संतुलित प्रशिक्षण प्राप्त हो। </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183390/chances-of-humid-summer-due-to-weak-monsoon-activity-in</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:13:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr"><p align="right" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तिवारी</span></strong></p><p align="right" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना को लेकर हाल ही में सामने आई विश्व स्तर की रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संचालन क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी दक्षता और रणनीतिक तैयारी से जीते जाते हैं। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट यानी </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा जारी नवीनतम ग्लोबल एयर पावर रैंकिंग में भारत को चीन से ऊपर स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग भर नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पिछले कई वर्षों से भारतीय वायुसेना द्वारा किए जा रहे आधुनिकीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183026/the-increasing-strength-of-the-indian-air-force"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/amid-the-growing-air-power-of-india-china-pakistan-a-committee-has-been-formed-to-increase-the-capacity-of-the-indian-air-force_v_jpg--1280x720-4g.webp" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr"><p align="right" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तिवारी</span></strong></p><p align="right" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना को लेकर हाल ही में सामने आई विश्व स्तर की रैंकिंग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संचालन क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी दक्षता और रणनीतिक तैयारी से जीते जाते हैं। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट यानी </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा जारी नवीनतम ग्लोबल एयर पावर रैंकिंग में भारत को चीन से ऊपर स्थान दिया गया है। यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग भर नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पिछले कई वर्षों से भारतीय वायुसेना द्वारा किए जा रहे आधुनिकीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी उन्नयन और परिचालन क्षमता में निरंतर सुधार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता भी है।</span></p><p align="right" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने </span>103<span lang="hi" xml:lang="hi"> देशों की </span>129<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैन्य वायु इकाइयों तथा लगभग </span>48,082<span lang="hi" xml:lang="hi"> सैन्य विमानों का अध्ययन करके यह मूल्यांकन तैयार किया है। इसमें केवल विमानों की संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उनकी वास्तविक युद्ध क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रखरखाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उपलब्धता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी स्तर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हथियार प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लॉजिस्टिक सहायता और भविष्य की क्षमता जैसे अनेक पहलुओं को शामिल किया गया है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रैंकिंग में अमेरिका की वायुसेना पहले स्थान पर है और उसके बाद अमेरिकी नौसेना तथा रूस की वायुसेना का स्थान आता है। इसके बाद अमेरिकी सेना और मरीन कॉर्प्स की विमानन शाखाएं हैं। भारतीय वायुसेना छठे स्थान पर है जबकि चीन की वायुसेना सातवें स्थान पर है। पहली नजर में यह परिणाम कई लोगों को चौंकाने वाला लग सकता है क्योंकि चीन के पास भारत की तुलना में कहीं अधिक संख्या में सैन्य विमान हैं। </span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी भारत को आगे रखा गया है। इसका कारण यह है कि आधुनिक सैन्य मूल्यांकन में केवल संख्या निर्णायक नहीं होती। किसी भी वायुसेना की वास्तविक ताकत इस बात से तय होती है कि वह अपने विमानों का कितनी प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पायलट कितने प्रशिक्षित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी युद्धक रणनीति कितनी मजबूत है और वह किसी भी संकट की स्थिति में कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी विशेषता उसका व्यापक परिचालन अनुभव है। स्वतंत्रता के बाद से भारत ने अनेक युद्धों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमित सैन्य अभियानों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा मानवीय राहत कार्यों में अपनी वायु शक्ति का सफल उपयोग किया है। चाहे </span>1971<span lang="hi" xml:lang="hi"> का युद्ध हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कारगिल संघर्ष हो या हाल के वर्षों में सीमा पर उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना ने समय पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सटीक और प्रभावी कार्रवाई करके अपनी क्षमता का परिचय दिया है। इस लंबे अनुभव ने उसे केवल तकनीकी रूप से ही नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी अधिक परिपक्व बनाया है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने पिछले एक दशक में वायुसेना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। आधुनिक लड़ाकू विमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लंबी दूरी की मिसाइलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत रडार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी तकनीकों का बढ़ता उपयोग और निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार ने भारतीय वायुसेना को नई शक्ति प्रदान की है। फ्रांस से प्राप्त राफेल लड़ाकू विमानों ने भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। इनके साथ आधुनिक मिसाइल प्रणालियां और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली भी जुड़ी हुई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे किसी भी संभावित संघर्ष में भारत की प्रतिक्रिया क्षमता पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। साथ ही तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमान भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की भौगोलिक स्थिति भी उसकी वायु रणनीति को विशेष महत्व देती है। एक ओर पाकिस्तान की सीमा है तो दूसरी ओर चीन जैसी बड़ी सैन्य शक्ति। उत्तर में ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम में रेगिस्तान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूर्वोत्तर के कठिन पर्वतीय इलाके और दक्षिण में विशाल समुद्री क्षेत्र भारतीय वायुसेना के सामने विविध प्रकार की चुनौतियां प्रस्तुत करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में किसी भी वायुसेना को बहुआयामी क्षमता विकसित करनी पड़ती है। भारतीय वायुसेना ने इन सभी परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण और संसाधनों का विकास किया है। यही कारण है कि उसकी परिचालन क्षमता को विश्व स्तर पर सराहा जा रहा है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चीन के पास विमानों की संख्या अधिक होने के बावजूद भारत का आगे आना यह भी दर्शाता है कि आधुनिक युद्ध में गुणवत्ता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। किसी देश के पास हजारों विमान होने से वह स्वतः सबसे शक्तिशाली नहीं बन जाता। यदि उन विमानों का रखरखाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी उन्नयन और युद्ध के समय उनका समन्वित उपयोग प्रभावी नहीं है तो संख्या का लाभ सीमित हो जाता है। </span>WDMMA <span lang="hi" xml:lang="hi">का मूल्यांकन इसी व्यापक दृष्टिकोण पर आधारित है। इसी कारण भारतीय वायुसेना को उसके वास्तविक परिचालन प्रदर्शन और समग्र युद्ध क्षमता के आधार पर बेहतर स्थान मिला है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भारत के सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। भारतीय वायुसेना लंबे समय से अपने स्वीकृत लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या से कम स्क्वाड्रनों के साथ कार्य कर रही है। पुराने लड़ाकू विमानों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से हटाया जा रहा है और उनकी जगह नए विमानों की आवश्यकता लगातार बनी हुई है। आने वाले वर्षों में तेजस के नए संस्करण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम और पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना जैसे कार्यक्रमों की सफलता भारत की वायु शक्ति को और अधिक मजबूत बनाएगी।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य के युद्धों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। अब केवल लड़ाकू विमान ही निर्णायक नहीं होंगे बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानव रहित विमान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वार्म ड्रोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर युद्ध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरिक्ष आधारित निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेटवर्क आधारित कमान प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी तकनीकें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। भारत इन क्षेत्रों में भी तेजी से निवेश कर रहा है। रक्षा अनुसंधान संस्थानों और निजी उद्योगों की भागीदारी बढ़ने से देश की रक्षा उत्पादन क्षमता में सुधार हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत रक्षा उपकरणों का स्वदेशी निर्माण भविष्य में भारत की सामरिक स्वतंत्रता को और मजबूत करेगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना केवल युद्ध लड़ने वाली संस्था नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महामारी और अन्य संकटों के समय भी उसने हजारों लोगों की जान बचाई है। राहत सामग्री पहुंचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूरदराज के क्षेत्रों से नागरिकों को निकालना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी और मानवीय सहायता पहुंचाना उसके नियमित कार्यों का हिस्सा बन चुका है। इस कारण भारतीय वायुसेना की छवि केवल एक सैन्य शक्ति की नहीं बल्कि राष्ट्रीय सेवा के विश्वसनीय संगठन की भी है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज दुनिया में सैन्य शक्ति का अर्थ केवल आक्रमण की क्षमता नहीं बल्कि प्रभावी प्रतिरोध की क्षमता भी है। मजबूत वायुसेना किसी भी देश के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। यदि किसी देश की वायु शक्ति सक्षम होती है तो संभावित विरोधी भी आक्रामक कदम उठाने से पहले कई बार सोचने को विवश होता है। भारत की बढ़ती वायु शक्ति इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को मजबूत करती है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की उपलब्धि का एक और महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इससे देश के रक्षा उद्योग और वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल बढ़ेगा। स्वदेशी तकनीकों के विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान और नवाचार को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल सैन्य आवश्यकता नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी भी वैश्विक रैंकिंग को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। विभिन्न संस्थाएं अलग</span>-<span lang="hi" xml:lang="hi">अलग मानकों के आधार पर मूल्यांकन करती हैं और उनके निष्कर्ष भी अलग हो सकते हैं। फिर भी यदि किसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा भारत की वायु शक्ति को चीन से बेहतर आंका गया है तो यह भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का महत्वपूर्ण संकेत अवश्य है। यह उपलब्धि संतोष का विषय है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसे अंतिम लक्ष्य मानने के बजाय आगे की तैयारी का आधार बनाया जाना चाहिए।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आने वाले वर्षों में भारत को अपने लड़ाकू विमान बेड़े का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक मिसाइल प्रणालियों का समावेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी विमान निर्माण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ड्रोन तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित युद्ध प्रणाली और अंतरिक्ष आधारित सैन्य क्षमताओं पर निरंतर निवेश करना होगा। यदि यह गति बनी रहती है तो भारतीय वायुसेना न केवल एशिया बल्कि विश्व की सबसे प्रभावशाली वायु सेनाओं में और मजबूत स्थान प्राप्त कर सकती है। वर्तमान रैंकिंग यह संदेश देती है कि आधुनिक युद्ध की दुनिया में केवल संसाधनों का आकार नहीं बल्कि उनकी गुणवत्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रणनीतिक सोच और निरंतर नवाचार ही किसी राष्ट्र को वास्तविक शक्ति प्रदान करते हैं। भारत ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं और यही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।</span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong></p></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 21:37:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्रोन तकनीक से लैस हो रहे एनसीसी कैडेट्स</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा राम दुलारी बच्चू लाल जायसवाल पीजी कॉलेज, नवाबगंज में आयोजित 12 दिवसीय सीओसी ड्रोन प्रशिक्षण शिविर अपने उद्देश्यों की ओर तेजी से अग्रसर है। 12 मार्च से शुरू होकर 23 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में प्रदेश के आठ एनसीसी ग्रुप मुख्यालयों के सीनियर डिवीजन (SD) और सीनियर विंग (SW) के कैडेट्स उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आधुनिक ड्रोन तकनीक से प्रशिक्षित करना है, ताकि वे भविष्य की सैन्य एवं नागरिक चुनौतियों का तकनीकी रूप से सक्षम होकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173662/ncc-cadets-are-getting-equipped-with-drone-technology"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0317.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा राम दुलारी बच्चू लाल जायसवाल पीजी कॉलेज, नवाबगंज में आयोजित 12 दिवसीय सीओसी ड्रोन प्रशिक्षण शिविर अपने उद्देश्यों की ओर तेजी से अग्रसर है। 12 मार्च से शुरू होकर 23 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में प्रदेश के आठ एनसीसी ग्रुप मुख्यालयों के सीनियर डिवीजन (SD) और सीनियर विंग (SW) के कैडेट्स उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आधुनिक ड्रोन तकनीक से प्रशिक्षित करना है, ताकि वे भविष्य की सैन्य एवं नागरिक चुनौतियों का तकनीकी रूप से सक्षम होकर सामना कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को ड्रोन डिजाइनिंग, असेम्बलिंग, संचालन और उड़ान की बारीकियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। सीमित समय में ड्रोन असेंबल कर उसका सफल परीक्षण करने में कैडेट्स ने अपनी दक्षता और तत्परता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशिक्षण के तहत कैडेट्स को ड्रोन संचालन के सुरक्षा मानकों, निगरानी प्रणाली, आपदा प्रबंधन और रक्षा क्षेत्र में इसके उपयोग की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है। साथ ही, हथियार प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी फायरिंग क्षमता को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे उनका अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर के आठवें दिन एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कंदिल ने प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान कैडेट्स ने ड्रोन फ्लाइंग का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उन्होंने कैडेट्स की सराहना की। शिविर का संचालन कैंप कमांडेंट कर्नल निशांत बरियार और डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल योगेंद्र चिनवान के नेतृत्व में किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह प्रशिक्षण शिविर न केवल कैडेट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना को भी मजबूत कर रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:42:33 +0530</pubDate>
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