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                <title>accountability - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>accountability RSS Feed</description>
                
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                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण पटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181475/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-patel-is-not-sending"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0108.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>प्रयागराज साइबर थाने के प्रभारी निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173660/there-was-a-stir-in-the-suspended-department-in-charge-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0319.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही किन परिस्थितियों में हुई और इसमें अन्य कोई कर्मचारी भी शामिल है या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद साइबर थाना समेत अन्य थानों में भी कार्यप्रणाली को लेकर समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाएं और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी के बीच साइबर थाने की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में थाना प्रभारी पर की गई यह कार्रवाई पुलिस विभाग के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:40:13 +0530</pubDate>
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