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                <title>accountability - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>accountability RSS Feed</description>
                
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                <title>यात्री कतारों में खड़े रहे, सुरक्षा के रखवाले सौदों में खड़े मिले</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा का तमाशा अजीब है—कटघरे में यात्री खड़ा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चूक भीतर होती है। वह चुपचाप बैग खोलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जूते-बेल्ट उतारता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी की बोतल छोड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लैपटॉप अलग ट्रे में रखता है। उसे भरोसा रहता है कि यह असुविधा सुरक्षा की कीमत है। लेकिन इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर ‘ऑपरेशन एयरोब्रिज’ ने भरोसा तोड़ दिया। अबू धाबी से आया चांदी की परत चढ़ा लगभग एक किलो सोना एयरोब्रिज पर ही एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी को सौंपा गया। वह टैरमैक से उतरकर सुरक्षा व्यवस्था को छलता रहा और जांच में कस्टम अधिकारी की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184840/passengers-stood-in-queues-security-guards-were-found-standing-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1.-prof.-rkjain2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा का तमाशा अजीब है—कटघरे में यात्री खड़ा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चूक भीतर होती है। वह चुपचाप बैग खोलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जूते-बेल्ट उतारता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी की बोतल छोड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लैपटॉप अलग ट्रे में रखता है। उसे भरोसा रहता है कि यह असुविधा सुरक्षा की कीमत है। लेकिन इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर ‘ऑपरेशन एयरोब्रिज’ ने भरोसा तोड़ दिया। अबू धाबी से आया चांदी की परत चढ़ा लगभग एक किलो सोना एयरोब्रिज पर ही एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी को सौंपा गया। वह टैरमैक से उतरकर सुरक्षा व्यवस्था को छलता रहा और जांच में कस्टम अधिकारी की मिलीभगत सामने आई। तब यह केवल तस्करी नहीं रह जाती। सवाल है—जब सुरक्षा के पहरेदार ही चाबी बेचने लगें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यात्रियों की कठोर तलाशी आखिर किसकी सुरक्षा कर रही है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हवाई अड्डों की सुरक्षा वहां नहीं टूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां दीवारें खत्म होती हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह वहां टूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां भरोसा शुरू होता है। हमारे यहां सुरक्षा बाहर से आने वाले खतरे पर केंद्रित है। मशीनें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कैनर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैमरे और नियम—सबकी निगाह यात्री पर रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानो सबसे बड़ा संदेह उसी पर हो। लेकिन दूसरी ओर खड़े कर्मचारियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्बाध प्रवेश है और जिनकी पहचान ही पास है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी निष्ठा की जांच नियमित और कठोर नहीं होती। इसलिए एयरोब्रिज से टैरमैक तक का रास्ता पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न बन गया। वहां न सुरंग थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न तकनीकी चूक</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल वर्दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिचित चेहरा और भीतर की मिलीभगत थी। किसी सुरक्षा तंत्र का इससे बड़ा लूपहोल नहीं हो सकता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा का बोझ बेगुनाह कंधों पर रखा जाता है। खाड़ी से कमाई लेकर लौटने वाला मजदूर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश पढ़ने जाने वाला छात्र और छोटे व्यापार के लिए उड़ान भरने वाला व्यापारी—सभी समान तलाशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीक्षा और संदेह झेलते हैं। जेबें खाली करवाई जाती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों तक को स्कैनर से निकाला जाता है और घंटों कतार बाद कहा जाता है कि यह उनकी सुरक्षा के लिए है। लेकिन जब सुरक्षा तंत्र में बैठे लोग दस हजार रुपये के लालच में सीमा की पवित्रता गिरवी रख दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब अपमान उसी ईमानदार यात्री का होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने हर नियम निभाया। सवाल है कि क्या जांच केवल उसी के लिए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि असली खतरा उन लोगों से पैदा हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें जांचने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी व्यवस्था की हार तब होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब नागरिक का भरोसा टूटने लगे। यह घटना सोने की तस्करी तक सीमित नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतांत्रिक विश्वास का संकट बन जाती है। नागरिक कानून से डरकर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था की निष्पक्षता पर भरोसे से जुड़ता है। लेकिन जब एयरलाइंस कर्मचारी और कस्टम अधिकारी मिलकर सुरक्षा की दीवार में सेंध लगा दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब यात्री मशीनों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्दी से डरने लगता है। उसे सवाल सताता है कि जिस व्यवस्था ने उसे शक की नजर से देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने अपने लोगों पर आंखें क्यों मूंद लीं। यही क्षण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब सुरक्षा विश्वास का आधार नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविश्वास की वजह बनती है। हवाई अड्डे की कमजोर दीवार कंक्रीट की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्य के चरित्र की होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा की विडंबना यही है कि मशीनें बढ़ती गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर ईमानदारी की जांच पीछे छूट गई। इस प्रकरण में सवाल तस्करी की तकनीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था की मानसिकता है। चांदी की परत चढ़ाकर सोना लाना केवल कानून को चकमा देना नहीं था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा व्यवस्था पर मौन व्यंग्य था। उसने दिखा दिया कि आधुनिक मशीनें भी मनुष्य की बेईमानी के सामने असहाय हैं। करोड़ों के स्कैनर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल निगरानी और बहुस्तरीय जांच तब बेकार हो जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब भीतर बैठा व्यक्ति जिम्मेदारी बेच देता है। व्यवस्था ने तकनीक बढ़ाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ईमानदारी की निगरानी मजबूत नहीं की। दस हजार रुपये का लालच करोड़ों की सुरक्षा पर भारी पड़ गया। यह तकनीक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नैतिकता की हार है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हवाई अड्डा अब केवल अमीरों की दुनिया का द्वार नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आम आदमी के भरोसे का ठिकाना भी है। नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार और इलाज के लिए साधारण नागरिक भी विमान यात्रा कर रहा है। उसके लिए हवाई अड्डा सिर्फ उड़ान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित पहुंचने का विश्वास है। जब उसी विश्वास के भीतर से तस्करी का रास्ता निकलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चोट केवल अपराध तक सीमित नहीं रहती। यात्री सुरक्षा जांच को भरोसे के बजाय औपचारिकता समझने लगता है। सार्वजनिक संस्थाओं पर घटता विश्वास हर नागरिक को प्रभावित करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा की दीवार मशीनों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदार लोगों से खड़ी होती है। समाधान केवल स्कैनर और कैमरे लगाने में नहीं है। जरूरत है कि सुरक्षा व्यवस्था का केंद्र मनुष्य बने। एयरलाइंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कस्टम और हवाई अड्डों के कर्मचारियों की नियमित सत्यनिष्ठा जांच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशील पदों पर समयबद्ध बदलाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आकस्मिक निगरानी और मिलीभगत पर कठोर कार्रवाई—ये सुरक्षा के जरूरी हिस्से हैं जितने तकनीकी उपकरण। जिस व्यवस्था में यात्री की हर गतिविधि दर्ज होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां सुरक्षा कर्मचारियों की जवाबदेही भी पारदर्शी होनी चाहिए। नागरिक से अनुशासन मांगने वाली व्यवस्था को पहले स्वयं अनुशासित होना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वरना उसका सुरक्षा नैतिक अधिकार धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ घटनाएं खबर बनकर खत्म नहीं होतीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे व्यवस्था की कमजोरी का आईना बनती हैं। इंदौर की घटना केवल सोने की तस्करी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के सबसे सुरक्षित द्वार पर हुआ मौन विश्वासघात है। इसने बता दिया कि सुरक्षा का खतरा बाहर का व्यक्ति नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भीतर बैठा बेईमान व्यक्ति हो सकता है। जब तक व्यवस्था यह नहीं मानेगी कि सुरक्षा लूपहोल मशीनों में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनुष्य के चरित्र में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक लंबी कतारें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तलाशी और कठोर जांच औपचारिकता रह जाएंगी। राष्ट्र की सीमाएं तकनीक से मजबूत हो सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर सुरक्षित तभी होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उन्हें संभालने वाले हाथ ईमानदार हों। अंततः हवाई अड्डे की सुरक्षा स्कैनर की स्क्रीन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्दी पहने व्यक्ति के विवेक में होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 21:54:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे टिकट चेकिंग कर्मचारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो</div>
<div style="text-align:justify;">यह</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260725_190151.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो सहित रिकॉर्ड होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पायलट परियोजना महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह के विशेष निर्देशों के अनुपालन में प्रारंभ की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रथम चरण में प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों—12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस (प्रयागराज–नई दिल्ली–प्रयागराज) तथा 12451/12452 श्रमशक्ति एक्सप्रेस (कानपुर–नई दिल्ली–कानपुर) में कार्यरत टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस व्यवस्था का विस्तार चरणबद्ध रूप से प्रयागराज मंडल से प्रारंभ होने वाली अन्य ट्रेनों में भी किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए बॉडी वॉर्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हैं, जिनमें एचडी (HD) वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विज़न, लंबी अवधि का बैटरी बैकअप तथा टैंपर-प्रूफ रिकॉर्डिंग प्रणाली जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन विशेषताओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी निर्बाध रिकॉर्डिंग सुनिश्चित होगी तथा रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">टिकट जांच के दौरान कई बार यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों के मध्य विवाद अथवा शिकायतें उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में कैमरे में उपलब्ध रिकॉर्डिंग निष्पक्ष एवं विश्वसनीय साक्ष्य के रूप में कार्य करेगी, जिससे वास्तविक तथ्यों के आधार पर शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इससे निराधार अथवा फर्जी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही यदि किसी यात्री के साथ अनुचित व्यवहार अथवा किसी कर्मचारी के साथ अभद्रता, दुर्व्यवहार या मारपीट जैसी घटना होती है, तो उसकी सत्यता का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">यह व्यवस्था टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं व्यावसायिक आचरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। साथ ही यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा तथा टिकट जांच के दौरान अनुशासन एवं शालीन व्यवहार को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टिकट चेकिंग प्रक्रिया का निष्पक्ष एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों के हितों का समान रूप से संरक्षण होगा। फर्जी शिकायतों एवं अनावश्यक विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। शिकायतों एवं अपीलों के निस्तारण में साक्ष्य आधारित एवं त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों के कार्य निष्पादन, व्यवहार एवं सेवा गुणवत्ता का अधिक प्रभावी मूल्यांकन संभव होगा। सुरक्षा संबंधी घटनाओं, संदिग्ध गतिविधियों अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उपलब्ध वीडियो फुटेज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं अन्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध होगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों का रेलवे के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रेलवे की सकारात्मक छवि को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से रेलवे प्रशासन में सुशासन (Good Governance), पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को और अधिक मजबूती मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज मंडल का विश्वास है कि यह अभिनव पहल यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ टिकट चेकिंग व्यवस्था को भी अधिक आधुनिक, प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाएगी। पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार प्रयागराज मंडल की अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:40:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीडियो की सह परभानपुर में ग्राम प्रधान, सचिव व टीए की मिलीभगत से सरकारी धन का हो रहा लूट</title>
                                    <description><![CDATA[आनलाइन मस्टर रोलपंचायत चुनाव को नजदीक देख ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी ने सरकारी धन को लूटने में झोंकी पूरी ताकत सचिव प्रिया शुक्ला, तकनीकी सहायक एस ० के ० सिंह ने भ्रष्टाचार को बढ़ाने में लगाया है पूरी ताकत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182770/video-government-money-is-being-looted-in-parbhanpur-with-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0094.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के विकास खंड हरैया केग्राम पंचायत भानपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी / सचिव प्रिया शुक्ला का चयन मंडी समिति में हो गया है लेकिन अभी तक सचिव प्रिया शुक्ला विकासखंड हरैया में कार्यरत हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सचिव प्रिया शुक्ला विकासखंड हरैया से जाते-जाते अपनी साफ सुथरी छवि धूमिल करने पर तुली हुई है यदि सचिव ग्राम प्रधान शकुंतला देवी को सह न देती तो ग्राम प्रधान शकुंतला देवी पानी से भरे तालाब में विकसित भारत की जी राम जी के नाम पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी न लगती । पानी से भरे तालाब में विकसित भारत जी राम जी के नाम पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगने पर सचिव प्रिया शुक्ला के कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है और तकनीकी सहायक हरि किशन सिंह भी ग्राम पंचायत भानपुर में कमीशन के लालच पानी से भरे तालाब की फर्जी एमबी की तैयारी में जुटे हुए हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   सूत्रों की माने तो तकनीकी सहायक हरि किशन सिंह ने ग्राम पंचायत भानपुर में पूर्व भी कई विकास कार्यों के नाम पर फर्जी एमबी कर चुके हैं और फर्जी एमबी के सहारे ग्राम प्रधान शकुंतला देवी फर्जी भुगतान प्राप्त कर चुकी हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      विकसित भारत जी राम जी के कार्य को पलीता लगाने वाली रोजगार सेवक वर्षा जायसवाल व ग्राम प्रधान शकुंतला देवी के भ्रष्टाचार के आगे खंड विकास अधिकारी हरैया विनय कुमार द्विवेदी नतमस्तक हो चुके हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     मीडिया टीम धरातलीय पड़ताल में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत भानपुर के राजस्व गांव नागपुर के सभी तालाब एवं गढही में पानी भरा है । सरकारी धन लूटने के उद्देश्य मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बातचीत में ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि ग्राम प्रधान शकुंतला देवी व ब्लॉक हरैया के जिम्मेदार अधिकारियों का कर्मचारियों की मनमानी से 05 वर्षों से ग्राम पंचायत भानपुर तरस रहा है । जब तक ग्राम प्रधान शकुंतला देवी व रोजगार सेवक वर्षा जायसवाल व अन्य भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक ऐसे ही सरकारी धन के लूटने का खेल जारी रहेगा । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      अब देखना यह है कि डीसी मनरेगा संजय शर्मा के द्वारा उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की जाती है ?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:14:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी - आस्था पर लगा दाग और सवालों के घेरे में सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL msg6862890073122296727">
<div>
<div lang="en-us" xml:lang="en-us">
<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi">  लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल</span></p></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
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<div>
<div lang="en-us" xml:lang="en-us">
<div class="m_6862890073122296727WordSection1">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने सिर्फ पैसे की हेराफेरी का मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों के खिलाफ पहली </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज कराई है। सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बहुत बड़ी विडंबना है कि जो मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है इन चोरों ने उसे भी नहीं छोड़ा। राम मंदिर आंदोलन के बाद से अब तक पूरे देश के हिंदुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। लेकिन </span>FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए। बल्कि नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हुआ था</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीसीटीवी में साफ दिखा कि मंदिर के दानपात्रों से निकली नकदी की गिनती करने वाले कर्मचारी ही चोरी कर रहे थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुकल्प मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविनाश शुक्ला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनीष यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रमाशंकर मिश्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे शामिल हैं। इनमें से छह कैशियर हैं। सुभाष श्रीवास्तव काउंटिंग इंचार्ज था। टिन्नू यादव का काम कैश की गिनती सुपरवाइज़ करके बैंक तक ले जाना था। यानी जिन पर भरोसा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बेईमान निकले। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि </span>14,500<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए महीने की नौकरी करने वाले कर्मचारियों ने </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल में करोड़ों की संपत्ति बना ली। एक ने डेढ़ करोड़ की जमीन खरीदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरे ने </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख का प्लॉट लिया। शुरुआती अनुमान </span>200<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ के घोटाले का है। एफआईआर दर्ज हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर देर से क्यों</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट ने चोरी की जांच के लिए </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एसआईटी बनवाई। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को एफआईआर हुई। यानी </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन लग गए। जागरण की रिपोर्ट बताती है कि इससे पहले भी दो कर्मचारियों को गुपचुप तरीके से पकड़ा गया था। बिना एफआईआर के ही रिकवरी की जा रही थी। पुलिस ट्रस्ट के साथ मिलकर पूछताछ कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सवाल ये है: जब चोरी का शक था तो तुरंत पुलिस को क्यों नहीं बताया गया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या ट्रस्ट पहले अपने स्तर पर मामला दबाना चाहता था</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">बड़े नाम गायब क्यों हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। लेकिन उनका ड्राइवर टिन्नू यादव आरोपी है। विपक्ष का आरोप है कि छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। बीएनएस की धारा </span>306, 316(5), 317(4), 317(5) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>61<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत केस दर्ज हुआ है। इनमें उम्रकैद तक की सजा है। अगर टिन्नू यादव चोरी कर रहा था तो क्या चंपत राय को पता नहीं चला</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या उन्होंने आंखें बंद कर लीं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की दूसरी रिपोर्ट आने तक ये सवाल बना रहेगा। सिस्टम में खामी कहां थी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर के चढ़ावे की गिनती तीन स्तर पर होती है: </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्राइवेट कर्मचारी नोट गिनते हैं। </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> ट्रस्ट कर्मचारी निगरानी करते हैं। </span>14 SBI <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>TCS <span lang="hi" xml:lang="hi">के ऑडिटर होते हैं। इतनी लेयर के बावजूद चोरी हो गई। जांच में सामने आया कि एक पदाधिकारी ने कैमरे लगाने का विरोध किया था। यानी सिस्टम में पारदर्शिता की कमी थी। </span>CCTV <span lang="hi" xml:lang="hi">थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर निगरानी नहीं थी। ऑडिट था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर भरोसा अंधा था। आगे क्या होना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पहला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एसआईटी की जांच सिर्फ </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> आरोपियों तक सीमित न रहे। पूरी चेन की जांच हो। किसके इशारे पर चोरी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पैसा कहां गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये साफ होना चाहिए। </span>CM <span lang="hi" xml:lang="hi">योगी ने कहा है कि "दूध का दूध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी का पानी" होगा। जनता यही उम्मीद कर रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट को अपनी वित्तीय व्यवस्था सार्वजनिक करनी होगी। हर महीने कितना चढ़ावा आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहां खर्च हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका डिजिटल डिस्प्ले मंदिर परिसर में लगे। तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह रियल टाइम अपडेट सिस्टम बने। तीसरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैश हैंडलिंग खत्म हो। </span>QR <span lang="hi" xml:lang="hi">कोड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जाए। जितना कैश कम होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी की गुंजाइश उतनी कम होगी। चौथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि बढ़ाए जाएं। अभी सिर्फ एक आईएएस अधिकारी है। </span>CAG <span lang="hi" xml:lang="hi">से सालाना ऑडिट अनिवार्य हो। राम मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है। ये </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल के संघर्ष के बाद मिली आस्था की जीत है। </span>22<span lang="hi" xml:lang="hi"> जनवरी </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> को प्राण प्रतिष्ठा के दिन जो भाव देश ने देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो अनमोल है। अगर चंद लोग उस आस्था को कैश कराने लगेंगे तो मंदिर का मतलब खत्म हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">FIR <span lang="hi" xml:lang="hi">पहली कार्रवाई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आखिरी नहीं। असली इम्तहान अब शुरू हुआ है - क्या ट्रस्ट दोषियों को सजा दिला पाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे वो कितना भी बड़ा हो</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या व्यवस्था बदलेगी ताकि फिर कोई टिन्नू यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लवकुश मिश्रा आस्था का सौदा न कर सके</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनता देख रही है। राम देख रहे हैं। लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं और लोगों के सवाल तब ही शांत होंगे जब इस पूरे मामले पय ठीक ढंग से पर्दा उठेगा। फिलहाल उम्मीद है कि जांच सही दिशा में हो रही है।</span></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182466/ram-temple-offering-stolen-faith-tainted-and-system-under</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेवा के अंतिम दौर में बीडीओ ने 22 जून को तालाब व खेल मैदान पर लगवाया फर्जी हाज़िरी*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>कप्तानगंज बीडीओ चन्द्रभान उपाध्याय रिटायर्ड की रेखा पर खड़े हुए हैं ।और उनके द्वारा किए/कराए गए भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर बनी हुई है ।पिछले दिनों ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा पर तालाब खुदाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर डीसी मनरेगा बस्ती द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था ।</div>
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<div style="text-align:justify;">साहब के आदेशों को पैर की जुती समझ कर 20 दिन बाद भी वीडीओ आख्या प्रेषित करना मुनासिब नहीं समझते। जिसका नतीजा यह है कि सचिव पंकज सिंह का भ्रष्ट्राचार रुक नहीं रहा है कार्यवाही न होने से पुनः एक बार फिर उसी साइड पर मस्टररोल जारी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182458/in-the-last-round-of-service-bdo-imposed-fake-attendance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260624-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>कप्तानगंज बीडीओ चन्द्रभान उपाध्याय रिटायर्ड की रेखा पर खड़े हुए हैं ।और उनके द्वारा किए/कराए गए भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर बनी हुई है ।पिछले दिनों ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा पर तालाब खुदाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर डीसी मनरेगा बस्ती द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साहब के आदेशों को पैर की जुती समझ कर 20 दिन बाद भी वीडीओ आख्या प्रेषित करना मुनासिब नहीं समझते। जिसका नतीजा यह है कि सचिव पंकज सिंह का भ्रष्ट्राचार रुक नहीं रहा है कार्यवाही न होने से पुनः एक बार फिर उसी साइड पर मस्टररोल जारी कर रोजगार सेवक सुनील राव ने फर्जी हाजिरी लगाना शुरू कर दिया ।रोजगार सेवक सुनील राव के हौसले इस कदर बुलंद है कि बिना काम फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है यदि यही आलम चलता रहा तो अन्य ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक भी सुनील राव की तरह माल समेटने में जुट जाएंगे ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत होने वाले कप्तानगंज वीडीओ चंद्रभान उपाध्याय तो चले जाएंगे लेकिन आने वाले नवागत अधिकारी के ऊपर भ्रष्टाचार के कार्यवाहियों की तमाम चुनौतियां यादगार के लिए दे जा रहे है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार -खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज चंद्रभान उपाध्याय दिनांक 30 जून 2026 सायं 5 बजे कार्यकाल समाप्त हो रहा है ।विकास खंड कप्तानगंज में  जिस प्रकार से दर्जनों ग्राम पंचायतो में मनरेगा भ्रष्टाचार एवं शिकायत पर फर्जी रिपोर्ट लगना एव परिसर मयखाना में तब्बदील होने की लगातार खबरे प्रकाशित हो चुकी है तो वही स्थानीय मीडिया के साथ राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष कृष्णा ननंद ने बीडीओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्ट्राचार को लेकर ऑन कैमरा बीडीओ की पोल खोली गयी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उससे हर कोई वाकिफ हैं। बीडीओ का गैर जिम्मेदाराना बयान मीडिया सहित आम जनता में चर्चा का माहौल दिनो दिन बढ़ता जा रहा है।जब मीडिया टिम ने फोन पर बीडीओ कप्तानगंज से ग्राम पंचायत नरहरपुर में ललहवा तालाब खुदाई के संबंधों में जानकारी लेनी चाहि तो माकूल जवाब नही मिला।22 जून को मनरेगा पटल पर 45 मजदूरों की फर्जी हाजिरी तो लगी है।बड़ा सवाल यह है कि बीडीओ की कार्यवाही एवं मीडिया के सवालो के जबाब जलेबी की तरह होती यदि कार्यवाही हुयी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटियाला में नेशनल कमीशन फॉर विमेन की पब्लिक हियरिंग से कई मामलों में तेज़ी से कार्रवाई हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पटियाला</strong>,  NCW आपके द्वार’ पहल के तहत पटियाला में नेशनल कमीशन फॉर विमेन की पब्लिक हियरिंग में कई लंबे समय से पेंडिंग मामलों में तेज़ी से और सही दखल देखा गया, जिससे महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने के कमीशन के वादे को फिर से पक्का किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान, नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन, सुश्री विजया रहाटकर ने खुद महिलाओं और उनके परिवारों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हैरेसमेंट और जांच में लंबे समय तक देरी से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181548/public-hearing-of-national-commission-for-women-in-patiala-led"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000910051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पटियाला</strong>,  NCW आपके द्वार’ पहल के तहत पटियाला में नेशनल कमीशन फॉर विमेन की पब्लिक हियरिंग में कई लंबे समय से पेंडिंग मामलों में तेज़ी से और सही दखल देखा गया, जिससे महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने के कमीशन के वादे को फिर से पक्का किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान, नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन, सुश्री विजया रहाटकर ने खुद महिलाओं और उनके परिवारों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हैरेसमेंट और जांच में लंबे समय तक देरी से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल और SSP वरुण शर्मा के नेतृत्व में पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा की गई तुरंत कार्रवाई की तारीफ करते हुए, सुश्री रहाटकर ने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों और कमीशन के बीच तालमेल से न्याय देने वाले सिस्टम में जनता का भरोसा मजबूत होता है, जिसमें पीड़ितों को बहुत ज़रूरी राहत देने के लिए समय पर दखल देना भी शामिल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">-कनाडा में NRI महिला पर बेरहमी से हमले के मामले में FIR दर्ज</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान कमीशन के सामने लाए गए सबसे गंभीर मामलों में से एक एक जवान लड़की के माता-पिता से जुड़ा था, जिस पर 2024 में कनाडा में उसके पति ने बेरहमी से हमला किया था, जिससे उसके दिमाग में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित का कनाडा में इलाज चल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार ने कमीशन को बताया कि हालांकि कनाडा में क्रिमिनल केस दर्ज था, लेकिन आरोपी पति भारत भाग गया था। लगभग दो साल तक लोकल अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद, उन्हें मामले में ज़रूरी तरक्की नहीं मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, माननीय चेयरपर्सन ने पटियाला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने और 24 घंटे के अंदर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने तुरंत आरोपी पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) के संबंधित नियमों के तहत FIR दर्ज कर ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">-पीछा करने और मारपीट के मामले में सख्त धाराएं जोड़ी गईं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक और मामले में, एक जवान लड़की ने कमीशन को बताया कि उस पर और उसके परिवार पर उन लोगों ने हिंसक हमला किया जो कथित तौर पर उसका पीछा कर रहे थे और उसे परेशान कर रहे थे। FIR पहले ही दर्ज हो चुकी थी, लेकिन शिकायत करने वाली ने आरोप लगाया कि सही कानूनी नियमों का इस्तेमाल नहीं किया गया और उसे धमकियां और डराया-धमकाया जा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के बाद, सुश्री राहतकर ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायत करने वाली का बयान तुरंत रिकॉर्ड करने और संबंधित नियमों को लागू करने की जांच करने का निर्देश दिया। पुलिस ने बाद में कमीशन को बताया कि शिकायत करने वाले के बयान के अनुसार FIR को अपडेट और बेहतर बनाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">-लंबे समय से लंबित लापता महिला के मामले में जांच के नए कदम</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कमीशन ने एक मां की याचिका पर भी सुनवाई की, जिसकी शादीशुदा बेटी 2022 से लापता है। शिकायत करने वाली ने लापता महिला के पति और उसके पार्टनर के शामिल होने की आशंका जताई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह देखते हुए कि मामला कई सालों से सुलझा नहीं है, माननीय चेयरपर्सन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को जांच में तेजी लाने और बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। निर्देशों का पालन करते हुए, पुलिस ने कमीशन को बताया कि पति का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मांगा गया है ताकि आगे की जांच की जा सके और मामले को आगे बढ़ाया जा सके। -सीधे दखल से समय पर न्याय पक्का करना</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन मामलों में देखी गई तेज़ कार्रवाई ‘नेशनल कमीशन फॉर विमेन एट योर डोरस्टेप’ पहल के ज़रिए कमीशन की ज़मीनी स्तर पर पहुँच का असर दिखाती है, जिसका मकसद न्याय व्यवस्था को महिलाओं के करीब लाना और यह पक्का करना है कि उनकी चिंताओं को बिना किसी देरी के दूर किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चेयरपर्सन श्रीमती विजया रहाटकर ने दोहराया कि हर शिकायत न्याय व्यवस्था में एक महिला के भरोसे को दिखाती है और इसे तुरंत, निष्पक्ष और गंभीरता से निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नेशनल कमीशन फॉर विमेन महिलाओं से जुड़े मामलों की जवाबदेही, असरदार फ़ॉलो-अप और समय पर समाधान पक्का करने के लिए राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कमीशन ने पब्लिक हियरिंग के दौरान दिए गए निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करने में पंजाब पुलिस और ज़िला प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग का भी स्वागत किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण पटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181475/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-patel-is-not-sending"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0108.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज साइबर थाने के प्रभारी निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173660/there-was-a-stir-in-the-suspended-department-in-charge-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0319.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही किन परिस्थितियों में हुई और इसमें अन्य कोई कर्मचारी भी शामिल है या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद साइबर थाना समेत अन्य थानों में भी कार्यप्रणाली को लेकर समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाएं और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी के बीच साइबर थाने की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में थाना प्रभारी पर की गई यह कार्रवाई पुलिस विभाग के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173660/there-was-a-stir-in-the-suspended-department-in-charge-of</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:40:13 +0530</pubDate>
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