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                <title>financial fraud - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>financial fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बाबू से नौकरी का ठेकेदार बने बीएसए आफिस के विमल कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा , जाँच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले मेंपूर्व में बीएसए कार्यालय में बाबू के रूप में तैनात विमल कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध नौकरी दिलाने के नाम पर की गयी ठगी को लेकर बस्ती कोतवाली में पीड़ित विनोद कुमार शुक्ला की शिकायत पर धारा 406 व 506 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू हो गयी है । इस एफआईआर ने बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की कलई खोल दी है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली के अन्तर्गत स्थित साकिन जिगिना निवासी विनोद कुमार शुक्ला पुत्र स्व० कृष्ण प्रसाद शुक्ला से नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी विमल कुमार त्रिपाठी ने नकद छः लाख</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184085/case-registered-in-police-station-against-babu-turned-job-contractor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260717-wa00771.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले मेंपूर्व में बीएसए कार्यालय में बाबू के रूप में तैनात विमल कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध नौकरी दिलाने के नाम पर की गयी ठगी को लेकर बस्ती कोतवाली में पीड़ित विनोद कुमार शुक्ला की शिकायत पर धारा 406 व 506 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू हो गयी है । इस एफआईआर ने बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की कलई खोल दी है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली के अन्तर्गत स्थित साकिन जिगिना निवासी विनोद कुमार शुक्ला पुत्र स्व० कृष्ण प्रसाद शुक्ला से नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी विमल कुमार त्रिपाठी ने नकद छः लाख रुपया विगत 18 नवम्बर 2016 को समक्ष गवाहान लिया था बाकी का रुपया बारह लाख काम होने के बाद देने की बात तय हुई थी । इस दौरान पीड़ित द्वारा तमाम बार अपने काम को लेकर आरोपी विमल से सम्पर्क किया गया परन्तु पीड़ित का न तो काम हुआ न ही रुपया वापस मिला । थक हार कर पीड़ित ने उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया और दिनाँक 23 जुलाई 2026 को आरोपी विमल कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध धारा 406 व 506 अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गयी है । वैसे भी बस्ती का बीएसए कार्यालय लेनदेन के मामने में चर्चाओं में रहता है और अधिकांश बाबू करोड़पति की श्रेणी में दर्ज हैं । सूत्रों की माने तो जल्द ही बीएसए आफिस के कुछ चर्चित बाबुओं पर आय से अधिक सम्पत्ति प्रकरण में कानूनी शिकंजा कसेगा l</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 21:41:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एटीएम में पिन देखकर कार्ड छीना, महिला के खाते से उड़ाई पूरी रकम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  फाफामऊ थाना क्षेत्र में एटीएम ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शांतिपुरम निवासी एक महिला उस समय ठगी का शिकार हो गईं जब वह एटीएम से नकदी निकालने पहुंचीं। आरोप है कि दो युवकों ने पहले उनका एटीएम पिन देख लिया और फिर चालाकी से उनका कार्ड लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने खाते से पूरी जमा धनराशि निकाल ली।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, शांतिपुरम निवासी सबा बानो बैंक ऑफ बड़ौदा के उस एटीएम पर पैसे निकालने पहुंची थीं, जो विनीता हॉस्पिटल के सामने स्थित है। एटीएम में मौजूद दो संदिग्ध युवकों ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182605/the-card-was-snatched-after-seeing-the-pin-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0079.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> फाफामऊ थाना क्षेत्र में एटीएम ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शांतिपुरम निवासी एक महिला उस समय ठगी का शिकार हो गईं जब वह एटीएम से नकदी निकालने पहुंचीं। आरोप है कि दो युवकों ने पहले उनका एटीएम पिन देख लिया और फिर चालाकी से उनका कार्ड लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने खाते से पूरी जमा धनराशि निकाल ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, शांतिपुरम निवासी सबा बानो बैंक ऑफ बड़ौदा के उस एटीएम पर पैसे निकालने पहुंची थीं, जो विनीता हॉस्पिटल के सामने स्थित है। एटीएम में मौजूद दो संदिग्ध युवकों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और कथित तौर पर उनका गोपनीय पिन नंबर देख लिया। इसी दौरान किसी बहाने से दोनों युवक उनका एटीएम कार्ड अपने कब्जे में लेकर मौके से भाग निकले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता को जब तक पूरे घटनाक्रम की जानकारी हो पाती, तब तक आरोपी दूसरे स्थान पर पहुंचकर उनके बैंक खाते से पूरी धनराशि निकाल चुके थे। मोबाइल पर खाते से रकम निकलने के संदेश मिलने के बाद महिला के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही थाना फाफामऊ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़िता से घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद एटीएम केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही घटना में शामिल युवकों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद एटीएम केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय अपना पिन किसी को न दिखाएं और किसी अनजान व्यक्ति की सहायता लेने से बचें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>
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<div class="adL"> </div>
</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:47:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस ने साइबर  जागरुकता अभियान के तहत लोगों को किया जागरूक*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)। </strong>साइबर जागरूकता अभियान  के तहत तरघौना गांव में लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने तरघौना गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182469/6a4527e1c7508"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260627-wa00051.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)। </strong>साइबर जागरूकता अभियान  के तहत तरघौना गांव में लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने तरघौना गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी  पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशों से अवगत कराया गया ।सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।</div>
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<div class="hp"> </div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:19:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चकेरी में घटित डकैती की घटना का 50 हजार का ईनामी अभियुक्त लखनऊ से गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>थाना चकेरी क्षेत्र में घटित डकैती की घटना में शामिल ₹50,000 का इनामी अभियुक्त को चकेरी पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले चकेरी पुलिस अन्य सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्तों के पास से अवैध लेन-देन का भी खुलासा हुआ है जिसकी सूचना ईडी को दे दी गई है और ईडी ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि माह फरवरी 2026 में थाना चकेरी क्षेत्र में हुई डकैती की घटना में पुलिस ने ₹50,000</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182433/the-accused-carrying-a-reward-of-rs-50000-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002051524.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>थाना चकेरी क्षेत्र में घटित डकैती की घटना में शामिल ₹50,000 का इनामी अभियुक्त को चकेरी पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले चकेरी पुलिस अन्य सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्तों के पास से अवैध लेन-देन का भी खुलासा हुआ है जिसकी सूचना ईडी को दे दी गई है और ईडी ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि माह फरवरी 2026 में थाना चकेरी क्षेत्र में हुई डकैती की घटना में पुलिस ने ₹50,000 के इनामी वांछित अभियुक्त फैज़ को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। घटना का सफल अनावरण करते हुए चकेरी पुलिस ने पूर्व में सभी मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा तथा लूटी गई धनराशि भी बरामद की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने बताया कि विवेचना में स्लॉटर हाउस से जुड़े अवैध वित्तीय लेन-देन, गरीब व्यक्तियों के बैंक खातों के दुरुपयोग तथा स्क्रैप कारोबार में फर्जी ई-वे बिल एवं जीएसटी इनवॉइस के माध्यम से कर चोरी का भी खुलासा हुआ है । उन्होंने बताया कि इस मामले की सूचना ईडी (ED) को दी गई है, ईडी ने इस प्रकरण को संज्ञान में लिया है। पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध हिस्ट्रीशीट खोलने एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 18:27:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज तराई पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार युवक को दिलाए 65 हजार रुपये वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
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<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181507/maharajganj-terai-police-returned-65-thousand-rupees-to-a-youth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0621.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
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<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्पडेस्क थाना महराजगंज तराई सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव और आरक्षी धीरज तिवारी ने त्वरित तकनीकी जांच करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। पुलिस की पहल पर ठगी गई धनराशि को आरोपी के खाते में तत्काल होल्ड कराया गया।</div>
<div>इसके बाद न्यायालय से रिलीजिंग आदेश प्राप्त कर बैंक के नोडल अधिकारी को भेजा गया। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 65 हजार रुपये की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।</div>
<div>धनराशि वापस मिलने पर फिरोज खान ने खुशी जताते हुए थाना महराजगंज तराई पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी।</div>
<div>इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव, आरक्षी धीरज तिवारी, आरक्षी अर्जुन प्रसाद वर्मा तथा महिला आरक्षी पूजा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरित पुनरुद्धार की ओर बढ़ते भारत के कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है।</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181455/indias-steps-towards-green-revival"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है। इतने बड़े पैमाने पर सूखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊसर और जीवनहीन हो चुकी ज़मीन को पुनर्जीवित करना केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं है बल्कि यह प्रकृति के प्रति देश की गहरी प्रतिबद्धता और दूरगामी नीतियों का जीवंत परिणाम है। इस ऐतिहासिक कदम ने न केवल भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की साख को बहुत ऊंचा किया है। भूमि का इस तरह से पुनरुद्धार करना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखने जैसा है जो सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरी मुहिम की वैश्विक कड़ियों को जोड़कर देखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि भारत के ये प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बड़े अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इसी संदर्भ में बॉन चुनौती का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आता है। बॉन चुनौती वास्तव में वनों की कटाई को रोकने और मरुस्थलीकरण के कारण बंजर हो चुकी भूमि को फिर से उपजाऊ और हरा-भरा बनाने का एक बहुत बड़ा वैश्विक संकल्प है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत वर्ष 2011 में जर्मनी की सरकार और इंटरनेशनल यूनियन फॉर </span>Conservation <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफ नेचर द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। जब इसे वैश्विक स्तर पर शुरू किया गया था तब इसका प्राथमिक लक्ष्य रखा गया था कि वर्ष 2020 तक पूरी दुनिया में 150 मिलियन हेक्टेयर खराब हो चुकी भूमि को बहाल किया जाएगा। इसके बाद इस लक्ष्य को और अधिक विस्तारित करते हुए वर्ष 2030 तक 350 मिलियन हेक्टेयर भूमि को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया। भारत ने इस वैश्विक चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया और अपनी घरेलू प्राथमिकताओं को इसके साथ इस तरह जोड़ा कि आज देश इस दिशा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की इस पर्यावरणीय यात्रा में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब देश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक विस्तार देने का निर्णय लिया। वर्ष 2019 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय के चौदहवें सत्र का आयोजन किया गया था जिसे कॉप 14 के नाम से भी जाना जाता है। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति में भारत ने अपने पुराने लक्ष्यों में बड़ा संशोधन किया। भारत ने वैश्विक मंच पर यह संकल्प लिया कि वह वर्ष 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर और निम्नीकृत भूमि को पूरी तरह से बहाल करेगा। वर्तमान समय में हासिल किया गया 21.76 मिलियन हेक्टेयर का यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और वह इस अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से बहुत पहले ही प्राप्त करने की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस विशाल भूभाग को दोबारा जीवन देने और उसे हरा-भरा बनाने के लिए देश में बहुआयामी रणनीतियों को अपनाया गया जिसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वनरोपण की रही है। देश के विभिन्न राज्यों में जो जमीनें पूरी तरह से खाली थीं या जहां औद्योगिक गतिविधियों और खनन कार्यों के बाद खदानों को बंजर छोड़ दिया गया था वहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। इस प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि केवल पेड़ न लगाए जाएं बल्कि उन स्थानीय प्रजातियों के पौधों को चुना जाए जो वहां की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हों। इससे बंजर पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में एक बार फिर से सघन हरित आवरण लौटने लगा जिसने भूमि के क्षरण को रोक दिया और मिट्टी की खोई हुई पोषक क्षमता को वापस लाने में मदद की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वनरोपण के साथ-साथ जल और मिट्टी के संरक्षण के लिए जलागम प्रबंधन तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया जो इस सफलता की रीढ़ साबित हुई। इसके अंतर्गत पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धतियों से छोटे-छोटे बांधों का निर्माण किया गया जिन्हें चेक डैम कहा जाता है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा के तेजी से बहते हुए पानी को रोका गया जिससे न केवल उपजाऊ मिट्टी का बहाव थमा बल्कि ज़मीन के भीतर पानी का स्तर भी तेजी से ऊपर उठा। भूजल स्तर में सुधार होने के कारण आसपास की सूखी और प्यासी ज़मीन को पर्याप्त नमी मिली जिससे वहां प्राकृतिक रूप से वनस्पतियों का उगना दोबारा शुरू हो गया और कई सूखी नदियां तथा जलस्रोत पुनर्जीवित हो उठे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अभियान की एक और बड़ी विशेषता कृषि वानिकी को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना रही है जिसने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को सकारात्मक रूप से बदल दिया। परंपरागत रूप से किसान केवल अपनी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते थे लेकिन नई नीतियों के तहत उन्हें खेतों की मेड़ों पर और फसलों के बीच के खाली स्थानों में आर्थिक रूप से उपयोगी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे किसानों को न केवल ईंधन और चारे के रूप में अतिरिक्त संसाधन मिले बल्कि खेतों की मिट्टी की नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्षमता और सामान्य उर्वरता में भी भारी सुधार हुआ। कृषि वानिकी ने देश के ग्रामीण अंचलों में एक नए प्रकार के लाभदायक और टिकाऊ हरित तंत्र को जन्म दिया जिसने पर्यावरण के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी संबल प्रदान किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सभी सरकारी और तकनीकी प्रयासों को वास्तविक शक्ति और गति तब मिली जब इसमें आम जनता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को अनिवार्य बनाया गया। संयुक्त वन प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत वनों के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीण निवासियों और विशेषकर आदिवासी समुदायों को जंगलों की रक्षा करने और नए पौधे लगाने की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई। जब इन समुदायों को यह अहसास हुआ कि जंगलों का विकास सीधे तौर पर उनके अपने जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और आजीविका से जुड़ा हुआ है तो उन्होंने इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। लोगों के इस सामूहिक जुड़ाव के कारण ही नए लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई और सामुदायिक वनों का दायरा तेजी से बढ़ने लगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ऐतिहासिक भूमि बहाली अभियान के दूरगामी और बहुआयामी लाभ अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगे हैं जिनमें सबसे बड़ा लाभ एक विशाल कार्बन अवशोषक क्षेत्र का निर्माण होना है। जब 21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर नए पेड़-पौधे और घनी वनस्पतियां विकसित होती हैं तो वे वायुमंडल से हर साल लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को सोख लेती हैं। यह प्रक्रिया वैश्विक तापन के खतरों को कम करने में भारत की ओर से विश्व को दिया गया एक अमूल्य योगदान है। यह हरित क्षेत्र देश के कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने में एक मजबूत ढाल की तरह काम कर रहा है और वैश्विक जलवायु सुधार में अपनी महती भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही जैव विविधता की बहाली इस अभियान का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है क्योंकि जो क्षेत्र कभी पूरी तरह से उजाड़ और बेजान हो चुके थे वहां अब एक बार फिर से विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों को अपना खोया हुआ प्राकृतिक आवास मिल रहा है। पशु-पक्षियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कीट-पतंगों और मिट्टी के भीतर रहने वाले सूक्ष्मजीवों की संख्या में वृद्धि होने से संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र दोबारा सक्रिय हो रहा है जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। अंततः इस पूरी प्रक्रिया ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है जो सतत विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है। भूमि के उपजाऊ होने से जहां एक ओर कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है वहीं दूसरी ओर जंगलों से मिलने वाले विभिन्न उत्पादों जैसे फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोंद और अनेक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों ने स्थानीय लोगों की दैनिक आय को बढ़ाने में मदद की है। रोजगार के नए अवसर पैदा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि आई है जो यह सिद्ध करती है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को एक साथ प्राप्त किया जा सकता है।</span></p>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों की ठगी, करोड़ों का खर्च और फिर भी नाकाफी रिकवरी; डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती बनता साइबर अपराध*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
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<div>डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां तकनीक ने लोगों का जीवन आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी इसी तकनीक को अपने अवैध कारोबार का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, यूपीआई, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग ने आम नागरिकों की सुविधाएं तो बढ़ाई हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामलों में भी विस्फोटक वृद्धि देखने को मिल रही है। राजस्थान से सामने आए हालिया आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को उजागर करते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181068/fraud-worth-crores-expenditure-of-crores-and-still-inadequate-recovery"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/41.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div>डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां तकनीक ने लोगों का जीवन आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी इसी तकनीक को अपने अवैध कारोबार का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, यूपीआई, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग ने आम नागरिकों की सुविधाएं तो बढ़ाई हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामलों में भी विस्फोटक वृद्धि देखने को मिल रही है। राजस्थान से सामने आए हालिया आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को उजागर करते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में राजस्थान में 77 हजार से अधिक लोग साइबर ठगी का शिकार हुए और ठगों ने लगभग 354 करोड़ रुपए की रकम हड़प ली। चिंताजनक बात यह है कि इस भारी-भरकम ठगी में से केवल 39 करोड़ रुपए ही रिकवर किए जा सके हैं, जबकि साइबर सुरक्षा और साइबर थानों के संचालन पर राज्य सरकार का सालाना खर्च 102 करोड़ रुपए से अधिक है।</div>
<div>यह स्थिति केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। देश के लगभग सभी राज्यों में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच जितनी तेजी से बढ़ी है, उससे कहीं अधिक तेजी से साइबर अपराधियों के तौर-तरीके विकसित हुए हैं। आज अपराधी किसी बैंक डकैती या चोरी के बजाय मोबाइल फोन और लैपटॉप के जरिए हजारों किलोमीटर दूर बैठे लोगों को निशाना बना रहे हैं। वे नकली निवेश योजनाओं, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी, नौकरी, टास्क फ्रॉड और क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसे अनेक तरीकों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।</div>
<div>राजस्थान के आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे लगभग दस लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। यह केवल आंकड़ा नहीं बल्कि समाज के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है जिन्होंने वर्षों की मेहनत से अपनी बचत जमा की थी। कई मामलों में लोगों की जीवनभर की कमाई कुछ ही मिनटों में उनके खातों से गायब हो गई। पीड़ितों में युवा, व्यापारी, नौकरीपेशा वर्ग, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। विशेष रूप से 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक निशाना बन रहे हैं, क्योंकि यही वर्ग डिजिटल सेवाओं का सबसे ज्यादा उपयोग करता है।</div>
<div>साइबर अपराध का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। जैसे ही पुलिस और बैंकिंग संस्थाएं किसी एक तरीके पर नियंत्रण करने का प्रयास करती हैं, ठग कोई नया तरीका खोज लेते हैं। हाल के वर्षों में डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और फर्जी शेयर मार्केट निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की ठगी सामने आई है। अपराधी स्वयं को पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी, बैंक कर्मचारी या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को डराते हैं और फिर उनसे रकम ट्रांसफर करा लेते हैं।</div>
<div>सवाल यह भी उठता है कि जब साइबर थानों और साइबर सुरक्षा तंत्र पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तब रिकवरी की दर इतनी कम क्यों है। राजस्थान में 354 करोड़ रुपए की ठगी के मुकाबले केवल 39 करोड़ रुपए की रिकवरी होना व्यवस्था की सीमाओं को दर्शाता है। इसका एक कारण यह है कि ठग रकम को तुरंत कई फर्जी खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। इन खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। रकम कई राज्यों और कई बार विदेशों तक पहुंच जाती है, जिससे उसे ट्रेस करना और वापस लाना बेहद कठिन हो जाता है। इसके अलावा साइबर अपराधों की जांच में तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अंतरराज्यीय समन्वय की आवश्यकता होती है, जिसकी कमी कई बार जांच को प्रभावित करती है।</div>
<div>बैंकों की भूमिका भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित ग्राहकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक शामिल हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि बैंक सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, लेकिन यह जरूर दर्शाता है कि ग्राहकों को जागरूक बनाने और संदिग्ध लेनदेन पर त्वरित कार्रवाई की दिशा में अभी और प्रयासों की आवश्यकता है। बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षा के अनेक स्तर मौजूद हैं, फिर भी यदि ग्राहक स्वयं सतर्क नहीं रहेगा तो अपराधी किसी न किसी तरीके से उसे भ्रमित कर सकते हैं।</div>
<div>आज साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या बैंक की जिम्मेदारी नहीं रह गई है। यह प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी बन चुकी है। अधिकांश मामलों में ठग लोगों की तकनीकी कमजोरी का नहीं बल्कि उनकी भावनाओं, लालच, डर या जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। कोई व्यक्ति यदि अनजान लिंक पर क्लिक करता है, ओटीपी साझा करता है, स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करता है या फर्जी निवेश योजना में अधिक मुनाफे के लालच में पैसा लगाता है, तो वह स्वयं जोखिम बढ़ा देता है। इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।</div>
<div>सरकार और पुलिस प्रशासन भी लगातार लोगों को जागरूक करने के प्रयास कर रहे हैं। साइबर हेल्पलाइन 1930 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर ठगी होने के बाद पहला एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित तुरंत हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए तो रकम को फ्रीज कराने और रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है। दुर्भाग्यवश कई लोग शर्म, घबराहट या जानकारी के अभाव में शिकायत करने में देर कर देते हैं, जिससे अपराधियों को रकम निकालने का पर्याप्त समय मिल जाता है।</div>
<div>देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। सरकार कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दे रही है और करोड़ों लोग रोजाना ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय बनाना होगा। केवल नए साइबर थाने खोलना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली और बैंकिंग संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय भी जरूरी होगा। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने होंगे ताकि लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें।</div>
<div>वर्तमान समय में साइबर अपराध किसी महामारी से कम नहीं है। यह अपराध बिना हथियार, बिना हिंसा और बिना किसी भौतिक उपस्थिति के लोगों को आर्थिक रूप से तबाह कर रहा है। राजस्थान के आंकड़े इस बात की चेतावनी हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। आवश्यकता इस बात की है कि सरकार, पुलिस, बैंक, तकनीकी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर इस चुनौती का सामना करें। डिजिटल क्रांति तभी सफल मानी जाएगी जब लोगों का धन और उनका विश्वास दोनों सुरक्षित रहेंगे। अन्यथा साइबर ठगों का यह बढ़ता साम्राज्य आम जनता की मेहनत की कमाई को इसी तरह निगलता रहेगा और सुरक्षा तंत्र पर सवाल लगातार खड़े होते रहेंगे।</div>
<div>          *कांतिलाल मांडोत*</div>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:31:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता से साइबर ठगी के 3,800 रुपये पीड़ित को मिले वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong>  साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना महराजगंज तराई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 3,800 रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार ग्राम छतुवापुर निवासी मोहम्मद अफजल के भाई सलाउद्दीन का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। हैकर ने सलाउद्दीन बनकर अफजल से 3,800 रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने अपने भाई का समझकर भेज दिया। बाद में जानकारी होने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180965/due-to-the-promptness-of-maharajganj-terai-police-the-victim"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0508.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong> साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना महराजगंज तराई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 3,800 रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार ग्राम छतुवापुर निवासी मोहम्मद अफजल के भाई सलाउद्दीन का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। हैकर ने सलाउद्दीन बनकर अफजल से 3,800 रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने अपने भाई का समझकर भेज दिया। बाद में जानकारी होने पर पता चला कि व्हाट्सएप अकाउंट हैक किया गया था और उनके साथ साइबर ठगी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद पीड़ित ने 12 मई 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने पर थाना महराजगंज तराई की साइबर हेल्पडेस्क ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की और संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर आरोपी के खाते में पहुंची धनराशि को होल्ड करा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित बैंक को धनराशि वापस कराने के लिए एसओपी के अनुसार पत्राचार किया गया। बैंक द्वारा कार्रवाई करते हुए ठगी गई पूरी 3,800 रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रुपये वापस मिलने पर पीड़ित ने महराजगंज तराई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई में साइबर हेल्पडेस्क के उपनिरीक्षक आदित्य कुमार, आरक्षी धीरज तिवारी तथा आरक्षी अर्जुन प्रसाद वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 19:24:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर:वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच में सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा को ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को निलंबित करने तथा आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले की पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए इस कथित गबन ने वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर यह भी पता लगाने की तैयारी में है कि अनियमित भुगतान और सरकारी धन के दुरुपयोग में अन्य किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। यह मामला सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) खुनियांव द्वारा ग्राम पंचायत खखरा-खखरी, बगहवा, सिरसिया और तेलियाडीह के निरीक्षण के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट से उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए थे।जांच के अनुसार, ग्राम पंचायत खखरा-खखरी में आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और डस्टबिन इंस्टालेशन कार्यों में अनियमितता बरती गई। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए व्यक्ति को मिली बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> थाना उतरांव पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। इस सफलता से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में भी पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।</div>
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<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना उतरांव क्षेत्र के ग्राम सराय इस्माइल (सदरेपुर) निवासी रामचंद्र मिश्र, पुत्र स्वर्गीय रमाकांत मिश्र के बैंक खाते से दिनांक 21 जनवरी 2026 को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर कुल 1,47,000 रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173640/big-relief-to-person-who-became-victim-of-online-fraud"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0289.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> थाना उतरांव पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। इस सफलता से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में भी पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना उतरांव क्षेत्र के ग्राम सराय इस्माइल (सदरेपुर) निवासी रामचंद्र मिश्र, पुत्र स्वर्गीय रमाकांत मिश्र के बैंक खाते से दिनांक 21 जनवरी 2026 को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर कुल 1,47,000 रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260049192 है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत प्राप्त होते ही थाना उतरांव पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने संबंधित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ट्रांजेक्शन को ट्रैक करते हुए धनराशि को समय रहते होल्ड करवा दिया। लगातार प्रयासों और समन्वय के बाद पुलिस ने पूरी धनराशि को सुरक्षित रूप से वापस कराने में सफलता हासिल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिनांक 19 मार्च 2026 को पूरी 1,47,000 रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर रामचंद्र मिश्र और उनके परिजनों ने कमिश्नरेट प्रयागराज पुलिस तथा थाना उतरांव टीम का आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस सराहनीय कार्य में पुलिसकर्मी  उपनिरीक्षक विक्की प्रसाद उपनिरीक्षक मानवेंद्र प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही वहीं पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन से सतर्क रहें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत NCRP पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173640/big-relief-to-person-who-became-victim-of-online-fraud</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:13:31 +0530</pubDate>
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