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                <title>ऑपरेशन कायाकल्प - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ऑपरेशन कायाकल्प RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बेसिक शिक्षा विभाग की जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक सम्पन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[जिलाधिकारी ने विद्यालयों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के तार को हटाये  जाने के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182144/review-meeting-of-district-task-force-of-basic-education-department"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0075.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को संगम सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक मे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने  खण्ड शिक्षा अधिकारी करछना व कोरांव के द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने व बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">       बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा बताया गया कि शिक्षा विभाग के द्वारा पैसा जमा करने बावजूद भी 26 विद्यालयों में भवनों के ऊपर से हाइटेंशन तार का अभी तक शिफ्ट करने का कार्य नहीं कराया गया है, इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी एवं चेतावनी देते हुए सम्बंधित अधिशासी अभियंताओं को हाईटेंशन तार के शिफ्ट करने की कार्यवाही को शीघ्रता से सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की घटना घटित होती है, तो सम्बंधित अधिशासी अभियंता की पूर्ण जिम्मेदारी होगी और उनके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया जायेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी तरह से शिक्षा विभाग के द्वारा पैसा जमा करने के बावजूद भी 218 विद्यालयों में विद्युत संयोजन का कार्य अभी तक नहीं कराये जाने पर ने सम्बंधित अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी देते हुए विद्यालयों में विद्युत संयोजन के कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराये जाने का निर्देश दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने 01 जुलाई से 15 जुलाई तक चलने वाले दूसरे स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराये जाने  कोई भी बच्चा स्कूल जाने से छूटने न पाये। उन्होंने कहा कि कक्षा-5 एवं कक्षा-8 पास होने वाले विद्यार्थियों का क्रमशः कक्षा-6 एवं कक्षा-9 में अनिवार्य रूप से नामांकन सुनिश्चित कराया जाये। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नामांकन की कार्यवाही पोर्टल एप पर अपडेट भी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा नामांकन एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता न होकर शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाना होना चाहिए। जिलाधिकारी ने नए शैक्षिक सत्र के प्रारंभ होने पर विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन एवं पठन-पाठन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय-करछना तथा अन्य निर्माणाधीन विद्यालयों के कार्यों के प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था यूपीसिडको को निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय में निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए है। कायाकल्प योजना के अंतर्गत जिन विद्यालयों में कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कहा कि जिन कार्यों का निर्माण कार्य शुरू होना है उनके जल्द से जल्द जनपद प्रतिनिधियों से शिलान्यास  करा कर निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने आपरेशन कायाकल्प की समीक्षा करते हुए आपरेशन कायाकल्प के सभी 19 पैरामीटरों के संतृप्तीकरण किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने ब्लाकवार आपरेशन कायाकल्प के पैरामीटरों के संतृप्तीकरण की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में फर्नीचर, विद्युतीकरण, दिव्यांग शौचालय, बाउंड्रीवॉल सहित सभी कार्यों को पूर्ण कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के साथ-साथ विद्यालयों में छायादार पौधे लगाये जाने के भी निर्देश दिए है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिषदीय विद्यालयों में नवीन नामांकन की समीक्षा करते हुए सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नवीन नामांकन कराये जाने, पीएम श्री विद्यालयों में नवीन नामांकन में प्रगति लाये जाने तथा कक्षा-8 पास होने वाले छात्रों का कक्षा-9 में प्रवेश अवश्य सुनिश्चित करने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मध्यान्ह भोजन क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण तथा दिवस वार मीनू व मानक के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत निपुण प्लस एप पर फीडिंग कम पाये जाने वाले सम्बंधित खण्ड शिक्षा अधिकारियों को कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों एवं शैक्षिक नवाचारों से जोड़ते हुए शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला पंचायत राज्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी,  खंड शिक्षा अधिकारीगण, जिला समन्वयकसहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:33:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा का 'बाजार' या 'संस्कार'—दोषी कौन? व्यवस्था, समाज या मानसिकता?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बृजभूषण तिवारी </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहाँ हर पक्ष के पास अपने तर्क हैं और हर दिल में एक शिकायत। गोंडा से शुरू हुआ निजी स्कूलों के विरुद्ध आक्रोश आज पूरे प्रदेश की एक सामूहिक आवाज बन चुका है। लेकिन इस बहस के शोर में क्या हम उस बुनियादी सच को देख पा रहे हैं जो हमारी आँखों के सामने है? यह संपादकीय किसी का पक्ष लेने के लिए नहीं, बल्कि समाज और सरकार के सामने उस आईने को रखने के लिए है जिसमें हम सभी का चेहरा साफ दिखाई दे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1007446493.jpg" alt="शिक्षा का 'बाजार' या 'संस्कार'—दोषी कौन? व्यवस्था, समाज या मानसिकता?" width="294" height="196" /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>निजी</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175554/market-or-culture-of-education-which-system-is-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-8,-2026,-08_36_27-pm.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बृजभूषण तिवारी </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहाँ हर पक्ष के पास अपने तर्क हैं और हर दिल में एक शिकायत। गोंडा से शुरू हुआ निजी स्कूलों के विरुद्ध आक्रोश आज पूरे प्रदेश की एक सामूहिक आवाज बन चुका है। लेकिन इस बहस के शोर में क्या हम उस बुनियादी सच को देख पा रहे हैं जो हमारी आँखों के सामने है? यह संपादकीय किसी का पक्ष लेने के लिए नहीं, बल्कि समाज और सरकार के सामने उस आईने को रखने के लिए है जिसमें हम सभी का चेहरा साफ दिखाई दे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1007446493.jpg" alt="शिक्षा का 'बाजार' या 'संस्कार'—दोषी कौन? व्यवस्था, समाज या मानसिकता?" width="294" height="196"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>निजी स्कूलों की 'मजबूरी' बनाम 'मनमानी'</strong></div><div style="text-align:justify;">हमें धरातल की सच्चाई स्वीकार करनी होगी कि निजी स्कूल बिना किसी 'सरकारी ग्रांट' के चलते हैं। एक संस्थान को चलाने के लिए बिजली के भारी व्यावसायिक बिल, सुरक्षा मानक, आधुनिक लैब और सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन—यह सब एक विशाल आर्थिक बोझ है। यदि स्कूल प्रबंधन आर्थिक संतुलन नहीं बनाएगा, तो गुणवत्ता का गिरना तय है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">किन्तु, प्रश्न तब उठता है जब यह 'प्रबंधन' एक 'सिंडिकेट' का रूप ले लेता है। किताबों के नाम पर कमीशनखोरी, हर साल यूनिफॉर्म का बदल जाना और अभिभावकों को विशेष दुकानों का बंधक बनाना—यह 'मजबूरी' नहीं, बल्कि 'नैतिक पतन' है। निजी संस्थानों को समझना होगा कि वे समाज का निर्माण कर रहे हैं, किसी वस्तु का उत्पादन नहीं। मुनाफे की भूख जब शिक्षा की शुचिता को निगलने लगे, तो समाज का आक्रोश स्वाभाविक है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>समाज का विरोधाभास: विरोध की हुंकार, पर निजी का ही प्यार?</strong></div><div style="text-align:justify;">संपादकीय का सबसे तीखा सवाल उन अभिभावकों से है जो निजी स्कूलों की फीस पर तो सवाल उठाते हैं, लेकिन अपने ही क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक, जूनियर और एडेड विद्यालयों की ओर कदम बढ़ाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। सरकार ने करोड़ों खर्च कर 'ऑपरेशन कायाकल्प' के जरिए स्कूलों को संवारा है। वहां TET/CTET उत्तीर्ण उच्च शिक्षित शिक्षक तैनात हैं, जो योग्यता में किसी भी निजी स्कूल के शिक्षक से कहीं आगे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">फिर भी, एक चपरासी से लेकर बड़े अधिकारी तक का बच्चा निजी कॉन्वेंट की कतार में खड़ा है। जब तक समाज सरकारी व्यवस्था पर विश्वास नहीं जताएगा और वहां अपने बच्चों को नहीं भेजेगा, तब तक निजी स्कूलों का एकाधिकार (Monopoly) खत्म नहीं होगा। हम विरोध तो करते हैं, लेकिन विकल्प के तौर पर अपनी ही सरकारी व्यवस्था को अपनाने का साहस नहीं जुटा पाते।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>सरकार की जवाबदेही: नीति बनाम नीयत</strong></div><div style="text-align:justify;">सरकार के पास नियम तो कड़े हैं, पर उनका 'धरातल' पर उतरना अभी बाकी है। समय आ गया है कि उत्तर प्रदेश में एक ऐसा साहसी कानून बने कि "समस्त सरकारी सेवकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों के बच्चे अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में ही पढ़ेंगे।" सोचिए, जिस दिन जिलाधिकारी, बीएसए और पुलिस कप्तान का बच्चा टाट-पट्टी पर बैठकर सरकारी स्कूल में पढ़ेगा, उस दिन वहां की शिक्षा, पंखे, मिड-डे मील और ब्लैकबोर्ड की गुणवत्ता रातों-रात बदल जाएगी। जब व्यवस्था चलाने वालों का निजी हित व्यवस्था से जुड़ेगा, तभी वास्तविक क्रांति आएगी। बिना जवाबदेही के सरकारी स्कूल केवल 'गरीबों का ठिकाना' बनकर रह जाएंगे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>आईना हमारे सामने है</strong></div><div style="text-align:justify;">आज शिक्षा का स्तर बच्चे के 'पिता की जेब' तय कर रही है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। यदि हमें उत्तर प्रदेश के भविष्य को संवारना है, तो तीन स्तरों पर काम करना होगा:स्कूलों को: लाभ की सीमा तय करनी होगी और अनैतिक कमीशनखोरी बंद करनी होगी।समाज को: सरकारी स्कूलों पर भरोसा करना होगा और वहां के प्रबंधन से सवाल पूछने की हिम्मत जुटानी होगी।सरकार को: केवल निर्देश नहीं, बल्कि 'समान शिक्षा संहिता' लागू करनी होगी जहाँ अमीर और गरीब का बच्चा एक ही छत के  नीचे पढ़े। शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। यदि आज हमने इस आईने में अपनी कमियों को नहीं देखा, तो आने वाला कल हमें कभी माफ नहीं करेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 20:40:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्कूल चलो अभियान की सफलता के लिए शुरू हों ठोस प्रयास : खंड शिक्षा अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> विकास खंड गौरीगंज में खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह की अध्यक्षता में माह मार्च की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौरीगंज में किया गया। बैठक में बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने विशेष रूप से “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाने पर जोर देते हुए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें और ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करें।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174069/concrete-efforts-should-be-started-for-the-success-of-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1-9.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> विकास खंड गौरीगंज में खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह की अध्यक्षता में माह मार्च की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौरीगंज में किया गया। बैठक में बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। खंड शिक्षा अधिकारी ने विशेष रूप से “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाने पर जोर देते हुए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें और ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में 25 मार्च को  आयोजित होने वाले नवारंभ उत्सव को व्यवस्थित ढंग से दिए गए निर्देशों के क्रम में भव्य शानदार तरीके से मनाने के लिए निर्देश दिए गए। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत छात्रों के आकलन परिणामों की समीक्षा की गई तथा शिक्षण गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा हुई। साथ ही कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाओं, मूल्यांकन और अंकपत्र वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आगामी शैक्षिक सत्र के लिए स्कूल चलो अभियान, समर कैंप, बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त मिड-डे मील, छात्र उपस्थिति, आधार सत्यापन, स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प एवं अन्य शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने विद्यालयों में नवाचार एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दें, ताकि बच्चों की सीखने की क्षमता में गुणात्मक सुधार हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित समस्त शिक्षकों ने दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। बैठक में प्रमुख रूप से बद्री विशाल सिंह अरविंद विष्णु कांत पाठक हरिकेश यादव प्रमोद तिवारी विवेक शुक्ला आलोक तिवारी प्रमोद पांडे अश्विनी रविकांत महेश श्रीराम सुरेश कन्नौजिया प्रशांत आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 19:15:46 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षकों की मेहनत से संवर रहा  हैं  बच्चों का भविष्यः विधायक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़  ब्लाक संसाधन केंद्र  परिसर में गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं प्रधानाध्यापकों की ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा का खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र व‌ बैज लगाकर भव्य स्वागत किया गया।</div>
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<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं डोहरिया खुर्द विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173638/the-future-of-children-is-being-improved-by-the-hard"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773929937115.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> शोहरतगढ़  ब्लाक संसाधन केंद्र  परिसर में गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं प्रधानाध्यापकों की ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा का खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने माल्यार्पण, स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र व‌ बैज लगाकर भव्य स्वागत किया गया।</div>
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<div style="text-align:justify;">शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं डोहरिया खुर्द विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने संगोष्ठी में शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
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<div style="text-align:justify;">इसमें डीबीटी योजना के तहत अभिभावकों के खातों में भेजे गए 1200 रुपये के उपयोग, प्रेरणा पोर्टल, ऑपरेशन कायाकल्प एवं निपुण भारत मिशन जैसे मुद्दों पर चर्चा की। ब्लाक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कहा कि ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अभिभावकों को एसएमसी, आउट ऑफ स्कूल बच्चों, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा सहित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं के प्रति जागरूक करें।</div>
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<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा के उत्थान और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास पर जोर  दें रहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत से संवर  रहा हैं बच्चों का भविष्य, उन्होंने आगे बताया कि डीबीटी के तहत भेजे गए 1200 रुपये का उपयोग बच्चों के ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, बैग एवं स्टेशनरी खरीदने में किया जाना चाहिए।</div>
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<div style="text-align:justify;">साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों का मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जबकि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत विद्यालयों में सहायक शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। रामविलास यादव , लालजी यादव, रामदास मौर्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।इस अवसर पर रत्नेश सोनी,  हरीश वर्मा, रामदास मौर्य, मनोज यादव, तुलसीराम,मुस्तन शेरुल्लाह, सुजीत यादव आदि उपस्थित रहे,</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:11:18 +0530</pubDate>
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