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                <title>student achievement India - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>सीबीएसई बोर्ड परीक्षा मे इंडोरामा पब्लिक स्कूल के मेधावियों ने बढ़ाया विद्यालय एवं क्षेत्र का मान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कमरौली अमेठी।</strong> जनपद अमेठी के प्रतिष्ठित विद्यालयों मे शुमार इंडोरामा पब्लिक स्कूल औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर का सीबीएसई इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत  रहा और साइंस एवं कामर्स के सभी विद्यार्थियों ने फर्स्ट डिवीजन उत्तीर्ण होकर विद्यालय एवं परिवार सहित क्षेत्र का मान बढ़ाया वहीं मेधावियों के सम्मान समारोह मे प्रिंसिपल डॉ राघवेन्द्र द्विवेदी ने सभी विद्यालय टापरों को सम्मानित किया उक्त अवसर पर सामाजिक कार्यों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों मे उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्था कृष्णा जन कल्याण सेवा संस्थान रजिस्टर्ड के प्रबंधक समाजसेवी पी के तिवारी ने इंडोरामा पब्लिक स्कूल औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर पहुंचकर इस विशिष्ट उपलब्धि हेतु</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179266/the-meritorious-students-of-indorama-public-school-brought-honor-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/2-3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कमरौली अमेठी।</strong> जनपद अमेठी के प्रतिष्ठित विद्यालयों मे शुमार इंडोरामा पब्लिक स्कूल औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर का सीबीएसई इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत  रहा और साइंस एवं कामर्स के सभी विद्यार्थियों ने फर्स्ट डिवीजन उत्तीर्ण होकर विद्यालय एवं परिवार सहित क्षेत्र का मान बढ़ाया वहीं मेधावियों के सम्मान समारोह मे प्रिंसिपल डॉ राघवेन्द्र द्विवेदी ने सभी विद्यालय टापरों को सम्मानित किया उक्त अवसर पर सामाजिक कार्यों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों मे उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्था कृष्णा जन कल्याण सेवा संस्थान रजिस्टर्ड के प्रबंधक समाजसेवी पी के तिवारी ने इंडोरामा पब्लिक स्कूल औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर पहुंचकर इस विशिष्ट उपलब्धि हेतु प्रिंसिपल डॉ राघवेन्द्र द्विवेदी एवं समस्त स्टाफ की कुशल कार्यशैली एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एवं मेधावियों अनन्या मौर्या,सहज श्रीवास्तव,रिषभ शुक्ला, वैशाली सिंह, उमंग माहेश्वरी(विज्ञान वर्ग) एवं शुभी सिंह,अम्रत सिंह एवं मेहा राय(कामर्स)को प्रोत्साहित किया एवं उन सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपने वक्तव्य मे सभी होनहारों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और कहा कि विगत कई वर्षों से इंडोरामा पब्लिक स्कूल शिक्षा क्षेत्र मे उत्कृष्ट योगदान दे रहा है जो कि क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण है वहीं विद्यालय परिवार एवं मेधावियों ने समाजसेवी पी के तिवारी का धन्यवाद किया प्रिंसिपल डॉ राघवेन्द्र द्विवेदी एवं स्टाफ ने अपने वक्तव्य मे विद्यार्थियों की हौंसलाफजाई करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 21:41:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेधावियों ने लहराया सफलता का परचम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों में बिस्कोहर के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही स्तरों पर विद्यार्थियों ने जिले की टॉप-10 सूची में स्थान बनाया है। छेदीलाल इंटर कॉलेज के छात्र मोहम्मद हासिम ने हाईस्कूल में 94.17 प्रतिशत अंक पाकर जनपद में पांचवां स्थान प्राप्त किया। हासिम ने बताया कि वह नियमित रूप से देर रात और सुबह मिलाकर 8-10 घंटे पढ़ाई करते थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उनकी इस सफलता पर पिता गुलाम अहमद व परिजनों ने खुशी जताई है। वहीं, इंटरमीडिएट में सर्वोदय इंटर कॉलेज डोकम अमया की छात्रा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177165/the-brilliant-ones-hoisted-the-flag-of-success"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-9.46.18-pm.jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों में बिस्कोहर के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही स्तरों पर विद्यार्थियों ने जिले की टॉप-10 सूची में स्थान बनाया है। छेदीलाल इंटर कॉलेज के छात्र मोहम्मद हासिम ने हाईस्कूल में 94.17 प्रतिशत अंक पाकर जनपद में पांचवां स्थान प्राप्त किया। हासिम ने बताया कि वह नियमित रूप से देर रात और सुबह मिलाकर 8-10 घंटे पढ़ाई करते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनकी इस सफलता पर पिता गुलाम अहमद व परिजनों ने खुशी जताई है। वहीं, इंटरमीडिएट में सर्वोदय इंटर कॉलेज डोकम अमया की छात्रा श्रेया श्रीवास्तव ने 90.8 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले की मेरिट में जगह बनाई। श्रेया ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को दिया है। मेधावियों की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में जश्न का माहौल है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। जबकि अभिनव श्रीवास्तव 91.83 प्रतिशत, खुशी सोनी 86.20 प्रतिशत, प्रभावती देवी कन्या इंटर कालेज कोहडौरा आकृति श्रीवास्तवा 90.3 प्रतिशत हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:47:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोविड में मां-बाप का साया छिना, हौसला नहीं टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> विपरीत परिस्थितियां कई बार बच्चों के सपनों को थामने की कोशिश करती हैं, लेकिन बिठूर के रमेल नगर की गरिमा सिंह ने साबित कर दिया कि हौसला मजबूत हो तो मुश्किलें भी राह नहीं रोक पातीं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से आच्छादित गरिमा सिंह ने हाईस्कूल परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। स्कॉलर मिशन स्कूल की छात्रा गरिमा ने यह सफलता ऐसे समय में हासिल की है, जब वह बहुत कम उम्र में माता-पिता दोनों का साया खो चुकी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गरिमा के पिता अरविंद सिंह का निधन कोविड के दौरान हो गया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176805/parents-lost-their-shadow-in-covid-but-their-courage-did"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001848071.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> विपरीत परिस्थितियां कई बार बच्चों के सपनों को थामने की कोशिश करती हैं, लेकिन बिठूर के रमेल नगर की गरिमा सिंह ने साबित कर दिया कि हौसला मजबूत हो तो मुश्किलें भी राह नहीं रोक पातीं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से आच्छादित गरिमा सिंह ने हाईस्कूल परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। स्कॉलर मिशन स्कूल की छात्रा गरिमा ने यह सफलता ऐसे समय में हासिल की है, जब वह बहुत कम उम्र में माता-पिता दोनों का साया खो चुकी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गरिमा के पिता अरविंद सिंह का निधन कोविड के दौरान हो गया था, जबकि उनकी माता संगीता सिंह का देहांत इससे पहले ब्लड कैंसर के कारण हो चुका था। जीवन की इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी गरिमा ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पीएम केयर्स से मिली सहायता ने उसे सहारा दिया और इसी सहयोग के साथ उसने अपनी पढ़ाई लगातार जारी रखी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के अंतर्गत पात्र बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। यह राशि वर्ष में दो किस्तों में दी जाती है, जिसके तहत प्रत्येक छह माह पर 24 हजार रुपये एकमुश्त प्रदान किए जाते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं में सहयोग मिलता है। वहीं पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की राशि देने का प्रावधान है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाईस्कूल में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद गरिमा सिंह ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने उसे इस उपलब्धि पर बधाई दी और उत्साहवर्धन के लिए उपहार भी दिए। इस दौरान उसकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:09:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी स्कूल की बेटियों ने रचा इतिहास मेहनत और लगन से बदली सोच और बनाई नई पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">राजस्थान में इस बार बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम केवल अंकों का आंकड़ा नहीं रहा, बल्कि यह समाज की सोच को बदलने वाला एक प्रेरक संदेश बनकर सामने आया है। वर्षों से चली आ रही यह धारणा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र उच्च अंक प्राप्त नहीं कर सकते, इस बार पूरी तरह टूटती हुई नजर आई। खासकर बेटियों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से निखरती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नागौर जिले की छात्रा शांभवी सांदू ने कला वर्ग में 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174882/government-school-daughters-created-history-changed-their-thinking-through-hard"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">राजस्थान में इस बार बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम केवल अंकों का आंकड़ा नहीं रहा, बल्कि यह समाज की सोच को बदलने वाला एक प्रेरक संदेश बनकर सामने आया है। वर्षों से चली आ रही यह धारणा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र उच्च अंक प्राप्त नहीं कर सकते, इस बार पूरी तरह टूटती हुई नजर आई। खासकर बेटियों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से निखरती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नागौर जिले की छात्रा शांभवी सांदू ने कला वर्ग में 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह दिखा दिया कि सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने इतिहास, भूगोल और राजनीति जैसे विषयों में पूरे अंक प्राप्त कर अपनी योग्यता का परिचय दिया। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह उन सभी छात्रों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा है जो अब तक सरकारी स्कूलों को कमतर मानते आए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी प्रकार डेगाना की छात्रा नव्या कारेल ने विज्ञान वर्ग में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है। सीमित समय में पढ़ाई करते हुए उन्होंने रसायन और अंग्रेजी में पूरे अंक प्राप्त किए। उनके पिता किसान हैं, लेकिन इस आर्थिक साधारणता ने उनकी मेहनत को कभी कम नहीं किया। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सफलता के लिए महंगे साधनों की नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय की आवश्यकता होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नागौर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में इस बार बेटियों का दबदबा देखने को मिला। चाहे कला वर्ग हो, विज्ञान हो या वाणिज्य, हर क्षेत्र में छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अब बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि अब लड़कियां भी अपने सपनों को साकार करने में पूरी तरह सक्षम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकारी स्कूलों के प्रति समाज में जो नकारात्मक सोच बनी हुई थी, वह धीरे-धीरे बदल रही है। पहले लोग मानते थे कि अच्छे अंक केवल निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र ही ला सकते हैं, लेकिन इस बार के परिणाम ने यह भ्रम पूरी तरह तोड़ दिया। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन सफलताओं के पीछे केवल छात्रों की मेहनत ही नहीं, बल्कि शिक्षकों का समर्पण भी शामिल है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक सीमित संसाधनों में भी छात्रों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करते हैं। शांभवी जैसी छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और परिवार को दिया है। यह दर्शाता है कि एक मजबूत सहयोग प्रणाली छात्र के विकास में कितनी महत्वपूर्ण होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले इन छात्रों की कहानियां विशेष रूप से प्रेरणादायक हैं। कई छात्र ऐसे हैं जो रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाते हैं, फिर भी उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। यह दृढ़ता और संघर्ष ही उनकी सफलता की असली कुंजी है। ऐसे उदाहरण यह सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं, बल्कि उन्हें और मजबूत बनाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बेटियों की इस सफलता का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है। जब ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां उच्च अंक प्राप्त करती हैं, तो यह अन्य परिवारों को भी अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। इससे धीरे-धीरे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है और शिक्षा का स्तर ऊंचा उठता है। राजस्थान के इस शानदार परिणाम ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब शिक्षा का स्तर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। छोटे कस्बों और गांवों के छात्र भी अपनी प्रतिभा के दम पर राज्य स्तर पर पहचान बना रहे हैं। यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जागरूकता का परिणाम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन उपलब्धियों के पीछे छात्रों की नियमित दिनचर्या, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नव्या जैसी छात्राओं ने यह साबित किया कि लंबे समय तक पढ़ाई करने से ज्यादा जरूरी है सही तरीके से पढ़ाई करना। समय का सही उपयोग और आत्मविश्वास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज सरकारी स्कूलों के प्रति अपनी सोच बदले और उन्हें भी उतना ही महत्व दे जितना निजी स्कूलों को दिया जाता है। सरकार भी लगातार इन स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जिसका परिणाम अब सामने आने लगा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः यह कहा जा सकता है कि राजस्थान की बेटियों ने इस बार केवल परीक्षा में ही नहीं, बल्कि समाज की सोच में भी बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली इन बेटियों ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा हर जगह होती है, बस उसे पहचानने और निखारने की जरूरत होती है। यह सफलता केवल आज की उपलब्धि नहीं है, बल्कि आने वाले भविष्य की मजबूत नींव है। अब समय आ गया है कि हम इन बेटियों की मेहनत को सराहें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे देश और समाज का नाम और अधिक रोशन कर सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 17:44:23 +0530</pubDate>
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                <title>अर्पित ने आईआईटी में छियासवीं रैंक की सफलता का लहराया परचम, खुशी का माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज,प्रतापगढ़।</strong> आईआईटी जेएएम में मेधावी की सफलता पर गुरूवार को ननिहाल में खुशी का माहौल देखा गया। रायबरेली जिले के हटका उमरन निवासी अर्पित शुक्ला दिल्ली में पढ़ाई कर रहे हैं। अर्पित का लालगंज के दीवानी वार्ड में ननिहाल है। आईआईटी 2026 के परिणाम में अर्पित को ऑल इण्डिया स्तर पर 86वीं रैंक पर सफलता मिली है। मेधावी की सफलता पर परिजनों के साथ यहां उसके ननिहाल में भी खुशी का माहौल दिखा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मां वंदना,मामा एवं लालगंज संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल तिवारी महेश को लोगों ने अर्पित की सफलता पर शुभकामनाएं सौंपी। मेधावी की सफलता पर आल इण्डिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173618/arpit-raised-the-flag-of-success-of-sixty-sixth-rank-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0169.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज,प्रतापगढ़।</strong> आईआईटी जेएएम में मेधावी की सफलता पर गुरूवार को ननिहाल में खुशी का माहौल देखा गया। रायबरेली जिले के हटका उमरन निवासी अर्पित शुक्ला दिल्ली में पढ़ाई कर रहे हैं। अर्पित का लालगंज के दीवानी वार्ड में ननिहाल है। आईआईटी 2026 के परिणाम में अर्पित को ऑल इण्डिया स्तर पर 86वीं रैंक पर सफलता मिली है। मेधावी की सफलता पर परिजनों के साथ यहां उसके ननिहाल में भी खुशी का माहौल दिखा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मां वंदना,मामा एवं लालगंज संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल तिवारी महेश को लोगों ने अर्पित की सफलता पर शुभकामनाएं सौंपी। मेधावी की सफलता पर आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, ब्लाक प्रमुख इं. अमित प्रताप सिंह पंकज, वरिष्ठ अधिवक्ता राममिलन शुक्ल, अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी आदि ने अर्पित की सफलता को गौरवपूर्ण उपलब्धि कहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:57:32 +0530</pubDate>
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