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                <title>भ्रष्टाचार की शिकायत - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>भ्रष्टाचार की शिकायत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोनहटी बुजुर्ग में पानी और जलकुंभी के बीच चल रहा मनरेगा कार्य प्रधान सचिन और वीडियो की मिले भगत से</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
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<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180883/mnrega-work-going-on-amidst-water-and-hyacinth-in-sonhati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही है । </div>
<div> </div>
<div>मीडिया पड़ताल में पता चला कि ग्राम प्रधान हसीना बानों के द्वारा जिस तालाब की खुदाई व सफाई के नाम पर आनलाइन मस्टर रोल जारी करवाया गया है उस तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ से जलकुंभी जकड़ा हुआ है । ग्राम प्रधान हसीना बानों व महिला मेट रामावाती देवी उच्च अधिकारियों के आंख में धूल झोंककर मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में पूरी मस्त हैं इन लोगों को ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है ।</div>
<div> </div>
<div>बड़ा सवाल यह है जब तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ जलकुंभी जकड़ा हुआ है तो कैसे मनरेगा कार्य होता होगा ? आखिर मनरेगा साइड पर अपलोड फोटो की जांच क्यों नहीं हो रही है ? जो जांच का विषय बना हुआ है । सचिव, तकनीकी सहायक व मनरेगा एपीओ अपने-अपने कमीशन बाजी में मस्त हैं और मनरेगा फर्जीवाड़ा में जमकर सहयोग कर रहे हैं । अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में पानी से भरे तालाब के नाम पर जारी आनलाइन मस्टर रोल जीरों हो पाता है या नहीं ? अर्थात् बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव के लिए ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के मनरेगा भ्रष्टाचार को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
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<div class="adL"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:56:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाम परिवर्तन की फाइल एक साल सी लटकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिसवां सीतापुर नियम कहते हैं कि संपत्ति नामांतरण 15 से 30 दिन में पूरा हो जाना चाहिए। लेकिन बिसवां नगर पालिका में एक विधवा महिला की फाइल करीब एक साल से अटकी है। योगी सरकार की जीरो टालरेंस निति से बेखौफ बिसवां नगरपालिका में तैनात भ्रष्ट कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। जिससे एक विधवा महिला दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है।जो काम अधिकतम 90 दिनों में हो जाना चाहिए था।वह काम एक वर्ष की समय सीमा और हजारों खर्च के बाद भी पूरा नही किया गया आखिर क्यों ?</div>
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<div style="text-align:justify;">पीड़ित अय्यूब खान अपनी शिकायत मुख्यमंत्री को भेज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173616/name-change-file-pending-for-a-year"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिसवां सीतापुर नियम कहते हैं कि संपत्ति नामांतरण 15 से 30 दिन में पूरा हो जाना चाहिए। लेकिन बिसवां नगर पालिका में एक विधवा महिला की फाइल करीब एक साल से अटकी है। योगी सरकार की जीरो टालरेंस निति से बेखौफ बिसवां नगरपालिका में तैनात भ्रष्ट कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। जिससे एक विधवा महिला दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है।जो काम अधिकतम 90 दिनों में हो जाना चाहिए था।वह काम एक वर्ष की समय सीमा और हजारों खर्च के बाद भी पूरा नही किया गया आखिर क्यों ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित अय्यूब खान अपनी शिकायत मुख्यमंत्री को भेज कर यह आरोप लगाया है कि उसने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कर दिए थे, इसके बावजूद उसकी फाइल बार-बार किसी न किसी बहाने से आगे नहीं बढ़ाई जा रही है। कभी दस्तावेजों की जांच का हवाला दिया जाता है तो कभी संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित होने का कारण बताकर उसे टाल दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि उसके द्वारा कई बार नगर पालिका के चक्कर लगाये जा चुके है, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक साल बीत जाने के बाद भी नामांतरण की प्रक्रिया पूरी न होना, नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।तथा पटल के कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा करता हैं। एक तरफ तो प्रदेश की योगी सरकार द्वारा दाखिल खारिज प्रक्रिया को समय सीमा से पहले पूर्ण करने के आदेश निर्देश दिए जाते रहते हैं वहीं दूसरी ओर नगरपालिका परिषद बिसवां में जिम्मेदारों के भ्रष्टाचार के कारण न सिर्फ नामांतरण के लिए सुविधा शुल्क के नाम पर हजारों रूपये लिए जा रहे हैं। बल्कि एक वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद भी घोर लापरवाही दिखाते हुए नामान्तरण प्रक्रिया पूर्ण नही की जा सकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा पीड़ित की सम्पत्ति को राजकीय संपत्ति घोषित करने की धमकी तक दे दी जाती है।यह अपने आप में बड़ा सवाल है कि एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को किस अधिकार से पीड़ित से यह कहने का हौसला मिला कि तुम्हारी संपत्ति को राजकीय सम्पत्ति घोषित कर दिया जायेगा। क्या मान लिया जाए कि नगरपालिका बिसवां में तैनात कर्मचारी अपनी दबंगई के बल पर किसी भी सम्पत्ति को राजकीय संपत्ति में तब्दील कर सकते हैं ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से पटल के लिपिक का कार्य लिया जाना न्यायोचित है ? क्या नगरपालिका परिषद बिसवां में लिपिको का अकाल पड़ गया है। जो एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को टैक्स विभाग जैसे पटल का तथाकथित मुखिया बना दिया गया है ? सबसे बड़ा सवाल खबरों के प्रकाशन के बाद क्या जनपद के ईमानदार मुखिया जिलाधिकारी डा० राजा गणपति आर० इस मामले को संज्ञान लेकर किसी प्रकार की नजीर पेश करने वाली कार्यवाही करेंगे ?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:49:17 +0530</pubDate>
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