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                <title>जीरो टॉलरेंस नीति - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>जीरो टॉलरेंस नीति RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ परिचायात्मक बैठक कर दिये महत्वपूर्ण निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> नवागंतुक जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ परिचायात्मक बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिये। उन्होने बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। बैठक में उन्होंने पारदर्शी, संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर जोर देते हुए शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी निर्देशित किया कि बैठक में आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण खानापूर्ति न किया जाय बल्कि लाभार्थियों का फीडबैक प्राप्त कर शिकायतों का निस्तारण किया जाये जिससे शिकायतकर्ता सन्तुष्ट हो सके। उन्होने निर्देशित किया कि कार्यालयों में जनप्रतिनिधियों का रजिस्टर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178620/the-district-magistrate-held-an-introductory-meeting-with-the-officers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa0109.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> नवागंतुक जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ परिचायात्मक बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिये। उन्होने बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। बैठक में उन्होंने पारदर्शी, संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर जोर देते हुए शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी निर्देशित किया कि बैठक में आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण खानापूर्ति न किया जाय बल्कि लाभार्थियों का फीडबैक प्राप्त कर शिकायतों का निस्तारण किया जाये जिससे शिकायतकर्ता सन्तुष्ट हो सके। उन्होने निर्देशित किया कि कार्यालयों में जनप्रतिनिधियों का रजिस्टर एक अलग से बना लिया जाय जिसमें उनकी प्राप्त शिकायतों को अंकित कर शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके। उन्होने जनपद में ई-आफिस संचालन, जनगणना, सीएम डैशबोर्ड, जीरो टारलेन्स नीति के सम्बन्ध में विशेष दिशा निर्देश दिये।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने गौशाला, आशा एवं एएनएम के भुगतान, सामूहिक विवाह, पेंशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, शौचालय, ग्रामीण पुस्तकालय सहित आदि महत्वपूर्ण योजनाओं के सम्बन्ध में अधिकारियों से फीडबैक प्राप्त कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो पुस्तकालयों की स्थापना हुई है वहां पर सभी व्यवस्थायें यथा शौचालय, बिजली, पानी, नेट कनेक्टिविटी, यूपीएस आदि रहे जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निडर होकर नियमानुसार कार्य करें, किसी के दबाव में न आये और गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ अवश्य दे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर दिया। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आदित्य प्रजापति, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 20:23:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-32.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में वेंटिलेटर का टेंडर  </strong></h4><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">जीजा साले द्वारा इसी वेंटीलेटर के टेंडर को लूटने की योजना बनाई जा रही है इसी क्रम में जीजा साले  की जोड़ी द्वारा कोशिश की जा रही है कि कारपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण के पद पर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़  सिद्धार्थ सिंह की तैनाती की कराई जा सके, जिससे की इस वेंटीलेटर के टेंडर में पूरा खेल किया जा सके और अच्छे जीवन रक्षक उपकरण की जगह घटिया चीनी उत्पाद प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित किया जा सके और जनता को घटिया चीनी उपकरण के जरिये मौत के मुंह में धकेल कर जम कर लूट की जा सके, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-12.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="942" height="628"></img></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>जीजा साले की जोड़ी का चीनी उत्पाद से प्रेम</strong></h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के नाराजगी और वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद वेंटीलेटर के टेंडर में हलचल मची है ताज़ा प्रकरण में लूट के निशाने पर वेंटीलेटर का टेंडर है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221 के द्वारा प्रदेश के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जानी है, उक्त टेंडर में 11 कंपनियों ने प्रतिभाग किया है जिसमे से एक कंपनी जीजा साले की HEIDELCO MEDICORE PVT LTD है, वैसे तो अधिकांश टेंडरों में HEIDELCO MEDICORE PVT LTD कंपनी अपने आप को उपकरण निर्माता बताती रही या फिर अपने आपको POCT SERVICES का अधिकृत वितरक, परन्तु इस टेंडर में कुछ नया ही खेल खेला जा रहा है, HEIDELCO MEDICORE PVT LTD ने अपने आपको SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH  का अधिकृत वितरक दिखाया है और वेंटीलेटर का मॉडल TOPNOTCH TV 15 है,</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय कंपनी की आड़ और चीनी वेंटीलेटर</strong></h4><p style="text-align:justify;">घटिया चीनी उपकरण को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में खपाने की कवायद कुछ इस प्रकार से की जा रही है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221  में कंपनी SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH द्वारा खुद को वेंटीलेटर का निर्माता बताया है, परन्तु असली निर्माता कंपनी SHENZHEN MINDRAY BIO MEDICAL ELECTRONICS COMPANY LIMITED  है, और SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH घटिया चीनी वेंटीलेटर को फ़र्ज़ी लेबल लगाकर भारतीय उपकरण दिखाकर जीजा साले द्वारा,  HEIDELCO MEDICORE PVT LTD,LUCKNOW  कंपनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अस्पतालों में सप्लाई करके बड़ी लूट की तैयारी है और उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरण के द्वारा मौत के मुहं में धकेलने की तैयारी है, लेकिन इनको नहीं पता है की वेंटीलेटर की खरीद पर उच्च न्यायालय की पैनी नज़र है, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="909" height="606"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>चीन प्रेम और साइंस हाउस मेडिकल्स भोपाल का हश्र</strong><br /> <br />अभी हाल में ही अपने चीन प्रेम के कारन और चीनी घटिया जीवन रक्षक उत्पाद को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सप्लाई करने के कारन कुख्यात जीजा साले की जोड़ी के सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PVT LTD BHOPAL के निदेशक जीतेन्द्र तिवारी, सुनैना तिवारी, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ जेल में है और अब   लगता है की फर्जीवाड़ा करने के कारन और जीजा साले की जोड़ी से संबंधों के कारन SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH कंपनी के निदेशक हेमंत सिंगला, वीणा जॉली, अंकुर मंगला, नवदीप सिंगला भी अपने कर्मचारियों के साथ जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं, आश्चर्यजनक यह हैं की मात्र तीन वर्ष पुरानी कंपनी वेंटीलेटर और एनेस्थीसिया जैसे बड़ी मशीनों की निर्माता बन गयी हैं I जीजा साले की जोड़ी को फायदा पहुंचने के लिए उज्जवल कुमार द्वारा वेंटीलेटर के स्पेसिफिकेशन्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का पक्ष</strong></h4><p style="text-align:justify;">इस वेंटीलेटर के टेंडर के प्रकरण में संवाददाता द्वारा जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो मेडिकल कारपोरेशन द्वारा टेंडर में नामित बायर देवव्रत कुमार आर्य द्वारा स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता को बताया गया  की मेडिकल कारपोरेशन चीनी उपकरण नहीं खरीदता है और यदि वेंटीलेटर के टेंडर में कोई उपकरण या कंपनी चीनी पाया जाता है तो उस निविदा को निरस्त किया जायेगा  </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>बृजेश पाठक की जिम्मेदारी योगी की जीरो टॉलरेंस नीति</strong></h5><p style="text-align:justify;">वेंटीलेटर के टेंडर में हो रहा है इस खेल को रोकने की पूरी पूरी जिम्मेदारी बृजेश पाठक की है क्योंकि सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और जिनकी भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की नीति है, अतः इस नीति का पूरी तरीके से पालन कराना बृजेश पाठक की जिम्मेदारी है विभागीय मंत्री होने के नाते, चुनावी वर्ष है इसलिए सरकार को हर कदम अपना फूंक फूंक कर  रखना होगा ताकि जनता में उचित संदेश जाए इमानदारी का, इस चुनावी वर्ष में कोई भी व्यक्ति शातिर दलालों के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं चाहेगा<br /> <br /><strong>अगले अंक में वेंटीलेटर टेंडर में लूट और जीजा साले के चीन प्रेम पर खुलासा .......</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:20:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p>  </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-2.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p> </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589"></img></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी और प्रबंधक उपकरण रहे सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति की तैयारी चल रही है l </p>
<p>सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह वर्तमान में असम सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन में वरिष्ठ प्रबंधक उपकरण के पद पर तैनात हैं और बिहार सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन से भर्ष्टाचार में बर्खास्त कर्मचारी हैं,  बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन में वर्ष 2014 में हुए उपकरण घोटाले में सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह,  उज्जवल कुमार और उनके बॉस त्रिपुरारी कुमार बर्खास्त हुए थे, उक्त घोटाले में आठ कर्मचारी बर्खास्त हुए थे और वहां भी यह लोग सरकार की बजाय शातिर दलालों के साथ काम करते रहे थे l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-4.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="869" height="579"></img></p>
<p>हमेशा घोटाले में लिप्त रहने वाले और शातिर दलालों को फायदा पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह का शातिर दलालों के साथ गठजोड़ बहुत पुराना है, सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन में प्रबंधक उपकरण के पद पर थे, तब उनके भ्रष्टाचार की गाथाएं मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी,  कठोर कार्रवाई होने के डर से सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन की नौकरी से इस्तीफा देकर आसाम भाग गया था l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-3.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="1200" height="800"></img></p>
<p>भष्टाचार के कारन महाप्रन्धक उपकरण उज्जवल कुमार की विदाई के बाद शातिर दलालों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर अपने खास व्यक्ति की नियुक्ति कराने  का खेल चल रहा है, जिससे कि प्रदेश के अस्पतालों में घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति शातिर दलालों द्वारा बाजार दर से कई गुना अधिक दर पर की जा सके और जमकर लूट मचाकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त किया जा सके, </p>
<p> प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इसका संज्ञान लेना होगा अगर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति महाप्रबंधक उपकरण के पद पर होती है तो यह सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लंघन होगा</p>
<p><strong>अगले अंक में नए घोटाले के खुलासे के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम...........</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
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                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 07:31:31 +0530</pubDate>
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                <title>05 माह बीतने के बाद भी वरिष्ठ सहायिका के भ्रष्टाचार की नही हो पाई निष्पक्ष जांच</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> कैबिनेट मंत्री के निर्देश के बाद भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नही हो पा रही है जिसको लेकर जिले में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही हैं ।सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच में AD स्वास्थ्य बस्ती मण्डल बस्ती ने पूर्व में लीपापोती किया था । AD स्वास्थ्य पूर्व जिलाधिकारी के द्वारा दिये गये जांच को ठेंगा दिखाने से कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं जांच मिलने के 05 माह बीत जाने के बाद भी जांच पूर्ण नही हो पाई है अर्थात् जांच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173590/even-after-5-months-a-fair-investigation-could-not-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260318-wa0076.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> कैबिनेट मंत्री के निर्देश के बाद भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नही हो पा रही है जिसको लेकर जिले में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही हैं ।सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच में AD स्वास्थ्य बस्ती मण्डल बस्ती ने पूर्व में लीपापोती किया था । AD स्वास्थ्य पूर्व जिलाधिकारी के द्वारा दिये गये जांच को ठेंगा दिखाने से कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं जांच मिलने के 05 माह बीत जाने के बाद भी जांच पूर्ण नही हो पाई है अर्थात् जांच के नाम पर बड़ा खेल करने की तैयारी में AD स्वास्थ्य जुटे हुए थे अपनी अपनी मंशा भी पूर्ण कर चुके हैं । पूर्व जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने दिनांक -16-10-2025 को AD स्वास्थ्य को जांच सौंपी थी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी बस्ती कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के भ्रष्टाचार को लेकर अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री श्रम एवं सेवायोजन , समन्वय विभाग उत्तर प्रदेश से शिकायत 05 माह पहले हुई थी और सीएमओ कार्यालय में जमकर भ्रष्टाचार करने वाली वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग की गई थी । कैबिनेट मंत्री को दिये शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय बस्ती में कई वर्षों से लगातार कार्यरत है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मिलीभगत से एक ही पटल पर अंगद की तरह पैर जमाई हुई है और भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि इनके द्वारा किसी भी कार्य के लिए बिना 20 प्रतिशत हिस्सा लिये एवं बिना 10 बार कार्यालय के चक्कर लगाये कोई भी कार्य नहीं किया जाता है तथा आये दिन अनेकों लोग इनके जाल में फंस कर शिकार हो रहे हैं इसके साथ-साथ यह है कि वर्ष 2024 में अवनी परिधि कम्पनी द्वारा निकाले गये आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती में इनके द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से नियुक्ति की गयी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जिससे सरकार की साफ सुथरी छवि धूमिल हो रही है। सरकार की जीरो टोलरेन्स नीति के तहत इनके पटल चिकित्सा पूर्ति भुगतान एवं आउटसोर्सिंग का चार्ज वापस लेते हुए जांच कराना न्याय हित में आवश्यक है जिससे इनके द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को रोका जा सके। अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री श्रम एवं सेवायोजन , समन्वय विभाग उत्तर प्रदेश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया था । पूर्व जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की जांच AD स्वास्थ्य को दिया था लेकिन AD स्वास्थ्य डा० अश्विनी कुमार ने लीपापोती कर जांच आख्या प्रस्तुत कर मामले को रफा- दफा कर दिया है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कनिज फातिमा के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच न होने पर कैबिनेट मंत्री ने दोबारा 05 मार्च को पत्र भेजकर जिलाधिकारी बस्ती को जांच सौंपी है । जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने उक्त प्रकरण की जांच करने के लिए दिनांक - 18-03-2025 को एडी हेल्थ को दोबारा जांच करने के लिए निर्देश दिया है । अब देखना यह है कि वरिष्ठ सहायिका कनिज फातिमा के निष्पक्ष जांच हो पाती है या पहले की तरह लेन - देन करके मामले को रफा-दफा कर दिया जायेगा ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:16:00 +0530</pubDate>
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