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                <title>Agriculture News India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने राष्ट्रपति के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज ।</strong> भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में बुधवार को तहसील नवाबगंज में राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई कि प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह सहित किसानों पर दर्ज 11 मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए तथा नकली खाद, नकली बीज और नकली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183442/bharatiya-kisan-union-tikait-submitted-a-7-point-memorandum-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1+2.------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज ।</strong> भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में बुधवार को तहसील नवाबगंज में राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई कि प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह सहित किसानों पर दर्ज 11 मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए तथा नकली खाद, नकली बीज और नकली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान यूनियन ने आवारा पशुओं से हो रहे सड़क हादसों और किसानों की फसलों के नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने की मांग की। ज्ञापन में अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा मंदिरों में आने वाले चंदे का उपयोग गोशालाओं के निर्माण एवं गौसेवा में किए जाने का सुझाव भी दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा चीनी मिलों द्वारा किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई। ज्ञापन में विशेष रूप से बरेली जिले की बहेड़ी शुगर मिल और नवाबगंज की ओसवाल शुगर मिल द्वारा किसानों का लंबित भुगतान जल्द दिलाने की मांग उठाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र को नुकसान हो सकता है। संगठन ने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करते हुए इस विषय पर पुनर्विचार करने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाजिला प्रभारी चंद्रप्रकाश गंगवार सहित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अनेक पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:08:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : बरसात के साथ  तेज हवा से खेतों में बिछी गेहूं की फसल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> इटवा तहसील क्षेत्र के आसपास के इलाकों में तीन  दिनों से  मौसम खराब होने के कारण  तेज हवाओं के साथ गरज-चमक शुरू हुई और झमाझम बारिश होन से  गेहूं का फसल गिर कर बर्बाद हो गया।बरसात ने  जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बेमौसम बरसात और हवा ने  ईट भट्टों व किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में फसल तैयार खड़ी गेहूं और सरसों व मटर, मसूर की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कही-कहीं पर छोटे छोटे ओले भी पड़े हैं उससे सरसों, मटर, मसूर आदि का  नुकसान हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रवि फसल  के सहारे लडकी, लड़कों का शादी</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173860/siddharthnagar-wheat-crop-scattered-in-fields-due-to-rain-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1774186129846.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> इटवा तहसील क्षेत्र के आसपास के इलाकों में तीन  दिनों से  मौसम खराब होने के कारण  तेज हवाओं के साथ गरज-चमक शुरू हुई और झमाझम बारिश होन से  गेहूं का फसल गिर कर बर्बाद हो गया।बरसात ने  जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बेमौसम बरसात और हवा ने  ईट भट्टों व किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में फसल तैयार खड़ी गेहूं और सरसों व मटर, मसूर की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कही-कहीं पर छोटे छोटे ओले भी पड़े हैं उससे सरसों, मटर, मसूर आदि का  नुकसान हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रवि फसल  के सहारे लडकी, लड़कों का शादी करने वाले थे। कई गांवों के किसानों का हाल पूछिए जैसे नावडीह, दखिनहवा सिकन्दरपुर ,शीतल भीटा, सिंगार जोत,बिस्कोहर व बूढ़ी खास,खरिकवा गांव निवासी छांगुर, मंत्रराम , मुरली, रमई व दिवाकर ने बताया कि तेज हवा के कारण हमारे खेत में लगी गेहूं की फसल गिरकर जमीन पर बिछ गई है। जो कि सिकंदरपुर दाखिन्हवा के प्रधान प्रतिनिधि रामफेर यादव किसानों का कहना है कि फसल गिरने से अब पैदावार प्रभावित होगी और बुआई से लेकर खाद-पानी तक का सारा खर्च डूब गया ।</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 19:16:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने बढ़ाई किसानों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">गुजरात में अचानक बदले मौसम ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। गुरुवार को राज्य के अनेक जिलों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधियों, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने ऐसा रूप लिया कि कई स्थानों पर हालात किसी छोटे तूफान जैसे प्रतीत हुए। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी रबी फसलों के लिए यह किसी आपदा से कम नहीं रहा। विशेष रूप से उस समय जब गेहूं, चना, जीरा और सौंफ जैसी फसलें कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173803/unseasonal-rain-and-strong-storm-increased-farmers-worries"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/749bb5fd-9819-4ca1-934f-c65e06696b05_1759760607963.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">गुजरात में अचानक बदले मौसम ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। गुरुवार को राज्य के अनेक जिलों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधियों, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने ऐसा रूप लिया कि कई स्थानों पर हालात किसी छोटे तूफान जैसे प्रतीत हुए। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी रबी फसलों के लिए यह किसी आपदा से कम नहीं रहा। विशेष रूप से उस समय जब गेहूं, चना, जीरा और सौंफ जैसी फसलें कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी थीं, इस तरह की बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्ज की गई वर्षा ने यह स्पष्ट कर दिया कि मौसम ने व्यापक रूप से असर डाला है। अमरेली जिले की बगसरा तहसील में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि सुरेंद्रनगर के चोटीला, राजकोट शहर और जूनागढ़ की भैंसाण तहसील में भी लगभग डेढ़ इंच तक पानी गिरा। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हुई। दिनभर में कुल बहत्तर तहसीलों में वर्षा दर्ज होना इस बात का संकेत है कि यह बदलाव केवल सीमित क्षेत्र तक नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में इसका प्रभाव दिखाई दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राजकोट में तो स्थिति और भी गंभीर रही, जहां केवल एक घंटे की तेज बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, होर्डिंग्स गिर गए और कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। इसी प्रकार जामनगर में धूल भरी आंधी के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को काफी कठिनाई हुई। कई जगहों पर सौर ऊर्जा पैनल उड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे संपत्ति का नुकसान भी हुआ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पाटण जिले के सांतलपुर और समी क्षेत्रों में तूफानी हवाओं ने भारी तबाही मचाई। कई मकानों के छप्पर उड़ गए और दीवारें गिर गईं, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। छोटे रण क्षेत्र में रहने वाले अगरिया समुदाय को भी बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा, क्योंकि नमक उत्पादन प्रभावित हुआ और सौर ऊर्जा उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। यह केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन और आजीविका पर सीधा प्रहार है जो पहले से ही सीमित संसाधनों के सहारे जीवन यापन करते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">महेसाणा, वडोदरा और जूनागढ़ सहित अन्य जिलों में भी तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी खबरें सामने आईं, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका और बढ़ गई है। ओले गिरने से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे किसानों को बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में यह स्थिति किसानों के लिए दोहरी मार साबित होती है।एक ओर उत्पादन घटता है और दूसरी ओर आय भी कम हो जाती है।</div><div style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार इस अचानक बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की भूमिका है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> इन कारणों से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आंधी की स्थिति बनी। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले चौबीस घंटों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है और कुछ क्षेत्रों में इक्कीस मार्च तक बेमौसम बारिश जारी रह सकती है। विशेष रूप से बनासकांठा, पाटण, साबरकांठा, कच्छ और दक्षिण गुजरात के क्षेत्रों में इस प्रकार की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">किसानों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि रबी फसलों की कटाई का दौर चल रहा होता है। महीनों की मेहनत के बाद जब फसल तैयार होती है, तभी इस तरह का मौसम उनकी सारी उम्मीदों को झटका दे देता है। बारिश के कारण कटाई में देरी होती है, फसल भीग जाती है और कई बार पूरी तरह खराब हो जाती है। इसके अलावा तेज हवाओं से फसलें गिर जाती हैं, जिससे कटाई और भी कठिन हो जाती है। इससे उत्पादन में कमी आती है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसम परिवर्तन अब पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रहे हैं, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकते हैं। बदलते मौसम के इस स्वरूप ने खेती को पहले से अधिक जोखिम भरा बना दिया है। ऐसे में किसानों को नई तकनीकों और सावधानियों को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि वे इस प्रकार की परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकें। कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम की जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखें।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इस तरह की प्राकृतिक घटनाओं के सामने मानव प्रयास सीमित ही साबित होते हैं, लेकिन समय पर चेतावनी और सावधानी से नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह बेमौसम बारिश और आंधी केवल एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि यह एक संकेत है कि मौसम का स्वरूप बदल रहा है और इसके प्रभाव दूरगामी हो सकते हैं। किसानों की चिंता इस बात को लेकर है कि यदि इसी प्रकार का मौसम बार-बार होता रहा, तो उनकी आय और जीवन दोनों पर इसका गहरा असर पड़ेगा। इसलिए आवश्यक है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अंततः कहा जा सकता है कि गुजरात में आया यह मौसम परिवर्तन केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमें अपने पर्यावरण और कृषि प्रणाली को अधिक मजबूत और अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठाने होंगे। किसानों की सुरक्षा और उनके भविष्य को सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है, क्योंकि वही हमारे अन्नदाता हैं और उनकी समृद्धि में ही पूरे समाज की समृद्धि निहित है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:01:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऋतुराज बसंत की बासंती सौंदर्य की निखर रही है प्राकृतिक सुषमा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड, झारखण्ड:-</strong>    पिछले दिनों प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में हुई हल्की वर्षा से इन दिनों मौसम सुहाना होता दिख रहा है। हालांकि पाकुड़िया के आसमान पर यदा-कदा हल्के घने सफेद बादलों और धूप में 'आंख मिचौली' भी होती दिख रही है। विगत दिनों हुई हल्की वर्षा से भारी क्षति होने की सूचना नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं प्रखण्ड के किसानों ने पूछने पर बताया कि इससे फसलों को नुकसान नहीं हुआ बल्कि आम फसल को लाभ होता दिख रहा है।ज्ञात हो इस साल भी पिछले वर्ष की तरह आम की फसल अच्छी होने की संभावना है यदि मौसम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173488/natural-sushma-is-shining-with-spring-beauty-of-rituraj-basant"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/news-15.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड, झारखण्ड:-</strong>  पिछले दिनों प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में हुई हल्की वर्षा से इन दिनों मौसम सुहाना होता दिख रहा है। हालांकि पाकुड़िया के आसमान पर यदा-कदा हल्के घने सफेद बादलों और धूप में 'आंख मिचौली' भी होती दिख रही है। विगत दिनों हुई हल्की वर्षा से भारी क्षति होने की सूचना नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं प्रखण्ड के किसानों ने पूछने पर बताया कि इससे फसलों को नुकसान नहीं हुआ बल्कि आम फसल को लाभ होता दिख रहा है।ज्ञात हो इस साल भी पिछले वर्ष की तरह आम की फसल अच्छी होने की संभावना है यदि मौसम अनुकूल रहे तब। कृषकों ने कहा कि जिस प्रकार घने सफेद बादल छाए रहे तथा बिजली भी कड़कती रही, उससे लगा कि वर्षा अधिक होगी तो खेतों में पड़े सरसों और पक रही गेहूं फसल को क्षति होती और महुआ फसल भी प्रभावित होता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हल्की बारिश से वृक्षों की डालियों में नई पत्तियां निकलने से फिलहाल मौसम सुहाना होता दिख रहा है। समाचार संप्रेषण करने तक पाकुड़िया के आकाश पर घने सफेद बादल छाए रहे जिससे वर्षा होने की संभावना देखी गई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 18:36:48 +0530</pubDate>
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