<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/58706/transparency" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>पारदर्शिता - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/58706/rss</link>
                <description>पारदर्शिता RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में मण्डलायुक्त पेयजल आपूर्ति, गड्ढों की मरम्मत व जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश - </strong>मण्डलायुक्त विन्ध्यांचल मण्डल राजेश प्रकाश ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित फ्लैगशिप कार्यक्रमों एवं जन शिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। मण्डलायुक्त ने हर घर को नल से जल योजना की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से निर्देशित किया कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान जहां-जहां गड्ढे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178125/divisional-commissioner-reviews-repair-of-drinking-water-supply-pits-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001566887-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश - </strong>मण्डलायुक्त विन्ध्यांचल मण्डल राजेश प्रकाश ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित फ्लैगशिप कार्यक्रमों एवं जन शिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। मण्डलायुक्त ने हर घर को नल से जल योजना की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से निर्देशित किया कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान जहां-जहां गड्ढे खोदे गए हैं, उनकी मरम्मत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों एवं सड़कों की खराब स्थिति के कारण आमजन को होने वाली असुविधा को गंभीरता से लिया जाए तथा इसे शीघ्र ठीक कराया जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है, वहां इसकी गुणवत्ता, नियमितता एवं प्रभावशीलता की जांच के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की जाए। यह टीम गांवों का स्थलीय भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि निरीक्षण के लिए जाने वाली टीम अपने भ्रमण कार्यक्रम की पूर्व सूचना संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवश्य उपलब्ध कराए। मण्डलायुक्त ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी, जिसमें अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), अधिशासी अभियन्ता जल निगम तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए और उसका त्वरित निस्तारण किया जाए। बैठक में पेंशन योजनाओं की भी समीक्षा की गई, मण्डलायुक्त ने निर्देशत किया कि लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों की गंभीरता से जांच की जाए। यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि या कमी पाई जाती है, तो संबंधित आवेदक को तत्काल सूचित किया जाए, ताकि वह समय रहते सुधार कर सके और योजना का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। मण्डलायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता एवं समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान प्रदान किया जाए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मण्डलायुक्त को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर सभी विभाग समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाएंगे और जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।</div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे रोहित यादव, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178125/divisional-commissioner-reviews-repair-of-drinking-water-supply-pits-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178125/divisional-commissioner-reviews-repair-of-drinking-water-supply-pits-and</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:36:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/1001566887-%281%29.jpg"                         length="259126"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-32.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में वेंटिलेटर का टेंडर  </strong></h4><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">जीजा साले द्वारा इसी वेंटीलेटर के टेंडर को लूटने की योजना बनाई जा रही है इसी क्रम में जीजा साले  की जोड़ी द्वारा कोशिश की जा रही है कि कारपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण के पद पर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़  सिद्धार्थ सिंह की तैनाती की कराई जा सके, जिससे की इस वेंटीलेटर के टेंडर में पूरा खेल किया जा सके और अच्छे जीवन रक्षक उपकरण की जगह घटिया चीनी उत्पाद प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित किया जा सके और जनता को घटिया चीनी उपकरण के जरिये मौत के मुंह में धकेल कर जम कर लूट की जा सके, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-12.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="942" height="628"></img></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>जीजा साले की जोड़ी का चीनी उत्पाद से प्रेम</strong></h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के नाराजगी और वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद वेंटीलेटर के टेंडर में हलचल मची है ताज़ा प्रकरण में लूट के निशाने पर वेंटीलेटर का टेंडर है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221 के द्वारा प्रदेश के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जानी है, उक्त टेंडर में 11 कंपनियों ने प्रतिभाग किया है जिसमे से एक कंपनी जीजा साले की HEIDELCO MEDICORE PVT LTD है, वैसे तो अधिकांश टेंडरों में HEIDELCO MEDICORE PVT LTD कंपनी अपने आप को उपकरण निर्माता बताती रही या फिर अपने आपको POCT SERVICES का अधिकृत वितरक, परन्तु इस टेंडर में कुछ नया ही खेल खेला जा रहा है, HEIDELCO MEDICORE PVT LTD ने अपने आपको SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH  का अधिकृत वितरक दिखाया है और वेंटीलेटर का मॉडल TOPNOTCH TV 15 है,</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय कंपनी की आड़ और चीनी वेंटीलेटर</strong></h4><p style="text-align:justify;">घटिया चीनी उपकरण को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में खपाने की कवायद कुछ इस प्रकार से की जा रही है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221  में कंपनी SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH द्वारा खुद को वेंटीलेटर का निर्माता बताया है, परन्तु असली निर्माता कंपनी SHENZHEN MINDRAY BIO MEDICAL ELECTRONICS COMPANY LIMITED  है, और SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH घटिया चीनी वेंटीलेटर को फ़र्ज़ी लेबल लगाकर भारतीय उपकरण दिखाकर जीजा साले द्वारा,  HEIDELCO MEDICORE PVT LTD,LUCKNOW  कंपनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अस्पतालों में सप्लाई करके बड़ी लूट की तैयारी है और उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरण के द्वारा मौत के मुहं में धकेलने की तैयारी है, लेकिन इनको नहीं पता है की वेंटीलेटर की खरीद पर उच्च न्यायालय की पैनी नज़र है, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="909" height="606"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>चीन प्रेम और साइंस हाउस मेडिकल्स भोपाल का हश्र</strong><br /> <br />अभी हाल में ही अपने चीन प्रेम के कारन और चीनी घटिया जीवन रक्षक उत्पाद को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सप्लाई करने के कारन कुख्यात जीजा साले की जोड़ी के सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PVT LTD BHOPAL के निदेशक जीतेन्द्र तिवारी, सुनैना तिवारी, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ जेल में है और अब   लगता है की फर्जीवाड़ा करने के कारन और जीजा साले की जोड़ी से संबंधों के कारन SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH कंपनी के निदेशक हेमंत सिंगला, वीणा जॉली, अंकुर मंगला, नवदीप सिंगला भी अपने कर्मचारियों के साथ जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं, आश्चर्यजनक यह हैं की मात्र तीन वर्ष पुरानी कंपनी वेंटीलेटर और एनेस्थीसिया जैसे बड़ी मशीनों की निर्माता बन गयी हैं I जीजा साले की जोड़ी को फायदा पहुंचने के लिए उज्जवल कुमार द्वारा वेंटीलेटर के स्पेसिफिकेशन्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का पक्ष</strong></h4><p style="text-align:justify;">इस वेंटीलेटर के टेंडर के प्रकरण में संवाददाता द्वारा जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो मेडिकल कारपोरेशन द्वारा टेंडर में नामित बायर देवव्रत कुमार आर्य द्वारा स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता को बताया गया  की मेडिकल कारपोरेशन चीनी उपकरण नहीं खरीदता है और यदि वेंटीलेटर के टेंडर में कोई उपकरण या कंपनी चीनी पाया जाता है तो उस निविदा को निरस्त किया जायेगा  </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>बृजेश पाठक की जिम्मेदारी योगी की जीरो टॉलरेंस नीति</strong></h5><p style="text-align:justify;">वेंटीलेटर के टेंडर में हो रहा है इस खेल को रोकने की पूरी पूरी जिम्मेदारी बृजेश पाठक की है क्योंकि सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और जिनकी भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की नीति है, अतः इस नीति का पूरी तरीके से पालन कराना बृजेश पाठक की जिम्मेदारी है विभागीय मंत्री होने के नाते, चुनावी वर्ष है इसलिए सरकार को हर कदम अपना फूंक फूंक कर  रखना होगा ताकि जनता में उचित संदेश जाए इमानदारी का, इस चुनावी वर्ष में कोई भी व्यक्ति शातिर दलालों के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं चाहेगा<br /> <br /><strong>अगले अंक में वेंटीलेटर टेंडर में लूट और जीजा साले के चीन प्रेम पर खुलासा .......</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:20:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg"                         length="53403"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11.17 करोड़ के खर्च पर सवाल: अभिलेख न देने पर 18 सचिवों का वेतन रोका, जमीनी हकीकत पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/bhrastachar.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा किया गया, जिसमें कई स्थानों पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। समिति ने इसे गंभीर मानते हुए धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई और रिपोर्ट विभाग को भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कई बार नोटिस व पत्राचार के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न करने पर डीपीआरओ लालजी दूबे ने 18 सचिवों के मार्च माह के वेतन पर रोक लगा दी है और स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इधर, क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पूरे मामले को लेकर जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य केवल कागजों में ही दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में मौके पर कार्य अधूरे या न के बराबर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल-वाउचर के जरिए भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभागीय आंकड़ों के अनुसार खर्च की गई कुल धनराशि 11.17 करोड़ रुपये है, लेकिन अभिलेख प्रस्तुत न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसमें से कितनी राशि का वास्तविक और सत्यापित हिसाब उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्थानीय स्तर पर अब मामले की निष्पक्ष जांच और जमीनी सत्यापन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:44:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/bhrastachar.jpg"                         length="181790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        