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                <title>पारदर्शिता - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>पारदर्शिता RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भाजपा सरकार प्रदेश के लिए संकट, सत्ता परिवर्तन से ही होगा समाधान : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184537/crisis-for-bjp-government-in-the-state-will-be-solved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-02-at-19.00.11.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ समझौता कर यह आश्वासन दिया था कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और न ही उनका उत्पीड़न होगा। लेकिन अब छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यदि सरकार अपने वादों पर कायम नहीं रहती तो जनता का विश्वास कमजोर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फतेहपुर की घटना का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां विद्यालय के बच्चों ने केवल पीने के पानी और कक्षाओं में पंखे लगाने जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग की थी। जब उनकी मांग स्वीकार कर ली गई, तब बच्चों और उनके परिवारों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करेंगे तथा किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का दावा करने वाली सरकार को पहले सरकारी विद्यालयों में बिजली, पानी, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना था कि विकास के बड़े दावों के बीच शिक्षा व्यवस्था की आधारभूत जरूरतें अब भी पूरी नहीं हो सकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में भ्रष्टाचार और भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले के कई महत्वपूर्ण सरकारी तालाबों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेश में बने विभिन्न एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना था कि कई परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आईं और कुछ स्थानों पर सड़कें उद्घाटन के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने इसे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की कमी का उदाहरण बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने अयोध्या से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों में भी पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का दमन उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वे निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उनके अनुसार सरकारें बदलती रहती हैं, इसलिए अधिकारियों को किसी राजनीतिक दबाव में आकर कार्य नहीं करना चाहिए और कानून के अनुसार निष्पक्ष निर्णय लेने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पेपर लीक के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रश्न के उत्तर में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को 'यश भारती सम्मान' प्रदान किया जाता था और भविष्य में भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की परंपरा जारी रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं का समाधान, पारदर्शी शासन, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, युवाओं को रोजगार और कानून का निष्पक्ष पालन सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जनहित के प्रश्नों पर संघर्ष जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 19:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग की एक सशक्त पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184375/chief-ministers-mass-marriage-scheme-a-powerful-initiative-for-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता, सादगी और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देती है।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है। इसके अंतर्गत सरकार एक ही स्थान पर कई जोड़ों का सामूहिक विवाह कराती है, जिससे विवाह में होने वाला अनावश्यक खर्च कम होता है। इसके साथ ही यह योजना दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><br />वहीं, गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, विवाह में सादगी को बढ़ावा देना, दहेज प्रथा पर रोक लगाना, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जो इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती हैं। इसमें पात्र को अब रू0 1 लाख तक (जिसमें रू० 35,000-रू0 60,000 नकद, रू0 10,000 रू0 25,000 का सामान, और शेष आयोजन खर्च के लिए) आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।</p>
<p><br />यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। सामूहिक आयोजन में विवाह समारोह एक ही स्थान पर कई जोड़ों के साथ आयोजित किया जाता है। इसमें सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का ध्यान रखा जाता है। राज्य सरकार द्वारा दुल्हन को विवाह के लिए आवश्यक सामग्री जैसे कपड़े, आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ आदि भी उपलब्ध कराई जाती हैं।</p>
<p><br />यह योजना सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुली है, जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड के अंतर्गत आवेदक राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, परिवार की आय निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए, विवाह योग्य आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21वर्ष) पूरी होनी चाहिए, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (BPL या अन्य श्रेणी) में आता हो इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अनेक सामाजिक और आर्थिक लाभ हैं जैसे-गरीब परिवारों को विवाह के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वे आर्थिक संकट से बच जाते हैं। सामूहिक विवाह के कारण दहेज की मांग स्वतः कम हो जाती है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस योजना के तहत सभी वर्गों के लोग एक साथ विवाह करते हैं, जिससे भेदभाव कम होता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। यह योजना भव्यता के बजाय सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करती है।</p>
<p><br />इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाला है। पहले जहां गरीब परिवार अपनी बेटियों के विवाह के लिए चिंतित रहते थे, अब उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प मिल गया है। यह योजना सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। सामूहिक विवाह में दहेज की परंपरा कम हो जाती है। विभिन्न जाति और धर्म के लोग एक मंच पर आते हैं। आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर होती है।</p>
<p><br />व्यापक प्रचार-प्रसार, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल भुगतान, समाज में जागरूकता अभियान चलाना इस योजना की महत्वपूर्ण चुनौतियां एवं सुझाव हैं। निसंदेह, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक ऐसी पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समानता स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, तो यह समाज में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।</p>
<p><br />अंततः यह योजना "सादगी, समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित एक प्रेरणादायक कदम है, जो न केवल गरीब परिवारों के लिए सहारा है बल्कि पूरे समाज के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत करती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:15:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटी पेपर लीक विधेयक को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद में मंजूर मिल गयी। विपक्ष का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं होगा तब तक आप कितने भी कठिन कानून बना लें उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस विधेयक के मुताबिक अगर पेपर लीक मामले में कोई पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ 50 लाख तक का जुर्माना और 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। नीट पेपर लीक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184373/anti-paper-leak-bill-approved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/rajeev.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद में मंजूर मिल गयी। विपक्ष का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं होगा तब तक आप कितने भी कठिन कानून बना लें उसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस विधेयक के मुताबिक अगर पेपर लीक मामले में कोई पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ 50 लाख तक का जुर्माना और 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है। देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। नीट पेपर लीक मामले पर सीजेपी के आंदोलन के बाद केन्द्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भर्ती परीक्षाएं और प्रवेश परीक्षाएं पेपर लीक की वजह से रद्द करनी पड़ीं। इससे न केवल अभ्यर्थियों का समय और धन बर्बाद हुआ, बल्कि सरकारी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एंटी पेपर लीक विधेयक लाया, जिसे संसद की मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप दिया गया। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। यह कानून संगठित परीक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान करता है। पेपर लीक क्यों बना राष्ट्रीय चिंता का विषय?</p>
<p style="text-align:justify;"><br />भारत में हर वर्ष करोड़ों युवा सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए विभिन्न परीक्षाएं देते हैं। कई परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने से परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन ईमानदार अभ्यर्थियों को हुआ, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की थी। पेपर लीक केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास पर हमला है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और योग्य उम्मीदवारों के अवसर प्रभावित होते हैं। इस कानून में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं- सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने, खरीदने, बेचने या प्रसारित करने को गंभीर अपराध माना गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />संगठित गिरोहों और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर लंबी अवधि की कारावास और भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की गई है।इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रश्नपत्र लीक करने वालों पर भी समान रूप से कार्रवाई होगी। जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की गहन जांच के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। युवाओं को क्या मिलेगा लाभ? यदि कानून का प्रभावी ढंग से पालन किया गया तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।<br />परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी। योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा। भर्ती प्रक्रियाओं में देरी कम हो सकती है। परीक्षा माफियाओं के नेटवर्क पर अंकुश लगेगा। युवाओं का सरकारी संस्थाओं पर विश्वास मजबूत होगा। क्या केवल कानून बनाना पर्याप्त है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कठोर कानून बना देने से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। इसके साथ-साथ कई अन्य सुधार भी आवश्यक हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने और सुरक्षित रखने की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए।</p>
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><br />डिजिटल सुरक्षा को मजबूत किया जाए। परीक्षा केंद्रों की निगरानी तकनीकी माध्यमों से हो। परीक्षा कर्मचारियों का उचित सत्यापन किया जाए।<br />समयबद्ध जांच और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए। यदि कानून का क्रियान्वयन कमजोर रहा, तो कठोर दंड का भी अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्यों की भूमिका अधिकांश भर्ती परीक्षाएं राज्य सरकारें आयोजित करती हैं। इसलिए राज्यों को भी अपनी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाना होगा। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से ही इस कानून का पूरा लाभ मिल सकेगा। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि कानून का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो। जांच निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। इसके अलावा, साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।<br />एंटी पेपर लीक विधेयक को संसद से मंजूरी मिलना देश की परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह संदेश देता है कि सरकार परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। हालांकि, किसी भी कानून की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। यदि सरकार, परीक्षा एजेंसियां, जांच संस्थाएं और राज्य प्रशासन मिलकर इस कानून को ईमानदारी से लागू करें, तो लाखों युवाओं का विश्वास बहाल हो सकता है और प्रतियोगी परीक्षाएं वास्तव में निष्पक्ष एवं पारदर्शी बन सकती हैं। अंततः किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्ष चयन प्रणाली होती है, और उसे सुरक्षित रखना सरकार तथा समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:12:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183613/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 20:59:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ नगर निगम में बड़ा खेल ? जोनल अधिकारियों पर निजी ऑपरेटरों के जरिए राजस्व व्यवस्था प्रभावित करने के गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>विपिन शुक्ला लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के नगर निगम में कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ जोनों में अधिकृत कर्मचारियों की बजाय निजी अथवा कार्यदायी संस्था से जुड़े कर्मियों से कंप्यूटर पर राजस्व संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे विभागीय नियमों, डेटा सुरक्षा और राजस्व प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य संवेदनशील माना जाता है क्योंकि इसके माध्यम से कर निर्धारण, बिलिंग, डेटा फीडिंग और राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों का संचालन होता है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183431/big-game-in-khanau-municipal-corporation-zonal-officers-accused-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-15-at-21.49.58.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>विपिन शुक्ला लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के नगर निगम में कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ जोनों में अधिकृत कर्मचारियों की बजाय निजी अथवा कार्यदायी संस्था से जुड़े कर्मियों से कंप्यूटर पर राजस्व संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे विभागीय नियमों, डेटा सुरक्षा और राजस्व प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य संवेदनशील माना जाता है क्योंकि इसके माध्यम से कर निर्धारण, बिलिंग, डेटा फीडिंग और राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों का संचालन होता है। ऐसे कार्य सामान्यतः अधिकृत कर्मचारियों द्वारा किए जाने चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जोन-3 को लेकर भी सवाल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों का दावा है कि जोन-3 में कंप्यूटर फीडिंग का दायित्व लिपिक राजीव जैन को सौंपा गया है। हालांकि, यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि उन्हें इस कार्य का पर्याप्त तकनीकी अनुभव नहीं है। इसी कारण एक कार्यदायी संस्था का कर्मचारी कथित तौर पर महत्वपूर्ण कंप्यूटर प्रणाली पर बैठकर काम कर रहा है। यदि ऐसा है, तो यह विभागीय प्रक्रिया और जवाबदेही दोनों पर सवाल खड़े करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नियमों के पालन पर उठे सवाल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जानकारों का कहना है कि यदि पूरे नगर निगम के सभी जोनों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई स्थानों पर ऐसे निजी या बाहरी कर्मियों के कार्य करने की स्थिति सामने आ सकती है। इससे राजस्व रिकॉर्ड की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित होने की आशंका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जांच की उठी मांग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में नगर निगम के अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की मांग उठ रही है कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति से राजस्व संबंधी कार्य कराया जा रहा है, तो उसकी अनुमति किस स्तर से दी गई और उसकी जवाबदेही किसकी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 21:55:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को किया संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-21.04.24.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी विजन दस्तावेज 2026-31, सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा श्रम बाजार और अनौपचारिक उद्यमों से जुड़े प्रथम शहर स्तरीय अनुमानों के प्रकाशन की सराहना की। साथ ही प्रोफेसर अरूप बोस को सुखात्मे राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर बधाई भी दी।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के नए आधार वर्ष पर कार्य</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत की बदलती अर्थव्यवस्था को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) तथा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) सहित प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों को नए आधार वर्ष के साथ अद्यतन किया जा रहा है। इससे नीति निर्माण और आर्थिक विश्लेषण अधिक प्रभावी होगा।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>प्रशासनिक आंकड़े बनेंगे राष्ट्रीय संपदा</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश में तेजी से हुए डिजिटल परिवर्तन के कारण प्रशासनिक आंकड़ों का विशाल भंडार तैयार हुआ है, जिसे रणनीतिक राष्ट्रीय संपदा के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इन आंकड़ों का उपयोग बेहतर योजनाएं बनाने, लक्षित सेवा वितरण सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित एवं परस्पर संगत डेटा इकोसिस्टम विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि डेटा साझाकरण के दौरान गोपनीयता, सुरक्षा और निजता के उच्चतम मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>सांख्यिकीय प्रणाली में व्यापक सुधार</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने व्यापक सुधार अभियान चलाया है। विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर 216 सुधारों को स्वीकार कर समयबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत नए सर्वेक्षण, कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI), जिला स्तरीय अनुमान, उच्च आवृत्ति वाले सर्वेक्षण और आंकड़ों के शीघ्र प्रकाशन जैसी कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं।</p><p style="text-align:justify;">साथ ही राष्ट्रीय मेटाडेटा संरचना 2.0, ओपन एपीआई, ई-सांख्यिकी, जीओआईस्टेट्स, पैमाना तथा ई-साक्षी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं, जो डेटा की उपलब्धता, पारस्परिक संगतता और रियल टाइम गवर्नेंस को मजबूत करेंगे।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एआई के उपयोग में जिम्मेदार शासन जरूरी</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सांख्यिकीय विश्लेषण और नीति निर्माण में नई संभावनाएं लेकर आई है, लेकिन इसके उपयोग के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा की स्वतंत्रता बनाए रखते हुए ही एआई का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित होगा विकसित भारत</strong></h3><p style="text-align:justify;">अपने संबोधन के समापन में डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर ही संभव है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की सही गणना और किसी को भी पीछे न छोड़ने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सांख्यिकीय प्रणाली गुणवत्ता, गोपनीयता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के उच्च मानकों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन का भविष्य साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया में निहित है और भारत इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:02:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असिस्टेंट कमिश्नर जनरल रमनजीत ने सेवा केंद्र, फर्द केंद्र और सब रजिस्ट्रार ऑफिस का सरप्राइज चेक किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नवांशहर, </strong>सरकारी ऑफिसों में लोगों को दी जाने वाली सर्विसेज़ की क्वालिटी और समय पर डिलीवरी पक्का करने के लिए, असिस्टेंट कमिश्नर जनरल रमनजीत ने आज डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के निर्देशों पर सेवा केंद्र, फर्द केंद्र और सब रजिस्ट्रार ऑफिस का सरप्राइज चेक किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">चेक के दौरान, असिस्टेंट कमिश्नर जनरल ने अटेंडेंस रजिस्टर, सर्विस देने का टाइम फ्रेम, स्टाफ की मौजूदगी और ऑफिस के रिकॉर्ड को ध्यान से चेक किया। उन्होंने कंप्यूटर, बायोमेट्रिक सिस्टम और कंप्लेंट बॉक्स के काम करने के तरीके को भी टेस्ट किया। सेवा केंद्र में अलग-अलग सर्टिफिकेट और स्कीमों के लिए अप्लाई करने के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181213/assistant-commissioner-general-ramanjit-checked-the-surprise-of-seva-kendra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000905496.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नवांशहर, </strong>सरकारी ऑफिसों में लोगों को दी जाने वाली सर्विसेज़ की क्वालिटी और समय पर डिलीवरी पक्का करने के लिए, असिस्टेंट कमिश्नर जनरल रमनजीत ने आज डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के निर्देशों पर सेवा केंद्र, फर्द केंद्र और सब रजिस्ट्रार ऑफिस का सरप्राइज चेक किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चेक के दौरान, असिस्टेंट कमिश्नर जनरल ने अटेंडेंस रजिस्टर, सर्विस देने का टाइम फ्रेम, स्टाफ की मौजूदगी और ऑफिस के रिकॉर्ड को ध्यान से चेक किया। उन्होंने कंप्यूटर, बायोमेट्रिक सिस्टम और कंप्लेंट बॉक्स के काम करने के तरीके को भी टेस्ट किया। सेवा केंद्र में अलग-अलग सर्टिफिकेट और स्कीमों के लिए अप्लाई करने के प्रोसेस का रिव्यू किया गया। इस मौके पर, असिस्टेंट कमिश्नर जनरल ने काम करवाने आए आम लोगों से बातचीत की और सर्विसेज़ मिलने के उनके अनुभव के बारे में जाना। लोगों ने असिस्टेंट कमिश्नर को बताया कि उन्हें अपना काम करवाने में कोई दिक्कत नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी ब्रोकर के जाल में न फंसें और सर्विस के लिए तय फीस ही जमा करें। असिस्टेंट कमिश्नर जनरल रमनजीत ने संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आने वाले हर व्यक्ति के साथ सम्मान से पेश आया जाए और सर्विस तय समय में दी जाए। उन्होंने कहा कि ऑफिस में सर्विस चार्ट और फीस लिस्ट साफ-साफ दिखाई जानी चाहिए। इस मौके पर संबंधित डिपार्टमेंट के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फोटो कैप्शन: असिस्टेंट कमिश्नर जनरल रमनजीत सेवा केंद्र, फर्द केंद्र की चेकिंग के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181213/assistant-commissioner-general-ramanjit-checked-the-surprise-of-seva-kendra</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कलेक्ट्रेट परिसर सरपतहाँ में मल्टीपरपज हॉल का डीएम ने किया लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>कलेक्ट्रेट परिसर सरपतहाँ स्थित चकबंदी विभाग के कार्मिकों के उपयोग हेतु निर्मित मल्टीपरपज हॉल का लोकार्पण मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा किया गया। लगभग 30.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस भवन का निर्माण भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) द्वारा कराया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लोकार्पण अवसर पर जिलाधिकारी ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यालय में अभिलेखों एवं पत्रावलियों का सुव्यवस्थित ढंग से रख-रखाव किया जाए तथा सभी कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न हों। उन्होंने कहा कि कार्यालय की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आमजन को किसी प्रकार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179186/dm-inaugurated-multipurpose-hall-in-collectorate-complex-sarpatahan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>कलेक्ट्रेट परिसर सरपतहाँ स्थित चकबंदी विभाग के कार्मिकों के उपयोग हेतु निर्मित मल्टीपरपज हॉल का लोकार्पण मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा किया गया। लगभग 30.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस भवन का निर्माण भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) द्वारा कराया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकार्पण अवसर पर जिलाधिकारी ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यालय में अभिलेखों एवं पत्रावलियों का सुव्यवस्थित ढंग से रख-रखाव किया जाए तथा सभी कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न हों। उन्होंने कहा कि कार्यालय की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आमजन को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और शासन की मंशा के अनुरूप जनसुविधाओं को प्राथमिकता मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में स्वच्छता, अनुशासन एवं अभिलेखों के बेहतर रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं दक्षता के साथ करने की अपेक्षा व्यक्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कुंवर विरेन्द्र मौर्य, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह, उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर एवं बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी भदोही भान सिंह, उप कार्यपालक अधिकारी बीड़ा श्रीमती अनीता देवी, चकबन्दी अधिकारी ज्ञानपुर राज कुमार वर्मा, चकबन्दी अधिकारी भदोही राकेश कुमार सिंह सहित समस्त चकबन्दी स्टाफ उपस्थित रहा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 20:34:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को लेकर एएसपी ने की समीक्षा बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने पुलिस कार्यालय में जनपद के समस्त थानों के आईजीआरएस कर्मचारियों एवं नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच अधिकारी शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा निस्तारण के बाद आवेदकों से फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न होकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में आईजीआरएस सेल प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178671/asp-held-review-meeting-regarding-disposal-of-igrs-complaints"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने पुलिस कार्यालय में जनपद के समस्त थानों के आईजीआरएस कर्मचारियों एवं नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच अधिकारी शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा निस्तारण के बाद आवेदकों से फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न होकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में आईजीआरएस सेल प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 21:42:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना ऊंज का किया अर्धवार्षिक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं थाना स्तर की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बुधवार की रात थाना ऊंज का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अपराध रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, जीडी रजिस्टर, हथियार रजिस्टर एवं वाहन रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। अभिलेखों की प्रविष्टियों की जांच करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र एवं महिला हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। मालखाने में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178484/additional-superintendent-of-police-conducted-half-yearly-inspection-of-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260507-wa00321.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं थाना स्तर की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बुधवार की रात थाना ऊंज का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अपराध रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, जीडी रजिस्टर, हथियार रजिस्टर एवं वाहन रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। अभिलेखों की प्रविष्टियों की जांच करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र एवं महिला हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। मालखाने में रखे सामान, सीलबंद सामग्री तथा शस्त्रागार में हथियारों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। वहीं मिशन शक्ति केंद्र में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निस्तारण एवं काउंसलिंग व्यवस्था का जायजा लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने थाना परिसर, बैरक एवं भोजनालय की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए। लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए विवेचकों को गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में रात्रि गश्त, पैदल गश्त एवं वाहन गश्त को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिसकर्मी आमजन से संवाद स्थापित करें तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा थाना परिसर में खड़े लावारिस एवं मुकदमाती वाहनों की सूची तैयार कर नियमानुसार शीघ्र नीलामी प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा कि थाना स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही ही जनता के विश्वास को मजबूत करती है तथा प्रत्येक थाना मॉडल थाने की तरह कार्य करे, जिससे जनपद में अपराधमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित हो सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:16:52 +0530</pubDate>
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