<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/58699/notice" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>नोटिस - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/58699/rss</link>
                <description>नोटिस RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पास्को एक्ट के वांछित अभियुक्त के घर धारा 84 की नोटिस चस्पा।              </title>
                                    <description><![CDATA[<p>चुनार मीरजापुर</p>
<p>संवाददाता अनिल मिश्रा</p>
<p>मीरजापुर। मुकदमा अपराध संख्या 474 /2025 धारा 65(1)/ 351(3)भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता  व 5ठ/ 6 पास्को एक्ट में वांछित अभियुक्त आलम  पुत्र अब्दुल्ला निवासी ग्राम भरेहठा थाना चुनार जनपद मिर्जापुर मुकदमा उपरोक्त में गिरफ्तार न होने और न ही हाजिर अदालत होने के कारण</p>
<p>अभियुक्त के विरुद्ध माननीय न्यायालय के के आदेश के अनुपालन में अभियुक्त के  हाजिर अदालत करने की उद्घोषणा अंतर्गत धारा 84 बीएन एस एस की कार्रवाई करवाई अभियुक्त के घर पर व सार्वजनिक स्थान बिजली के पोल प्राथमिक विद्यालय भरेहठा पर अपराध निरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सदानंद सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179054/a-notice-under-section-84-of-the-pocso-act-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0157.jpg" alt=""></a><br /><p>चुनार मीरजापुर</p>
<p>संवाददाता अनिल मिश्रा</p>
<p>मीरजापुर। मुकदमा अपराध संख्या 474 /2025 धारा 65(1)/ 351(3)भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता  व 5ठ/ 6 पास्को एक्ट में वांछित अभियुक्त आलम  पुत्र अब्दुल्ला निवासी ग्राम भरेहठा थाना चुनार जनपद मिर्जापुर मुकदमा उपरोक्त में गिरफ्तार न होने और न ही हाजिर अदालत होने के कारण</p>
<p>अभियुक्त के विरुद्ध माननीय न्यायालय के के आदेश के अनुपालन में अभियुक्त के  हाजिर अदालत करने की उद्घोषणा अंतर्गत धारा 84 बीएन एस एस की कार्रवाई करवाई अभियुक्त के घर पर व सार्वजनिक स्थान बिजली के पोल प्राथमिक विद्यालय भरेहठा पर अपराध निरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सदानंद सिंह व हेड कांस्टेबल सतीश सिंह यादव व रिक्रूट आरक्षी परवेज अहमद ग्राम प्रधान व ग्रामीणों  की मौजूदगी में माननीय न्यायालय के आदेश की कार्रवाई डुगडुगी बजाकर धारा 84 बीएन एस एस का आदेश चस्पा कर संपन्न की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179054/a-notice-under-section-84-of-the-pocso-act-was</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179054/a-notice-under-section-84-of-the-pocso-act-was</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 19:18:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260512-wa0157.jpg"                         length="109828"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Mirzapur Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11.17 करोड़ के खर्च पर सवाल: अभिलेख न देने पर 18 सचिवों का वेतन रोका, जमीनी हकीकत पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/bhrastachar.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा किया गया, जिसमें कई स्थानों पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। समिति ने इसे गंभीर मानते हुए धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई और रिपोर्ट विभाग को भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कई बार नोटिस व पत्राचार के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न करने पर डीपीआरओ लालजी दूबे ने 18 सचिवों के मार्च माह के वेतन पर रोक लगा दी है और स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इधर, क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पूरे मामले को लेकर जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य केवल कागजों में ही दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में मौके पर कार्य अधूरे या न के बराबर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल-वाउचर के जरिए भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभागीय आंकड़ों के अनुसार खर्च की गई कुल धनराशि 11.17 करोड़ रुपये है, लेकिन अभिलेख प्रस्तुत न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसमें से कितनी राशि का वास्तविक और सत्यापित हिसाब उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्थानीय स्तर पर अब मामले की निष्पक्ष जांच और जमीनी सत्यापन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:44:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/bhrastachar.jpg"                         length="181790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        