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                <title>राजनीतिक बयान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>राजनीतिक बयान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीस पार्टी छोड़ AIMIM में शामिल हुए हकीक़ुल्लाह खान, गैंसड़ी से ‘लाला भाई’ होंगे मजलिस के उम्मीदवार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पचपेड़वा/बलरामपुर।</strong> महाराष्ट्र से आए पीस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हकीक़ुल्लाह खान उर्फ लाला भाई ने प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ आधिकारिक रूप से एआईएमआईएम (मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की सदस्यता ग्रहण कर ली। सदस्यता ग्रहण करने के बाद गैंसड़ी विधानसभा क्षेत्र पहुँचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पार्टी द्वारा गैंसड़ी विधानसभा सीट से लाला भाई को मजलिस का प्रत्याशी घोषित किए जाने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में लाला भाई ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में आम जनता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179695/haqiqullah-khan-left-peace-party-and-joined-aimim-lala-bhai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260520-wa0590.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पचपेड़वा/बलरामपुर।</strong> महाराष्ट्र से आए पीस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हकीक़ुल्लाह खान उर्फ लाला भाई ने प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ आधिकारिक रूप से एआईएमआईएम (मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की सदस्यता ग्रहण कर ली। सदस्यता ग्रहण करने के बाद गैंसड़ी विधानसभा क्षेत्र पहुँचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पार्टी द्वारा गैंसड़ी विधानसभा सीट से लाला भाई को मजलिस का प्रत्याशी घोषित किए जाने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में लाला भाई ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और समाज में अस्थिरता का माहौल है। उन्होंने कहा कि सरकार का पहला दायित्व गरीबों को आवास और युवाओं को रोजगार देना होना चाहिए, लेकिन आज गरीबों के आशियानों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने हाल ही में अधिवक्ताओं के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वकीलों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। साथ ही सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों, शिक्षकों, पत्रकारों और अधिवक्ताओं पर कार्रवाई कराई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लाला भाई ने पेपर लीक और नीट जैसी परीक्षाओं के परिणाम रद्द होने की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। वहीं बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की समस्या को लेकर भी सरकार को घेरा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हकीक़ुल्लाह खान ने कहा कि मजलिस का हर कार्यकर्ता देशहित और जनहित के लिए काम करता है तथा आगे भी जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और क्षेत्रीय समस्याओं को संगठित रूप से उठाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सिराज शेख, नगर अध्यक्ष नदीम अहमद गजनवी, जिला महासचिव मकसूद खान, जिला सचिव इरशाद खान, शोयब कमर खान, अख्तर हुसैन, फिरोज अहमद, मैराज क्रांतिकारी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाध्यक्ष सिराज अहमद ने दावा किया कि मजलिस वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश की 400 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 20:47:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव ने राजकुमार भाटी की लगाई क्लास,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179534/akhilesh-yadav-took-rajkumar-bhatis-class"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download5.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी को तलब किया. प्रदेश मुख्यालय राजकुमार भाटी की क्लास लगाई.</div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे सामाजिक सद्भाव का आचरण करें. अपनी भाषा और व्यवहार में संतुलन और संयम बरतें. ऐसी कोई बात न करें जिससे अपने को अपमानित या आहत महसूस करे. उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाकर ही सामाजिक न्याय के राज की स्थापना की जा सकती है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी को एकजुट रहना होगा.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सामाजिक नीति में सबका सम्मान निहित है. पीडीए समाज सभी वर्गों-पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक के अलावा पीड़ित अगड़े-पिछड़े, आधी आबादी महिला को अपने से जोड़ती है. पीडीए सामाजिक न्याय की लड़ाई का भी प्रभावी माध्यम है. पीडीए की एकता से ही 2027 में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सकेगा और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा.</div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लुटते ‘सुनारों की सुरक्षा’ की समस्या अभी सुलझी नहीं थी कि तब तक ‘सोनाबंदी’ का व्यापार-चौपट करने वाला आह्वान आ गया और फिर ‘सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी ढाई गुना बढ़ाने का फ़रमान’. ज़ेवरात-गहनों के व्यापार में बड़ी कंपनियों के आ जाने से ये छोटे सुनार वैसे ही कम्पटीशन नहीं कर पा रहे थे, अब उन्हें लग रहा है कि शायद बड़ी कंपनियों से एकमुश्त कमीशन लेने के चक्कर में ही भाजपाइयों ने युद्ध के बहाने, सोनाबंदी की बात की है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:49:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ने का परिणाम भुगत रहा विपक्ष,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>नरेंद्र कश्यप सोमवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने इलाहाबाद संग्रहालय स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में दिव्यांगजनों के लिए नव निर्मित अनुभव वीथिका स्थापना समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए विकसित की गई विशेष सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार देश की मूल समस्याओं से मुंह मोड़ता रहा है और केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों का विरोध करता आया है। उनका कहना</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179099/the-opposition-is-suffering-the-consequences-of-turning-a-blind-eye-to-the-problems-of-the-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0110.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>नरेंद्र कश्यप सोमवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने इलाहाबाद संग्रहालय स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में दिव्यांगजनों के लिए नव निर्मित अनुभव वीथिका स्थापना समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए विकसित की गई विशेष सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार देश की मूल समस्याओं से मुंह मोड़ता रहा है और केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों का विरोध करता आया है। उनका कहना था कि विपक्ष को जनता की समस्याओं को समझते हुए सरकार को सकारात्मक सुझाव देने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय इंडी गठबंधन ने हमेशा अराजकता को बढ़ावा देने का कार्य किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भारतीय जनता पार्टी की मजबूती के पीछे विपक्ष की नीतियां और जनता से दूरी मुख्य कारण रही है। उन्होंने दावा किया कि ममता सरकार के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और इसका असर राजनीतिक परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्य मंत्री ने इलाहाबाद संग्रहालय में दिव्यांगजनों के लिए तैयार की गई अनुभव वीथिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समय की आवश्यकता हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस विशेष वीथिका में सुनने, देखने और स्पर्श के माध्यम से ऐतिहासिक तथ्यों और विरासत को समझने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे दिव्यांगजन भी देश की सांस्कृतिक धरोहर से गहराई से जुड़ सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश और देश के अन्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए ताकि समाज का विशेष वर्ग किसी भी प्रकार से मुख्यधारा से अलग महसूस न करे। कार्यक्रम में संग्रहालय प्रशासन, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 21:12:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’:क्या यह  ब्यान संवैधानिक है या लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अतिक्रमण?”</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और स्वयं के हार के बाद यह वक्तव्य देता है कि “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”, तो यह एक साधारण राजनीतिक वक्तव्य नहीं रह जाता, बल्कि संवैधानिकता, नैतिकता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहन बहस का विषय बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत का शासन तंत्र संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है और संविधान द्वारा संचालित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की वैधता विधानसभा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178321/%E2%80%98i-will-not-resign%E2%80%99is-this-statement-constitutional-or-a-violation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hq720.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और स्वयं के हार के बाद यह वक्तव्य देता है कि “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”, तो यह एक साधारण राजनीतिक वक्तव्य नहीं रह जाता, बल्कि संवैधानिकता, नैतिकता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहन बहस का विषय बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत का शासन तंत्र संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है और संविधान द्वारा संचालित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की वैधता विधानसभा में बहुमत से निर्धारित होती है।यदि किसी दल या गठबंधन के पास बहुमत नहीं है, तो वह सरकार बनाने का नैतिक और संवैधानिक अधिकार खो देता है।ऐसी स्थिति में या तो वैकल्पिक बहुमत सिद्ध किया जाता है या पद छोड़ना पड़ता है।इस दृष्टि से “बहुमत के बिना इस्तीफा न देने” का कथन या यूं कहें बहुमत वाले दल के लिए सक्ता हस्तांतरण हेतु पद न  छोड़ने जैसे वक्तव्य संवैधानिक भावना के विपरीत प्रतीत होते हैं। भारत में इस तरह का ब्यान शायद अपने आप में पहला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संविधान केवल प्रावधानों का दस्तावेज नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता का भी आधार है।डॉ. भीमराव आंबेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितनी ईमानदारी से उसका पालन करते हैं।ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है,क्या इस तरह के ब्यान देने  की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है?क्या यह जनादेश का अपमान नहीं है?</div>
<div style="text-align:justify;">ममता दीदी पर मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान महामहिम राष्ट्रपति के प्रदेश आगमन पर उन्हें प्रोटोकॉल के अनुरूप सम्मान न देना, केन्द्रीय जांच एजेंसियों को सहयोग न करना, जांच में व्यवधान उत्पन्न करना,सघन मतदाता जांच का विरोध करना, चुनाव आयोग के अधिकारियों के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करना, समुदाय विशेष को लाभ पहुंचाना जैसे बहुत सारे आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इनमें कितने आरोप संवैधानिक रूप से सही है या नहीं यह न्यायलय का तय करना का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे प्रकरण का सबसे दिलचस्प और चिंताजनक पहलू विपक्षी दलों की ममता दीदी के इस्तीफा न देने वाले ब्यान पर प्रतिक्रिया न आना  है।जहाँ एक ओर समय-समय पर कई विपक्षी दल बार-बार यह आरोप लगाते रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में “संविधान खतरे में है”, वहीं दूसरी ओर ममता दीदी के इस स्पष्ट बयान पर न तो विपक्षी दलों द्वारा अपेक्षित विरोध किया और न ही कोई  समझाइश दी गई अपितु 100 सीटों की चोरी के आरोप का समर्थन कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े कर दिए, जबकि चुनाव में धांधली हुई या नहीं इसको तय करने के लिए न्यायालय, और उसकी शरण में जाना चाहिए यदि किसी प्रकार की आशंका है। चुनाव आयोग की हिंसा रहित निष्पक्ष चुनाव कराने के श्रम पर पानी फेरने से बचना चाहिए।ऐसा मौन समर्थन क्या भारतीय संविधान को खतरे में नहीं डालता? वास्तव में यह विरोधाभास कई सवाल खड़े करता है:क्या संविधान की चिंता केवल राजनीतिक सुविधा का विषय है?क्या संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का पैमाना दलगत आधार पर बदल जाता है?यदि एक ओर “संविधान खतरे में” का नरेटिव गढ़ा जाए और दूसरी ओर ऐसे बयानों पर चुप्पी साध ली जाए, तो क्या यह उस नरेटिव की विश्वसनीयता को कमजोर नहीं करता ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि सिद्धांतों की निरंतरता का नाम है।जब राजनीतिक दल अपने विरोधियों के लिए एक मानक और अपने सहयोगियों के लिए दूसरा मानक अपनाते हैं तो इससे लोकतांत्रिक विमर्श का स्तर गिरता है।इस संदर्भ में यह स्पष्ट होता है कि:संविधान की रक्षा का प्रश्न चयनात्मक नहीं हो सकता;लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी सभी पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेरा ऐसा मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति से उठा यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।“बहुमत हासिल न करने पर भी मैं इस्तीफा नहीं दूंगी” जैसा कथन-संवैधानिक रूप से संदिग्ध और लोकतांत्रिक दृष्टि से अनुपयुक्त प्रतीत होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही विपक्ष की चुप्पी यह संकेत देती है कि भारतीय राजनीति में सिद्धांतों की बजाय सुविधा का प्रभाव बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि-सत्ता या विपक्ष में कोई भी बैठे,सबके लिए संविधान सर्वोपरि रहे, और जनादेश का सम्मान अनिवार्य।</div>
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<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 16:54:36 +0530</pubDate>
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                <title>धार्मिक आजादी को लेकर संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए केन्द्र सरकार है जिम्मेदार- प्रमोद तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज-प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिकी अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग वर्ष 2026 की रिपोर्ट को गंभीर चिंता का विषय करार दिया है। उन्होने आयोग की सलाना रिपोर्ट के हवाले से यह दावा जताया है कि इसमें खुफिया एजेंसी रॉ तथा भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग में हस्तक्षेप किये जाने की पुष्टि की गयी है। उन्होने कहा कि इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व खुफिया एजेंसी रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173439/central-government-is-responsible-for-violation-of-constitutional-rights-regarding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260317-wa0110.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज-प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिकी अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग वर्ष 2026 की रिपोर्ट को गंभीर चिंता का विषय करार दिया है। उन्होने आयोग की सलाना रिपोर्ट के हवाले से यह दावा जताया है कि इसमें खुफिया एजेंसी रॉ तथा भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग में हस्तक्षेप किये जाने की पुष्टि की गयी है। उन्होने कहा कि इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व खुफिया एजेंसी रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग के द्वारा देश में धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के द्वारा आरएसएस और रॉ पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गयी है।उन्होने कहा कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है ऐसे में आयोग की यह सालाना रिपोर्ट विदेशों में भी देश की छवि को धूमिल बना गयी है। उन्होने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट को लेकर देश के अधिकतर राजनैतिक दलों ने भी ताजा चिन्ता व्यक्त की है।  उन्होने कहा कि अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर आयोग की रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि भारत के संविधान में सभी धर्मो को मानने वाले लोगों को प्रदत्त अधिकार का खुला उल्लंघन हो रहा है। सांसद प्रमोद तिवारी का बयान मंगलवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:44:51 +0530</pubDate>
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