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                <title>राजनीतिक बयान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>राजनीतिक बयान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर अखिलेश का सरकार पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">नई दिल्ली।</blockquote>
<p style="text-align:left;">  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एफसीआरए विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार एफसीआरए के माध्यम से ऐसी संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जो विदेश से प्राप्त धन के माध्यम से सामाजिक और जनहित के कार्य संचालित करती हैं।</p>
<p style="text-align:left;">सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार एफसीआरए विधेयक के माध्यम से संस्थाओं को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185022/akhileshs-attack-on-the-government-on-fcra-and-delimitation-bill"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-10-at-6.28.26-pm.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">नई दिल्ली।</blockquote>
<p style="text-align:left;"> समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एफसीआरए विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार एफसीआरए के माध्यम से ऐसी संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, जो विदेश से प्राप्त धन के माध्यम से सामाजिक और जनहित के कार्य संचालित करती हैं।</p>
<p style="text-align:left;">सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार एफसीआरए विधेयक के माध्यम से संस्थाओं को डराने का काम कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन संस्थाओं को अच्छे कार्यों के संचालन के लिए विदेश से आर्थिक सहायता मिलती है, उन्हें सरकार के दबाव का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के माध्यम से संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>‘संस्थाओं पर कब्जे की कोशिश कर रही सरकार’</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कई संस्थाएं अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं और उनमें से कुछ पर राजनीतिक प्रभाव के जरिए कब्जा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के एक बड़े शहर में भाजपा के एक मंत्री द्वारा एक संस्था पर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने भाजपा पर भूमाफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। उनके मुताबिक, जहां भी खाली जमीन या तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जा करने की कोशिश की जाती है।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने अयोध्या का उल्लेख करते हुए भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या जैसी धार्मिक आस्था से जुड़ी भूमि पर भी जमीनों की खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर खेल हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कुछ जमीनों के दाम कम समय में कई गुना बढ़ाकर बेचे गए। हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>‘विदेशी धन पर रोक, देश का पैसा बाहर जाने पर क्या कार्रवाई?’</strong></p>
<p style="text-align:left;">समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले देश से बाहर गया काला धन वापस लाने और देश का पैसा लेकर भागने वालों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया था।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोग बैंकों का पैसा लेकर देश से बाहर चले गए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई की और देश का पैसा बाहर जाने से रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/whatsapp-image-2026-08-10-at-6.28.27-pm.jpeg" alt="एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर अखिलेश का सरकार पर हमला" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने कहा कि यदि सरकार विदेश से भारत में आने वाले धन पर नियंत्रण और पाबंदी की बात करती है तो उसे भारत से बाहर जाने वाले धन को लेकर भी स्पष्ट नीति बतानी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार को उसके पुराने चुनावी नारों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि देश का पैसा लेकर विदेश भागने वालों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में ‘पैसे वालों के अच्छे दिन’ आए हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कानूनी अथवा गैर-कानूनी तरीके से देश से बाहर जाने वाले धन पर प्रभावी रोक कब लगेगी।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>‘लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना’</strong></p>
<p style="text-align:left;">सपा अध्यक्ष ने सरकार पर विपक्ष के सवालों से बचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर संसद में भेजती है और विपक्ष का प्रमुख दायित्व सरकार से सवाल पूछना तथा जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना है।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों और नौजवानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज किया गया और कई लोगों को चोटें आईं।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल में भर्ती हुए। प्रयागराज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी बच्चों और युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए गए। उनके अनुसार, कुछ ऐसे बच्चों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए जो आंदोलन में शामिल नहीं थे।</p>
<p style="text-align:left;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की ओर से पहले यह आश्वासन दिया गया था कि आंदोलन में शामिल लोगों पर मुकदमे नहीं किए जाएंगे और किसी को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन बाद में सरकार अपने वादे से पीछे हट गई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में जनता और विपक्ष अपने सवालों के जवाब किससे मांगे।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>परिसीमन विधेयक पर भी सरकार को घेरा</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने परिसीमन विधेयक को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन विधेयक के माध्यम से निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव करना चाहती है, लेकिन उसे देश की वास्तविक सीमाओं और क्षेत्रफल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि वर्ष 2014 में देश का क्षेत्रफल और सीमाएं क्या थीं और वर्तमान में स्थिति क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को बदलने की बात कर रही है, लेकिन देश की सीमाओं की सुरक्षा और स्थिति पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही।</p>
<p style="text-align:left;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा एक गंभीर राष्ट्रीय विषय है और सरकार को इस पर देश के सामने पूरी जानकारी रखनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>ममता बनर्जी पर हमले को बताया दुखद</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कथित हमले की घटना पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे बेहद दुखद और निंदनीय बताया।</p>
<p style="text-align:left;">उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यदि किसी सरकार की ओर से उनके खिलाफ हमला कराया जा रहा है तो यह गंभीर और निंदनीय विषय है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:left;"><strong>विपक्ष के तेवर से संसद में बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी</strong></p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी आगामी राजनीतिक मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए है। एफसीआरए विधेयक, परिसीमन, छात्रों से जुड़े आंदोलन, देश से बाहर जाने वाले धन और संस्थाओं पर कथित नियंत्रण जैसे मुद्दों को लेकर सपा सरकार को घेरने की तैयारी में है।</p>
<p style="text-align:left;">दूसरी ओर, केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। संसद में विधेयकों और नीतिगत फैसलों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।</p>
<p style="text-align:left;">अखिलेश यादव के बयानों से यह भी संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से जुड़े सवालों को भी संसद में प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। परिसीमन का मुद्दा विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन का असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:left;">फिलहाल, एफसीआरए विधेयक और परिसीमन विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्तियों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 19:06:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा सरकार प्रदेश के लिए संकट, सत्ता परिवर्तन से ही होगा समाधान : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184537/crisis-for-bjp-government-in-the-state-will-be-solved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-02-at-19.00.11.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के लिए संकट बन चुकी है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश की समस्याओं का समाधान संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है तथा आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से बर्बर कार्रवाई कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ समझौता कर यह आश्वासन दिया था कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और न ही उनका उत्पीड़न होगा। लेकिन अब छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यदि सरकार अपने वादों पर कायम नहीं रहती तो जनता का विश्वास कमजोर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फतेहपुर की घटना का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां विद्यालय के बच्चों ने केवल पीने के पानी और कक्षाओं में पंखे लगाने जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग की थी। जब उनकी मांग स्वीकार कर ली गई, तब बच्चों और उनके परिवारों को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करेंगे तथा किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का दावा करने वाली सरकार को पहले सरकारी विद्यालयों में बिजली, पानी, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उनका कहना था कि विकास के बड़े दावों के बीच शिक्षा व्यवस्था की आधारभूत जरूरतें अब भी पूरी नहीं हो सकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में भ्रष्टाचार और भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले के कई महत्वपूर्ण सरकारी तालाबों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेश में बने विभिन्न एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना था कि कई परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आईं और कुछ स्थानों पर सड़कें उद्घाटन के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने इसे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की कमी का उदाहरण बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने अयोध्या से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों में भी पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों का दमन उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वे निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उनके अनुसार सरकारें बदलती रहती हैं, इसलिए अधिकारियों को किसी राजनीतिक दबाव में आकर कार्य नहीं करना चाहिए और कानून के अनुसार निष्पक्ष निर्णय लेने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पेपर लीक के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रश्न के उत्तर में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को 'यश भारती सम्मान' प्रदान किया जाता था और भविष्य में भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की परंपरा जारी रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की समस्याओं का समाधान, पारदर्शी शासन, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, युवाओं को रोजगार और कानून का निष्पक्ष पालन सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जनहित के प्रश्नों पर संघर्ष जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 19:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक पर सरकार को घेरा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सदन में उठेगी आवाज : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ-अजय यादव </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर पेपर लीक मामले को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है तथा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक समाजवादी पार्टी संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे को उठाती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा कराना इस बात का प्रमाण है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184005/akhilesh-yadav-will-raise-his-voice-in-the-house-till"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/akhilesh-yadav.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ-अजय यादव </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर पेपर लीक मामले को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है तथा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक समाजवादी पार्टी संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे को उठाती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा कराना इस बात का प्रमाण है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए तथा पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के दौरान पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार और आरक्षण से वंचित करना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और छात्राओं के साथ मारपीट की गई, लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद लोगों द्वारा लाठी चलाने की खबरें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने वाले लोग कौन थे। यदि इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठेंगे। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सरकार का दायित्व जनता की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 21:46:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में बाबर नहीं अब रामराज चलेगा-योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारी कल्याण दिवस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद अब कर्फ्यू से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है. सीएम योगी ने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बाबर का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ एवं </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ से रुपए अधिक लागत की</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182324/now-ramraj-will-run-in-up-not-babar-yogi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/image003.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारी कल्याण दिवस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद अब कर्फ्यू से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है. सीएम योगी ने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बाबर का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ एवं </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ से रुपए अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि नौ साल पहले मुरादाबाद की पहचान कर्फ्यू और गंदगी से होती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आज का मुरादाबाद अपनी पहचान बदल चुका है. इसके साथ उन्होंने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर हमला बोला और साफ कहा कि यूपी में बाबर का राज नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम योगी ने कहा कि आज का मुरादाबाद यहां के युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार और एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है.नौ साल पहले के मुरादाबाद और आज के मुरादाबाद में जमीन-आसमान का अंतर है. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के पास अपना विश्वविद्यालय है. मुरादाबाद यहां की युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभाओं के लिए जाना जा रहा है. किसानों की नवाचार के लिए अपनी पहचान बना रहा है. अब यहां की सड़कें चौड़ी हैं.</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है यूपी</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि यह तब संभव हो पा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आपने अच्छे लोग चुने हैं. आज विकास हो रहा है. गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. जो योजनाएं हमारी संज्ञान में आती हैं. उस पर कार्यवाही होती है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले कहां तात्कालीन मुख्यमंत्री के पास इतनी फुर्सत थी. जनता-जनार्दन का हालचाल लेने की फुर्सत कहां थी. उसी में जो भूले भटके मिल गये. जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा कहां जाता था. इस पैसे में कैसे डकैती होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनमाना खर्च होता था. सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवानों के पास नौकरी नहीं थी. यह हाल था कि ‘देख सपाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिटिया घबराई’ का माहौल चलता था. बेटी और व्यापारी मजबूर थे. शासन का कोई विजन नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब उत्तर प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है.</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">यूपी में अब चलेगा रामराज</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि कांग्रेस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा (</span>SP) <span lang="hi" xml:lang="hi">और बसपा (</span>BSP) <span lang="hi" xml:lang="hi">के पास कोई विजन नहीं है. उनके लिए विजन का मतलब सिर्फ उनका परिवार है. यूपी में दंगे नहीं होते हैं. यूपी में बाबर का राज नहीं चलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब राम राज चलेगा.पिछली सरकारों की सोच कब्रिस्तान की सोच थी. अब यूपी में सब चंगा (बढ़िया) है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि जो भी उद्ममी या व्यापारी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराता है. तो सरकार </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों की शक्ति प्रदेश की प्रगति का आधार है. परिवर्तन लाने के लिए पीएम मोदी के विजन को जमीन पर उतारा जा रहा है.</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 23:48:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीस पार्टी छोड़ AIMIM में शामिल हुए हकीक़ुल्लाह खान, गैंसड़ी से ‘लाला भाई’ होंगे मजलिस के उम्मीदवार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पचपेड़वा/बलरामपुर।</strong> महाराष्ट्र से आए पीस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हकीक़ुल्लाह खान उर्फ लाला भाई ने प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ आधिकारिक रूप से एआईएमआईएम (मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की सदस्यता ग्रहण कर ली। सदस्यता ग्रहण करने के बाद गैंसड़ी विधानसभा क्षेत्र पहुँचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पार्टी द्वारा गैंसड़ी विधानसभा सीट से लाला भाई को मजलिस का प्रत्याशी घोषित किए जाने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में लाला भाई ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में आम जनता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179695/haqiqullah-khan-left-peace-party-and-joined-aimim-lala-bhai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260520-wa0590.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पचपेड़वा/बलरामपुर।</strong> महाराष्ट्र से आए पीस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हकीक़ुल्लाह खान उर्फ लाला भाई ने प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ आधिकारिक रूप से एआईएमआईएम (मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की सदस्यता ग्रहण कर ली। सदस्यता ग्रहण करने के बाद गैंसड़ी विधानसभा क्षेत्र पहुँचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पार्टी द्वारा गैंसड़ी विधानसभा सीट से लाला भाई को मजलिस का प्रत्याशी घोषित किए जाने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत में लाला भाई ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और समाज में अस्थिरता का माहौल है। उन्होंने कहा कि सरकार का पहला दायित्व गरीबों को आवास और युवाओं को रोजगार देना होना चाहिए, लेकिन आज गरीबों के आशियानों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने हाल ही में अधिवक्ताओं के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वकीलों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। साथ ही सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों, शिक्षकों, पत्रकारों और अधिवक्ताओं पर कार्रवाई कराई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लाला भाई ने पेपर लीक और नीट जैसी परीक्षाओं के परिणाम रद्द होने की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। वहीं बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की समस्या को लेकर भी सरकार को घेरा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हकीक़ुल्लाह खान ने कहा कि मजलिस का हर कार्यकर्ता देशहित और जनहित के लिए काम करता है तथा आगे भी जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और क्षेत्रीय समस्याओं को संगठित रूप से उठाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सिराज शेख, नगर अध्यक्ष नदीम अहमद गजनवी, जिला महासचिव मकसूद खान, जिला सचिव इरशाद खान, शोयब कमर खान, अख्तर हुसैन, फिरोज अहमद, मैराज क्रांतिकारी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाध्यक्ष सिराज अहमद ने दावा किया कि मजलिस वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश की 400 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 20:47:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव ने राजकुमार भाटी की लगाई क्लास,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179534/akhilesh-yadav-took-rajkumar-bhatis-class"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download5.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी को तलब किया. प्रदेश मुख्यालय राजकुमार भाटी की क्लास लगाई.</div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे सामाजिक सद्भाव का आचरण करें. अपनी भाषा और व्यवहार में संतुलन और संयम बरतें. ऐसी कोई बात न करें जिससे अपने को अपमानित या आहत महसूस करे. उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाकर ही सामाजिक न्याय के राज की स्थापना की जा सकती है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी को एकजुट रहना होगा.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सामाजिक नीति में सबका सम्मान निहित है. पीडीए समाज सभी वर्गों-पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक के अलावा पीड़ित अगड़े-पिछड़े, आधी आबादी महिला को अपने से जोड़ती है. पीडीए सामाजिक न्याय की लड़ाई का भी प्रभावी माध्यम है. पीडीए की एकता से ही 2027 में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सकेगा और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा.</div>
<div style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लुटते ‘सुनारों की सुरक्षा’ की समस्या अभी सुलझी नहीं थी कि तब तक ‘सोनाबंदी’ का व्यापार-चौपट करने वाला आह्वान आ गया और फिर ‘सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी ढाई गुना बढ़ाने का फ़रमान’. ज़ेवरात-गहनों के व्यापार में बड़ी कंपनियों के आ जाने से ये छोटे सुनार वैसे ही कम्पटीशन नहीं कर पा रहे थे, अब उन्हें लग रहा है कि शायद बड़ी कंपनियों से एकमुश्त कमीशन लेने के चक्कर में ही भाजपाइयों ने युद्ध के बहाने, सोनाबंदी की बात की है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:49:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ने का परिणाम भुगत रहा विपक्ष,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>नरेंद्र कश्यप सोमवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने इलाहाबाद संग्रहालय स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में दिव्यांगजनों के लिए नव निर्मित अनुभव वीथिका स्थापना समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए विकसित की गई विशेष सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार देश की मूल समस्याओं से मुंह मोड़ता रहा है और केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों का विरोध करता आया है। उनका कहना</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179099/the-opposition-is-suffering-the-consequences-of-turning-a-blind-eye-to-the-problems-of-the-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0110.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>नरेंद्र कश्यप सोमवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने इलाहाबाद संग्रहालय स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में दिव्यांगजनों के लिए नव निर्मित अनुभव वीथिका स्थापना समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए विकसित की गई विशेष सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार देश की मूल समस्याओं से मुंह मोड़ता रहा है और केंद्र सरकार की जनहितकारी नीतियों का विरोध करता आया है। उनका कहना था कि विपक्ष को जनता की समस्याओं को समझते हुए सरकार को सकारात्मक सुझाव देने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय इंडी गठबंधन ने हमेशा अराजकता को बढ़ावा देने का कार्य किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भारतीय जनता पार्टी की मजबूती के पीछे विपक्ष की नीतियां और जनता से दूरी मुख्य कारण रही है। उन्होंने दावा किया कि ममता सरकार के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और इसका असर राजनीतिक परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्य मंत्री ने इलाहाबाद संग्रहालय में दिव्यांगजनों के लिए तैयार की गई अनुभव वीथिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समय की आवश्यकता हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस विशेष वीथिका में सुनने, देखने और स्पर्श के माध्यम से ऐतिहासिक तथ्यों और विरासत को समझने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे दिव्यांगजन भी देश की सांस्कृतिक धरोहर से गहराई से जुड़ सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश और देश के अन्य ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए ताकि समाज का विशेष वर्ग किसी भी प्रकार से मुख्यधारा से अलग महसूस न करे। कार्यक्रम में संग्रहालय प्रशासन, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 21:12:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’:क्या यह  ब्यान संवैधानिक है या लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अतिक्रमण?”</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और स्वयं के हार के बाद यह वक्तव्य देता है कि “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”, तो यह एक साधारण राजनीतिक वक्तव्य नहीं रह जाता, बल्कि संवैधानिकता, नैतिकता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहन बहस का विषय बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत का शासन तंत्र संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है और संविधान द्वारा संचालित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की वैधता विधानसभा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178321/%E2%80%98i-will-not-resign%E2%80%99is-this-statement-constitutional-or-a-violation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hq720.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और स्वयं के हार के बाद यह वक्तव्य देता है कि “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”, तो यह एक साधारण राजनीतिक वक्तव्य नहीं रह जाता, बल्कि संवैधानिकता, नैतिकता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहन बहस का विषय बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत का शासन तंत्र संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है और संविधान द्वारा संचालित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की वैधता विधानसभा में बहुमत से निर्धारित होती है।यदि किसी दल या गठबंधन के पास बहुमत नहीं है, तो वह सरकार बनाने का नैतिक और संवैधानिक अधिकार खो देता है।ऐसी स्थिति में या तो वैकल्पिक बहुमत सिद्ध किया जाता है या पद छोड़ना पड़ता है।इस दृष्टि से “बहुमत के बिना इस्तीफा न देने” का कथन या यूं कहें बहुमत वाले दल के लिए सक्ता हस्तांतरण हेतु पद न  छोड़ने जैसे वक्तव्य संवैधानिक भावना के विपरीत प्रतीत होते हैं। भारत में इस तरह का ब्यान शायद अपने आप में पहला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संविधान केवल प्रावधानों का दस्तावेज नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता का भी आधार है।डॉ. भीमराव आंबेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितनी ईमानदारी से उसका पालन करते हैं।ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है,क्या इस तरह के ब्यान देने  की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है?क्या यह जनादेश का अपमान नहीं है?</div>
<div style="text-align:justify;">ममता दीदी पर मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान महामहिम राष्ट्रपति के प्रदेश आगमन पर उन्हें प्रोटोकॉल के अनुरूप सम्मान न देना, केन्द्रीय जांच एजेंसियों को सहयोग न करना, जांच में व्यवधान उत्पन्न करना,सघन मतदाता जांच का विरोध करना, चुनाव आयोग के अधिकारियों के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करना, समुदाय विशेष को लाभ पहुंचाना जैसे बहुत सारे आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इनमें कितने आरोप संवैधानिक रूप से सही है या नहीं यह न्यायलय का तय करना का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे प्रकरण का सबसे दिलचस्प और चिंताजनक पहलू विपक्षी दलों की ममता दीदी के इस्तीफा न देने वाले ब्यान पर प्रतिक्रिया न आना  है।जहाँ एक ओर समय-समय पर कई विपक्षी दल बार-बार यह आरोप लगाते रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में “संविधान खतरे में है”, वहीं दूसरी ओर ममता दीदी के इस स्पष्ट बयान पर न तो विपक्षी दलों द्वारा अपेक्षित विरोध किया और न ही कोई  समझाइश दी गई अपितु 100 सीटों की चोरी के आरोप का समर्थन कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े कर दिए, जबकि चुनाव में धांधली हुई या नहीं इसको तय करने के लिए न्यायालय, और उसकी शरण में जाना चाहिए यदि किसी प्रकार की आशंका है। चुनाव आयोग की हिंसा रहित निष्पक्ष चुनाव कराने के श्रम पर पानी फेरने से बचना चाहिए।ऐसा मौन समर्थन क्या भारतीय संविधान को खतरे में नहीं डालता? वास्तव में यह विरोधाभास कई सवाल खड़े करता है:क्या संविधान की चिंता केवल राजनीतिक सुविधा का विषय है?क्या संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का पैमाना दलगत आधार पर बदल जाता है?यदि एक ओर “संविधान खतरे में” का नरेटिव गढ़ा जाए और दूसरी ओर ऐसे बयानों पर चुप्पी साध ली जाए, तो क्या यह उस नरेटिव की विश्वसनीयता को कमजोर नहीं करता ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि सिद्धांतों की निरंतरता का नाम है।जब राजनीतिक दल अपने विरोधियों के लिए एक मानक और अपने सहयोगियों के लिए दूसरा मानक अपनाते हैं तो इससे लोकतांत्रिक विमर्श का स्तर गिरता है।इस संदर्भ में यह स्पष्ट होता है कि:संविधान की रक्षा का प्रश्न चयनात्मक नहीं हो सकता;लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी सभी पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेरा ऐसा मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति से उठा यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।“बहुमत हासिल न करने पर भी मैं इस्तीफा नहीं दूंगी” जैसा कथन-संवैधानिक रूप से संदिग्ध और लोकतांत्रिक दृष्टि से अनुपयुक्त प्रतीत होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही विपक्ष की चुप्पी यह संकेत देती है कि भारतीय राजनीति में सिद्धांतों की बजाय सुविधा का प्रभाव बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि-सत्ता या विपक्ष में कोई भी बैठे,सबके लिए संविधान सर्वोपरि रहे, और जनादेश का सम्मान अनिवार्य।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 16:54:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धार्मिक आजादी को लेकर संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए केन्द्र सरकार है जिम्मेदार- प्रमोद तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज-प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिकी अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग वर्ष 2026 की रिपोर्ट को गंभीर चिंता का विषय करार दिया है। उन्होने आयोग की सलाना रिपोर्ट के हवाले से यह दावा जताया है कि इसमें खुफिया एजेंसी रॉ तथा भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग में हस्तक्षेप किये जाने की पुष्टि की गयी है। उन्होने कहा कि इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व खुफिया एजेंसी रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173439/central-government-is-responsible-for-violation-of-constitutional-rights-regarding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260317-wa0110.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज-प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने देश में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिकी अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग वर्ष 2026 की रिपोर्ट को गंभीर चिंता का विषय करार दिया है। उन्होने आयोग की सलाना रिपोर्ट के हवाले से यह दावा जताया है कि इसमें खुफिया एजेंसी रॉ तथा भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग में हस्तक्षेप किये जाने की पुष्टि की गयी है। उन्होने कहा कि इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व खुफिया एजेंसी रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग के द्वारा देश में धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के द्वारा आरएसएस और रॉ पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गयी है।उन्होने कहा कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है ऐसे में आयोग की यह सालाना रिपोर्ट विदेशों में भी देश की छवि को धूमिल बना गयी है। उन्होने यह भी कहा कि इस रिपोर्ट को लेकर देश के अधिकतर राजनैतिक दलों ने भी ताजा चिन्ता व्यक्त की है।  उन्होने कहा कि अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर आयोग की रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि भारत के संविधान में सभी धर्मो को मानने वाले लोगों को प्रदत्त अधिकार का खुला उल्लंघन हो रहा है। सांसद प्रमोद तिवारी का बयान मंगलवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:44:51 +0530</pubDate>
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