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                <title>ayushman bharat - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ayushman bharat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारम्भ कार्यक्रम में  डिप्टी सीएम मुख्य अतिथि के रूप में हुए सम्मिलित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश  योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अन्तर्गत 12 लाख शिक्षक एवं उनके परिवारों के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा हेल्थ कार्ड एवं 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के डी०बी०टी० के माध्यम से यूनिफार्म, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग व स्टेशनरी हेतु प्रति छात्र-छात्रा हेतु 1200 रूपये वितरण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ प्रदेश स्तर पर बुधवार को वाराणसी जनपद से किया गया। जनपद प्रयागराज में कार्यक्रम का भव्य आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य जी सम्मिलित हुए। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री जी के द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183001/deputy-cm-participated-as-chief-guest-in-the-inauguration-program"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260708-wa0132.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश  योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अन्तर्गत 12 लाख शिक्षक एवं उनके परिवारों के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा हेल्थ कार्ड एवं 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के डी०बी०टी० के माध्यम से यूनिफार्म, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग व स्टेशनरी हेतु प्रति छात्र-छात्रा हेतु 1200 रूपये वितरण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ प्रदेश स्तर पर बुधवार को वाराणसी जनपद से किया गया। जनपद प्रयागराज में कार्यक्रम का भव्य आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य जी सम्मिलित हुए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री जी के द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा का डेमो कार्ड वितरित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर लाभार्थी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के शिक्षकों तथा मध्यान्ह भोजन योजना की रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा का प्रतीकात्मक कार्ड वितरित कर योजना की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर प्रभाकर त्रिपाठी के द्वारा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर  उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के अन्तर्गत लाभान्वित शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोईयां, विशेष शिक्षकों व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिकों व उनके परिवारों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के शिक्षा जगत और शिक्षकों के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मैं ईश्वर से यहीं प्रार्थना करता हूं आपको कभी कोई बीमारी न हो, परंतु अगर कोई बीमारी हो ही जाती है, तो आपके वेतन का पैसा इलाज पर खर्च न हो और कैशलेस चिकित्सा सुविधा के माध्यम से आपका इलाज हो जाये, यहीं इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के 12 लाख शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों एवं उनके पात्र आश्रितों को आयुष्मान भारत से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है, जो उनके मनोबल को बढ़ाएगी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करेगी। यह योजना न केवल एक सरकारी कर्मचारी को है बल्कि एक पूरे परिवार का आच्छदित करेगी यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होने के उपरान्त एक समाजिक क्रांति का स्वरूप लायेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उपमुख्यमंत्री ने आगे बताया कि गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आर्थिक सहयोग के लिए उनके अभिभावकों के खातों में रू 1200 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा रही है। इस डीबीटी के माध्यम से सम्बन्धित अभिभावक अपने बच्चे के लिए 02 सेट यूनीफार्म, जूत मोजा, स्टेशनरी एवं बैग आदि क्रय कर शिक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करेगा। उक्त दोनों योजनाओं से क्रमशः 12 लाख शिक्षक (कैशलेस) एवं 1.10 करोड़ विद्यार्थी (डीबीटी) लाभान्वित होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के स्कूल डेªस, जूता-मोजा के लिए भेजे गये पैसो का सद्उपयोग करने तथा उसका अन्य किसी काम में उपयोग न किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि आप शिक्षकों के ऊपर बच्चों के परिवारों को शिक्षा के महत्व को समझाने का भी बड़ा दायित्व है। उन्होंने स्कूल डेªसों को समूह की दीदियों के माध्यम से क्रय किए जाने के लिए कहा, इससे दीदियों की कमाई बढ़ेगी और वह आगे चलकर लखपति दीदी बन जायेगी। उन्होंने पैसे का सही तरीके से उपयोग करने का दायित्व जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद फूलपुर  प्रवीण पटेल, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, विधायक फाफामऊ  गुरू प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष  सुरेश मौर्या, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, गंगापार अध्यक्ष  निर्मला पासवान, यमुनापार अध्यक्ष  राजेश शुक्ला व अन्य  जनप्रतिनिधिगणों के अलावा मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारीगण व शिक्षकगण उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:51:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंगा बहुउद्देशीय सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, छात्र-छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि वितरण तथा शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<p style="text-align:justify;"><strong>बलिया।</strong>  गंगा बहुउद्देशीय सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, छात्र-छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि वितरण तथा शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर 20 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। इस योजना के तहत शिक्षकों एवं उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी</p></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182964/on-wednesday-a-program-related-to-chief-minister-teacher-cashless"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/unnamed.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
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<div class="ii gt">
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<p style="text-align:justify;"><strong>बलिया।</strong> गंगा बहुउद्देशीय सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, छात्र-छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि वितरण तथा शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर 20 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। इस योजना के तहत शिक्षकों एवं उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये की सहायता राशि भेजी है, जिससे वे यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीद सकें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक एवं उनके परिवार लाभान्वित होंगे। साथ ही लगभग 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू भी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें बड़ी राहत दी है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत तीन लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए टूलकिट वितरित की गई। जिला चिकित्सा विभाग की ओर से पांच पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड भी प्रदान किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
</div>
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<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:21:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री ने 384 करोड़ रुपए से अधिक 111 परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास की दी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा सदर तथा विधानसभा विश्वनाथगंज अन्तर्गत 384.71 करोड़ की 111 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास बटन दबाकर किया, जिनमें प्रतापगढ़ सदर की 42 व विश्वनाथगंज की 13 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं प्रतापगढ़ सदर की 45 एवं विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की 11 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि जनपद प्रतापगढ़ आंवला उत्पादन का विशिष्ट क्षेत्र होने के कारण आंवला नगरी के नाम से जाना जाता है।प्रतापगढ़ की इस पुण्य भूमि को जगतगुरू धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज एवं जगतगुरू कृपालु जी महाराज जैसे महान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182870/chief-minister-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-111"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा सदर तथा विधानसभा विश्वनाथगंज अन्तर्गत 384.71 करोड़ की 111 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास बटन दबाकर किया, जिनमें प्रतापगढ़ सदर की 42 व विश्वनाथगंज की 13 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं प्रतापगढ़ सदर की 45 एवं विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र की 11 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि जनपद प्रतापगढ़ आंवला उत्पादन का विशिष्ट क्षेत्र होने के कारण आंवला नगरी के नाम से जाना जाता है।प्रतापगढ़ की इस पुण्य भूमि को जगतगुरू धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज एवं जगतगुरू कृपालु जी महाराज जैसे महान संतो की पुण्य भूमि का गौरव प्राप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260707-wa0055.jpg" alt="मुख्यमंत्री ने 384 करोड़ रुपए से अधिक 111 परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास की दी सौगात" width="497" height="331"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि जनपद प्रतापगढ़ पौराणिक काल से लेकर आधुनिक काल तक अपनी आध्यात्मिक संस्कृति के लिये जाना जाता है। माँ बेल्हा देवी धाम, माँ चन्द्रिका देवी धाम, भयहरणनाथधाम, घुसमेश्वरनाथ धाम का आर्शीवाद इस जिले के निवासियों को प्राप्त है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में यहां के बाबू गुलाब सिंह ने शंखनाद किया था। भारत के संविधान सभा के सदस्य के रूप में पंडित मुनीश्वरदत्त उपाध्याय, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल तथा प्रसिद्ध साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन की जन्म भूमि का गौरव इस जिले को प्राप्त है। जनप्रतिनिधियों के समर्पण और सेवा भावना से क्षेत्र का विकास होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि प्रतापगढ़ में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोनेलाल पटेल के नाम से स्थापित हुआ जिसमें नर्सिंग कालेज की स्थापना की गयी है जिसमें जनपद के युवा  युवतियों को सुनहरा अवसरा मिला है।उन्होने कहा कि प्रतापगढ़ प्रगति की ओर अग्रसर होगा तो प्रदेश भी प्रगति की ओर अग्रसर होगा। उन्होने कहा कि चाहे लोक सेवा आयोग हो अथवा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग, शिक्षा आयोग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतापगढ़ के युवक एवं युवतियों का नाम देखकर मुझे बड़ी प्रसन्नता होती है कि प्रतापगढ़ का युवा वर्ग सभी क्षेत्रों में नाम रोशन कर रहा है। उन्होने कहा कि 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश में 10 करोड़ लोगो को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लाभ दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि प्रदेश में 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को 5 लाख रूपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है। उज्ज्वला योजना अन्तर्गत फ्री गैस सिलेण्डर एवं 65 लाख परिवारो को आवास की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। उन्होने कहा कि पिछली सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया था, हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज एवं वन प्रोडक्ट दिया है।आज की अयोध्या प्रभु श्रीराम के समय का स्मरण कराती है। आज अयोध्या में चतुर्दिक रोड की कनेक्टिविटी है। महर्षि बाल्मीकि के नाम से इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित बी0पी0एस0सी0 परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली श्रद्धा पाण्डेय को आई पैड, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लाभार्थी शिवम् यादव व मीनू कुमारी को स्वीकृति पत्र, मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हेमलता सरोज व रीना देवी को स्वीकृति पत्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत आर0एफ0/सी0आई0एफ व कैडर मानदेय से सम्बन्धित पूजा मिश्रा व रुक्मणी सिंह को रूपये 25.63 करोड़ का डेमो चेक एवं अन्य कई लाभार्थियों को लाभान्वित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में जनपद के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, विधायक सदर राजेन्द्र कुमार मौर्य, विधायक विश्वनाथगंज जीत लाल पटेल, शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बेल्हा प्रेमलता सिंह, पूर्व मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, पूर्व मंत्री शिवकान्त ओझा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा दिनेश प्रताप सिंह, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक राजीव प्रताप सिंह ‘नन्दन’, भाजपा नेता राजा अनिल प्रताप सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, मण्डलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र अजय कुमार मिश्रा, जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, मुख्य विकास अधिकारी डा0 राममोहन मीना, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आदित्य प्रजापति सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारीगण, मीडिया बन्धु, लाभार्थी व आम जनमानस उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:52:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>मोदी सरकार में वो समस्याएं जो अभी तक नहीं सुधरीं</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181929/those-problems-which-have-not-been-improved-yet-in-modi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(2).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">इस बात में कोई दो राय नहीं है कि 2014 के बाद से अब तक भारत ने काफी तरक्की की है लेकिन इसमें यह भी है कि अभी तक बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनमें सुधार होना बाकी है। 2014 से 2026 तक 12 साल की सत्ता में मोदी सरकार ने योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक छवि पर काम किया। लेकिन कुछ संरचनात्मक समस्याएं ऐसी हैं जो चुनावी नारों और सरकारी रिपोर्टों के बावजूद ज़मीन पर बनी हुई हैं। ये समस्याएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे जुड़ती हैं। इसमें सबसे पहले आती है बेरोज़गारी और अनौपचारिक क्षेत्र की अस्थिरता।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार ने बहुत प्रयास किए हैं लेकिन अभी कई प्रयास करने वाकी हैं। सरकारी आंकड़े कहते हैं कि बेरोज़गारी दर 2017 के मुकाबले घटी है। लेकिन हकीकत में समस्या की प्रकृति बदली है। गुणवत्तापूर्ण रोज़गार की कमी भारतीयों को खल रही है। हर साल 1.2 करोड़ युवा श्रम बाजार में आते हैं, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में वेतन बढ़ोतरी धीमी है। आईटी और स्टार्टअप में छंटनी ने मिडिल क्लास की चिंता बढ़ाई है। अनौपचारिक क्षेत्र पर असर: नोटबंदी, GST और कोविड के बाद छोटे दुकानदार, ठेले वाले और दिहाड़ी मजदूर पूरी तरह उभर नहीं पाए। CMIE और NSSO के सर्वे बताते हैं कि स्वरोज़गार बढ़ा है, लेकिन ये ज़्यादातर मजबूरी का स्वरोज़गार है। कृषि संकट और किसान की आय के लिए बहुत समय से बात चल रही है लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस नीति नहीं बन सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />2016 में सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था। 2026 तक वो लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। MSP की सीमित पहुंच : सिर्फ गेहूं-धान के किसान ही MSP का फायदा ले पाते हैं। दाल, तिलहन, फल-सब्जी वाले किसान मंडी के भाव पर निर्भर हैं। कर्ज और जलवायु जोखिम: को लेकर किसान हमेशा से परेशान रहा है। फसल बीमा योजना ने कुछ राहत दी, लेकिन अतिवृष्टि, सूखा और आवारा पशु की समस्या बनी हुई है। तीन कृषि कानूनों के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई और बड़े कृषि सुधार रुके हुए हैं।<br />              शिक्षा और स्वास्थ्य में गुणवत्ता का अंतर</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा: NEP 2020 ने ढांचा बदला, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, ड्रॉपआउट रेट और लर्निंग आउटकम अब भी कमजोर हैं। ASER रिपोर्ट लगातार बताती है कि कक्षा 5 का बच्चा कक्षा 2 का पाठ नहीं पढ़ पाता। इसी तरह स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत ने कवरेज बढ़ाया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर, नर्स और दवाओं की कमी है। निजी अस्पताल महंगे हैं, और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च भारत में अब भी GDP का 50% से ज्यादा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महंगाई का मध्यम वर्ग पर दबाव बहुत बढ़ता जा रहा है। तेल, सब्जी, दाल और किराये की कीमतों में उछाल ने मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। सरकार ने टैक्स स्लैब बदले, लेकिन प्रत्यक्ष कर का बोझ अब भी वेतनभोगी वर्ग पर ज्यादा है।  <br />कोर महंगाई भले नियंत्रण में रही हो, लेकिन खाद्य महंगाई 2022-2024 में दो बार 10% पार कर गई। RBI के बार-बार रेपो रेट बढ़ाने से EMI बढ़ी और घर खरीदना मुश्किल हुआ। नौकरशाही और भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत हो रहीं हैं। DBT और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने बिचौलियों को कम किया, लेकिन ज़मीन-रजिस्ट्री, पुलिस, म्यूनिसिपल सर्विस में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ। विपक्ष का आरोप है कि ED, CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ा है। वहीं सरकार कहती है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो रही है। नतीजा ये है कि आम आदमी का भरोसा सिस्टम पर आंशिक ही बहाल हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक ध्रुवीकरण और संवाद की कमी पिछले 12 साल में धार्मिक और क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय बहस में हावी रहे। इससे विकास और रोज़गार जैसे मुद्दे कई बार बैकसीट पर चले गए। मीडिया और सिविल सोसाइटी का स्पेस सिकुड़ने की शिकायत विपक्ष और पत्रकार संगठनों से आती रही है। सरकार का पक्ष है कि फेक न्यूज़ और अस्थिरता रोकने के लिए नियम जरूरी हैं। राज्य-केंद्र संबंध और संघीय ढांचा<br />GST लागू होने के बाद राज्यों को मुआवज़ा देने का वादा 2022 में खत्म हो गया। अब कई राज्य कहते हैं कि उनका फिस्कल स्पेस सिकुड़ गया है।  केंद्रीय योजनाओं के नाम पर राज्यों की भूमिका सीमित हो गई है, जिससे संघीय संतुलन पर सवाल उठते हैं।  सुधार हुआ, पर असमान गति से मोदी सरकार ने बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर में ठोस काम किया है। उज्ज्वला, जनधन, सड़क, रेल और UPI इसका उदाहरण हैं। लेकिन रोज़गार की गुणवत्ता, कृषि आय, शिक्षा-स्वास्थ्य की ग्राउंड लेवल क्वालिटी, और महंगाई जैसी समस्याएं अभी भी सिस्टम की कमज़ोरी दिखाती हैं। 2026 तक सरकार की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को भी तेज़ करे, ताकि ये समस्याएं चुनावी मुद्दे बनकर न रह जाएं बल्कि हल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>योग दिवस: सिर्फ इवेंट बनकर न रह जाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181923/yoga-day-should-not-remain-just-an-event"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images.jpeg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी अधिकारी मैट पर बैठे हुए फोटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल-कॉलेज में अनिवार्य ड्रिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर सेलेब्स के वीडियो</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशों में भारतीय दूतावासों के कार्यक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब जरूरी है। इसने योग को ग्लोबल ब्रांड बनाया। </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले योग को "हिंदू प्रैक्टिस" कहकर खारिज किया जाता था। आज </span>190+ <span lang="hi" xml:lang="hi">देश इसे मनाते हैं। यूएन ने </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> में </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। लेकिन प्रतीकवाद की सीमा यही है कि वो एक दिन में ही खत्म हो जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जमीनी हकीकत: आंकड़े क्या कहते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सकारात्मक पक्ष- आयुष मंत्रालय के मुताबिक </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>1.2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से ज्यादा योग इंस्ट्रक्टर ट्रेंड हो चुके हैं। अब योग को भी स्कूलों में शामिल किया जाने लगा है। सीबीएसई ने </span>6-12<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्लास में योग को पार्ट बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल टूरिज्म-</span>,  <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋषिकेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैसूर में योग-आयुर्वेद के लिए विदेशी आ रहे हैं। ये </span>8000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ का इंडस्ट्री बन गया है। इसका एक कमजोर पक्ष यह है कि ग्रामीण भारत में इसकी पहुंच बहुत कम या ना के बराबर है। एनसीआरबी का हेल्थ सर्वे कहता है कि </span>70%<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्रामीण लोग रोज योग नहीं करते। उनके लिए योग "शहरियों का शौक" है। क्वालिटी का सवाल- </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन के सर्टिफिकेट कोर्स से बने इंस्ट्रक्टर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इससे गलत प्रैक्टिस का खतरा है। निरंतरता नहीं-  </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून के बाद ज्यादातर लोग मैट समेट देते हैं। रोजाना योग करने वालों की संख्या </span>15%<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा नहीं बढ़ी। असर कहां दिखना चाहिए था</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">योग को स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हुआ नहीं। नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज पर रोक-  भारत में डायबिटीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हाई </span>BP, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रेस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। </span>ICMR <span lang="hi" xml:lang="hi">कहता है कि </span>2030<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>13.4<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ लोग डायबिटिक होंगे। योग प्रिवेंटिव हेल्थ में काम करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आयुष बजट कुल हेल्थ बजट का सिर्फ </span>2.3%<span lang="hi" xml:lang="hi"> है। मानसिक स्वास्थ्य-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">NIMHANS <span lang="hi" xml:lang="hi">के डेटा के मुताबिक भारत में </span>15% <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। योग और प्राणायाम का असर डिप्रेशन-एंग्जाइटी में साबित है। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योग को मेनस्ट्रीम नहीं किया गया। स्कूलों में योग पीरियड है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन परीक्षा में नहीं पूछा जाता। बच्चे </span>45 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट करके भूल जाते हैं। अगर इसे फिजिकल एजुकेशन का ग्रेड हिस्सा बनाया जाए तो आदत बने। दूसरे देशों ने क्या किया</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका में </span>20,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">से ज्यादा स्कूलों में "</span>Yoga in Schools" <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोग्राम चलता है। इंश्योरेंस कंपनियां योग करने वालों को प्रीमियम में छूट देती हैं। चीन में ताई-ची को नेशनल फिटनेस प्रोग्राम बनाया। हर पार्क में सुबह ग्रुप प्रैक्टिस होती है। भारत में हम इवेंट कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पब्लिक हेल्थ सिस्टम में योग को इंटीग्रेट नहीं किया। सवाल यह उठता है कि अब क्या करना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद से हटकर पॉलिसी बनाओ। योग दिवस को सिर्फ इवेंट न रखो। हर जिला अस्पताल में योग थेरेपी सेंटर हो। आयुष्मान भारत में योग कवर हो। क्वालिटी कंट्रोल ऐसा हो जो भी योग सिखाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन सख्त हो। गलत आसन से स्पाइन इंजरी के केस बढ़ रहे हैं। ग्रामीण फोकस-  हर पंचायत में एक योग मित्र हो। जैसे आशा वर्कर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे ही योग वर्कर। उन्हें स्टाइपेंड मिले। डेटा पर काम करो- योग से कितने लोगों का शुगर कंट्रोल हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनों की दवा कम हुई - ये डेटा इकट्ठा करो। तभी पॉलिसी मेकर मानेंगे। योग दिवस का महत्व कम नहीं हुआ है। इसने भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाई है। लेकिन अगर अगले </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल भी हम सिर्फ </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून को मैट बिछाते रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो योग "इंस्टाग्रामेबल एक्टिविटी" बनकर रह जाएगा। योग का असली मकसद था - "योगः कर्मसु कौशलम्"। काम में कुशलता। वो कुशलता तब आएगी जब योग स्कूल की क्लास से निकलकर अस्पताल की </span>OPD, <span lang="hi" xml:lang="hi">फैक्ट्री के ब्रेक रूम और गांव के चौपाल तक पहुंचे। तस्वीरें अच्छी लगती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बदलाव तब दिखता है जब किसी गांव के डायबिटिक मरीज की दवा आधी हो जाए क्योंकि उसने रोज </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट अनुलोम-विलोम किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>&quot;जनकल्याण शिविरों से घर-घर पहुंच रहा विकास का प्रकाश&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/bihar-jankalyan-shivir-73-development-projects-phulwarisharif.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 73 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाना इसी जनहितकारी सोच का प्रमाण है। रिमोट के माध्यम से किए गए इन उद्घाटनों और शिलान्यासों ने यह संदेश दिया कि बिहार में विकास की गति निरंतर जारी है और राज्य को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाने का अभियान पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक और आवास की चाबियां भी वितरित की गईं। इससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है और योजनाओं के प्रति जागरूकता भी पैदा हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाखों महिलाएं आज "लखपति दीदी" बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि परिवारों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य के लगभग 94 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि जिन परिवारों का आधार लिंक या ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें भी जल्द से जल्द इस प्रक्रिया से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारियों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऊर्जा के क्षेत्र में भी बिहार तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे अगले 25 वर्षों तक लोगों को सस्ती, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बिजली उपलब्ध हो सके। यह कदम न केवल बिजली की लागत कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 3.25 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2.75 लाख का निष्पादन भी किया जा चुका है। यह प्रशासनिक दक्षता और सरकार की कार्यशैली का परिचायक है। पहले जहां लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़ने की योजना क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाएगी। नदियावां विद्यालय को प्लस-टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा सभी प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। नए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एम्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों को राहत मिल रही है और चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुई हैं।अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षित वातावरण निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है, जिसका सीधा लाभ राज्य के विकास को मिलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी ढांचे के विकास में बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है। सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों, नई टाउनशिप और मरीन ड्राइव जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाती है बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करती है। उद्योग, व्यापार और पर्यटन के विकास में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी बिहार अपनी गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की दिशा में किए जा रहे प्रयास बिहार की ऐतिहासिक पहचान को विश्व स्तर पर पुनः स्थापित कर रहे हैं। शिक्षा और ज्ञान की इस परंपरा को आधुनिक स्वरूप देकर नई पीढ़ी को बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज बिहार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, महिला सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। जनकल्याण शिविरों जैसी पहलें इस विकास यात्रा को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि विकास के लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। फुलवारीशरीफ से 73 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास बिहार की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दर्शाता है कि राज्य में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। आज का बिहार आत्मविश्वास, विकास और जनभागीदारी के नए अध्याय लिख रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि विकास के अनेक मानकों पर बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह किसी भी राज्य से कम नहीं है। जनकल्याण की यह निरंतर यात्रा आने वाले वर्षों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की क्षमता रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:49:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्किट हाउस में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्किट हाउस में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत कहा कि मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश की प्रगति तथा विकास के हर क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक एवं सराहनीय कार्यों द्वारा आम जनमानस का जीवन स्तर ऊंचा उठाने हेतु सतत् प्रयास किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि सुशासन को समर्पित प्रधानमंत्री के द्वारा 140 करोड़ भारतीयों की निरन्तर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण हो चुके है। इसी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181135/media-interaction-program-organized-by-minister-in-charge-surya-pratap-shahi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0097.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्किट हाउस में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत कहा कि मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश की प्रगति तथा विकास के हर क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक एवं सराहनीय कार्यों द्वारा आम जनमानस का जीवन स्तर ऊंचा उठाने हेतु सतत् प्रयास किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि सुशासन को समर्पित प्रधानमंत्री के द्वारा 140 करोड़ भारतीयों की निरन्तर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण हो चुके है। इसी के उपलक्ष्य में विश्वास, विकास के जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को संतृप्त किया जा रहा है। मा0 मंत्री ने प्रेस-वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के इस स्वर्णिम कार्यकाल में अबतक किए गये जनहित कार्यो से भारत की तस्वीर व तकदीर दोनो बदली है। उन्होने कहा कि वर्ष 2014 में यह सरकार बनी है तब से सरकार ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के आधार पर जनहितकारी कार्य किया है, बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है। सुशासन के लिए जनसुझावों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने 10 करोड़ करीब परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन देकर उनके जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास किया है। मा0 मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की सुरक्षा, नियमित टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव एवं समुचित चिकित्सा हेतु तत्परतापूर्वक कार्य किया है। पी.एम. कुशुम, पी.एम. सूर्यघर, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सड़को एवं सम्पर्क मार्गो का विस्तारीकरण, रेलवे, बिजली उत्पादन एवं आपूर्ति, एयरपोर्ट, रक्षा एवं अनुसंधान, एक्सप्रेस-वे, आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीक एआई जैसे अभिनव प्रयोग कर आम जनमानस को सामाजिक, आर्थिक रूप से विकसित करने का सतत् कार्य किया गया है। देश में भ्रष्टाचार एवं आतंकवाद को समाप्त करने के लिए अभियान चलाकर कार्य किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> मा0 मंत्री ने कहा कि जनपद में किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण व शहरी), प्रधानमंत्री मातृ वंदन, प्रधानमंत्री जनधन, पी.एम. स्वनिधि,, प्रधानमंत्री जन आरोगय, जलजीवन मिशन ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविकास मिशन, व्यक्तिगत व सामूहिक शौचलयों का निर्माण, वृद्धा, निराश्रित महिला व दिव्यांग पेंशन, कन्या सुमंगला योजनाओं सहित अन्य संचालित योजनाओं द्वारा पात्र लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है।  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि विगत 12 वर्षों में देश को नई दिशा, नई ऊर्जा और नई पहचान मिली है। भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है तथा हम वैश्विक मंच पर मजबूत नेतृत्व के रूप में उभरे हैं। मा0 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमेशा गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों तथा सभी वर्गों के लिए कार्य किया गया है। आज हम खाद्यान्न, रक्षा, चिकित्सा, आयुध उपकरणों के निर्माण में पहले से अधिक आत्मनिर्भर हैं, आज देश में शांति एवं कानून व्यवस्था का राज स्थापित है, हम सभी निडर होकर पहले से अधिक सम्मान से राष्ट्र के निर्माण में प्रगति कर रहे है।  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा विवेकानन्द मिश्रा, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, रवि सोनकर, चन्द्र प्रकाश शुक्ला, संजय प्रताप जायसवाल, अपना दल के विवेक चौधरी, गोपेश्वर त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, एसडीएम सदर हिमांशु कुमार, डीएसटीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव, डीपीओ राजेश कुमार, उप निदेशक कृषि, अशोक कुमार, उप निदेशक कृषि एवं रक्षा रामबचन राम तथा जिला कृषि अधिकारी डा. बी.आर. मौर्य सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रेस प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।</div>
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<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181135/media-interaction-program-organized-by-minister-in-charge-surya-pratap-shahi</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:07:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ताला गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
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<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180879/health-camp-organized-in-tala-village-under-100-day-tb-free-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले पूरे देश में केन्द्र सरकार टीबी मुक्त अभियान चला रही है जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश से टीबी रोग को खत्म करना है । केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रत्येक राज्यों में भी टीबी रोग से सम्बंधित सभी जानकारियां ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि बहुत से लोगों को टीबी रोग के बारे में जानकारी ही नहीं रहती है कि टीबी रोग कैसे होता है ? और टीबी रोग से कैसे बचाव किया जाएं । यदि टीबी रोग के बारे में लोगों को समुचित जानकारी हो तो टीबी रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है । टीबी रोग कोई जानलेवा बीमारी नही होती है लेकिन टीबी रोग व इलाज के बारे में समुचित जानकारी न होने के कारण कभी - कभी टीबी रोग जानलेवा साबित हो जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शासन के निर्देश के क्रम में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत के ग्राम ताला में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें टीबी रोग से संबंधित जानकारी दी गई एवं निःशुल्क जांच की गई एवं दवाइयां भी वितरित किया गया । स्वास्थ्य शिविर में शुगर , वीपी , तौल समेत अन्य जांच निःशुल्क की गई । इस शिविर में डॉ. अजय शुक्ला, एक्स-रे टेक्नीशियन भूपेन्द्र सिंह, एसटीएलएस संदीप कुमार, एसटीएस संकट मोचन यादव, सीएचओ अर्चना पटेल, अमरेश, साक्षी, अंजली, एएनएम सरिता कुमारी, फार्मासिस्ट कोमल, एक्स-रे टेक्नीशियन के सहयोगी अब्बासी तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर फिरोज खान समेत आदि कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:50:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीडिया पड़ताल में आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर लटकता मिला ताला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर ताला लटकता मिला । आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर लटकता ताला स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है । आपको बता दे कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से न्याय व ग्राम पंचायत स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आयोग मंदिरों का निर्माण कराया जा रहा है जिस पर सीएचओ की नियुक्ति की जा रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173437/media-investigation-found-lock-hanging-on-ayushman-arogya-mandir-tenua"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260317-wa0039.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर ताला लटकता मिला । आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर लटकता ताला स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है । आपको बता दे कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से न्याय व ग्राम पंचायत स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आयोग मंदिरों का निर्माण कराया जा रहा है जिस पर सीएचओ की नियुक्ति की जा रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन करने का निर्देश जारी है । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर निःशुल्क खून, पेशाब , शुगर ,बलगम आदि की जांच की व्यवस्था उपलब्ध रहती है और सभी रोगों से संबंधित दवाइयां भी निःशुल्क मरीजों को वितरित की जाती है । प्रदेश सरकार के अथक प्रयास के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाएं जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच पा रही हैं अर्थात् स्वास्थ्य सेवाएं कागजों तक ही सीमित है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ का समय से संचालन न होने से ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों को झोलाछाप डॉक्टरों से मजबूर होकर इलाज करना पड़ रहा है एवं दवाइयां को शुल्क देकर खरीदना पड़ रहा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर अधीक्षक , बीसीपीएम , डीसीपीएम व सीएमओ द्वारा यदि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आयोग मंदिरों की समय - समय पर जांच की जाती तो आज यह स्थिति नही रहती कि जहां जाइए वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद ही मिलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आखिर सरकार द्वारा प्राप्त दवाइयां कहां और किसको वितरित की जा रही हैं ? जो जांच का विषय बना हुआ है यदि ऐसे ही स्वास्थ्य व्यवस्था जिम्मेदार अधिकारी कार्य करते रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा मिलना मुश्किल है । इस संबंध में ड्यूटी से गायब सीएचओ से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो सीएचओ का फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर मिला । उक्त प्रकरण में सीएमओ डा० राजीव निगम ने जांच कर ड्यूटी से गायब सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने करने का निर्देश दिया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:39:11 +0530</pubDate>
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