<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/58525/crime-news-india" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>crime news india - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/58525/rss</link>
                <description>crime news india RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 13 साइबर अपराधी गिरफ्तार, लगभग ₹2 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त अश्लील वीडियो प्रकरण में फंसाने तथा पुलिस अधिकारी बनकर धमकाने के माध्यम से लोगों से धनराशि की ठगी करते थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर बज्र आप्रेशन के तहत कार्रवाई चल रही है इसी के तहत संचेडी गांव के चार गांवों में आप्रेशन चलाया गया है। कार्यवाही के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से 29 मोबाइल फोन, 3 कारें तथा अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जांच में 48 IMEI एवं 68</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183669/big-action-by-kanpur-commissionerate-police-13-cyber-criminals-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002100353.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त अश्लील वीडियो प्रकरण में फंसाने तथा पुलिस अधिकारी बनकर धमकाने के माध्यम से लोगों से धनराशि की ठगी करते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर बज्र आप्रेशन के तहत कार्रवाई चल रही है इसी के तहत संचेडी गांव के चार गांवों में आप्रेशन चलाया गया है। कार्यवाही के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से 29 मोबाइल फोन, 3 कारें तथा अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जांच में 48 IMEI एवं 68 मोबाइल नंबर सक्रिय पाए गए हैं। साथ ही NCRP पोर्टल पर दर्ज 189 साइबर शिकायतों में 60 शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के नागरिकों को इस गिरोह द्वारा ठगी का शिकार बनाया जाना प्रकाश में आया है। अब तक लगभग ₹2 करोड़ की साइबर ठगी का अनुमान है। अभियुक्त बैंक खातों एवं UPI के माध्यम से धनराशि प्राप्त करते थे। जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि अभी इनके 20 साथी फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि इनके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्यवाही करते हुए इन्होंने इस क्राइम से धनराशि बनाकर जो प्रोपर्टी बनाई है उसको सीज करने की कार्यवाही की जाएगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183669/big-action-by-kanpur-commissionerate-police-13-cyber-criminals-arrested</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183669/big-action-by-kanpur-commissionerate-police-13-cyber-criminals-arrested</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:17:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1002100353.jpg"                         length="204980"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हजारीबाग ट्रिपल मर्डर: पीड़ित परिवार ने मंत्री इरफान अंसारी से लगाई न्याय की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:-</strong> हजारीबाग के चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में पीड़ित परिवार ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान परिजनों ने भावुक होकर कहा, "हमारे बच्चे तो चले गए, अब हमें इंसाफ दिला दीजिए।"</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों की बात सुनने के बाद मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंत्री</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183449/hazaribagh-triple-murder-victims-family-appeals-for-justice-to-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/news-7-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:-</strong> हजारीबाग के चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में पीड़ित परिवार ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान परिजनों ने भावुक होकर कहा, "हमारे बच्चे तो चले गए, अब हमें इंसाफ दिला दीजिए।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों की बात सुनने के बाद मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले की प्रगति पर लगातार नजर रखने और जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। मुलाकात के दौरान परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी मंत्री को दी और शीघ्र न्याय दिलाने की मांग दोहराई। मंत्री ने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि दोषियों को उनके अपराध की सजा अवश्य मिलेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183449/hazaribagh-triple-murder-victims-family-appeals-for-justice-to-minister</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183449/hazaribagh-triple-murder-victims-family-appeals-for-justice-to-minister</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:16:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/news-7-%281%29.jpg"                         length="85768"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सटीएफ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी कुख्यात डकैत ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अंबेडकरनगर।</strong> यूपी एसटीएफ टीम ने बेवाना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास मंगलवार भोर में कानपुर निवासी 1 लाख के इनामी कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसके पास से टीम ने अवैध असलहा, 20 से अधिक कारतूस, बाइक आदि बरामद की है। कुख्यात अपराधी छैमार गैंग का सक्रिय सदस्य था। मंगलवार भोर करीब 3 बजकर 45 मिनट पर जगदीशपुर गांव के पास स्थित तालाब के निकट गोलियों की तड़ताहट सुनाई दी। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र की अगुवाई में टीम ने डकैती गिरोह के सदस्य की घेराबंदी की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जवाबी फायरिंग में कानपुर के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182905/notorious-dacoit-carrying-reward-of-rs-1-lakh-killed-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001055115.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबेडकरनगर।</strong> यूपी एसटीएफ टीम ने बेवाना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास मंगलवार भोर में कानपुर निवासी 1 लाख के इनामी कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसके पास से टीम ने अवैध असलहा, 20 से अधिक कारतूस, बाइक आदि बरामद की है। कुख्यात अपराधी छैमार गैंग का सक्रिय सदस्य था। मंगलवार भोर करीब 3 बजकर 45 मिनट पर जगदीशपुर गांव के पास स्थित तालाब के निकट गोलियों की तड़ताहट सुनाई दी। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र की अगुवाई में टीम ने डकैती गिरोह के सदस्य की घेराबंदी की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जवाबी फायरिंग में कानपुर के मकनपुर निवासी विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नक्शे अली उर्फ पेदा गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। टीम के मुताबिक विक्की छैमार डकैती गिरोह का सक्रिय सदस्य था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश, राजस्थान व हरियाणा आदि प्रदेशों के अलग-अलग जनपदों में लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। इस दौरान गृह स्वामियों के विरोध करने पर उनकी हत्या तक कई घटनाओं में की गई है। आरोपी के खिलाफ 21 मुकदमे डकैती, हत्या सहित अन्य धाराओं में दर्ज है। एसटीएफ टीम लंबे समय से उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित गिरोह इन दिनों अंबेडकरनगर जिले में सक्रिय है।</p>
<div style="text-align:justify;">मंगलवार भोर में एसटीएफ टीम ने उसे बेवाना थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास घेराबंदी घेर लिया। टीम की जवाबी फायरिंग में वह ढेर हो गया। एसटीएफ के मुताबिक विक्की वर्ष 2006 से अपराधिक कृत्यों में संलिप्त था। उसके खिलाफ अलग अलग थानों में 21 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2014 में जौनपुर जिले के शाहगंज निवासी रेनू सिंह के घर पर इस गिरोह ने डकैती की घटना को अंजाम दिया था। इसमें परिवार के 6 सदस्यों पर धारदार हथियार से हमला किया गया। जिससे बाद में तीन सदस्यों की मौत हो गई थी। इसी तरह कई अन्य घटनाएं हैं जिसमें घायल पारिवारिक सदस्यों की बाद में मौत हो गई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182905/notorious-dacoit-carrying-reward-of-rs-1-lakh-killed-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182905/notorious-dacoit-carrying-reward-of-rs-1-lakh-killed-in</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:26:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001055115.jpg"                         length="100257"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिश्तों की नींव में दरार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">हाल ही में आगरा में सामने आए उस हृदयविदारक मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसमें एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप है। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि हमारे समाज के बदलते मनोविज्ञान, पारिवारिक मूल्यों के क्षरण और रिश्तों में बढ़ती कटुता का गंभीर संकेत भी है। जिस घर को सुरक्षा, स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है, वही यदि भय और हिंसा का केंद्र बन जाए तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आज का समय अभूतपूर्व तकनीकी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182836/cracks-in-the-foundation-of-relationships"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(1)2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">हाल ही में आगरा में सामने आए उस हृदयविदारक मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसमें एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप है। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि हमारे समाज के बदलते मनोविज्ञान, पारिवारिक मूल्यों के क्षरण और रिश्तों में बढ़ती कटुता का गंभीर संकेत भी है। जिस घर को सुरक्षा, स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है, वही यदि भय और हिंसा का केंद्र बन जाए तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज का समय अभूतपूर्व तकनीकी प्रगति, आर्थिक अवसरों और आधुनिक जीवनशैली का दौर है, लेकिन दूसरी ओर मानवीय संवेदनाएं और रिश्तों की गर्माहट लगातार कमजोर होती दिखाई दे रही हैं। पति-पत्नी का संबंध भारतीय संस्कृति में सबसे पवित्र और विश्वासपूर्ण माना गया है। यह रिश्ता केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और अनेक भावनाओं का संगम होता है। जब इसी रिश्ते में अविश्वास, क्रोध, स्वार्थ और हिंसा प्रवेश कर जाते हैं, तब उसका परिणाम केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज की आत्मा को भी घायल करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों से पति या पत्नी द्वारा अपने जीवनसाथी की हत्या के कई मामले सामने आए हैं। कहीं अवैध संबंधों के कारण हत्या हुई, कहीं संपत्ति के विवाद ने रिश्ते खत्म कर दिए, तो कहीं लंबे समय से चले आ रहे घरेलू विवाद हिंसक रूप ले बैठे। इन घटनाओं ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसा क्या बदल गया है कि जिन लोगों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, वे एक-दूसरे के प्राण लेने तक पहुंच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी सच है कि ऐसे अपराध समाज के अधिकांश परिवारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। देश में करोड़ों परिवार आज भी प्रेम, विश्वास और परस्पर सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं। लेकिन जब इस प्रकार की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं, तो वे समाज के सामने गंभीर प्रश्न अवश्य खड़े करती हैं। क्या हमारी सहनशीलता कम हो रही है? क्या संवाद की जगह आक्रोश ने ले ली है? क्या छोटी-छोटी बातों का समाधान बातचीत से निकालने की बजाय हिंसा को आसान रास्ता समझा जाने लगा है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आधुनिक जीवन की भागदौड़, आर्थिक दबाव, बढ़ती अपेक्षाएं, मानसिक तनाव और सामाजिक प्रतिस्पर्धा ने पारिवारिक जीवन को प्रभावित किया है। पति-पत्नी दोनों कामकाजी हों या एक ही व्यक्ति परिवार की जिम्मेदारी निभा रहा हो, हर स्थिति में मानसिक दबाव पहले की तुलना में कहीं अधिक है। यदि इन परिस्थितियों में संवाद समाप्त हो जाए, एक-दूसरे को समझने का प्रयास खत्म हो जाए और अहंकार रिश्तों पर हावी हो जाए, तो विवाद गहराते चले जाते हैं। ऐसे विवादों का समाधान कानून, परिवार, परामर्श या आपसी बातचीत से निकल सकता है, लेकिन हिंसा कभी समाधान नहीं हो सकती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आगरा की घटना में जिस तरह शव को छिपाने का प्रयास किया गया, उसने लोगों को स्तब्ध कर दिया। यह घटना केवल हत्या तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसके बाद किए गए कथित प्रयासों ने भी समाज को विचलित किया। ऐसे मामलों में कानून अपना कार्य करता है और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोषी या निर्दोष का निर्णय होता है। इसलिए किसी भी आरोपी को अंतिम रूप से दोषी मानना न्यायालय के निर्णय के बाद ही उचित होता है। फिर भी ऐसी घटनाएं यह अवश्य बताती हैं कि अपराध की मानसिकता कितनी भयावह हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज परिवारों में रिश्ते कभी-कभी सूत के धागे जैसे नाजुक प्रतीत होते हैं। छोटी-सी गलतफहमी, आर्थिक विवाद, संदेह या अहंकार वर्षों पुराने संबंधों को तोड़ देता है। पहले परिवार के बड़े-बुजुर्ग विवादों को बैठकर सुलझाते थे। संयुक्त परिवारों में संवाद के अधिक अवसर होते थे। अब एकल परिवारों के बढ़ने, सामाजिक दूरी और व्यस्त जीवनशैली के कारण कई लोग अपनी मानसिक परेशानियां भीतर ही भीतर दबाए रहते हैं। जब भावनाएं लंबे समय तक दबती रहती हैं, तो कभी-कभी उनका विस्फोट अत्यंत दुखद रूप में सामने आता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी आवश्यक है कि समाज किसी एक वर्ग या लिंग को दोषी ठहराने की प्रवृत्ति से बचे। अपराध करने वाला व्यक्ति पुरुष भी हो सकता है और महिला भी। कानून की दृष्टि में अपराधी केवल अपराधी होता है। इसलिए किसी एक घटना के आधार पर पूरे समाज, किसी पीढ़ी या किसी लिंग के बारे में व्यापक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपराध के कारणों को समझें और उन्हें रोकने के उपाय खोजें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। तनाव, अवसाद, गुस्सा और संबंधों में बढ़ती दूरी को समय रहते पहचानना और उनका समाधान करना अत्यंत आवश्यक है। यदि पति-पत्नी के बीच मतभेद हैं, तो परिवार, मित्र, विवाह परामर्शदाता या कानूनी प्रक्रिया की सहायता ली जा सकती है। अलग होना पड़े तो वह भी कानून के दायरे में और गरिमा के साथ होना चाहिए। तलाक एक वैधानिक प्रक्रिया है, जबकि हत्या मानवता और कानून—दोनों के विरुद्ध जघन्य अपराध है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया और सोशल मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। अपराधों की जानकारी समाज तक पहुंचाना आवश्यक है, लेकिन उनके सनसनीखेज चित्रण की बजाय यह भी बताया जाना चाहिए कि ऐसे अपराधों के पीछे कौन-से सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण काम करते हैं तथा उनसे बचाव कैसे किया जा सकता है। समाज को भय और सनसनी नहीं, बल्कि जागरूकता और संवेदनशीलता की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बच्चों और युवाओं को बचपन से ही संवाद, सहनशीलता, नैतिकता और सम्मानजनक व्यवहार की शिक्षा देना समय की मांग है। परिवार केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा का आधार होता है। यदि घरों में प्रेम, विश्वास और धैर्य का वातावरण बनेगा, तो समाज भी अधिक सुरक्षित और संवेदनशील बनेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हर दिन दर्ज होने वाले हत्या, मारपीट, अपहरण और अन्य गंभीर अपराध निश्चित रूप से चिंता पैदा करते हैं। लेकिन इन घटनाओं के बीच यह याद रखना भी जरूरी है कि समाज में आज भी असंख्य लोग ईमानदारी, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों के साथ जीवन जी रहे हैं। हमें उन्हीं सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करना होगा, ताकि हिंसा की प्रवृत्ति को रोका जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रिश्ते विश्वास से बनते हैं और विश्वास टूटने पर सबसे बड़ी क्षति केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की होती है। यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित, संवेदनशील और संस्कारित वातावरण में जीवन जीएं, तो हमें संवाद, धैर्य, परस्पर सम्मान और नैतिक मूल्यों को फिर से अपने पारिवारिक जीवन का आधार बनाना होगा। यही वह मार्ग है जो समाज को हिंसा से दूर और मानवीयता के निकट ले जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182836/cracks-in-the-foundation-of-relationships</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182836/cracks-in-the-foundation-of-relationships</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 22:02:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/images-%281%292.jpg"                         length="69686"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घर में घुसने का प्रयास, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का आरोप, पुलिस से कार्रवाई की मांग। </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र स्थित रॉयल सिटी कॉलोनी में एक महिला ने पूर्व कर्मचारी और उसकी पत्नी पर गाली-गलौज, छेड़छाड़, जबरन घर में घुसने का प्रयास तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रॉयल सिटी निवासी मिथलेश वर्मा पत्नी बृज किशोर वर्मा द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि 18 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे रानू यादव, जो पूर्व में उनके रॉयल आइसक्रीम कारखाने में कार्य करता था, उनके घर के बाहर पहुंचा और आवाज लगाने लगा। आरोप है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181592/attempt-to-enter-the-house-molestation-and-threat-to-kill"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/552067.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र स्थित रॉयल सिटी कॉलोनी में एक महिला ने पूर्व कर्मचारी और उसकी पत्नी पर गाली-गलौज, छेड़छाड़, जबरन घर में घुसने का प्रयास तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रॉयल सिटी निवासी मिथलेश वर्मा पत्नी बृज किशोर वर्मा द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि 18 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे रानू यादव, जो पूर्व में उनके रॉयल आइसक्रीम कारखाने में कार्य करता था, उनके घर के बाहर पहुंचा और आवाज लगाने लगा। आरोप है कि गेट पर पहुंचने पर रानू यादव नशे की हालत में गाली-गलौज करने लगा तथा आइसक्रीम की रेहड़ी मांगने लगा। मना करने पर वह अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए विवाद करने लगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता के अनुसार विरोध करने पर रानू यादव और उसकी पत्नी ज्योति यादव ने उसका हाथ पकड़कर जबरन घर के अंदर खींचने का प्रयास किया। आरोप है कि रानू यादव ने छेड़छाड़ करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। शोर सुनकर मौके पर पहुंची पुत्री सोनम वर्मा के साथ भी आरोपितों ने गाली-गलौज की तथा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित भी किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<div>घटना के बाद से पीड़िता और उसका परिवार भयभीत है। मिथलेश वर्मा ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपित रानू यादव और ज्योति यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181592/attempt-to-enter-the-house-molestation-and-threat-to-kill</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181592/attempt-to-enter-the-house-molestation-and-threat-to-kill</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 17:50:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/552067.jpg"                         length="203337"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस ने 24 घंटे में किया लाखों की चोरी का खुलासा , माल समेत दो शातिर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>पनकी थाना क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके क्रम में पूर्व में अनेक अपराधियों को जेल की हवा खिलाने के साथ ही लाखों के माल की चोरी की घटना का भी 24 घंटे के अंदर सटीक खुलासा कर दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के 24 घंटे के अंदर माल सहित चोरों को भी गिरफ्तार करने जैसी यह महत्वपूर्ण सफलता अपराधियों के खिलाफ लगातार सफल मोर्चा खोले और पीड़ितों की सहायता में भी आग्रणी माने जाने वाले इंडस्ट्रियल एरिया पनकी के तेज तर्रार व्यवहार कुशल चौकी प्रभारी विकास वर्मा की टीम को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180978/industrial-area-police-revealed-theft-worth-lakhs-in-24-hours"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001991940.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>पनकी थाना क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके क्रम में पूर्व में अनेक अपराधियों को जेल की हवा खिलाने के साथ ही लाखों के माल की चोरी की घटना का भी 24 घंटे के अंदर सटीक खुलासा कर दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के 24 घंटे के अंदर माल सहित चोरों को भी गिरफ्तार करने जैसी यह महत्वपूर्ण सफलता अपराधियों के खिलाफ लगातार सफल मोर्चा खोले और पीड़ितों की सहायता में भी आग्रणी माने जाने वाले इंडस्ट्रियल एरिया पनकी के तेज तर्रार व्यवहार कुशल चौकी प्रभारी विकास वर्मा की टीम को मिली। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अवगत कराते चलें कि योगी सरकार की मंशा के अनुरूप पीड़ितों की सहायता के साथ ही अपराधियों के खिलाफ भी लगातार सफल मोर्चा खोले लोकप्रिय कार्यशैली के जुझारू तेवरों वाले सरल और शालीन स्वभाव के चौकी प्रभारी विकास वर्मा की कर्तव्य के प्रति प्रगाढ़ निष्ठा उनकी जुझारू नौकरी के अब तक के कार्यकाल में सभी संगीन घटनाओं का सटीक खुलासा करते हुए दर्जनों शातिरों को सबक सिखाने में भी सफल हो चुकी है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त विवरण के मुताबिक चौकी क्षेत्र इंडस्ट्रियल एरिया थाना पनकी स्थित एक फैक्ट्री से लगभग 2700 किलो वजन की लगभग 6 लाख से भी अधिक रुपए की कीमत वाली लेड की 108 सिल्लियां चोरी कर ली गईं थी। जिसकी सूचना के बाद तत्काल कार्यवाही में भी अग्रणी चौकी प्रभारी विकास वर्मा अपनी टीम के साथ सक्रिय होकर चोरों की तलाश में जुट गए। अंततः लाखों की चोरी की इस घटना के खिलाफ उनका कठोर परिश्रम</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180978/industrial-area-police-revealed-theft-worth-lakhs-in-24-hours</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180978/industrial-area-police-revealed-theft-worth-lakhs-in-24-hours</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:21:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001991940.jpg"                         length="371423"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजा रघुवंशी हत्याकांड प्रकरण और न्याय की चुनौतियां</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राजा रघुवंशी का प्रकरण आधुनिक समय की उन सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है जिसने भारतीय समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। यह मात्र एक आपराधिक घटना नहीं है बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं, अटूट विश्वास और विश्वासघात की पराकाष्ठा का एक ऐसा दस्तावेज है जो हमारी न्याय प्रणाली की सूक्ष्मताओं को भी कटघरे में खड़ा करता है। वर्ष 2025 में आरंभ हुई यह दुखद कथा 2026 में भी जनमानस के बीच गहन विमर्श का केंद्र बनी हुई है, विशेषकर उस समय जब इस संपूर्ण प्रकरण की मुख्य अभियुक्त को न्यायालय से सशर्त मुक्ति प्राप्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177571/article-raja-raghuvanshi-murder-case-and-challenges-of-justice"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/raja-raghuvanshi-murder-case-2026-04-28-16-09-36.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजा रघुवंशी का प्रकरण आधुनिक समय की उन सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है जिसने भारतीय समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। यह मात्र एक आपराधिक घटना नहीं है बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं, अटूट विश्वास और विश्वासघात की पराकाष्ठा का एक ऐसा दस्तावेज है जो हमारी न्याय प्रणाली की सूक्ष्मताओं को भी कटघरे में खड़ा करता है। वर्ष 2025 में आरंभ हुई यह दुखद कथा 2026 में भी जनमानस के बीच गहन विमर्श का केंद्र बनी हुई है, विशेषकर उस समय जब इस संपूर्ण प्रकरण की मुख्य अभियुक्त को न्यायालय से सशर्त मुक्ति प्राप्त हुई है। इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि कभी-कभी वास्तविकता किसी भी काल्पनिक कथा से अधिक भयावह और विचलित करने वाली हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संपूर्ण घटनाक्रम की जड़ें इंदौर के एक सामान्य परिवार से जुड़ी हैं। इंदौर के निवासी राजा रघुवंशी का विवाह 11 मई 2025 को सोनम के साथ अत्यंत हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ था। परिवार के सदस्यों और मित्रों के अनुसार यह एक अत्यंत सुखी और सामान्य विवाह प्रतीत होता था, जिसमें किसी भी प्रकार के तनाव या विवाद की कोई सुगबुगाहट नहीं थी। विवाह के पश्चात के रीति-रिवाजों को पूर्ण करने के बाद, अपनी नई जीवन यात्रा को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से यह दंपति 20 मई 2025 के आसपास मेघालय की प्राकृतिक छटाओं का आनंद लेने के लिए प्रस्थान कर गया। उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि खुशियों की यह खोज एक भयानक त्रासदी में परिवर्तित होने वाली है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेघालय की वादियों में भ्रमण के दौरान 23 मई 2025 वह अंतिम तिथि थी जब राजा और सोनम को अंतिम बार एक साथ देखा गया था। इसके पश्चात अचानक उनका अपने परिवार से संपर्क विच्छेद हो गया। कई घंटों तक कोई सूचना न मिलने और संचार के सभी साधन बंद होने के कारण परिवार की चिंता बढ़ती गई। अंततः स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस संदर्भ में सूचित किया गया। इसके पश्चात एक व्यापक खोज अभियान का सूत्रपात हुआ जिसमें स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ आपदा प्रबंधन दल और अन्य जांच एजेंसियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। कई दिनों की निरंतर खोज और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करने के पश्चात 2 जून 2025 को राजा का निष्प्राण शरीर एक अत्यंत गहरी खाई से बरामद किया गया। इस समाचार ने न केवल रघुवंशी परिवार को अपूर्णीय क्षति पहुँचाई बल्कि संपूर्ण देश में सनसनी फैला दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रारंभिक स्तर पर यह मामला एक रहस्यमय दुर्घटना प्रतीत हो रहा था क्योंकि राजा की पत्नी सोनम उस स्थान से लापता थी। पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान चलाया। अंततः 8 जून 2025 को पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली जब सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से बंदी बना लिया गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस घटना के पीछे छिपे काले सत्यों की परतें खुलने लगीं। जांच अधिकारियों ने उद्भेदन किया कि राजा की मृत्यु कोई संयोग या दुर्घटना नहीं थी, अपितु यह एक अत्यंत सुव्यवस्थित और क्रूर षड्यंत्र का परिणाम थी। पुलिस के दावों के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और 3 अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध की रूपरेखा तैयार की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि हत्या की इस वारदात को मेघालय के सोहरा क्षेत्र के अत्यंत दुर्गम और एकांत स्थान पर अंजाम दिया गया था। वहां अपराधी पूर्व से ही घात लगाकर बैठे थे। आरोप है कि सोनम सुनियोजित तरीके से राजा को उस एकांत स्थान पर ले गई, जहां पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार हमलावरों ने उस पर प्रहार किया और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शरीर को खाई में फेंक दिया। यह विवरण किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को विचलित करने के लिए पर्याप्त था क्योंकि यह उस पवित्र बंधन के विरुद्ध था जिसमें दो व्यक्ति एक-दूसरे की सुरक्षा का वचन लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरक्षी विभाग ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए साक्ष्यों का संकलन किया और सितंबर 2025 में न्यायालय के समक्ष लगभग 790 पृष्ठों का एक विशाल आरोप पत्र प्रस्तुत किया। इस दस्तावेज में सोनम, राज कुशवाहा और अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध वैज्ञानिक साक्ष्य, परिस्थितिजन्य प्रमाण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को विस्तृत रूप से सम्मिलित किया गया था। इस आरोप पत्र की गंभीरता को देखते हुए यह स्पष्ट था कि यह मामला कानूनी रूप से अत्यंत सुदृढ़ है। इस अवधि के दौरान अभियुक्तों की ओर से कई बार जमानत के लिए आवेदन किया गया, परंतु अपराध की प्रकृति और साक्ष्यों की प्रबलता को देखते हुए आरंभिक 3 प्रयासों में सोनम को कोई राहत नहीं मिली। वह लगभग 10 महीनों तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल की सलाखों के पीछे रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 के अप्रैल माह में इस प्रकरण ने एक अप्रत्याशित मोड़ लिया। शिलांग की एक अदालत ने सोनम की जमानत याचिका पर विचार करते हुए उसे मुक्त करने का आदेश दिया। न्यायालय ने अपने निर्णय में जांच प्रक्रिया में व्याप्त कुछ गंभीर विसंगतियों और तकनीकी त्रुटियों को आधार बनाया। न्यायालय का यह प्रेक्षण था कि गिरफ्तारी के समय अभियुक्त को उसके अधिकारों और आरोपों की जानकारी उस प्रकार नहीं दी गई जैसा कि विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया में अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, दस्तावेजों के रख-रखाव में भी कुछ प्रक्रियात्मक कमियां पाई गईं। न्यायालय ने इस बात पर भी बल दिया कि बिना किसी अंतिम निर्णय के किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक कारावास में रखना मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से उचित नहीं है, विशेषकर तब जब मुकदमे की कार्यवाही की गति धीमी हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यद्यपि न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि जमानत प्रदान करने का अर्थ अभियुक्त को निर्दोष घोषित करना नहीं है, फिर भी इस निर्णय ने एक नई बहस को जन्म दे दिया। राजा रघुवंशी के वृद्ध माता-पिता और परिजनों के लिए यह आदेश किसी वज्रपात से कम नहीं था। उनका तर्क है कि जिस महिला पर उनके पुत्र की हत्या का इतना गंभीर आरोप है और जिसके विरुद्ध पुलिस ने 790 पृष्ठों के साक्ष्य जुटाए हैं, उसे केवल तकनीकी त्रुटियों के आधार पर राहत मिलना न्याय की अवधारणा के विपरीत है। परिवार ने अब इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का संकल्प लिया है और वे न्याय के लिए निरंतर संघर्षरत हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह प्रकरण समाज के सम्मुख कई गंभीर प्रश्न प्रस्तुत करता है। यह व्यक्तिगत संबंधों में बढ़ती असुरक्षा और स्वार्थपरता को उजागर करता है। यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार आधुनिक जीवनशैली और अनैतिक आकांक्षाएं व्यक्ति को इतने बड़े अपराध की ओर धकेल सकती हैं। साथ ही, यह मामला हमारी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाता है। यदि पुलिस ने जांच और गिरफ्तारी के समय स्थापित नियमों का पूर्णतः पालन किया होता, तो शायद आज अभियुक्त को तकनीकी आधार पर जमानत न मिलती। यह प्रकरण यह भी सिखाता है कि न्याय केवल भावना से नहीं बल्कि ठोस तथ्यों और सही कानूनी प्रक्रिया से प्राप्त होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में संचार माध्यमों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वर्ष 2025 से ही इस घटना को निरंतर प्रसारित किया गया जिससे यह एक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया। किंतु कई बार अत्यधिक प्रचार के कारण वास्तविक विधिक तथ्य गौण हो जाते हैं और भावनात्मक पक्ष अधिक प्रभावी हो जाता है। सामाजिक स्तर पर यह घटना एक चेतावनी की भांति है जो यह बताती है कि विवाह जैसे निर्णय अत्यंत सोच-विचार कर लिए जाने चाहिए और समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति सतर्कता अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में 2026 का समय इस प्रकरण के लिए अत्यंत निर्णायक है। यद्यपि मुख्य अभियुक्त कारागार से बाहर है, किंतु कानूनी संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। न्यायालय में गवाहों की गवाही और साक्ष्यों का परीक्षण निरंतर जारी रहेगा। समाज की दृष्टि अब उच्च न्यायालय और ट्रायल कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी है। राजा रघुवंशी के परिवार को अभी भी विश्वास है कि अंततः सत्य की विजय होगी और उनके पुत्र के हत्यारों को उनके कृत्य का दंड अवश्य मिलेगा। यह कहानी एक दुखद सत्य के साथ समाप्त नहीं होती, बल्कि यह न्याय की उस लंबी और कठिन डगर का प्रतीक बन गई है जिस पर आज भी भारत का एक साधारण परिवार न्याय की आस में चल रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177571/article-raja-raghuvanshi-murder-case-and-challenges-of-justice</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177571/article-raja-raghuvanshi-murder-case-and-challenges-of-justice</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 17:04:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/raja-raghuvanshi-murder-case-2026-04-28-16-09-36.webp"                         length="58012"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जब घर ही कब्र बन गया और रिश्ते खामोश गवाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के नगीन नगर</span>  (<span lang="hi" xml:lang="hi">चंदन नगर थाना क्षेत्र</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">की तंग गलियों में जब लंबे समय से जमी खामोशी अचानक दरक गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके भीतर छिपा भयावह सच पूरे इलाके को भीतर तक हिला गया।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक बंद और उपेक्षित मकान</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से निकली सड़न और रहस्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सन्न कर दिया। इसी मकान के भीतर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span>65 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षीय वृद्ध का निर्जीव शरीर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिनों (लगभग दो दिन)</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से पड़ा हुआ था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और समय के साथ वह उपेक्षा की भयावह तस्वीर बन चुका था। यह घटना केवल मृत्यु की सूचना नहीं थी</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176440/when-home-itself-becomes-a-grave-and-relationships-become-silent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas15.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के नगीन नगर</span> (<span lang="hi" xml:lang="hi">चंदन नगर थाना क्षेत्र</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">की तंग गलियों में जब लंबे समय से जमी खामोशी अचानक दरक गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके भीतर छिपा भयावह सच पूरे इलाके को भीतर तक हिला गया।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक बंद और उपेक्षित मकान</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से निकली सड़न और रहस्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सन्न कर दिया। इसी मकान के भीतर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>65 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षीय वृद्ध का निर्जीव शरीर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिनों (लगभग दो दिन)</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से पड़ा हुआ था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और समय के साथ वह उपेक्षा की भयावह तस्वीर बन चुका था। यह घटना केवल मृत्यु की सूचना नहीं थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टूटते रिश्तों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिखरते परिवार और संवेदनहीन होते समाज का दर्दनाक दर्पण</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">थी। बंद दीवारों के भीतर दबी यह चुप्पी अब एक कठोर प्रश्न बनकर खड़ी है—क्या इस आधुनिक युग में इंसान अपने ही घर के भीतर इतना अकेला और असहाय हो सकता है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सन्नाटे में दबी हुई सच्चाई जब अचानक सांस लेने लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसका पहला स्पर्श ही पूरे वातावरण को हिला देता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलोनी के बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी गेंद अचानक उसी बंद पड़े पुराने मकान के भीतर जा गिरी। गेंद लेने गए बच्चों ने जैसे ही अंदर झांका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेज दुर्गंध और सड़न की भयावह स्थिति ने उन्हें भयभीत कर दिया। भीतर का दृश्य अत्यंत भयावह था—चूहों द्वारा क्षत-विक्षत शव और मौत का गहरा सन्नाटा। यह सच शायद और भी दिनों तक छिपा रहता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि वह गेंद उस बंद मकान में न जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने एक अनदेखी और उपेक्षित त्रासदी को उजागर कर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां भीतर का दृश्य अत्यंत भयावह और दिल दहला देने वाला था—कमरे में फैली सड़ांध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जड़ हो चुकी खामोशी और लंबे समय से उपेक्षित वातावरण यह स्पष्ट संकेत दे रहे थे कि मृत्यु कई दिन पहले हो चुकी थी और किसी ने उसकी सुध नहीं ली थी</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शव काफी विकृत अवस्था में था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे यह घटना केवल एक पुलिस जांच का विषय न रहकर समाज की संवेदनहीनता और टूटते पारिवारिक संबंधों का कठोर दर्पण बन गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सबसे बड़ा प्रश्न यही रह गया कि तीन पुत्रों के होते हुए भी यह व्यक्ति अपने अंतिम समय में इस तरह पूर्णतः अकेला क्यों रह गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवन की कठिन धूप में तपकर यह वृद्ध व्यक्ति वर्षों तक मेहनत-मजदूरी करता रहा और अपने परिवार की ज़िम्मेदारियों को कंधों पर ढोता हुआ बच्चों के भविष्य को संवारने में पूरी उम्र खपा दी</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">अभावों और आर्थिक संघर्षों के बीच भी उसने कभी घर की डोर को टूटने नहीं दिया और हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता रहा। समय के साथ शराब की लत ने उसके जीवन को अवश्य प्रभावित किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पिता के हृदय में बसे स्नेह और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद कभी कम नहीं हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि विडंबना यह रही कि वही बच्चे धीरे-धीरे उससे दूर होते चले गए</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">त्याग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उपेक्षा और टूटते रिश्तों के बीच यह पवित्र सा बंधन अंततः बिखरकर एक दर्दनाक मौन में बदल गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तीन पुत्रों के होते हुए भी यह वृद्ध व्यक्ति अपने अंतिम समय में गहरी एकाकी स्थिति में था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक मतभेदों ने रिश्तों की नींव कमजोर कर दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण न कोई मुलाकात बची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कोई हालचाल लेने वाला और न ही कोई जिम्मेदारी निभाने वाला शेष रहा। जिस पिता ने जीवन भर अपनी संतान के भविष्य को संवारने में अपना सब कुछ लगा दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही अंततः उपेक्षा का शिकार बन गया</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कभी स्नेह और अपनत्व से भरे रक्त संबंध धीरे-धीरे दूरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नाराज़गी और स्वार्थ में बदल गए। यह स्थिति बताती है कि समय के साथ कई रिश्ते भावनाओं से टूटकर केवल औपचारिक औपचारिकता भर रह जाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मृत्यु की सूचना मिलने के बाद जब रिश्तेदारों और पुत्रों को खबर दी गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उनका व्यवहार और भी अधिक पीड़ादायक और निराशाजनक था</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">एक-एक कर सभी ने आने से स्पष्ट इनकार कर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानो अंतिम संस्कार कोई पारिवारिक दायित्व नहीं बल्कि एक अनचाहा बोझ हो। एक ओर वृद्ध पिता का निर्जीव शरीर पड़ा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर पुत्रों की संवेदनहीनता और दूरी साफ झलक रही थी। आश्चर्यजनक रूप से संपत्ति को लेकर सक्रियता तो दिखाई दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भावनाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्तव्य और मानवीय संवेदना का पूर्ण अभाव उजागर हो गया। यह पूरा दृश्य रिश्तों के पतन और सामाजिक मूल्यों के क्षरण की सबसे कठोर और असहज तस्वीर प्रस्तुत करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">नगीन नगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मोबाइल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काम और व्यक्तिगत स्वार्थ ने पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट को लगातार कमजोर कर दिया है। बुजुर्ग घरों में अकेलेपन का जीवन जीने को मजबूर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनकी देखभाल और हालचाल लेने वाला कोई नहीं बचा। यह घटना उस गहराते सामाजिक संकट को उजागर करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां इंसान मौजूद होते हुए भी इंसानियत धीरे-धीरे खोती जा रही है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति और भी भयावह रूप ले सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह घटना एक गहरी सामाजिक पीड़ा और विचारणीय सच्चाई को उजागर करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे नज़रअंदाज़ करना अब संभव नहीं है। जीवन की वास्तविक संपत्ति न तो धन है और न ही भौतिक सुख-सुविधाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि रिश्तों की गरमाहट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मान और अपनापन ही उसका असली आधार हैं। यदि हम आज अपने बुजुर्गों की उपेक्षा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यही उपेक्षा कल हमारे अपने जीवन में भी लौट सकती है। यह प्रसंग स्पष्ट चेतावनी देता है कि रिश्तों को समय रहते समझना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवारना और निभाना ही सबसे बड़ी मानवीय जिम्मेदारी है। अन्यथा अंत में केवल पछतावे का अंधकार शेष रह जाएगा और समाज धीरे-धीरे उस संवेदनहीन दिशा में बढ़ता जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां इंसान होते हुए भी इंसानियत का अर्थ खोने लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176440/when-home-itself-becomes-a-grave-and-relationships-become-silent</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176440/when-home-itself-becomes-a-grave-and-relationships-become-silent</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:06:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/hindi-divas15.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी में चलती ट्रेन से बिहार के 163 नाबालिग लड़के बचाए गए; मानव तस्करी की कोशिश का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिग लड़कों को मध्य प्रदेश के कटनी ज़िले में एक एक्सप्रेस ट्रेन से रेलवे पुलिस ने बचाया।अधिकारियों ने बताया कि 6 से 13 साल की उम्र के इन बच्चों को कथित तौर पर लातूर में मज़दूरी के काम के लिए ले जाया जा रहा था। शनिवार रात को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने बाल कल्याण समिति (CWC) से मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें रोका।</p>
<p style="text-align:justify;">RPF और GRP के जवानों ने एक संयुक्त अभियान में, कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में सवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175925/163-minor-boys-from-bihar-rescued-from-moving-train-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/child_trafficking__1775986963797.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिग लड़कों को मध्य प्रदेश के कटनी ज़िले में एक एक्सप्रेस ट्रेन से रेलवे पुलिस ने बचाया।अधिकारियों ने बताया कि 6 से 13 साल की उम्र के इन बच्चों को कथित तौर पर लातूर में मज़दूरी के काम के लिए ले जाया जा रहा था। शनिवार रात को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने बाल कल्याण समिति (CWC) से मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें रोका।</p>
<p style="text-align:justify;">RPF और GRP के जवानों ने एक संयुक्त अभियान में, कटनी रेलवे स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में सवार उन आठ लोगों के समूह को रोका, जो नाबालिगों के साथ बिना किसी वैध टिकट या दस्तावेज़ के यात्रा कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">RPF कटनी के इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने समाचार एजेंसी को बताया कि शुरुआती जानकारी से पता चला है कि इन बच्चों को बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर में मज़दूरी के काम के लिए ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने संभावित मानव तस्करी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की, और यात्रा दस्तावेज़ों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें शक हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">रोके जाने के बाद, GRP ने आठ आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4) के तहत मामला दर्ज किया, जो 18 साल से कम उम्र के बच्चे की मानव तस्करी से संबंधित है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी बिहार के अलग-अलग ज़िलों के रहने वाले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">PTI द्वारा उद्धृत अधिकारियों के अनुसार, CWC ने अधिकारियों को तब सचेत किया था जब उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाने के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ट्रेन का इंतज़ार किया और उसके आने पर तलाशी ली, और नाबालिगों को सुरक्षित हिरासत में ले लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि बचाए गए बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है, और साथ ही उनके परिवारों से संपर्क करने की कोशिशें भी जारी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175925/163-minor-boys-from-bihar-rescued-from-moving-train-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175925/163-minor-boys-from-bihar-rescued-from-moving-train-in</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 21:45:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/child_trafficking__1775986963797.webp"                         length="84660"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने पाक्सो के आरोपी को किया बरी, कहा– नाबालिग अपनी मर्जी से गई थी, परिस्थितियां देखना भी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुंगेली जिले से जुड़े एक चर्चित POCSO मामले में अहम फैसला सुनाते हुए बड़ा संदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी मामले में केवल पीड़िता की उम्र को आधार बनाकर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि पूरे घटनाक्रम, साक्ष्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को असंगत मानते हुए आरोपी दीपक वैष्णव को बरी कर दिया. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा.</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला 13 सितंबर 2022 का है. मुंगेली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175919/high-court-acquitted-pocso-accused-and-said-%E2%80%93-the-minor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/chhattisgarh-high-court-jobs_650x400_41472110383.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुंगेली जिले से जुड़े एक चर्चित POCSO मामले में अहम फैसला सुनाते हुए बड़ा संदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी मामले में केवल पीड़िता की उम्र को आधार बनाकर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि पूरे घटनाक्रम, साक्ष्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को असंगत मानते हुए आरोपी दीपक वैष्णव को बरी कर दिया. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा.</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला 13 सितंबर 2022 का है. मुंगेली जिले की एक नाबालिग लड़की स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. शिकायत में आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है.</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के बाद विशेष POCSO कोर्ट, मुंगेली ने आरोपी दीपक वैष्णव को IPC की धारा 363 और 366 के साथ-साथ POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी माना था. ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को गंभीर अपराध का दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी.</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट में आरोपी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से संपर्क था. दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी और लड़की ने खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जाने का फैसला किया. दोनों ने मुंगेली, रायपुर, हैदराबाद और विजयवाड़ा जैसे शहरों की यात्रा की और करीब एक महीने तक साथ रहे. बचाव पक्ष का कहना था कि पूरे मामले में कहीं भी जबरदस्ती, दबाव या लालच के कोई साक्ष्य नहीं हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए उसकी सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है. आरोपी ने उसे उसके माता-पिता की देखरेख से दूर ले जाकर अपराध किया है, जो सीधे तौर पर POCSO एक्ट के तहत दंडनीय है.</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहराई से समीक्षा करने के बाद हाईकोर्ट ने साफ कहा कि “ले जाना” और “साथ जाना” दोनों अलग-अलग बातें हैं. कोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने पीड़िता को जबरदस्ती या धोखे से उसके अभिभावकों की देखरेख से दूर किया. कोर्ट के अनुसार, यदि कोई लड़की खुद अपनी मर्जी से किसी के साथ जाती है, तो केवल इसी आधार पर अपहरण का अपराध सिद्ध नहीं किया जा सकता.</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने मेडिकल जांच और FSL रिपोर्ट पर भी गौर किया. रिपोर्ट्स में जबरन शारीरिक संबंध या हिंसा के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले. इस आधार पर कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ साबित करने में विफल रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने पाया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र करीब 15 वर्ष 10 माह थी. वह नाबालिग जरूर थी, लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा कि हर मामले में केवल उम्र के आधार पर दोष तय नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब परिस्थितियां यह दिखाती हों कि पीड़िता अपनी इच्छा से गई थी और कोई जोर-जबरदस्ती नहीं हुई, तो ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175919/high-court-acquitted-pocso-accused-and-said-%E2%80%93-the-minor</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175919/high-court-acquitted-pocso-accused-and-said-%E2%80%93-the-minor</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 21:39:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/chhattisgarh-high-court-jobs_650x400_41472110383.jpg"                         length="141748"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कंबोडिया भेजकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर के बेकनगंज थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कम पढ़े लिखे युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर कंबोडिया भेजते थे और उनको साइबर ठगी के गिरोह में शामिल करते थे। पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि कल दिनांक 11.04.2026 को थाना बेकनगंज पर एक पीड़ित नावेद नाम के युवक द्वारा सूचना दी गई कि उसे नौकरी का झांसा देकर लगभग ₹3,00,000 की ठगी करते हुए थाईलैंड के रास्ते कंबोडिया भेजा गया, जहाँ उससे साइबर फ्रॉड कराने का प्रयास किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उसने बताया कि कंबोडिया में सूनसान जगह पर एक होटल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175865/cyber-fraud-gang-exposed-by-sending-people-to-cambodia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001822313.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर के बेकनगंज थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कम पढ़े लिखे युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर कंबोडिया भेजते थे और उनको साइबर ठगी के गिरोह में शामिल करते थे। पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि कल दिनांक 11.04.2026 को थाना बेकनगंज पर एक पीड़ित नावेद नाम के युवक द्वारा सूचना दी गई कि उसे नौकरी का झांसा देकर लगभग ₹3,00,000 की ठगी करते हुए थाईलैंड के रास्ते कंबोडिया भेजा गया, जहाँ उससे साइबर फ्रॉड कराने का प्रयास किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसने बताया कि कंबोडिया में सूनसान जगह पर एक होटल में उसे ले जाया गया जहां साईबर ठगी का पूरा सैटप लगा हुआ था और उसको ट्रेनिंग दी जाने लगी लेकिन वह किसी तरह से वहां से निकल कर इंडिया आ गया। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए स्वॉट टीम एवं थाना बेकनगंज पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई कर 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा कम शिक्षित युवकों को झांसा देकर कंबोडिया भेजकर उनसे साइबर ठगी कराए जाने की बात स्वीकार की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब तक की जांच में 6 व्यक्तियों को कंबोडिया भेजे जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, जिनमें से 3 भारत वापस आ चुके हैं तथा शेष के संबंध में जानकारी एकत्र कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में साक्ष्य संकलन एवं विधिक कार्यवाही प्रचलित है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175865/cyber-fraud-gang-exposed-by-sending-people-to-cambodia</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175865/cyber-fraud-gang-exposed-by-sending-people-to-cambodia</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:58:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001822313.jpg"                         length="147487"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धारदार हथियार से वृद्ध चौकीदार की  हत्या, सनसनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी कोतवाली क्षेत्र के धनुहा गांव में बृहस्पतिवार की देर रात कुछ लोगों ने धारदार हथियार से वृद्ध चौकीदार की निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी ।  सुबह खून से लत पथ उसका शव देखकर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए  भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार नैनी थाना क्षेत्र के मोहब्बत गंज ठकुरी का पुरवा निवासी राजबहादुर निषाद धनुहा गांव में किराए पर जमीन लेकर गिट्टी बालू का व्यवसाय करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उनके यहां गांव के ही (75) वर्षीय हजारी लाल भारतीया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175060/sensation-in-murder-of-old-watchman-with-sharp-weapon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी कोतवाली क्षेत्र के धनुहा गांव में बृहस्पतिवार की देर रात कुछ लोगों ने धारदार हथियार से वृद्ध चौकीदार की निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी ।  सुबह खून से लत पथ उसका शव देखकर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए  भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार नैनी थाना क्षेत्र के मोहब्बत गंज ठकुरी का पुरवा निवासी राजबहादुर निषाद धनुहा गांव में किराए पर जमीन लेकर गिट्टी बालू का व्यवसाय करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके यहां गांव के ही (75) वर्षीय हजारी लाल भारतीया पुत्र मुन्नीलाल भारतीया रात में चौकीदारी का काम करते थे। बताते हैं, कि बृहस्पतिवार की रात मैं वह घर से खाना खाकर वहां सोने के लिए पहुंचे। सुबह उनका शव खून से लथ पथ पड़ा देख गांव में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी होते ही काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। घटना की सूचना इलाकाई पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने घटना के बारे में लोगों से पूछताछ करते हुए शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए  भेज दिया। घटना में मृतक के पुत्र सोनू भारतीया की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के  गले और मुंह पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान साफ देखे जा रहे हैं। घटना के बाबत एक बातचीत में इंस्पेक्टर नैनी ब्रिज किशोर गौतम का कहना है, कि हत्या  का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175060/sensation-in-murder-of-old-watchman-with-sharp-weapon</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175060/sensation-in-murder-of-old-watchman-with-sharp-weapon</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 21:28:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg"                         length="106722"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        