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                <title>police controversy - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>police controversy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मलिहाबाद कोतवाली फिर विवादों में: सिपाही अनुज पर प्रताड़ना के आरोप, सिपाही आशीष मलिक पर व्हाट्सएप ग्रुप से खबर हटाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद।</strong> मलिहाबाद कोतवाली एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार, एक मामले में पीड़ित से मिलने पहुंचे उसके सहयोगी को पुलिस ने बिना स्पष्ट कारण कोतवाली में बैठाए रखा और कथित रूप से पूरी रात प्रताड़ित किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
<div><br />पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हाल के दिनों में जिन मामलों का खुलासा हुआ है, उनके बाद मलिहाबाद पुलिस का रवैया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183396/constable-anuj-faces-allegations-of-harassment-in-malihabad-kotwali-disputes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260522-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद।</strong> मलिहाबाद कोतवाली एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार, एक मामले में पीड़ित से मिलने पहुंचे उसके सहयोगी को पुलिस ने बिना स्पष्ट कारण कोतवाली में बैठाए रखा और कथित रूप से पूरी रात प्रताड़ित किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
<div><br />पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हाल के दिनों में जिन मामलों का खुलासा हुआ है, उनके बाद मलिहाबाद पुलिस का रवैया पीड़ित पक्ष से जुड़े लोगों के प्रति सख्त और असहयोगात्मक हो गया है। इसी क्रम में कोतवाली में तैनात पुलिस सिपाही अनुज का नाम भी आरोपों में सामने आया है। आरोप है कि सिपाही अनुज ने पीड़ित पक्ष के सहयोगियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।<br /><br />बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि जब वे न्याय की उम्मीद लेकर कोतवाली पहुंचे, तब उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बजाय कथित रूप से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा।<br /><br />मामले में एक और आरोप यह भी लगाया गया है कि एक पत्रकार द्वारा संबंधित प्रकरण की खबर व्हाट्सएप समूह में साझा किए जाने के बाद उसे समूह से हटा दिया गया। पोस्ट में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई समूह के एडमिन, जिनका नाम सिपाही आशीष मलिक बताया गया है, द्वारा की गई। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह सूचना के स्वतंत्र प्रसार और पारदर्शिता को लेकर भी प्रश्न खड़े करता है।<br /><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। उनका मानना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अभी तक मलिहाबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार भाटी का अभी कोई भी बयान सामने नहीं आया है यदि आरोप निराधार हैं, तो पुलिस का पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने आना चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:16:55 +0530</pubDate>
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                <title>न खेत न बही, जो पुलिस कहे वही सही</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> जनपद के थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम पीरपुर निवासी एक लाचार पिता ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक निर्दोष राजमिस्त्री को "इनामी बदमाश" बताकर उसे फर्जी मुठभेड़ में मारने की साजिश रची। अब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से लेकर आलाधिकारियों तक न्याय की गुहार लगा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></div><div style="text-align:justify;">पीरपुर निवासी लल्लन के अनुसार, उनका पुत्र अच्छन बाबू पेशे से राजमिस्त्री है। घटना 11 मार्च 2026 की है, जब अच्छन अपने भाई हाशिम और एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर शहर के पटेलनगर से काम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173429/neither-fields-nor-rivers-whatever-the-police-say-is-right"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/0.0043.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> जनपद के थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम पीरपुर निवासी एक लाचार पिता ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक निर्दोष राजमिस्त्री को "इनामी बदमाश" बताकर उसे फर्जी मुठभेड़ में मारने की साजिश रची। अब पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री से लेकर आलाधिकारियों तक न्याय की गुहार लगा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></div><div style="text-align:justify;">पीरपुर निवासी लल्लन के अनुसार, उनका पुत्र अच्छन बाबू पेशे से राजमिस्त्री है। घटना 11 मार्च 2026 की है, जब अच्छन अपने भाई हाशिम और एक अन्य साथी के साथ लखीमपुर शहर के पटेलनगर से काम खत्म कर घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में नीमगांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें बिना बताए हिरासत में ले लिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>परिजनों के संगीन आरोप-</strong></div><div style="text-align:justify;">परिजनों का कहना है कि गिरफ्तारी के 7 घंटे तक पुलिस ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। जब काफी खोजबीन के बाद मुख्यमंत्री और पुलिस महानिरीक्षक को ट्वीट कर शिकायत की गई, तब जाकर पुलिस ने छोटे बेटे हाशिम के फोन से परिजनों को गिरफ्तारी की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>पीड़ित पिता द्वारा उठाए गए मुख्य सवाल---</strong></div><div style="text-align:justify;">इनाम की कहानी: पुलिस का दावा है कि अच्छन बाबू पर 50,000 रुपये का इनाम था। पिता का सवाल है कि यदि वह इतना बड़ा अपराधी था, तो पुलिस ने कभी घर पर दबिश क्यों नहीं दी? वह रोज शहर में खुलेआम काम कैसे कर रहा था?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>लोकेशन का खेल-----</strong></div><div style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप है कि अच्छन को शाम 6 बजे लखीमपुर शहर से पकड़ा गया, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी 20 किमी दूर बांछेपारा गांव से रात में दिखाई है। साथ ही नाजायज असलहा और कारतूस की बरामदगी को भी पूरी तरह फर्जी बताया जा रहा है।साजिस या इत्तेफाक? घटना से दो दिन पहले कुछ लोग सादी वर्दी में घर आए थे, जिन्होंने आधार कार्ड और फोटो लिए थे। आरोप है कि यह सब एक "फर्जी एनकाउंटर" की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया गया था।"मेरे बेटे को प्रमोशन के लालच में फंसाया गया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फरधान पुलिस, नीमगांव पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर यह घटिया कृत्य किया है। हम मांग करते हैं कि पुलिसकर्मियों के मोबाइल लोकेशन की जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।"लल्लन (पीड़ित पिता) जांच की उठ रही मांग पीड़ित परिवार ने इस पूरे प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस ने जिस आरोपी के बयान पर अच्छन को पकड़ा है, वह पूरी तरह निराधार है। ग्रामीणों में भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराता है या "खाकी" का रसूख सच्चाई पर भारी पड़ता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:18:26 +0530</pubDate>
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