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                <title>quality education - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>मासिक समीक्षा बैठक में शिक्षकों का किया गया उन्मुखीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> विकासखंड भदपुरा के बीआरसी केंद्र क्योलड़िया पर बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी  विजय कुमार के द्वारा समस्त प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक बैठक का आयोजन कर विभागीय कार्यों की की गई समीक्षा। विजय कुमार ने सभी प्रधानाध्यापक गणों को निर्देशित किया कि गुणवत्तायुक्त शिक्षा हमारी प्राथमिकता पर है जिसके तहत विकासखंड के सभी विद्यालयों को निपुण बनाना है।सभी शिक्षकों को छात्रों के साथ इको क्लब के अंतर्गत गतिविधियों का नियमित आयोजन करने, प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों की प्रतिदिन नियमित उपस्थिति दर्ज ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">करने, निपुण प्लस एप पर छात्रों का नियमित आंकलन करने, शारदा पोर्टल पर ड्राप आउट छात्रों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183918/orientation-of-teachers-done-in-monthly-review-meeting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260721_182221-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> विकासखंड भदपुरा के बीआरसी केंद्र क्योलड़िया पर बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी  विजय कुमार के द्वारा समस्त प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक बैठक का आयोजन कर विभागीय कार्यों की की गई समीक्षा। विजय कुमार ने सभी प्रधानाध्यापक गणों को निर्देशित किया कि गुणवत्तायुक्त शिक्षा हमारी प्राथमिकता पर है जिसके तहत विकासखंड के सभी विद्यालयों को निपुण बनाना है।सभी शिक्षकों को छात्रों के साथ इको क्लब के अंतर्गत गतिविधियों का नियमित आयोजन करने, प्रेरणा पोर्टल पर छात्रों की प्रतिदिन नियमित उपस्थिति दर्ज ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">करने, निपुण प्लस एप पर छात्रों का नियमित आंकलन करने, शारदा पोर्टल पर ड्राप आउट छात्रों को अद्यतन करने, आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन करने, यू डाइस पर सभी छात्र-छात्राओं का सम्पूर्ण डाटा अद्यतन करने सहित छात्रों के शैक्षिक स्तर का संवर्द्धन करने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर समस्त प्रधानाध्यापकों को मार्गदर्शित एवं निर्देशित किया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एआरपी श्री अरुण कुमार ने कहा कि सभी विद्यालयों में विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई शिक्षक संदर्शिका का उपयोग करते हुए शिक्षण कार्य किया जाना है। संतोष गंगवार ने बताया कि सभी शिक्षक नियमित रूप से निपुण प्लस एप का उपयोग करके छात्रों का नियमित आकलन करें। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एआरपी मधुरेश दीक्षित ने सभी शिक्षकों को बताया कि वह बाल वाटिका एवं स्कूल रेडीनेस के अंतर्गत शैक्षिक कार्यक्रमों का नियमित रूप से संचालन करें एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के संवर्धन हेतु छात्रों को लर्निंग बाय डूइंग मेथड से रोचक तरीके से शिक्षण कार्य को संपादित करें। एआरपी विवेक सक्सेना ने बताया कि प्रत्येक कक्षा का पाठ्यक्रम निर्धारित समय में पूर्ण कर लिया जाए। उक्त आयोजन में राजपूत देवल इंद्रपाल गंगवार अनिल सिंह शीला देवी जसबन्त सिंह अवधेश अभिषेक ओम बाबू सहित प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रतिभाग किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:20:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पदोन्नत होकर वरिष्ठ प्रवक्ता डायट सीतापुर बने शैलेन्द्र शुक्ल, शुकुल बाजार में भावभीनी विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी/शुकुल बाजार। </strong>विकासखंड शुकुल बाजार के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शैलेन्द्र शुक्ल के पदोन्नत होकर वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट सीतापुर नियुक्त होने पर शिक्षकों द्वारा भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इसी अवसर पर नवागत खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित के प्रथम आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक संघ के पदाधिकारियों तथा विकासखंड के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सहभागिता कर दोनों अधिकारियों का सम्मान किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह का वातावरण भावुक होने के साथ-साथ उत्साहपूर्ण भी रहा। वक्ताओं ने शैलेन्द्र शुक्ल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शुकुल</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183338/shailendra-shukla-got-promoted-and-became-senior-spokesperson-diet-sitapur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1-3.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी/शुकुल बाजार। </strong>विकासखंड शुकुल बाजार के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शैलेन्द्र शुक्ल के पदोन्नत होकर वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट सीतापुर नियुक्त होने पर शिक्षकों द्वारा भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इसी अवसर पर नवागत खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित के प्रथम आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक संघ के पदाधिकारियों तथा विकासखंड के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सहभागिता कर दोनों अधिकारियों का सम्मान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह का वातावरण भावुक होने के साथ-साथ उत्साहपूर्ण भी रहा। वक्ताओं ने शैलेन्द्र शुक्ल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शुकुल बाजार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने तथा शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर विभागीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सरल, सौम्य एवं सहयोगात्मक व्यवहार की सभी ने सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में शैलेन्द्र शुक्ल ने कहा कि शुकुल बाजार में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा। उन्होंने शिक्षकों द्वारा दिए गए सहयोग और सम्मान के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करना ही उनका लक्ष्य रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं नवागत खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित का शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को और सुदृढ़ बनाना तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष शिवकुश पांडे, विक्रमादित्य तिवारी, राहुल पांडे, अनूप तिवारी, अजय तिवारी, संदीप यादवसहित विकासखंड शुकुल बाजार के लगभग सभी शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर शैलेन्द्र शुक्ल को सम्मानपूर्वक विदाई दी तथा नवागत बीईओ राम ललित का स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला। विदाई और स्वागत समारोह ने शिक्षा विभाग की एकजुटता, आपसी समन्वय तथा शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 19:33:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व जनसंख्या दिवस: संख्या नहीं संतुलन है सबसे बड़ी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस हमें केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह सोचने का अवसर भी देता है कि जनसंख्या किसी देश के लिए बोझ है या सबसे बड़ी ताकत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश के पास अपनी आबादी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और संसाधनों की कितनी प्रभावी व्यवस्था है। वर्ष 1990 में जब विश्व जनसंख्या दिवस पहली बार व्यापक रूप से मनाया गया था, तब दुनिया की आबादी लगभग 5.3 अरब थी। आज यह 8 अरब से अधिक हो चुकी है। इन तीन दशकों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183103/population-day-balance-is-the-biggest-challenge-not-numbers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस हमें केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह सोचने का अवसर भी देता है कि जनसंख्या किसी देश के लिए बोझ है या सबसे बड़ी ताकत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश के पास अपनी आबादी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और संसाधनों की कितनी प्रभावी व्यवस्था है। वर्ष 1990 में जब विश्व जनसंख्या दिवस पहली बार व्यापक रूप से मनाया गया था, तब दुनिया की आबादी लगभग 5.3 अरब थी। आज यह 8 अरब से अधिक हो चुकी है। इन तीन दशकों में विश्व की जनसंख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही एक नया संकट भी सामने आया है। कई देशों में आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि अनेक विकसित देशों में जन्मदर इतनी कम हो गई है कि वहां जनसंख्या घटने और समाज के बूढ़ा होने की चुनौती पैदा हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार देश की जनसंख्या लगभग 1.46 से 1.47 अरब के बीच पहुंच चुकी है। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर लगातार घट रही है और कुल प्रजनन दर भी प्रतिस्थापन स्तर के आसपास या उससे नीचे आ गई है। इसका अर्थ यह है कि अब भारत अनियंत्रित जनसंख्या विस्फोट के दौर से निकलकर जनसंख्या संतुलन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इसलिए आज आवश्यकता केवल जनसंख्या नियंत्रण की नहीं, बल्कि दूरदर्शी जनसंख्या प्रबंधन की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते दशकों में जनसंख्या तेजी से बढ़ने के पीछे कई कारण रहे। चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, टीकाकरण, बेहतर अस्पताल, स्वच्छता और पोषण के कारण मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई। शिशु एवं मातृ मृत्यु दर भी घटी, जिससे अधिक बच्चे जीवित रहने लगे। दूसरी ओर लंबे समय तक जन्मदर अपेक्षाकृत ऊंची बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी, परिवार नियोजन के प्रति सीमित जागरूकता, बाल विवाह, पुत्र प्राप्ति की सामाजिक मानसिकता, गरीबी, बड़े परिवार को सामाजिक प्रतिष्ठा मानने जैसी धारणाओं ने भी जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा दिया। कई परिवारों में बच्चे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और श्रम शक्ति के रूप में देखे जाते रहे, जिससे परिवार का आकार बड़ा होता गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव केवल लोगों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, जल, खाद्यान्न, ऊर्जा, परिवहन और पर्यावरण पर पड़ता है। यदि जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास से अधिक तेज हो जाए तो विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक समान रूप से नहीं पहुंच पाता। सरकारें सड़क, अस्पताल, विद्यालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करती हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के कारण उनकी मांग लगातार बढ़ती रहती है। परिणामस्वरूप संसाधनों पर दबाव बढ़ जाता है और विकास का लाभ अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि जनसंख्या का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि किसी देश की आबादी में युवाओं का अनुपात अधिक हो तो वह देश आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ सकता है। भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है। यही भारत का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय लाभांश है। यदि इन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें तो भारत विश्व अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कार्यशक्ति बन सकता है। यही कारण है कि आज अनेक विकसित देश भारतीय इंजीनियरों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों की ओर उम्मीद से देख रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">दुनिया का जनसांख्यिकीय परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जापान, दक्षिण कोरिया, इटली, जर्मनी और चीन जैसे देशों में जन्मदर लगातार घट रही है। कई देशों में स्थिति ऐसी हो गई है कि वहां जनसंख्या को बनाए रखने के लिए सरकारें लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने पर आर्थिक प्रोत्साहन, कर में छूट, नकद सहायता, मुफ्त शिक्षा और अन्य सुविधाएं दे रही हैं। इन देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वृद्ध होती आबादी और घटती कार्यशील जनसंख्या है। कम युवा होने के कारण उद्योगों, अस्पतालों और सेवा क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी महसूस होने लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के लिए यह स्थिति एक महत्वपूर्ण सीख है। लंबे समय तक "हम दो हमारे दो" का संदेश सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया और इसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया। आज देश की प्रजनन दर काफी कम हो चुकी है। इसलिए भविष्य की नीतियां बनाते समय केवल जनसंख्या घटाने पर जोर देना उचित नहीं होगा। यदि जन्मदर लगातार बहुत नीचे चली गई तो आने वाले दशकों में भारत भी वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना कर सकता है। विशेषज्ञ पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि संतुलन नहीं बनाया गया तो भारत अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो सकता है। इसका अर्थ यह है कि आर्थिक विकास की गति उस स्तर तक पहुंचने से पहले ही बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ने लगेगी और कार्यशील आबादी का अनुपात घट जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए अब आवश्यकता संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश में ऐसी नीतियां बननी चाहिए जो छोटे और जिम्मेदार परिवार को प्रोत्साहित करें, लेकिन साथ ही अत्यधिक गिरती जन्मदर को भी रोका जा सके। परिवार नियोजन का उद्देश्य केवल बच्चों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम परिवार बनाना होना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना ही वास्तविक जनसंख्या नीति की सफलता होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल आबादी नहीं, बल्कि मानव संसाधन के प्रभावी उपयोग की है। यदि करोड़ों युवा बेरोजगार रहेंगे तो जनसांख्यिकीय लाभांश बोझ बन जाएगा। वहीं यदि उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल कौशल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विनिर्माण, अनुसंधान, कृषि और सेवा क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे तो यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बना सकते हैं। आने वाले वर्षों में वैश्विक श्रम बाजार में भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी क्योंकि विकसित देशों में कार्यबल लगातार घट रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसंख्या और पर्यावरण के बीच भी गहरा संबंध है। बढ़ती आबादी के कारण जल संकट, प्रदूषण, जंगलों की कटाई, कृषि भूमि पर दबाव और ऊर्जा की मांग बढ़ती है। इसलिए सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप ऐसी विकास नीतियां आवश्यक हैं जिनमें संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रह सके। जनसंख्या प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व जनसंख्या दिवस का वास्तविक संदेश यही है कि केवल लोगों की संख्या बढ़ना या घटना ही महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समान अवसर उपलब्ध हों। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। यदि यह शक्ति सही दिशा में आगे बढ़ी तो देश आर्थिक महाशक्ति बनने की क्षमता रखता है। लेकिन यदि शिक्षा, रोजगार और संसाधनों का संतुलित विकास नहीं हुआ तो यही अवसर चुनौती में बदल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता भय या उत्साह में किसी एक छोर पर खड़े होने की नहीं, बल्कि संतुलित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की है। जनसंख्या न तो केवल समस्या है और न ही केवल संपत्ति। वह एक ऐसी शक्ति है जिसे सही नीति, दूरदर्शी योजना और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बनाया जा सकता है। विश्व जनसंख्या दिवस हमें यही संदेश देता है कि भविष्य की सफलता केवल जनसंख्या की संख्या से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, उत्पादकता और संतुलित विकास से तय होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:27:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर बच्चा भविष्य का पृष्ठ : लेकिन हम पन्ने भर रहे हैं या लिख रहे हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर जन्म नई संभावना लेकर आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हर संभावना उपलब्धि में नहीं बदलती। यही प्रश्न विश्व जनसंख्या दिवस हमारे सामने खड़ा करता है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य जनगणना की तालिकाओं में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन चेहरों में लिखा होता है जिन्हें हम अक्सर केवल संख्या मान लेते हैं। एक नवजात शिशु किसी परिवार का नया सदस्य भर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के भविष्य का पहला पृष्ठ होता है। विडंबना यह है कि उस पृष्ठ पर भविष्य लिखने की तैयारी किए बिना हम हर वर्ष नई प्रतियां जोड़ते जा रहे हैं। इसलिए सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183101/every-child-is-a-page-of-the-future-but-we"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/world-population-day.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हर जन्म नई संभावना लेकर आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हर संभावना उपलब्धि में नहीं बदलती। यही प्रश्न विश्व जनसंख्या दिवस हमारे सामने खड़ा करता है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य जनगणना की तालिकाओं में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन चेहरों में लिखा होता है जिन्हें हम अक्सर केवल संख्या मान लेते हैं। एक नवजात शिशु किसी परिवार का नया सदस्य भर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के भविष्य का पहला पृष्ठ होता है। विडंबना यह है कि उस पृष्ठ पर भविष्य लिखने की तैयारी किए बिना हम हर वर्ष नई प्रतियां जोड़ते जा रहे हैं। इसलिए सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि भारत में कितने लोग हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह है कि उनमें कितनी संभावनाओं को अवसर मिला और कितनों को परिस्थितियों के भरोसे छोड़ दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज भारत </span>1.47 <span lang="hi" xml:lang="hi">अरब से अधिक लोगों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा जनसमूह है। इसे केवल भीड़ कहना उतनी ही बड़ी भूल होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी बिना तैयारी के इसे शक्ति मान लेना। संख्या न वरदान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न अभिशाप</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह केवल संभावनाओं का भंडार है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका मूल्य इस बात से तय होता है कि राष्ट्र उसकी ऊर्जा को किस दिशा में ले जाता है। भारत की लगभग </span>65 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत आबादी </span>35 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष से कम आयु की है। अनेक विकसित देश घटती जन्म दर और वृद्ध होती आबादी की चुनौती से जूझ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि हमारे पास युवा शक्ति का अवसर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इतिहास बार-बार नहीं देता। किंतु अवसर तभी उपलब्धि बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उसके पीछे दूरदर्शी व्यवस्था हो। केवल युवाओं की संख्या से राष्ट्र समृद्ध नहीं होता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल और रोजगार का सुदृढ़ आधार भी उतना ही आवश्यक है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यहीं सबसे बड़ी विडंबना है। युवाओं की ऊर्जा प्रचुर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे दिशा देने वाली व्यवस्था अब भी अपेक्षाओं से पीछे है। शिक्षा डिग्री दे रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षता नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर समान नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अवसर उसी गति से नहीं। परिणामस्वरूप युवा निराशा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असुरक्षा और दिशाहीनता के बीच अपने महत्वपूर्ण वर्ष गंवा देते हैं। यह केवल व्यक्तिगत नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय हानि है। जिस ऊर्जा से नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्योग और सामाजिक परिवर्तन संभव थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पलायन और असंतोष में बदल जाती है। जनसंख्या का वास्तविक संकट यहीं से प्रारंभ होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब समय है कि बहस जनसंख्या नियंत्रण से आगे बढ़कर जनसंख्या की गुणवत्ता पर केंद्रित हो। किसी बच्चे का जन्म केवल जैविक घटना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। उसे स्वस्थ शरीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुणवत्तापूर्ण शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक कौशल और सम्मानजनक अवसर देना ही वास्तविक परिवार नियोजन है। शहरों में महंगाई और करियर की चुनौतियों ने बच्चों का पालन-पोषण महंगी जिम्मेदारी बना दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं गांवों में अवसरों का अभाव युवाओं को शहरों की ओर धकेल रहा है। परिणामस्वरूप गांव खाली हो रहे हैं और शहर अनियोजित विस्तार व भीड़ के दबाव से जूझ रहे हैं। इसलिए जनसंख्या नीति का संबंध केवल जन्म दर से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार और संतुलित क्षेत्रीय विकास से होना चाहिए। तभी हर नया नागरिक देश की संपत्ति बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोझ नहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का युवा जीवित रहने के लिए नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सम्मानजनक और सार्थक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। उसकी आकांक्षाओं में अच्छी नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षित भविष्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ पर्यावरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समान अवसर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाचार और व्यक्तिगत विकास शामिल हैं। यदि ये अपेक्षाएं अधूरी रहीं तो आने वाले वर्षों में जन्म दर स्वाभाविक रूप से प्रभावित होगी और हमारे सामने भी वही स्थिति आ सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आज कई विकसित राष्ट्र गुजर रहे हैं। इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस का संदेश परिवार नियोजन तक सीमित नहीं रह सकता। इसे युवा सशक्तिकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लैंगिक समानता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिला शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सुरक्षा और सतत विकास के व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ना होगा। जब प्रत्येक युवा अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सकेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी जनसंख्या राष्ट्रीय संपदा बनेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण और संसाधनों को लेकर हमारी सोच भी बदलनी होगी। यह कहना आसान है कि बढ़ती आबादी संसाधनों पर दबाव बढ़ा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किंतु यह आधा सत्य है। वास्तविक प्रश्न यह है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कैसे हो रहा है। असंतुलित उपभोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपव्यय और विकास की असमान शैली कई बार जनसंख्या से अधिक नुकसान पहुंचाती है। यदि तकनीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवीकरणीय ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्ट शहर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आधुनिक कृषि और संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन को प्राथमिकता मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बड़ी आबादी भी सतत विकास की साझेदार बन सकती है। केवल जनसंख्या को दोष देकर नीतिगत कमजोरियों और सामाजिक जिम्मेदारियों से मुक्ति नहीं मिल सकती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत जैसा विविधताओं से भरा देश एक जैसी नीति से नहीं चल सकता। अलग-अलग राज्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्रों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृतियों और आर्थिक परिस्थितियों की अपनी चुनौतियां हैं। इसलिए जनसंख्या प्रबंधन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लचीला होना चाहिए। शिक्षा में निवेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिला सशक्तिकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विकास और रोजगार सृजन—यही भविष्य के भारत के आधार स्तंभ हैं। इतिहास साक्षी है कि जब भी भारतीय मानव संसाधन को सही दिशा मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने असंभव को संभव बनाया। स्वतंत्रता आंदोलन से सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप क्रांति तक हर उपलब्धि के पीछे संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रशिक्षित और प्रेरित मानव शक्ति ही निर्णायक रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व जनसंख्या दिवस हमें नई दृष्टि अपनाने का अवसर देता है। हमें लोगों की गिनती से आगे बढ़कर उनमें छिपी संभावनाओं को पहचानना होगा। देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके खनिज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इमारतें या बजट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसके नागरिक होते हैं। यदि हर बच्चे की शिक्षा में निवेश होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर युवा को अवसर मिलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर महिला सुरक्षित और सशक्त होगी तथा हर क्षेत्र संतुलित विकास का सहभागी बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भारत केवल दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सक्षम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समृद्ध और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में पहचाना जाएगा। तब विश्व जनसंख्या दिवस केवल औपचारिक तिथि नहीं रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बनेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें हर जन्म को बढ़ती संख्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य की संभावना माना जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:23:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधायक डाॅ एमपी आर्य के द्वारा किया गया स्कूल चलो अभियान फेज टू रैली का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> विकासखंड भदपुरा में नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्या  की गरिमामय उपस्थित एवं खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार के निर्देशन में स्कूल चलो अभियान के फेज टू का रैली निकाल करके किया गया भव्य शुभारंभ। ब्लॉक कार्यालय क्योलड़िया पर स्कूल चलो अभियान संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय क्योलड़िया एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय क्योलाड़िया के लगभग 200 छात्र एवं छात्राओं तथा 100 से अधिक अध्यापकों के द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली गई। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाबगंज विधायक  डॉक्टर एमपी आर्य  के द्वारा अध्यापकों छात्रों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा गया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182877/school-chalo-campaign-phase-2-rally-inaugurated-by-mla-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/2+2.---------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> विकासखंड भदपुरा में नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्या  की गरिमामय उपस्थित एवं खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार के निर्देशन में स्कूल चलो अभियान के फेज टू का रैली निकाल करके किया गया भव्य शुभारंभ। ब्लॉक कार्यालय क्योलड़िया पर स्कूल चलो अभियान संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय क्योलड़िया एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय क्योलाड़िया के लगभग 200 छात्र एवं छात्राओं तथा 100 से अधिक अध्यापकों के द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाबगंज विधायक  डॉक्टर एमपी आर्य  के द्वारा अध्यापकों छात्रों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार में सभी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पोषण युक्त भोजन प्रदान किया जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खंड शिक्षा अधिकारी  विजय कुमार ने बताया कि विकासखंड भदपुरा में प्राथमिकता के आधार पर सभी छात्र-छात्राओं का विद्यालयों में सत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा प्राथमिक शिक्षा से वंचित न रहे। छात्रों का विद्यालय में अधिकतम ठहराव सुनिश्चित करने हेतु रोचक गतिविधियों, स्मार्ट क्लास एवं स्वयं करके सीखने जैसी नवाचार तकनीकि का उपयोग करके शिक्षण कार्य किया जा रहा है। बारिश के मौसम में संचारी रोगों से बचाव हेतु सभी को जागरूक किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका श्रीमती राखी गंगवार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एडीओ पंचायत भदपुरा प्रधान संघ अध्यक्ष राम प्रताप एवं राजवीर सिंह धर्म वीर ओम बाबू ठाकुर दास इंद्रपाल सिंह धीरेन्द्र अनिल सूरज गंगवार अभिषेक अवधेश सहित सैकड़ो शिक्षकों की गरिमामई उपस्थिति रही ।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182877/school-chalo-campaign-phase-2-rally-inaugurated-by-mla-dr</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:56:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ, शिक्षा से जोड़ने का दिया गया संदेश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय नया कटरा द्वितीय में "स्कूल चलो अभियान" के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार वर्मा रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा देश की प्रगति और समृद्धि का आधार है तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषदीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प बन चुके हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "स्कूल चलो अभियान" प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260701-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय नया कटरा द्वितीय में "स्कूल चलो अभियान" के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार वर्मा रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा देश की प्रगति और समृद्धि का आधार है तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषदीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प बन चुके हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "स्कूल चलो अभियान" प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का जनआंदोलन है और सभी से इसे सफल बनाने में सहयोग की अपील की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें व स्टेशनरी वितरित की गई। सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों और प्रथम चरण में सर्वाधिक नामांकन कराने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने अभियान रैली एवं प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:43:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोटन में अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर गोष्ठी आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> विकास खण्ड अंतर्गत ब्लाक सभागार में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन विषयक चर्चा एवं गोष्ठी का आयोजन श्रम विभाग एवं मानव सेवा संस्थान सेवा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। जिसमें श्रमिको का बीओसीडब्लू कार्ड बनाने के लिए शिविर का भी आयोजन किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गोष्ठी में बाल श्रम के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक जनजागरूकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181083/seminar-organized-on-international-day-prohibition-of-child-labor-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781274565666.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> विकास खण्ड अंतर्गत ब्लाक सभागार में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन विषयक चर्चा एवं गोष्ठी का आयोजन श्रम विभाग एवं मानव सेवा संस्थान सेवा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। जिसमें श्रमिको का बीओसीडब्लू कार्ड बनाने के लिए शिविर का भी आयोजन किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गोष्ठी में बाल श्रम के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक जनजागरूकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय में है, न कि कार्यस्थलों पर। बाल श्रम रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, श्रमिक पंजीकरण, श्रमिक हित लाभ योजनाओं एवं विभागीय सुविधाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। एडीओ पंचायत सदानंद वर्मा ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायतों और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया। मानव सेवा संस्थान सेवा, गोरखपुर के फील्ड एरिया कंसल्टेंट अरुण मद्धेशिया ने कहा कि गरीबी, अशिक्षा और जागरूकता की कमी बाल श्रम के प्रमुख कारण हैं। फील्ड एरिया कंसल्टेंट सन्दीप कुमार ने बाल श्रम को गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए कानून के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता भी आवश्यक है। </div><div style="text-align:justify;"> गोष्ठी में ग्राम पंचायत अधिकारी रविन्द्र जाटव, ईश्वर देव, केशभान यादव, राहुल शर्मा, जगदम्बा प्रसाद, पवन मोदनवाल, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता,मदद फाउंडेशन से फिल्ड सुपरवाइजर बृजलाल यादव सहित अन्य</div><div style="text-align:justify;">अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 20:59:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतवर्ष की गुरु-शिष्य सनातनी परंपरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय चरित्र और राष्ट्रवाद शालाओं की बुनियादी शिक्षा कक्षाओं और गुरु और शिष्य परंपरा के साथ देश के प्रति समर्पण के भाव से प्रस्फुटित होता हैl राष्ट्रवाद राष्ट्र की रक्षा ,अखंडता एवं सशक्तिकरण नागरिकों के भाग्य को संरक्षित कर सुदृढ़ बनाता हैl स्वतंत्रता के बाद विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी के स्वप्न दृष्टा प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के भावी भविष्य को पहचानते हुए बुनियादी कक्षाओं की राष्ट्रवाद के निर्माण में भूमिका को सहजता से पहचान लिया और अमेरिका की तर्ज पर भारत को तकनीकी तौर पर एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए अमेरिका के एमआईटी की तर्ज पर भारतीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180749/indias-guru-disciple-sanatani-tradition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय चरित्र और राष्ट्रवाद शालाओं की बुनियादी शिक्षा कक्षाओं और गुरु और शिष्य परंपरा के साथ देश के प्रति समर्पण के भाव से प्रस्फुटित होता हैl राष्ट्रवाद राष्ट्र की रक्षा ,अखंडता एवं सशक्तिकरण नागरिकों के भाग्य को संरक्षित कर सुदृढ़ बनाता हैl स्वतंत्रता के बाद विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी के स्वप्न दृष्टा प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के भावी भविष्य को पहचानते हुए बुनियादी कक्षाओं की राष्ट्रवाद के निर्माण में भूमिका को सहजता से पहचान लिया और अमेरिका की तर्ज पर भारत को तकनीकी तौर पर एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए अमेरिका के एमआईटी की तर्ज पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करवाया था ।जब खड़कपुर आईआईटी की स्थापना की गई थी तब उन्होंने अतिथि के रूप में अपने भाषण में कहा की भारत को वैज्ञानिक महाशक्ति बनाने का दायित्व इन्हीं आई,आई,टी की कक्षाओं शिक्षकों एवं छात्राओं का होगा, वे राष्ट्र को तकनीकी दिशा में मील का पत्थर बनाने में साबित होंगेl</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में भारत आज अंतरिक्ष की बड़ी शक्तियों की कतार में शामिल हैl इसके पीछे भारत के कई वैज्ञानिक सीवी रमन ,विक्रम साराभाई, सतीश धवन जैसे बड़े वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इसरो संस्थान है जिसकी कक्षाओं में मंगल तक भारतीय तिरंगे को लहराया. भाभा एटॉमिक परमाणु शक्ति बन गया हैl वैश्विक स्तर पर हर बड़े स्पेस रिसर्च सेंटर पर भारत की इंजीनियर और वैज्ञानिक अपनी सेवाएं दे रहे हैंl</p>
<p style="text-align:justify;">आज अमेरिका आर्थिक महाशक्ति बनने के पीछे उसके विश्वविद्यालय ,संस्थाएं हैं। हावर्ड बिजनेस स्कूल विश्व स्तरीय व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में से एक माना जाता हैl आर्थिक सामाजिक तथा वैज्ञानिक शोध संस्थाओं में अधिकाधिक धनराशि खर्च करके अमेरिका, रूस, ब्रिटेन ,चीन, ऑस्ट्रेलिया ,कनाडा ने विश्व में सर्वश्रेष्ठ बुद्धिजीवी दिए हैंl यह तो तय है कि कोई भी देश का भाग्य तभी उन्नत तथा विकसित होगा जब वहां के छात्र शिक्षक एवं आमजन न्याय, समता ,प्रबुद्धता के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता रखें। आने वाली पीढ़ी यानी कि वर्तमान के बच्चे और भविष्य के नागरिक ही किसी देश का भविष्य निर्माण करते हैं और यह भी तय रहता है कि बुद्धिमान शिक्षक अपने छात्रों के माध्यम से किसी महान राष्ट्र की नींव रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी महान राष्ट्र का निर्माण रातों-रात नहीं होता है इसके लिए पीढीयो का योगदान और श्रेष्ठ शिक्षक एवं छात्रों की लग्न शीलता और मेहनत की प्रतिबद्धता होती है। 1960 और 70 के दशक में चीन में गठित सांस्कृतिक क्रांति कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेतों ,कारखानों को एकता में बांधकर सक्रिय नीति का प्रयोग कर सभी को एक सूत्र में बांधा गया था। जापान तो प्राथमिक कक्षाओं से उपजे राष्ट्रवाद, अनुशासन तथा कर्तव्य बोध के लिए सर्वश्रेष्ठ उदाहरण रहा है, जापान में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पराजय का कड़वा घूंट पीने के पश्चात कमजोर एवं मृतप्राय जापान को एक शक्तिशाली आर्थिक राष्ट्र बना दिया। इसके विपरीत वर्तमान कक्षाएं प्रेम, अनुशासन ,करुणा जैसे पाठ ना सिखा कर ईर्ष्या, कंपटीशन, हिंसा ,कटुता जैसे अध्याय सिखा कर राष्ट्र के भविष्य को गर्त में ले जा रही है ।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के अनेक विश्वविद्यालय हड़ताल ,हिंसा, जाति भेदभाव, आपत्तिजनक नारों जैसे विसंगतियों का सामना कर रहे हैं। कक्षाओं का नैतिकता, सहिष्णुता ,अनुशासन से कटाव केवल भारत में नहीं पूरे विश्व में इसका फैलाव हो चुका है। अमेरिका तथा यूरोपीय देशों में स्कूलों का कक्षाओं में गोली कांड इसके बड़े विकृत उदाहरण हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने ट्रीस्ट विद डेस्टिनी के भाषण में भूख, भय ,बीमारी, अज्ञान से पूर्णता मुक्ति की बात को भारत की नियति या डेस्टिनी कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए की कक्षाओं को चरित्र निर्माण ,अनुशासन ,उत्कृष्ट नवाचार ,लोकतांत्रिक विचार संरचना का केंद्र बनाकर इसकी शिक्षा दीक्षा दी जानी चाहिए। कक्षाओं से बच्चे आर्थिक रूप से प्रौद्योगिकी स्थापित कर स्वयं अपने पैरों पर खड़े होकर आने वाले वर्षों में कई युवाओं को रोजगार देकर संपूर्ण मानवता ,पर्यावरण की रक्षा तथा राष्ट्र के उत्कर्ष को सही दिशा देने का काम करेंगे। जिससे राष्ट्रीय चरित्र निर्माण तथा राष्ट्रीयता की भावना को एक मजबूत आधार प्राप्त हो सकेगा।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 18:47:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार बच्चों को  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत : विधायक विनय वर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>बढ़नी ब्लाक के परसा में स्थित बीआरसी पर सोमवार को ग्रामप्रधान/स्थानीय प्राधिकारी-निकाय सदस्य व प्रधानाध्यापक का ब्लाक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण समारोह का आयोजन किया गया।यह संगोष्ठी में डीबीटी के अन्तर्गत अभिभावक के खाते में भेजे गए 1200 रुपए का उपयोग,प्रेरणा पोर्टल,आपरेशन कायाकल्प एवं निपुण भारत मिशन पर विशेष चर्चा किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कहा कि ग्राम प्रधान व अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभिभावकों को एसएमसी,आउट आफ स्कूल बच्चों,दिव्यांग बालक एवं बालिका शिक्षा आदि विषयों पर जनसमुदाय को जागरूक एवं प्रेरित करने का प्रयास करना चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173415/government-is-trying-to-provide-quality-education-to-children-mla"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773670696236.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>बढ़नी ब्लाक के परसा में स्थित बीआरसी पर सोमवार को ग्रामप्रधान/स्थानीय प्राधिकारी-निकाय सदस्य व प्रधानाध्यापक का ब्लाक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण समारोह का आयोजन किया गया।यह संगोष्ठी में डीबीटी के अन्तर्गत अभिभावक के खाते में भेजे गए 1200 रुपए का उपयोग,प्रेरणा पोर्टल,आपरेशन कायाकल्प एवं निपुण भारत मिशन पर विशेष चर्चा किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कहा कि ग्राम प्रधान व अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभिभावकों को एसएमसी,आउट आफ स्कूल बच्चों,दिव्यांग बालक एवं बालिका शिक्षा आदि विषयों पर जनसमुदाय को जागरूक एवं प्रेरित करने का प्रयास करना चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा के उत्थान व बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। डीबीटी के तहत अभिभावकों के खाते में 1200 रुपए बच्चों के ड्रेस,स्वेटर,जूता-मोजा,बैग व स्टेनरी खरीदने के लिए भेजा गया है।उन्होंने कहा कि आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का मरम्मत व सौन्दर्यीकरण किया जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसी प्रकार निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए विद्यालयों में सहायक सामग्रियों को उपलब्ध करवाया गया है।कंपोजिट विद्यालय बढ़नी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। प्राथमिक विद्यालय हलौरा की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नृत्य प्रस्तुत किया।इस दौरान बीईओ अरुण कुमार,प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र यादव, प्रधान यशोदानंदन मिश्र,मुख्तार अहमद,डा.आशुतोष सिंह,निसार अहमद,राहुल पाण्डेय,महेंद्र मिश्र,हरिनारायण शुक्ल, ध्रुव कुमार आदि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173415/government-is-trying-to-provide-quality-education-to-children-mla</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 19:48:11 +0530</pubDate>
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