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                <title>Departmental Inquiry - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Departmental Inquiry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मलिहाबाद कोतवाली फिर विवादों में: सिपाही अनुज पर प्रताड़ना के आरोप, सिपाही आशीष मलिक पर व्हाट्सएप ग्रुप से खबर हटाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद।</strong> मलिहाबाद कोतवाली एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार, एक मामले में पीड़ित से मिलने पहुंचे उसके सहयोगी को पुलिस ने बिना स्पष्ट कारण कोतवाली में बैठाए रखा और कथित रूप से पूरी रात प्रताड़ित किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
<div><br />पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हाल के दिनों में जिन मामलों का खुलासा हुआ है, उनके बाद मलिहाबाद पुलिस का रवैया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183396/constable-anuj-faces-allegations-of-harassment-in-malihabad-kotwali-disputes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260522-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/मलिहाबाद।</strong> मलिहाबाद कोतवाली एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी और पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार, एक मामले में पीड़ित से मिलने पहुंचे उसके सहयोगी को पुलिस ने बिना स्पष्ट कारण कोतवाली में बैठाए रखा और कथित रूप से पूरी रात प्रताड़ित किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
<div><br />पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हाल के दिनों में जिन मामलों का खुलासा हुआ है, उनके बाद मलिहाबाद पुलिस का रवैया पीड़ित पक्ष से जुड़े लोगों के प्रति सख्त और असहयोगात्मक हो गया है। इसी क्रम में कोतवाली में तैनात पुलिस सिपाही अनुज का नाम भी आरोपों में सामने आया है। आरोप है कि सिपाही अनुज ने पीड़ित पक्ष के सहयोगियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।<br /><br />बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि जब वे न्याय की उम्मीद लेकर कोतवाली पहुंचे, तब उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बजाय कथित रूप से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा।<br /><br />मामले में एक और आरोप यह भी लगाया गया है कि एक पत्रकार द्वारा संबंधित प्रकरण की खबर व्हाट्सएप समूह में साझा किए जाने के बाद उसे समूह से हटा दिया गया। पोस्ट में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई समूह के एडमिन, जिनका नाम सिपाही आशीष मलिक बताया गया है, द्वारा की गई। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह सूचना के स्वतंत्र प्रसार और पारदर्शिता को लेकर भी प्रश्न खड़े करता है।<br /><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। उनका मानना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अभी तक मलिहाबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार भाटी का अभी कोई भी बयान सामने नहीं आया है यदि आरोप निराधार हैं, तो पुलिस का पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने आना चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:16:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आख़िरकार सीएमओ, डिप्टी सीएमओ व बाबू ने जांच के नाम पर कर दिया खेला</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनमानी ड्यूटी चल रही है लगभग 10% कर्मचारी सीएमओ के अंदर में नहीं आ रहे हैं कैसे होगा स्वास्थ्य विभाग का बेड़ा पार आख़िरकार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार चौधरी व बाबू अभिषेक पाल ने बिना सूचना के डियूटी से गायब रहने वाले व निजी क्लीनिक चलाने वाले डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के मामले में जांच पड़ताल के नाम पर लेन देन करके मामले को रफा - दफा कर दिया है जो कि मामला उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री / उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निजी सचिव</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181639/ultimately-cmo-deputy-cmo-and-babu-played-with-the-name"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0106.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनमानी ड्यूटी चल रही है लगभग 10% कर्मचारी सीएमओ के अंदर में नहीं आ रहे हैं कैसे होगा स्वास्थ्य विभाग का बेड़ा पार आख़िरकार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार चौधरी व बाबू अभिषेक पाल ने बिना सूचना के डियूटी से गायब रहने वाले व निजी क्लीनिक चलाने वाले डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के मामले में जांच पड़ताल के नाम पर लेन देन करके मामले को रफा - दफा कर दिया है जो कि मामला उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री / उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निजी सचिव के जानकारी में था जब स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव के जानकारी में होने के बावजूद भी मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों ने लीपापोती करके पूरा मामला खत्म कर दिया है तो आमजन के शिकायत पर कैसे जांच व कार्यवाही होगी ? इस प्रकार स्पष्ट है कि अब स्वास्थ्य विभाग में पीड़ितों को न्याय मिलना आसान नही रह गया है । सीएमओं डा० राजीव निगम *पैसा फेकों तमासा देखों* की नीति पर पूरी तरह कार्य कर रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप को बता दे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर पर तैनात डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता दिनांक - 20-04-2026 से लेकर दिनांक - 23-04-2026 को बिना किसी सूचना के डियूटी से गायब थे और डियूटी के दौरान घर पर निजी क्लीनिक पर इलाज कर रहे थे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था । सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर अधीक्षक डा० पवन वर्मा ने नोटिस जारी किया था और डेन्टल हाईजिनिस्ट ने अधीक्षक के नोटिस का जबाव ही नही दिया था बाद में अधीक्षक ने मजबूर होकर बिना सूचना के डियूटी से गायब रहने के मामले में वेतन कटौती करने का आदेश दिनांक - 28-04-2026 को दिया था और निजी क्लीनिक चलाने के मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डा० ए० के ० चौधरी को मिली थी । डिप्टी सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच किया था और जांच के दौरान निजी क्लीनिक पर कार्य करते डेन्टल हाईजिनिस्ट मिले थे । जांच अधिकारी ने तत्काल निजी क्लीनिक को सीज किया था और भविष्य में पुनः संचालित न करने की चेतावनी दी थी । डिप्टी सीएमओ ने समस्त जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है लेकिन दो महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी मनमानी डियूटी करने वाले डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही नही हो पाई है । जांच रिपोर्ट प्रेषित होने के बाद भी डेन्टल हाईजिनिस्ट हरीश कुमार गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई न होने से डेन्टल हाईजिनिस्ट का मनोबल जबरदस्त बढ़ा है जिससे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है यदि ऐसे ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया रहा तो स्वास्थ्य विभाग में कभी भी भ्रष्टाचार खत्म नही होगा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस संम्बध में डिप्टी सीएमओ डा० अशोक चौधरी ने फोन के माध्यम से बताया है हमने जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दिया है और कार्यवाही सीएमओ के स्तर से होगी कह कर मामले से पल्ला झाड़ लिया और सीएमओ डा० राजीव निगम ने बताया कि कार्यवाही हेतु बाबू अभिषेक पाल को निर्देशित किया है वही बाबू अभिषेक पाल ने बताया कि लेन - देन करके मामले को रफा-दफा कर दिया गया है अर्थात् सभी ने मिलकर जांच व कार्यवाही के नाम पर खेला करने में भरपूर सहयोग किया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181639/ultimately-cmo-deputy-cmo-and-babu-played-with-the-name</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:41:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिश्वतखोरी के आरोप में परसरामपुर थाने के तीन पुलिसकर्मी निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना परसरामपुर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी आनंद यादव तथा आरक्षी बृजभूषण सिंह शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार इन पुलिसकर्मियों के कार्य एवं व्यवहार को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मियों का आचरण आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है, जिससे पुलिस विभाग की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181473/three-policemen-of-parasrampur-police-station-suspended-on-bribery-charges"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना परसरामपुर में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी आनंद यादव तथा आरक्षी बृजभूषण सिंह शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार इन पुलिसकर्मियों के कार्य एवं व्यवहार को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि संबंधित कर्मियों का आचरण आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है, जिससे पुलिस विभाग की साख और जनविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब उक्त पुलिसकर्मियों का एक वीडियो पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया। वीडियो में उन्हें सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से उत्कोच (रिश्वत) लेते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराई गई, जिसके उपरांत प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराई जाएगी तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता तथा जनविश्वास को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य के प्रति विभाग की नीति शून्य सहिष्णुता की है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात नहीं बरता जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई जनपद में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:47:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती PWD में 27 साल से जमे अधिकारी पर गंभीर आरोप, पत्नी की फर्म और 65 लाख के लेन-देन की जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181126/serious-allegations-against-officer-stuck-in-basti-pwd-for-27"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र  द्वारा ठेकेदारों व कर्मचारियों का लगातार दोहन किया जा रहा है तथा सरकारी अभिलेखों में भी फेरबदल किये जाने की शिकायत पूर्व में जन प्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है परन्तु  प्रेमचन्द्र की  ऊँची पहुँच के कारण मण्डलीय कार्यालय पर तैनाती लेते रहे हैं, जिससे इनके भ्रष्टाचार एवं कागजी हेरफेर के कारण सरकारी कार्यों में भी गोपनीयता भंग की जाती रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">प्रेस को जारी विज्ञप्ति में संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रेमचन्द्र ने अपनी सेवा अवधि का लगभग 90 प्रतिशत समय बस्ती वृत्त, बस्ती कार्यालय में ही व्यतीत किया है. बाबू पद से लेकर प्रशासनिक अधिकारी पद तक की उनकी अधिकांश सेवा बस्ती मण्डल में ही रही है. इतने लंबे समय तक एक ही मंडलीय कार्यालय में तैनाती से प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विभागीय कार्यप्रणाली की गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं.</div>
<div style="text-align:justify;">बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन</div>
<div style="text-align:justify;">पत्नी की फर्म के जरिए आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप</div>
<div style="text-align:justify;">श्री पगार ने बताया कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपने पद एवं प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए ठेकेदारी व्यवस्था में हस्तक्षेप किया जाता रहा है. आरोप है कि उनके द्वारा कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने, विभागीय गोपनीय सूचनाओं को प्रभावित करने तथा ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव डालने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई गई है. इसके अतिरिक्त यह भी गंभीर आरोप है कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती सीमा के नाम से संचालित फर्म मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज का उपयोग स्वयं एवं अपने परिवार के सदस्यों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती सीमा है, जिसका पता रौतापार, गांधी नगर, बस्ती दर्शाया गया है. उक्त फर्म का  यूनियन बैंक में है.तीन साल में खाते से 65 लाख का लेन-देन, जांच की उठी मांग</div>
<div style="text-align:justify;">उपलब्ध बैंक विवरण के अनुसार पिछले लगभग तीन वर्षों में उक्त फर्म के खाते में लगभग 65 लाख रुपये की क्रेडिट एवं डेबिट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जिससे लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत तथा संबंधित ठेकेदारों से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है. आरोप है कि वे अपने पूर्व कार्यकाल से संबंधित अभिलेखों, कथित अनियमितताओं एवं आने वाली निविदा/ई-टेण्डरिंग प्रक्रियाओं हस्तक्षेप बनाए रखने के उद्देश्य से उसी कार्यालय में बने रहना चाहते हैं. प्रेमचन्द्र ने अपना आलीशान मकान लखनऊ में बनवा लिया है.</div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर पर उठाई जाती रही हैं. हाल ही में भी कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा  प्रेमचन्द्र के विरुद्ध शासन स्तर पर लिखित शिकायतें प्रेषित की गई, जिसके क्रम में शासन द्वारा धारा 7 के अंतर्गत मुख्य अभियंता, बस्ती से रिपोर्ट मांगी गई. किंतु मुख्य अभियंता, बस्ती  आनन्द कुमार द्वारा एक माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद शासन को अपेक्षित रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई. जबकि शासन की प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी गंभीर शिकायत के क्रम में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर स्थानांतरण अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती है.</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानांतरण प्रक्रिया की पूर्व निर्धारित समय-सीमा 31 मई तक थी, परंतु रिपोर्ट समय से न भेजे जाने के कारण आवश्यक कार्रवाई प्रभावित हुई. वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया की समय-सीमा 30 जून तक बढ़ा दी गई है, इसलिए जनहित एवं प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से यह आवश्यक है कि मुख्य अभियंता स्तर से लंबित रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए तथा प्रेमचन्द्र का स्थानांतरण करते हुए उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए.</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएचसी बनकटी पर कार्यरत लिपिक पर डियूटी से गायब रहने का लगा आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के बनकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी, जनपद बस्ती में कार्यरत लिपिक द्वारा अनियमित उपस्थिति, कर्तव्यों में लापरवाही एवं संदिग्ध आचरण के संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराए जाने हेतु प्रमुख सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ से मांग की गई है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई है आरोप है कि जनपद बस्ती के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी में कार्यरत लिपिक शमीम द्वारा लंबे समय से ड्यूटी में अत्यंत गंभीर अनियमितता एवं घोर लापरवाही बरती जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कर्मचारी पूरे माह अनुपस्थित रहते हैं तथा केवल वेतन निर्माण ( पेरोल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177314/clerk-working-at-chc-bankati-accused-of-being-missing-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/420.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के बनकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी, जनपद बस्ती में कार्यरत लिपिक द्वारा अनियमित उपस्थिति, कर्तव्यों में लापरवाही एवं संदिग्ध आचरण के संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराए जाने हेतु प्रमुख सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ से मांग की गई है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई है आरोप है कि जनपद बस्ती के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी में कार्यरत लिपिक शमीम द्वारा लंबे समय से ड्यूटी में अत्यंत गंभीर अनियमितता एवं घोर लापरवाही बरती जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कर्मचारी पूरे माह अनुपस्थित रहते हैं तथा केवल वेतन निर्माण ( पेरोल बनवाने) के समय (प्रत्येक माह लगभग 21 एवं 22 तारीख ) को ही कार्यालय में उपस्थित होते हैं,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है एवं कार्यालय व्यवस्था बाधित हो रही है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ० राजेश कुमार को भी अवगत कराया गया है कि उक्त कर्मचारी मूलतः जनपद बलिया जिले का निवासी है तथा उनका निवास गोरखपुर एवं लखनऊ में है। पारिवारिक कारणों से भी वे नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहते हैं। उक्त कर्मचारी का मानव संपदा कोड 235211 है। उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, संबंधित कर्मचारी द्वारा स्वयं यह कथित रूप से कहा गया है कि वह अपने पूर्व में तैनाती वाले स्थानों पर भी नियमित रूप से ड्यूटी नहीं किया गया है तथा वह अपने अनुसार ही कार्यालय आता-जाता है। लिपिक शमीम का पूर्व सेवा विवरण 1. वर्ष 1995 में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गगहा, जनपद गोरखपुर में लिपिक पद पर तैनाती के दौरान भी नियमित उपस्थिति नहीं रहती थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2. दिनांक 30 जुलाई 2014 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गोरखपुर में तैनाती रही। 3. दिनांक 11 सितम्बर 2014 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, देवरिया में तैनाती रही। 4. दिनांक 05 फरवरी 2015 को पुनः मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गोरखपुर में तैनाती हुई। 5. दिनांक 05 अप्रैल 2018 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरौली, जनपद गोरखपुर में तैनाती हुई। 6. दिनांक 13 अगस्त 2021 से वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी, जनपद बस्ती में कार्यरत हैं। उक्त कर्मचारी द्वारा यह भी कहा गया कि 'आज तक मुझे कोई नौकरी नहीं करवा पाया है, मैं अपने हिसाब से नौकरी करता हूं और मेरा प्रभाव विभाग के उच्च कार्यालय तक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार के कथन से सरकारी अनुशासन एवं कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। न्याय हित में शिकायत कर्ता ने कहा है कि उक्त प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए 1. मामले की उच्च स्तरीय जांच (High &amp; Level Inquiry) कराई जाए। 2. संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति, वेतन भुगतान एवं कार्यप्रदर्शन की विस्तृत जांच कराई जाए। 3. आवश्यकतानुसार संबंधित मोबाइल नंबर 9935310326 के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन कराया जाए। 4. जांच पूर्ण होने तक संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">5. यदि कोई वित्तीय प्रशासनिक अनियमितता पाई जाए तो विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराते हुए आवश्यक कठोर कार्रवाई करने का कष्ट करें जिससे शासन की छवि एवं कार्यप्रणाली में सुधार हो सके। अब देखना यह है कि डियूटी से गायब लिपिक शमीर के खिलाफ क्या विभागीय जांच हो पाती है या जांच के नाम पर लेन देन करके मामले में लीपापोती कर मामले को रफा दफा कर दिया जायेगा ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:23:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज साइबर थाने के प्रभारी निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173660/there-was-a-stir-in-the-suspended-department-in-charge-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0319.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही किन परिस्थितियों में हुई और इसमें अन्य कोई कर्मचारी भी शामिल है या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद साइबर थाना समेत अन्य थानों में भी कार्यप्रणाली को लेकर समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाएं और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी के बीच साइबर थाने की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में थाना प्रभारी पर की गई यह कार्रवाई पुलिस विभाग के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:40:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीडब्ल्यूडी सुल्तानपुर में वित्तीय अनियमितता उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सुल्तानपुर  - </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यह खुलासा विभाग के एक जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा अधीक्षण अभियंता को लिखे गए पत्र से हुआ है, जिसमें स्टोर संचालन में हो रही 'अवैध' गतिविधियों का जिक्र है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि PWD में निविदाएं 'वर्टिकल' आधार पर दी जाती हैं। इसका अर्थ है कि कार्य पूरा करने के लिए सभी सामग्री और सेवाओं की व्यवस्था ठेकेदार को स्वयं करनी होती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हालांकि, सुल्तानपुर के प्रांतीय खंड में नियमों के विपरीत विभागीय स्टोर का संचालन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173370/draft-add-your-title-financial-irregularities-exposed-in-pwd-sultanpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1003411464.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सुल्तानपुर  - </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यह खुलासा विभाग के एक जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा अधीक्षण अभियंता को लिखे गए पत्र से हुआ है, जिसमें स्टोर संचालन में हो रही 'अवैध' गतिविधियों का जिक्र है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि PWD में निविदाएं 'वर्टिकल' आधार पर दी जाती हैं। इसका अर्थ है कि कार्य पूरा करने के लिए सभी सामग्री और सेवाओं की व्यवस्था ठेकेदार को स्वयं करनी होती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हालांकि, सुल्तानपुर के प्रांतीय खंड में नियमों के विपरीत विभागीय स्टोर का संचालन किया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्यों के खाते में स्टोर से सामग्री की खरीद और उसके परिवहन का खर्च सीधे डाला जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मंडल स्तर पर न तो कोई MAS (मासिक लेखा सारांश) खाता है और न ही स्टॉक तथा T&amp;P (उपकरण एवं संयंत्र) का कोई उचित हिसाब-किताब रखा जा रहा है। संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) ने इन लेनदेन को मुख्य लेखा बहियों से बाहर रखा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वित्त विभाग के वर्ष 2022 के शासनादेश के अनुसार, सीधी बुकिंग के माध्यम से बिटुमेन या इमल्शन जैसी सामग्री खरीदना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, यहां धड़ल्ले से विभागीय खरीद जारी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 19:46:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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