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                <title>सरकारी धन का दुरुपयोग - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सरकारी धन का दुरुपयोग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्राम पंचायत पखेरी में मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के विकास खंड हर्रैया अंतर्गत ग्राम पंचायत पखेरी में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में तैनात सचिव एवं तकनीकी सहायक की लापरवाही के चलते सरकार की योजनाओं की मंशा पर पानी फिर रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आरोप है कि पानी से भरे तालाब में भी ग्राम प्रधान घनश्याम द्वारा ऑनलाइन मस्टर रोल जारी कर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के अधिकांश तालाब और पोखरों में पहले से पानी भरा हुआ है, ऐसे में तालाब खुदाई एवं</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183893/allegations-of-fraud-in-mnrega-works-in-gram-panchayat-pakheri"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260721-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के विकास खंड हर्रैया अंतर्गत ग्राम पंचायत पखेरी में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में तैनात सचिव एवं तकनीकी सहायक की लापरवाही के चलते सरकार की योजनाओं की मंशा पर पानी फिर रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आरोप है कि पानी से भरे तालाब में भी ग्राम प्रधान घनश्याम द्वारा ऑनलाइन मस्टर रोल जारी कर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के अधिकांश तालाब और पोखरों में पहले से पानी भरा हुआ है, ऐसे में तालाब खुदाई एवं सफाई का कार्य कागजों पर दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मीडिया की पड़ताल में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से मनरेगा कार्यों में अनियमितताएं की जा रही हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं तो सरकारी धन के दुरुपयोग पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कब तक कार्रवाई की जाएगी? ग्राम पंचायत पखेरी का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। उक्त प्रकरण में खण्ड विकास अधिकारी हरैया विनय कुमार द्विवेदी से जानकारी लेना चाहा तो खण्ड विकास अधिकारी ने मीडिया के फोन को रिसीव नही किया ।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 18:06:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर:वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच में सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा को ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को निलंबित करने तथा आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले की पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए इस कथित गबन ने वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर यह भी पता लगाने की तैयारी में है कि अनियमित भुगतान और सरकारी धन के दुरुपयोग में अन्य किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। यह मामला सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) खुनियांव द्वारा ग्राम पंचायत खखरा-खखरी, बगहवा, सिरसिया और तेलियाडीह के निरीक्षण के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट से उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए थे।जांच के अनुसार, ग्राम पंचायत खखरा-खखरी में आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और डस्टबिन इंस्टालेशन कार्यों में अनियमितता बरती गई। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नरहरपुर में 194 कार्डधारको की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर प्रधान व रोजगारसेवक हो रहे मालामाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब जिर्णोद्धार कार्य कागज मे चल रही है कार्ड धारको के नाम के सहारे प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब और नाला खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 और नाला सफाई में 51 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है ।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180885/pradhans-and-employment-servants-are-getting-rich-by-registering-fake"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0053.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब जिर्णोद्धार कार्य कागज मे चल रही है कार्ड धारको के नाम के सहारे प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब और नाला खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 और नाला सफाई में 51 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है । प्रधान व सचिव कागजी कोरमपूरा कर फर्जी हाजिरी लगवाकर सरकारी धन को लूटने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं। प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा भटपुरवा ललहवा पर तिन्ना से पटा/पानी भरे तालाब व तैरती जलकुंभी में लगभग एक सप्ताह से फर्जी हाजिरी सरकारी रजिस्टर पर दर्ज की जा चुकी है । अगर जमीनी हकीकत की बात करे तो मजदूर कार्य करते नही मिले कार्य शून्य है । ग्रामीणों से पूछने पर मालूम हुआ कि प्रधान अपने चहेते रोजगार सेवक के सहारे भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते हैं और विना कार्य कराए सरकारी धन को लूटने के प्रयास में लगे रहते हैं । ग्रामीणों की बातो पर गौर करे तो प्रधान प्रतिदिन लगभग पच्चास हजार रुपए सरकारी धन का बंडरबांट करने में लगे हुए हैं । एक सप्ताह में लगभग पांच लाख रुपए बंदर बांट किए जा चुके हैं । रोजगार सेवक,प्रधान सचिव तथा जेई योजना बनाकर जाबकार्ड धारकों को रोजगार देने के नाम पर मुर्ख बनाया जा रहा है और उनके हक पर डांका डालकर सरकारी धन को हड़पने के फिराक में हैं । प्रधान अपना माल समझ कर सरकारी धन लूटने में लगे हैं ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:59:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनहटी बुजुर्ग में पानी और जलकुंभी के बीच चल रहा मनरेगा कार्य प्रधान सचिन और वीडियो की मिले भगत से</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div>  </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180883/mnrega-work-going-on-amidst-water-and-hyacinth-in-sonhati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही है । </div>
<div> </div>
<div>मीडिया पड़ताल में पता चला कि ग्राम प्रधान हसीना बानों के द्वारा जिस तालाब की खुदाई व सफाई के नाम पर आनलाइन मस्टर रोल जारी करवाया गया है उस तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ से जलकुंभी जकड़ा हुआ है । ग्राम प्रधान हसीना बानों व महिला मेट रामावाती देवी उच्च अधिकारियों के आंख में धूल झोंककर मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में पूरी मस्त हैं इन लोगों को ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है ।</div>
<div> </div>
<div>बड़ा सवाल यह है जब तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ जलकुंभी जकड़ा हुआ है तो कैसे मनरेगा कार्य होता होगा ? आखिर मनरेगा साइड पर अपलोड फोटो की जांच क्यों नहीं हो रही है ? जो जांच का विषय बना हुआ है । सचिव, तकनीकी सहायक व मनरेगा एपीओ अपने-अपने कमीशन बाजी में मस्त हैं और मनरेगा फर्जीवाड़ा में जमकर सहयोग कर रहे हैं । अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में पानी से भरे तालाब के नाम पर जारी आनलाइन मस्टर रोल जीरों हो पाता है या नहीं ? अर्थात् बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव के लिए ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के मनरेगा भ्रष्टाचार को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:56:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समय माता स्थान के बगल पोखरा का कई बार हो चुका है भुगतान उसी पोखरा का पुनः जारी है मस्टर रोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के विकास खण्ड सल्टौवा गोपालपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कोयलसा में मनरेगा एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है । वर्तमान समय में दो पोखरा (तालाब ) खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी है और दोनों फर्जी मस्टर रोल पर रोजगार सेवक किरन बेधड़क मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने में मस्त हैं और मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर ग्राम प्रधान सावित्री देवी से वाह-वाही लूट रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो समय माता स्थान के बगल पोखरा खुदाई व सफाई का कार्य लगभग 06 महीने से चल रहा है</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179817/payment-has-been-made-many-times-for-the-pokhara-next"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260521-wa0056.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के विकास खण्ड सल्टौवा गोपालपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कोयलसा में मनरेगा एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है । वर्तमान समय में दो पोखरा (तालाब ) खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी है और दोनों फर्जी मस्टर रोल पर रोजगार सेवक किरन बेधड़क मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने में मस्त हैं और मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर ग्राम प्रधान सावित्री देवी से वाह-वाही लूट रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो समय माता स्थान के बगल पोखरा खुदाई व सफाई का कार्य लगभग 06 महीने से चल रहा है और कई बार उक्त प्रोजक्ट के नाम पर भुगतान भी हो चुका है लेकिन कई बार समय माता स्थान के बगल पोखरा खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर भुगतान होने के बाद भी बार - बार फर्जी मस्टर रोल जारी होने पर रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक एवं मनरेगा एपीओ की भूमिका अहम है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  मीडिया टीम ने पूर्व में ग्राम पंचायत कोयलसा में चल रहे मनरेगा कार्यों का धरातलीय पड़ताल किया था तब ग्राम प्रधान सावित्री देवी , रोजगार सेवक किरन और सचिव शिव शंकर यादव व तकनीकी सहायक एवं मनरेगा एपीओ के लूट खसोट की पोल खुली थी लेकिन खण्ड विकास अधिकारी सल्टौवा गोपालपुर अनिल कुमार यादव ने ग्राम पंचायत कोइलसा में चल रहे फर्जीवाड़ा मामले का संज्ञान नही लिया था जिसके कारण फर्जी भुगतान कराने में ग्राम प्रधान सावित्री देवी व सचिव शिव शंकर यादव ने बाजी मारी थी । फर्जी भुगतान कराने में सफल होने पर पुनः फर्जी मस्टर रोल के सहारे ग्राम प्रधान सावित्री देवी व सचिव शिव शंकर यादव सरकारी खजाने को लूटने की तैयारी में जुटे हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   ग्राम पंचायत कोयलसा में बड़े पैमाने पर चल रहे मनरेगा फर्जीवाड़ा को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है और ग्राम प्रधान सावित्री देवी व सचिव शिव शंकर यादव के खिलाफ शिकायत करने की तैयारी बना रहे हैं । ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि पंचायत चुनाव नजदीक है जिसके कारण ग्राम प्रधान व सचिव ने सरकारी खजाने को लूटने के उद्देश्य से धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में मस्त हैं । अब देखना यह है कि बीडीओ अनिल कुमार यादव ग्राम पंचायत कोयलसा के भ्रष्टाचार को रोक पाते हैं या नही । अथवा लेनदेन करके मामले को रफा-दफा कर देगें ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:12:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हनुमानगढ़िया में कागजों में बह रहा मजदूरों का पसीना, धरातल से श्रमिक गायब</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हनुमानगढ़िया में महात्मा मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट का किया जा रहा है। यहां डिजिटल इंडिया की पारदर्शी व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखाते हुए कागजों पर तो मजदूरों का फौज खड़ा कर दिया गया है लेकिन धरातल पर सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार गांव में नरायन के घर से लेकर रामप्रसाद के खेत तक चकबंध पर मिट्टी भराई का कार्य प्रगति पर है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके लिए मास्टर रोल संख्या 548 से 554 तथा 578 जारी कर रोजाना 50 से 60 श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179460/in-hanumangarhia-sweat-of-workers-is-flowing-on-paper-workers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/2_177763515069f48f4edc7f4_11.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हनुमानगढ़िया में महात्मा मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट का किया जा रहा है। यहां डिजिटल इंडिया की पारदर्शी व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखाते हुए कागजों पर तो मजदूरों का फौज खड़ा कर दिया गया है लेकिन धरातल पर सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार गांव में नरायन के घर से लेकर रामप्रसाद के खेत तक चकबंध पर मिट्टी भराई का कार्य प्रगति पर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके लिए मास्टर रोल संख्या 548 से 554 तथा 578 जारी कर रोजाना 50 से 60 श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए दर्ज की जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते गुरुवार से कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं है और पिछले दो दिनों से पूरा क्षेत्र पूरी तरह सुनसान पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जिम्मेदारों द्वारा मोबाइल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग जैसी सख्त नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। इस मिलीभगत के तहत फर्जी तरीके से अपने चहेतों के बैंक खातों में सरकारी धनराशि ट्रांसफर की जाती है और बाद में उसे आपस में बांट लिया जाता है, जिसके कारण गांव के वास्तविक और जरूरतमंद मजदूर रोजगार के अधिकार से महरुम हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि कार्यस्थल के डिजिटल डेटा, मस्टरोल और जियो-टैग तस्वीरों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए ताकि इस घोटाले में शामिल दोषियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179460/in-hanumangarhia-sweat-of-workers-is-flowing-on-paper-workers</link>
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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:24:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीडब्ल्यूडी सुल्तानपुर में वित्तीय अनियमितता उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सुल्तानपुर  - </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यह खुलासा विभाग के एक जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा अधीक्षण अभियंता को लिखे गए पत्र से हुआ है, जिसमें स्टोर संचालन में हो रही 'अवैध' गतिविधियों का जिक्र है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि PWD में निविदाएं 'वर्टिकल' आधार पर दी जाती हैं। इसका अर्थ है कि कार्य पूरा करने के लिए सभी सामग्री और सेवाओं की व्यवस्था ठेकेदार को स्वयं करनी होती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हालांकि, सुल्तानपुर के प्रांतीय खंड में नियमों के विपरीत विभागीय स्टोर का संचालन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173370/draft-add-your-title-financial-irregularities-exposed-in-pwd-sultanpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1003411464.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सुल्तानपुर  - </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी आदेशों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। यह खुलासा विभाग के एक जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा अधीक्षण अभियंता को लिखे गए पत्र से हुआ है, जिसमें स्टोर संचालन में हो रही 'अवैध' गतिविधियों का जिक्र है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि PWD में निविदाएं 'वर्टिकल' आधार पर दी जाती हैं। इसका अर्थ है कि कार्य पूरा करने के लिए सभी सामग्री और सेवाओं की व्यवस्था ठेकेदार को स्वयं करनी होती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हालांकि, सुल्तानपुर के प्रांतीय खंड में नियमों के विपरीत विभागीय स्टोर का संचालन किया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्यों के खाते में स्टोर से सामग्री की खरीद और उसके परिवहन का खर्च सीधे डाला जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मंडल स्तर पर न तो कोई MAS (मासिक लेखा सारांश) खाता है और न ही स्टॉक तथा T&amp;P (उपकरण एवं संयंत्र) का कोई उचित हिसाब-किताब रखा जा रहा है। संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) ने इन लेनदेन को मुख्य लेखा बहियों से बाहर रखा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वित्त विभाग के वर्ष 2022 के शासनादेश के अनुसार, सीधी बुकिंग के माध्यम से बिटुमेन या इमल्शन जैसी सामग्री खरीदना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, यहां धड़ल्ले से विभागीय खरीद जारी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173370/draft-add-your-title-financial-irregularities-exposed-in-pwd-sultanpur</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 19:46:33 +0530</pubDate>
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