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                <title>anpara-gayatri-mahayagya-became-devotional-flood-of-faith-gathered-in - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>अनपरा गायत्री महायज्ञ से भक्तिमय हुआ चन्दुआर, मोहन ब्रह्म बाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>ब्यूरो रिपोर्ट</em></strong></p><p><strong><em>अनपरा /सोनभद्र-</em></strong></p><p style="text-align:justify;">अनपरा क्षेत्र के चन्दुआर और घरसडी गांव की सीमाओं पर स्थित सुप्रसिद्ध मोहन ब्रह्म बाबा मंदिर इन दिनों आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। बीते 6 मार्च से यहाँ आयोजित श्री श्री 1008 श्री गायत्री महायज्ञ ने संपूर्ण क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया है। हवाओं में गूँजते गायत्री मंत्रों के स्वर और यज्ञ की आहुतियों की सुगंध से वातावरण पूरी तरह शुद्ध और पावन हो गया है। महायज्ञ के भव्य मंडप की छटा देखते ही बन रही है। </p><p style="text-align:justify;">श्रद्धालु यहाँ न केवल दर्शन के लिए आ रहे हैं, बल्कि अपनी आस्था</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173334/anpara-gayatri-mahayagya-became-devotional-flood-of-faith-gathered-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0115.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>ब्यूरो रिपोर्ट</em></strong></p><p><strong><em>अनपरा /सोनभद्र-</em></strong></p><p style="text-align:justify;">अनपरा क्षेत्र के चन्दुआर और घरसडी गांव की सीमाओं पर स्थित सुप्रसिद्ध मोहन ब्रह्म बाबा मंदिर इन दिनों आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। बीते 6 मार्च से यहाँ आयोजित श्री श्री 1008 श्री गायत्री महायज्ञ ने संपूर्ण क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया है। हवाओं में गूँजते गायत्री मंत्रों के स्वर और यज्ञ की आहुतियों की सुगंध से वातावरण पूरी तरह शुद्ध और पावन हो गया है। महायज्ञ के भव्य मंडप की छटा देखते ही बन रही है। </p><p style="text-align:justify;">श्रद्धालु यहाँ न केवल दर्शन के लिए आ रहे हैं, बल्कि अपनी आस्था प्रकट करने के लिए विभिन्न अनुष्ठानों में भी भाग ले रहे हैं। प्रतिदिन भोर होते ही श्रद्धालुओं की कतारें लग जाती हैं। लोग यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की मंगल कामना कर रहे हैं। शाम ढलते ही शंख, घंटों और वैदिक ऋचाओं के बीच होने वाली भव्य महाआरती विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल होकर पुण्य लाभ कमा रहे हैं।</p><p style="text-align:justify;"> रात्रि में आयोजित हो रही रासलीला में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और रास का मनमोहक मंचन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से ग्रामीण सपरिवार पहुँच रहे हैं। इतने बड़े आयोजन को सुव्यवस्थित रखने के लिए यज्ञ समिति के सदस्य पूरी निष्ठा से जुटे हैं। समिति के अध्यक्ष गोविंद मिश्रा के मार्गदर्शन में सुरक्षा, अनुशासन और प्रसाद वितरण की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। यज्ञ को सफल बनाने में सचिव विनोद दुबे, विजयनारायण दुबे, अमरेश चंद दुबे, संतोष कुमार दुबे, ज्ञानेंद्र बहादुर द्विवेदी, बृज बिहारी दुबे, राजू तिवारी, अनिल दुबे और कृष्ण जी दुबे सहित अन्य सेवादार पूरी तन्मयता से अपना योगदान दे रहे हैं। </p><p style="text-align:justify;">यज्ञ समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी दिनों में भी विद्वान आचार्यों द्वारा गायत्री मंत्रों का जप और हवन निरंतर चलता रहेगा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि समाज में आपसी एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश भी प्रसारित होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 00:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
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