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                <title>Drinking Water Crisis - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Drinking Water Crisis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तीन दिनों से फुंका ट्रांसफार्मर, भीषण गर्मी में अंधेरे में डूबा जमुरावा गांव, विभाग बना मूकदर्शक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली।</strong> ओसाह पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले जमुरावा गांव में लगा 25 केवीए विद्युत ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिनों से फुंका पड़ा है, जिससे गांव के आधे से अधिक हिस्से की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगा 25 केवीए ट्रांसफार्मर लंबे समय से ओवरलोड चल रहा था। कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181699/transformer-blown-for-three-days-jamurawa-village-plunged-into-darkness"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260620-wa0312.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली।</strong> ओसाह पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले जमुरावा गांव में लगा 25 केवीए विद्युत ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिनों से फुंका पड़ा है, जिससे गांव के आधे से अधिक हिस्से की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगा 25 केवीए ट्रांसफार्मर लंबे समय से ओवरलोड चल रहा था। कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या के समाधान की बजाय शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता रहा। नतीजा यह हुआ कि ट्रांसफार्मर आखिरकार फुंक गया और पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। रात में अंधेरे और गर्मी के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग के कर्मचारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया तो वे विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार बेहतर बिजली व्यवस्था के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ गांवों में फुंके ट्रांसफार्मर कई दिनों तक नहीं बदले जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सवाल यह है कि तीन दिनों से अंधेरे में डूबे जमुरावा गांव की सुध आखिर कब लेगा विद्युत विभाग? और क्या जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर कोई कार्रवाई होगी या ग्रामीणों को इसी तरह गर्मी और अंधेरे की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तो वहीं विद्युत विभाग की जेई योगेश कुमार यादव से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि बहुत जल्द ही ट्रांसफार्मर लगवा कर विद्युत व्यवस्था बहाल की जाएगी</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:53:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर-घर-नल योजना में जमकर गड़बड़झाला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर देहात।</strong> ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु हर-घर-नल योजना के क्रियान्वयन में किया गया गड़बड़झाला सामने आने लगा है और इस आशंका से इन्कार नहीं किया सकता कि हर-घर-नल योजना में धन का बन्दरबाँट नहीं किया गया है ! कानपुर देहात जिले के विकास खण्ड डेरापुर की ग्राम पंचायत मझगवाँ के ग्राम मिर्जापुर खुर्द में ‘‘हर-घर-नल’’ योजना के अन्तर्गत ग्राम के हर-घर तक पाइप लाइन डाले हुए लगभग 3 वर्ष गुजर चुके हैं और हर-घर के पास टोंटी लगा दी गईं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खास बात यह है कि तीन-चार वर्षों के दौरान अब तक शायद दो-चार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177909/big-mess-in-every-house-tap-scheme"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001878135.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर देहात।</strong> ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु हर-घर-नल योजना के क्रियान्वयन में किया गया गड़बड़झाला सामने आने लगा है और इस आशंका से इन्कार नहीं किया सकता कि हर-घर-नल योजना में धन का बन्दरबाँट नहीं किया गया है ! कानपुर देहात जिले के विकास खण्ड डेरापुर की ग्राम पंचायत मझगवाँ के ग्राम मिर्जापुर खुर्द में ‘‘हर-घर-नल’’ योजना के अन्तर्गत ग्राम के हर-घर तक पाइप लाइन डाले हुए लगभग 3 वर्ष गुजर चुके हैं और हर-घर के पास टोंटी लगा दी गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खास बात यह है कि तीन-चार वर्षों के दौरान अब तक शायद दो-चार बार ही जलापूर्ति की गई है। परिणाम स्वरूप हर घर नल योजना, ‘‘चार दिन की चाँदनी....’’ वाली कहावत को सच करती दिख रही है। इसमें कतई दो राय नहीं कि हर-घर-नल योजना में स्थानीय स्तर पर गडबड़झाला और धन का बन्दरबाँट किया गया है। ग्राम निवासी वीरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि, "लगभग 3 वर्ष हो चुके हैं पाइप लाइन को डाले हुए। शुरू - शुरू में ही दो - तीन बार पानी आया था, वो भी बहुत गन्दा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तब से लेकर अब तक पानी नहीं आया।" ग्राम निवासी श्याम सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भारत सरकार को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजकर उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कर जाँच करने की माँग की है और गड़बड़झाला करने में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाई करने की माँग की गई है !</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 17:44:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर ब्रेकिंग: रावतपुर ऑफिसर कॉलोनी में जल संकट, लोगों में आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> रावतपुर स्थित ऑफिसर कॉलोनी में भीषण गर्मी के बीच गहराते जल संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 48 घंटों से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप बताई जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>टंकी और मोटर खराब, सप्लाई बाधित</strong></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की टंकी लंबे समय से खराब पड़ी है और मोटर में भी खराबी है, जिसके चलते जलापूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय पर मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।</div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>विभागीय लापरवाही के आरोप</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177788/kanpur-breaking-water-crisis-in-rawatpur-officer-colony-anger-among"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> रावतपुर स्थित ऑफिसर कॉलोनी में भीषण गर्मी के बीच गहराते जल संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 48 घंटों से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप बताई जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>टंकी और मोटर खराब, सप्लाई बाधित</strong></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की टंकी लंबे समय से खराब पड़ी है और मोटर में भी खराबी है, जिसके चलते जलापूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय पर मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।</div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>विभागीय लापरवाही के आरोप</strong></div><div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय निवासियों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>गर्मी में बढ़ी दिक्कत</strong></div><div style="text-align:justify;">भीषण गर्मी के चलते पानी की जरूरत बढ़ गई है, ऐसे में सप्लाई बाधित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। लोग टैंकर या अन्य साधनों के सहारे पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।</div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>समाधान की मांग</strong></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब टंकी और मोटर की जल्द मरम्मत कराकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान भी किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 17:14:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग उगलती भीषण गर्मी में प्यासे कंठों की कौन सुने दास्तां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए हैं। यह बढ़ती हुई भीषण गर्मी कहीं न कहीं मानव द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अंधाधुंध दोहन और प्रकृति-विनाश का परिणाम है। इसी के चलते जल के प्राकृतिक स्रोत समाप्त हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों के अंधाधुंध विनाश के कारण अनेक प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मूक वन्यजीवों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177391/who-will-listen-to-the-tales-of-thirsty-throats-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/download2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए हैं। यह बढ़ती हुई भीषण गर्मी कहीं न कहीं मानव द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अंधाधुंध दोहन और प्रकृति-विनाश का परिणाम है। इसी के चलते जल के प्राकृतिक स्रोत समाप्त हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों के अंधाधुंध विनाश के कारण अनेक प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मूक वन्यजीवों के जीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पानी प्रकृति के समस्त जीवों की मूलभूत और अनिवार्य आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन विडंबना यह है कि जब यही आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जीवों के अस्तित्व पर संकट गहराना स्वाभाविक है।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह स्वीकार करना होगा कि आजादी के साढ़े सात दशक बाद भी देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में यह कल्पना करना कठिन नहीं कि वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करते होंगे। मानव जीवन के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु केंद्र और राज्य सरकारें हर वर्ष अनेक प्रयास करती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जमीनी स्तर पर ये प्रयास अभी भी अपर्याप्त सिद्ध हो रहे हैं। विशेषकर सुदूर ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ‘नल-जल योजना’ एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी पहल है। बावजूद इसके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई स्थानों पर जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अनेक गाँवों में बनी पानी की टंकियाँ केवल दिखावा बनकर रह गई हैं। ये टंकियाँ प्यासे कंठों को राहत देने के बजाय व्यवस्था की खामियों का प्रतीक बनती जा रही हैं।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पानी हर जीव की मूलभूत आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यदि इसी आवश्यकता की पूर्ति में कमी रह जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह न केवल गंभीर लापरवाही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अक्षम्य अपराध के समान है। भीषण गर्मी में जब लोग घर से बाहर निकलने से बचते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मीलों दूर से पानी लाने को विवश होते हैं। जल संकट के कारण मूक पशु-पक्षियों का जीवन बचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति-विनाश के चलते बढ़ती गर्मी और अस्तित्व बचाने के लिए भटकते वन्यजीव—ये दोनों ही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। ऐसे में सरकार और समाज को मिलकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर तक मानव और वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि इस दिशा में ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो देश के हर कोने में सभी जीवों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जा सकता है। अन्यथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर वर्ष की भाँति आग उगलती गर्मी में प्यासे मूक प्राणियों की दास्तां अधूरी ही रह जाएगी।</span></p><p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरविंद रावल</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>कोतवाली परिसर में पेयजल संकट, खराब हैंडपंप और वाटर कूलर से फरियादी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली परिसर में इन दिनों पेयजल का संकट बना हुआ है। परिसर में लगा हैंडपंप और ओवरहेड वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे कोतवाली आने वाले फरियादियों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान यह समस्या और भी स्पष्ट रूप से सामने आई। अपनी शिकायत लेकर पहुंचे कई फरियादियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। गर्मी के बीच पानी न मिलने से लोग काफी परेशान दिखाई दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260314-wa0256.jpg" alt="थाना समाधान दिवस में भी पानी के लिए भटकते रहे लोग" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि परिसर में लगा ओवरहेड टैंक भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173314/drinking-water-crisis-in-kotwali-premises-complainant-upset-due-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0256.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली परिसर में इन दिनों पेयजल का संकट बना हुआ है। परिसर में लगा हैंडपंप और ओवरहेड वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे कोतवाली आने वाले फरियादियों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान यह समस्या और भी स्पष्ट रूप से सामने आई। अपनी शिकायत लेकर पहुंचे कई फरियादियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। गर्मी के बीच पानी न मिलने से लोग काफी परेशान दिखाई दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260314-wa0256.jpg" alt="थाना समाधान दिवस में भी पानी के लिए भटकते रहे लोग" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि परिसर में लगा ओवरहेड टैंक भी खराब हो चुका है। इसकी वजह से नियमित रूप से पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं हैंडपंप भी काम नहीं कर रहा है, जिससे पेयजल संकट और गहरा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके कारण कर्मचारियों और फरियादियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को कम से कम पीने का साफ पानी तो आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से खराब हैंडपंप, ओवरहेड टैंक और वाटर कूलर को जल्द ठीक कराने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:47:53 +0530</pubDate>
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