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                <title>Illegal Construction - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Illegal Construction RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अतिक्रमण का जाल और रेंगती आम आदमी की जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-size:small;">शहरों की पहचान केवल ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और चमकते बाजारों से नहीं होती। किसी शहर की असली तस्वीर उसकी सड़कों, फुटपाथों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देती है। जब यही सार्वजनिक स्थान अतिक्रमण की गिरफ्त में आ जाते हैं, तो विकास की चमक के पीछे आम आदमी की जिंदगी धीरे-धीरे रेंगने लगती है। अतिक्रमण आज केवल सड़क किनारे दुकान लगाने या फुटपाथ पर सामान रखने तक सीमित समस्या नहीं रह गया है। सड़क की जमीन पर कब्जा, नालियों के ऊपर निर्माण, फुटपाथों पर स्थायी दुकानें, पार्किंग के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल और गलियों तक में फैलते</span></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186145/the-web-of-encroachment-and-the-creeping-life-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:small;">शहरों की पहचान केवल ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और चमकते बाजारों से नहीं होती। किसी शहर की असली तस्वीर उसकी सड़कों, फुटपाथों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देती है। जब यही सार्वजनिक स्थान अतिक्रमण की गिरफ्त में आ जाते हैं, तो विकास की चमक के पीछे आम आदमी की जिंदगी धीरे-धीरे रेंगने लगती है। अतिक्रमण आज केवल सड़क किनारे दुकान लगाने या फुटपाथ पर सामान रखने तक सीमित समस्या नहीं रह गया है। सड़क की जमीन पर कब्जा, नालियों के ऊपर निर्माण, फुटपाथों पर स्थायी दुकानें, पार्किंग के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल और गलियों तक में फैलते अवैध निर्माण ने शहरों की व्यवस्था को प्रभावित किया है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा उस नागरिक को भुगतना पड़ता है, जिसके पास न ताकत है, न प्रभाव और न ही व्यवस्था से लगातार संघर्ष करने का समय।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">सड़कें छोटी, समस्याएं बड़ी</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण का सबसे सीधा असर यातायात पर पड़ता है। जिस सड़क का निर्माण वाहनों और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए हुआ था, उसका एक बड़ा हिस्सा दुकानों, ठेलों, पार्किंग या निर्माण सामग्री की भेंट चढ़ जाता है। परिणामस्वरूप सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम होती जाती है और यातायात का दबाव बढ़ता जाता है। कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लगना अब कई शहरों में असामान्य नहीं है। वाहन ईंधन जलाते रहते हैं, लोग समय गंवाते हैं और प्रदूषण बढ़ता रहता है। इस पूरी व्यवस्था की कीमत अंततः आम आदमी ही चुकाता है।</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">फुटपाथ गायब, पैदल यात्री परेशान</span></div>
<div><span style="font-size:small;">फुटपाथ का उद्देश्य पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता देना है। लेकिन जब फुटपाथ पर दुकानें, वाहन, विज्ञापन बोर्ड और अस्थायी निर्माण कब्जा कर लेते हैं, तो पैदल यात्री सड़क पर चलने के लिए मजबूर हो जाता है। बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और दिव्यांग नागरिक ऐसी स्थिति में सबसे अधिक परेशान होते हैं। सड़क पर चलते पैदल यात्री और तेज रफ्तार वाहनों का टकराव दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाता है। सवाल यह है कि जिस नागरिक के लिए फुटपाथ बनाया गया, उसे आखिर उसी फुटपाथ से हटने के लिए क्यों मजबूर होना पड़े?</span></div>
<div><span style="font-size:small;">जलभराव की समस्या को बढ़ाता अतिक्रमण</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण का एक गंभीर और अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला परिणाम जलभराव है। नालियों और जलनिकासी के रास्तों पर निर्माण होने से बारिश का पानी अपना प्राकृतिक रास्ता नहीं पा पाता। कई जगह नालियां ढक दी जाती हैं या उनका आकार इतना छोटा कर दिया जाता है कि पानी का प्रवाह बाधित होने लगता है। बारिश होते ही सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। घरों और दुकानों में पानी घुसता है, यातायात ठप होता है और नागरिकों को घंटों परेशानी उठानी पड़ती है। हर वर्ष जलभराव के बाद सफाई और नाला खुदाई की कवायद होती है, लेकिन यदि जलनिकासी के रास्तों पर कब्जे कायम रहें तो समस्या स्थायी रूप से कैसे समाप्त होगी?</span></div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण और भ्रष्टाचार का सवाल</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण केवल प्रशासनिक कमजोरी का परिणाम है या इसके पीछे किसी स्तर पर मिलीभगत भी है—यह सवाल बार-बार उठता है। किसी सड़क या सार्वजनिक जमीन पर एक दिन में स्थायी कब्जा नहीं हो जाता। पहले अस्थायी कब्जा होता है, फिर वह धीरे-धीरे स्थायी रूप लेता है और अंततः नागरिक उसे सामान्य स्थिति मानने लगते हैं।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">यदि नियम स्पष्ट हैं और सरकारी जमीन की निगरानी होती है तो वर्षों तक अवैध निर्माण कैसे खड़े रहते हैं? यदि कार्रवाई होती है तो कुछ समय बाद वही स्थान फिर अतिक्रमण से कैसे भर जाते हैं?</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">इन सवालों का जवाब केवल छोटे दुकानदार या ठेले वाले को दोषी ठहराकर नहीं दिया जा सकता। व्यवस्था को यह भी देखना होगा कि अतिक्रमण को पनपने का अवसर कौन देता है और कार्रवाई के बाद उसे दोबारा खड़ा होने से कौन रोकता है।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">रोजगार बनाम व्यवस्था—समस्या का कठिन पक्ष</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का दूसरा पहलू भी है। बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और फुटपाथ पर कारोबार करने वाले लोग अपनी आजीविका के लिए सार्वजनिक स्थानों पर निर्भर हैं। अचानक सामान हटाने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होती है। इसलिए समाधान केवल बुलडोजर या जबरन हटाने में नहीं है। प्रशासन को व्यवस्थित वेंडिंग जोन, वैकल्पिक बाजार और पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था विकसित करनी होगी। गरीब की रोजी भी बचे और सार्वजनिक रास्ता भी—यह संतुलन ही वास्तविक प्रशासनिक सफलता होगी।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">कानून सबके लिए समान होना चाहिए</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में सबसे बड़ी आवश्यकता समानता की है। यदि गरीब की छोटी दुकान हटाई जाए लेकिन प्रभावशाली व्यक्ति का बड़ा अवैध निर्माण वर्षों तक खड़ा रहे, तो नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">कानून का अर्थ तभी है जब वह बिना भेदभाव लागू हो। सड़क पर कब्जा करने वाला चाहे छोटा दुकानदार हो या बड़ा कारोबारी, सार्वजनिक जमीन पर अवैध निर्माण करने वाला चाहे कोई भी हो—नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">शहर केवल वाहनों के लिए नहीं हैं</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">शहरी नियोजन में अक्सर सड़क चौड़ी करने, फ्लाईओवर बनाने और यातायात बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, लेकिन पैदल चलने वाले नागरिक की जरूरतों को उतना महत्व नहीं मिलता। वास्तव में स्वस्थ शहर वह है जहां व्यक्ति सुरक्षित पैदल चल सके, सार्वजनिक परिवहन तक आसानी से पहुंच सके और बारिश के दिनों में जलभराव से न जूझे।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण हटाना केवल सड़क खाली कराने का अभियान नहीं होना चाहिए। यह शहर को नागरिकों के लिए वापस हासिल करने की प्रक्रिया होनी चाहिए।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">आम आदमी की जिंदगी कब तेज चलेगी?</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">आज आम नागरिक का बड़ा हिस्सा अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अनावश्यक समय यातायात, जाम, पार्किंग और जलभराव में गंवा देता है। जिस दूरी को कुछ मिनटों में पूरा होना चाहिए, वह घंटों में पूरी होती है। यही वह स्थिति है जिसे कहा जा सकता है—शहर बढ़ रहे हैं, लेकिन आम आदमी की जिंदगी रेंग रही है।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक ईमानदारी और बेहतर शहरी नियोजन से ही संभव है। केवल अभियान चलाकर तस्वीर नहीं बदलेगी। अतिक्रमण हटाने के बाद उस स्थान का नियमित निरीक्षण, डिजिटल रिकॉर्ड, स्पष्ट पार्किंग नीति, व्यवस्थित वेंडिंग जोन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">सड़कें जनता की हैं, फुटपाथ जनता के हैं, नालियां जनता के लिए हैं और सार्वजनिक जमीन भी जनता की संपत्ति है। जब इन पर कब्जा होता है तो नुकसान केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का होता है।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">जरूरत इस बात की है कि शहरों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम को केवल दिखावटी कार्रवाई न बनाया जाए। प्रशासन को गरीब की आजीविका और नागरिकों के अधिकार—दोनों के बीच संतुलन कायम करना होगा। तभी शहरों की सड़कें खुलेंगी, जलभराव घटेगा, यातायात सुधरेगा और सबसे महत्वपूर्ण—आम आदमी की जिंदगी रेंगने के बजाय आगे बढ़ सकेगी।</span></div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 21:36:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई, पीडीए ने खान ग्लोबल कोचिंग को किया सील।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खान ग्लोबल कोचिंग में भवन निर्माण एवं सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई खामियां पाए जाने पर पीडीए ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, खान ग्लोबल कोचिंग शहर में तीन मंजिला भवन में संचालित की जा रही थी। निरीक्षण के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182023/big-action-in-prayagraj-after-lucknow-fire-pda-seals-khan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260623-wa0100.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खान ग्लोबल कोचिंग में भवन निर्माण एवं सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई खामियां पाए जाने पर पीडीए ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, खान ग्लोबल कोचिंग शहर में तीन मंजिला भवन में संचालित की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवन की स्वीकृति, अग्नि सुरक्षा उपायों, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मानकों की जांच की। जांच में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए कोचिंग संस्थान को सीज कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में अग्निशमन विभाग और विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लखनऊ अग्निकांड के बाद फायर विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास द्वार, फायर एनओसी तथा सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है। कई संस्थानों को कमियों को दूर करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है। जिन संस्थानों में भवन मानकों का उल्लंघन या सुरक्षा संबंधी लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ सीलिंग, नोटिस और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 20:14:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद भी ब्लॉक-8 पार्क पर कार्रवाई नहीं, शासन पहुंची शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क पर हुए अतिक्रमण, कंक्रीट निर्माण, धार्मिक संरचनाओं के विस्तार तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कथित शिथिलता को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य द्वारा भेजे गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम एवं केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क एवं ओपन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181568/government-did-not-take-action-on-block-8-park-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002015129.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क पर हुए अतिक्रमण, कंक्रीट निर्माण, धार्मिक संरचनाओं के विस्तार तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में कथित शिथिलता को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य द्वारा भेजे गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम एवं केडीए के अभिलेखों में सार्वजनिक पार्क एवं ओपन स्पेस के रूप में दर्ज भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे और निर्माण कार्य होते रहे, लेकिन संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय प्रकरणों का निस्तारण कागजों तक सीमित रखते रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 22 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में ब्लॉक-8 स्थित पार्क में हुए निर्माण कार्यों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा था कि जिस भूमि को पार्क एवं खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा गया हो, वहां निर्माण और अतिक्रमण किस प्रकार होने दिया गया। न्यायालय ने संबंधित प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पार्कों और खुले स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए तथा किए गए अतिक्रमणों को हटाकर उन्हें उनके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकाश वीर आर्य का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति 29 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त कराए जाने के बावजूद अब तक पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराने अथवा उसके मूल स्वरूप की बहाली के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत पार्क क्षेत्र में नई गतिविधियों और कब्जों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकरण का एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब केस्को को लिखित शिकायत और न्यायालयीय आदेशों की जानकारी दिए जाने के बावजूद पार्क में स्थित विवादित धार्मिक संरचना पर नया विद्युत संयोजन स्थापित कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सार्वजनिक पार्क की विवादित भूमि पर स्थित संरचनाओं को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से अवैध कब्जों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिलता है तथा भविष्य में ऐसे कब्जों को स्थायित्व प्रदान करने का आधार तैयार होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रार्थना पत्र में पार्क में अवैध रूप से निर्मित कंक्रीट ढांचों एवं इंटरलॉकिंग को हटाकर पूरे क्षेत्र को पुनः पार्क के रूप में विकसित करने, नए कब्जों एवं मूर्ति स्थापना पर तत्काल रोक लगाने, विद्युत संयोजन प्रकरण की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों एवं अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। नगर विकास मंत्री कार्यालय द्वारा मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को भेजे जाने के बाद अब क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें शासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के आदेशों और शासन स्तर पर संज्ञान लिए जाने के बाद भी पार्क को उसका मूल स्वरूप नहीं मिल पाता, तो यह सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181568/government-did-not-take-action-on-block-8-park-even-after</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 16:45:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फाफामऊ में पीडीए का बड़ा अभियान: आधा दर्जन अवैध निर्माण सील, ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>फाफामऊ/प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  शहर में अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने गुरुवार को फाफामऊ क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाते हुए बिना स्वीकृत मानचित्र के कराए जा रहे करीब आधा दर्जन निर्माणों को सील कर दिया। पीडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और निर्माणकर्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम ने फाफामऊ के विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के कराया जाता पाया गया। अधिकारियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181499/pdas-big-campaign-in-phaphamau-seals-half-a-dozen-illegal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0110.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>फाफामऊ/प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> शहर में अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने गुरुवार को फाफामऊ क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाते हुए बिना स्वीकृत मानचित्र के कराए जा रहे करीब आधा दर्जन निर्माणों को सील कर दिया। पीडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और निर्माणकर्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम ने फाफामऊ के विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के कराया जाता पाया गया। अधिकारियों ने संबंधित निर्माणकर्ताओं से अभिलेख और स्वीकृत नक्शे की मांग की, लेकिन वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी क्रम में विशेष अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों को चिन्हित किया गया। कार्रवाई के दौरान निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए तथा भवनों को सील कर दिया गया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:24:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवीन परती बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर डीएम से हुई शिकायत*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती तहसील बस्ती सदर के अंतर्गत ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के अन्तर्गत राजस्व गांव दुधौरा में नवीन परती (बंजर भूमि ) पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को लेकर जिलाधिकारी ज्योत्सना कृत्तिका से ग्रामीणों ने शिकायत की है । ग्रामीणों ने मांग की है कि नवीन परती ( बंजर भूमि ) को राजस्व टीम द्वारा पैमाइश करा कर तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाया जाएं । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के राजस्व गांव दुधौरा में गाटा संख्या -158 व 159 जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती व आबादी के नाम से दर्ज है । सार्वजनिक उपयोग एवं उपभोग</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181008/complaint-lodged-with-dm-regarding-removal-of-illegal-encroachment-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0048.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती तहसील बस्ती सदर के अंतर्गत ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के अन्तर्गत राजस्व गांव दुधौरा में नवीन परती (बंजर भूमि ) पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को लेकर जिलाधिकारी ज्योत्सना कृत्तिका से ग्रामीणों ने शिकायत की है । ग्रामीणों ने मांग की है कि नवीन परती ( बंजर भूमि ) को राजस्व टीम द्वारा पैमाइश करा कर तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाया जाएं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के राजस्व गांव दुधौरा में गाटा संख्या -158 व 159 जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती व आबादी के नाम से दर्ज है । सार्वजनिक उपयोग एवं उपभोग की भूमि पर वीरेंद्र पुत्र रामलोचन के के द्वारा मकान बनवाकर जबरन अवैध कब्जा किया जा रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों द्वारा नव निर्माण कार्य को न करने के लिए वीरेन्द्र कुमार को कहा जा रहा है लेकिन दबंग वीरेन्द्र कुमार द्वारा अवैध कब्जा करने का कार्य जारी है और मना करने वाले ग्रामीणों को गाली गलौज वीरेन्द्र कुमार दे रहा है । ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल को सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर शिकायत की गई थी लेकिन हल्का लेखपाल ने अवैध अतिक्रमण मामले का संज्ञान नही लिया बल्कि दबंग वीरेंद्र कुमार को अवैध आक्रमण करने के लिए सहयोग किया जा रहा है । ग्रामीणों ने कलवारी थाने पर भी लिखित शिकायत की थी परन्तु कलवारी पुलिस में राजस्व विभाग का मामला बताकर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों ने दिनांक - 10-06-2026 को जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और पूरे प्रकरण की जानकारी दिया । ग्रामीणों ने बताया कि दबंग वीरेंद्र कुमार ग्राम पंचायत फूलपुर का निवासी है वह अपनी गुंडई के बल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने पर तुला हुआ है यदि समय रहते सरकारी भूमि पैमाइश करा कर अवैध अतिक्रमण नही हटवाया गया तो बरसात का पानी गांव से बाहर नहीं जा पाएगा अर्थात् बरसात का पानी निकालने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है । जिलाधिकारीको ज्ञापन देते समय ग्राम प्रधान किशोर कुमार समेत अन्य भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181008/complaint-lodged-with-dm-regarding-removal-of-illegal-encroachment-on</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लेखपाल पर अवैध कब्जा कराने का आरोपः जांच, कार्रवाई की मांग़ </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>  बस्ती।</strong></div><div><br /></div><div> बस्ती जिले में विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष महंथ गिरिजेश दास ने आईजीआरएस के द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करके बस्ती सदर तहसील के ग्राम रामपुर मेडिकल कालेज के पीछे  थाना मुण्डेरवा के गाटा सं०-333म/0.0240 भूमि पर तत्कालीन लेखपाल शीला प्रजापति के द्वारा विपक्षी से मिलकर अवैध कब्जा कराकर अवैध निर्माण कराये जाने का आरोप लगाते हुये लेखपाल के विरूद्ध कार्रवाई और अवैध कब्जे को खाली कराये जाने की मांग किया है।</div><div><br /></div><div>शिकायती पत्र में महंथ गिरिजेश दास ने कहा है कि बस्ती सदर तहसील के ग्राम रामपुर,  थाना मुण्डेरवा के  गाटा सं० 333म पर तत्कालीन लेखपाल शीला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173258/allegation-of-illegal-occupation-of-accountant-demand-for-investigation-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260313-wa0058.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> बस्ती।</strong></div><div><br /></div><div> बस्ती जिले में विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष महंथ गिरिजेश दास ने आईजीआरएस के द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करके बस्ती सदर तहसील के ग्राम रामपुर मेडिकल कालेज के पीछे  थाना मुण्डेरवा के गाटा सं०-333म/0.0240 भूमि पर तत्कालीन लेखपाल शीला प्रजापति के द्वारा विपक्षी से मिलकर अवैध कब्जा कराकर अवैध निर्माण कराये जाने का आरोप लगाते हुये लेखपाल के विरूद्ध कार्रवाई और अवैध कब्जे को खाली कराये जाने की मांग किया है।</div><div><br /></div><div>शिकायती पत्र में महंथ गिरिजेश दास ने कहा है कि बस्ती सदर तहसील के ग्राम रामपुर,  थाना मुण्डेरवा के  गाटा सं० 333म पर तत्कालीन लेखपाल शीला प्रजापति की मिली भगत से उक्त कीमती भूमि पर माह जून 2025 में रामपुर निवासी इबरार पुत्र ऐश मोहम्मद से गाटा सं०-333म पर निजी लाभ हेतु तत्कालीन लेखपाल ने अवैध कब्जा कराकर पक्का निर्माण करा दिया। </div><div><br /></div><div>भ्रमण के दौरान ग्रामीणों व हिन्दू जनता के लोगों द्वारा उन्हें बताया गया  कि तत्कालीन लेखपाल के द्वारा अपने हल्का क्षेत्र में अपने कार्यकाल में तमाम लोगों को ग्राम समाज व सरकार की जमीनों पर अवैध कब्जा करा दिया गया है। ग्रामीणों के सूचना व समाचार पत्रों में गाटा सं0-333म के सम्बन्ध में हो रहे अवैध निर्मण के सम्बन्ध में प्रकाशन के बावजूद भी नहीं रोका गया।</div><div><br /></div><div>उन्होने मांग किया है कि  प्रकरण जनहित व सरकार हित में है. सरकार की क्षति हो रही है। प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर अवैध कब्जे में शामिल तत्कालीन लेखपाल व दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही कराते हुये अवैध कब्जे को खाली कराया जाय।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 20:30:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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