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                <title>किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम RSS Feed</description>
                
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                <title>कृषि उद्यमिता से किसानों की आय बढ़ाने के दिए टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ। </strong> किसानों की आय में बढ़ोतरी और खेती के साथ अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को अपनाकर अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को मोहनलालगंज के अतरौली में कृषि उद्यमिता विकास विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की ओर से किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कामता प्रसाद, कृषि विज्ञान केंद्र लखनऊ के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. आरपी साहू तथा तकनीकी अधिकारी राम लखन ने किसानों को कृषि उद्यमिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185585/tips-given-to-increase-farmers-income-through-agricultural-entrepreneurship"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0019.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ। </strong> किसानों की आय में बढ़ोतरी और खेती के साथ अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को अपनाकर अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को मोहनलालगंज के अतरौली में कृषि उद्यमिता विकास विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की ओर से किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कामता प्रसाद, कृषि विज्ञान केंद्र लखनऊ के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. आरपी साहू तथा तकनीकी अधिकारी राम लखन ने किसानों को कृषि उद्यमिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि किसान पारंपरिक खेती के साथ कृषि से जुड़े बहुउद्यमों को अपनाकर अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों ने किसानों को कृषि आधारित विभिन्न उद्यमों, उनकी उपयोगिता, संभावनाओं तथा उन्हें अपनाने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही खेती में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कृषि को व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों की आय बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और कृषि गतिविधियों से जुड़े उद्यमों को अपनाने के संबंध में भी मार्गदर्शन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में किसानों और कृषक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 25 कृषकों एवं कृषक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कृषि उद्यमिता को अपनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खेती के साथ आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराने तथा उन्हें कृषि आधारित स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना रहा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 21:31:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने लिए  महत्वपूर्ण और लाभकारी माध्यम बन सकता है : जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div><strong>सिद्धार्थनगर, </strong></div>
<div>  </div>
<div>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राणी विज्ञान विभाग तथा जिला प्रशासन सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में किसानों में  पैंगेसियस मछली पालन की आधुनिक तकनीकों, व्यवसायिक संभावनाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उन्नत करने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध सभागार में “पैंगेसियस मछली पालन किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे   जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी. एन. ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने लिए  राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन  का यह  संयुक्त प्रयास  अत्यंत  महत्वपूर्ण और लाभकारी माध्यम बन सकता है।</div>
<div>  </div>
<div>उन्होंने विशेष रूप से पैंगेसियस मछली पालन को कम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173243/fisheries-can-become-an-important-and-profitable-medium-to-increase"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773406513101-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div><strong>सिद्धार्थनगर, </strong></div>
<div> </div>
<div>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राणी विज्ञान विभाग तथा जिला प्रशासन सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में किसानों में  पैंगेसियस मछली पालन की आधुनिक तकनीकों, व्यवसायिक संभावनाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उन्नत करने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध सभागार में “पैंगेसियस मछली पालन किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे   जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी. एन. ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने लिए  राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन  का यह  संयुक्त प्रयास  अत्यंत  महत्वपूर्ण और लाभकारी माध्यम बन सकता है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने विशेष रूप से पैंगेसियस मछली पालन को कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीक बताया। जिलाधिकारी ने किसानों को सरकार की विभिन्न मत्स्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों को अपना कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो कविता शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के लिए आयोजित यह  प्रशिक्षण कार्यक्रम  कृषि और मत्स्य क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में प्राणी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संयोजक डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार वर्मा ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों और यहां अध्ययन के लाभों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन विज्ञान  संकाय की अधिष्ठाता प्रो प्रकृति राय ने किया ।  </div>
<div> </div>
<div> आचार्य डॉ. विनीता रावत, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक नन्द किशोर प्रसाद,  एक्वा डॉक्टर सॉल्यूशंस कोलकाता के डॉ देब तनु  बर्मन, गौरव एक्वा यूनिवर्स, महाराजगंज के संस्थापक वीर गौरव, जंतु  विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने हैचरी प्रबंधन तथा सहायक आचार्य एवं सह-संयोजक डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने रोग निदान के विषय में प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो नीता यादव , अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो सौरभ , डॉ लक्ष्मण सिंह, डॉ विशाल गुप्ता, डॉ अविनाश प्रताप सिंह सहित लगभग एक सौ पचास  किसानों  ने  प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:33:40 +0530</pubDate>
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