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                <title>कार्यस्थल सुरक्षा - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>कार्यस्थल सुरक्षा RSS Feed</description>
                
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                <title>शटरिंग के दौरान हाइटेंशन लाइन की चपेट मे आने से युवक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में 11 अगस्त को हाइटेंशन लाइन की चपेट मे आये पैकोलिया थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार पुत्र गोवर्धन की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। राजकुमार 11 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे बैरिहवा तिराहे पर महातम पुत्र शंकर के निर्माणाधीन मकान में सटरिंग का काम कर रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसी दौरान वह मकान के बगल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। आनन फानन मे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया ले जाया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185547/youth-dies-after-being-hit-by-high-tension-line-during"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/32.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में 11 अगस्त को हाइटेंशन लाइन की चपेट मे आये पैकोलिया थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार पुत्र गोवर्धन की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। राजकुमार 11 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे बैरिहवा तिराहे पर महातम पुत्र शंकर के निर्माणाधीन मकान में सटरिंग का काम कर रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी दौरान वह मकान के बगल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। आनन फानन मे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बस्ती रेफर कर दिया। बाद में उसे बेहतर उपचार के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। सोमवार सुबह करीब 3ः30 बजे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान राजकुमार की मौत हो गई। घटना से गांव मे मातम है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 20:58:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेसीबी खुदाई में दबकर मजदूर की दर्दनाक मौत, चालक व ठेकेदार फरार।,</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज । </strong>मीरपुर ककराह घाट के पास पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी मशीन से खुदाई करते समय मिट्टी धंसने से एक मजदूर दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद जेसीबी चालक, मशीन मालिक और ठेकेदार मौके से फरार हो गए, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान गया प्रसाद पाल, पुत्र राम कृपाल, निवासी थाना बहरिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पाइपलाइन बिछाने के काम में मजदूरी कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जेसीबी से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178017/laborer-dies-tragically-after-being-crushed-under-jcb-excavator-driver"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260503-wa0091.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज । </strong>मीरपुर ककराह घाट के पास पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी मशीन से खुदाई करते समय मिट्टी धंसने से एक मजदूर दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद जेसीबी चालक, मशीन मालिक और ठेकेदार मौके से फरार हो गए, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतक की पहचान गया प्रसाद पाल, पुत्र राम कृपाल, निवासी थाना बहरिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पाइपलाइन बिछाने के काम में मजदूरी कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जेसीबी से गहरी खुदाई की जा रही थी, तभी अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और पास में काम कर रहे गया प्रसाद उसकी चपेट में आ गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद जेसीबी चालक और ठेकेदार मौके से फरार हो गए, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और लापरवाही को लेकर विरोध जताने लगे। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में पड़ रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:08:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य: एक वैश्विक मानवीय प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 28 अप्रैल को मनाया जाता है और यह दिन दुनिया भर में काम करने वाले करोड़ों लोगों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है। यह केवल एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों की रक्षा का एक गंभीर स्मरण भी है। इस दिन का उद्देश्य कार्यस्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं, बीमारियों और जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सरकारों, संस्थाओं और समाज को यह याद दिलाना है कि आर्थिक विकास का वास्तविक आधार सुरक्षित और स्वस्थ श्रमिक ही होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व स्तर पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177383/workplace-safety-and-health-a-global-humanitarian-commitment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/worlddayforsafetyandhealthatwork-1682619692.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महेन्द्र तिवारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 28 अप्रैल को मनाया जाता है और यह दिन दुनिया भर में काम करने वाले करोड़ों लोगों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है। यह केवल एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों की रक्षा का एक गंभीर स्मरण भी है। इस दिन का उद्देश्य कार्यस्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं, बीमारियों और जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सरकारों, संस्थाओं और समाज को यह याद दिलाना है कि आर्थिक विकास का वास्तविक आधार सुरक्षित और स्वस्थ श्रमिक ही होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व स्तर पर श्रमिकों की स्थिति पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुमान के अनुसार हर वर्ष लगभग 2.78 मिलियन लोग कार्यस्थल से जुड़ी दुर्घटनाओं और बीमारियों के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। इसके अलावा करीब 374 मिलियन गैर घातक दुर्घटनाएँ होती हैं, जिनसे लोगों को गंभीर चोटें और लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ होती हैं। ये आँकड़े यह दर्शाते हैं कि कार्यस्थल की सुरक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक अनिवार्यता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विकासशील देशों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। भारत जैसे देशों में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जहाँ न तो उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होते हैं और न ही स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ। खेतों में काम करने वाले मजदूर, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिक, छोटे कारखानों के कर्मचारी और घरेलू कामगार अक्सर जोखिम भरे वातावरण में काम करते हैं। कई बार उन्हें यह भी पता नहीं होता कि वे किन खतरों के बीच काम कर रहे हैं। यह अज्ञानता और संसाधनों की कमी मिलकर दुर्घटनाओं की संभावना को और बढ़ा देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यस्थल पर सुरक्षा का अर्थ केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य भी शामिल है। आधुनिक समय में काम का दबाव, लंबे समय तक काम करना, अस्थिर रोजगार और आर्थिक असुरक्षा जैसे कारक मानसिक तनाव को बढ़ा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं के कारण हर वर्ष लगभग 12 बिलियन कार्य दिवसों का नुकसान होता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मानसिक स्वास्थ्य भी कार्यस्थल की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तकनीकी प्रगति ने जहाँ एक ओर काम को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर नए प्रकार के जोखिम भी उत्पन्न किए हैं। मशीनों का अधिक उपयोग, रसायनों का संपर्क, और डिजिटल उपकरणों पर निर्भरता ने नए स्वास्थ्य खतरे पैदा किए हैं। उदाहरण के लिए लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठने से आँखों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएँ बढ़ रही हैं। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्रों में रसायनों के संपर्क से गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। इसलिए सुरक्षा उपायों को समय के साथ अद्यतन करना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य दिवस का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य रोकथाम की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसका मतलब यह है कि दुर्घटना होने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से ही ऐसे उपाय किए जाएँ जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाए। इसके लिए जोखिम का आकलन, सुरक्षा प्रशिक्षण, उचित उपकरणों का उपयोग और नियमित निरीक्षण जैसे कदम आवश्यक हैं। यदि किसी कार्यस्थल पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है, तो न केवल श्रमिक सुरक्षित रहते हैं बल्कि उत्पादकता भी बढ़ती है और आर्थिक नुकसान कम होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकारों की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मजबूत कानून, प्रभावी निगरानी और सख्त कार्यान्वयन के बिना कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। भारत में भी श्रम कानूनों के माध्यम से सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रावधान किए गए हैं, लेकिन इनका सही क्रियान्वयन अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। कई छोटे उद्योगों में नियमों का पालन नहीं किया जाता और निरीक्षण की प्रक्रिया भी पर्याप्त नहीं है। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार, उद्योग और समाज के बीच सहयोग आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नियोक्ताओं की जिम्मेदारी भी कम नहीं है। उन्हें यह समझना होगा कि श्रमिक केवल उत्पादन का साधन नहीं बल्कि संगठन की सबसे मूल्यवान पूंजी हैं। सुरक्षित कार्यस्थल प्रदान करना न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। उचित प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण, स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से श्रमिकों का विश्वास बढ़ता है और उनका प्रदर्शन भी बेहतर होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्रमिकों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कई बार दुर्घटनाएँ इसलिए होती हैं क्योंकि श्रमिक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते या उन्हें उनकी जानकारी नहीं होती। यदि श्रमिक अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक हों, तो वे खुद को बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोविड 19 महामारी ने कार्यस्थल सुरक्षा के महत्व को और अधिक स्पष्ट कर दिया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों, सफाई कर्मचारियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों ने अत्यधिक जोखिम के बीच काम किया। इससे यह सीख मिली कि आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता होती है। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था एक दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन भी कार्यस्थल सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती बनकर उभर रहा है। बढ़ते तापमान, अत्यधिक गर्मी और प्राकृतिक आपदाओं के कारण श्रमिकों के लिए काम करना कठिन होता जा रहा है। विशेष रूप से खुले में काम करने वाले लोगों जैसे किसान और निर्माण श्रमिकों के लिए यह एक गंभीर समस्या है। अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रेस, निर्जलीकरण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं। इसलिए जलवायु के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए नई नीतियाँ बनाना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">इस दिवस का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह हमें मानवीय मूल्यों की याद दिलाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर्थिक विकास, उत्पादन और लाभ तभी सार्थक हैं जब वे मानव जीवन की सुरक्षा और सम्मान के साथ जुड़े हों। यदि किसी भी विकास की कीमत मानव जीवन हो, तो वह विकास अधूरा है। इसलिए यह दिन हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि हम किस प्रकार एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं जहाँ हर व्यक्ति सुरक्षित और सम्मानजनक परिस्थितियों में काम कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भविष्य की दिशा में देखते हुए यह आवश्यक है कि हम तकनीक, नीति और जागरूकता को एक साथ लेकर चलें। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन जैसे क्षेत्र कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं, लेकिन इसके साथ ही नए प्रकार के कौशल और प्रशिक्षण की आवश्यकता भी होगी। यदि हम इन परिवर्तनों को सही तरीके से अपनाते हैं, तो हम एक ऐसे कार्य वातावरण का निर्माण कर सकते हैं जो सुरक्षित, स्वस्थ और समावेशी हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः विश्व कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि एक संकल्प है। यह संकल्प है कि हर श्रमिक का जीवन मूल्यवान है, हर कार्यस्थल सुरक्षित होना चाहिए और हर व्यक्ति को स्वस्थ वातावरण में काम करने का अधिकार है। जब तक दुनिया का हर श्रमिक सुरक्षित नहीं होता, तब तक यह प्रयास जारी रहना चाहिए। यही इस दिन का वास्तविक संदेश है और यही मानवता की सच्ची प्रगति का आधार भी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:14:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तम सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करें, शिक्षित करे और सशक्त बनाएँ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको फूलपुर इकाई में 55 वां राष्ट्रीय सुरक्षा अभियान का समापन समारोह अग्नि एवं सुरक्षा विभाग में सम्पन्न हुआ। इस वर्ष का विषय उन्नत सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करें, शिक्षित करे और सशक्त बनाएँ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि आज का दिन हमें सुरक्षा के महत्तव व जागरूकता की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के प्रति सचेत रहे और सुरक्षित कार्य करें, सुरक्षा को कभी भी नजरअंदाज ना करें। सुरक्षा उपकरणों, हेलमेट, सूट व गैजेट का अवश्य प्रयोग करें। फायर अलार्म एवं प्राथमिक</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1001649649.jpg" alt="उत्तम सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करें, शिक्षित करे और सशक्त बनाएँ।" width="929" height="619" /></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173218/engage-educate-and-empower-people-for-better-safety"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001649651.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">इफको फूलपुर इकाई में 55 वां राष्ट्रीय सुरक्षा अभियान का समापन समारोह अग्नि एवं सुरक्षा विभाग में सम्पन्न हुआ। इस वर्ष का विषय उन्नत सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करें, शिक्षित करे और सशक्त बनाएँ है।</div>
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<div style="text-align:justify;"> महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि आज का दिन हमें सुरक्षा के महत्तव व जागरूकता की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के प्रति सचेत रहे और सुरक्षित कार्य करें, सुरक्षा को कभी भी नजरअंदाज ना करें। सुरक्षा उपकरणों, हेलमेट, सूट व गैजेट का अवश्य प्रयोग करें। फायर अलार्म एवं प्राथमिक सुरक्षा के बारे में जागरूक रहें। सुरक्षा को अपनी आदत एवं अपनी कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाये।</div>
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<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/1001649649.jpg" alt="उत्तम सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करें, शिक्षित करे और सशक्त बनाएँ।" width="929" height="619"></img></div>
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<div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि आप सभी लोग संकल्प करें कि सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे, नये कर्मचारियों को शिक्षित करेंगे और सुरक्षा को जीवनचर्या का हिस्सा बनायेंगे।  महाप्रबंधक तकनीकी रत्नेश कुमार ने कहा कि जानकारी अवश्य तुरंत साझा करें ताकि तय समय में अग्नि एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटना का निवारण किया जा सके। कार्य निष्पादन में सुरक्षा मानकों का अवश्य ध्यान रखें।</div>
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<div style="text-align:justify;">मुख्य प्रबंधक अग्नि एवं सुरक्षा विभाग संजीव कुमार ने अग्नि एवं सुरक्षा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट पेश की तथा बताया कि हम 1814 दिन दुर्घटना रहित कार्य करे रहें है जो हमारी उपलब्धि है।  दुर्घटना निवारण हेतु 1173 टूल बाक्स इंस्टाल किये गये है। उन्होंने बताया कि अग्नि एवं सुरक्षा विभाग को गत वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एवं ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल से अवार्ड प्राप्त हुए है। </div>
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<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का संचालन विकास कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन अखिलेश निगम ने किया। इस दौरान संयुक्त महाप्रबंधक क्रमशः अरूण कुमार,  एस.के. सिंह, ए.के.गुप्ता, डॉ सत्य प्रकाश, आर.पी.यादव, संदीप गोयल, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन शम्भू शेखर, इफको ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग तिवारी व महामंत्री स्वयम् प्रकाश, इफको इम्पलाइज संघ के अध्यक्ष पंकज पाण्डेय व महामंत्री विजय कुमार यादव तथा बड़ी संख्या में इफको कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं एवं विभागों को पुरस्कृत किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 22:42:22 +0530</pubDate>
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