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                <title>Health Department Negligence - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Health Department Negligence RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बलरामपुर सीएमओ के निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल:दो सीएचसी से 22 कर्मचारी गायब</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर-</strong> मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निरीक्षण में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में कमियां मिली। बुधवार दोपहर करीब दो बजे सीएचसी उतरौला और सीएचसी गैण्डास बुजुर्ग का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को दोनों अस्पतालों में कुल 22 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कई वार्डों में गंदगी, बिना चादरों वाले बेड और बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी लापरवाही सामने आई। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।सीएचसी उतरौला में उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान नौ अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इनमें चार चिकित्सकों समेत लैब टेक्नीशियन, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर,</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183981/22-employees-missing-from-poldo-chc-of-health-department-opened"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260722-wa0436.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर-</strong> मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निरीक्षण में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में कमियां मिली। बुधवार दोपहर करीब दो बजे सीएचसी उतरौला और सीएचसी गैण्डास बुजुर्ग का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को दोनों अस्पतालों में कुल 22 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कई वार्डों में गंदगी, बिना चादरों वाले बेड और बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी लापरवाही सामने आई। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।सीएचसी उतरौला में उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान नौ अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इनमें चार चिकित्सकों समेत लैब टेक्नीशियन, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्वीपर शामिल हैं।निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी और हीट वेव वार्ड में गंदी चादरें मिलीं, जबकि बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। सीएमओ ने सभी मरीजों के पर्चे आभा आईडी (ABHA ID) के माध्यम से ऑनलाइन बनाने, वार्डों में प्रतिदिन साफ चादरें बिछाने और मरीजों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी गैण्डास बुजुर्ग का निरीक्षण किया, जहां स्थिति और भी खराब मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां 13 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कई कर्मचारियों ने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक भी अनुपस्थित थे। वार्डों में कई बेड बिना चादरों के मिले, कुछ पर गंदी बेडशीट बिछी थी और इमरजेंसी वार्ड की साफ-सफाई भी बेहद खराब मिली। तकियों पर कवर तक नहीं थे। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया।सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने दोनों अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए कि निरीक्षण में मिली सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर टिप्पणी सहित अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 22:51:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीडिया पड़ताल में आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर लटकता मिला ताला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर ताला लटकता मिला । आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर लटकता ताला स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है । आपको बता दे कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से न्याय व ग्राम पंचायत स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आयोग मंदिरों का निर्माण कराया जा रहा है जिस पर सीएचओ की नियुक्ति की जा रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173437/media-investigation-found-lock-hanging-on-ayushman-arogya-mandir-tenua"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260317-wa0039.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर ताला लटकता मिला । आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ पर लटकता ताला स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है । आपको बता दे कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से न्याय व ग्राम पंचायत स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आयोग मंदिरों का निर्माण कराया जा रहा है जिस पर सीएचओ की नियुक्ति की जा रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन करने का निर्देश जारी है । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर निःशुल्क खून, पेशाब , शुगर ,बलगम आदि की जांच की व्यवस्था उपलब्ध रहती है और सभी रोगों से संबंधित दवाइयां भी निःशुल्क मरीजों को वितरित की जाती है । प्रदेश सरकार के अथक प्रयास के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाएं जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच पा रही हैं अर्थात् स्वास्थ्य सेवाएं कागजों तक ही सीमित है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयुष्मान आरोग्य मंदिर तेनुआ का समय से संचालन न होने से ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों को झोलाछाप डॉक्टरों से मजबूर होकर इलाज करना पड़ रहा है एवं दवाइयां को शुल्क देकर खरीदना पड़ रहा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर अधीक्षक , बीसीपीएम , डीसीपीएम व सीएमओ द्वारा यदि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों / आयुष्मान आयोग मंदिरों की समय - समय पर जांच की जाती तो आज यह स्थिति नही रहती कि जहां जाइए वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद ही मिलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आखिर सरकार द्वारा प्राप्त दवाइयां कहां और किसको वितरित की जा रही हैं ? जो जांच का विषय बना हुआ है यदि ऐसे ही स्वास्थ्य व्यवस्था जिम्मेदार अधिकारी कार्य करते रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा मिलना मुश्किल है । इस संबंध में ड्यूटी से गायब सीएचओ से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो सीएचओ का फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर मिला । उक्त प्रकरण में सीएमओ डा० राजीव निगम ने जांच कर ड्यूटी से गायब सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने करने का निर्देश दिया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 20:39:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CHOअंम्बुज मिश्रा के लापरवाही से उप स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर का समय से नही हो संचालन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong></div>
<div>  </div>
<div>बस्ती जिले केमुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिर्जापुर पर तैनात सीएचओ अंबुज मिश्रा की मनमानी ड्यूटी से उप स्वास्थ्य केंद्र का समय से संचालन नहीं हो पा रहा है ।</div>
<div>  </div>
<div>उप स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर का समय से संचालन न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को मजबूर होकर इधर-उधर झोलाछाप डॉक्टरों से शुल्क देकर इलाज कराना पड़ रहा है जिसमें बीसीपीएम व अधीक्षक अहम भूमिका हैं ।</div>
<div>  </div>
<div>  आपको बता दे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>जिसके</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173172/due-to-the-negligence-of-ambuj-mishra-sub-health-center"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260310-wa0079.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong></div>
<div> </div>
<div>बस्ती जिले केमुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिर्जापुर पर तैनात सीएचओ अंबुज मिश्रा की मनमानी ड्यूटी से उप स्वास्थ्य केंद्र का समय से संचालन नहीं हो पा रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>उप स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर का समय से संचालन न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को मजबूर होकर इधर-उधर झोलाछाप डॉक्टरों से शुल्क देकर इलाज कराना पड़ रहा है जिसमें बीसीपीएम व अधीक्षक अहम भूमिका हैं ।</div>
<div> </div>
<div> आपको बता दे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के अधीक्षक डा० अभय सिंह व बीसीपीएम का कारनामा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है । मीडिया टीम ने कई बार लगातार सीएचसी हर्रैया के अन्तर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र / आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिर्जापुर का स्थलीय पड़ताल किया  है जिसमें अधिक बार उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटकता मिला है ।</div>
<div> ग्राम पंचायत मिर्जापुर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना हुआ है लेकिन अभी तक ठेकेदार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हैंड ओबर नही किया गया है</div>
<div> </div>
<div>जिसके कारण CHO अपना मनचाहा स्थान पर डियूटी करते हैं । उक्त प्रकरण में फोन के माध्यम से CHC हर्रैया अधीक्षक डॉक्टर अभय सिंह ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिर्जापुर का अभी विभाग को हैंडओवर नही हो पाया है जिसके कारण  CHO अंबुज मिश्रा ग्राम प्रधान के घर पर बैठते हैं लेकिन फोन के माध्यम से ग्राम प्रधान पवन कुमार पाल ने कहा कि हमारे घर पर CHO नही बैठते और न ही कोई सामग्री है ।</div>
<div> </div>
<div>अब बड़ी बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई समस्त समस्त दवाइयां सामग्री कहां पर है ? CHO कहां बैठते हैं और CHO की हाजिरी कहां से लगती है ? और प्रतिमाह मानदेय कैसे मिलता है ? जो जांच का विषय बना हुआ है । उक्त प्रकरण में डीसीपीसी ने कहा कि अधीक्षक से जानकारी करके ड्यूटी से गायब CHO के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:20:14 +0530</pubDate>
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