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                <title>राष्ट्रीय राजनीति - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>राष्ट्रीय राजनीति RSS Feed</description>
                
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                <title>कुरुक्षेत्र: राहुल को प्रतिरोध का नारा बनाएगा विपक्ष का चेहरा, 2029 में PM मोदी और नेता विपक्ष का सीधा मुकाबला।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्चा लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीबीएसई की गड़बडी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत अमेरिका व्यापार समझौता </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एपस्तीन फाइल,खाड़ी युद्ध में भारत की विदेश नीति और अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत जैसे  हर ज्वलंत मुद्दे पर राहुल गांधी सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ही घेर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में अभी तीन साल का वक्त है लेकिन राजनीति जिस दिशा में चल पड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे साफ जाहिर है कि न सिर्फ 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव बल्कि अब 2029 तक जितने भी चुनाव होंगे सब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष राहुल</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181388/kurukshetra-will-make-rahul-a-slogan-of-resistance-face-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/43.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्चा लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीबीएसई की गड़बडी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत अमेरिका व्यापार समझौता </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एपस्तीन फाइल,खाड़ी युद्ध में भारत की विदेश नीति और अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत जैसे  हर ज्वलंत मुद्दे पर राहुल गांधी सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ही घेर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में अभी तीन साल का वक्त है लेकिन राजनीति जिस दिशा में चल पड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे साफ जाहिर है कि न सिर्फ 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव बल्कि अब 2029 तक जितने भी चुनाव होंगे सब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता विपक्ष राहुल गांधी के बीच ही सीधा मुकाबला होगा।नतीजतन राहुल गांधी खुद खुलकर मैदान में आ गये हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठक में कहा कि अब देश में चुनावों की परंपरागत राजनीति से आगे प्रतिरोध की राजनीति का युग आ गया है। प्रतिरोध की राजनीति से राहुल गांधी का सीधा मतलब है कि मोदी सरकार को संसद के साथ-साथ विपक्ष अब सड़क पर भी घेरेगा। राहुल ने कहा कि सभी संस्थाएं सरकार के कब्जे में हैं और चुनावों का कोई मतलब नहीं रह गया है। इसलिए कांग्रेस को प्रतिरोध की राजनीति के अपने पुराने दौर में लौटना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल ने सिर्फ एलान ही नहीं किया बल्कि उन्होंने प्रतिरोध की राजनीति की शुरुआत करते हुए सबसे पहले युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद करने के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।इसकी शुरुआत वह कोटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलाहाबाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पटना और दिल्ली में छात्र युवा सम्मेलन से कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा और एनडीए तो 2014 से ही चाहे लोकसभा हो या विधानसभा का चुनाव नरेंद्र मोदी को आगे करके उनके नाम पर ही हर चुनाव लड़ रहा है। सत्ता पक्ष के लिए नरेंद्र मोदी का नेतृत्व और नाम चुनावों में जीत का सबसे बड़ा मंत्र है जबकि इसके विपरीत कांग्रेस मोदी के मुकाबले अपने किसी भी नेता को आगे करके चुनाव लड़ने की हिम्मत नही जुटा पा रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्षी इंडिया गठबंधन भी मोदी के मुकाबले बिना कोई चेहरा आगे लाए ही मैदान में उतरा था। लेकिन अब कांग्रेस जिस राह पर चल पड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे यह साफ है कि अब उसे नरेंद्र मोदी के मुकाबले राहुल गांधी को आगे करने में कोई गुरेज नहीं है। अब राहुल गांधी खुद आगे बढ़कर सरकार के खिलाफ होने वाली लड़ाई की कमान संसद के साथ सड़क पर भी संभालने के लिए तैयार हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उधर विपक्षी खेमे की तस्वीर अब खासी बदल गई है। हाल ही में हुए पांच विधानसभा चुनावों में प.बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन के किले ढह गए और इसके पहले बिहार में तेजस्वी यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र में शरद पवार और उद्धव ठाकरे भाजपा के हाथों हार चुके हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस भी 2024 के बाद हरियाणा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र और असम में भाजपा से हारी है लेकिन केरल में उसकी जीत और तमिलनाडु में डीएमके को छोड़कर टीवीके सरकार में शामिल होने से पार्टी को फिर आक्सीजन मिल गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए अब मामला कांग्रेस और क्षत्रपों के बीच बराबरी का हो गया है और अब कोई भी क्षत्रप कांग्रेस को यह उलाहना नहीं दे सकता कि भाजपा का मुकाबला क्षेत्रीय दल ही सफलता पूर्वक कर पाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षत्रपों में अब झारखंड में हेमंत सोरेन अकेले ऐसे नेता हैं जो दो बार लगातार भाजपा को चुनावी मात दे चुके हैं और कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन है जबकि 2014</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2017</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2019 और 2022 में लगातार भाजपा के हाथों चुनावी हार झेल चुके अखिलेश यादव ने 2024 में लोकसभा चुनावों में भाजपा को पटखनी देकर फिर से 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए खम ठोंक रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब 2027 में उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां चुनाव में भाजपा का सपा से मुकाबला होगा और कांग्रेस उसकी सहयोगी पार्टी होगी। वहीं पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस का सीधा मुकाबला होगा क्योंकि यहां भाजपा अभी अपनी जमीन बनाने की कोशिश कर रही है और अकाली दल के सामने अस्तित्व बचाने की चुनौती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाकी 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले होने वाले सारे राज्यों उत्तराखंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिमाचल प्रदेश</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला होगा। वहीं तेलंगाना में कांग्रेस बीआरएस और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा। यहां भी कांग्रेस मुख्य किरदार होगी</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></strong></p>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:52:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'आपदाओं का विभाग बन गया है शिक्षा मंत्रालय'- राहुल गांधी ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर बड़ा हमला किया है. NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से छात्रों को होने वाली परेशानी को लेकर राहुल गांधी ने हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय अब आपदा विभाग बन गया है.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल ने X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, 'पहले NEET पेपर लीक, जिससे 22 लाख छात्र प्रभावित हुए. फिर CBSE के 12वीं के छात्रों को एक खराब OSM सिस्टम के कारण उम्मीद से कम नंबर मिले,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179532/ministry-of-education-has-become-the-department-of-disasters"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर बड़ा हमला किया है. NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से छात्रों को होने वाली परेशानी को लेकर राहुल गांधी ने हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा मंत्रालय अब आपदा विभाग बन गया है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल ने X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, 'पहले NEET पेपर लीक, जिससे 22 लाख छात्र प्रभावित हुए. फिर CBSE के 12वीं के छात्रों को एक खराब OSM सिस्टम के कारण उम्मीद से कम नंबर मिले, जिससे कई छात्रों को कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा. अब CBSE 9वीं के लाखों छात्रों से अचनाक 1 जुलाई से एक नई भाषा सीखने को कह रहा है, जबकि न तो कोई शिक्षक हैं और न ही किताबें.'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि 14 साल के बच्चों को 'अस्थायी' समाधान के तौर पर 6वीं क्लास की किताबें थमा दी गईं. राहुल ने कहा, 'तीन एग्जाम. तीन आयु वर्ग. एक मंत्री. धर्मेंद्र प्रधान जी सिर्फ एक बार फेल नहीं हुए हैं. वे भारत के छात्रों के हर आयु वर्ग को एक साथ फेल कर चुके हैं. हर घोषणा छात्रों को अनिश्चितता के गहरे भंवर में धकेल देती है.'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल ने कहा कि हर बार कोई सजा नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि 'शिक्षा मंत्रालय अब आपदाओं का विभाग बन गया है.'</div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले शनिवार को भी राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हुए कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान जी को इस्तीफा देने को कहें और जो दोषी हैं, उन्हें पकड़कर जेल में डाला जाए.।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:41:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समान नागरिक संहिता का गुजरात मॉडल: एक देश एक कानून की दिशा में निर्णायक कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">गुजरात विधानसभा में पारित ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक, 2026’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारतीय समाज की संरचना में एक व्यापक बदलाव का संकेत है। यह विधेयक उस लंबे विमर्श का परिणाम है, जो दशकों से “समान नागरिक कानून” की अवधारणा को लेकर देश में चलता रहा है। अब गुजरात ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी ढांचा लागू करने का साहसिक निर्णय लिया है। यह कदम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है, जो राज्य को सभी नागरिकों के लिए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174214/gujarat-model-of-uniform-civil-code-a-decisive-step-towards"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/uniform-civil-code-debates-get-momentum.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">गुजरात विधानसभा में पारित ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक, 2026’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारतीय समाज की संरचना में एक व्यापक बदलाव का संकेत है। यह विधेयक उस लंबे विमर्श का परिणाम है, जो दशकों से “समान नागरिक कानून” की अवधारणा को लेकर देश में चलता रहा है। अब गुजरात ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी ढांचा लागू करने का साहसिक निर्णय लिया है। यह कदम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है, जो राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानून के सामने सभी नागरिक समान हों, चाहे उनका धर्म, आस्था या परंपरा कुछ भी हो। लंबे समय से भारत में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते रहे हैं, जिनमें विवाह, तलाक और संपत्ति से जुड़े नियम भिन्न-भिन्न रहे हैं। इससे कई बार सामाजिक और कानूनी असमानताएं उत्पन्न होती रही हैं, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के संदर्भ में। यूसीसी इन असमानताओं को समाप्त करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस विधेयक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सार्वजनिक कानून के रूप में सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। इसका मतलब यह है कि अब व्यक्तिगत मामलों में भी राज्य एक समान नियम लागू करेगा, जिससे कानून की व्याख्या और क्रियान्वयन में एकरूपता आएगी। विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, तलाक के लिए समान प्रक्रिया, और उत्तराधिकार में पुत्र-पुत्री को समान अधिकार—ये सभी प्रावधान इस बात को स्पष्ट करते हैं कि कानून अब व्यक्ति की धार्मिक पहचान के बजाय उसकी नागरिक पहचान को प्राथमिकता देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधेयक में लिव-इन संबंधों को भी कानूनी दायरे में लाया गया है, जो आधुनिक समाज की बदलती वास्तविकताओं को स्वीकार करने का संकेत है। ऐसे संबंधों का एक महीने के भीतर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों की स्थिति में कानूनी संरक्षण उपलब्ध होगा। यह प्रावधान विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अनौपचारिक संबंधों में अक्सर महिलाएं कानूनी सुरक्षा से वंचित रह जाती थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूसीसी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाया गया है। अब किसी भी विवाह को तभी वैध माना जाएगा, जब दोनों पक्षों में से किसी का कोई जीवित जीवनसाथी न हो। यह प्रावधान न केवल कानूनी स्पष्टता प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट के बाहर लिए गए तलाक को मान्यता नहीं दी जाएगी, जिससे मनमाने और एकतरफा निर्णयों पर रोक लगेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि यह कानून व्यापक रूप से लागू किया गया है, लेकिन अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। यह निर्णय उनकी पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार ने समानता और सांस्कृतिक विविधता के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने विधानसभा में चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और समानता को सुनिश्चित करने का प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विधेयक को तैयार करने से पहले व्यापक जनपरामर्श किया गया, जिसमें लगभग 20 लाख सुझाव प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश सुझाव इस कानून के समर्थन में थे, जो यह दर्शाता है कि समाज में एक समान कानून की आवश्यकता को लेकर व्यापक सहमति बन रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस विधेयक के निर्माण में रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को आधार बनाया गया है। यह तथ्य इस कानून को और अधिक विश्वसनीय बनाता है, क्योंकि इसमें न्यायिक दृष्टिकोण और विशेषज्ञता का समावेश है। समिति ने विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन कर यह सुनिश्चित किया कि कानून व्यावहारिक, न्यायसंगत और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूसीसी के तहत नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान भी किया गया है। पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माना, बहुविवाह या धोखाधड़ी के मामलों में कठोर सजा, और अवैध तलाक पर दंड—ये सभी प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि कानून केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात का यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह दर्शाता है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति और सामाजिक सहमति हो, तो समान नागरिक संहिता जैसे जटिल विषय पर भी ठोस प्रगति की जा सकती है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है और देशव्यापी यूसीसी लागू करने की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः, यह कहा जा सकता है कि गुजरात में पारित यूसीसी विधेयक भारतीय लोकतंत्र के विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह कानून न केवल समानता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि हर नागरिक को उसकी धार्मिक पहचान से परे एक समान कानूनी अधिकार मिले। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह समाज में समरसता, न्याय और एकता को नई दिशा दे सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174214/gujarat-model-of-uniform-civil-code-a-decisive-step-towards</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 18:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>बिगड़े हालात का पूर्वानुमान लगाने में मोदी सरकार विफल- प्रमोद तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए देश के भीतर उत्पन्न संकट को लेकर मोदी सरकार की बुधवार को कड़ी घेराबंदी की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के भीतर रसोई गैस की किल्लत तथा डीजल व पेट्रोल को लेकर मचे हाहाकार से पूरी तरह बेपरवाह है।</div>
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<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि परिवहन तथा पेट्रोलियम क्षेत्र में जिस तरह से जनता को तकलीफ उठानी पड़ रही है यह मोदी सरकार की अपरिपक्वता का द्योतक है। उन्होने कहा कि यह चिन्ताजनक है कि होटल व रेस्तरां</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173159/modi-government-failed-to-predict-the-worsening-situation-%E2%80%93-pramod"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260311-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए देश के भीतर उत्पन्न संकट को लेकर मोदी सरकार की बुधवार को कड़ी घेराबंदी की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के भीतर रसोई गैस की किल्लत तथा डीजल व पेट्रोल को लेकर मचे हाहाकार से पूरी तरह बेपरवाह है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि परिवहन तथा पेट्रोलियम क्षेत्र में जिस तरह से जनता को तकलीफ उठानी पड़ रही है यह मोदी सरकार की अपरिपक्वता का द्योतक है। उन्होने कहा कि यह चिन्ताजनक है कि होटल व रेस्तरां तक बंद होने के कगार पर हैं। वहीं उन्होने एयर इण्डिया के टिकट के दामों में एकाएक बढ़ोत्तरी को लेकर भी मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होने कहा कि केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान सच्चाई से परे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि देश संकट में है और ऐसे में यह सरकार जनता के साथ खड़ी न होकर एयर इण्डिया को लूट और कमाई की छूट दे रही है। उन्होने मौजूदा हालात को लेकर केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के वक्तव्यों और दावों को भी विरोधाभासी करार दिया है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात में भी प्रधानमंत्री की चुप्पी रहस्यमय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार से कहा है कि वह देश के अंदर परिवहन,रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थो को लेकर सामान्य हालात बनाए जाने में बिना किसी दबाव के ठोस पहल सामने लाये। सांसद प्रमोद तिवारी का बयान यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 22:27:24 +0530</pubDate>
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