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                <title>Lawyers Protest - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Lawyers Protest RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एस डी एम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> नवाबगंज तहसील दिवस एसडीम उदित सिंह पवार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया इसमें सम्मिलित होने अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा तहसील दिवस पहुंचे तो फरियादियों की भीड़ जुटी इस मौके पर 133 शिकायतें पंजीकृत की गई। इनमें से तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया शेष 130 शिकायतों के निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया इसी क्रम में शिकायतों के फर्जी निस्तारण जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र लंबित होने को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश फूटा ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1.------------------------%E0%A4%85.jpg" alt="एस डी एम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस " width="445" height="378" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">और उन्होंने तहसील दिवस गेट पर पहुंचकर एसडीएम के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180764/complete-solution-day-organized-under-the-chairmanship-of-sdm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1+।------------------3..jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> नवाबगंज तहसील दिवस एसडीम उदित सिंह पवार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया इसमें सम्मिलित होने अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा तहसील दिवस पहुंचे तो फरियादियों की भीड़ जुटी इस मौके पर 133 शिकायतें पंजीकृत की गई। इनमें से तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया शेष 130 शिकायतों के निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया इसी क्रम में शिकायतों के फर्जी निस्तारण जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र लंबित होने को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश फूटा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1.------------------------%E0%A4%85.jpg" alt="एस डी एम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस " width="445" height="378"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और उन्होंने तहसील दिवस गेट पर पहुंचकर एसडीएम के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज अरुण कुमार श्रीवास्तव क्यों लड़िया वेद सिंह अन्य पुलिस बल ने अधिवक्ताओं को समझने का प्रयास किया परंतु उन्होंने एसडीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और उन्हें तत्काल हटाए जाने की मांग की गई उन्होंने उन्होंने आरोप लगाया एसडीम नवाबगंज कोई भी कार्य संतोषजनक नहीं कर रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके कारण सभी मामले लंबित पड़े हैं तहसील दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व से संबंधित आए छोटे-छोटे मामले पुलिस से संबंधित थे जिन्हें अपर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस को शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया तहसील आने वाली शिकायतों को गोल-मोल करके निस्तारित कर दिया जाता है जिसके कारण कभी भी फरियादियों की समस्या का निस्तारण न होने के कारण वह बार-बार तहसील के चक्कर लगाते रहते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसी क्रम में ओसवाल चीनी मिल द्वारा किसानों का गन्ना भुगतान न होने को लेकर कुछ दिन पूर्व अर्धनग्न होकर धरना दे रहे किसान ने आज पुनः प्रार्थना पत्र देकर भुगतान दिलाए जाने की मांग की इस मामले में एसडीम उदित पवार ने गन्ना समिति सचिव मेधा चतुर्वेदी को निम्न अनुसार गन्ना भुगतान करने का निर्देश दिया गन्ना समिति सचिव द्वारा बताया गया उनके हाथ में कुछ नहीं है वह केवल प्रयास कर सकती है वह किया जा रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तथा संभव किसान के भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा तहसील दिवस में उपस्थित अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा एसडीम उदित सिंह पवार तहसीलदार अभिषेक तिवारी खंड विकास अधिकारी नवाबगंज महेश चंद्र कुशवाहा सहायक विकास अधिकारी पंचायत भदपुरा रवि यादव पूर्ति निरीक्षक नवाबगंज प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव वेद सिंह एवं अन्य विभागों के लोग भी उपस्थित थे यहां पर 133 फरियादी उपस्थित हुए इनमें से तीन की शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया शेष 130 को कार्यवाही का आश्वासन दे दिया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:14:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिवक्ता मंच, इलाहाबाद की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र के नाम खुला पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज  </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मान्यवर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपका यह बयान कि “देश में </span>35<span lang="hi" xml:lang="hi">  से </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi">  प्रतिशत वकील फर्जी हैं” केवल एक असंवेदनशील टिप्पणी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय के आत्मसम्मान पर हमला है। यह बयान किसी टीवी बहस के प्रवक्ता ने नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस संस्था के अध्यक्ष ने दिया है जिसे देश के अधिवक्ताओं की गरिमा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता और पेशेवर मानकों की रक्षा करनी चाहिए। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सच यह है कि आपका यह बयान अधिवक्ताओं पर आरोप कम और आपकी अपनी विफलताओं का सार्वजनिक इकबाल ज्यादा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि वास्तव में देश में इतनी बड़ी संख्या में फर्जी वकील मौजूद हैं</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180339/open-letter-from-advocates-forum-allahabad-to-bar-council-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/750x450_360885-mannan-kumar-mishra.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज  </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">मान्यवर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपका यह बयान कि “देश में </span>35<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत वकील फर्जी हैं” केवल एक असंवेदनशील टिप्पणी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय के आत्मसम्मान पर हमला है। यह बयान किसी टीवी बहस के प्रवक्ता ने नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस संस्था के अध्यक्ष ने दिया है जिसे देश के अधिवक्ताओं की गरिमा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता और पेशेवर मानकों की रक्षा करनी चाहिए। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सच यह है कि आपका यह बयान अधिवक्ताओं पर आरोप कम और आपकी अपनी विफलताओं का सार्वजनिक इकबाल ज्यादा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि वास्तव में देश में इतनी बड़ी संख्या में फर्जी वकील मौजूद हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सबसे पहले कठघरे में आप स्वयं खड़े हैं। क्योंकि वर्षों से बार काउंसिल ऑफ इंडिया का नेतृत्व आपके हाथों में रहा है। डिग्री सत्यापन से लेकर नामांकन व्यवस्था तक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लॉ कॉलेजों की मान्यता से लेकर विधि शिक्षा की निगरानी तक — हर महत्वपूर्ण तंत्र आपकी अध्यक्षता और प्रभाव के अधीन संचालित होता रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">फिर यह बताइए कि—</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बिना भवनों वाले लॉ कॉलेजों को मान्यता किसने दी</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बिना योग्य शिक्षकों और पुस्तकालयों के संस्थानों को “लीगल एजुकेशन” का लाइसेंस किसने दिया</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विधि शिक्षा को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त निजी दुकानों में बदलने दिया किसने</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निरीक्षणों को औपचारिक भ्रष्टाचार और कागजी खानापूर्ति में बदलने दिया किसने</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज अदालतों में जो गुणवत्ता-विहीन विधि स्नातकों की भीड़ दिखाई देती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह किसी संयोग का परिणाम नहीं है। यह आपकी अध्यक्षता में वर्षों तक चलाए गए उस विनाशकारी मॉडल का परिणाम है जिसमें शिक्षा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मान्यता का कारोबार फलता-फूलता रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि इस पूरे पतन की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय आपने पूरे अधिवक्ता समाज को ही “फर्जी” घोषित कर दिया। यह वही मानसिकता है जिसमें नेतृत्व अपनी असफलता छिपाने के लिए जनता को दोषी ठहराने लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश का अधिवक्ता समाज यह भी देख रहा है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया धीरे-धीरे अधिवक्ताओं की स्वतंत्र संस्था कम और सत्ता प्रतिष्ठान के अनौपचारिक सहयोगी मंच में अधिक बदलती गई। अदालतों में संघर्षरत युवा अधिवक्ताओं की समस्याओं पर आपकी आवाज़ कभी उतनी मुखर नहीं रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी सत्ता के प्रति आपकी विनम्रता रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आपके सार्वजनिक आचरण से यह धारणा गहरी हुई है कि बार काउंसिल का नेतृत्व अब अधिवक्ताओं की लड़ाई लड़ने के बजाय सत्ता की कृपा प्राप्त करने में अधिक रुचि रखता है। राज्यसभा की राजनीति और सत्ता के गलियारों में स्वीकार्यता की आकांक्षा ने बार काउंसिल की संस्थागत गरिमा को गंभीर क्षति पहुँचाई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के तीन नए आपराधिक कानूनों—</span>Bharatiya Nyaya Sanhita,Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita<span lang="hi" xml:lang="hi">और</span>Bharatiya Sakshya Adhiniyam <span lang="hi" xml:lang="hi">को लेकर जब देशभर के अधिवक्ताओं में व्यापक असंतोष था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब जिला बारों से लेकर उच्च न्यायालयों तक गंभीर आपत्तियाँ उठ रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब वकील समुदाय लोकतांत्रिक विमर्श और प्रतिरोध चाहता था — तब आपने उस असंतोष को संगठित करने के बजाय उसे ठंडा करने की भूमिका निभाई। आपने अधिवक्ताओं की आवाज़ बनने के बजाय सत्ता को असुविधा से बचाने का काम किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बार काउंसिल ऑफ इंडिया को एक स्वतंत्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्भीक और लोकतांत्रिक संस्था होना चाहिए था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आपके कार्यकाल में यह संस्था लगातार केंद्रीकृत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपारदर्शी और सत्ता-अनुकूल होती गई। अधिवक्ताओं का विश्वास कमजोर हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विधि शिक्षा का स्तर गिरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवा वकीलों का भविष्य असुरक्षित हुआ और संस्था की नैतिक विश्वसनीयता लगातार क्षीण होती गई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज जब आप पूरे पेशे को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब देश का अधिवक्ता समाज आपसे पूछ रहा है —यदि सब कुछ इतना ही सड़ा हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वर्षों से शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति की जवाबदेही कहाँ तय होगी</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी लोकतांत्रिक संस्था में नैतिकता का न्यूनतम सिद्धांत यह कहता है कि जो व्यक्ति अपने ही कार्यकाल को इतनी भयावह विफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहा हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अतः अब समय आ गया है कि आप अधिवक्ता समुदाय को अपमानित करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन पद से तत्काल त्यागपत्र दें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वकालत अभी भी लोकतंत्र का स्वतंत्र स्तंभ है —और इसे किसी व्यक्ति की राजनीतिक महत्वाकांक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सत्ता-निकटता और प्रशासनिक विफलताओं की ढाल नहीं बनने दिया जा सकता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">— <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिवक्ता मंच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलाहाबाद</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:27:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलरामपुर में बिजली विभाग की टीम पर आरोप:घर में जबरन घुसकर बदसुलूकी की, अधिवक्ताओं के विरोध के बाद जांच के आदेश ।   </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></p>
<div style="text-align:justify;">बलरामपुर में बिजली विभाग की चेकिंग टीम पर एक अधिवक्ता के घर में जबरन घुसने और महिलाओं से बदसलूकी का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।नई बाजार निवासी अधिवक्ता समीर कुमार यादव ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में यह आरोप लगाया है। उनके अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे बिजली विभाग के इंस्पेक्टर, जेई, एसडीओ और कुछ पुलिसकर्मी (सादे कपड़ों में) उनके घर बिजली जांच के लिए पहुंचे थे।बाहर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173237/in-balrampur-the-electricity-department-team-was-accused-of-misbehavior"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001577755.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></p>
<div style="text-align:justify;">बलरामपुर में बिजली विभाग की चेकिंग टीम पर एक अधिवक्ता के घर में जबरन घुसने और महिलाओं से बदसलूकी का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।नई बाजार निवासी अधिवक्ता समीर कुमार यादव ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में यह आरोप लगाया है। उनके अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे बिजली विभाग के इंस्पेक्टर, जेई, एसडीओ और कुछ पुलिसकर्मी (सादे कपड़ों में) उनके घर बिजली जांच के लिए पहुंचे थे।बाहर की जांच के बाद टीम के सदस्यों ने घर के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब अधिवक्ता ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि वे सभी जबरन घर में घुस गए।अधिवक्ता का आरोप है कि घर में घुसने के बाद टीम के सदस्यों ने चेकिंग के नाम पर गाली-गलौज की और घर की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। घर के सदस्यों द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर आसपास के लोग भी मौके पर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ती देख टीम के सदस्य कथित तौर पर वहां से चले गए। अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि टीम के साथ कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने बिजली विभाग के इंस्पेक्टर को साथ लेकर सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के कार्यालय में पूरे मामले की जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिवक्ताओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड बलरामपुर को मामले की जांच कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">माहौल तनावपूर्ण होने की आशंका के चलते कोतवाली नगर की पुलिस भी मौके पर तैनात रही। अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम भी बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सभी पक्षों को शांत कराते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:23:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम के  मुद्दे पर वकीलों का स्वर हुआ मुखर, हुई तेज नारेबाजी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएशन के बैनरतले बुधवार को भी अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर वकीलों के विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी दिखा। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल एवं महासचिव अनिल कुमार तिवारी की अगुवाई में एकजुट हुए अधिवक्ताओं ने विधेयक को लेकर सरकार की लापरवाही पर गुस्से का इजहार किया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा कि राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अधिवक्ता की सुरक्षा को लेकर सरकार से संसद में विधेयक ले आने की लगातार मांग कर रहे हैं। उन्होने कहा कि केन्द्रीय बजट में भी सरकार ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173157/lawyers-became-vocal-on-the-issue-of-advocates-protection-act"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260311-wa0091.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएशन के बैनरतले बुधवार को भी अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को लेकर वकीलों के विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी दिखा। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल एवं महासचिव अनिल कुमार तिवारी की अगुवाई में एकजुट हुए अधिवक्ताओं ने विधेयक को लेकर सरकार की लापरवाही पर गुस्से का इजहार किया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा कि राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अधिवक्ता की सुरक्षा को लेकर सरकार से संसद में विधेयक ले आने की लगातार मांग कर रहे हैं। उन्होने कहा कि केन्द्रीय बजट में भी सरकार ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं को लेकर किसी भी पैकेज का ऐलान नहीं किया। महासचिव अनिल कुमार तिवारी ने कहा कि संसद के बजट सत्र में अधिवक्ताओ की सुरक्षा, बुजुर्ग अधिवक्ता पेंशन, युवा अधिवक्ताओ को प्रोत्साहन भत्ता, न्यायिक क्षेत्र में महिला अधिवक्ताओं के आरक्षण से जुड़ा कानून नहीं लाया गया </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तो अधिवक्ता नई दिल्ली में संसद भवन का घेराव करेंगे। आम सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश मिश्र व संचालन अधिवक्ता शैलेन्द्र तिवारी ने किया। लखनऊ मंडल अध्यक्ष आनन्द त्रिपाठी ने सुरक्षा अधिनियम के मसौदे की बिंदुवार जानकारियां दी। आम सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता विजय पाल, बृजेश श्रीवास्तव, रोहित तिवारी, विपिन शुक्ला, हृदय पाण्डेय, सत्येन्द्र बहादुर लाल श्रीवास्तव, ओम शुक्ला, राजेश तिवारी, हरेकृष्ण तिवारी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विकास मिश्र, कौशलेंद्र वर्मा,महेन्द्र शुक्ला, टीपी त्रिपाठी, अनीता वर्मा, आयुष त्रिपाठी, अशोक दीक्षित, डीपी सिंह, टीके बोस आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। आभार प्रदर्शन जिला इकाई अध्यक्ष जितेन्द्र तिवारी ने किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 22:22:41 +0530</pubDate>
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