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                <title>यूपी खबर - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>यूपी खबर RSS Feed</description>
                
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                <title>महिला सशक्तीकरण की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही गौर पुलिस दुष्कर्म पीड़िता को नहीं दे पा रही बस्ती पुलिस न्याय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के गौर पुलिस महिला सशक्तिकरण की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है । दुष्कर्म पीड़िता न्याय के लिए कई महीनों से गौर थाने का चक्कर काट रही है । बस्ती पुलिस सत्य घटनाओं पर मुकदमा लिखने में पीछे हट रही है अगर मोटी रकम मिल गई तो फर्जी मुकदमा तुरंत दर्ज होता हैपीड़िता ने महिला सीओ हर्रैया व पुलिस अधीक्षक बस्ती से भी लिखित शिकायत दिया  लेकिन पीड़िता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पुलिस महिला उत्पीड़न का केस लिखने से करनी कट रही है क्योंकि आरोपी से मोटी रकम मिलने के कारण पीड़िता को नहीं नया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176937/gaur-police-is-openly-flouting-women-empowerment-basti-police-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260421-wa0030.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के गौर पुलिस महिला सशक्तिकरण की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है । दुष्कर्म पीड़िता न्याय के लिए कई महीनों से गौर थाने का चक्कर काट रही है । बस्ती पुलिस सत्य घटनाओं पर मुकदमा लिखने में पीछे हट रही है अगर मोटी रकम मिल गई तो फर्जी मुकदमा तुरंत दर्ज होता हैपीड़िता ने महिला सीओ हर्रैया व पुलिस अधीक्षक बस्ती से भी लिखित शिकायत दिया  लेकिन पीड़िता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पुलिस महिला उत्पीड़न का केस लिखने से करनी कट रही है क्योंकि आरोपी से मोटी रकम मिलने के कारण पीड़िता को नहीं नया दे पा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> बस्ती पुलिस बस्ती जिले की पुलिस इतना भ्रष्ट हो चुकी है अगर आपके पास पैसा है तो आपका केस दर्ज होगा नहीं तो आप चक्कर लगाते रहो कप्तान भी तेज तर्रार होने के बावजूद भी महिला सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ रही है पुलिस विभाग दुष्कर पीड़िता के साथ तमाशा कर रही है न्यायाधीश पानी में अक्षम साबित हो रही है बस्ती पुलिस कैसे होगा गरीबों का न्याय भ्रष्टाचार में बस्ती पुलिस के आगे जनता को न्याय नहीं दे पा रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आदेशों की ताजिया उड़ा रही है बस्ती पुलिस कार्रवाई करने से करनी कट रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि गौैर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ दुष्कर्म, गर्भपात कराने और मंदिर में विवाह के बाद घर से निकाल दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर आरोपी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है और अपने जान माल के रक्षा की गुहार लगाई है। शिकायत पत्र में पीडिता ने लिखा है कि गौैर थाना क्षेत्र के उसी गांव के ही निवासी किशन पुत्र केशवराम ने शौच के लिए गई पीड़िता को पकड़कर जबरन जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया और दुष्कर्म का वीडियो भी बना लिया और धमकी देकर लगभग तीन चार माह से पीड़िता से सम्बन्ध बनाता रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> तीन चार महीनो से जबरन बीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर सम्बंध  बनाते-बनाते पीड़िता गर्भावती हो गई इस बात की जानकारी आरोपी किशन को हुई तभी आरोपी किशन ने पीड़िता रमपता को विश्वासघात कर बहलाया फुसलाया और गुमराह कर कहा कि तुम गर्भ निरोधक गोलियां खा लो गर्भ गिरने के बाद हम आपसे शादी कर लेंगे पीड़िता आरोपी किसन के जाल में फंस कर गर्भ निरोधक गोलियां खा लिया गर्भ निरोधक गोलियां खाने के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ गई और खून गिरना बंद नही हो रहा था तब पीड़िता ने मजबूर होकर सारी घटना की जानकारी अपनी माता को दी थी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> तब पीड़िता की माता ने आरोपी किसन के खिलाफ गौर थाने में तहरीर दी थी गौर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर आरोपी किशन व अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुट गई थी । तभी आरोपी पुलिस के दबाव में आकर बैडवा समय माता मंदिर पर पीड़िता से विवाह से किया था किन्तु अब किसन पीड़िता को अपने घर रखने के लिए तैयार नहीं है । और उसके पिता केशवराम, भाई जनकराम व भाभियां उर्मिला व गुडिया आदि ने उसे बुरी तरह से मारा पीटा था और जान से मारने की धमकी देते हुये घर से भगा दिया था पीड़िता ने दोषियों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर कार्रवाई की मांग की है और अपने जान माल के रक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता ने घटना की जानकारी हर्रैया सीओ को दी थी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायती पत्र दी थी लेकिन अभी तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाई है । अब देखना यह है कि बस्ती पुलिस पीड़िता को न्याय दिला पाती है या लेन देन करके मामले में लीपापोती करती है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 19:22:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल पंपों पर पसरा सन्नाटा, पछता रहे हैं स्टोर करने वाले</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में डीजल पेट्रोल के किल्लत की खबर वायरल होने पर कुछ चालाक किस्म के लोगों ने इसको स्टोर कर लिया था। दो दिन पहले पेट्रोल पंपों पर लाइनें देखी जा रही थीं। डीजल पेट्रोल लेने वाले मारा मारी पर उतारू थे। लोग गाड़ी के साथ गैलन और ड्रम भी लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे थे। घण्टो लाइन मे खड़े होकर जिन लोगों ने 100-50 लीटर डीजल या पेट्रोल घरों मे स्टाक कर लिये अब वे परेशान हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल उन्होने सोचा था कि पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत ऐसे ही बनी रही तो 150 रूपये ली. पेट्रोल आराम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174677/store-owners-are-regretting-the-silence-at-petrol-pumps"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260331-wa0070.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में डीजल पेट्रोल के किल्लत की खबर वायरल होने पर कुछ चालाक किस्म के लोगों ने इसको स्टोर कर लिया था। दो दिन पहले पेट्रोल पंपों पर लाइनें देखी जा रही थीं। डीजल पेट्रोल लेने वाले मारा मारी पर उतारू थे। लोग गाड़ी के साथ गैलन और ड्रम भी लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे थे। घण्टो लाइन मे खड़े होकर जिन लोगों ने 100-50 लीटर डीजल या पेट्रोल घरों मे स्टाक कर लिये अब वे परेशान हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल उन्होने सोचा था कि पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत ऐसे ही बनी रही तो 150 रूपये ली. पेट्रोल आराम से बेंच लेंगे। सर्वविदित है कि आवश्यक वस्तुओं की क्राइसिस होती है तो लोग मुंहमांगा दाम देने को तैयार रहते हैं। डीजल पेट्रोल की क्राइसिस का समय आया तो सारी चालाकी धरी रह गयी क्योंकि चार दिन बाद पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा मे डीजल पेट्रोल पहुंच गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब जिन लोगों ने स्टोर कर लिया था उनकी पूंजी भी नही निकल रही है लाभ की बात कौन करे। अपने वाहन मे भी वे नही डाल सकते, उसे तो पहले ही फुल करा लिया था। चार दिन पहले जहां पहले लेने की होड़ लगी थी उन पेट्रोल पंपों पर करीब करीब सन्नाटा है। ग्राहक दोबार तब आयेगा जब उसका पेट्रोल रिजर्ब हो जायेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:42:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झूंसी में जलनिकासी संकट: नैका सहित कई इलाकों में नालियों का अभाव बना बड़ी समस्या।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज । सरस सिंह की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से नैका, नई बस्ती, कटका, और आसपास के कई मोहल्लों में नालियों के अभाव और जर्जर जलनिकासी व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बरसात में बनता है ‘तालाब’।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी के नैका इलाके में हल्की बारिश भी सड़कों को तालाब में बदल देती है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174374/drainage-crisis-in-jhunsi-lack-of-drains-has-become-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260327-wa0053.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज । सरस सिंह की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से नैका, नई बस्ती, कटका, और आसपास के कई मोहल्लों में नालियों के अभाव और जर्जर जलनिकासी व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बरसात में बनता है ‘तालाब’।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी के नैका इलाके में हल्की बारिश भी सड़कों को तालाब में बदल देती है। पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण गंदा पानी कई दिनों तक सड़कों और गलियों में जमा रहता है। इससे न केवल आवागमन बाधित होता है बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कई बार घरों में भी पानी घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान को नुकसान उठाना पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नालियों का अधूरा निर्माण और खराब रखरखाव</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई जगहों पर नालियों का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। जहां नालियां बनी भी हैं, वहां नियमित सफाई नहीं होने के कारण वे कचरे से भरी रहती हैं। परिणामस्वरूप पानी का बहाव रुक जाता है और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्थानीय लोगों में आक्रोश।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैका और आसपास के इलाकों के निवासियों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वादे तो करते हैं, लेकिन बाद में समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंदे पानी के जमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">जिम्मेदार कौन?</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी भी इस समस्या का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। योजनाएं बनती हैं, बजट भी पास होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम अधूरा रह जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या कहते हैं अधिकारी?।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में जलनिकासी सुधार के लिए योजनाएं बनाई गई हैं और जल्द ही काम शुरू होगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का विश्वास अब इन दावों पर कम ही रह गया है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 22:15:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रसोई गैस सिलेंडर को सुबह से एजेंसियों मे लंबी कतार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। समय पर गैस सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ता काफी परेशान हैं।नगर के बाईपास रोड स्थित गैस एजेंसी पर सुबह 7 बजे से ही लंबी कतार लग जाती है। उपभोक्ताओं को पर्ची कटाने के लिए घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बाल्हेमऊ गांव से आई सबिता ने बताया कि उनका नवरात्र का व्रत चल रहा है और घर में गैस खत्म हो चुकी है। घर में कोई पुरुष सदस्य मदद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174167/long-queues-for-lpg-cylinders-in-agencies-since-morning"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/liquefied_petroleum_gas_cylinders.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong>कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। समय पर गैस सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ता काफी परेशान हैं।नगर के बाईपास रोड स्थित गैस एजेंसी पर सुबह 7 बजे से ही लंबी कतार लग जाती है। उपभोक्ताओं को पर्ची कटाने के लिए घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाल्हेमऊ गांव से आई सबिता ने बताया कि उनका नवरात्र का व्रत चल रहा है और घर में गैस खत्म हो चुकी है। घर में कोई पुरुष सदस्य मदद के लिए नहीं है। वह लगातार तीन दिन से एजेंसी आ रही हैं, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">लाइन में लगे जयशंकर त्रिवेदी ने बताया कि सरकार की ओर से सुविधाएं तो दी जा रही हैं, लेकिन एजेंसी संचालकों की मनमानी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में छत पर ईंट का चूल्हा बनाकर खाना बनाना पड़ रहा है। वहीं बंदरों के आतंक से स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। गर्मी में चूल्हे पर खाना बनाना जोखिम भरा साबित हो रहा है और हादसे की आशंका बनी रहती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 19:55:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173112/even-after-78-years-of-independence-nagpur-kunwar-village-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0321.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा है वही इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है अगर ऐसी स्थित है तो जांच कर कर जनता की हर सुविधाओं को उसे गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही ग्रामीणों ने सीधा आरोप आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान सिर्फ अपना विकास कर रहे हैं और कैसे विकास कर रहे हैं जो सरकार की धरोहर जमीन है सब पर पट्टा करके अपना विकास करना है जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंचे , लेकिन उनके अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण बस्ती जिले के हर्रैया तहसील व परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए तरस रहा है l</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> यहाँ न तो नाली  है ना ही इस गांव में गांव के अंदर जाने के लिए कोई रास्ता है, यही है  विकास का दवा जहां केंद्र और प्रदेश सरकार बार-बार दावा करती है कि गांव में ग्राम प्रधान के माध्यम से गांव में विकास तेजी से किया जा रहा है नाली खरंजा सहित बिजली व शुद्ध पिए जल की  व्यवस्था भी हर गांव में किया जाय  ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> अगर आपको जमीनी हकीकत देखना हो तो बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक के गांव नागपुर कुंवर में देखिए इस गांव में ना तो गांव में घुसने के लिए रास्ता है ना ही इस गांव में सड़क है ना तो नाली है ना ही कहीं इंटरलॉकिंग लगी है ग्रामीणों ने सीधा आरोप ग्राम प्रधान पर लगाते हुए कहा इस गांव की ग्राम प्रधान द्वारा विकास कुछ भी नहीं किया जा रहा है ग्राम प्रधान की लापरवाही से हम लोगों के गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसको हम लोग चारपाई पर लेट कर गांव से बाहर लेकर जाते हैं तब एंबुलेंस या किसी अन्य गाड़ी के सहायता से हम किसी को अस्पताल पहुंच पाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्राम प्रधान की लापरवाही से हमारे गांव में अंदर आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं बना है आप लोग आए हैं देखिए की सड़क कहां है इस गांव में ग्राम प्रधान क्यों नहीं सड़क बनवाया जा रहा है ,ग्रामीणों द्वारा बार-बार जिला अधिकारी बस्ती सहित खंड विकास अधिकारी परशुरामपुर और उप जिला अधिकारी हरैया कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया साथ ही तहसील दिवसों में हम ग्रामीणों के साथ कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है हम लोगों के सामने सड़क पानी नाली जैसी समस्याओं से हम लोग जूझ रहे हैं,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जबकि सरकार बार-बार दावा कर रही है कि गांव में सरकारी योजनाओं सहित सड़क नाली इंटरलॉकिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी गांव में विकास किया जा रहा है जिससे जनता को कोई दिक्कतों का सामना न करना पड़े ,  लेकिन यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है जहां आजादी के लगभग 78 साल हो चुके हैं लेकिन इस गांव में आजादी के बाद क्यों नहीं विकास हुआ क्या कारण है यह अपने आप में सबसे बड़ा सवाल खड़ा रहा है,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित शिवपूजन तिवारी ने कहा कि हमारे गांव में सड़क न होने से हम मरीजों को कैसे इलाज कराने ले जाएं हमारे पिताजी का इतना तबीयत खराब था कि हम लोग उनको गोदी में उठाकर यहां से 1 किलोमीटर दूरी तक ले गए तब हमको गाड़ी मिली जब सड़क नहीं है नाली नहीं है शुद्ध पीने का पानी नहीं है तो कैसा विकास का दावा किया जाता है सरकार द्वारा और  ग्राम प्रधान अपना विकास कर रहे हैं जो सरकारी जमीन बची है जिन-जिन लोगों के पास जमीन है खेत है घर है उनको पैसा लेकर पटा कर रहे हैं गांव का विकास नहीं कर पा रहे हैं अपना विकास कर रहे हैं ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">वही इस संबंध में जिला अधिकारी बस्ती ने कहा मामला संज्ञान में आया है इसकी हम जांच कर कर वहां विकास कार्य कराया जाएगा । वही इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:45:41 +0530</pubDate>
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