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                <title>Court hearing - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Court hearing RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>31 मार्च 2027 तक चुनाव स्थगित करने की मांग पर अंतरिम राहत से इंकार, 12 अगस्त को अगली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र</strong> <strong>प्रभात विशेष संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव 31 मार्च 2027 तक टालने की मांग पर तत्काल अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता तथा याचिकाकर्ता सरदार गुरमीत सिंह शंटी ने न्यायालय के इस आदेश का स्वागत करते हुए इसे सिख संगत के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1971 के अनुसार डीएसजीएमसी के चुनाव प्रत्येक चार वर्ष में कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद चुनाव कराने में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183597/denial-of-interim-relief-on-demand-to-postpone-elections-till"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260715-wa00041.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र</strong> <strong>प्रभात विशेष संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव 31 मार्च 2027 तक टालने की मांग पर तत्काल अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता तथा याचिकाकर्ता सरदार गुरमीत सिंह शंटी ने न्यायालय के इस आदेश का स्वागत करते हुए इसे सिख संगत के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1971 के अनुसार डीएसजीएमसी के चुनाव प्रत्येक चार वर्ष में कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद चुनाव कराने में हो रही देरी उचित नहीं है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि न्यायालय ने दिल्ली सरकार तथा गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय से यह स्पष्ट करने को कहा है कि 24 फरवरी 2026 से अब तक चुनाव कराने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और चुनाव संपन्न कराने की प्रस्तावित समय-सीमा क्या है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> शंटी ने कहा कि उनकी ओर से लगातार यह मुद्दा उठाया जाता रहा है कि डीएसजीएमसी चुनावों में अनावश्यक देरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। अब न्यायालय द्वारा सरकार से जवाब तलब किए जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव प्रक्रिया में विलंब को गंभीरता से लिया जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि न्यायालय ने इस मामले को अग्रिम सूची के शीर्ष पाँच मामलों में शामिल किया है, जिससे इसकी गंभीरता का पता चलता है। साथ ही, अगली सुनवाई पर गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय के जिम्मेदार अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में हुई प्रगति और देरी के कारणों की जानकारी न्यायालय को दी जा सके।शंटी ने कहा कि दिल्ली की सिख संगत निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध चुनाव चाहती है तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायालय के समक्ष यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सिख समुदाय को समय पर अपना लोकतांत्रिक अधिकार मिले और डीएसजीएमसी के चुनाव शीघ्र संपन्न कराए जाएं।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 20:41:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे में हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बस्ती।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले केगौर थाना क्षेत्र के शिवपुर ग्राम निवासी विपिन कुमार, विनय कुमार, राधिका देवी तथा रामपाल उर्फ बागेदु के खिलाफ दर्ज नाबालिग से छेड़छाड़, मारपीट, अश्लील फोटो बनाने और दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जाता है कि एक महिला ने थाना गौर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ विपिन कुमार व अन्य आरोपितों ने छेड़छाड़, मारपीट करते हुए अश्लील फोटो बनाए और दुष्कर्म किया। इस मामले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173249/relief-from-high-court-in-the-case-registered-for-raping"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/allahabad-high-court.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बस्ती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले केगौर थाना क्षेत्र के शिवपुर ग्राम निवासी विपिन कुमार, विनय कुमार, राधिका देवी तथा रामपाल उर्फ बागेदु के खिलाफ दर्ज नाबालिग से छेड़छाड़, मारपीट, अश्लील फोटो बनाने और दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जाता है कि एक महिला ने थाना गौर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ विपिन कुमार व अन्य आरोपितों ने छेड़छाड़, मारपीट करते हुए अश्लील फोटो बनाए और दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने धारा 65(1), 333, 64(2)(m), 308(2), 115(2), 76, 110, 351(3) तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि पुराने आईपीसी प्रावधानों के अनुसार देखा जाए तो यह मामला धारा 376, 452, 376(2), 383, 323, 354B, 308, 506 तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट से संबंधित बताया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस विपिन कुमार व अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने विपिन के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की नोटिस भी जारी कर दी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बीच आरोपितों ने अधिवक्ता रमन पांडेय के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एफआईआर को चुनौती दी। 9 मार्च 2026 को हुई सुनवाई के दौरान माननीय न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि दर्ज एफआईआर निराधार है और पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बचाव पक्ष का यह भी कहना था कि पीड़िता पक्ष के खिलाफ पहले ही विपिन कुमार की माता राधिका देवी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मुकदमे में दबाव बनाने और समझौता कराने के उद्देश्य से नाबालिग को आधार बनाकर यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। उधर, बताया जा रहा है कि इस प्रकरण के दौरान मारपीट की घटना को लेकर पुलिस ने विपिन के कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ भी अलग से मुकदमा दर्ज किया है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद आरोपितों का परिवार जल्द ही अपने घर लौटने की तैयारी में है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:45:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंस्पेक्टर अरुण राय हत्याकांड में आरोपी सिपाही मीनाक्षी की कोर्ट में पेशी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला कारागार में बंद सिपाही मीनाक्षी को सोमवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद करीब 90 दिन बाद यह पहली बार है जब मीनाक्षी को अदालत में पेशी के लिए लाया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पेशी के दौरान मीनाक्षी काले कपड़े पहनकर अदालत पहुंची। वहीं उसकी पेशी की जानकारी मिलने पर उसके पिता भी कोर्ट परिसर में अपनी बेटी से मिलने पहुंचे। पुलिस अभिरक्षा में मीनाक्षी को जिला कारागार से अदालत लाया गया,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173110/constable-meenakshi-accused-in-inspector-arun-rai-murder-case-appears"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/upp.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला कारागार में बंद सिपाही मीनाक्षी को सोमवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद करीब 90 दिन बाद यह पहली बार है जब मीनाक्षी को अदालत में पेशी के लिए लाया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेशी के दौरान मीनाक्षी काले कपड़े पहनकर अदालत पहुंची। वहीं उसकी पेशी की जानकारी मिलने पर उसके पिता भी कोर्ट परिसर में अपनी बेटी से मिलने पहुंचे। पुलिस अभिरक्षा में मीनाक्षी को जिला कारागार से अदालत लाया गया, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जालौन जनपद में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की 5 दिसंबर को गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले की जांच के दौरान 6 दिसंबर को सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 दिसंबर को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। पुलिस द्वारा विस्तृत जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है जिसके बाद अब इस मामले की नियमित सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, आरोपी मीनाक्षी की ओर से दाखिल नियमित जमानत और डिफॉल्ट बेल की अर्जी को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। ऐसे में फिलहाल मीनाक्षी को जेल में ही रहना पड़ेगा। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड को लेकर जिले में लोगों की नजरें न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आने वाले समय में अदालत में होने वाली सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:39:25 +0530</pubDate>
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