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                <title>Cow Protection - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Cow Protection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ पशुधन संरक्षण, गौसंवर्धन और ग्रामीण समृद्धि की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊः</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ जनपद में पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गौसंवर्धन, डेयरी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग ने पशुपालकों की आय वृद्धि, पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग की योजनाएं केवल उपचार सेवाओं तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आजीविका, संरक्षण और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण तथा कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के माध्यम से पशुधन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184371/veterinary-department-lucknow-livestock-protection-cow-promotion-and-rural-prosperity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊः</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ जनपद में पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गौसंवर्धन, डेयरी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग ने पशुपालकों की आय वृद्धि, पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग की योजनाएं केवल उपचार सेवाओं तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आजीविका, संरक्षण और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण तथा कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के माध्यम से पशुधन को सुरक्षित और उत्पादक बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। खुरपका-मुंहपका, ब्रूसेलोसिस तथा अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक टीकाकरण अभियान चलाए गए, जिससे पशुधन संरक्षण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निराश्रित बेसहारा गौवंश संरक्षण योजना के अंतर्गत जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों में 31,343 गौवंशों का संरक्षण 101 गौ आश्रय स्थलों में किया गया है। यह उपलब्धि गौसंरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण, पोषण और उपचार के लिए आश्रय स्थलों की स्थापना तथा संचालन ने पशु कल्याण और सामाजिक सहभागिता दोनों को बढ़ावा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />गौसंरक्षण को और मजबूत बनाने की दिशा में वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 14 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण रु. 16.11 करोड़ की लागत से कराया गया है। यह आधारभूत संरचना न केवल निराश्रित गोवंश संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि पशु कल्याण की स्थायी व्यवस्था भी विकसित कर रही है। इन केंद्रों के निर्माण से गोवंश संरक्षण के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />दुग्ध उत्पादन संवर्धन और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में नंदिनीधमनी नंदिनी योजना भी महत्वपूर्ण रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को मिनी नंदिनी योजना का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित कर रही है। इसी प्रकार नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से पशुधन आधारित आजीविका, नस्ल सुधार, उत्पादन क्षमता वृद्धि और आधुनिक पशुपालन को प्रोत्साहन मिला है। यह मिशन पशुधन क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कुक्कुट विकास योजना 2022 के अंतर्गत भी जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है। इस योजना ने मुर्गी पालन को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में प्रोत्साहित किया है। विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुक्कुट पालन आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी साधन बनकर उभरा है।पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, संतुलित आहार, रोग प्रबंधन और डेयरी संचालन संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। इन प्रयासों से पशुपालकों की दक्षता बढ़ी है और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />नस्ल सुधार के क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि और पशुपालकों की आय में सुधार देखने को मिला है। विभाग द्वारा पशुधन को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स तथा ग्रामीण पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों तक उपचार सुविधा पहुंचाई गई है। समय पर उपचार और आपातकालीन सेवाओं ने पशुधन हानि को कम करने में सहायता की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लखनऊ में पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के लिए डेयरी, बकरी पालन तथा कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित हुए हैं। महिला सशक्तीकरण में भी पशुपालन योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महिलाओं को डेयरी और लघु पशुपालन गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित किया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इन योजनाओं को गति मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा चारा विकास, पशु पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों पर भी विशेष बल दिया गया है। संतुलित पोषण और वैज्ञानिक प्रबंधन से पशुओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हुआ है। यदि उपलब्धियों को समग्र रूप में देखें तो गौसंरक्षण, पशुधन विकास, डेयरी प्रोत्साहन, कुक्कुट पालन और आधारभूत संरचना विकास जैसे क्षेत्रों में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 31,343 गौवंश संरक्षण, 101 गौ आश्रय स्थल, 14 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण, 16.11 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना विकास, तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता विभाग की सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग की सफलता में नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी क्रियान्वयन और योजनाओं की सतत समीक्षा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर निरीक्षण और समीक्षा के माध्यम से योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित की गई है। आज पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ केवल पशु उपचार तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आर्थिक विकास, सामाजिक सहभागिता और ग्रामीण समृद्धि का प्रमुख माध्यम बन चुका है। विभाग की योजनाएं किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बना रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में पशुधन संरक्षण, गौसंवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। निराश्रित गौवंश संरक्षण योजना, मिनी नंदिनी योजना, नेशनल लाइव स्टॉक मिशन, कुक्कुट विकास योजना तथा वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण जैसी पहलें विभाग की प्रभावी कार्यशैली और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये उपलब्धियां लखनऊ के समग्र विकास और ग्रामीण समृद्धि को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।</strong></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 19:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर केंद्रित रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उपचारित जल के पुनः उपयोग पर जोर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने उपविधियों में संशोधन कर उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के प्रावधान शामिल करने तथा विभागवार पुनः उपयोग योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184003/emphasis-on-timely-implementation-of-schemes-in-chief-secretarys-review"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-22-at-21.56.30.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जबकि दूसरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर केंद्रित रही।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उपचारित जल के पुनः उपयोग पर जोर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने उपविधियों में संशोधन कर उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के प्रावधान शामिल करने तथा विभागवार पुनः उपयोग योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और जल उपयोग केंद्रों का जीआईएस आधारित मानचित्रण कराने पर बल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों के लिए शहर स्तर की पुनः उपयोग कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य स्तर पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति, तकनीकी समिति, जिला स्तरीय पुनः उपयोग समिति तथा विवाद समाधान समिति गठित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में नोएडा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी सहित विभिन्न शहरों में उपचारित जल के सफल उपयोग के उदाहरण प्रस्तुत किए गए। लखनऊ और वाराणसी में प्रस्तावित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्कों के लिए एसटीपी के उपचारित जल के उपयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने कहा कि उपचारित जल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि औद्योगिक एवं अन्य उपयोगकर्ताओं का विश्वास बढ़े और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>26 जुलाई से शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ 26 जुलाई को आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके साथ ही सभी जिलों में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के अधिकतम शिक्षकों को योजना से जोड़ा जाए तथा प्रत्येक जिले में कम से कम 20 लाभार्थियों को कैशलेस कार्ड वितरित किए जाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>31 जुलाई तक जनगणना कर्मियों का मानदेय</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में कार्यरत सभी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर एवं अन्य कार्मिकों का मानदेय और प्रशिक्षण भत्ता 31 जुलाई तक उनके खातों में अनिवार्य रूप से हस्तांतरित किया जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गोसंरक्षण और उर्वरक उपलब्धता पर निर्देश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक में गोसंरक्षण की समीक्षा करते हुए 100 से कम गोवंश वाले गोआश्रय स्थलों के पशुओं को बड़े गोसंरक्षण केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गोवंश की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त शेड, चबूतरे, जल निकासी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी उर्वरक केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध रहें तथा किसी भी केंद्र पर शून्य स्टॉक की स्थिति न बनने पाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>किसान क्रेडिट कार्ड और छात्रवृत्ति पर फोकस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने वंचित किसानों की पहचान कर उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं को मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा में कहा गया कि 5 अगस्त तक मास्टर डाटाबेस लॉक हो जाएगा। इसलिए सभी विद्यालयों का विवरण समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।</p>
<blockquote class="format2">
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी जिलाधिकारियों को 31 अगस्त 2026 तक निविदा आमंत्रण सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में समाज सुधारकों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 21:40:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पहुंची बिसवां </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बिसवां/सीतापुर।</strong> जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा  मंगलवार को बिसवां पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र एवं ताल मखाने के फूलों से तैयार विशेष मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। पत्थर शिवाला धाम के सामने एवं बाबा मनसाराम चुंगी के निकट आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है और यह अभियान मांग पूरी होने तक निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जो भी दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182893/shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-saraswatis-81-day-gaurakshartha-dharma-yudh-yatra-reaches"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0012.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बिसवां/सीतापुर।</strong> जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा  मंगलवार को बिसवां पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र एवं ताल मखाने के फूलों से तैयार विशेष मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। पत्थर शिवाला धाम के सामने एवं बाबा मनसाराम चुंगी के निकट आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है और यह अभियान मांग पूरी होने तक निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो भी दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, उन्हें उसी का समर्थन मिलेगा  उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक संतों की मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया है। सभा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:16:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो दिन से सरकारी विद्यालय में घायल अवस्था में घूम रहा गाय का बछड़ा, माट साहब का नहीं गया ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div>  </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div>  </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182385/maat-saheb-did-not-pay-attention-to-the-cows-calf"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0098.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div> </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div> </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी विद्यालय का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कक्षाओं में आवारा कुत्तों का घूमना और ब्लैकबोर्ड की लकड़ी जलाकर खाना बनाते हुए दृश्य सामने आए थे। उस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा।</div>
<div> </div>
<div>अब एक बार फिर सामने आई यह तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? क्या सरकारी दावों की हकीकत यही है</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा अधिकारी और पशुपालन विभाग से तत्काल घायल बछड़े का उपचार कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।जब शिक्षा के मंदिर में मानवता घायल हो जाए, तब सवाल सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, पूरी व्यवस्था का होता है।"</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने परसा गौशाला का किया भ्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>शनिवार को नगर पंचायत उसका बाजार के राजेंद्र नगर वार्ड में स्थित परसा गौशाला में उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह का आगमन हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने गौशाला में गौवंश के रखरखाव एवं चारा को देखा। गौशाला के साफ- सफाई एवं नियमित स्वास्थ्य जांच का निर्देश दिया। सरकार के निर्देश के मुताबिक गायों का संरक्षण एवं प्रबंधन देखकर खुशी व्यक्त किया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत कुमार जायसवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राम भरोस चौहान ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर गौशाला के कर्मचारी उपस्थित</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181695/atul-singh-vice-president-of-cow-seva-commission-visited-parsa"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781963626751.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>शनिवार को नगर पंचायत उसका बाजार के राजेंद्र नगर वार्ड में स्थित परसा गौशाला में उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह का आगमन हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने गौशाला में गौवंश के रखरखाव एवं चारा को देखा। गौशाला के साफ- सफाई एवं नियमित स्वास्थ्य जांच का निर्देश दिया। सरकार के निर्देश के मुताबिक गायों का संरक्षण एवं प्रबंधन देखकर खुशी व्यक्त किया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत कुमार जायसवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राम भरोस चौहान ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर गौशाला के कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:49:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौआश्रय स्थल में बदहाली देखकर सीडीओ ने जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शुक्रवार को  सीडीओ बलराम सिंह ने गौआश्रय का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में गौआश्रय  की स्थिति देख कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि गौआश्रय में भूसा के साथ दाना, चारा  का सही से प्रयोग करें।  नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 2 के हनुमाननगर के गौआश्रय का  निरीक्षण किया जहां गौआश्रय में कई खामियां मिली। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि गौआश्रय में हरा चारा व दाना सुचार रूप से उपलब्ध रहे। उन्होंने  गौआश्रय में कितने कर्मचारी कार्यरत है, इसकी जानकारी ली, बताया</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181143/cdo-expressed-displeasure-after-seeing-the-poor-condition-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781359041719.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शुक्रवार को  सीडीओ बलराम सिंह ने गौआश्रय का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में गौआश्रय  की स्थिति देख कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि गौआश्रय में भूसा के साथ दाना, चारा  का सही से प्रयोग करें।  नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 2 के हनुमाननगर के गौआश्रय का  निरीक्षण किया जहां गौआश्रय में कई खामियां मिली। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि गौआश्रय में हरा चारा व दाना सुचार रूप से उपलब्ध रहे। उन्होंने  गौआश्रय में कितने कर्मचारी कार्यरत है, इसकी जानकारी ली, बताया गया कि तीन कर्मचारियों की ड्यूटी है। इस दौरान खण्ड विकास अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी आदि उपस्थित हो।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181143/cdo-expressed-displeasure-after-seeing-the-poor-condition-of-the</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:37:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रक में प्रतिबंध पशुओं को ले जाते पुलिस ने पकड़ा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित पशुओं को ले जाने की भनक लगते ही गौ रक्षक दल के लोगों ने ट्रक को घेर लिया देखा गया तो उसमें प्रतिबंधित पशु पाए गए इसकी सूचना मिलते ही बिथरी चैनपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्होंने ट्रक को कब्जे में लेकर थाने  ले गई</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> शासन व प्रशासन की शक्ति के बाद भी गौतस कर अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव लाने को तैयार नहीं है जिसके तहत आज थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित पशुओं को ले जाते एक ट्रक पकड़ा गया उसमें घायल मवेशियों को उपचार कराया गया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173103/police-caught-carrying-banned-animals-in-truck"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img_20260310_184642.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित पशुओं को ले जाने की भनक लगते ही गौ रक्षक दल के लोगों ने ट्रक को घेर लिया देखा गया तो उसमें प्रतिबंधित पशु पाए गए इसकी सूचना मिलते ही बिथरी चैनपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्होंने ट्रक को कब्जे में लेकर थाने  ले गई</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> शासन व प्रशासन की शक्ति के बाद भी गौतस कर अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव लाने को तैयार नहीं है जिसके तहत आज थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित पशुओं को ले जाते एक ट्रक पकड़ा गया उसमें घायल मवेशियों को उपचार कराया गया यह जानकारी जिला अध्यक्ष अजय पटेल द्वारा उपलब्ध कराई गई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 21:40:14 +0530</pubDate>
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