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                <title>साइबर फ्रॉड - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>साइबर फ्रॉड RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नौ लाख की रकम उड़ाने वाला पूर्व नौकर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>थाना कोतवाली नगर पुलिस ने एटीएम कार्ड चोरी कर बैंक खाते से करीब नौ लाख रुपये निकालने के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया एटीएम कार्ड, 77,500 रुपये नकद, मोबाइल फोन समेत लाखों रुपये की रकम से खरीदा गया घरेलू सामान और मोटरसाइकिल बरामद की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के पूरबटोला पश्चिमी निवासी प्रेम कुमार मिश्रा ने 20 अगस्त को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके पूर्व घरेलू नौकर सलमान खान उर्फ मन्ना ने उनका एटीएम कार्ड चोरी कर लिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186057/former-servant-arrested-for-embezzling-rs-9-lakh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa0373.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>थाना कोतवाली नगर पुलिस ने एटीएम कार्ड चोरी कर बैंक खाते से करीब नौ लाख रुपये निकालने के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया एटीएम कार्ड, 77,500 रुपये नकद, मोबाइल फोन समेत लाखों रुपये की रकम से खरीदा गया घरेलू सामान और मोटरसाइकिल बरामद की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के पूरबटोला पश्चिमी निवासी प्रेम कुमार मिश्रा ने 20 अगस्त को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके पूर्व घरेलू नौकर सलमान खान उर्फ मन्ना ने उनका एटीएम कार्ड चोरी कर लिया और बैंक खाते से करीब नौ लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए। मामले में पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 194/26 के तहत धारा 318(4), 305(ए) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना एवं आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक सूर्या प्रकाश शर्मा को सौंपी गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुआवनाला से गेल्हापुर मार्ग पर दबोचा</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण तथा थाना कोतवाली नगर पुलिस की टीम ने 21 अगस्त को कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी सलमान उर्फ मन्ना पुत्र रियाज, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी पूरबटोला पश्चिमी, थाना कोतवाली नगर को सुआवनाला से गेल्हापुर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की रकम से खरीदे गए सामान की बरामदगी की। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एटीएम कार्ड और नकदी समेत सामान बरामद</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक आरोपी की जामा तलाशी के दौरान काले रंग के पिट्ठू बैग से एचडीएफसी बैंक का रुपे एटीएम कार्ड, 77,500 रुपये नकद और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके अलावा उसकी निशानदेही पर टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल, एलजी कंपनी का एसी, सैमसंग कंपनी की टीवी, समरकूल कंपनी का कूलर, हैवेल्स का टुल्लू पंप और रेडमी मोबाइल भी बरामद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पूछताछ में रकम खर्च करने की बात कबूली</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने धोखाधड़ी कर एटीएम का पिन जान लिया था और खाते से करीब 10 लाख रुपये निकाल लिए थे। आरोपी के अनुसार निकाली गई रकम से उसने मोटरसाइकिल, एसी, टीवी, कूलर, टुल्लू पंप और मोबाइल सहित अन्य सामान खरीदा तथा घर बनवाने में भी रुपये खर्च किए। शेष रकम उसके पास मौजूद थी, जिसमें से पुलिस ने 77,500 रुपये बरामद किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पुलिस टीम रही शामिल</strong></div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तारी एवं बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कन्हई प्रसाद, उपनिरीक्षक सूर्या प्रकाश शर्मा तथा कांस्टेबल विनय प्रताप सिंह, नीरज यादव, हीरालाल, शुभम तिवारी और विजय बहादुर शामिल रहे। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:17:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराध पर सख्त हुई सरकार, प्रदेश को साइबर सुरक्षा में नंबर-1 बनाने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री की 'प्रगति (PRAGATI)' समीक्षा के तहत साइबर अपराध से जुड़े नौ प्राथमिकता बिंदुओं पर प्रदेश की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर स्थापित करने और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सुनियोजित एवं समन्वित प्रयास किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184035/government-becomes-strict-on-cyber-crime-instructions-to-make-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-24-at-20.58.26.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री की 'प्रगति (PRAGATI)' समीक्षा के तहत साइबर अपराध से जुड़े नौ प्राथमिकता बिंदुओं पर प्रदेश की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर स्थापित करने और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सुनियोजित एवं समन्वित प्रयास किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करें तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाए और पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर जागरूकता अभियान को व्यापक बनाने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो साइबर अपराध मुख्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता सामग्री को विभाग के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने सभी विभागों को इस संबंध में आवश्यक पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश राज्य साइबर समन्वय केंद्र (UPS4C) की अधिसूचना शीघ्र जारी करने, ई-जीरो एफआईआर प्रणाली को जल्द क्रियाशील बनाने तथा राज्यव्यापी 'ऑपरेशन साइबर वज्र (CyVajra)' को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के नए तरीकों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) बी.के. सिंह ने बताया कि राज्य साइबर समन्वय केंद्र (UPS4C) की स्थापना का प्रस्ताव अंतिम चरण में है और इसकी अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि एस4सी (S4C) के आठ में से छह घटक पहले ही संचालित हो चुके हैं, जबकि शेष दो पर कार्य तेजी से चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी जानकारी दी कि साइबर अपराध की त्वरित और स्थान-निरपेक्ष एफआईआर दर्ज करने के लिए विकसित किया जा रहा ई-जीरो एफआईआर तंत्र अंतिम चरण में है। शिकायत निवारण, धनराशि वापसी और समन्वय पोर्टलों के संचालन में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन देश में अग्रणी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बताया गया कि राज्यव्यापी आसूचना आधारित अभियान 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत प्रारंभिक स्तर पर उल्लेखनीय सफलता मिली है। वहीं, साइबर अपराध की जांच के लिए पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण में साइट्रेन (CyTrain) प्लेटफॉर्म के उपयोग के मामले में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने प्रदेश में साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार की गई जागरूकता सामग्री की भी सराहना की और निर्देश दिया कि इसे विभिन्न लक्षित समूहों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में सचिव गृह मोहित गुप्ता, पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) बी.के. सिंह, साइबर अपराध मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 21:14:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस ने साइबर  जागरुकता अभियान के तहत लोगों को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर जागरूकता अभियान  के तहत निबियाहवा गांव में लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने निबियाहवा गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182070/police-made-people-aware-under-cyber-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782312123825.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर जागरूकता अभियान  के तहत निबियाहवा गांव में लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने निबियाहवा गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी  पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशों से अवगत कराया गया ।सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182070/police-made-people-aware-under-cyber-awareness-campaign</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 20:20:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठगी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकालने का काम कर रहे थे। इस संबंध में थाना सरिता विहार में एफआईआर संख्या 297/2026 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है जांच में इस गिरोह के तार मुंबई में दर्ज एक बड़े साइबर ठगी मामले से जुड़े पाए गए हैं। मुंबई के एक निजी कंपनी के साथ कथित सीईओ/व्हाट्सएप प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) धोखाधड़ी के जरिए करीब 10.40 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। यह रकम 3 जून से 15 जून 2026 के बीच 63 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से निकाली गई थी। इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरण के तहत की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूरे वित्तीय नेटवर्क में संदिग्ध लेनदेन की राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास 22 वंश 2 फैयाज आलम 22 अमित 28 और बलवीर कुमार 23 के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को थाना सरिता विहार के प्रभारी निरीक्षक युधवीर सिंह, उपनिरीक्षक वैभव सिंह, उपनिरीक्षक सतीश भाटी, बीसी नितेश, कांस्टेबल ओम प्रकाश और मनीष की टीम ने अंजाम दिया। अभियान का पर्यवेक्षण एसीपी अनिल शर्मा ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-द्वितीय जसबीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।</div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:06:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोटन पुलिस द्वारा साइबर  जागरुकता अभियान के तहत लोगों को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> साइबर जागरूकता अभियान  के तहत कस्बा लोटन सहित गांवों के लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम के द्वारा  कस्बा लोटन सहित गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180969/lotan-police-made-people-aware-under-cyber-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781100453472-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> साइबर जागरूकता अभियान  के तहत कस्बा लोटन सहित गांवों के लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम के द्वारा  कस्बा लोटन सहित गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी  पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशों से अवगत कराया गया ।सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।ऑनलाइन खरीददारी के लिए केवल सुरक्षित वेबसाइट्स का ही उपयोग करें। इस दौरान महिला कास्टेबल  पूजा वर्मा आदि उपस्थित रहे।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर हेल्प डेस्क कोइरौना ने लौटाए 13 हजार रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में साइबर हेल्प डेस्क थाना कोइरौना ने साइबर फ्रॉड के शिकार युवक के खाते से कटे 13 हजार रुपये वापस कराए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम जुड़उपुर निवासी विशाल कुमार सरोज ने साइबर ठगी की शिकायत थाना कोइरौना में की थी। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर हेल्प डेस्क ने संबंधित माध्यमों से समन्वय स्थापित कर पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खाते में रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क का आभार जताया। पुलिस ने लोगों से साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179824/cyber-help-desk-koirauna-returned-rs-13-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260521-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में साइबर हेल्प डेस्क थाना कोइरौना ने साइबर फ्रॉड के शिकार युवक के खाते से कटे 13 हजार रुपये वापस कराए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम जुड़उपुर निवासी विशाल कुमार सरोज ने साइबर ठगी की शिकायत थाना कोइरौना में की थी। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर हेल्प डेस्क ने संबंधित माध्यमों से समन्वय स्थापित कर पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाते में रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क का आभार जताया। पुलिस ने लोगों से साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की अपील की।</div>
</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:30:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपए का हेरफेर करने वाले गैंग का मुखिया महफूज गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि थाना चकेरी प्रकरण के अंतर्गत एक लूट की घटना हुई थी लेकिन इस लूट की घटना को वादी द्वारा छिपाया गया था तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि वह फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178891/mahfooz-the-leader-of-the-gang-who-embezzled-crores-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001892735.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि थाना चकेरी प्रकरण के अंतर्गत एक लूट की घटना हुई थी लेकिन इस लूट की घटना को वादी द्वारा छिपाया गया था तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि वह फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करता था। तथापि पुलिस टीम द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर गहन जांच एवं सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से लगभग ₹11,00,000 की बरामदगी की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि पूछताछ में महफूज उर्फ पप्पू चोरी गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में सामने आए हैं, जो भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर, लोन एवं बीमा दिलाने का झांसा देकर उनका दुरुपयोग करते थे। इनके द्वारा फर्जी जीएसटी फर्में भी पंजीकृत कराई गई थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस जांच में संबंधित 68 बैंक खातों में लगभग ₹3000 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। इस नेटवर्क के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है। प्रकरण में जीएसटी एवं आयकर विभाग से भी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ में यह भी सामने आया है कि एपीएमसी प्रमाणपत्रों के माध्यम से भारी मात्रा में धन का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया तथा धनराशि का संबंध स्लॉटर एवं स्क्रैप व्यवसाय से भी जुड़ा पाया गया है। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 19:29:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक साल बाद पीड़ित को वापस मिले 7500 रुपये, पुलिस की सक्रियता से मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>हलिया, मीरजापुर।</strong> थाना क्षेत्र के ग्राम परसिया खुर्द निवासी राजपति के साथ हुए ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पीड़ित को उसकी पूरी धनराशि वापस कराया है। एक वर्ष बाद धनराशि मिलते ही पीड़ित के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 03 अप्रैल 2025 को राजपति के साथ 7500 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई थी। किसी अज्ञात साइबर ठग द्वारा उनके खाते से यह धनराशि निकाल ली गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थाना अध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव के नितृत्व</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178038/after-one-year-the-victim-got-back-rs-7500-relief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001516489.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>हलिया, मीरजापुर।</strong> थाना क्षेत्र के ग्राम परसिया खुर्द निवासी राजपति के साथ हुए ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पीड़ित को उसकी पूरी धनराशि वापस कराया है। एक वर्ष बाद धनराशि मिलते ही पीड़ित के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 03 अप्रैल 2025 को राजपति के साथ 7500 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई थी। किसी अज्ञात साइबर ठग द्वारा उनके खाते से यह धनराशि निकाल ली गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थाना अध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव के नितृत्व में साईबर सेल में तैनात कास्टेबल विश्वनाथ प्रताप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संबंधित खातों और लेन देन की पड़ताल की तथा लगातार प्रयास जारी रखा। पुलिस की सक्रियता और सतत प्रयासों के चलते अंत : सफलता हाथ लगी।इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि साइबर अपराधों के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी होता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178038/after-one-year-the-victim-got-back-rs-7500-relief</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:47:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>डिजिटल भुगतान में ठहराव का नया अध्याय सुरक्षा की दिशा में एक घंटा—विश्वास, संयम और सतर्कता का समय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">डिजिटल युग ने हमारे जीवन को अभूतपूर्व गति दी है। आज मोबाइल फोन के एक स्पर्श से हम कहीं भी, कभी भी पैसे भेज सकते हैं। यह सुविधा जितनी सरल और तेज़ है, उतनी ही संवेदनशील भी बन चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आम उपभोक्ता की मेहनत की कमाई पर खतरा मंडराने लगा है। इसी पृष्ठभूमि में रिर्जव बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा 10,000 रुपए से अधिक के ऑनलाइन भुगतान पर एक घंटे का होल्ड लगाने का प्रस्ताव एक दूरदर्शी कदम प्रतीत होता है। यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175697/a-new-chapter-in-the-stagnation-of-digital-payments-an"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/the-future-of-mobile-banking-trends-and-predictions.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">डिजिटल युग ने हमारे जीवन को अभूतपूर्व गति दी है। आज मोबाइल फोन के एक स्पर्श से हम कहीं भी, कभी भी पैसे भेज सकते हैं। यह सुविधा जितनी सरल और तेज़ है, उतनी ही संवेदनशील भी बन चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आम उपभोक्ता की मेहनत की कमाई पर खतरा मंडराने लगा है। इसी पृष्ठभूमि में रिर्जव बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा 10,000 रुपए से अधिक के ऑनलाइन भुगतान पर एक घंटे का होल्ड लगाने का प्रस्ताव एक दूरदर्शी कदम प्रतीत होता है। यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में एक नई सोच का संकेत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान समय में अधिकांश डिजिटल लेन-देन तत्काल हो जाते हैं। यह सुविधा जहां समय की बचत करती है, वहीं दूसरी ओर किसी भी प्रकार की गलती या धोखाधड़ी की स्थिति में सुधार का अवसर लगभग समाप्त कर देती है। कई बार लोग जल्दबाजी, भ्रम या मानसिक दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और बाद में पछताते हैं। ऐसे में एक घंटे का यह होल्ड एक ‘सुरक्षा कवच’ की तरह कार्य कर सकता है। यह समय उपयोगकर्ता को सोचने, स्थिति का मूल्यांकन करने और आवश्यकता पड़ने पर लेन-देन को रोकने का अवसर प्रदान करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह धोखाधड़ी के मनोवैज्ञानिक पहलू को कमजोर करता है। साइबर अपराधी अक्सर पीड़ित पर तत्काल निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं—जैसे कि “अभी पैसे भेजो, वरना नुकसान होगा” या “आपका अकाउंट बंद हो जाएगा।” इस प्रकार के भय और जल्दबाजी के वातावरण में व्यक्ति सोचने की क्षमता खो बैठता है। लेकिन यदि लेन-देन पर एक घंटे का अनिवार्य विराम होगा, तो यह दबाव स्वतः समाप्त हो जाएगा। व्यक्ति को यह समझने का समय मिलेगा कि वह किसी धोखाधड़ी का शिकार तो नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, यह व्यवस्था मानवीय त्रुटियों को सुधारने का अवसर भी देती है। कई बार लोग गलती से गलत अकाउंट नंबर डाल देते हैं या किसी अन्य व्यक्ति को पैसे भेज देते हैं। तत्काल ट्रांजैक्शन में ऐसी गलतियों को सुधारना लगभग असंभव होता है। लेकिन यदि एक घंटे का समय उपलब्ध होगा, तो उपयोगकर्ता अपनी गलती पहचान कर उसे ठीक कर सकता है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान से बचाव होगा, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह कदम डिजिटल भुगतान प्रणाली में विश्वास को मजबूत करेगा। वर्तमान में कई लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने से हिचकिचाते हैं, विशेषकर बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग। उन्हें डर रहता है कि कहीं उनकी मेहनत की कमाई किसी धोखेबाज के हाथ न लग जाए। जब उन्हें यह भरोसा मिलेगा कि बड़े ट्रांजैक्शन पर एक सुरक्षा अवधि उपलब्ध है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे डिजिटल भुगतान को व्यापक स्वीकृति मिलने की संभावना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह प्रस्ताव विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उम्र के साथ तकनीकी समझ में कमी आना स्वाभाविक है, और ऐसे में वे आसानी से साइबर अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं। एक घंटे का होल्ड उन्हें अपने परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से सलाह लेने का समय देगा। इससे उनके साथ होने वाले फ्रॉड के मामलों में कमी आ सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही, ‘व्हाइटलिस्ट’ की सुविधा इस व्यवस्था को और अधिक व्यावहारिक बनाती है। जिन लोगों या संस्थानों पर उपयोगकर्ता को भरोसा है, उन्हें पहले से सूचीबद्ध किया जा सकता है, जिससे नियमित लेन-देन में कोई बाधा न आए। इस प्रकार, सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह दिखाता है कि उद्देश्य केवल नियंत्रण नहीं, बल्कि सुरक्षित और सहज डिजिटल अनुभव प्रदान करना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">‘किल स्विच’ का विचार भी इस पूरी व्यवस्था को और मजबूत बनाता है। यदि किसी उपयोगकर्ता को यह संदेह हो कि उसका अकाउंट खतरे में है, तो वह तुरंत अपनी डिजिटल सेवाओं को बंद कर सकता है। एक घंटे का होल्ड और किल स्विच मिलकर एक बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली तैयार करते हैं, जो आधुनिक साइबर खतरों से निपटने में प्रभावी हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, यह भी स्वीकार करना होगा कि इस प्रकार की देरी से कुछ असुविधाएं हो सकती हैं। आज के तेज़-रफ्तार जीवन में लोग तत्काल लेन-देन के आदी हो चुके हैं। व्यापारिक गतिविधियों में भी त्वरित भुगतान की आवश्यकता होती है। लेकिन जब हम सुविधा और सुरक्षा के बीच चयन करते हैं, तो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सुरक्षा को प्राथमिकता देना अधिक उचित है। थोड़ी सी असुविधा बड़े नुकसान से बचा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कदम डिजिटल संस्कृति में एक सकारात्मक बदलाव भी ला सकता है। यह हमें सिखाता है कि हर निर्णय तुरंत लेना आवश्यक नहीं होता। कभी-कभी ठहराव भी जरूरी होता है। एक घंटे का यह विराम केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मानसिक अभ्यास भी है—संयम, सतर्कता और जिम्मेदारी का अभ्यास। यह हमें डिजिटल दुनिया में भी विवेकपूर्ण निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः, रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया का यह प्रस्ताव केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक सुरक्षा दर्शन है। यह हमें यह समझाने का प्रयास करता है कि प्रगति का अर्थ केवल गति नहीं, बल्कि सुरक्षित और संतुलित विकास भी है। एक घंटे की यह देरी वास्तव में हमारे आर्थिक जीवन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और संतुलित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह न केवल फ्रॉड को कम करेगा, बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:29:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मऊआइमा पुलिस की तत्परता से साइबर फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को 25 हजार रुपये मिले वापस।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मऊआइमा। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना मऊआइमा पुलिस टीम ने एक सराहनीय कार्य किया है। साइबर फ्रॉड का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते से कटे 25,000 रुपये को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वापस करवा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  थाना मऊआइमा साइबर पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार फरोग महमूद अंसारी पुत्र मंजूर अहमद अंसारी निवासी मोहल्ला आजमपुर थाना मऊआइमा, कमिश्नरेट प्रयागराज के खाते से साइबर ठगों द्वारा 25,000 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई थी। इस संबंध में पीड़ित द्वारा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173075/due-to-the-promptness-of-mauaima-police-the-victim-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0159.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मऊआइमा। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना मऊआइमा पुलिस टीम ने एक सराहनीय कार्य किया है। साइबर फ्रॉड का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते से कटे 25,000 रुपये को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वापस करवा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> थाना मऊआइमा साइबर पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार फरोग महमूद अंसारी पुत्र मंजूर अहमद अंसारी निवासी मोहल्ला आजमपुर थाना मऊआइमा, कमिश्नरेट प्रयागराज के खाते से साइबर ठगों द्वारा 25,000 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई थी। इस संबंध में पीड़ित द्वारा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत प्राप्त होते ही थाना मऊआइमा की साइबर पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्यवाही करते हुए पीड़ित के खाते से कटी पूरी धनराशि 25,000 रुपये वापस करा दी। पैसा वापस मिलने पर आवेदक फरोग महमूद अंसारी ने थाना मऊआइमा पुलिस तथा प्रयागराज पुलिस का आभार व्यक्त किया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 23:21:54 +0530</pubDate>
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