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                <title>Rainwater Drainage - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Rainwater Drainage RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नगर निगम विस्तार के बाद भी शिक्षक कॉलोनी विकास से वंचित,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इसके</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183377/teachers-colony-deprived-of-development-even-after-expansion-of-municipal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी के माडौका रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल वाली गली के अंतिम छोर पर बनी शिक्षक कॉलोनी के लगभग 50 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का विस्तार इस क्षेत्र तक हो चुका है और यहां के निवासी पिछले दो वर्षों से हाउस टैक्स सहित अन्य नगर निगम करों का नियमित भुगतान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसके बावजूद आज तक न तो सड़क अथवा खड़ंजा का निर्माण कराया गया है और न ही जल निकासी के लिए नाली बनाई गई है।क्षेत्रवासियों के अनुसार राजकुमार श्रीवास्तव के घर से लेकर लोटन कुशवाहा के घर तक सड़क और नाली का पूर्ण अभाव है। बारिश के दौरान पानी जमा होने से पूरे मोहल्ले में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि शिक्षक कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर सड़क एवं नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो बारिश के मौसम में लोग सड़क पर नहीं, बल्कि पानी से भरे नालों जैसे रास्तों से गुजरने को विवश होंगे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:18:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अर्बन फ्लड नियंत्रण को लेकर मंडल स्तरीय बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, संवाददाता।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अर्बन फ्लड नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन स्थापित करने सहित वर्षा जल की सुचारु निकासी के लिए तैयार की गई योजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने की। बैठक</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173069/divisional-level-meeting-regarding-urban-flood-control"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0155.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, संवाददाता।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अर्बन फ्लड नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन स्थापित करने सहित वर्षा जल की सुचारु निकासी के लिए तैयार की गई योजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने की। बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज, नगर आयुक्त साई तेजा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शहर में वर्षा ऋतु के दौरान निचले इलाकों में उत्पन्न होने वाली जलभराव की समस्या और उसके स्थायी समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में नगर निगम द्वारा चिन्हित उन क्षेत्रों की समीक्षा की गई, जहां बरसात के समय जलभराव की समस्या अधिक गंभीर हो जाती है। ऐसे स्थानों पर वर्षा जल की निकासी को प्रभावी बनाने के लिए नालों पर डैम और गेट लगाने के साथ-साथ पंपिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन पंपिंग स्टेशनों की मदद से अतिरिक्त वर्षा जल को तेजी से बाहर निकाला जा सकेगा, जिससे निचले और संवेदनशील इलाकों में जलजमाव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि यह विस्तृत परियोजना प्राक्कलन सी एंड डी एस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा नगर निगम के समन्वय से तैयार किया गया है। इसमें निर्माण कार्य के साथ-साथ पांच वर्षों के संचालन और अनुरक्षण (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) का खर्च भी शामिल किया गया है, ताकि व्यवस्था का सुचारु संचालन लंबे समय तक सुनिश्चित किया जा सके।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में यह भी बताया गया कि शहर में तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ती आबादी और कई स्थानों पर प्राकृतिक जल निकासी मार्गों के अवरुद्ध होने के कारण वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले रही है। पूर्व में खुले और निचले क्षेत्रों में अब बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होने से पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे जल निकासी की समस्या बढ़ती जा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन से पहले प्रस्तावित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाए। साथ ही स्थानीय वार्ड के नागरिकों को प्रस्तावित डिजाइन की जानकारी देते हुए उनका फीडबैक भी लिया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की व्यावहारिक समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी दिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी कार्य नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइडलाइन के अनुरूप किए जाएंगे। पंपिंग सिस्टम से निकलने वाले जल के प्रवाह की सटीक निगरानी के लिए फ्लो-मीटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पंप कंट्रोल पैनल में रिमोट मॉनिटरिंग और कम्युनिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे केंद्रीय मॉनिटरिंग कक्ष को वास्तविक समय में जानकारी मिलती रहेगी और पूरी प्रणाली की प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रशासन का मानना है कि इस योजना के लागू होने के बाद शहर के निचले और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में बरसात के समय होने वाली समस्याओं में काफी हद तक कमी आएगी और नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 23:08:49 +0530</pubDate>
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