<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/56127/soumya-agarwal-commissioner" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Soumya Agarwal Commissioner - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/56127/rss</link>
                <description>Soumya Agarwal Commissioner RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संगम तट पर भव्य गंगा आरती: आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति का दिव्य संगम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> शुक्रवार को पावन त्रिवेणी संगम तट पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में आयोजित संगम आरती का दिव्य और भव्य आयोजन सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का अद्भुत प्रतिबिंब बनकर उभरा। इस अवसर पर प्रयागराज की कमिश्नर अपनी सहपरिवार गरिमामयी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।इस पावन आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने हेतु तेलंगाना स्थित  से पधारे  (वेदा स्वामी जी) का सान्निध्य प्राप्त हुआ। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उनके साथ आई ऋषिकन्याओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को वैदिक ज्ञान और सनातन परंपराओं की गहराई से ओत-प्रोत कर दिया सायंकालीन बेला में जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर अग्रसर हुआ,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173750/grand-ganga-aarti-on-the-banks-of-sangam-a-divine"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260320-wa0277.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> शुक्रवार को पावन त्रिवेणी संगम तट पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में आयोजित संगम आरती का दिव्य और भव्य आयोजन सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का अद्भुत प्रतिबिंब बनकर उभरा। इस अवसर पर प्रयागराज की कमिश्नर अपनी सहपरिवार गरिमामयी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं।इस पावन आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने हेतु तेलंगाना स्थित  से पधारे  (वेदा स्वामी जी) का सान्निध्य प्राप्त हुआ। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उनके साथ आई ऋषिकन्याओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को वैदिक ज्ञान और सनातन परंपराओं की गहराई से ओत-प्रोत कर दिया सायंकालीन बेला में जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर अग्रसर हुआ, संगम तट दीपों की दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।परमार्थ त्रिवेणी पुष्प के ऋषिकुमारों एवं वेद विद्यापीठ की ऋषिकन्याओं ने अनुशासन,श्रद्धा और समर्पण के साथ भव्य गंगा आरती प्रस्तुत की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> वैदिक मंत्रों की गूंज ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति का संचार किया। यह दृश्य प्राचीन गुरुकुल परंपरा के पुनर्जीवन का सजीव उदाहरण बना।इस अवसर पर कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि  अध्यक्ष  पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित यह संगम आरती भारतीय संस्कृति, एकता और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और नई पीढ़ी को सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्वामी वेद विद्यानंदगिरि ने अपने संदेश में वेदों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक हम अपनी वैदिक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर से जुड़े रहेंगे, तब तक समाज सुदृढ़ और संतुलित बना रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति को समझें, अपनाएं और उसके संरक्षण में सक्रिय योगदान दें।</div></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173750/grand-ganga-aarti-on-the-banks-of-sangam-a-divine</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173750/grand-ganga-aarti-on-the-banks-of-sangam-a-divine</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 20:29:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260320-wa0277.jpg"                         length="116387"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अर्बन फ्लड नियंत्रण को लेकर मंडल स्तरीय बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, संवाददाता।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अर्बन फ्लड नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन स्थापित करने सहित वर्षा जल की सुचारु निकासी के लिए तैयार की गई योजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने की। बैठक</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173069/divisional-level-meeting-regarding-urban-flood-control"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0155.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, संवाददाता।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अर्बन फ्लड नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन स्थापित करने सहित वर्षा जल की सुचारु निकासी के लिए तैयार की गई योजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने की। बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज, नगर आयुक्त साई तेजा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने शहर में वर्षा ऋतु के दौरान निचले इलाकों में उत्पन्न होने वाली जलभराव की समस्या और उसके स्थायी समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में नगर निगम द्वारा चिन्हित उन क्षेत्रों की समीक्षा की गई, जहां बरसात के समय जलभराव की समस्या अधिक गंभीर हो जाती है। ऐसे स्थानों पर वर्षा जल की निकासी को प्रभावी बनाने के लिए नालों पर डैम और गेट लगाने के साथ-साथ पंपिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन पंपिंग स्टेशनों की मदद से अतिरिक्त वर्षा जल को तेजी से बाहर निकाला जा सकेगा, जिससे निचले और संवेदनशील इलाकों में जलजमाव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि यह विस्तृत परियोजना प्राक्कलन सी एंड डी एस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा नगर निगम के समन्वय से तैयार किया गया है। इसमें निर्माण कार्य के साथ-साथ पांच वर्षों के संचालन और अनुरक्षण (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) का खर्च भी शामिल किया गया है, ताकि व्यवस्था का सुचारु संचालन लंबे समय तक सुनिश्चित किया जा सके।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में यह भी बताया गया कि शहर में तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ती आबादी और कई स्थानों पर प्राकृतिक जल निकासी मार्गों के अवरुद्ध होने के कारण वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले रही है। पूर्व में खुले और निचले क्षेत्रों में अब बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होने से पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे जल निकासी की समस्या बढ़ती जा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन से पहले प्रस्तावित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाए। साथ ही स्थानीय वार्ड के नागरिकों को प्रस्तावित डिजाइन की जानकारी देते हुए उनका फीडबैक भी लिया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की व्यावहारिक समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी दिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी कार्य नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइडलाइन के अनुरूप किए जाएंगे। पंपिंग सिस्टम से निकलने वाले जल के प्रवाह की सटीक निगरानी के लिए फ्लो-मीटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पंप कंट्रोल पैनल में रिमोट मॉनिटरिंग और कम्युनिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे केंद्रीय मॉनिटरिंग कक्ष को वास्तविक समय में जानकारी मिलती रहेगी और पूरी प्रणाली की प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रशासन का मानना है कि इस योजना के लागू होने के बाद शहर के निचले और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में बरसात के समय होने वाली समस्याओं में काफी हद तक कमी आएगी और नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173069/divisional-level-meeting-regarding-urban-flood-control</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173069/divisional-level-meeting-regarding-urban-flood-control</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 23:08:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260309-wa0155.jpg"                         length="165768"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        