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                <title>Waterlogging Issue - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Waterlogging Issue RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>झूंसी में जलनिकासी संकट: नैका सहित कई इलाकों में नालियों का अभाव बना बड़ी समस्या।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज । सरस सिंह की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से नैका, नई बस्ती, कटका, और आसपास के कई मोहल्लों में नालियों के अभाव और जर्जर जलनिकासी व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बरसात में बनता है ‘तालाब’।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी के नैका इलाके में हल्की बारिश भी सड़कों को तालाब में बदल देती है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174374/drainage-crisis-in-jhunsi-lack-of-drains-has-become-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260327-wa0053.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज । सरस सिंह की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से नैका, नई बस्ती, कटका, और आसपास के कई मोहल्लों में नालियों के अभाव और जर्जर जलनिकासी व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। हर साल बारिश के मौसम में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बरसात में बनता है ‘तालाब’।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">झूंसी के नैका इलाके में हल्की बारिश भी सड़कों को तालाब में बदल देती है। पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण गंदा पानी कई दिनों तक सड़कों और गलियों में जमा रहता है। इससे न केवल आवागमन बाधित होता है बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि कई बार घरों में भी पानी घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान को नुकसान उठाना पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>नालियों का अधूरा निर्माण और खराब रखरखाव</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई जगहों पर नालियों का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन अधूरा छोड़ दिया गया। जहां नालियां बनी भी हैं, वहां नियमित सफाई नहीं होने के कारण वे कचरे से भरी रहती हैं। परिणामस्वरूप पानी का बहाव रुक जाता है और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्थानीय लोगों में आक्रोश।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैका और आसपास के इलाकों के निवासियों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वादे तो करते हैं, लेकिन बाद में समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंदे पानी के जमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">जिम्मेदार कौन?</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी भी इस समस्या का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। योजनाएं बनती हैं, बजट भी पास होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम अधूरा रह जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या कहते हैं अधिकारी?।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में जलनिकासी सुधार के लिए योजनाएं बनाई गई हैं और जल्द ही काम शुरू होगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का विश्वास अब इन दावों पर कम ही रह गया है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 22:15:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालाब पाटकर बसाई कॉलोनी, अब तीन मोहल्ले जलमग्न जिम्मेदारों पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> कस्बा खीरी के मोहल्ला हनिया टोला में वर्षों पहले अवैध रूप से तालाब पाटकर की गई प्लाटिंग अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जल निकासी का रास्ता बंद होने से कस्बे के तीन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और सड़कों पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तालाब को नगर पंचायत के अभिलेखों में दर्ज बताया जाता है, उसे पहले पाट दिया गया और फिर उस पर प्लॉट काटकर रजिस्ट्री तक कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, कई मकानों का निर्माण भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173696/colony-settled-after-filling-pond-now-three-localities-submerged-questions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/0.0044.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी।</strong> कस्बा खीरी के मोहल्ला हनिया टोला में वर्षों पहले अवैध रूप से तालाब पाटकर की गई प्लाटिंग अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जल निकासी का रास्ता बंद होने से कस्बे के तीन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और सड़कों पर गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस तालाब को नगर पंचायत के अभिलेखों में दर्ज बताया जाता है, उसे पहले पाट दिया गया और फिर उस पर प्लॉट काटकर रजिस्ट्री तक कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, कई मकानों का निर्माण भी हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय तक प्रशासन की नजरों से ओझल रहा।समस्या बढ़ने पर मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की, जिसके बाद नगर पंचायत ने तालाब पाटने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी किया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब तालाब पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग और निर्माण हो रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर कहां थे? मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पीस कमेटी की बैठक में स्थानीय लोगों ने यह मुद्दा सीओ/सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी, सदर एसडीएम  अश्विनी सिंह और नायब तहसीलदार के सामने उठाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर सदर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार तालाबों के संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम तालाब पाटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन तालाब को पुनः खुदवाकर उसकी मूल स्थिति बहाल करेगा या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।फिलहाल गंदे पानी से जूझ रहे लोग राहत की आस लगाए प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 18:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने की नगर निकायों के  कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सिद्धार्थ मीटिंग हॉल में नगर निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नियमित रूप से कूड़ा उठान, नालियों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नगरवासियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173055/district-magistrate-reviewed-the-progress-of-works-of-municipal-bodies"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1773063705986.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सिद्धार्थ मीटिंग हॉल में नगर निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नियमित रूप से कूड़ा उठान, नालियों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नगरवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि कहीं भी कूड़े का ढेर दिखाई नहीं देना चाहिए और स्वच्छता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने नगर निकायों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, वाटर एटीम चालू कराने का एंव जिस वार्ड में   एटीम वाटर नहीं लगे वहां लगवाने का निर्देश दिया,जल निकासी व्यवस्था तथा पार्कों के रख-रखाव की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराया जाए तथा पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए समुचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकायों के सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ करें। शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निकायों के कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाती रहेगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।</div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 22:36:23 +0530</pubDate>
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