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                <title>Stray Animals - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Stray Animals RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दो दिन से सरकारी विद्यालय में घायल अवस्था में घूम रहा गाय का बछड़ा, माट साहब का नहीं गया ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
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<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
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<div>गौरतलब है कि कुछ दिन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182385/maat-saheb-did-not-pay-attention-to-the-cows-calf"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0098.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div> </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div> </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी विद्यालय का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कक्षाओं में आवारा कुत्तों का घूमना और ब्लैकबोर्ड की लकड़ी जलाकर खाना बनाते हुए दृश्य सामने आए थे। उस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा।</div>
<div> </div>
<div>अब एक बार फिर सामने आई यह तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? क्या सरकारी दावों की हकीकत यही है</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा अधिकारी और पशुपालन विभाग से तत्काल घायल बछड़े का उपचार कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।जब शिक्षा के मंदिर में मानवता घायल हो जाए, तब सवाल सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, पूरी व्यवस्था का होता है।"</div>
</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झांसी छावनी क्षेत्र में खुले में कचरा डंपिंग का मामला, MRF सेंटर को लेकर नगर निगम–छावनी परिषद आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>झांसी  </strong></p><p style="text-align:justify;">झांसी छावनी क्षेत्र में रिसाला चुंगी से मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर तक जाने वाली मुख्य सड़क पर खुले में कचरा डंपिंग का गंभीर मामला सामने आया है। सड़क किनारे प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे होने से पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ बेजुबान पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।</p><p style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता <strong>नरेंद्र कुशवाहा</strong> ने 1 मार्च 2026 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि रिसाला चुंगी से MRF सेंटर तक का मार्ग कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173047/case-of-open-garbage-dumping-in-jhansi-cantonment-area-municipal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-09-at-22.08.58.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>झांसी  </strong></p><p style="text-align:justify;">झांसी छावनी क्षेत्र में रिसाला चुंगी से मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर तक जाने वाली मुख्य सड़क पर खुले में कचरा डंपिंग का गंभीर मामला सामने आया है। सड़क किनारे प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे होने से पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ बेजुबान पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।</p><p style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता <strong>नरेंद्र कुशवाहा</strong> ने 1 मार्च 2026 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि रिसाला चुंगी से MRF सेंटर तक का मार्ग कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। उन्होंने कहा कि यहां पड़े प्लास्टिक और जहरीले कचरे को खाकर गाय व अन्य पशु बीमार हो रहे हैं, जो <strong>पशु क्रूरता निवारण अधिनियम</strong> और <strong>ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016</strong> का उल्लंघन है। शिकायत में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी।</p><p style="text-align:justify;">शिकायत पर संज्ञान लेते हुए <strong>झांसी छावनी परिषद</strong> के मुख्य अधिशासी अधिकारी <strong>अभिषेक आजाद</strong> ने 7 मार्च को अपनी रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि रिसाला चुंगी के पास रखा गया <strong>MRF कंटेनर छावनी परिषद का नहीं बल्कि नगर निगम का है</strong>। परिषद ने इस मामले में नगर निगम को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-09-at-22.08.58.jpeg" alt="शिकायतकर्ता नरेंद्र कुशवाहा का कहना है कि विभागों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा पर्यावरण और बेजुबान पशुओं को भुगतना पड़ रहा है।" width="890" height="1187"></img></p><p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सेना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कच्चे रास्तों की सफाई के लिए परिषद द्वारा <strong>15 दिनों के भीतर सफाई कार्य पूरा कराने का आश्वासन</strong> दिया गया है। साथ ही ट्रेंचिंग ग्राउंड का गेट खुला रहने के कारण पशुओं के अंदर प्रवेश करने की बात स्वीकार करते हुए भविष्य में इसे रोकने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।</p><p style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता <strong>नरेंद्र कुशवाहा</strong> का कहना है कि विभागों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा पर्यावरण और बेजुबान पशुओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को <strong>नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT)</strong> में ले जाया जाएगा।</p><p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सड़क किनारे कचरे के ढेर से बदबू और गंदगी फैल रही है, जिससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि नगर निगम और छावनी परिषद इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी कर पाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 22:19:54 +0530</pubDate>
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