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                <title>आध्यात्मिक प्रवचन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>आध्यात्मिक प्रवचन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जगत के मंगल का सुफल है भगवान श्रीकृष्ण का लोकावतार-दण्डी स्वामी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> नगर पंचायत के दीवानी वार्ड में हो रही श्रीमदभागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण एवं रूक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। कथाव्यास उत्तराखण्ड के बदरिका आश्रम से पधारे दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रूक्मणी का विवाह आत्मा का ईश्वर के प्रति समर्पण का नैतिक बोध कराता है। उन्होने श्रद्धालुओं को बताया कि राजकुमारी रूक्मणी के मन मे भगवान के गुणों का गुणगान सुनकर दिव्य भक्ति की चेतना जागृत हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी ने कहा कि रूक्मणी का भगवान श्रीकृष्ण से विवाह भक्त और ईश्वर के बीच सच्चे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177337/lord-shri-krishnas-lokavatar-dandi-swami-is-the-success"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260424-wa0149(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> नगर पंचायत के दीवानी वार्ड में हो रही श्रीमदभागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण एवं रूक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। कथाव्यास उत्तराखण्ड के बदरिका आश्रम से पधारे दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रूक्मणी का विवाह आत्मा का ईश्वर के प्रति समर्पण का नैतिक बोध कराता है। उन्होने श्रद्धालुओं को बताया कि राजकुमारी रूक्मणी के मन मे भगवान के गुणों का गुणगान सुनकर दिव्य भक्ति की चेतना जागृत हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी ने कहा कि रूक्मणी का भगवान श्रीकृष्ण से विवाह भक्त और ईश्वर के बीच सच्चे प्रेम का शाश्वत संदेश हैं। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जगत के मंगल और कल्याण का उत्सव बनकर धरा पर फलीभूत हुआ। कथा के दौरान सम्पूर्ण परिसर हरिनाम संकीर्तन एवं भक्ति संगीत की मधुर ध्वनियों से गुंजायमान रहा। देर शाम तक राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी भी कथा श्रवण को पहुंचे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की ओर से दण्डी स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी को आध्यात्मिक सम्मान सौंपा। वहीं व्यासपीठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य सांसद प्रमोद तिवारी को भी लोकमंगल का आशीष प्रदान हुआ। कथा का संचालन उच्च न्यायालय लखनऊ के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने किया। संयोजक शिक्षक रमाशंकर तिवारी, रामकिशोर तिवारी, रामराज तिवारी, रोहित तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, रामेश्वर तिवारी, कपिल तिवारी, दिवाकर नाथ शुक्ल, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, गिरीश मिश्र, माताफेर मिश्र, आचार्य विनोद मिश्र, लालजी त्रिपाठी, भानु प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, प्रमुख अमित प्रताप सिंह पंकज, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, आदि रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:46:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गरीबी सबसे बड़ा अभिशाप, भक्ति ही जीवन का सहारा: पं. बृजनंदन शास्त्री</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के छमनीखेड़ा गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पं. बृजनंदन शास्त्री ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथाव्यास ने कहा कि मनुष्य के जीवन में निर्धनता सबसे बड़ा अभिशाप है। गरीबी से बड़ा कोई दुख नहीं है। यह इंसान को भीतर से तोड़ देती है। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता वही है, जो श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी हो।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अंतिम दिन कंस वध, अक्रूर आगमन और परीक्षित मोक्ष का भावपूर्ण वर्णन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175100/poverty-is-the-biggest-curse-devotion-is-the-support-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260404-wa0269.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के छमनीखेड़ा गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पं. बृजनंदन शास्त्री ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथाव्यास ने कहा कि मनुष्य के जीवन में निर्धनता सबसे बड़ा अभिशाप है। गरीबी से बड़ा कोई दुख नहीं है। यह इंसान को भीतर से तोड़ देती है। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता वही है, जो श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंतिम दिन कंस वध, अक्रूर आगमन और परीक्षित मोक्ष का भावपूर्ण वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में एक सच्चा भक्त जन्म लेता है, उसका पूरा कुल धन्य हो जाता है। जहां सत्संग होता है, वह स्थान अपने आप पवित्र बन जाता है। सप्ताह भर चली कथा का समापन भक्ति भाव के साथ हुआ। गांव के लोगों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यवस्था से लेकर सेवा तक हर जगह गांव की एकजुटता दिखी। आयोजक मंडल के संरक्षक केशव तिवारी ने बताया कि रविवार दोपहर 12 बजे हवन-पूजन और पूर्णाहुति होगी। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर प्रोफेसर आरके सिंह,  अशोक तिवारी, अनूप तिवारी, सेवानिवृत्त फौजी संजय तिवारी, राजेंद्र दीक्षित, अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 20:09:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भागवत कथा के चौथे दिन राम अवतार.कृष्ण अवतार.वामन अवतार को सुनकर श्रोता हुए मंत्र मुग्ध </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अखरी पोस्ट कसेरुवा में सप्तवेदी, गणेश आंबिका, रूद्र हनुमत देव, सहित मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन मुख्य यजमान शिव सिंह, सपत्नीक किरन सिंह, के यहां आनंद मिश्रा के द्वारा संकल्पित सातवीं श्रीमद् भागवत कथा का हो रहा भव्य आयोजन।आपको बता दें कि, ग्राम सभा अखरी पोस्ट कसेरुवा जिला फतेहपुर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन हजारों की संख्या में दूर दराज से श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए भक्तों का उमड़ा भारी जन सैलाब।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">    भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित चंद्रेश कृष्ण शास्त्री  ने वामन</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175097/on-the-fourth-day-of-bhagwat-katha-the-listeners-were"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260404-wa0261.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अखरी पोस्ट कसेरुवा में सप्तवेदी, गणेश आंबिका, रूद्र हनुमत देव, सहित मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन मुख्य यजमान शिव सिंह, सपत्नीक किरन सिंह, के यहां आनंद मिश्रा के द्वारा संकल्पित सातवीं श्रीमद् भागवत कथा का हो रहा भव्य आयोजन।आपको बता दें कि, ग्राम सभा अखरी पोस्ट कसेरुवा जिला फतेहपुर में हो रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन हजारों की संख्या में दूर दराज से श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए भक्तों का उमड़ा भारी जन सैलाब।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित चंद्रेश कृष्ण शास्त्री  ने वामन अवतार कृष्ण अवतार एवं श्री राम अवतार की कथाओ का विस्तार रूप से व्याख्यान किया। कथा व्यास ने बताया कि, वामन अवतार में भगवान नारायण राजाबली से भगवान वामन ने तीन पग भूमि मांगी अपने गुरु शुक्राचार्य के माना करने पर भी राजाबली वामन भगवान को तीन पग भूमि दान कर दी। वामन भगवान ने तीन पग में ही पूरे ब्रह्मांड को नाप लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और राजाबली भगवान वामन को अपने द्वार पर खड़े रहने के लिए वरदान मांगा। कथा व्यास ने बताया कि, माता देवकी के गर्भ में आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया और कंस का वध कर दिया। कथा व्यास ने कृष्ण जन्म, वामन अवतार, राम अवतार, जैसे विभिन्न कथाओं का वर्णन करते हुए पांडाल में बैठे हजारों श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर यज्ञ शाला के मुख्य आचार्य पंडित सीताराम शास्त्री, यज्ञाचार्य  सुबोध शास्त्री, उपयज्ञाचार्य योगेंद्र नाथ त्रिपाठी, व्यवस्थापक शीतला बक्स सिंह, श्रवण मिश्रा, शेर सिंह, विजय बहादुर सिंह, राजा सिंह चौहान, अक्षत सिंह, शुभम सिंह, मोनू सिंह, विक्रम सिंह, हर्षित सिंह, निखिल सिंह, रंग बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह, कुलदीप एवं समस्त मित्रगण सहित आदि भक्त उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 20:05:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रज्ञा पुराण कथा सुनने से धन्य हो जाता है मानव जीवन : कैलाश नाथ तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नगर पंचायत बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया में चल रहे गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन वृहस्पतिवार रात श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की रोचक कथा सुनाते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रज्ञा पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से व्यक्ति के जीवन में आने वाले अनेक संकट दूर होते हैं और परिवार को उन्नति के मार्ग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173023/human-life-becomes-blessed-by-listening-to-pragya-purana-katha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1772803543856.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर,  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नगर पंचायत बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया में चल रहे गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन वृहस्पतिवार रात श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की रोचक कथा सुनाते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रज्ञा पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से व्यक्ति के जीवन में आने वाले अनेक संकट दूर होते हैं और परिवार को उन्नति के मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा मिलती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कथा व्यास ने भगवान विष्णु और नारद के संवाद का भी भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि नारद जी ने भगवान विष्णु से प्रश्न किया कि त्रेता युग में श्रीराम और द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर आपने पृथ्वी को पापों से मुक्त किया, लेकिन कलयुग में मनुष्य अनेक दुखों और परेशानियों से घिरा हुआ है। ऐसे में उसके दुखों का अंत कैसे होगा।</div><div style="text-align:justify;">इस पर भगवान विष्णु ने कहा कि कलयुग में मनुष्य के दुखों से मुक्ति पाने और सांसारिक भवसागर से पार होने का सरल उपाय प्रज्ञा पुराण का अध्ययन और उसके आदर्शों को जीवन में अपनाना है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कथा के समापन पर श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मिठाई लाल यादव, आदर्श राम मौर्य, जंगली यादव, लवकुश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 21:14:34 +0530</pubDate>
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