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                <title>Child Safety - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Child Safety RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कच्चे रास्ते पर फिसली स्कूल वैन, पलटने से मची अफरातफरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नगराम- लखनऊ। </strong>कमालपुर बिचलिका-कुबहरा मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर सोमवार को बारिश के कारण गीली हुई मिट्टी पर एक स्कूल वैन का पहिया फिसल गया। इससे वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के समय वैन में दो बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि दोनों बच्चे सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित वैन से बाहर निकालकर उनके घर पहुंचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, कमालपुर बिचलिका निवासी जसकरन अपनी निजी वैन संख्या <strong>यूपी32 एफए 2471</strong>  से श्री एमएल बाल विद्या मंदिर, कमालपुर बिचलिका में पढ़ने वाले बच्चों को रोजाना</p>
<p style="text-align:justify;">कमालपुर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185077/panic-created-when-school-van-overturned-after-slipping-on-unpaved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260810-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नगराम- लखनऊ। </strong>कमालपुर बिचलिका-कुबहरा मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर सोमवार को बारिश के कारण गीली हुई मिट्टी पर एक स्कूल वैन का पहिया फिसल गया। इससे वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के समय वैन में दो बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि दोनों बच्चे सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित वैन से बाहर निकालकर उनके घर पहुंचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, कमालपुर बिचलिका निवासी जसकरन अपनी निजी वैन संख्या <strong>यूपी32 एफए 2471</strong> से श्री एमएल बाल विद्या मंदिर, कमालपुर बिचलिका में पढ़ने वाले बच्चों को रोजाना उनके घर छोड़ने जाते हैं। सोमवार को वह तमोरिया निवासी अजीत सिंह के बच्चों ईशी सिंह (5) और रुद्र प्रताप सिंह (10) को स्कूल से लेकर घर जा रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">कमालपुर बिचलिका-कुबहरा मार्ग से करीब 500 मीटर आगे कच्चे रास्ते पर बारिश के कारण मिट्टी काफी गीली थी। इसी दौरान वैन का पहिया मिट्टी में फिसल गया। चालक जब तक वाहन को नियंत्रित करता, वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। अचानक वैन पलटने से दोनों बच्चों में अफरातफरी मच गई।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे की सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक चंद्रशेखर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों बच्चों को वैन से सुरक्षित बाहर निकलवाया। बच्चों को किसी प्रकार की चोट नहीं लगी थी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों बच्चों को सकुशल उनके घर पहुंचाया गया। पलटी वैन को भी रास्ते से हटवाने की कार्रवाई कराई गई।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>कच्चे रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद ग्रामीणों ने कच्चे मार्ग की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में रास्ते पर गीली मिट्टी के कारण वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:48:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कागजों में फेल स्कूल बसें, सड़क पर बच्चों की सुरक्षा का बड़ा सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong>  शासन के निर्देश पर विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा और वैध अभिलेखों की जांच को लेकर परिवहन विभाग का अभियान तेज हो गया है। सोमवार को एआरटीओ प्रशासन आर.सी. भारतीय के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने विभिन्न विद्यालय वाहनों की जांच की। जांच के दौरान श्री साईं एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स कॉलेज, कर्नलगंज की तीन स्कूल बसें निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं। तीनों वाहनों की फिटनेस, परमिट और इंश्योरेंस फेल पाए जाने पर परिवहन विभाग ने उन्हें जब्त कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से विद्यालय संचालकों और स्कूल वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया। विभाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185047/school-buses-fail-in-papers-big-question-of-safety-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1008044466.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा।</strong> शासन के निर्देश पर विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा और वैध अभिलेखों की जांच को लेकर परिवहन विभाग का अभियान तेज हो गया है। सोमवार को एआरटीओ प्रशासन आर.सी. भारतीय के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने विभिन्न विद्यालय वाहनों की जांच की। जांच के दौरान श्री साईं एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स कॉलेज, कर्नलगंज की तीन स्कूल बसें निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरीं। तीनों वाहनों की फिटनेस, परमिट और इंश्योरेंस फेल पाए जाने पर परिवहन विभाग ने उन्हें जब्त कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से विद्यालय संचालकों और स्कूल वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त किसी भी वाहन के दस्तावेजों में कमी अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एआरटीओ प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन और वाहन स्वामियों से अपील की है कि प्रत्येक स्कूल बस अथवा वैन का फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, बीमा समेत सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखें। साथ ही वाहनों की नियमित तकनीकी जांच कराकर बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में विद्यालय वाहनों की जांच लगातार जारी रहेगी। जांच के दौरान फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस अथवा अन्य अनिवार्य अभिलेखों में कमी मिलने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>लेकिन कार्रवाई के साथ उठे कई बड़े सवाल</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">तीन बसों की जब्ती के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या स्कूल वाहनों की जांच केवल फिटनेस, परमिट और इंश्योरेंस तक सीमित रहनी चाहिए? बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहन की <strong>निर्धारित क्षमता और उसमें वास्तविक रूप से बैठाए जा रहे बच्चों की संख्या</strong> की जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि किसी बस में निर्धारित सीटों से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है अथवा छोटी स्कूल वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाया जाता है, तो यह बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर जोखिम है। ऐसे वाहनों की नियमित निगरानी और जांच की जिम्मेदारी किसकी है, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>क्या सड़क पर निकलते समय होती है वास्तविक जांच?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">स्कूल वाहन प्रतिदिन बच्चों को लेकर सड़कों पर चलते हैं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि परिवहन विभाग की टीम क्या केवल कार्यालय में दस्तावेजों की जांच करती है या सड़क पर चल रहे वाहनों में भी यह देखती है कि उनमें निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे तो नहीं बैठाए गए हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">यदि किसी वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे पाए जाते हैं तो वाहन स्वामी के साथ विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। साथ ही यदि कोई वाहन लंबे समय तक नियमों का उल्लंघन करता हुआ चलता रहा है, तो निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>बच्चों की सुरक्षा कागजों से नहीं, जमीन पर नियमों के पालन से होगी</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">स्कूल बस की फिटनेस और बीमा जरूरी है, लेकिन केवल वैध दस्तावेज होना ही बच्चों की पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। वाहन में निर्धारित संख्या में ही बच्चे बैठें, चालक प्रशिक्षित और पात्र हो, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध हो तथा वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो—इन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन विभाग की मौजूदा कार्रवाई निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन अब अभिभावकों की नजर इस बात पर रहेगी कि अभियान केवल कुछ वाहनों की जब्ती तक सीमित रहता है या जिलेभर में स्कूल बसों और वैन की <strong>व्यापक और नियमित जांच</strong> भी की जाती है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सीधा सवाल</strong></h6>
<p style="text-align:justify;"><strong>जब बच्चों को लेकर चलने वाले वाहन रोज सड़क पर हैं, तो क्या परिवहन विभाग प्रत्येक स्कूल वाहन की वास्तविक क्षमता, बच्चों की संख्या और सुरक्षा मानकों की जांच सुनिश्चित करेगा? </strong>बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही भविष्य में भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरत केवल कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की है जिसमें <strong>नियम टूटने से पहले ही उन्हें रोक दिया जाए।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:15:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ मिलकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर शुरू की खास पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज :</strong> मनोरंजन के जरिए जरूरी सामाजिक मुद्दों पर लोगों से बात करने की अपनी कोशिश को आगे बढ़ाते हुए, सोनी मैक्स ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन के साथ साझेदारी की है। यह पहल रविवार, 16 अगस्त को रात 8 बजे सोनी मैक्स पर होने वाले मर्दानी 3 के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर से पहले बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">“हर घंटे 11 बच्चों का अपहरण किया जाता है और उन्हें गलत कामों में धकेला जाता है। हर लापता बच्चा किसी का बेटा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185043/started-a-special-initiative-for-the-safety-of-children-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260810-wa0070.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज :</strong> मनोरंजन के जरिए जरूरी सामाजिक मुद्दों पर लोगों से बात करने की अपनी कोशिश को आगे बढ़ाते हुए, सोनी मैक्स ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन के साथ साझेदारी की है। यह पहल रविवार, 16 अगस्त को रात 8 बजे सोनी मैक्स पर होने वाले मर्दानी 3 के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर से पहले बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">“हर घंटे 11 बच्चों का अपहरण किया जाता है और उन्हें गलत कामों में धकेला जाता है। हर लापता बच्चा किसी का बेटा या बेटी है। इसलिए किसी भी बच्चे के लापता होने की खबर को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि हर मिनट जरूरी होता है। पुलिस की भूमिका बहुत अहम् है, लेकिन बच्चों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि हम ज्यादा जागरूक रहें, बच्चों को समझें और समय पर कदम उठाएँ, तो मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर बच्चा सुरक्षित माहौल में आजादी और सम्मान के साथ बड़ा हो। मुझे खुशी है कि सोनी मैक्स बच्चों की सुरक्षा जैसे जरूरी मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने में मदद कर रहा है।” </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मर्दानी 3 के वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर के साथ हम फिल्म की कहानी से जुड़ी इस बात को लोगों तक और आगे ले जाना चाहते थे। बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए कैलाश सत्यार्थी ने पूरी जिंदगी काम किया है और दुनियाभर के लाखों लोगों को प्रेरित किया है। उनके साथ जुड़ना हमारी इसी सोच का हिस्सा है। इस पहल के जरिए हम परिवारों और समाज से सतर्क रहने और मिलकर यह कोशिश करने की अपील करना चाहते हैं कि हर बच्चा सुरक्षित रहे।”करीब पाँच दशकों से कैलाश सत्यार्थी बच्चों को तस्करी, बाल मजदूरी और शोषण से बचाने के लिए काम कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पहल मर्दानी 3 की कहानी से भी जुड़ी है। फिल्म बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों और उन्हें बचाने की जरूरत को सामने लाती है। रानी मुखर्जी की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में शिवानी शिवाजी रॉय की वापसी हो रही है, जो भारतीय सिनेमा की सबसे निडर पुलिस अधिकारियों में से एक हैं। जब कई छोटी लड़कियाँ अचानक लापता होने लगती हैं, तो उनकी तलाश से शुरू हुई जाँच धीरे-धीरे एक बड़े और डरावने खेल का पता लगाती है, जिसमें एक ताकतवर तस्करी नेटवर्क शामिल है। सच्चाई सामने लाने के लिए शिवानी के पास समय बहुत कम है। फिल्म हिम्मत, इंसाफ और मासूम बच्चों को बचाने की लड़ाई की कहानी है। देखना न भूलें मर्दानी 3 का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, रविवार, 16 अगस्त को रात 8 बजे, सिर्फ सोनी मैक्स पर।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:11:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि में 8 वर्षीय बच्ची का शव मिलने से सनसनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि-</strong> असम के श्रीभूमि जिले के मदनमोहन क्षेत्र में आठ वर्षीय एक बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची आज 8 जुलाई बुधवार सुबह से लापता थी। काफी तलाश के बाद उसका रक्तरंजित शव मदनमोहन के समीप एक जंगल से बरामद हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182986/sensation-after-dead-body-of-8-year-old-girl-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001605926.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि-</strong> असम के श्रीभूमि जिले के मदनमोहन क्षेत्र में आठ वर्षीय एक बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची आज 8 जुलाई बुधवार सुबह से लापता थी। काफी तलाश के बाद उसका रक्तरंजित शव मदनमोहन के समीप एक जंगल से बरामद हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 वर्षीय एक स्थानीय युवक को संदेह के दायरे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय तक यातायात बाधित रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति को नियंत्रित करने के लिए श्रीभूमि सदर थाना पुलिस तथा वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया और निष्पक्ष एवं त्वरित जांच का आश्वासन दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए करीमगंज सिविल अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोपी गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उतरांव थाना पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को थाना क्षेत्र के खोदायपुर स्थित कसिया का पूरा जाने वाले अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, थाना उतरांव में दर्ज मुकदमा संख्या 137/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) एवं 87 में दर्ज मामले की विवेचना की जा रही थी। इस मामले में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182253/accused-of-luring-a-minor-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0106.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उतरांव थाना पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को थाना क्षेत्र के खोदायपुर स्थित कसिया का पूरा जाने वाले अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, थाना उतरांव में दर्ज मुकदमा संख्या 137/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) एवं 87 में दर्ज मामले की विवेचना की जा रही थी। इस मामले में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के संबंध में परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रविवार को मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर इमरान (30 वर्ष) पुत्र मुसाफिर अहमद, निवासी ग्राम कसेरूआ कलां, सहसों, थाना सरायइनायत, कमिश्नरेट प्रयागराज को खोदायपुर स्थित कसिया का पूरा जाने वाले अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:49:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग को भगाने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ीं।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">थाना सरायममरेज पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों एवं पीड़िता के बयान के आधार पर गंभीर धाराओं की बढ़ोत्तरी करते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना सरायममरेज में मुकदमा अपराध संख्या 108/2026 धारा 137(2)/87 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुकदमा वादी द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को गांव का ही युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181983/the-wanted-accused-who-kidnapped-a-minor-was-arrested-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260621-wa0217.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना सरायममरेज पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों एवं पीड़िता के बयान के आधार पर गंभीर धाराओं की बढ़ोत्तरी करते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना सरायममरेज में मुकदमा अपराध संख्या 108/2026 धारा 137(2)/87 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुकदमा वादी द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को गांव का ही युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में थाना सरायममरेज पुलिस टीम ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त जयसिंह उर्फ सोनू पुत्र सुरेश कुमार वैस, निवासी ग्राम दुधरा, थाना सरायममरेज, कमिश्नरेट प्रयागराज को थाना क्षेत्र के ग्राम मोहिउद्दीनपुर स्थित नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस जांच के दौरान पीड़िता के बयान एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 64(2)(एम) भारतीय न्याय संहिता तथा 5/6 पॉक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की उम्र लगभग 20 वर्ष बताई जा रही है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181983/the-wanted-accused-who-kidnapped-a-minor-was-arrested-and</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:56:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल मजदूरी रोकने के तहत खन्ना में दुकानों और ढाबों की चेकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना, </strong> – डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की गाइडलाइंस के तहत, जीवनजोत प्रोजेक्ट के तहत बाल मजदूरी रोकने के लिए एक खास कैंपेन चलाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर रश्मि की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स ने कल खन्ना में अलग-अलग दुकानों और ढाबों पर सरप्राइज चेकिंग की, जहां बाल मजदूरी में लगे 09 बच्चों को बचाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर श्रीमती रश्मि ने बताया कि रेस्क्यू के बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, लुधियाना के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी काउंसलिंग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह कैंपेन लीगल ऑफिसर दीपक कुमार (डिस्ट्रिक्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181033/checking-of-shops-and-dhabas-in-khanna-to-stop-child"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000901108.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना, </strong> – डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की गाइडलाइंस के तहत, जीवनजोत प्रोजेक्ट के तहत बाल मजदूरी रोकने के लिए एक खास कैंपेन चलाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर रश्मि की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स ने कल खन्ना में अलग-अलग दुकानों और ढाबों पर सरप्राइज चेकिंग की, जहां बाल मजदूरी में लगे 09 बच्चों को बचाया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर श्रीमती रश्मि ने बताया कि रेस्क्यू के बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, लुधियाना के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी काउंसलिंग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह कैंपेन लीगल ऑफिसर दीपक कुमार (डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिस), शरद सूद (सुपरवाइजर) चाइल्ड हेल्प लाइन (1098), लुधियाना लेबर डिपार्टमेंट और पुलिस डिपार्टमेंट ने मिलकर चलाया। अवेयरनेस कैंपेन के दौरान लोगों को बताया गया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों से बाल मजदूरी न करवाई जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिला बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि ने कहा कि यह सरप्राइज चेकिंग भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि बाल मजदूरी को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:52:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फूलपुर पुलिस टीम द्वारा 01 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार,  पीड़िता/अपह्रता सकुशल बरामद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">थाना फूलपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-176/2026 धारा 87/137(2)/352 भा0न्या0सं0 से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त अभियुक्त आजाद यादव पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी देवली थाना फूलपुर कमिश्नरेट प्रयागराज को थाना फूलपुर पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-11.06.2026 को थाना फूलपुर क्षेत्रान्तर्गत बरना बाजार के पास से गिरफ्तार किया गया तथा मुकदमा उपरोक्त से सम्बंधित पीड़िता/अपह्रता को सकुशल बरामद कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा थाना फूलपुर क्षेत्रान्तर्गत सोइराई निवासिनी एक नाबालिक युवती को बहला-फुसला कर भगा ले जाने व उसके परिजनों से शिकायत करने पर गाली-गलौज करने के सम्बंध में दी गयी तहरीर के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181027/01-wanted-accused-arrested-by-phulpur-police-team-kidnapping-victim"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0093.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना फूलपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-176/2026 धारा 87/137(2)/352 भा0न्या0सं0 से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त अभियुक्त आजाद यादव पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी देवली थाना फूलपुर कमिश्नरेट प्रयागराज को थाना फूलपुर पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-11.06.2026 को थाना फूलपुर क्षेत्रान्तर्गत बरना बाजार के पास से गिरफ्तार किया गया तथा मुकदमा उपरोक्त से सम्बंधित पीड़िता/अपह्रता को सकुशल बरामद कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा थाना फूलपुर क्षेत्रान्तर्गत सोइराई निवासिनी एक नाबालिक युवती को बहला-फुसला कर भगा ले जाने व उसके परिजनों से शिकायत करने पर गाली-गलौज करने के सम्बंध में दी गयी तहरीर के आधार पर थाना फूलपुर पर मु0अ0सं0-176/26 उपरोक्त पंजीकृत किया गया था ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-* </div>
<div style="text-align:justify;">आजाद यादव पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी देवली थाना फूलपुर कमिश्नरेट प्रयागराज, उम्र करीब 22 वर्ष । </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:40:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन मिलाप : बिछड़ों को अपनों से मिलाने का मानवीय अभियान, परिवारों के आंसुओं में लौटी खुशियों की रोशनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">किसी घर का बेटा, बेटी, बहन, भाई या माता-पिता अचानक लापता हो जाएं तो उस परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने इस पीड़ा को करीब से महसूस किया हो। गुमशुदगी केवल किसी व्यक्ति का घर से दूर हो जाना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों, उम्मीदों और मानसिक शांति के खो जाने जैसा होता है। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जाती है। हर दरवाजे की आहट उन्हें उम्मीद देती है कि शायद उनका अपना लौट आया हो। हर फोन कॉल उन्हें चौंका देती है। ऐसे में जब वर्षों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181002/operation-milap-a-humanitarian-campaign-to-reunite-separated-people-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/delhi-police.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">किसी घर का बेटा, बेटी, बहन, भाई या माता-पिता अचानक लापता हो जाएं तो उस परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने इस पीड़ा को करीब से महसूस किया हो। गुमशुदगी केवल किसी व्यक्ति का घर से दूर हो जाना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों, उम्मीदों और मानसिक शांति के खो जाने जैसा होता है। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जाती है। हर दरवाजे की आहट उन्हें उम्मीद देती है कि शायद उनका अपना लौट आया हो। हर फोन कॉल उन्हें चौंका देती है। ऐसे में जब वर्षों या महीनों से बिछड़ा कोई व्यक्ति अचानक परिवार से मिल जाता है तो वह क्षण किसी चमत्कार से कम नहीं होता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस द्वारा चलाया गया “ऑपरेशन मिलाप” इसी मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत मात्र एक महीने में 1470 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया। यह केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि हजारों टूटते हुए परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और खुशियों की वापसी का अभियान है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अभियान में 852 महिलाओं, 342 पुरुषों तथा 276 नाबालिग बच्चों और किशोरियों को खोजकर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। विशेष रूप से यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि बड़ी संख्या में किशोरियां और महिलाएं अपने परिवारों से बिछड़ गई थीं। ऐसे मामलों में समय के साथ परिवारों की चिंता कई गुना बढ़ जाती है। उन्हें हर पल किसी अनहोनी की आशंका सताती रहती है। ऐसे में पुलिस द्वारा इन लोगों को सुरक्षित ढूंढ़ निकालना निश्चित रूप से सराहनीय कार्य है।</div><div style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस ने केवल औपचारिक जांच तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि पुराने और लंबित मामलों को दोबारा खोलकर नए सिरे से जांच की। आधुनिक तकनीक, मोबाइल फोन विश्लेषण, सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी, विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और आश्रय गृहों की जांच जैसे अनेक माध्यमों का उपयोग किया गया। शिकायतकर्ताओं और गवाहों से दोबारा संपर्क कर नए सुराग जुटाए गए। यह दर्शाता है कि यदि इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता हो तो वर्षों पुराने मामलों में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।</div><div style="text-align:justify;">सूरत पुलिस द्वारा सर्वाधिक 341 गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाना भी इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर समर्पित प्रयास किस प्रकार बड़े परिणाम दे सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की यह सक्रियता उन परिवारों के लिए राहत का कारण बनी है जो वर्षों से अपने प्रियजनों की प्रतीक्षा में दिन गिन रहे थे।</div><div style="text-align:justify;">इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे समाज के सामने गुमशुदगी के वास्तविक कारण भी उजागर हुए हैं। पुलिस के विश्लेषण में सामने आया कि 14 से 17 वर्ष की आयु वर्ग की अनेक किशोरियां प्रेम संबंधों, पारिवारिक विवादों, अभिभावकों की डांट-फटकार अथवा पढ़ाई में असफलता जैसी परिस्थितियों के कारण घर छोड़कर चली गई थीं। कुछ मामले रोजगार की तलाश में पलायन करने वाले परिवारों से भी जुड़े पाए गए।</div><div style="text-align:justify;">यहां एक गंभीर सामाजिक संदेश छिपा हुआ है। जीवन में कठिनाइयां, असफलताएं, पारिवारिक मतभेद या भावनात्मक उलझनें आना स्वाभाविक है। किशोरावस्था में भावनाएं अधिक संवेदनशील होती हैं और कई बार छोटी घटनाएं भी बहुत बड़ी लगने लगती हैं। लेकिन घर छोड़ देना किसी समस्या का समाधान नहीं है। यह निर्णय क्षणिक आवेश में लिया जा सकता है, पर उसके परिणाम बहुत गंभीर होते हैं।</div><div style="text-align:justify;">कई बार बच्चों और किशोरों को लगता है कि उनके जाने से परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा या कुछ दिनों बाद सब सामान्य हो जाएगा। वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत होती है। जिस दिन कोई बच्चा या किशोर घर से लापता होता है, उसी दिन से उसके माता-पिता का चैन और नींद समाप्त हो जाती है। मां की आंखें दरवाजे पर लगी रहती हैं। पिता बाहर से मजबूत दिखने का प्रयास करता है, लेकिन भीतर से टूट चुका होता है। भाई-बहन चिंता और असुरक्षा के बीच जीते हैं। पूरा परिवार हर संभावित स्थान पर तलाश करता है, पुलिस थानों के चक्कर लगाता है और अनिश्चितता के अंधेरे में जीवन बिताता है।</div><div style="text-align:justify;">गुमशुदगी का दर्द केवल भावनात्मक नहीं होता, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी परिवारों को प्रभावित करता है। अनेक परिवार अपनी बचत तक खर्च कर देते हैं। कई लोग कामकाज छोड़कर अपने प्रियजन की तलाश में जुट जाते हैं। मानसिक तनाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में घर छोड़कर चले जाना न तो समझदारी है और न ही समस्याओं का समाधान।</div><div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता इस बात की है कि परिवारों और बच्चों के बीच संवाद को मजबूत बनाया जाए। अभिभावक बच्चों की भावनाओं को समझें और बच्चे अपने माता-पिता पर विश्वास करें। यदि पढ़ाई में असफलता मिली है, किसी बात पर डांट पड़ी है या जीवन में कोई परेशानी आई है, तो उसका समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है। परिवार ही वह स्थान है जहां व्यक्ति को सबसे अधिक सुरक्षा, प्रेम और सहयोग मिलता है।</div><div style="text-align:justify;">ऑपरेशन मिलाप की सफलता केवल आंकड़ों में नहीं मापी जा सकती। इसकी वास्तविक सफलता उन हजारों मुस्कानों में दिखाई देती है जो बिछड़ने के बाद फिर से लौट आईं। उन माताओं की आंखों में दिखाई देती है जिन्होंने वर्षों बाद अपने बच्चों को गले लगाया। उन परिवारों की खुशी में दिखाई देती है जिनकी उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी थीं।</div><div style="text-align:justify;">यह अभियान यह भी सिद्ध करता है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज के दुख-दर्द में सहभागी बनने वाली संवेदनशील व्यवस्था भी है। जब पुलिस किसी गुमशुदा व्यक्ति को उसके परिवार तक पहुंचाती है, तब वह केवल एक केस बंद नहीं करती बल्कि एक टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ती है।</div><div style="text-align:justify;">ऑपरेशन मिलाप ने हजारों परिवारों को नई जिंदगी दी है। यह अभियान मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही यह हम सभी को यह संदेश भी देता है कि जीवन की किसी भी कठिन परिस्थिति में घर और परिवार से दूर जाना समाधान नहीं है। संवाद, धैर्य और विश्वास ही हर समस्या का सबसे मजबूत उत्तर हैं। यदि यह संदेश समाज के प्रत्येक बच्चे और किशोर तक पहुंच जाए तो शायद भविष्य में अनेक परिवार गुमशुदगी की उस पीड़ा से बच सकेंगे, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं है।</div><div style="text-align:justify;">       </div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>                                                                           *कांतिलाल मांडोत*</strong></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:35:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल संरक्षण की आवश्यकता और वैश्विक प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जून को विश्वभर में मनाया जाता है। यह दिवस बच्चों की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से समर्पित है। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके बच्चे होते हैं क्योंकि वही भविष्य के नागरिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैज्ञानिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलाकार और नीति निर्माता बनते हैं। यदि बच्चों को सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षित और स्वस्थ वातावरण प्राप्त हो तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यदि वे शोषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिंसा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरीबी और उपेक्षा का सामना करते हैं</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180366/child-protection-needs-and-global-efforts"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/image.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जून को विश्वभर में मनाया जाता है। यह दिवस बच्चों की सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से समर्पित है। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके बच्चे होते हैं क्योंकि वही भविष्य के नागरिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैज्ञानिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलाकार और नीति निर्माता बनते हैं। यदि बच्चों को सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षित और स्वस्थ वातावरण प्राप्त हो तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यदि वे शोषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिंसा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरीबी और उपेक्षा का सामना करते हैं तो समाज का विकास भी प्रभावित होता है। इसी कारण बाल सुरक्षा केवल सामाजिक विषय नहीं बल्कि मानवीय और नैतिक दायित्व भी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस का इतिहास 20वीं शताब्दी के प्रारंभिक दशकों से जुड़ा हुआ है। 1925 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में बच्चों के कल्याण पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष चर्चा हुई। बाद में 1949 में मास्को में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला लोकतांत्रिक संघ की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बच्चों के संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष दिवस मनाया जाना चाहिए। इसके बाद 1 जून 1950 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस मनाया गया। उस समय द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण लाखों बच्चे अनाथ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विस्थापित और निर्धन हो चुके थे। युद्ध ने बच्चों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला था और उनकी सुरक्षा के लिए वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यही कारण था कि इस दिवस को मानवीय संवेदना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक माना गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समय के साथ इस दिवस का महत्व लगातार बढ़ता गया। संयुक्त राष्ट्र ने भी बच्चों के अधिकारों को वैश्विक स्तर पर महत्व दिया। 1954 में विश्व बाल दिवस की स्थापना की गई और 20 नवंबर 1959 को बाल अधिकारों की घोषणा स्वीकार की गई। इसके बाद 1989 में बाल अधिकारों पर सम्मेलन को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया। इस सम्मेलन में बच्चों के शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभिव्यक्ति और विकास के अधिकारों को स्पष्ट रूप से मान्यता दी गई। आज विश्व के अधिकांश देश बाल अधिकारों को कानूनी संरक्षण प्रदान करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी अनेक क्षेत्रों में बच्चों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाल संरक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष शिक्षा है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि आत्मविश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विवेक और व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। एक शिक्षित बच्चा अपने अधिकारों को समझता है और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने में सक्षम बनता है। फिर भी आज विश्व में करोड़ों बच्चे विद्यालय से दूर हैं। गरीबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युद्ध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक असमानता और बाल श्रम इसके प्रमुख कारण हैं। अनेक बच्चे आर्थिक मजबूरी के कारण छोटी आयु में काम करने लगते हैं जिससे उनका बचपन छिन जाता है। बाल श्रम बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को प्रभावित करता है तथा उन्हें शोषण के चक्र में फँसा देता है। इसलिए सरकारों और सामाजिक संगठनों का यह दायित्व है कि वे प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुँचाएँ और बाल श्रम को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाएँ।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाल विवाह भी बाल अधिकारों के लिए एक गंभीर चुनौती है। अनेक समाजों में आज भी कम आयु में बच्चों विशेषकर बालिकाओं का विवाह कर दिया जाता है। इससे उनकी शिक्षा बाधित होती है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कम आयु में मातृत्व अनेक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है। साथ ही बाल विवाह लड़कियों की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को भी सीमित कर देता है। इस समस्या के समाधान के लिए कानूनी प्रतिबंधों के साथ सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। जब तक समाज अपनी सोच में परिवर्तन नहीं लाएगा तब तक केवल कानून पर्याप्त सिद्ध नहीं होंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वर्तमान समय में बच्चों के सामने नई चुनौतियाँ भी उभर रही हैं। तकनीकी विकास ने जहाँ ज्ञान और संचार के नए अवसर दिए हैं वहीं अनेक जोखिम भी उत्पन्न किए हैं। इंटरनेट और सामाजिक माध्यमों के माध्यम से बच्चों का आभासी शोषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर धमकी और अनुपयुक्त सामग्री तक पहुँच बढ़ी है। अनेक बच्चे मानसिक तनाव और अकेलेपन का अनुभव कर रहे हैं। इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी भावनाओं को समझना और सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करना आज की आवश्यकता है। केवल तकनीकी नियंत्रण पर्याप्त नहीं है बल्कि बच्चों को सही और गलत के बीच अंतर समझाने की भी आवश्यकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का प्रश्न भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुका है। प्रतियोगिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारिवारिक तनाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक दबाव और अकेलापन बच्चों के मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यदि किसी बच्चे को प्रेम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सहयोग और समझ नहीं मिलती तो वह अवसाद और भय का शिकार हो सकता है। स्वस्थ मानसिक विकास के लिए बच्चों को ऐसा वातावरण चाहिए जहाँ वे अपनी भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें। परिवार और विद्यालय को बच्चों के लिए केवल अनुशासन का केंद्र नहीं बल्कि विश्वास और सुरक्षा का स्थान बनना चाहिए। एक संवेदनशील समाज ही स्वस्थ और आत्मविश्वासी पीढ़ी का निर्माण कर सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक स्तर पर युद्ध और प्राकृतिक आपदाएँ बच्चों के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। युद्धग्रस्त क्षेत्रों में लाखों बच्चे विद्यालयों से वंचित हो जाते हैं और अनेक बच्चों को विस्थापन का सामना करना पड़ता है। कुछ क्षेत्रों में बच्चों को सैनिक गतिविधियों में भी शामिल किया जाता है जो मानवता के लिए अत्यंत दुखद स्थिति है। प्राकृतिक आपदाएँ और महामारियाँ भी बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालती हैं। ऐसे समय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और मानवीय सहायता अत्यंत आवश्यक हो जाती है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ राहत कार्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चों की सहायता करने का प्रयास करती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समाज में बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक बच्चों को सही दिशा दे सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभिभावक उन्हें प्रेम और सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं तथा सामाजिक संगठन जागरूकता फैलाकर सहायता पहुँचा सकते हैं। विद्यालयों में बाल अधिकारों पर चर्चा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक कार्यक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निबंध प्रतियोगिताएँ और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं ताकि बच्चे अपने अधिकारों को समझ सकें। मीडिया भी बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि समाज का प्रत्येक वर्ग इस दिशा में सक्रिय हो जाए तो बच्चों के जीवन में बड़ा परिवर्तन संभव है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज आवश्यकता इस बात की है कि बाल संरक्षण को केवल सरकारी योजना न माना जाए बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जाए। प्रत्येक बच्चे को भोजन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और सुरक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। किसी भी बच्चे को हिंसा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शोषण और उपेक्षा का सामना न करना पड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सुनिश्चित करना पूरे समाज का दायित्व है। बच्चों के सपनों की रक्षा करना ही भविष्य की रक्षा करना है। यदि हम आज बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देंगे तो आने वाला समाज अधिक शांतिपूर्ण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायपूर्ण और मानवीय होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस हमें यह संदेश देता है कि बच्चों की सुरक्षा केवल एक दिन का विषय नहीं बल्कि निरंतर चलने वाला प्रयास है। यह दिवस हमें आत्मचिंतन करने और अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा देता है। प्रत्येक बच्चे में अपार संभावनाएँ छिपी होती हैं और उन संभावनाओं को विकसित करने के लिए प्रेम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा और सुरक्षा आवश्यक है। जब समाज बच्चों के अधिकारों का सम्मान करना सीख जाएगा तब वास्तविक प्रगति संभव होगी। यही इस दिवस की सबसे बड़ी सार्थकता है और यही वह संदेश है जिसे पूरी मानवता को अपनाना चाहिए।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 18:21:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बालक के अपहरण की झूठी सूचना फैलाने वाले चार लोग गिरफ्तार, पुलिस ने बालक को सकुशल बरामद किया</title>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज,से दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त और अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत फूलपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना फूलपुर क्षेत्र में बालक के अपहरण की भ्रामक सूचना फैलाने वाले तीन अभियुक्तों और एक अभियुक्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बालक को सकुशल बरामद करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त गंगानगर और अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के कुशल पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर के नेतृत्व में थाना फूलपुर पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 70/2026</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173073/four-people-arrested-for-spreading-false-information-about-child-kidnapping"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0257.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज,से दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त और अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत फूलपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना फूलपुर क्षेत्र में बालक के अपहरण की भ्रामक सूचना फैलाने वाले तीन अभियुक्तों और एक अभियुक्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बालक को सकुशल बरामद करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त गंगानगर और अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के कुशल पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर के नेतृत्व में थाना फूलपुर पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 70/2026 धारा 248/61(1)a/137(2) भा0न्या0सं0 से संबंधित चार आरोपियों को रविवार 9 मार्च 2026 को थाना फूलपुर क्षेत्र के परासिनपुर नहर के पास से गिरफ्तार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपियों में बजरंगी बिन्द (30 वर्ष) निवासी बौढ़ई कटौता थाना फूलपुर, उसकी पत्नी राधिका बिन्द (28 वर्ष), कमलेश कुमार बिन्द (30 वर्ष) तथा अखिलेश कुमार (19 वर्ष) निवासी ग्राम कोठरा थाना फतनपुर जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार कमलेश बिन्द का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी कारण उसने अपने पुत्र के पालन-पोषण के लिए उसे अपने जीजा बजरंगी बिन्द के घर रख दिया था। 7 मार्च 2026 को बालक की मौसी ने बालक की मां के साथ थाना फूलपुर में प्रार्थना पत्र देकर बच्चे को वापस दिलाने की मांग की थी। उस समय कमलेश बिन्द सूरत में था, इसलिए बजरंगी बिन्द ने बच्चे के संबंध में निर्णय पिता की मौजूदगी में कराने की बात कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जाता है कि काफी समझाने के बाद भी बजरंगी बिन्द ने बालक को वापस नहीं किया, जिसके चलते उसका चालान धारा 170 भा0ना0सु0सं0 के अंतर्गत किया गया। इसके बाद कमलेश बिन्द ने अपने जीजा बजरंगी बिन्द, बहन राधिका बिन्द और भाई अखिलेश कुमार के साथ मिलकर साजिश रची। योजना के तहत बालक को कहीं छिपा दिया गया और बालक की मां तथा मौसी पर अपहरण करने की झूठी खबर फैलाने की योजना बनाई गई, ताकि बच्चे को मां से अलग रखा जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">योजना के अनुसार 8 मार्च 2026 को थाना फूलपुर में बालक के अपहरण की सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस की सक्रियता के चलते बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया और झूठी सूचना देने के आरोप में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी:</div>
<div style="text-align:justify;">प्रभारी निरीक्षक शेषनाथ पाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सौरभ पाण्डेय, उपनिरीक्षक गिरीश चन्द्र मौर्य, उपनिरीक्षक विक्रांत कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल श्रीश कुमार मिश्रा शामिल रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 23:17:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>लखनऊ पुलिस ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी को दबोचा, तीन सहयोगी भी गिरफ्त में</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  राजधानी लखनऊ में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर लगाम कसने की मुहिम तेज करते हुए लखनऊ पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने और उसके साथ गलत हरकत करने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में कुल चार अभियुक्तों को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। यह कार्रवाई गोशाईंगंज थाने की टीम ने की, जिससे इलाके में सुरक्षा का मनोबल बढ़ा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त लखनऊ  के अनुसार, गोशाईंगंज थाने में 5 अगस्त को एक नाबालिग लड़की के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173021/lucknow-police-arrested-the-accused-of-raping-a-minor-girl"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260308-wa0044.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> राजधानी लखनऊ में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर लगाम कसने की मुहिम तेज करते हुए लखनऊ पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने और उसके साथ गलत हरकत करने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में कुल चार अभियुक्तों को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है। यह कार्रवाई गोशाईंगंज थाने की टीम ने की, जिससे इलाके में सुरक्षा का मनोबल बढ़ा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त लखनऊ  के अनुसार, गोशाईंगंज थाने में 5 अगस्त को एक नाबालिग लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपी अमन प्रजापति ने उनकी 15 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाकर शारीरिक शोषण किया। मामले की जांच में सामने आया कि अमन ने पीड़िता को 30 जून से 10 जुलाई 2025 तक कई बार बहाने बनाकर घर से बाहर निकाला और दुष्कृत्य किए। पीड़िता के बयान पर  (बलात्कार),  (धमकी) और POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोशाईंगंज थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अभियुक्त अमन प्रजापति पुत्र स्वर्ण प्रजापति निवासी ग्राम बेनीगंज जनपद बाराबंकी को 20 फरवरी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अमन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह पीड़िता को 'प्यार' के नाम पर फंसाकर शोषण कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य बरामद किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा, मामले में तीन अन्य सहयोगी भी फंस चुके हैं। प्रथम सहयोगी के रूप में मोहम्मद उस्मान पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मोहल्ला काजीपुरा गोशाईंगंज को 01 मार्च को गिरफ्तार किया गया। उस पर पीड़िता को अमन तक पहुंचाने और अपराध में सहायता करने का आरोप है। द्वितीय सहयोगी कैलाश पुत्र रामसहाय निवासी ग्राम दादरपुर गोशाईंगंज को 02 मार्च  को दबोचा गया, जो आरोपी अमन को आश्रय प्रदान करता था। तृतीय सहयोगी रामपाल जयसवाल पुत्र रामलखन निवासी ग्राम बेनीगंज को 03 मार्च को हिरासत में लिया गया। ये सभी अभियुक्त गोशाईंगंज थाने के अंतर्गत ही निवासी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, एक आरोपी- विवेक उर्फ बबलू पुत्र दादा राम निवासी ग्राम सरायनजाद गोशाईंगंज- अभी भी फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ  नोटिस जारी कर दिया है तथा उसे तलाशने के लिए मुखबिरों पर भरोसा जताया है। आयुक्त कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि "महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है, खासकर तब जब उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। पीड़िता को उचित चिकित्सकीय सहायता और काउंसलिंग प्रदान की जा रही है, तथा मामला कोर्ट में मजबूत साक्ष्यों के साथ पेश किया जाएगा। पुलिस ने अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल थाने या हेल्पलाइन 1090 पर दी जाए।</div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 21:09:59 +0530</pubDate>
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