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                <title>booth management - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>booth management RSS Feed</description>
                
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                <title>बांकीपुर में भाजपा की हार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बाकीपुर-</strong> विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए आत्ममंथन का एक बड़ा अवसर पैदा किया है। लंबे समय से मजबूत संगठन और अनुशासित कार्यकर्ता-आधार के लिए पहचानी जाने वाली भाजपा को इस सीट पर मिली हार ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल चुनावी हार थी, या संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी का संकेत? यही सवाल अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">चुनावी परिणामों के बाद पार्टी के कई स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच यह भावना सामने आई कि संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और सुझावों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184629/bjps-defeat-in-bankipur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/bankipur-assembly-by-election-prashant-kishor-wins-1785758730.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बाकीपुर-</strong> विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए आत्ममंथन का एक बड़ा अवसर पैदा किया है। लंबे समय से मजबूत संगठन और अनुशासित कार्यकर्ता-आधार के लिए पहचानी जाने वाली भाजपा को इस सीट पर मिली हार ने कई राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल चुनावी हार थी, या संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी का संकेत? यही सवाल अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">चुनावी परिणामों के बाद पार्टी के कई स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच यह भावना सामने आई कि संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और सुझावों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। यदि किसी राजनीतिक दल के समर्पित कार्यकर्ता स्वयं को निर्णय प्रक्रिया से अलग महसूस करने लगें, तो उसका प्रभाव चुनावी अभियान और मतदाताओं तक पहुंच पर पड़ना स्वाभाविक है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका बूथ स्तर का संगठन रहा है। लेकिन यदि यही संगठन पूरी सक्रियता और उत्साह के साथ मैदान में न दिखाई दे, तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। चुनाव केवल बड़े नेताओं की सभाओं से नहीं, बल्कि घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद स्थापित करने वाले कार्यकर्ताओं के परिश्रम से भी जीते जाते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उम्मीदवार चयन को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज रहीं। कई बार ऐसा देखा गया है कि स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय और सक्रिय चेहरों की अनदेखी होने पर कार्यकर्ताओं में निराशा पैदा होती है। यदि कार्यकर्ताओं को यह महसूस हो कि उनकी राय को पर्याप्त महत्व नहीं मिला, तो चुनावी ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बांकीपुर में स्थानीय मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे। क्षेत्र के विकास, सड़क, बिजली, पानी, रोजगार, महंगाई और जनसुविधाओं जैसे विषय मतदाताओं के लिए अहम रहे। विपक्ष ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास किया, जबकि भाजपा को इन पर अधिक प्रभावी संवाद स्थापित करने की आवश्यकता महसूस हुई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">चुनाव में जातीय और सामाजिक समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि विपक्ष विभिन्न सामाजिक समूहों को एक मंच पर लाने में सफल हो जाए और सत्ता पक्ष अपने पारंपरिक मतदाताओं को पूरी तरह मतदान केंद्र तक न पहुंचा सके, तो परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा के लिए यह हार एक चेतावनी भी है और अवसर भी। यदि पार्टी समय रहते संगठन की समीक्षा करे, कार्यकर्ताओं की बात सुने, स्थानीय नेतृत्व को अधिक महत्व दे और जनता के मुद्दों पर निरंतर संवाद बनाए रखे, तो भविष्य में ऐसे परिणामों से बचा जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">लोकतंत्र में चुनावी हार किसी भी दल के लिए अंत नहीं होती, बल्कि सुधार और पुनर्निर्माण का अवसर होती है। भाजपा ने अतीत में भी कई चुनावी झटकों के बाद मजबूत वापसी की है। बांकीपुर का परिणाम भी पार्टी के लिए संगठनात्मक समीक्षा, कार्यकर्ता सम्मान और स्थानीय रणनीति को मजबूत करने का संदेश माना जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा इस परिणाम से क्या सीख लेती है और क्या संगठन तथा कार्यकर्ताओं के बीच संवाद को और मजबूत बनाकर जनता का विश्वास दोबारा हासिल करने में सफल होती है। बांकीपुर का जनादेश केवल एक सीट का फैसला नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए यह संदेश भी है कि लोकतंत्र में जनता और कार्यकर्ता—दोनों की आवाज़ को समान महत्व देना आवश्यक है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:19:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी का चुनावी मैदान: मुकाबला फिर से भाजपा बनाम सपा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>राजीव शुक्ल </strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश की सियासत का गणित पिछले </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi">  साल से लगभग तय है। यहाँ सत्ता की चाबी हमेशा दो बड़े खेमों के पास रही है। </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi">  का विधानसभा चुनाव भी इसी स्क्रिप्ट पर आगे बढ़ता दिख रहा है। मैदान में कई दल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर असली सीधी टक्कर भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा के बीच ही होगी। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi">  के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में सपा ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया था। प्रदेश में भाजपा को </span>33<span lang="hi" xml:lang="hi">  जबकि सपा को </span>37<span lang="hi" xml:lang="hi">  सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। लेकिन यह संभव है कि विधानसभा का चुनावी गणित अलग हो।</span>'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182451/up-electoral-battle-again-between-bjp-vs-sp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>राजीव शुक्ल </strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश की सियासत का गणित पिछले </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल से लगभग तय है। यहाँ सत्ता की चाबी हमेशा दो बड़े खेमों के पास रही है। </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> का विधानसभा चुनाव भी इसी स्क्रिप्ट पर आगे बढ़ता दिख रहा है। मैदान में कई दल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर असली सीधी टक्कर भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा के बीच ही होगी। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में सपा ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया था। प्रदेश में भाजपा को </span>33<span lang="hi" xml:lang="hi"> जबकि सपा को </span>37<span lang="hi" xml:lang="hi"> सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी। लेकिन यह संभव है कि विधानसभा का चुनावी गणित अलग हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में काफी लोकप्रिय हो चुके हैं खासकर अपने कड़े फैसले को लेकर। इसलिए विधानसभा चुनाव के गणित को अलग तरीकों से देखना होगा। भाजपा: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डबल इंजन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रिपल अटैक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की तैयारी- भाजपा यूपी में </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> और </span>2022<span lang="hi" xml:lang="hi"> में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई। उसका कोर नैरेटिव </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> चीजों पर टिका है: हिंदुत्व + विकास: अयोध्या में राम मंदिर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काशी विश्वनाथ कॉरिडोर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज कुंभ को भाजपा अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। साथ में एक्सप्रेसवे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेट्रो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नोएडा फिल्म सिटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे विकास प्रोजेक्ट फ्रंट पर हैं। लॉ एंड ऑर्डर: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">माफिया राज खत्म</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बुलडोजर मॉडल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा का सबसे बड़ा चुनावी हथियार बना है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक इसे कानून-व्यवस्था की गारंटी के रूप में बेचा जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र + राज्य का तालमेल: मोदी का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर और योगी का चेहरा राज्य स्तर पर। यह </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डबल इंजन</span>' 2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोकसभा में कुछ सीटों पर झटका खाने के बाद भी संगठन के लिए सबसे बड़ा भरोसा है। भाजपा की चुनौती: किसानों की नाराजगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी और आरक्षण जैसे मुद्दे। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोकसभा में पिछड़ा-दलित वोट में हुई सेंध को वापस लाना संगठन की प्राथमिकता है। सपा: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पीडीए</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉर्मूले से वापसी की कोशिश- अखिलेश यादव ने </span>2022<span lang="hi" xml:lang="hi"> के बाद अपनी राजनीति को पूरी तरह रीसेट किया। सपा अब </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एम-वाई समीकरण</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से आगे बढ़कर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पीडीए</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी पिछड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दलित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल्पसंख्यक के फॉर्मूले पर खेल रही है। सोशल इंजीनियरिंग: भाजपा के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">नॉन-यादव </span>OBC + <span lang="hi" xml:lang="hi">नॉन-जाटव दलित</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मॉडल को काटने के लिए सपा ने कुर्मी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निषाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाटव के अलावा मुस्लिम वोट को एकजुट करने की कोशिश की। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोकसभा में इसका असर दिखा भी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार और महंगाई: पेपर लीक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अग्निवीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी और महंगाई को सपा मुख्य मुद्दा बना रही है। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी भत्ता</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और पुरानी पेंशन बहाली जैसे वादे इसी दिशा में हैं। अखिलेश का सॉफ्ट हिंदुत्व: मंदिर जाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कावड़ यात्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और समाजवादी पीडीए पंचायत से सपा उस </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">तुष्टीकरण</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के टैग को तोड़ने की कोशिश कर रही है जो उसे पहले घेरता था। सपा की चुनौती: संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवारवाद के आरोप से बचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मुस्लिम+यादव के बाहर दूसरे पिछड़ों को स्थायी तौर पर जोड़ना।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाकी दल कहाँ हैं</span>? - <span lang="hi" xml:lang="hi">बसपा: मायावती अभी भी दलित वोट की सबसे बड़ी ध्रुव हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>2022 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">में उनका वोट बैंक खिसका। अगर वो अकेले लड़ती हैं तो वो भाजपा या सपा में से एक का नुकसान करेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर खुद सत्ता की रेस से बाहर दिख रही हैं। कांग्रेस: राहुल-प्रियंका के यूपी फोकस के बाद भी संगठन जमीन पर कमजोर है। वो कुछ सीटों पर सपा को फायदा या नुकसान दे सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर मुख्य मुकाबला नहीं। </span>RLD + <span lang="hi" xml:lang="hi">अन्य: जयंत चौधरी </span>NDA <span lang="hi" xml:lang="hi">में हैं। निषाद पार्टी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपना दल भाजपा के साथ। ओम प्रकाश राजभर भी भाजपा के साथ। ये सब वोट कटवा या वोट ट्रांसफर का काम करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर फ्रेम भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा ही रहेगा। तो फैसला क्या होगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यूपी में चुनाव हमेशा जाति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धर्म</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और कानून-व्यवस्था के मिश्रण से तय होता है। </span>2027 <span lang="hi" xml:lang="hi">में भी फ्रेम यही रहेगा। भाजपा का दांव: हिंदुत्व + विकास + लॉ एंड ऑर्डर + मोदी-योगी का डबल चेहरा। सपा का दांव : पीडीए एकता + बेरोजगारी-महंगाई + </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">की मोमेंटम। बसपा का वोट जिस तरफ शिफ्ट हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ब्राह्मण-ठाकुर-बनिया </span>vs OBC-<span lang="hi" xml:lang="hi">दलित-मुस्लिम का ध्रुवीकरण जिस हद तक हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी पर सीटों का गणित बनेगा। जमीन पर चाहे जितने दल पोस्टर लगाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वोटर के दिमाग में लड़ाई दो ही खेमों के बीच है। एक तरफ योगी-मोदी की भाजपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी तरफ अखिलेश की सपा। यूपी </span>2027 = <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा </span>vs <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा। बाकी सब असर डालने वाले खिलाड़ी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य खिलाड़ी ये दो ही हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:40:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उ.प्र. में भाजपा का नया संगठन: 'मिशन 2027' की तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला (संपादक )</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश में </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi">  के विधानसभा चुनाव से करीब </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi">  महीने पहले उत्तर प्रदेश भाजपा में सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव दस्तक दे रहा है। दिसंबर </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi">  में पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब पार्टी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">टीम यूपी </span>2.0' <span lang="hi" xml:lang="hi">को अंतिम रूप देने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव सिर्फ फेरबदल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi">  की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">वार रूम टीम</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है।</span></p>
<p class="MsoNormal">50%<span lang="hi" xml:lang="hi">  तक नए चेहरे को तबज्जों दी गई हैं और यह</span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एंटी-इंकबेंसी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">काटने की तैयारी है। बीजेपी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि नई टीम में</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182140/bjps-new-organization-in-uttar-pradesh-intensifies-preparations-for-mission"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(5).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला (संपादक )</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश में </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> के विधानसभा चुनाव से करीब </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने पहले उत्तर प्रदेश भाजपा में सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव दस्तक दे रहा है। दिसंबर </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब पार्टी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">टीम यूपी </span>2.0' <span lang="hi" xml:lang="hi">को अंतिम रूप देने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव सिर्फ फेरबदल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">वार रूम टीम</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है।</span></p>
<p class="MsoNormal">50%<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक नए चेहरे को तबज्जों दी गई हैं और यह</span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एंटी-इंकबेंसी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">काटने की तैयारी है। बीजेपी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि नई टीम में करीब </span>50%<span lang="hi" xml:lang="hi"> बदलाव होंगे। इसका मकसद है- नए चेहरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नया जोश: लंबे समय से एक ही पद पर जमे लोगों को हटाकर युवा और बूथ लेवल तक पकड़ रखने वालों को मौका। दोहरी जिम्मेदारी खत्म: कई पदाधिकारियों के पास संगठन + सरकार दोनों का चार्ज है। अब इसे खत्म किया जाएगा। </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> का सबक: लोकसभा चुनाव में यूपी में सीटें घटने के बाद पार्टी अब </span>PDA <span lang="hi" xml:lang="hi">के जवाब में </span>OBC-<span lang="hi" xml:lang="hi">युवा आउटरीच पर फोकस कर रही है। सभी </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूपी को भाजपा ने </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्षेत्रों में बांटा है: काशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोरखपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुंदेलखंड। भाजपा ने सभी </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है । नए अध्यक्ष अपनी टीम खुद बनाएंगे। जाति-क्षेत्र का फॉर्मूला:</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम: गुर्जर-वैश्य को तवज्जो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवध: ब्राह्मण नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति। ब्रज में शाक्य या लोध समाज से बड़ा चेहरा। काशी में </span>OBC, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर पटेल/कुर्मी प्रतिनिधित्व। प्रदेश कार्यकारिणी में बड़ा कट- वर्तमान में प्रदेश टीम में </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> महामंत्री</span>, 18<span lang="hi" xml:lang="hi"> उपाध्यक्ष</span>, 16<span lang="hi" xml:lang="hi"> सचिव हैं। क्या बदलेगा: महामंत्री </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> होंगे। यूपी की विशालता को देखते हुए ढांचा तो वही रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पद कम होंगे। युवा + महिला: टीम में एक तिहाई महिलाओं को प्रतिनिधित्व। उम्र पर खास ध्यान। </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> मोर्चों के नए अध्यक्ष: युवा मोर्चा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिला मोर्चा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ओबीसी</span>, SC, ST, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष भी जल्द घोषित होंगे। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रिमंडल के बाद संगठन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मॉडल- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में कैबिनेट विस्तार किया। अब उसी तर्ज पर संगठन में बदलाव हो रहा है। संतुलन का खेल: जिन क्षेत्रों से मंत्री ज्यादा हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां संगठन में पद कम होंगे ताकि असंतुलन न रहे। ब्रज: </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> मंत्री हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए संगठन में भागीदारी कम हो सकती है</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गोरखपुर: कैबिनेट में विस्तार नहीं मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्रदेश इकाई में ज्यादा चेहरे मिल सकते हैं।  </span>PDA vs <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा का नया फॉर्मूला। </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> पिलर पर है। </span>PDA <span lang="hi" xml:lang="hi">का मुकाबला*: गैर-यादव </span>OBC <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे कुर्मी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौर्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सैनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निषाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजभर को अहम जिम्मेदारी। पंकज चौधरी का कुर्मी बैकग्राउंड पूर्वांचल में </span>OBC <span lang="hi" xml:lang="hi">वोट साधेगा। बूथ मजबूती: सोशल मीडिया + जमीनी अभियान में सक्रिय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बूथ तक पकड़ वाले चेहरे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्रीय संतुलन: पूर्वांचल के बाद अब पश्चिम यूपी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बुंदेलखंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवध</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रज को ज्यादा प्रतिनिधित्व।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ये सिर्फ संगठन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भाजपा का </span>'2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> मॉडल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है। लक्ष्य साफ है - नए चेहरों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक समीकरण और बूथ मैनेजमेंट के जरिए सपा के </span>PDA <span lang="hi" xml:lang="hi">को काटकर फिर से </span>2/3<span lang="hi" xml:lang="hi"> बहुमत लाना।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अब देखना ये है कि </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">परफॉर्मेंस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">जीतता है या </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पैरवी</span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">।</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:07:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र के निर्माता होते है-विधायक राजमणि कोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>कोराव (प्रयागराज)</strong></div>
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<div>भारतीय जनता पार्टी बड़ोखर मंडल शारदा कान्वेंट स्कूल बड़ोखर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में पार्टी के वक्ताओं ने संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया तथा सरकार की उपलब्धियों पर कार्यकर्ताओं को विस्तृत प्रशिक्षण दिया।</div>
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<div>द्वितीय दिवस के चौथे सत्र में जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी तिवारी ने संगठन विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन का विस्तार केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रचेतना जागृत करने के लिए किया जाता है।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172933/bjp-workers-are-the-builders-of-the-nation-mla"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/rajneeti2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>कोराव (प्रयागराज)</strong></div>
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<div>भारतीय जनता पार्टी बड़ोखर मंडल शारदा कान्वेंट स्कूल बड़ोखर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में पार्टी के वक्ताओं ने संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया तथा सरकार की उपलब्धियों पर कार्यकर्ताओं को विस्तृत प्रशिक्षण दिया।</div>
<div> </div>
<div>द्वितीय दिवस के चौथे सत्र में जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी तिवारी ने संगठन विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन का विस्तार केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रचेतना जागृत करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच बनाकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।</div>
<div> </div>
<div>पांचवें सत्र में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी ने बूथ प्रबंधन एवं ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि बूथ समितियों में सभी वर्गों का समावेश, निरंतर संवाद, सम्पर्क प्रवास और नियमित बैठकें ही “मेरा बूथ सबसे मजबूत” अभियान की आधारशिला हैं।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने बताया कि यदि बूथ स्तर पर नियमित अवलोकन और विश्लेषण के साथ कार्य किया जाए तो संगठन की मजबूती सुनिश्चित होती है। उन्होंने बूथ पर आयोजित होने वाले छह प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुनने की संगठनात्मक रूपरेखा भी प्रस्तुत की।</div>
<div> </div>
<div>छठे सत्र में पूर्व जिला मंत्री अनिल मिश्र ने सोशल मीडिया, नमो ऐप, सरल ऐप तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के बारे में कार्यकर्ताओं को बिंदुवार जानकारी दी और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया।</div>
<div> </div>
<div>समापन सत्र को संबोधित करते हुए कोरांव विधायक राजमणि कोल ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें उद्योगों के नाम पर केवल ऋण देकर संस्थाओं को बंद होने की स्थिति में छोड़ देती थीं, जबकि वर्ष 2017 के बाद भाजपा सरकार ने देश-विदेश से उद्योगों को लाकर युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा किसानों-नौजवानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। साथ ही सरकारी नौकरियों के साथ व्यापार और उद्योग के लिए नि:शुल्क ऋण योजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता प्रांतीय परिषद सदस्य रामअवध कुशवाहा ने की, जबकि स्वागत एवं आभार मंडल अध्यक्ष रामराज सिंह पटेल ने व्यक्त किया।</div>
<div> </div>
<div>जमुना प्रसाद मिश्र,पवन कुमार पटेल,सूर्यवली पांडेय,अमरेन्द्र कुशवाहा आदि ने अलग-अलग सत्रो की अध्यक्षता की 24 घंटे के प्रशिक्षण कार्यशाला में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 00:57:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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