<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/54621/party-workers" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>party workers - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/54621/rss</link>
                <description>party workers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बालासाहेब की विरासत से राजनीतिक संघर्ष तक: क्यों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं उद्धव ठाकरे और बदलती शिवसेना</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं रही, बल्कि वह एक भावनात्मक आंदोलन और मराठी अस्मिता का प्रतीक भी रही है। इस आंदोलन की नींव शिवसेना संस्थापक  बालासाहेब ठाकरे ने रखी थी। उनकी आक्रामक शैली, स्पष्ट विचारधारा और कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ ने शिवसेना को महाराष्ट्र की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्तियों में शामिल कर दिया था। लेकिन समय के साथ राजनीति बदली, परिस्थितियां बदलीं और नेतृत्व भी बदला। आज शिवसेना के वर्तमान प्रमुख  उद्धव ठाकरे ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जिसे उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन समय माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181559/from-balasahebs-legacy-to-political-struggle-why-uddhav-thackeray-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas14.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं रही, बल्कि वह एक भावनात्मक आंदोलन और मराठी अस्मिता का प्रतीक भी रही है। इस आंदोलन की नींव शिवसेना संस्थापक  बालासाहेब ठाकरे ने रखी थी। उनकी आक्रामक शैली, स्पष्ट विचारधारा और कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ ने शिवसेना को महाराष्ट्र की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्तियों में शामिल कर दिया था। लेकिन समय के साथ राजनीति बदली, परिस्थितियां बदलीं और नेतृत्व भी बदला। आज शिवसेना के वर्तमान प्रमुख  उद्धव ठाकरे ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जिसे उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन समय माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में उद्धव ठाकरे की राजनीतिक स्थिति लगातार कमजोर होती दिखाई दी है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार बनने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला, लेकिन इसी फैसले ने उनके सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दीं। भाजपा के साथ दशकों पुराने गठबंधन को छोड़कर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाने का निर्णय शिवसेना के पारंपरिक समर्थकों के एक बड़े वर्ग को स्वीकार नहीं हुआ। पार्टी के भीतर भी असंतोष धीरे-धीरे बढ़ने लगा। यही असंतोष आगे चलकर बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया।</div>
<div style="text-align:justify;">साल 2022 में शिवसेना को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने बगावत कर दी। यह केवल विधायकों का विद्रोह नहीं था, बल्कि शिवसेना की संगठनात्मक ताकत और नेतृत्व क्षमता पर भी बड़ा सवाल था। शिंदे गुट ने दावा किया कि वह बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। इसके बाद चुनाव आयोग द्वारा पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को मिलने से उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) के रूप में अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखी। लोकसभा चुनावों में कुछ सफलता मिलने से ऐसा लगा कि पार्टी फिर से मजबूती की ओर बढ़ रही है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने एक बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी के सांसदों में असंतोष और संभावित टूट की खबरों ने यह संकेत दिया है कि संगठन अभी भी स्थिर नहीं हो पाया है। यदि सांसदों का बड़ा समूह अलग रास्ता चुनता है तो यह शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक और बड़ा राजनीतिक आघात साबित हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">उद्धव ठाकरे की सबसे बड़ी चुनौती यह रही है कि वे अपने पिता बालासाहेब ठाकरे जैसी जननेता की छवि नहीं बना सके। बालासाहेब कभी चुनाव नहीं लड़े, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी बात अंतिम मानी जाती थी। उनकी सभाओं में हजारों लोग जुटते थे और उनके एक बयान से राजनीतिक माहौल बदल जाता था। वे अपने समर्थकों के लिए एक करिश्माई नेता थे जिनकी पकड़ संगठन पर पूरी तरह बनी रहती थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके विपरीत उद्धव ठाकरे का व्यक्तित्व अपेक्षाकृत शांत और संयमित माना जाता है। वे टकराव की राजनीति की बजाय संवाद और संगठनात्मक प्रबंधन को प्राथमिकता देते रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कामकाज की कई लोगों ने सराहना की, विशेषकर कोविड-19 महामारी के दौरान। लेकिन राजनीति में केवल प्रशासनिक क्षमता ही पर्याप्त नहीं होती। संगठन को एकजुट रखना, कार्यकर्ताओं में उत्साह बनाए रखना और नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास कायम रखना भी उतना ही आवश्यक होता है। यही वह क्षेत्र है जहां उद्धव ठाकरे को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;">बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच सबसे बड़ा अंतर नेतृत्व शैली का दिखाई देता है। बालासाहेब की राजनीति भावनात्मक जुड़ाव, प्रखर हिंदुत्व और आक्रामक वक्तव्यों पर आधारित थी। वे सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद करते थे और पार्टी के भीतर असहमति की गुंजाइश बहुत कम रहती थी। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे अपेक्षाकृत सौम्य और संस्थागत शैली के नेता हैं। वे गठबंधन राजनीति में विश्वास रखते हैं और कई मुद्दों पर नरम रुख अपनाते दिखाई दिए हैं। यही कारण है कि शिवसेना के कुछ पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगा कि पार्टी अपनी मूल पहचान से दूर जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा से अलग होने का फैसला उद्धव ठाकरे के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। भाजपा और शिवसेना का गठबंधन दशकों पुराना था और दोनों दलों का मतदाता आधार भी काफी हद तक समान था। जब यह गठबंधन टूटा तो शिवसेना के सामने अपनी नई राजनीतिक पहचान स्थापित करने की चुनौती खड़ी हो गई। कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन ने तत्काल सत्ता तो दिलाई, लेकिन लंबे समय में इस फैसले की राजनीतिक कीमत भी चुकानी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;">आज स्थिति यह है कि शिवसेना दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है। एक ओर एकनाथ शिंदे का गुट सत्ता में है और उसके पास संगठन का बड़ा हिस्सा तथा आधिकारिक पार्टी पहचान है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे के पास सहानुभूति, एक समर्पित कार्यकर्ता वर्ग और ठाकरे परिवार की विरासत है। लेकिन केवल विरासत के आधार पर राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। इसके लिए मजबूत संगठन, प्रभावी नेतृत्व और लगातार जनसंपर्क की आवश्यकता होती है।</div>
<div style="text-align:justify;">हाल के दिनों में सांसदों और नेताओं की नाराजगी की खबरें यह बताती हैं कि उद्धव ठाकरे को अभी भी संगठन को मजबूत करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। उन्हें यह साबित करना होगा कि शिवसेना (यूबीटी) केवल एक भावनात्मक मंच नहीं, बल्कि भविष्य की एक मजबूत राजनीतिक शक्ति भी है। यदि वे पार्टी के भीतर विश्वास बहाल करने और नए नेतृत्व को आगे लाने में सफल होते हैं तो राजनीतिक वापसी की संभावना बनी रह सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे नाम आज भी प्रभाव रखता है। लेकिन वर्तमान दौर केवल नाम या विरासत के सहारे नहीं जीता जा सकता। राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और दलों के भीतर भी शक्ति संतुलन लगातार बदल रहा है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पार्टी को एकजुट रखना और जनता के बीच यह विश्वास कायम करना है कि शिवसेना (यूबीटी) भविष्य में भी एक मजबूत विकल्प बन सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;">बालासाहेब ठाकरे ने जिस शिवसेना को संघर्ष, विचारधारा और संगठनात्मक अनुशासन के आधार पर खड़ा किया था, आज वही पार्टी कई हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है। यह स्थिति केवल उद्धव ठाकरे के लिए ही नहीं, बल्कि उस राजनीतिक विरासत के लिए भी बड़ी परीक्षा है जिसे बालासाहेब ने दशकों की मेहनत से तैयार किया था। आने वाले वर्षों में यह तय होगा कि उद्धव ठाकरे इस संकट से उबरकर अपनी राजनीतिक जमीन फिर से मजबूत कर पाते हैं या महाराष्ट्र की राजनीति में उनका प्रभाव धीरे-धीरे सीमित होता चला जाएगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि वे अपने राजनीतिक जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं और उनके सामने खड़ी चुनौतियां पहले से कहीं अधिक कठिन हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>        *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181559/from-balasahebs-legacy-to-political-struggle-why-uddhav-thackeray-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181559/from-balasahebs-legacy-to-political-struggle-why-uddhav-thackeray-and</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:43:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas14.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधायक सलिल विश्नोई द्वारा सर्वदलीय होली मिलन का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर।</strong></div><div><strong><br /></strong></div><div><strong> </strong>प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी आज गीतांजलि गेस्ट हाउस, माल रोड पर  विधायक सलिल विश्नोई द्वारा सर्वदलीय होली मिलन समारोह एवं संगीत सन्ध्या का आयोजन किया गया,जिसमें मशहूर गजल गायक प्रदीप श्रीवास्तव ने अपनी सुमधुर आवाज में गजलें गाकर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर करके मंत्रमुग्ध कर दिया। आये अतिथियों ने जलपान के साथ ठण्डाई का सेवन किया और सुस्वादु भोजन का आनन्द लिया।</div><div><br /></div><div> इस अवसर पर भाजपा के स्थापना काल में सक्रिय प्रमुख कार्यकर्ता श्रीनारायण जायसवाल, भोला नाथ शुक्ला, गोगा सोनकर, गायत्री वाजपेयी, अजीत जैन को स्थापना दिवस की पूर्व सन्ध्या पर सम्मानित किया गया।</div><div><br /></div><div> सम्मान के इसी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175145/all-party-holi-meet-organized-by-mla-salil-vishnoi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001797876.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर।</strong></div><div><strong><br /></strong></div><div><strong> </strong>प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी आज गीतांजलि गेस्ट हाउस, माल रोड पर  विधायक सलिल विश्नोई द्वारा सर्वदलीय होली मिलन समारोह एवं संगीत सन्ध्या का आयोजन किया गया,जिसमें मशहूर गजल गायक प्रदीप श्रीवास्तव ने अपनी सुमधुर आवाज में गजलें गाकर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर करके मंत्रमुग्ध कर दिया। आये अतिथियों ने जलपान के साथ ठण्डाई का सेवन किया और सुस्वादु भोजन का आनन्द लिया।</div><div><br /></div><div> इस अवसर पर भाजपा के स्थापना काल में सक्रिय प्रमुख कार्यकर्ता श्रीनारायण जायसवाल, भोला नाथ शुक्ला, गोगा सोनकर, गायत्री वाजपेयी, अजीत जैन को स्थापना दिवस की पूर्व सन्ध्या पर सम्मानित किया गया।</div><div><br /></div><div> सम्मान के इसी क्रम में भा. ज. पा. के नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सलिल विश्नोई के साथ बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175145/all-party-holi-meet-organized-by-mla-salil-vishnoi</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175145/all-party-holi-meet-organized-by-mla-salil-vishnoi</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 22:48:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001797876.jpg"                         length="146439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्मठ कार्यकर्ता लाल बहादुर साहू सभासद पद पर मनोनीत, क्षेत्र में हर्ष की लहर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज-</strong> नवनिर्वाचित प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता लाल बहादुर साहू जी को सभासद पद पर मनोनीत किए जाने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लगभग 40 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सेवा कर रहे लाल बहादुर साहू जी ने संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है।बताया जाता है कि जिला अध्यक्ष जमुना पार राजेश शुक्ला जी के आशीर्वाद से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पार्टी के इस निर्णय को कार्यकर्ताओं ने सराहनीय कदम बताया है।इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश नेतृत्व को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173646/wave-of-joy-in-the-area-as-hardworking-worker-lal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0252.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज-</strong> नवनिर्वाचित प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता लाल बहादुर साहू जी को सभासद पद पर मनोनीत किए जाने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लगभग 40 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सेवा कर रहे लाल बहादुर साहू जी ने संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है।बताया जाता है कि जिला अध्यक्ष जमुना पार राजेश शुक्ला जी के आशीर्वाद से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्टी के इस निर्णय को कार्यकर्ताओं ने सराहनीय कदम बताया है।इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश नेतृत्व को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कर्मठ और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलना चाहिए, जिन्होंने वर्षों तक निष्ठा के साथ पार्टी का झंडा बुलंद किया है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर साहू जी ने कभी किसी अन्य दल का रुख नहीं किया और हमेशा भाजपा के प्रति समर्पित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में साहू जी के निवास स्थान पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी राजेश साहू, मुकेश कुमार पाठक, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय श्रीवास्तव, बाबूजी यादव, गुलाब कुशवाहा, राणा श्रीवास्तव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173646/wave-of-joy-in-the-area-as-hardworking-worker-lal</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/173646/wave-of-joy-in-the-area-as-hardworking-worker-lal</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:21:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260319-wa0252.jpg"                         length="103223"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी की ओर से झामुमो प्रखंड कार्यालय पाकुड़िया में इफ्तार पार्टी का हुआ आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड :- </strong></div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;">महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी की ओर से बीते 7 मार्च को झामुमो प्रखंड कार्यालय पाकुड़िया में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजित इफ्तार पार्टी में सामाजिक सौहार्द व भाईचारा देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि इफ्तार का आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बढ़ाने का एक माध्यम भी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस इफ्तार पार्टी में झामुमो जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा, थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, डॉ. मंजर आलम सहित अन्य गणमान्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172878/iftar-party-organized-by-mla-prof-stephen-marandi-at-jmm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/news-14.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड :- </strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी की ओर से बीते 7 मार्च को झामुमो प्रखंड कार्यालय पाकुड़िया में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजित इफ्तार पार्टी में सामाजिक सौहार्द व भाईचारा देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि इफ्तार का आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव बढ़ाने का एक माध्यम भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस इफ्तार पार्टी में झामुमो जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा, थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, डॉ. मंजर आलम सहित अन्य गणमान्य लोग, पार्टी कार्यकर्ता और विभिन्न समुदायों के नागरिक शामिल हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर रोजादारों ने रोजा खोलकर एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना व्यक्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी ने कहा कि रमजान का महीना त्याग, संयम, सेवा और भाईचारे का प्रतीक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करने का काम करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में विधायक ने सभी को रमज़ान की मुबारकबाद दी और समाज में शांति व एकता बनाए रखने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान सचिव मैनुद्दीन अंसारी, अशोक भगत, खुर्शीद आलम, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष नजरुल इस्लाम, छोटू भगत, युवा मोर्चा सचिव नेगार अंसारी, इस्लाम मियां, विनोद भगत, छोटू रविदास, नेजाम अंसारी सहित झामुमो के कई वरिष्ठ नेता, प्रखंड एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में रोजेदार भाई उपस्थित थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172878/iftar-party-organized-by-mla-prof-stephen-marandi-at-jmm</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172878/iftar-party-organized-by-mla-prof-stephen-marandi-at-jmm</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 20:17:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/news-14.jpg"                         length="261924"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        