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                <title>सामाजिक जागरूकता - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सामाजिक जागरूकता RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मां शांति आईटी संस्थान एवं एमएसडी लॉ कॉलेज में ध्वजारोहण व प्रभात फेरी का आयोजन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मां शांति आईटी संस्थान एवं एमएसडी लॉ कॉलेज, बाबूगंज, प्रयागराज तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान परिसर में ध्वजारोहण एवं भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान संस्थान में प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रभात फेरी में सहभागिता की। प्रभात फेरी संस्थान परिसर से प्रारंभ होकर बाबूगंज बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकली। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति के नारों के साथ लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. राकेश केसरवानी ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186015/organization-of-flag-hoisting-and-prabhat-pheri-at-maa-shanti"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260815-wa0126.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मां शांति आईटी संस्थान एवं एमएसडी लॉ कॉलेज, बाबूगंज, प्रयागराज तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान परिसर में ध्वजारोहण एवं भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान संस्थान में प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रभात फेरी में सहभागिता की। प्रभात फेरी संस्थान परिसर से प्रारंभ होकर बाबूगंज बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकली। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति के नारों के साथ लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. राकेश केसरवानी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर निदेशक इंजीनियर योगेश केसरवानी, केंद्र प्रबंधक आलोक गुप्ता, रविंद्र मित्र शास्त्री, धीरेंद्र रंजन, एम.ए. सिद्दीकी, नीरज जायसवाल, अबुल कलाम, अजय द्विवेदी, रेयॉन मोमिन, काशिद जमीर, अतुल यादव, रामबहादुर, राजकुमार, नैतिक केसरवानी, धर्मजीत यादव, गौरी यादव, श्रद्धा तिवारी, लक्ष्मी पांडेय सहित संस्थान के समस्त स्टाफ एवं प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रभात फेरी के माध्यम से क्षेत्रवासियों को राष्ट्रप्रेम, भाईचारे, एकता और कौशल विकास के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं देश की समृद्धि और उन्नति की मंगलकामना के साथ हुआ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 21:29:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहू बेटी सम्मेलन में महिलाओं को बताया अधिकारों का बल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182765/women-told-about-the-power-of-rights-in-daughter-in-law-conference"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0451.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकती हैं। सम्मेलन में कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और मातृशक्ति वंदन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तार से बताया गया। चौपाल के दौरान महिलाओं की समस्याएं भी सुनी गई और पुलिस कर्मियों ने समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। पुलिस टीम की एसआई अर्चना यादव, कांस्टेबल नीलम कटियार, पूजा कुमारी, शालिनी कुशवाहा, प्रिया और प्रियंका पाल ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। इस मौके पर ग्राम प्रधान विजय पाल, स्वाती जैसवाल, रजनी, देव कुमारी, वैशाली सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हे समाज, कुछ चेहरों की भूल पर हर बेटी को दोषी मत ठहराओ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि किसी मोहल्ले में एक घर की दीवार गिर जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा शहर जर्जर घोषित कर दिया जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि एक डॉक्टर लापरवाह निकल जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा चिकित्सा जगत अपराधी हो जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर आखिर सिया और सोनम जैसी आठ-दस लड़कियों के कुछ चर्चित मामलों को आधार बनाकर करोड़ों भारतीय बेटियों के चरित्र पर प्रश्नचिह्न लगाने का साहस समाज कहाँ से ले आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आज सोशल मीडिया ने इसी अन्यायपूर्ण प्रवृत्ति को सामान्य बना दिया है। कुछ नामों को बार-बार दोहराइए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें वायरल कीजिए और फिर पूरी पीढ़ी को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182696/hey-society-dont-blame-every-daughter-on-the-mistake-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि किसी मोहल्ले में एक घर की दीवार गिर जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा शहर जर्जर घोषित कर दिया जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि एक डॉक्टर लापरवाह निकल जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या पूरा चिकित्सा जगत अपराधी हो जाता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर आखिर सिया और सोनम जैसी आठ-दस लड़कियों के कुछ चर्चित मामलों को आधार बनाकर करोड़ों भारतीय बेटियों के चरित्र पर प्रश्नचिह्न लगाने का साहस समाज कहाँ से ले आता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">आज सोशल मीडिया ने इसी अन्यायपूर्ण प्रवृत्ति को सामान्य बना दिया है। कुछ नामों को बार-बार दोहराइए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें वायरल कीजिए और फिर पूरी पीढ़ी को उसी रंग में रंग दीजिए। यही है </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिया–सोनम सिंड्रोम</span>'—<span lang="hi" xml:lang="hi"> एक ऐसा दृष्टिदोष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ मुट्ठीभर परछाइयों को इतना फैलाया जाता है कि करोड़ों बेटियों की उजली धूप भी दिखाई देना बंद हो जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह केवल सोशल मीडिया का खेल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चयनात्मक दृष्टि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का परिणाम है। इतिहास बताता है कि जब भी समाज बदलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवर्तन से असहज लोग पूरे परिदृश्य को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने पूर्वाग्रहों के अनुकूल कुछ उदाहरण चुनकर उन्हें ही सच साबित करने लगते हैं। आज बेटियाँ शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायपालिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। यही बदलाव कुछ लोगों को अखरता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए वे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चेरी-पिकिंग</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के सहारे कुछ वायरल घटनाओं को पूरी पीढ़ी का चेहरा बना देते हैं। प्रश्न यह है कि यदि कुछ लड़कियों की गलती से सभी लड़कियों का आकलन होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या यही कसौटी पुरुषों पर भी लागू होगी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि उत्तर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह तर्क नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सुविधानुसार गढ़ा गया पूर्वाग्रह है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि जो बेटियाँ समाज को नई दिशा दे रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे शायद ही कभी बहस का विषय बनती हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरुणिमा सिन्हा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने कृत्रिम पैर के सहारे माउंट एवरेस्ट फतह कर अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल कायम की।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनीता कृष्णन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी सामाजिक कार्यकर्ता ने हैदराबाद में हजारों लड़कियों को ट्रैफिकिंग</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से बचाया तथा उन्हें नई जिंदगी दी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐश्वर्या सागर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी युवा उद्यमी ग्रामीण लड़कियों को डिजिटल शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ रही हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इनके जैसी हजारों बेटियाँ प्रतिदिन समाज का भविष्य गढ़ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी वे सुर्खियाँ नहीं बनतीं। वजह साफ है—योगदान नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विवाद बिकता है। मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म भी जानते हैं कि नकारात्मक खबरें अधिक क्लिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिक प्रतिक्रियाएँ और अधिक प्रसार बटोरती हैं। अच्छाई प्रायः शांत रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बुराई शोर मचाती है। नतीजा यह कि समाज धीरे-धीरे शोर को सच और मौन को महत्वहीन मानने लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि वायरल वीडियो के शोर से बाहर निकलकर वास्तविक भारत को देखें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। भारतीय बेटियाँ आज उपलब्धियों के नए प्रतिमान गढ़ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई बार पुरुष खिलाड़ियों से अधिक प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। डॉक्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंजीनियर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैज्ञानिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पायलट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सैनिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसान और प्रशासक के रूप में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एनएसएस</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एनसीसी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के आँकड़े भी सामुदायिक सेवा में युवतियों की उल्लेखनीय सक्रियता का प्रमाण हैं। उच्च शिक्षा में उनका प्रवेश बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साक्षरता दर सुधर रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता का उनका संकल्प निरंतर मजबूत हो रहा है। फिर भी यदि समाज कुछ वायरल मामलों को ही पूरी सच्चाई मान ले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह वास्तविकता की नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी दृष्टि की विफलता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिया–सोनम सिंड्रोम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केवल बेटियों के साथ अन्याय नहीं करता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की निर्णय-क्षमता भी कुंद करता है। यह तथ्यों पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भावनाओं पर आधारित धारणा गढ़ता है। पूर्वाग्रह फैलाने वाले बार-बार वही उदाहरण सामने रखते हैं जो भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अविश्वास और आक्रोश को हवा दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि वे उन हजारों बेटियों को अनदेखा कर देते हैं जो परिवारों की आर्थिक शक्ति हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाँवों में शिक्षा पहुँचा रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पतालों में जीवन बचा रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं और सीमाओं पर देश की रक्षा में जुटी हैं। सकारात्मक कहानियाँ कम दिखाई देती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वे उत्तेजना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा जगाती हैं। जबकि राष्ट्र उत्तेजना से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रेरणा से आगे बढ़ते हैं। इसलिए कुछ अपवादों को संपूर्ण सत्य बना देना समाज और उसके भविष्य—दोनों के साथ अन्याय है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसका अर्थ यह कदापि नहीं कि गलतियों को अनदेखा किया जाए। जो दोषी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे कानून के अनुसार दंड मिलना ही चाहिए—चाहे वह लड़की हो या लड़का। किंतु न्याय का तकाज़ा है कि सजा व्यक्ति को मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे वर्ग को नहीं। हर बेटी को सिया या सोनम मान लेना उतना ही अविवेकपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितना किसी एक पुरुष के अपराध के आधार पर समूचे पुरुष समाज को दोषी ठहराना। परिपक्व समाज वही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो व्यक्ति और समुदाय के बीच का अंतर समझे। बेटियों को संदेह की दीवारों में कैद करने के बजाय विश्वास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवसर और सही मार्गदर्शन दिया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यही एक संतुलित और प्रगतिशील समाज की सबसे मजबूत नींव है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब समय आ गया है कि हम अपनी दृष्टि बदलें। किसी छोटे से अंधेरे को इतना विशाल बना देना कि पूरा सूरज ही ओझल हो जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह यथार्थ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दृष्टिदोष है। इतिहास अपवादों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहुसंख्यक के योगदान से लिखा जाता है। सिया और सोनम जैसी घटनाएँ अपराध हो सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर वे भारतीय बेटियों का चरित्र-पत्र नहीं हैं। इस देश की पहचान उन लाखों बेटियों से बनती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेतों में श्रम कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमाओं पर डटी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्टअप खड़े कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदालतों में न्याय की आवाज़ बन रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवारों का संबल हैं और विश्व मंच पर भारत का मान बढ़ा रही हैं। इसलिए आवश्यकता</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिया–सोनम सिंड्रोम</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की बेटियों के वास्तविक स्वरूप को सामने लाने की है। आखिर कुछ परछाइयाँ कभी सूरज की पहचान नहीं बन सकतीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन समारोह आयोजि</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण ट्रस्ट द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब के उपाध्यक्ष सभागार एनेक्सी में अभिनंदन एवं शुभकामना समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं नई दिल्ली नगर परिषद एनडीएमसी के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नवश्री धार्मिक लीला समिति, लालकिला के महामंत्री प्रकाश बैराठी तथा विश्व हिंदू परिषद,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181423/congratulatory-ceremony-organized-on-completion-of-12-years-of-prime"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण ट्रस्ट द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब के उपाध्यक्ष सभागार एनेक्सी में अभिनंदन एवं शुभकामना समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं नई दिल्ली नगर परिषद एनडीएमसी के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नवश्री धार्मिक लीला समिति, लालकिला के महामंत्री प्रकाश बैराठी तथा विश्व हिंदू परिषद, इंद्रप्रस्थ प्रांत के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र गुप्ता ने की।अपने संबोधन में प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।अध्यक्षीय संबोधन में सुरेंद्र गुप्ता ने सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित हिंदू हेल्पलाइन की जानकारी दी। साथ ही दिल्ली के ऐतिहासिक महत्व और इंद्रप्रस्थ की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की आवश्यकता पर बल दिया।समारोह के अंत में इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण ट्रस्ट की ओर से सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में ट्रस्ट के संयोजक सुशांत अग्रवाल,सह-संयोजक हर्ष कप्तान तथा सह-संयोजक गरिमा बंसल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181423/congratulatory-ceremony-organized-on-completion-of-12-years-of-prime</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 20:08:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2027 में बस्ती में होगी बागेश्वर धाम सरकार की दिव्य कथा, पैदल संकल्प यात्रा हुई सफल - गोविंद दास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के पैदल धाम के संस्थापक गोविंद दास ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि गुरु वशिष्ठ की धरती बस्ती में वर्ष 2027 में परमपूज्य बागेश्वर धाम सरकार की भव्य एवं दिव्य कथा का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने बस्ती से बागेश्वर धाम तक 36 दिनों में लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसका उद्देश्य बस्ती में सनातन का महाकुंभ आयोजित कर समाज को एकजुट करना था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गोविंद दास ने कहा कि उनकी यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में बिखरे सनातन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181228/bageshwar-dham-will-be-organized-in-basti-in-2027-governments"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260615-wa0118.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के पैदल धाम के संस्थापक गोविंद दास ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि गुरु वशिष्ठ की धरती बस्ती में वर्ष 2027 में परमपूज्य बागेश्वर धाम सरकार की भव्य एवं दिव्य कथा का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने बस्ती से बागेश्वर धाम तक 36 दिनों में लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसका उद्देश्य बस्ती में सनातन का महाकुंभ आयोजित कर समाज को एकजुट करना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोविंद दास ने कहा कि उनकी यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में बिखरे सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोना, गौमाता के संरक्षण का संदेश देना और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए जनजागरण करना था। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार तक अपनी भावनाएं और संकल्प पहुंचाया।</div>
<div style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम पहुंचने पर उनकी मुलाकात परमपूज्य महाराज जी से हुई, जहां उन्होंने बस्ती में कथा आयोजन का प्रस्ताव रखा। गोविंद दास के अनुसार, महाराज जी ने उनकी पूरी बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन ही नहीं बल्कि वचन दिया कि वर्ष 2027 में मार्च-अप्रैल के दौरान बस्ती में कथा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए परमपूज्य राजू दास महाराज का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी बात को महाराज जी के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कई कठिनाइयों और व्यवधानों का सामना करना पड़ा। कुछ असामाजिक तत्वों ने यात्रा में बाधा डालने का प्रयास किया और इसी दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्हें अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए अपना संकल्प नहीं छोड़ा और यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।</div>
<div style="text-align:justify;">गोविंद दास ने बस्ती जनपद के सभी सनातन धर्मावलंबियों से आह्वान किया कि वे वर्ष 2027 में प्रस्तावित कथा आयोजन के लिए अभी से तन, मन और धन से तैयार हो जाएं। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए शीघ्र ही एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें समाज के बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्ध लोगों को शामिल कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। समय-समय पर प्रेस वार्ता के माध्यम से आयोजन की तैयारियों और रूपरेखा की जानकारी साझा की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;">अंत में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम और ऋषि-मुनियों ने अपने तप एवं संकल्प के मार्ग में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, उसी प्रकार वे भी भगवान का नाम लेकर आगे बढ़ते रहेंगे और अपने संकल्प को पूर्ण करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:36:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन मिलाप : बिछड़ों को अपनों से मिलाने का मानवीय अभियान, परिवारों के आंसुओं में लौटी खुशियों की रोशनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">किसी घर का बेटा, बेटी, बहन, भाई या माता-पिता अचानक लापता हो जाएं तो उस परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने इस पीड़ा को करीब से महसूस किया हो। गुमशुदगी केवल किसी व्यक्ति का घर से दूर हो जाना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों, उम्मीदों और मानसिक शांति के खो जाने जैसा होता है। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जाती है। हर दरवाजे की आहट उन्हें उम्मीद देती है कि शायद उनका अपना लौट आया हो। हर फोन कॉल उन्हें चौंका देती है। ऐसे में जब वर्षों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181002/operation-milap-a-humanitarian-campaign-to-reunite-separated-people-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/delhi-police.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">किसी घर का बेटा, बेटी, बहन, भाई या माता-पिता अचानक लापता हो जाएं तो उस परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने इस पीड़ा को करीब से महसूस किया हो। गुमशुदगी केवल किसी व्यक्ति का घर से दूर हो जाना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों, उम्मीदों और मानसिक शांति के खो जाने जैसा होता है। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जाती है। हर दरवाजे की आहट उन्हें उम्मीद देती है कि शायद उनका अपना लौट आया हो। हर फोन कॉल उन्हें चौंका देती है। ऐसे में जब वर्षों या महीनों से बिछड़ा कोई व्यक्ति अचानक परिवार से मिल जाता है तो वह क्षण किसी चमत्कार से कम नहीं होता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस द्वारा चलाया गया “ऑपरेशन मिलाप” इसी मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत मात्र एक महीने में 1470 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया। यह केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि हजारों टूटते हुए परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और खुशियों की वापसी का अभियान है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अभियान में 852 महिलाओं, 342 पुरुषों तथा 276 नाबालिग बच्चों और किशोरियों को खोजकर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। विशेष रूप से यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि बड़ी संख्या में किशोरियां और महिलाएं अपने परिवारों से बिछड़ गई थीं। ऐसे मामलों में समय के साथ परिवारों की चिंता कई गुना बढ़ जाती है। उन्हें हर पल किसी अनहोनी की आशंका सताती रहती है। ऐसे में पुलिस द्वारा इन लोगों को सुरक्षित ढूंढ़ निकालना निश्चित रूप से सराहनीय कार्य है।</div><div style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस ने केवल औपचारिक जांच तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि पुराने और लंबित मामलों को दोबारा खोलकर नए सिरे से जांच की। आधुनिक तकनीक, मोबाइल फोन विश्लेषण, सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी, विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और आश्रय गृहों की जांच जैसे अनेक माध्यमों का उपयोग किया गया। शिकायतकर्ताओं और गवाहों से दोबारा संपर्क कर नए सुराग जुटाए गए। यह दर्शाता है कि यदि इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता हो तो वर्षों पुराने मामलों में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।</div><div style="text-align:justify;">सूरत पुलिस द्वारा सर्वाधिक 341 गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाना भी इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर समर्पित प्रयास किस प्रकार बड़े परिणाम दे सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की यह सक्रियता उन परिवारों के लिए राहत का कारण बनी है जो वर्षों से अपने प्रियजनों की प्रतीक्षा में दिन गिन रहे थे।</div><div style="text-align:justify;">इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे समाज के सामने गुमशुदगी के वास्तविक कारण भी उजागर हुए हैं। पुलिस के विश्लेषण में सामने आया कि 14 से 17 वर्ष की आयु वर्ग की अनेक किशोरियां प्रेम संबंधों, पारिवारिक विवादों, अभिभावकों की डांट-फटकार अथवा पढ़ाई में असफलता जैसी परिस्थितियों के कारण घर छोड़कर चली गई थीं। कुछ मामले रोजगार की तलाश में पलायन करने वाले परिवारों से भी जुड़े पाए गए।</div><div style="text-align:justify;">यहां एक गंभीर सामाजिक संदेश छिपा हुआ है। जीवन में कठिनाइयां, असफलताएं, पारिवारिक मतभेद या भावनात्मक उलझनें आना स्वाभाविक है। किशोरावस्था में भावनाएं अधिक संवेदनशील होती हैं और कई बार छोटी घटनाएं भी बहुत बड़ी लगने लगती हैं। लेकिन घर छोड़ देना किसी समस्या का समाधान नहीं है। यह निर्णय क्षणिक आवेश में लिया जा सकता है, पर उसके परिणाम बहुत गंभीर होते हैं।</div><div style="text-align:justify;">कई बार बच्चों और किशोरों को लगता है कि उनके जाने से परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा या कुछ दिनों बाद सब सामान्य हो जाएगा। वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत होती है। जिस दिन कोई बच्चा या किशोर घर से लापता होता है, उसी दिन से उसके माता-पिता का चैन और नींद समाप्त हो जाती है। मां की आंखें दरवाजे पर लगी रहती हैं। पिता बाहर से मजबूत दिखने का प्रयास करता है, लेकिन भीतर से टूट चुका होता है। भाई-बहन चिंता और असुरक्षा के बीच जीते हैं। पूरा परिवार हर संभावित स्थान पर तलाश करता है, पुलिस थानों के चक्कर लगाता है और अनिश्चितता के अंधेरे में जीवन बिताता है।</div><div style="text-align:justify;">गुमशुदगी का दर्द केवल भावनात्मक नहीं होता, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी परिवारों को प्रभावित करता है। अनेक परिवार अपनी बचत तक खर्च कर देते हैं। कई लोग कामकाज छोड़कर अपने प्रियजन की तलाश में जुट जाते हैं। मानसिक तनाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में घर छोड़कर चले जाना न तो समझदारी है और न ही समस्याओं का समाधान।</div><div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता इस बात की है कि परिवारों और बच्चों के बीच संवाद को मजबूत बनाया जाए। अभिभावक बच्चों की भावनाओं को समझें और बच्चे अपने माता-पिता पर विश्वास करें। यदि पढ़ाई में असफलता मिली है, किसी बात पर डांट पड़ी है या जीवन में कोई परेशानी आई है, तो उसका समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है। परिवार ही वह स्थान है जहां व्यक्ति को सबसे अधिक सुरक्षा, प्रेम और सहयोग मिलता है।</div><div style="text-align:justify;">ऑपरेशन मिलाप की सफलता केवल आंकड़ों में नहीं मापी जा सकती। इसकी वास्तविक सफलता उन हजारों मुस्कानों में दिखाई देती है जो बिछड़ने के बाद फिर से लौट आईं। उन माताओं की आंखों में दिखाई देती है जिन्होंने वर्षों बाद अपने बच्चों को गले लगाया। उन परिवारों की खुशी में दिखाई देती है जिनकी उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी थीं।</div><div style="text-align:justify;">यह अभियान यह भी सिद्ध करता है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज के दुख-दर्द में सहभागी बनने वाली संवेदनशील व्यवस्था भी है। जब पुलिस किसी गुमशुदा व्यक्ति को उसके परिवार तक पहुंचाती है, तब वह केवल एक केस बंद नहीं करती बल्कि एक टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ती है।</div><div style="text-align:justify;">ऑपरेशन मिलाप ने हजारों परिवारों को नई जिंदगी दी है। यह अभियान मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही यह हम सभी को यह संदेश भी देता है कि जीवन की किसी भी कठिन परिस्थिति में घर और परिवार से दूर जाना समाधान नहीं है। संवाद, धैर्य और विश्वास ही हर समस्या का सबसे मजबूत उत्तर हैं। यदि यह संदेश समाज के प्रत्येक बच्चे और किशोर तक पहुंच जाए तो शायद भविष्य में अनेक परिवार गुमशुदगी की उस पीड़ा से बच सकेंगे, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं है।</div><div style="text-align:justify;">       </div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>                                                                           *कांतिलाल मांडोत*</strong></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:35:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180998/women-were-made-aware-under-mission-shakti-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:27:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संतराम बी०ए० जन चेतना समिति द्वारा संतराम बी०ए०का 38 वां परिनिर्वाण दिवस मनाया गया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 31 मई 2026 संतराम बी०ए० जन चेतना समिति के तत्वाधान में आज हरिहर नगर के इंदिरा नगर में महान समाज सुधारक जाति -पाति तोड़क मंडल के संस्थापक एवं स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक परम श्रद्धेय संतराम बी०ए० का 38 वां परिनिर्वाण दिवस श्रद्धा एवं संकल्प के साथ बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक समझदार पार्टी  एवं अरविंद कुमार प्रजापति द्वारा अध्यक्षता संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ संतराम बी०ए० जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने उद्बोधन में सतीश चंद्र प्रजापति जी ने संतराम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180891/the-38th-death-anniversary-of-santram-ba-was-celebrated-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/530579-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 31 मई 2026 संतराम बी०ए० जन चेतना समिति के तत्वाधान में आज हरिहर नगर के इंदिरा नगर में महान समाज सुधारक जाति -पाति तोड़क मंडल के संस्थापक एवं स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक परम श्रद्धेय संतराम बी०ए० का 38 वां परिनिर्वाण दिवस श्रद्धा एवं संकल्प के साथ बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक समझदार पार्टी  एवं अरविंद कुमार प्रजापति द्वारा अध्यक्षता संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ संतराम बी०ए० जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने उद्बोधन में सतीश चंद्र प्रजापति जी ने संतराम बी०ए०जी को महान व्यक्तित्व के साथ एक महान विचारक थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अपना पूरा जीवन जाति-पात के भेदभाव को मिटाने और  महिलाओं की शिक्षा के प्रबल समर्थक। आज उनके विचार उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर एस.एन. कश्यप, सतीश कुमार कश्यप, राजीव रतन चन्द्र अति पिछड़ा महासभा समाज के सचिव,</div>
<div style="text-align:justify;">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<div> </div>
<div>जयराम प्रजापति, अरविंद कुमार  द्वारा  कार्यक्रम की अध्यक्षता, श्यामलाल महासचिव द्वारा मंच का संचालन सर्वश्री बलिराम प्रजापति, राम अचल प्रजापति, राम आधार प्रजापति, शांति स्वरूप वर्मा एवं अन्य स्थानीय नागरिक एवं महिलाएं  उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने संतराम बी०ए० के जीवन संघर्ष उनके सामाजिक योगदान एवं क्रांतिकारी विचारों पर प्रकाश डाला और सदस्यों ने उनके आदर्श विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद कुमार प्रजापति अधीक्षण अभियंता सेवानिवृत्त द्वारा महान संत के विचारों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला गया तथा उनको उनके विचारों को अपने जीवन में धारण करने और उन पर चलने का समाज के लोगों से विनम्र आग्रह किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:09:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौतम अदाणी ने बिहार में शुरू की 150 करोड़ रुपए की नेत्र चिकित्सा।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">:अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित होकर आज बिहार में 150 करोड़ रुपये की बड़ी नेत्र स्वास्थ्य सेवा की नींव रखी। इस पहल के जरिए ग्रामीण इलाकों में सस्ती दरों पर आंखों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  ग्रामीण इलाकों में नेत्र चिकित्सा परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के अलावा गौतम अदाणी ने देशभर में नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे बड़े मिशन की घोषणा भी की। मस्तीचक में शुरू की जा रही इस पहल से हर साल लगभग 3.3 लाख आंखों</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179846/gautam-adani-started-eye-care-worth-rs-150-crore-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260517-wa0177.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">:अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित होकर आज बिहार में 150 करोड़ रुपये की बड़ी नेत्र स्वास्थ्य सेवा की नींव रखी। इस पहल के जरिए ग्रामीण इलाकों में सस्ती दरों पर आंखों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्रामीण इलाकों में नेत्र चिकित्सा परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के अलावा गौतम अदाणी ने देशभर में नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे बड़े मिशन की घोषणा भी की। मस्तीचक में शुरू की जा रही इस पहल से हर साल लगभग 3.3 लाख आंखों की सर्जरी मुमकिन हो सकेगी। इसके साथ ही हर साल आंखों की देखभाल के क्षेत्र में 1,000 हेल्थ प्रोफेशनल को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इन पहल आंखों के इलाज के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क में से एक बन सकती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मौके पर गौतम अदाणी ने कहा, “आज बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर मन गर्व, भावनाओं और आत्मीयता से भर गया।</div><div style="text-align:justify;">गायत्री शक्तिपीठ पहुँचकर एक अलग ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा का अनुभव हुआ। यह स्थान केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, संस्कार और सामाजिक जागरण का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है।</div><div style="text-align:justify;">गायत्री परिवार, अखंड ज्योति और आदरणीय मृत्युंजय जी के इस असाधारण कार्य के लिए उन्हें हार्दिक साधुवाद</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">। किसी व्यक्ति की आँखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं होता…यह उसके जीवन में फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का पुण्य काम है। मानवता के लिए इससे बड़ी सेवा शायद ही कुछ और हो सकती है।</div><div style="text-align:justify;">हमारे लिए भी “सेवा ही साधना है” कोई नारा नहीं, बल्कि करुणा को कर्म में बदलने की प्रेरणा है। बिहार हमेशा से राष्ट्र को नई चेतना देने वाली धरती रही है। यह पुनीत मुहिम उसी सेवा भावना, संस्कार और समर्पण के माध्यम से देश को नई रोशनी देने का प्रयास है।“</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ACE एक ऐसा अस्पताल होगा जहां आसपास के क्षेत्रों से आए आम लोगों को सस्ते और बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं ATOM में आंखों के डॉक्टर, सहायक कर्मचारी और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि गांवों में आंखों के इलाज की सुविधा और मजबूत हो सके।</div><div style="text-align:justify;">गौतम अदाणी ने मस्तीचक में शुरू की गई पहल को लंबे समय तक सुचारु रूप से चलाए रखने के लिए संचालन सहयोग की भी घोषणा की। </div><div style="text-align:justify;">मस्तीचक में हुए भूमि पूजन कार्यक्रम में गौतम अदाणी के साथ अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृत्युंजय तिवारी उपस्थित रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मृत्युंजय तिवारी ने कहा “मैं श्री गौतम अदाणी जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल पर विश्वास जताते हुए इस परिवर्तनकारी यात्रा में हमें सहभागी बनाया। यह साझेदारी केवल भवनों और संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के अंतिम पंक्ति में खड़े वंचित एवं उपेक्षित लोगों के जीवन में दृष्टि, सम्मान, अवसर और आशा का संचार करने का एक साझा संकल्प है। हमें विश्वास है कि यह सहयोग आने वाले वर्षों में करोड़ों जीवनों पर दूरगामी प्रभाव उत्पन्न करेगा।” </div><div style="text-align:justify;">अदाणी फाउंडेशन ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के साथ मिलकर बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में 200 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित करने की घोषणा भी की है। यह अस्पताल अखंड ज्योति फाउंडेशन के कार्यों को और मजबूत करेगा और बिहार के बड़े हिस्से तक सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाएगा। पिरपैंती में अदाणी ग्रुप 2400 मेगावॉट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट लगा रहा है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">देश भर के लिए 500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गौतम अदाणी ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की सेवाओं को देशभर के वंचित समुदायों तक पहुंचाने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ‘अदाणी अखंड ज्योति फाउंडेशन’ बिहार के बाहर दूरदराज के क्षेत्रों में आंखों के सस्ते इलाज की सुविधाएं पहुंचाएगी। इन सभी अग्रणी पहलों को संचालित करने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक का कुल निवेश होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">‘सेवा ही साधना है’</div><div style="text-align:justify;">यह पहल गौतम अदाणी के ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र पर अटूट विश्वास को दर्शाती है। वर्ष 2022 में अपने 60वें जन्मदिन पर उन्होंने देशभर में स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बाद पिछले वर्ष अपने सबसे छोटे बेटे जीत अदाणी के विवाह के अवसर पर उन्होंने 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रतिबद्धता की घोषणा की थी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">‘सेवा ही साधना है’ का यह मूलमंत्र अदाणी ग्रुप के सामाजिक पहलों में लगातार दिखाई देता है। महाकुंभ और पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में भी अदाणी समूह ने भोजन, सफाई और सेवा के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। महाकुंभ में 50 लाख श्रद्धालुओं के भोजन और पुरी जगन्नाथ की रथ यात्रा में 40 लाख भक्तों को भोजन उपलब्ध कराने का काम अदाणी ग्रुप की तरफ से किया गया था। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बिहार में की गई यह घोषणा इस विश्वास को दोहराती है कि सेवा की भावना से बड़े पैमाने पर लोगों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बिहार के भविष्य में निवेश</div><div style="text-align:justify;">नेत्र चिकित्सा को लेकर की जा रही पहल बिहार के प्रति अदाणी समूह की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां समूह राज्य के सबसे बड़े निजी निवेशकों में शामिल हो चुका है और निवेश प्रतिबद्धता करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।। </div><div style="text-align:justify;">इन निवेशों में लगभग 27,000 करोड़ रुपये की लागत वाला 2,400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट शामिल है। यह बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है। इसके अलावा इंडियन ऑयल अदाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से गया और नालंदा जिलों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है। वहीं अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड उत्तरी बिहार में करीब 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बना रही है।</div><div style="text-align:justify;">इसके साथ ही अदाणी समूह नवादा और मुजफ्फरपुर जिलों में 6-6 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता की दो सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों का भी विस्तार कर रहा है, जिन पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का संयुक्त निवेश किया जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नेत्र चिकित्सा को सर्व-सुलभ बनाने का मिशन</div><div style="text-align:justify;">2005 में बिहार के ग्रामीण इलाके में 30 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में शुरू हुआ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में से एक बन चुका है। अब तक यहां 14 लाख से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है और लाखों लोगों की जांच हो चुकी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अदाणी ग्रुप और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल का सहयोग भारत सरकार के राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि बाधा नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसकी शुरुआत 1976 में हुई थी। इसका लक्ष्य आंखों के सस्ते इलाज और देखभाल के लिए एक ऐसा सामुदायिक मॉडल विकसित करना है जिसे देशभर में लागू किया जा सके।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह पहल अदाणी फाउंडेशन के विजन केयर प्रोग्राम को भी आगे बढ़ाती है। अदाणी फाउंडेशन अगस्त 2026 में 30 वर्ष पूरे कर रहा है। 2024 में शुरू हुए विजन केयर प्रोग्राम कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग 1.93 लाख लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है और करीब 59,000 लोगों को मुफ्त चश्मे उपलब्ध कराए गए हैं। यह काम 11 राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों और रेफरल सपोर्ट के माध्यम से किया गया है।</div><div style="text-align:justify;">बिहार के ग्रामीण इलाकों से शुरू होकर यह प्रयास पूरे देश के वंचित समुदायों के लिए एक ऐसा मॉडल विकसित करना चाहती है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास और सेवा एक साथ आगे बढ़ें। गौतम अदाणी के लिए यह प्रयास सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश नहीं, बल्कि यह विश्वास है कि सेवा की भावना से शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट न केवल दृष्टि लौटाएगा, बल्कि सम्मान, अवसर और आशा भी देगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:22:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रयागराज ग्रुप की विभिन्न बटालियनों से लगभग 550 से अधिक कैडेट्स सहभागिता करेंगे। शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय एकता एवं सेवा भावना का विकास करना है। </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज</strong> <strong>::</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  युवा शक्ति में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एन.सी.सी. प्रयागराज द्वारा संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर–63 का आयोजन 20 मई 2026 से 29 मई 2026 तक बी.बी.एस. विद्या मन्दिर, कादिलपुर, प्रयागराज में किया जाएगा। शिविर का संचालन 16 यूपी बटालियन एन.सी.सी. प्रयागराज के नेतृत्व में संपन्न होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रयागराज ग्रुप की विभिन्न बटालियनों से लगभग 550 से अधिक कैडेट्स सहभागिता करेंगे। शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय एकता एवं सेवा भावना का विकास</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179625/organization-of-joint-annual-training-camp-63-under-the-leadership-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260519-wa0083.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज</strong> <strong>::</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> युवा शक्ति में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एन.सी.सी. प्रयागराज द्वारा संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर–63 का आयोजन 20 मई 2026 से 29 मई 2026 तक बी.बी.एस. विद्या मन्दिर, कादिलपुर, प्रयागराज में किया जाएगा। शिविर का संचालन 16 यूपी बटालियन एन.सी.सी. प्रयागराज के नेतृत्व में संपन्न होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रयागराज ग्रुप की विभिन्न बटालियनों से लगभग 550 से अधिक कैडेट्स सहभागिता करेंगे। शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय एकता एवं सेवा भावना का विकास करना है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को ड्रिल, शस्त्र प्रशिक्षण, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट, आपदा प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">भीषण गर्मी एवं उष्ण लहर जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कैडेट्स का उत्साह एवं मनोबल उच्च बना हुआ है। 16 यूपी बटालियन एन.सी.सी. प्रयागराज द्वारा कैडेट्स की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिविर परिसर में वाटर कूलर, कूलर, पंखा एवं शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था के साथ चिकित्सकीय सहायता एवं विश्राम स्थलों की विशेष व्यवस्था की गई है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह शिविर कैम्प कमांडेंट कर्नल निशांत बरियार एवं डिप्टी कैम्प कमांडेंट मेजर संतोष जायसवाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न होगा। उक्त जानकारी 16 यूपी बटालियन एन.सी.सी. प्रयागराज के कमान अधिकारी एवं कैम्प कमांडेंट कर्नल निशांत बरियार ने दी।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 20:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीएवी का है संदेश, स्वच्छ सुन्दर हो भारत देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बीजपुर / सोनभद्र -</strong> डीएवी पब्लिक स्कूल एनटीपीसी रिहंदनगर में स्वच्छता जागरूकता रैली महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के विचार को सशक्त करते हुए स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज 18 मई को भव्य स्वच्छता रैली निकली गई । सामाजिक विज्ञान के शिक्षक अनन्त मोहन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दो अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय जन आंदोलन बन गया है। 'ना गन्दगी करेंगे, ना गंदगी करने देंगे' का मंत्र लोगों ने अपनाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह अभियान भारतीयों के व्यवहार में बदलाव लाने और स्वच्छता को एक जीवन शैली बनाने का एक बड़ा</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179468/people-missing-doctors-in-phc-kachnarwa-staged-a-strong-demonstration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001619785.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बीजपुर / सोनभद्र -</strong> डीएवी पब्लिक स्कूल एनटीपीसी रिहंदनगर में स्वच्छता जागरूकता रैली महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के विचार को सशक्त करते हुए स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज 18 मई को भव्य स्वच्छता रैली निकली गई । सामाजिक विज्ञान के शिक्षक अनन्त मोहन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दो अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय जन आंदोलन बन गया है। 'ना गन्दगी करेंगे, ना गंदगी करने देंगे' का मंत्र लोगों ने अपनाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह अभियान भारतीयों के व्यवहार में बदलाव लाने और स्वच्छता को एक जीवन शैली बनाने का एक बड़ा प्रयास है। यह विशाल रैली स्वच्छता के प्रति जनचेतना को आगे बढ़ाने हेतु विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों एवं छात्रों के बीच स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अलख जगाना था। रैली में आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों ने हाथों में बैनर लिए 'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत', 'गंदगी हटाओ- देश बचाओ', 'डीएवी का है संदेश- स्वच्छ सुंदर हो भारत देश', 'भारत को विकसित करना है तो, स्वच्छता को अपनाना होगा' , 'एनटीपीसी का कहना है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छता हमारा गहना है'' आदि गगन भेदी नारे लगा रहे थे । एनसीसी कैडेट्स ने इस कार्यक्रम को आयोजित करने में विशेष भूमिका का निर्वहन किया। प्राचार्य श्री राजकुमार ने अपने संबोधन में कहा, यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है; बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली आदत है। उन्होंने कहा स्वच्छता को हमें अपनाना होगा, तभी भारत विकसित हो सकेगा। हमें बीमारियों से बचना है तो स्वच्छता उसका मूलाधार है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन को धन्यवाद दिया; जिसके सहयोग एवं प्रेरणा से यह अभियान टाउनशिप के अंदर चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने विशेष रूप से भाग लिया। डॉ०आर के झा, विजय कुमार तिवारी, डॉ० राजेश कुमार श्रीवास्तव, जय सिंह, एसपी तिवारी, डीसी शुक्ला, सौरभ कुमार, रंजना सिंह, अरूण कुमार सिंह, शगुफ्ता शबनम, श्रद्धा ठाकरे, नम्रता चौधरी आदि के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:38:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत हजारीबाग में लगे शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग, झारखंड:-</strong> राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग द्वारा सोमवार को जिले के कई क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत चलाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर का आयोजन केरेडारी प्रखंड के सलगा पंचायत, बरही प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय बरही और राजकीय मध्य विद्यालय बरही समेत अन्य स्थानों पर किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार हजारीबाग ध्रुव चंद्र मिश्रा के निर्देश पर तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178964/camps-organized-in-hazaribagh-under-90-day-legal-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/news-71.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग, झारखंड:-</strong> राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग द्वारा सोमवार को जिले के कई क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत चलाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिविर का आयोजन केरेडारी प्रखंड के सलगा पंचायत, बरही प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय बरही और राजकीय मध्य विद्यालय बरही समेत अन्य स्थानों पर किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार हजारीबाग ध्रुव चंद्र मिश्रा के निर्देश पर तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की देखरेख में संपन्न हुआ।</div>
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<div style="text-align:justify;">शिविर में अधिकार मित्रों ने बच्चों और ग्रामीणों को बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर क्राइम से बचाव की जानकारी दी। साथ ही लोगों को टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस नंबर पर कॉल कर लोग घर बैठे मुफ्त में कानूनी सलाह और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;">जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने बताया कि यह अभियान लगातार 90 दिनों तक चलाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।</div>
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<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, महिलाएं, पुरुष और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अधिकार मित्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:34:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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