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                <title>पाकुड़िया - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>पाकुड़िया RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>30 जून‎ हूल दिवस भव्य रूप से मनाने का लिया गया निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुडिया, पाकुड़, झारखंड:-.</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">झारखंड मुक्ति‎ मोर्चा प्रखंड कमिटी द्वारा एक बैठक प्रखंड कार्यालय सिद्धू कान्हू चौक में आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हाँसदा द्वारा की गई। बैठक में कहा की 30जून बहुत ही गौरव का दिन है इसे हम सब भव्य रूप से मनाएंगे। बैठक मे SIR पर भी चर्चा किया गया तथा ट्रेनर द्वारा उपस्थित सभी को SIR के बारे मे विस्तृत रूप से समझाया गया। इसके उपरांत 30 जून हूल दिवस मनाने को लेकर चर्चा की गई एवं प्रस्ताव पारित किया गया। गौरतलब हो की झामुमो प्रखंड कमेटी‎ द्वारा प्रत्येक‎ वर्ष पाकुडिया सती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181902/decision-taken-to-celebrate-holi-day-on-30th-june-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-8.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुडिया, पाकुड़, झारखंड:-.</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">झारखंड मुक्ति‎ मोर्चा प्रखंड कमिटी द्वारा एक बैठक प्रखंड कार्यालय सिद्धू कान्हू चौक में आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हाँसदा द्वारा की गई। बैठक में कहा की 30जून बहुत ही गौरव का दिन है इसे हम सब भव्य रूप से मनाएंगे। बैठक मे SIR पर भी चर्चा किया गया तथा ट्रेनर द्वारा उपस्थित सभी को SIR के बारे मे विस्तृत रूप से समझाया गया। इसके उपरांत 30 जून हूल दिवस मनाने को लेकर चर्चा की गई एवं प्रस्ताव पारित किया गया। गौरतलब हो की झामुमो प्रखंड कमेटी‎ द्वारा प्रत्येक‎ वर्ष पाकुडिया सती घाट मैदान में हूल दिवस मनाया जाता है एंव पार्टी द्वारा‎ तरह-तरह का खेल प्रतियोगिता जैसे तीरंदाजी,मटका फोड़ लागड़े ऐनेच आदि का आयोजन किया जाता है। प्रखंड कमेटी एंव बैठक मे शामिल कार्यकर्ता‎ओं द्वारा‎ सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रत्येक‎ साल की भांति इस साल भी झामुमो प्रखंड कमेटी महेशपुर विधायक‎ प्रो.स्टीफन मरांडी के अगुआई में सिद्धो कान्हु चौक स्थित सिद्धो कान्हू की प्रतिमा मे माल्यार्पण करेंगे। इसके पश्चात‎ सती घाट मैदान जाकर खेल प्रतियोगिता का उद्धघाटन किया जायेगा। एवं प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों के बीच पुरस्कार का वितरण विधायक‎ प्रो. स्टीफन मराडी जी के हांथो किया जायेगा। मौके पर जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, बुद्धिजीवी मोर्चा जिला अध्यक्ष देबीलाल हंसदाक,प्रखंड सचिव मइनुद्दीन अंसारी,जिला कोषाध्यक्ष छोटू भगत, कलम मुर्मू, सुशील मुर्मू ,निवारन मरांडी,कालीदास टुडू, मैनेजर हेमब्रोम ,नेगार अंसारी , विश्वजीत दास,लालबाबू शेख,तोहिदुल शेख ,खुदुलाल भगत,आबेद अंसारी ,मनाफ़ अंसारी, मोईन आलम, मुजीबूल शेख, अनिसूर रहमान, परवेज़ आलम ,सिकंदर अली ,बुलबुल शेख, छोटू दास ,मनोज सोरेन,एनोस मुर्मू,परमेश्वर मरांडी , कारण गुप्ता ,नरेश हाँसदा,रोहित हाँसदा,सुनील टुडू,सहित सभी पंचायत‎ के अध्यक्ष/सचिव व दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।</div><div><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की स्वर्णिम व मंगलमयी प्रभात बेला में योग शिक्षक सुनील कुमार भगत ने कराया योगाभ्यास</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">21 जून को 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के स्वर्णिम शुभ अवसर पर प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया स्थित राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में स्वास्थ्य, संस्कृति एवं सौम्य-दिव्य भारतीय सभ्यता के अपूर्व संगम तथा सुखमय जीवन शैली के मूलाधार योग का अभ्यास कराया गया। योग शिक्षक सुनील कुमार भगत ने उपस्थित लोगों को प्रतिदिन योगाभ्यास कर विकार रहित जीवन जीने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस शुभ अवसर पर सुबह ठीक 7 बजे सूर्य की सप्त किरणों के बीच सुनील ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पावन वेला में उपस्थित सभी शिक्षकवृंद, थाना प्रभारी मनोज महतो, एएसआई महादेव चौधरी, पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181891/6a38eb86403ac"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-3-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">21 जून को 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के स्वर्णिम शुभ अवसर पर प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया स्थित राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में स्वास्थ्य, संस्कृति एवं सौम्य-दिव्य भारतीय सभ्यता के अपूर्व संगम तथा सुखमय जीवन शैली के मूलाधार योग का अभ्यास कराया गया। योग शिक्षक सुनील कुमार भगत ने उपस्थित लोगों को प्रतिदिन योगाभ्यास कर विकार रहित जीवन जीने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस शुभ अवसर पर सुबह ठीक 7 बजे सूर्य की सप्त किरणों के बीच सुनील ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पावन वेला में उपस्थित सभी शिक्षकवृंद, थाना प्रभारी मनोज महतो, एएसआई महादेव चौधरी, पुलिस स्टाफ, छात्र-छात्राओं तथा बड़ी संख्या में उपस्थित सरकारी कर्मियों, युवाओं एवं ग्रामीणों को सप्रेम नमन करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा सफल जीवन की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   योग दिवस पर सुनील जी ने ताड़ासन, वज्रासन, नौकासन, नाड़ी शोधन (अनुलोम-विलोम), भस्त्रिका, कपालभाति सहित अन्य कई प्रकार के आसन एवं प्राणायाम का अत्यंत मनोरम अभ्यास कराया। साथ ही योग की महत्ता एवं विशिष्टता पर सरल और प्रभावशाली शैली में प्रकाश डालते हुए लोगों को प्रतिदिन स्वच्छ स्थान पर योगाभ्यास करने तथा अपने जीवन को रोगमुक्त, सुखमय, प्रफुल्लित और तनावमुक्त बनाने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   इस अवसर पर योग शिक्षक सुनील कुमार ने ब्रह्माण्ड के मूलाधार नाद ‘ॐ’ का ध्यान एवं अट्टहास योग भी कराया। अंत में 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का शुभ समापन सभी को बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं देकर किया।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:32:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैं सूतपुत्र कर्ण से नहीं करूंगी विवाह – द्रोपद पुत्री द्रौपदी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong> द्रौपदी के स्वयंवर सभा में जब अंगराज कर्ण ने नीचे पात्र में रखे तेल की छाया में मछली की आंख में निशान लगाने के लिए धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना चाहा तभी पांचाली बोल पड़ी—मैं नहीं करूंगी सूतपुत्र से विवाह। इस पर तर्क-वितर्क होने पर धृष्टद्युम्न ने कहा—स्वयंवर की घोषणा में बताया गया है कि कन्या की इच्छा पर निर्भर है कि वह किसे वरण करना चाहती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">      पांचाली पांचाल देश के राजा द्रोपद की कन्या थी और वह अग्निकुंड से प्रकट हुई थी। इस कारण इन्हें अग्निसूता भी कहा जाता है। स्वयंवर सभा में वीर-महावीरों ने</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">श्रीकृष्ण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178243/i-will-not-marry-sutaputra-karna-%E2%80%93-draupada-daughter-draupadi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/news-2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong> द्रौपदी के स्वयंवर सभा में जब अंगराज कर्ण ने नीचे पात्र में रखे तेल की छाया में मछली की आंख में निशान लगाने के लिए धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना चाहा तभी पांचाली बोल पड़ी—मैं नहीं करूंगी सूतपुत्र से विवाह। इस पर तर्क-वितर्क होने पर धृष्टद्युम्न ने कहा—स्वयंवर की घोषणा में बताया गया है कि कन्या की इच्छा पर निर्भर है कि वह किसे वरण करना चाहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   पांचाली पांचाल देश के राजा द्रोपद की कन्या थी और वह अग्निकुंड से प्रकट हुई थी। इस कारण इन्हें अग्निसूता भी कहा जाता है। स्वयंवर सभा में वीर-महावीरों ने भरपूर प्रयत्न करने के बाद भी प्रत्यंचा चढ़ाने में विफल रहे। तब ब्राह्मण वेषधारी कौंतेय ने धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर मछली की आंख को भेदते हुए सभी को अचंभित कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   कर्ण महावीर थे और मछली की आंख आसानी से भेद सकते थे, पर पांचाली ने विवाह नहीं करने की बात क्यों कही? क्या सूत होने के कारण ही द्रौपदी ने मना किया या इसके पीछे कई गूढ़ रहस्य छिपे हैं? यद्यपि उक्त प्रसंग हजारों वर्ष पूर्व का है, परन्तु प्रमाणिक तथ्यों की अनदेखी कर लोग, विशेषकर भारतीय ज्ञानपरक व राष्ट्रीय हितों की उपेक्षा कर, उन गूढ़ रहस्यों को स्वार्थवश नहीं कहते और राष्ट्रीय जनजीवन को भ्रमित करते रहे हैं। इससे देश ही नहीं, भारत विरोधी तत्व भी देश की मान्य छवि को धुंधला करते रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   सनातन संस्कृति, धर्म एवं परम्पराओं में सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग में, ईसा की सातवीं सदी अर्थात भारत पर विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण से पूर्व तक, किसी प्रकार की जातीयता का प्रमाणिक उल्लेख नहीं मिलता। सनातन सांस्कृतिक मूल्य कर्म आधारित रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   कर्ण के संदर्भ में उल्लेखनीय है कि वे कौंतेय थे। गुरु द्वारा प्रदत्त सूर्य मंत्र का परीक्षण करने हेतु कुंती ने आह्वान किया और सूर्य भगवान प्रकट हुए। वहीं वरदान स्वरूप पुत्र की प्राप्ति हुई, लेकिन उन्होंने कुंती को आशीर्वाद दिया कि वे कुमारी ही रहेंगी। लोकलाज के कारण उन्होंने बालक को गंगा में प्रवाहित कर दिया। कर्ण कवच-कुंडल लेकर जन्मे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   दूसरी ओर कर्ण का पालन-पोषण एक सूत परिवार में हुआ और राधेय इनकी माता कही गईं। इसी कारण कर्ण राधेय भी कहलाए। उन दिनों रथ चलाने वाले को सूत कहा जाता था। जिस प्रकार आज वाहन चलाने वाले को चालक या ड्राइवर कहा जाता है, चाहे वह किसी भी वर्ग का हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   उपमा के तौर पर आज भी कोई सम्पन्न या रईस व्यक्ति किसी चालक से अपनी सुकन्या का विवाह करना पसंद नहीं करता। लोग कहते हैं कि द्रौपदी ने श्रीकृष्ण के संकेत से ऐसा किया। पांचाली को कृष्णा भी कहा जाता है और भाई होने के नाते वे बहन के हित की ही सोचते।</div>
<div style="text-align:justify;">श्रीकृष्ण भगवान थे और पांचाली के पूर्व जन्मों के सभी कर्मों व इच्छाओं को भली-भांति जानते थे कि उनका परिणय किनके साथ होगा तथा भविष्य में कौन-कौन सी घटनाएं घटेंगी और उनका समाधान कैसे होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   कहा जाता है कि कौरव दल में भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, अश्वत्थामा और कर्ण जैसे महारथी थे। इसे ध्यान में रखते हुए संजय ने धृतराष्ट्र से कहा—महाराज, विजय दुर्योधन की होगी, परन्तु दुर्योधन सहित पांच को छोड़कर सभी मारे जाएंगे और अंततः भारी पराजय होगी। इस पर धृतराष्ट्र ने कहा—संजय, तुमने मुझसे कभी झूठ नहीं कहा, पर ऐसा कैसे हो सकता है?</div>
<div style="text-align:justify;">इस पर संजय ने विनम्र होकर कहा—महाराज, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इसके मूल में श्रीकृष्ण थे और वे सदैव सत्य और धर्म का पक्ष लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   सनातन धर्म और संस्कृति कर्म आधारित रही है और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा के साथ विश्व कल्याण की कामना करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:53:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झामुमो ने बुथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के लिए की बैठक </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया-पाकुड़, झारखण्ड। </strong>पाकुड़िया  प्रखंड के अन्तर्गत मोंगलाबांध, तेतुलिआ और मोहलपहाड़ी व पाकुड़िया पंचायत अंतर्गत विभिन्न बूथों में बीते  सोमवार को संगठन विस्तार को लेकर बूथ कमेटी एवं BLA का गठन किया गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने तथा मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को सक्रियता के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया। मौके पर पर्यावेक्षक सह प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा ने कहा कि मजबूत बूथ संगठन ही किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत होती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर -घर जाकर लोगों से जुड़ने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178241/jmm-holds-meeting-to-strengthen-organization-at-booth-level"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/news-1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया-पाकुड़, झारखण्ड। </strong>पाकुड़िया  प्रखंड के अन्तर्गत मोंगलाबांध, तेतुलिआ और मोहलपहाड़ी व पाकुड़िया पंचायत अंतर्गत विभिन्न बूथों में बीते  सोमवार को संगठन विस्तार को लेकर बूथ कमेटी एवं BLA का गठन किया गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने तथा मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को सक्रियता के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया। मौके पर पर्यावेक्षक सह प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा ने कहा कि मजबूत बूथ संगठन ही किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर -घर जाकर लोगों से जुड़ने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की।पर्यावेक्षक सह प्रखंड सचिव मैनुद्दीन अंसारी ने कहा पंचायत स्तरीय कार्यकर्त्ता ही पार्टी का रीढ़ है। तथा SIR और जनगणना के बारे मे पार्टी कार्यकर्त्ता को समझया का वही पर्यावेक्षक अब्दुल बनीज ने कहा कि BLA की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाताओं को जागरूक करने तथा हर जरूरतमंद तक सहयोग पहुंचाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान छोटू भगत, कालिदास टुडू,पंचायत सचिव हरदेव साह,पंचायत अध्यक्ष जोगेश टुडू,पंचायत अध्यक्ष सागराम , नेजाम अंसारी , मोईन आलम, सिकंदर अली, अनामूल मियां, कारण गुप्ता, मंजूर अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। गांव में आयोजित इस बैठक को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:49:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>व्यक्तिगत अहम् को धर्म युद्ध बताना सनातन धर्म एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत : हिन्दू विचार मंच पाकुड़िया इकाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong>    495 वर्षों के उपरांत भारतवर्ष की पावन भूमि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर देश की सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में भव्य-दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रीराम मूर्ति का विधिवत प्राण प्रतिष्ठा करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती की आलोचना से लेकर मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम स्नान और इन दिनों व्यक्तिगत अहम् के अश्व पर सवार होकर शंकराचार्य ने गौ रक्षा के नाम पर योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध लखनऊ प्रस्थान को धर्म युद्ध बताकर सनातनियों में धर्म के प्रति संशय-भ्रम पैदा कर भारत की प्रगति को अवरुद्ध</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172849/describing-personal-ego-as-a-religious-war-is-against-sanatan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/news-13.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong>  495 वर्षों के उपरांत भारतवर्ष की पावन भूमि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर देश की सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में भव्य-दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रीराम मूर्ति का विधिवत प्राण प्रतिष्ठा करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती की आलोचना से लेकर मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम स्नान और इन दिनों व्यक्तिगत अहम् के अश्व पर सवार होकर शंकराचार्य ने गौ रक्षा के नाम पर योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध लखनऊ प्रस्थान को धर्म युद्ध बताकर सनातनियों में धर्म के प्रति संशय-भ्रम पैदा कर भारत की प्रगति को अवरुद्ध करने की कुचेष्टा करते दिख रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसे धर्म युद्ध कहना सनातन सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत ही नहीं अपितु राष्ट्र विरोधी तत्वों को बल प्रदान कर राष्ट्रीय प्रगति को अवरुद्ध करने की कुचेष्टा कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।स्मरण रहे सनातन धर्म कोई व्यक्ति नहीं है और न ही किसी के द्वारा थोपी गई मान्यता है। धर्म का व्यापक अर्थ कर्म है और धर्म वही है जो मानवीय हितों का संवर्धन करते हुए राष्ट्र की रक्षा-सुरक्षा में सहायक हो।क्या शंकराचार्य जी को यह प्रसंग ज्ञात नहीं है कि श्रीकृष्ण ने सूर्यपुत्र कर्ण को वध करने की आज्ञा दी जब वह अस्त्र-शस्त्र को रथ पर रख कीचड़ में फंसे रथ के पहिये को निकाल रहा था। तब कर्ण ने इसे अधर्म कहते हुए कृष्ण को धिक्कारा। तब योगेश्वर ने कर्ण को द्रौपदी के चीरहरण, अभिमन्यु वध आदि स्मरण कराते हुए धर्म की व्यापकता बताई, जिस पर कर्ण चुप हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शंकराचार्य कहते हैं कि वे ग्यारह मार्च को लखनऊ में शंख बजाकर गौरक्षा के लिए उद्घोष करेंगे जैसे महाभारत युद्ध को श्रीकृष्ण ने धर्म युद्ध कहा था। सनातन धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों में गौ माता का स्थान ऊँचा रहा है और आज भी है। यद्यपि सनातन परम्पराओं में जीव हत्या को पाप कहते हुए सभी जीवों की रक्षा करना धर्म कहा गया है।रघुवंशी महाराज शिवि ने तो एक कबूतर की रक्षा हेतु अपने प्राण अर्पित करने को तत्परता दिखाई थी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिन्दू होने का प्रमाण मांगते हुए संन्यासी नहीं होने की बात कह दी। परन्तु उन्हें धर्म की व्यापकता के आलोक में दशरथ नंदन अयोध्या अधिपति श्रीरामचन्द्र जी के बाल्य, तरुण और अश्वमेध यज्ञ करने के उपरांत चक्रवर्ती सम्राट बनने तक के कालक्रमों पर गंभीरता से मंथन करते हुए धर्म के मर्म को समझना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या रामजी केवल पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन कर धर्म की व्यापकता और सार्थकता सिद्ध की, या प्रजापालन करते हुए आर्यावर्त और जम्बूद्वीप को मानव तथा राष्ट्र विरोधी तत्वों का संहार कर समृद्धि के शिखर पर पहुँचाया? वहीं श्रीराम ने माँ जानकी को वनवास देने के उपरांत क्या स्वयं संन्यासी जीवन नहीं जिया? केवल गेरुआ वस्त्र धारण करना ही संन्यास नहीं है। इसके साथ कामना और वासनाओं का पूर्ण परित्याग करना ही वास्तविक संन्यास है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हिन्दू कोई मत-पंथ नहीं है। हिन्दू एक विशाल जीवन शैली है और इसकी अवधारणा में सम्पूर्ण विश्व एक विशाल परिवार के रूप में समाया है जिसमें सबके कल्याण की कामना की गई है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दर्शन में वे हिन्दू हैं चाहे वे किसी भी मत-पंथ या उपासना पद्धति को मानते हों, यदि उनकी राष्ट्रीय निष्ठा भारतीय राष्ट्र के प्रति समर्पित हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि प्राचीन वेदों, उपनिषदों और स्मृतियों में हिन्दू शब्द का उल्लेख नहीं मिलता है। तात्पर्य यह है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज जी को व्यक्तिगत अहम् का परित्याग कर योगी आदित्यनाथ जैसे कर्मनिष्ठ प्रशासक के विरुद्ध गौरक्षा के नाम पर प्रदेश को अस्थिर नहीं करना चाहिए। इससे न केवल सनातनी भ्रमित होंगे बल्कि भारत विरोधी लॉबी को भी सहारा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहाँ तक गौमाता की रक्षा की बात है, इसकी चर्चा विपक्षी तथा सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा लोकसभा और विधानसभाओं में कर समस्या का समाधान संविधान के तहत सर्वसम्मति से किया जाना चाहिए। योगी जी के प्रशासनिक काल में गौमाता को सुरक्षा तो मिल ही रही है, वहीं दूसरी ओर माता-बहनें भी स्वयं को सुरक्षित अनुभव करते हुए प्रगति की ओर बढ़ रही हैं। यदि कोई विचलित है तो वह भूमाफिया, अपराधी तथा अराष्ट्रीय तत्व हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को भी शंकराचार्य जी का पूरा सम्मान राष्ट्रहित में करना चाहिए ताकि भारतवर्ष की पावन धरा पर 7वीं से 13वीं सदी तक आक्रांताओं तथा उसके बाद देशी राजाओं की आपसी प्रतिस्पर्धा और द्वेष के कारण मुगल व अंग्रेजों के पराधीन काल में भारतीयों पर हुई यातनाओं से सबक लेते हुए हम भारतीय अपने स्वर्णिम अतीत से प्रेरणा लेकर भारतवर्ष को पुनः सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली बनाते हुए समृद्धि के शिखर पर पहुँचा सकें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 17:59:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनावश्यक पक्की नाली व गार्डवालों का निर्माण कर सरकारी राशि का हो रहा है दुरुपयोग-ग्रामीण </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong> पाकुड़िया प्रखण्ड के सुदूर विभिन्न पंचायतों के ग्रामीण इलाकों में अनावश्यक पक्की नाली एवम् गार्डवालों का निर्माण कर सरकारी राशि का दुरूपयोग करने की बातें ग्रामीणों द्वारा कही जाती रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही सूचनाओं के आलोक में बताया जा रहा है कि बिना स्थलीय जांच के अनावश्यक विशेष कर पक्की नालियां व गार्डवालों का निर्माण किया गया है। हालांकि आवश्यक स्थलों पर निर्माण को लोगों ने सराहना भी की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत, पंचायत समिति, विधायक, सांसद, जिला परिषद या जिस विभाग की राशि हो वह सरकार की राशि है। सरकार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171565/government-funds-are-being-misused-by-constructing-unnecessary-concrete-drains"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-116.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:-</strong> पाकुड़िया प्रखण्ड के सुदूर विभिन्न पंचायतों के ग्रामीण इलाकों में अनावश्यक पक्की नाली एवम् गार्डवालों का निर्माण कर सरकारी राशि का दुरूपयोग करने की बातें ग्रामीणों द्वारा कही जाती रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही सूचनाओं के आलोक में बताया जा रहा है कि बिना स्थलीय जांच के अनावश्यक विशेष कर पक्की नालियां व गार्डवालों का निर्माण किया गया है। हालांकि आवश्यक स्थलों पर निर्माण को लोगों ने सराहना भी की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत, पंचायत समिति, विधायक, सांसद, जिला परिषद या जिस विभाग की राशि हो वह सरकार की राशि है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सड़क, पक्की नाली, गार्डवाल आदि है लेकिन राशि की सही उपयोगिता के लिए सही व जनहित में स्थलों का चयन भी अत्यावश्यक बताया जाता रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थलीय निरीक्षण के बिना ही विशेष रूप से पक्की नाली, गार्डवाल व पुलियों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाती है जिस कारण ऐसी योजनाएं ग्रामीणों के हित में नहीं होने से राशि का दुरूपयोग होता है जिससे ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कहा कि इन दिनों विशेष रूप से कड़ी धूप व गर्मी के दिनों में सुदूर ग्रामीण इलाकों में जहां पेयजल का अभाव है और सरकारी नलकूपों में खराबी से पेयजल उपलब्ध होने में कठिनाई है वहां बेकार पड़े नलकूपों की पूरी मरम्मती कराने की चेष्टा हो। वहीं पंचायतों के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने कूपों का जीर्णोद्धार कराकर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और जहां आवश्यक हो जल निकासी का समाधान करते हुए वहां पक्की नालियों एवम् जरूरी हो तो गार्डवाल, पुलियों का निर्माण किया जाए जिससे सरकारी राशि का सदुपयोग जनहित में हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने विशेषकर महिलाओं ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों को खराब नलकूपों को ठीक से मरम्मती कराने की बात कहने पर कहा जाता है कि फिलहाल फंड नहीं है और जल एवम् स्वच्छता विभाग से भी कई अवसरों पर सामान उपलब्ध नहीं होने की बातें ग्रामीणों को कही जाती हैं। फलतः अनेकों बार टोलेवासियों को चंदा लेकर प्राइवेट मिस्त्री से नलकूप की मरम्मती करानी पड़ती है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 20:10:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाथी पांव से बचाव हेतु स्वास्थ्य कर्मियों ने ब्लॉक परिसर में कैंप कर खिलाई दवा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:-</strong> पाकुड़ जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने हेतु विगत 9 फरवरी प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भरत भूषण भगत, चिकित्सकों एवम् स्वास्थ्य कर्मियों ने पाकुड़िया प्रखंड को फाइलेरिया मुक्त करने के अभियान की घोषणा की और 10 से 25 फरवरी तक पाकुड़िया प्रखंड में लगभग एक लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य रख तत्परता से जुट गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस क्रम में 10 को प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा खिलाई गई जबकि दूसरे दिन डोर-टू-डोर सेविकाओं तथा स्वास्थ्य सहियाओं ने दवा खिला कर लक्ष्य पाने में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171201/to-protect-against-elephantiasis-health-workers-camped-in-the-block"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-213.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:-</strong> पाकुड़ जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने हेतु विगत 9 फरवरी प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भरत भूषण भगत, चिकित्सकों एवम् स्वास्थ्य कर्मियों ने पाकुड़िया प्रखंड को फाइलेरिया मुक्त करने के अभियान की घोषणा की और 10 से 25 फरवरी तक पाकुड़िया प्रखंड में लगभग एक लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य रख तत्परता से जुट गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस क्रम में 10 को प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा खिलाई गई जबकि दूसरे दिन डोर-टू-डोर सेविकाओं तथा स्वास्थ्य सहियाओं ने दवा खिला कर लक्ष्य पाने में जुटी हैं। विभिन्न सुदूर ग्रामीण इलाकों में फाइलेरिया की दवा खिलाते हुए देखा जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर 24 फरवरी को पाकुड़िया प्रखंड कार्यालय परिसर में स्वास्थ्य कर्मियों को फाइलेरिया (हाथी पांव) से बचाव हेतु दवा खिलाने में लगनशीलता से जुटे हुए देखा गया। हालांकि फाइलेरिया मुक्त करने में कितने लोगों को दवा खिलाई गई इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 19:15:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम में बदलाव के संकेत से गहराने लगी है विभिन्न ग्रामीण इलाकों में पेय जल की समस्या</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड, झारखंड:-</strong> जल प्रकृति प्रदत्त सभी जीव धारियों के लिए अनुपम भेंट है जिस पर स्वतः सबों का अधिकार है परन्तु इस अनमोल उपहार को व्यवस्थित नहीं किए जाने से कृत्रिम जल संकट पैदा हो रहा है। इसके कारण लोगों की पेय जल की कठिनाइयां विशेष रूप से गर्मी के मौसम में प्रति वर्ष देखी जा रही हैं। हालांकि ठंड के दिनों में भी प्रखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में सरकारी नलकूपों के खराब रहने के कारण कई क्षेत्रों में जल समस्या देखी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बहरहाल गर्मी और धूप की आहट से प्रखंड के धावाडंगाल, तालवा, पलियादह के सोगले रोड</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171199/due-to-change-in-weather-the-problem-of-drinking-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-114.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड, झारखंड:-</strong> जल प्रकृति प्रदत्त सभी जीव धारियों के लिए अनुपम भेंट है जिस पर स्वतः सबों का अधिकार है परन्तु इस अनमोल उपहार को व्यवस्थित नहीं किए जाने से कृत्रिम जल संकट पैदा हो रहा है। इसके कारण लोगों की पेय जल की कठिनाइयां विशेष रूप से गर्मी के मौसम में प्रति वर्ष देखी जा रही हैं। हालांकि ठंड के दिनों में भी प्रखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में सरकारी नलकूपों के खराब रहने के कारण कई क्षेत्रों में जल समस्या देखी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बहरहाल गर्मी और धूप की आहट से प्रखंड के धावाडंगाल, तालवा, पलियादह के सोगले रोड टोला, पात पहाड़ी सड़क टोला, पात पहाड़ी माझी टोला सहित विभिन्न पंचायतों के ग्रामीण क्षेत्रों में पेय जल घटने की सूचना है। बताया जाता है कि जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा पाकुड़िया प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जल कूप लगाए गए हैं लेकिन अनेक नलकूप और जल टंकियां खराब होने से पेय जल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके कारण विशेषकर गर्मी के दिनों में पेय जल की भीषण कठिनाइयों की आशंका ग्रामीण महिलाओं को दिख रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का मानना है कि समय रहते यदि खराब पड़े नलकूपों और जल टंकियों की पूर्ण रूप से मरम्मत विभाग की ओर से करा दी जाए तो जल संकट की समस्या के समाधान में यह सहायक हो सकता है। जल एवं स्वच्छता विभाग को जल आपूर्ति की समस्याओं के निदानार्थ प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर पेय जल आपूर्ति की पहल करनी चाहिए ताकि पेय जल की सुविधा ग्रामीणों को उपलब्ध हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 19:11:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नुकीले बिखरे स्टोन मेटल रोड पर आवागमन में होती है अत्यधिक कठिनाई : पूर्व मुखिया सखावत अली</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड :-</strong> पाकुड़िया प्रखण्ड अंतर्गत खाकसा पंचायत के मलिकपुर ग्राम की सड़क विगत कई वर्षों से ध्वस्त व जीर्ण रहने से लोगों के आवागमन में बड़ी कठिनाई होती रही है। उक्त जर्जर स्टोन मेटल पथ की महत्ता के संदर्भ में तेज-तर्रार पूर्व मुखिया ने बताया कि उक्त रोड से पलियादह, दोमुहानी, मलिकपुर, शिवरात, खजूरचुंआ ग्राम के अलावा सीमावर्ती राज्य बंगाल से भी लोग अपने निकट संबंधियों के यहाँ आते-जाते रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सड़क वर्षों से ध्वस्त रहने एवं उस पर बिखरे नुकीले स्टोन मेटल के कारण साइकिल व बाइक चलाना जोखिम भरा है। नंगे पाँव चलने में पैरों के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171041/there-is-great-difficulty-in-movement-on-the-sharp-scattered"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-101.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड :-</strong> पाकुड़िया प्रखण्ड अंतर्गत खाकसा पंचायत के मलिकपुर ग्राम की सड़क विगत कई वर्षों से ध्वस्त व जीर्ण रहने से लोगों के आवागमन में बड़ी कठिनाई होती रही है। उक्त जर्जर स्टोन मेटल पथ की महत्ता के संदर्भ में तेज-तर्रार पूर्व मुखिया ने बताया कि उक्त रोड से पलियादह, दोमुहानी, मलिकपुर, शिवरात, खजूरचुंआ ग्राम के अलावा सीमावर्ती राज्य बंगाल से भी लोग अपने निकट संबंधियों के यहाँ आते-जाते रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सड़क वर्षों से ध्वस्त रहने एवं उस पर बिखरे नुकीले स्टोन मेटल के कारण साइकिल व बाइक चलाना जोखिम भरा है। नंगे पाँव चलने में पैरों के कटने का डर बना रहता है। वर्षा के मौसम में मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। सखावत ने बताया कि लोग इसी रोड से रामपुरहाट बाजार जाकर सब्जियां तथा अन्य सामानों की खरीदारी करते रहे हैं। वहीं रामपुरहाट अस्पताल, बाजार और ट्रेन सेवा की सुविधा हेतु भी लोगों का आवागमन इसी पथ से होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अच्छी सड़क बन जाने पर लोग आसानी से ऑटो-टोटो से आवागमन कर सकेंगे। पूर्व मुखिया सहित मलिकपुर ग्राम के लोगों ने विधायक प्रोफेसर स्टेफन मरांडी से आवागमन की सुविधा के लिए इस जीर्ण पथ के निर्माण की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 19:54:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विष्णु महायज्ञ हेतु भूमि पूजन से लोगों में दिखी उल्लास की झलक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- </strong>यज्ञ सनातन संस्कृति की अमूल्य निधि है। यज्ञ पूर्णत: वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित होते हुए इसके व्यापक अर्थ में संगतिकरण का भाव निहित है। यज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड ही नहीं है अपितु लोक रंजन का सशक्त सेतु भी है। वहीं यज्ञ के वैज्ञानिक पक्ष की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि यज्ञ वेदी पर निर्मित हवन कुंड में होमी गई आम, पाकड़ आदि विभिन्न वृक्षों की समिधाएं व हवन सामग्रियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि देव-दानवों के अलावा याज्ञवल्क्य, पराशर, संदीपनी, अगस्त्य, विश्वामित्र सहित ऋषि-महर्षियों ने विधिवत यज्ञ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171035/glimpse-of-joy-seen-among-people-after-bhoomi-pujan-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-311.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- </strong>यज्ञ सनातन संस्कृति की अमूल्य निधि है। यज्ञ पूर्णत: वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित होते हुए इसके व्यापक अर्थ में संगतिकरण का भाव निहित है। यज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड ही नहीं है अपितु लोक रंजन का सशक्त सेतु भी है। वहीं यज्ञ के वैज्ञानिक पक्ष की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि यज्ञ वेदी पर निर्मित हवन कुंड में होमी गई आम, पाकड़ आदि विभिन्न वृक्षों की समिधाएं व हवन सामग्रियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि देव-दानवों के अलावा याज्ञवल्क्य, पराशर, संदीपनी, अगस्त्य, विश्वामित्र सहित ऋषि-महर्षियों ने विधिवत यज्ञ का अनुष्ठान कर दुर्लभ सिद्धियां प्राप्त कीं। शास्रोक्त रीति-नीति से यज्ञ कर दशानन रावण और बड़े-बड़े राजाओं ने मनोवांछित फल प्राप्त किए। यज्ञ से देवों को बल मिलता है एवं वे प्रसन्न होकर मानव के सारे मनोरथ पूर्ण करते हैं।हालांकि सनातन सांस्कृतिक मूल्यों में उल्लेखित यज्ञ की महत्ता बताना संभव नहीं है। यदि इसके एक पक्ष संगतिकरण को भी हम साकार रूप में लें तो मानवीय हित को संबल मिलता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अस्तु, विगत कई वर्षों के उपरांत प्रखण्ड मुख्यालय पाकुड़िया स्थित रामलल्ला यज्ञ मैदान में पुनः विष्णु महायज्ञ के भव्य आयोजन किए जाने से प्रखण्डवासियों में अपूर्व उत्साह और उल्लास से प्रखण्ड का कण-कण रोमांचित होता दिख रहा है। वहीं दूसरी ओर विष्णु महायज्ञ के आयोजन से पाकुड़िया प्रखण्ड में आध्यात्मिक सुगंध बिखरने से लोगों के मन-मस्तिष्क में अपूर्व उत्साह का संचार होगा जिससे मन प्रसन्न रहेगा। इससे लोगों में सामाजिक सद्भाव की वृद्धि होगी और नकारात्मक भाव का लोप होता दिखेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विष्णु यज्ञ के विशाल आयोजन और मनोरंजन की सामग्री आने तथा संध्या को बंगला, संथाली व लाल मोहन तिवारी की मनोहारी शैली में हिन्दी, बंगला, खोरठा भाषा में श्रीराम विवाह, शिव-पार्वती सहित कई आख्यायिकाओं की प्रस्तुतियों से प्रखण्डवासियों की उत्सुकता बढ़ती दिख रही है और 21 से 29 अप्रैल की वेला की प्रतीक्षा में लोग पलकें बिछाए बैठे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यज्ञ समिति के उत्साही तरुणों के प्रति लोगों ने बधाई दी है और विश्वास जताया है कि वे विष्णु महायज्ञ के आयोजन में पूर्णत: सफल होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 19:46:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सहियाओं के मानदेय पर विधानसभा में उठा सवाल, सरकार देगी एकमुश्त 24 हजार रुपये </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:-</strong> झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सहियाओं के मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विधायक स्टीफन मरांडी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मईयां सम्मान योजना के तहत 2,500 रुपये दिए जाते हैं, जबकि स्वास्थ्य सहियाओं को मात्र 2,000 रुपये मानदेय मिलता है, जो अनुचित है। उन्होंने सहियाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले निर्मल महतो ने भी सहियाओं की समस्याओं को सदन में उठाते हुए कहा कि कोरोना काल में सहियाओं ने अभूतपूर्व कार्य किया है, इसके बावजूद वे अक्सर कम मानदेय को लेकर धरना देने को मजबूर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170724/question-raised-in-the-assembly-on-the-honorarium-of-sahiyas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-210.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:-</strong> झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सहियाओं के मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विधायक स्टीफन मरांडी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मईयां सम्मान योजना के तहत 2,500 रुपये दिए जाते हैं, जबकि स्वास्थ्य सहियाओं को मात्र 2,000 रुपये मानदेय मिलता है, जो अनुचित है। उन्होंने सहियाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले निर्मल महतो ने भी सहियाओं की समस्याओं को सदन में उठाते हुए कहा कि कोरोना काल में सहियाओं ने अभूतपूर्व कार्य किया है, इसके बावजूद वे अक्सर कम मानदेय को लेकर धरना देने को मजबूर रहती हैं। उन्होंने सहियाओं को कम से कम 10,000 रुपये मासिक मानदेय देने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब में कहा कि राज्य में कुल 39,964 सहिया कार्यरत हैं और सरकार उनके प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि कोरोना अवधि के दौरान एक सहिया, रेनी देवी, की मृत्यु भी हुई थी। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में एक सहिया की औसत मासिक आय लगभग 12,000 रुपये है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंसारी ने घोषणा की कि सरकार 8 मार्च को राज्य की 42,000 सहियाओं को एकमुश्त 24,000 रुपये प्रदान करेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम सहियाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:44:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फुटबॉल प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुंची झामुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य उपासना मरांडी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:-</strong>   नावा मार्सल क्लब पंचायत फूलझीझिरी ग्राम दलदली खेदामारा के तत्वाधान में दलदली मैदान में तीन दिवसीय फाइनल फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फाइनल फुटबॉल मैच का उद्घाटन मुख्य अतिथि झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी, प्रखंड उपाध्यक्ष अशोक भगत, मुखिया बिनय सोरेन ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर परिचय प्राप्त कर एवं फुटबॉल  को उछाल कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पहुंचे हुए मुख्य अतिथियों का क्लब के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत कर सम्मानित किया। केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी ने अपने संबोधन में ने कहा कि खेल एक ऐसा प्लेटफॉर्म</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170722/jmm-central-committee-member-upasana-marandi-reached-the-final-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/news-111.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:-</strong>  नावा मार्सल क्लब पंचायत फूलझीझिरी ग्राम दलदली खेदामारा के तत्वाधान में दलदली मैदान में तीन दिवसीय फाइनल फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फाइनल फुटबॉल मैच का उद्घाटन मुख्य अतिथि झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी, प्रखंड उपाध्यक्ष अशोक भगत, मुखिया बिनय सोरेन ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर परिचय प्राप्त कर एवं फुटबॉल  को उछाल कर किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पहुंचे हुए मुख्य अतिथियों का क्लब के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत कर सम्मानित किया। केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी ने अपने संबोधन में ने कहा कि खेल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाता है। वहीं फाइनल फुटबॉल मैच हिरणपुर देवा टीम  एवं सपदहा के बीच खेला गया। जिसमे हिरणपुर देवा टीम ने सपादहा को एक गोल से हराकर जीत हासिल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया है। जिसके फाईनल में विजेता टीम हिरणपुर देवा को प्रथम पुरस्कार बड़ा खस्सी , द्वितीय पुरस्कार सपादहा को एक छोटा खस्सी प्राइज स्वरूप दिया गया । मौके पर महिला मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष शुभसिनी मुर्मू, सिल्वन्ति मुर्मू  अजीमुद्दीन अंसारी, पूर्व मुखिया गोमस्ता हेमब्रोम, बबलू मास्टर, कायलु अंसारी सहित अन्य झामुमो कार्यकर्त्ता एवं सैकड़ों खेलप्रेमी मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:41:11 +0530</pubDate>
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