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                <title>Rural Development - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Rural Development RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="markdown markdown-main-panel enable-updated-hr-color" dir="ltr" style="text-align:justify;">
<p style="text-align:justify;"><strong>विशेष संवाददाता, बाराबंकी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और बुनियादी सुविधाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शुरू हुआ 'जल जीवन मिशन' अब उत्तर प्रदेश के गाँवों में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसका सबसे जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण जनपद बाराबंकी के विकास खंड मसौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत <strong>इचौलिया</strong> में देखने को मिल रहा है। कभी दूरस्थ और पिछड़ेपन की मार झेलने वाले इस क्षेत्र में आज पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँच रहा है, जिसने यहाँ के सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180830/special-ground-report-jal-jeevan-mission-became-a-mass-movement"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.46.jpeg" alt=""></a><br /><div class="markdown markdown-main-panel enable-updated-hr-color" dir="ltr" style="text-align:justify;">
<p style="text-align:justify;"><strong>विशेष संवाददाता, बाराबंकी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और बुनियादी सुविधाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ शुरू हुआ 'जल जीवन मिशन' अब उत्तर प्रदेश के गाँवों में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसका सबसे जीवंत और प्रेरणादायी उदाहरण जनपद बाराबंकी के विकास खंड मसौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत <strong>इचौलिया</strong> में देखने को मिल रहा है। कभी दूरस्थ और पिछड़ेपन की मार झेलने वाले इस क्षेत्र में आज पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँच रहा है, जिसने यहाँ के सामाजिक और स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.44.jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1200" height="1600"></img></p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>लंबी कतारों और दूषित पानी से मिली मुक्ति</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">कुछ समय पहले तक इचौलिया और उसके आस-पास के गाँवों में सुबह और शाम का वक्त सिर्फ पानी के इंतजाम में बीत जाता था। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में जब पारंपरिक जल स्रोत और तालाब सूख जाते थे, तो यह समस्या और भी विकराल हो जाती थी। इसके अलावा, जमीन से निकलने वाले आर्सेनिक और बालू युक्त पानी के कारण ग्रामीणों को पेट और त्वचा से जुड़ी तमाम तरह की बीमारियाँ झेलनी पड़ती थीं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.44-(1).jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना) के लागू होने के बाद से यह पूरी जद्दोजहद अब इतिहास बन चुकी है। अब गाँव की महिलाओं को पानी के लिए घर से बाहर कदम नहीं रखना पड़ता।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>इचौलिया की आधुनिक जल संरचना: विकास का नया मॉडल</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">विकास खंड मसौली की ग्राम पंचायत इचौलिया में इस योजना को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर बेहद आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ तरीके से उतारा गया है। यहाँ स्थापित किया गया नया वाटर सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर किसी शहरी टाउनशिप से कम नहीं है। इस परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित अत्याधुनिक प्रणालियाँ तैयार की गई हैं:</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.42.jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1200" height="1600"></img></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>उच्च क्षमता वाला ओवरहेड टैंक (शिरोपरि जलाशय):</strong> पूरे गाँव में समान दबाव (Water Pressure) के साथ पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशाल और ऊँचे शिरोपरि जलाशय का निर्माण किया गया है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>गहरे बोर का नलकूप (ट्यूबवेल):</strong> भूजल के शुद्ध और सुरक्षित स्तर तक पहुँचने के लिए गहराई पर बोरिंग की गई है, जिससे स्वच्छ और बिना बालू वाला पानी मिलता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>स्वचालित पंप हाउस प्रणाली:</strong> पानी की री-फिलिंग और सप्लाई की पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक (स्वचालित) बनाया गया है, जिससे मानवीय गलतियों की गुंजाइश खत्म हो गई है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>सोलर ऊर्जा आधारित संचालन प्रणाली:</strong> इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल होना है। बिजली संकट से बेअसर, यह पूरी प्रणाली सौर ऊर्जा से संचालित होती है, जिससे बिजली बिल की बचत होती है और जलापूर्ति कभी बाधित नहीं होती।</p>
</li>
<li>
<p><strong>मजबूत बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा प्रबंध:</strong> पूरे परिसर को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सुरक्षा दीवार (बाउंड्रीवॉल) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित रहे।</p>
</li>
<li>
<p><strong>व्यापक पाइपलाइन वितरण नेटवर्क:</strong> गाँव की हर गली और हर घर को कवर करते हुए एक मजबूत और टिकाऊ पाइपलाइन का जाल बिछाया गया है, जिससे अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी पूरा पानी मिल सके।</p>
</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-08-at-17.51.41.jpeg" alt="विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: बाराबंकी के इचौलिया गाँव में ‘जल जीवन मिशन’ बना जन-आंदोलन, बदल गई 2100 से अधिक ग्रामीणों की तकदीर" width="1600" height="1200"></img></p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>2172 लोगों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इस आधुनिक और सौर-ऊर्जा संचालित व्यवस्था के माध्यम से वर्तमान में इचौलिया गाँव के लगभग <strong>2172 नागरिकों</strong> को रोजाना नियमित अंतराल पर स्वच्छ, सुरक्षित और क्लोरीनीकृत पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<blockquote>
<p><strong>स्वास्थ्य और समृद्धि का नया सवेरा:</strong></p>
<p>शुद्ध पानी मिलने से गाँव में जल जनित बीमारियों (Water-borne diseases) में भारी कमी दर्ज की गई है। स्थानीय पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) के आंकड़ों के मुताबिक, दूषित पानी से होने वाली बीमारियाँ अब न के बराबर रह गई हैं। साथ ही, पानी भरने में जो समय बर्बाद होता था, उसका उपयोग अब महिलाएँ स्वरोजगार और बच्चे पढ़ाई में कर रहे हैं।</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">इचौलिया की यह सफलता कहानी अब मसौली ब्लॉक के अन्य पिछड़े गाँवों के लिए एक 'रोल मॉडल' बन गई है। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि सरकारी योजनाओं को सही तकनीक और स्थानीय जनभागीदारी के साथ लागू किया जाए, तो ग्रामीण भारत का कायाकल्प दूर की कौड़ी नहीं है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 18:14:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत बबुरी के रोजगार सेवक जल सहयोग से रहागीरों को शरबत वितरण किया </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>भदपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत बबूरा बबूरी के रोजगार सेवक शैलेंद्र गंगवार ने आज ग्रामीणों के सहयोग से कि भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए क्यों लड़िया से नवाबगंज जाने वाली सड़क पर शरबत वितरण कर आने जाने वाले ग्रामीणों को शरबत पिलाकर गर्मी से राहत दिलाने का कार्य किया गया जिसको लेकर लोगों ने इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों को बधाई दी इसमें शमिल आईटी शैलेंद्र कुमार गंगवार ठाकुर विनय सिंह भीमसेन भगवान दास तुलाराम झांझर लाल आदि लोगों ने इस कार्य में सहयोग देकर सरवत वितरण कार्यक्रम को आयोजित कराया जिससे लोगों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180767/employment-servants-of-gram-panchayat-baburi-distributed-sherbet-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/2.---------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>भदपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत बबूरा बबूरी के रोजगार सेवक शैलेंद्र गंगवार ने आज ग्रामीणों के सहयोग से कि भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए क्यों लड़िया से नवाबगंज जाने वाली सड़क पर शरबत वितरण कर आने जाने वाले ग्रामीणों को शरबत पिलाकर गर्मी से राहत दिलाने का कार्य किया गया जिसको लेकर लोगों ने इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों को बधाई दी इसमें शमिल आईटी शैलेंद्र कुमार गंगवार ठाकुर विनय सिंह भीमसेन भगवान दास तुलाराम झांझर लाल आदि लोगों ने इस कार्य में सहयोग देकर सरवत वितरण कार्यक्रम को आयोजित कराया जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 19:15:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर नवाबगंज विधायक ने किया वृक्षारोपण </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्य ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अनेकों स्थानों पर वृक्षारोपणकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया किसी क्रम में उन्होंने आज विकासखंड भदपुरा पहुंचकर यहां के खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता के साथ ब्लॉक प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  वृक्षारोपण करने के बाद विधायक आर्य ने लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को एक-एक पेड़ लगाने का अनुरोध किया गया यहीं पर उपस्थित खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता ने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने की बात कहते</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180687/nawabganj-mla-planted-trees-on-world-environment-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1.---------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्य ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अनेकों स्थानों पर वृक्षारोपणकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया किसी क्रम में उन्होंने आज विकासखंड भदपुरा पहुंचकर यहां के खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता के साथ ब्लॉक प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> वृक्षारोपण करने के बाद विधायक आर्य ने लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को एक-एक पेड़ लगाने का अनुरोध किया गया यहीं पर उपस्थित खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता ने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने की बात कहते हुए उन्होंने जागरूक करने का कार्य किया और कहा एक पेड़ मां के नाम लगाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस अभियान को सफल बनाने के लिए अहम भूमिका निभाई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस कार्यक्रम को समझना और अपने ही हित की आवश्यकता है संसार में मां का ही दर्जा सबसे ऊपर है वह चाहे जन्मदिन वाली मां हो या फिर धरती मां हो इन दोनों के नाम वृक्ष लगाकर प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार करना चाहिए जिसके तहत हम जिस धरती मां के ऊपर रह रहे हैं जन्म लेने से लेकर मृत्यु के समय तक धरती मां की गोद में ही हम सबको समा जाना है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए एक वृक्ष मां के नाम लगाकर मां का सम्मान बढ़ाया जाना चाहिए इस कार्यक्रम के तहत ग्राम प्रधानों ने भी ग्राम पंचायत में एक वृक्ष मां के नाम लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का कार्य किया गया जिसके तहत ढकिया बर्कली क्यों लड़ियां के प्रधान रविंद्र कुमार गंगवार ने भी इस योजना में बढ़-चढ़कर भाग लिया और वृक्षारोपण किया गया इस कार्यक्रम के तहत विधायक ने नवाबगंज एवं भदपुरा के दर्जनों स्थानों पर वृक्षारोपण कर लोगों को वृक्ष लगाने का संदेश दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां पर उपस्थित विधायक डॉक्टर एमपी आर्य खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता क्यों लड़िया के प्रधान रविंद्र कुमार गंगवार टी आर गंगवार भाजपा मंडल अध्यक्ष ठाकुर जयदीप सिंह राजा बाबू समेत तकनीकी सहायक इतेंद्र पाल सिंह एपीओ सुमित कुमार समेत अनेकों लोग उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:17:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर बम्हनावा केंद्र में सामूहिक पौधारोपण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रेउसा ,बम्हनावा —</strong> विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ब्लॉक रेउसा के बम्हनावा स्वास्थ्य केंद्र में सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र की सीएचओ, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुबह करीब 10 बजे  केंद्र परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने एक स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यकर्ताओं ने एक पौधे को सामूहिक रूप से रोपित किया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने बताया कि पर्यावरण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180676/mass-plantation-at-bamhanwa-center-on-world-environment-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/21392.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रेउसा ,बम्हनावा —</strong> विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ब्लॉक रेउसा के बम्हनावा स्वास्थ्य केंद्र में सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र की सीएचओ, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुबह करीब 10 बजे  केंद्र परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने एक स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यकर्ताओं ने एक पौधे को सामूहिक रूप से रोपित किया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं बल्कि निरंतर प्रयास का विषय है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पेड़ लगाने, जल संरक्षण और स्वच्छता जागरूकता फैलाने जैसे कार्यों को बढ़ावा देने की बात कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीएचओ शिल्पी सिंह  ने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सबका यह छोटा सा प्रयास प्रकृति के संरक्षण में हमारी भागीदारी को दर्शाता है। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी बहनों के साथ मिलकर हम समुदाय को जागरूक करने का प्रयास करेंगे।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक रहा है। स्वास्थ्य विभाग की इन कर्मियों ने सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए अन्य नागरिकों से भी पौधारोपण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:52:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग उगलती भीषण गर्मी में प्यासे कंठों की कौन सुने दास्तां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए हैं। यह बढ़ती हुई भीषण गर्मी कहीं न कहीं मानव द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अंधाधुंध दोहन और प्रकृति-विनाश का परिणाम है। इसी के चलते जल के प्राकृतिक स्रोत समाप्त हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों के अंधाधुंध विनाश के कारण अनेक प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मूक वन्यजीवों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177391/who-will-listen-to-the-tales-of-thirsty-throats-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/download2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में इस समय भीषण और भयावह गर्मी का प्रकोप जारी है। हर वर्ष तापमान अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयां छू रहा है। आसमान से बरसती आग ने मानो समस्त जीव-जंतुओं के कंठ सूखा दिए हैं। यह बढ़ती हुई भीषण गर्मी कहीं न कहीं मानव द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अंधाधुंध दोहन और प्रकृति-विनाश का परिणाम है। इसी के चलते जल के प्राकृतिक स्रोत समाप्त हो रहे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जंगलों के अंधाधुंध विनाश के कारण अनेक प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मूक वन्यजीवों के जीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पानी प्रकृति के समस्त जीवों की मूलभूत और अनिवार्य आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन विडंबना यह है कि जब यही आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जीवों के अस्तित्व पर संकट गहराना स्वाभाविक है।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह स्वीकार करना होगा कि आजादी के साढ़े सात दशक बाद भी देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में यह कल्पना करना कठिन नहीं कि वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करते होंगे। मानव जीवन के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु केंद्र और राज्य सरकारें हर वर्ष अनेक प्रयास करती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जमीनी स्तर पर ये प्रयास अभी भी अपर्याप्त सिद्ध हो रहे हैं। विशेषकर सुदूर ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ‘नल-जल योजना’ एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी पहल है। बावजूद इसके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई स्थानों पर जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अनेक गाँवों में बनी पानी की टंकियाँ केवल दिखावा बनकर रह गई हैं। ये टंकियाँ प्यासे कंठों को राहत देने के बजाय व्यवस्था की खामियों का प्रतीक बनती जा रही हैं।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पानी हर जीव की मूलभूत आवश्यकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यदि इसी आवश्यकता की पूर्ति में कमी रह जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह न केवल गंभीर लापरवाही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अक्षम्य अपराध के समान है। भीषण गर्मी में जब लोग घर से बाहर निकलने से बचते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मीलों दूर से पानी लाने को विवश होते हैं। जल संकट के कारण मूक पशु-पक्षियों का जीवन बचाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रकृति-विनाश के चलते बढ़ती गर्मी और अस्तित्व बचाने के लिए भटकते वन्यजीव—ये दोनों ही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। ऐसे में सरकार और समाज को मिलकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर तक मानव और वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि इस दिशा में ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो देश के हर कोने में सभी जीवों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जा सकता है। अन्यथा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर वर्ष की भाँति आग उगलती गर्मी में प्यासे मूक प्राणियों की दास्तां अधूरी ही रह जाएगी।</span></p><p style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरविंद रावल</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन, रेउसा के गाँवों में पहुँचने लगा शुद्ध जल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>सीतापुर।-सचिन बाजपेयी </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<h5><strong>रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार</strong></h5>
<p>सीतापुर। ग्रामीण भारत में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जल जीवन मिशन</span></span> अब एक जन-आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। जनपद सीतापुर के विकास खंड रेउसा के दूरस्थ और पिछड़े गाँवों में इस योजना का प्रभाव न केवल दिख रहा है, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव भी ला रहा है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="827" height="551" /></p>
<p>जहाँ कभी ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए सुबह-शाम लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था या दूर-दराज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177043/pure-water-started-reaching-the-villages-of-jal-jeevan-mission"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>सीतापुर।-सचिन बाजपेयी </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5><strong>रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार</strong></h5>
<p>सीतापुर। ग्रामीण भारत में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">जल जीवन मिशन</span></span> अब एक जन-आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। जनपद सीतापुर के विकास खंड रेउसा के दूरस्थ और पिछड़े गाँवों में इस योजना का प्रभाव न केवल दिख रहा है, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव भी ला रहा है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="827" height="551"></img></p>
<p>जहाँ कभी ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए सुबह-शाम लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था या दूर-दराज के हैंडपंपों और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक शुद्ध पेयजल पहुँचने लगा है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जीवन में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।</p>
<hr />
<h3><span><strong>नगरौली: आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था का मॉडल गाँव</strong></span></h3>
<p>विकास खंड रेउसा की ग्राम पंचायत नगरौली इस योजना के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण बनकर उभरी है। यहाँ स्थापित की गई आधुनिक जल संरचना के अंतर्गत—</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.02.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="878" height="585"></img></p>
<ul>
<li>उच्च क्षमता वाला <strong>ओवरहेड टैंक (शिरोपरि जलाशय)</strong></li>
<li>गहरे बोर का <strong>नलकूप (ट्यूबवेल)</strong></li>
<li>स्वचालित <strong>पंप हाउस प्रणाली</strong></li>
<li><strong>सोलर ऊर्जा आधारित संचालन प्रणाली</strong></li>
<li>मजबूत <strong>बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा प्रबंध</strong></li>
<li>पूरे गाँव में फैला <strong>पाइपलाइन वितरण नेटवर्क</strong></li>
</ul>
<p>का निर्माण किया गया है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.58.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="674" height="449"></img></p>
<p>इस व्यवस्था से गाँव के लगभग <strong>3,632 लोगों</strong> को नियमित, स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल रहा है। जलापूर्ति की समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वाल्व सिस्टम और वितरण नियंत्रण भी लागू किया गया है, जिससे हर घर तक समान रूप से पानी पहुँच सके।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.59-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="710" height="473"></img></p>
<hr />
<h3><span><strong>अन्य ग्राम पंचायतों में भी तेज़ी से विस्तार</strong></span></h3>
<p>नगरौली के अलावा अकसोहा, बेलहा दरियाना और लडिलापुर जैसे गाँवों में भी परियोजना का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इन क्षेत्रों के करीब <strong>3,425 ग्रामीणों</strong> को अब नियमित जलापूर्ति मिल रही है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार:</p>
<ul>
<li>रेउसा ब्लॉक की <strong>33 ग्राम पंचायतों में आंशिक जलापूर्ति</strong> शुरू हो चुकी है</li>
<li>कई स्थानों पर <strong>पाइपलाइन बिछाने, कनेक्शन देने और परीक्षण कार्य</strong> अंतिम चरण में है</li>
<li>शेष गाँवों में कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए <strong>विशेष टीमें गठित</strong> की गई हैं</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.57.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="741" height="494"></img></p>
<hr />
<h3><span><strong>तकनीकी गुणवत्ता और निगरानी पर विशेष ध्यान</strong></span></h3>
<p>परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए—</p>
<ul>
<li>पाइपलाइन की <strong>लीकेज टेस्टिंग</strong> नियमित रूप से की जा रही है</li>
<li>जल की <strong>गुणवत्ता जांच (Water Testing)</strong> लैब के माध्यम से हो रही है</li>
<li>हर गाँव में <strong>स्थानीय जल समिति</strong> का गठन किया गया है</li>
<li>डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए <strong>रियल-टाइम प्रगति पर नजर</strong> रखी जा रही है</li>
</ul>
<p>इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीणों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि <strong>सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाला पेयजल</strong> मिले।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.56-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="701" height="467"></img></p>
<hr />
<h3><span><strong>स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर</strong></span></h3>
<p>स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से क्षेत्र में जलजनित बीमारियों जैसे—</p>
<ul>
<li>डायरिया</li>
<li>हैजा</li>
<li>टाइफाइड</li>
</ul>
<p>में कमी देखने को मिल रही है। स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ऐसे मामलों में गिरावट दर्ज की गई है, जो इस योजना की सफलता का संकेत है।</p>
<hr />
<h3><span><strong>महिलाओं और बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव</strong></span></h3>
<p>इस योजना का सबसे अधिक लाभ महिलाओं और बच्चों को मिला है। पहले—</p>
<ul>
<li>महिलाओं को प्रतिदिन कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था</li>
<li>बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी</li>
</ul>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.56.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="690" height="460"></img></p>
<p>अब—</p>
<ul>
<li>घर पर ही पानी मिलने से महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है</li>
<li>बच्चे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं</li>
<li>परिवारों की दिनचर्या अधिक व्यवस्थित और संतुलित हो गई है</li>
</ul>
<hr />
<h3><span><strong>ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: ‘अब जीवन आसान हुआ’</strong></span></h3>
<p>स्थानीय निवासी बताते हैं:</p>
<blockquote>
<p>“पहले पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी, खासकर गर्मियों में हालात और खराब हो जाते थे। अब घर पर ही साफ पानी मिल रहा है, जिससे हमारी जिंदगी काफी आसान हो गई है।”</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.25.01.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="776" height="517"></img></p>
</blockquote>
<hr />
<h3><span><strong>रोजगार और स्थानीय भागीदारी को भी बढ़ावा</strong></span></h3>
<p>इस योजना के निर्माण और संचालन में स्थानीय लोगों को भी जोड़ा गया है, जिससे—</p>
<ul>
<li>ग्रामीणों को <strong>रोजगार के अवसर</strong> मिले</li>
<li>परियोजना के प्रति <strong>स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना</strong> बढ़ी</li>
<li>रखरखाव कार्यों में <strong>स्थानीय सहभागिता</strong> सुनिश्चित हुई</li>
</ul>
<hr />
<h3><span><strong>प्रशासन की रणनीति: हर घर तक कनेक्शन</strong></span></h3>
<p>जल निगम (ग्रामीण) सीतापुर के अधिकारियों के अनुसार:</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.59.jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="755" height="503"></img></p>
<ul>
<li>लक्ष्य है कि <strong>हर घर तक पाइपलाइन कनेक्शन</strong> जल्द से जल्द पहुँचे</li>
<li>कार्यों की <strong>साप्ताहिक समीक्षा बैठकें</strong> की जा रही हैं</li>
<li>किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर <strong>तत्काल कार्रवाई</strong> के निर्देश हैं</li>
</ul>
<hr />
<h3><span><strong>रेउसा में दिख रही विकास की नई तस्वीर</strong></span></h3>
<p><span><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-23-at-16.24.57-(1).jpeg" alt="रेउसा में ‘हर घर जल’ की ओर मजबूत कदम — जल जीवन मिशन से गाँवों में आई विकास की नई धार" width="830" height="553"></img><br /></strong></span></p>
<p>जल जीवन मिशन के प्रभाव से रेउसा क्षेत्र के गाँव अब तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता ने न केवल जीवन स्तर को बेहतर बनाया है, बल्कि ग्रामीणों में विकास के प्रति नई आशा भी जगाई है।</p>
<p>यह पहल यह साबित करती है कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में और पारदर्शिता के साथ किया जाए, तो दूरस्थ गाँवों तक भी विकास की रोशनी आसानी से पहुँच सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177043/pure-water-started-reaching-the-villages-of-jal-jeevan-mission</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 18:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनरेगा कर्मियों की कलमबंद हड़ताल, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">मिश्रिख़ (सीतापुर) ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन ब्लॉक मिश्रिख के बैनर तले मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया। इस दौरान कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी  मिश्रिख को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। हड़ताल के आह्वान के तहत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और लेखा सहायकों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें कलमबंद हड़ताल का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176754/penal-strike-of-mnrega-workers-memorandum-submitted-to-bdo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260420-wa00071.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">मिश्रिख़ (सीतापुर) ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन ब्लॉक मिश्रिख के बैनर तले मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया। इस दौरान कर्मचारियों ने खंड विकास अधिकारी  मिश्रिख को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। हड़ताल के आह्वान के तहत ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और लेखा सहायकों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें कलमबंद हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष अमित कश्यप, अश्वनी शुक्ल, सना खान, शिवसागर, रामनाथ सहित करीब आधा सैकड़ा मनरेगा कर्मी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 20:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाली में गेहूं की क्रॉप कटिंग, औसत उत्पादन 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>भदोही। </strong>रबी फसलों के उत्पादन के आकलन के तहत जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।</div>
<div>  </div>
<div>किसान श्रीमती पान देवी व शीतला प्रसाद के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कटाई व थ्रेसिंग कराई गई, जिसमें क्रमशः 18.02 किग्रा व 14.71 किग्रा उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।</div>
<div>  </div>
<div>यह प्रयोग भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कृषि व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174994/crop-cutting-of-wheat-in-pali-average-production-38-quintals"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>भदोही। </strong>रबी फसलों के उत्पादन के आकलन के तहत जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।</div>
<div> </div>
<div>किसान श्रीमती पान देवी व शीतला प्रसाद के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कटाई व थ्रेसिंग कराई गई, जिसमें क्रमशः 18.02 किग्रा व 14.71 किग्रा उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।</div>
<div> </div>
<div>यह प्रयोग भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कृषि व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div> </div>
<div>निरीक्षण के दौरान पाली-सुरियावां मार्ग की साइड पटरी के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इस मौके पर उपजिलाधिकारी भान सिंह, तहसीलदार अजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी इरम कुमारी सहित अन्य अधिकारी व किसान मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174994/crop-cutting-of-wheat-in-pali-average-production-38-quintals</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता भारत सुरक्षा विकास और विश्वास की नई विजयगाथा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत ने लंबे समय तक जिस आंतरिक चुनौती का सामना किया वह नक्सलवाद के रूप में देश के अनेक हिस्सों में फैली रही। यह समस्या केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं थी बल्कि इसने सामाजिक आर्थिक और मानवीय जीवन को भी गहराई से प्रभावित किया। दशकों तक आदिवासी क्षेत्रों में भय असुरक्षा और पिछड़ापन बना रहा। गांवों में विकास की रफ्तार थम गई और लोगों का भरोसा व्यवस्था से डगमगाने लगा। आज जब देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है तब यह आवश्यक हो जाता है कि इस परिवर्तन के पीछे की नीति संकल्प और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174668/india-moving-towards-the-end-of-naxalism-a-new-victory"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1926804-10.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत ने लंबे समय तक जिस आंतरिक चुनौती का सामना किया वह नक्सलवाद के रूप में देश के अनेक हिस्सों में फैली रही। यह समस्या केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं थी बल्कि इसने सामाजिक आर्थिक और मानवीय जीवन को भी गहराई से प्रभावित किया। दशकों तक आदिवासी क्षेत्रों में भय असुरक्षा और पिछड़ापन बना रहा। गांवों में विकास की रफ्तार थम गई और लोगों का भरोसा व्यवस्था से डगमगाने लगा। आज जब देश नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है तब यह आवश्यक हो जाता है कि इस परिवर्तन के पीछे की नीति संकल्प और प्रयासों को समझा जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गृह मंत्रालय के नेतृत्व में बीते वर्षों में जो रणनीति अपनाई गई वह बहुआयामी रही। केवल सुरक्षा बलों की तैनाती तक सीमित न रहकर सरकार ने विकास और विश्वास दोनों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया। यही कारण है कि जिन क्षेत्रों में कभी बंदूक की आवाज गूंजती थी वहां आज स्कूल खुल रहे हैं सड़कें बन रही हैं और जीवन सामान्य हो रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं आया बल्कि इसके पीछे वर्षों की योजनाबद्ध मेहनत और स्पष्ट नीति रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नक्सलवाद की जड़ें अक्सर गरीबी और पिछड़ेपन से जोड़कर देखी जाती रही हैं। लेकिन वास्तविकता इससे अधिक जटिल रही है। कई ऐसे क्षेत्र भी थे जहां आर्थिक स्थिति कमजोर थी फिर भी वहां नक्सलवाद नहीं पनपा। इसका अर्थ यह है कि नक्सलवाद केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि एक वैचारिक और रणनीतिक चुनौती भी था। वामपंथी उग्रवाद ने आदिवासी समाज को अपने प्रभाव में लेकर उन्हें मुख्यधारा से दूर करने का प्रयास किया। स्कूलों को जलाना विकास कार्यों को रोकना और भय का वातावरण बनाना इस रणनीति का हिस्सा रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गृह मंत्रालय ने इस सच्चाई को समझते हुए अपनी नीति तैयार की। सुरक्षा बलों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया। खुफिया तंत्र को मजबूत बनाया गया और स्थानीय पुलिस को सशक्त किया गया। इसके साथ ही आत्मसमर्पण की नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया गया जिससे बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौटे। यह केवल सैन्य सफलता नहीं बल्कि सामाजिक पुनर्वास का भी उदाहरण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्तर जैसे क्षेत्रों में जो परिवर्तन देखने को मिला वह इस नीति की सफलता का प्रमाण है। जहां कभी प्रशासन की पहुंच सीमित थी वहां आज सरकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं। राशन की दुकानों से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं। आधार और राशन कार्ड के माध्यम से लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है। इससे लोगों का विश्वास बढ़ा है और वे हिंसा से दूर होकर विकास की राह पर चलने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके विपरीत यदि पिछले दशकों की स्थिति पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि लंबे समय तक इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना रहा। सड़कें नहीं बनीं स्कूल नहीं खुले और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंचीं। इस शून्य का लाभ उठाकर उग्रवादी संगठनों ने अपनी पकड़ मजबूत की। लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि व्यवस्था उनके खिलाफ है और हथियार उठाना ही एकमात्र रास्ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी देखा गया कि उस समय नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट और कठोर नीति का अभाव था। कई बार राजनीतिक इच्छाशक्ति कमजोर दिखाई दी और समस्या को टालने का प्रयास किया गया। इससे नक्सलवाद का विस्तार हुआ और वह कई राज्यों तक फैल गया। देश के एक बड़े भूभाग में इसका प्रभाव देखा गया जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान समय में स्थिति बदल चुकी है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि जो लोग भटक गए हैं उन्हें वापस लाने का अवसर मिले। इस संतुलित दृष्टिकोण ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।</div>
<div style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब आदिवासी समाज स्वयं इस बदलाव का भागीदार बन रहा है। वे समझ चुके हैं कि विकास और शांति ही उनके भविष्य का आधार है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के कार्यक्रमों ने उन्हें नई दिशा दी है। युवा पीढ़ी अब हथियार नहीं बल्कि शिक्षा और रोजगार को अपना लक्ष्य बना रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नक्सलवाद के अंत की यह यात्रा केवल सरकार की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे समाज की जीत है। इसमें सुरक्षा बलों का साहस प्रशासन की प्रतिबद्धता और आम नागरिकों का सहयोग सभी शामिल हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि यदि सही नीति और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य किया जाए तो सबसे जटिल समस्याओं का समाधान भी संभव है।आज जब देश इस चुनौती से लगभग मुक्त होने की ओर बढ़ रहा है तब यह आवश्यक है कि इस उपलब्धि को बनाए रखा जाए। विकास की गति को निरंतर बनाए रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी क्षेत्र फिर से पिछड़ापन और असुरक्षा का शिकार न बने। यही सच्चे अर्थों में नक्सलवाद के अंत की स्थायी गारंटी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः यह कहा जा सकता है कि भारत ने एक लंबी और कठिन लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गृह मंत्रालय के नेतृत्व में अपनाई गई रणनीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुरक्षा और विकास साथ साथ चल सकते हैं। यह केवल एक समस्या का समाधान नहीं बल्कि नए भारत की दिशा का संकेत है जहां हर नागरिक को समान अवसर और सुरक्षित जीवन का अधिकार प्राप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बभनकुइया में जल अर्पण दिवस व विश्व जल दिवस पर भव्य समारोह,।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बभनकुइया ग्राम में रविवार को विश्व जल दिवस एवं जल अर्पण दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जल जीवन मिशन के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीण पटेल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आए। उन्होंने योजना को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह पहल गांवों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173905/grand-celebration-on-water-offering-day-and-world-water-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260322-wa0133.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बभनकुइया ग्राम में रविवार को विश्व जल दिवस एवं जल अर्पण दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जल जीवन मिशन के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीण पटेल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आए। उन्होंने योजना को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह पहल गांवों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह के दौरान जल संरक्षण और उसके महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और वर्षा जल संचयन जैसे उपाय अपनाएं, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। आयोजन के अंत में जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी को जागरूक किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173905/grand-celebration-on-water-offering-day-and-world-water-day</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 22:02:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाधान दिवस में कुल 209 प्रकरण सुनवाई के लिए आयें, 13 प्रकरणों का मौके पर किया गया निस्तारण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील मेजा में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देशित किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने के लिए निर्देशित किया है।</div>
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<div style="text-align:justify;">            जिलाधिकारी ने इस अवसर पर तहसील में पोषण अभियान के अन्तर्गत 4 महिलाओं-सविता देवी, रचना कुमारी, कविता कुमारी, अंजली की गोदभराई एवं 3 बच्चों-दिव्यांशी, वेदांश एवं अर्पिता का अन्नप्राशन भी कराया। इसके साथ</div>
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<div style="text-align:justify;">सम्पूर्ण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172797/a-total-of-209-cases-came-for-hearing-on-samadhan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260307-wa0171.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात,</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील मेजा में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देशित किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने के लिए निर्देशित किया है।</div>
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<div style="text-align:justify;">      जिलाधिकारी ने इस अवसर पर तहसील में पोषण अभियान के अन्तर्गत 4 महिलाओं-सविता देवी, रचना कुमारी, कविता कुमारी, अंजली की गोदभराई एवं 3 बच्चों-दिव्यांशी, वेदांश एवं अर्पिता का अन्नप्राशन भी कराया। इसके साथ ही उन्होंने गर्भवती महिलाओं को लगाये जाने वाले टीको के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।  </div>
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<div style="text-align:justify;">सम्पूर्ण समाधान दिवस में  केशव दास ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत कनिगड़ा विकास खण्ड उरूवा के द्वारा ग्राम पंचायत में पीने के पानी के टंकी के निर्माण हेतु उनके द्वारा जमीन उपलब्ध कराये जाने के बाद भी अभी तक टंकी का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराये जाने की शिकायत की, जिसपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण को जल्द से जल्द कार्य को शुरू कराये जाने का निर्देश दिए है। इसी क्रम में ग्राम प्रधान  केशव दास के द्वारा ही ग्राम पंचायत में प्रस्तावित अत्येष्टी स्थल निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत कराने का अनुरोध किया गया, जिसपर जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को प्रकरण पर नियमसंगत कार्यवाही करने के लिए कहा है। समाधान दिवस मे कृष्णा बिहारी पुत्र भैरव बक्स के द्वारा बोरिंग के लिए 7.5एचपी विद्युत कनेक्शन हेतु 9 माह पूर्व किए गए ऑनलाइन आवेदन के सम्बंधित एसडीओ स्तर पर लम्बित होने तथा अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं किए जाने की शिकायत की गयी, जिसपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को विद्युत कनेक्शन से सम्बंधित कार्यवाही को शीघ्रता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। इसी प्रकार किरन देवी पत्नी स्व0 कृष्ण बहादुर निवासी ग्राम करदहा के द्वारा उनके पति की मृत्यु के पश्चात देवर श्याम बहादुर के द्वारा परिवार रजिस्टर से उनका नाम हटवाकर जमीन पर कब्जा किए जाने का प्रयास करने की शिकायत की, जिसपर जिलाधिकारी डीपीआरओ को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। प्रार्थी शशीकांत शुक्ला निवासी ग्राम औता तुलापुर के द्वारा तालाब के किनारे विद्युत लाइन के दो खम्भों के गिरने तथा विद्युत लाइन के क्षतिग्रस्त होने से पानी में करंट उतरने की सम्भावना के दृष्टिगत विद्युत लाइन को सही कराये जाने से सम्बंधित प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को प्रकरण पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।  </div>
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<div style="text-align:justify;">सम्पूर्ण समाधान दिवस पर तहसील मेजा में कुल 209 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें राजस्व विभाग से सम्बंधित 70, विकास विभाग की 15, पुलिस विभाग 43, समाज कल्याण विभाग-03 व अन्य विभागों से सम्बंधित 78 थी, जिनमें से 13 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने शेष शिकायतों के निस्तारण हेतु सम्बंधित विभागांें के अधिकारियों को शिकायतों को आज ही प्राप्त करते हुए उनको निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा है कि शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य रूप से निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत हो जाना चाहिए।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)  पूजा मिश्रा, उपजिलाधिकारी मेजा  सुरेन्द्र कुमार, परियोजना निदेशक  भूपेन्द्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी जी0पी0 कुशवाहा, जिला पंचायतराज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी, जिलापूर्ति अधिकारी  सुनील कुमार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 23:29:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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