<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/5373/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>हिंदी समाचार - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/5373/rss</link>
                <description>हिंदी समाचार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ पिछले 09 वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के तहत 14.13 करोड़ रुपये की लागत से 58 अन्त्येष्टि स्थलों का निर्माण कराया गया। यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरिमामय अंतिम संस्कार व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है। इन स्थलों के निर्माण से ग्रामीण जनता को सुविधा मिलने के साथ सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार ग्रामीण प्रशासन को सुदृढ़ बनाने हेतु राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आर०जी०एस०ए०) के अंतर्गत 18.51 करोड़ रुपये की लागत से 106 पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होते हैं, जहां ग्राम सभाएं, विकास योजनाओं की बैठकें और प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन पंचायत भवनों ने ग्राम स्तर पर सुशासन को मजबूती दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्वच्छता के क्षेत्र में भी जनपद लखनऊ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 31.87 करोड़ रुपये की लागत से 491 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इन शौचालयों के निर्माण से सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई और विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों तथा जरूरतमंदों को सुविधा मिली। यह कार्य ग्रामीण स्वच्छता अभियान की सफलता का प्रमुख उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी क्रम में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 267.05 करोड रुपये की लागत से 2.22.538 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया। यह उपलब्धि खुले में शौच मुक्त (ODF) अभियान को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी, महिलाओं की गरिमा सुरक्षित हुई तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाने हेतु आर०जी०एस०ए० योजनान्तर्गत 3.12 करोड़ रुपये की लागत से 78 जन सेवा केन्द्रों का निर्माण कराया गया। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं, प्रमाणपत्र, आवेदन और योजनाओं से संबंधित जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है। इससे शासन की सेवाओं की पहुंच गांव तक सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों के अतिरिक्त पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के माध्यम से गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी। गांवों में सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन, पेयजल, सौर लाइट, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों में विभाग ने डिजिटल गवर्नेस को भी बढ़ावा दिया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायत लेखा प्रणाली और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था के माध्यम से पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। पंचायत सहायकों और पंचायत सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया।महिला सशक्तिकरण भी इस प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढी है और महिला ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों में सक्रिय योगदान दिया है। स्वयं सहायता समूहों और पंचायतों के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मनरेगा के अंतर्गत भी पंचायती राज विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किए। तालाबों का पुनरुद्धार, चकरोड निर्माण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कराया गया। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों की उपलब्धता बेहतर हुई।<br />सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका अत्यंत प्रभावी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, राशन वितरण और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सहायता में पंचायतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता के क्षेत्र में भी विभाग ने सराहनीय प्रगति की है। केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग विकास कार्यों में प्रभावी ढंग से किया गया। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया गया। यदि पिछले 09 वर्षों की उपलब्धियों को समग्र रूप में देखा जाए तो पंचायती राज विभाग द्वारा केवल योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं किया गया, बल्कि ग्रामीण जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य हुआ है। 58 अन्त्येष्टि स्थल, 106 पंचायत भवन, 491 सामुदायिक शौचालय, 2.22 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालय और 78 जन सेवा केंद्र जैसी उपलब्धियां इस प्रगति को मूर्त रूप देती हैं। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर के प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुशासन, सम्मानजनक जीवन, प्रशासनिक पहुंच और सामाजिक विकास को नई ऊंचाई दी है। पंचायती राज विभाग की यह प्रगति 'सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निश्चित रूप से पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में पंचायती राज विभाग की प्रगति उल्लेखनीय, बहुआयामी और प्रेरणादायी रही है। आने वाले समय में डिजिटल पंचायत, स्मार्ट ग्राम और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा के साथ यह प्रगति और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:44:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas17.jpg"                         length="137242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas17.jpg"                         length="137242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ कोर्ट ने पॉक्सो मामले में आरोपी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ के विशेष न्यायालय पॉक्सो ने नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार और संबंधित अपराधों के मामले में आरोपी पूरन कश्यप को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर लगाए गए सभी आरोपों को साबित मानते हुए कठोर दंड दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (POCSO एक्ट) कुमार प्रशान्त ने की। फैसला 30 जुलाई  को सुनाया गया। अभियोग पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अभिषेक उपाध्याय और अरुण कुमार ने दलीलें रखीं, जबकि बचाव पक्ष की ओर से निजी अधिवक्ता  आर.एन. यादव उपस्थित रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>मामले</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184361/lucknow-court-sentenced-20-years-rigorous-imprisonment-to-the-accused"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/2023031278.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ के विशेष न्यायालय पॉक्सो ने नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार और संबंधित अपराधों के मामले में आरोपी पूरन कश्यप को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर लगाए गए सभी आरोपों को साबित मानते हुए कठोर दंड दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (POCSO एक्ट) कुमार प्रशान्त ने की। फैसला 30 जुलाई  को सुनाया गया। अभियोग पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अभिषेक उपाध्याय और अरुण कुमार ने दलीलें रखीं, जबकि बचाव पक्ष की ओर से निजी अधिवक्ता  आर.एन. यादव उपस्थित रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>मामले की पृष्ठभूमि</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />पुलिस थाना वजीरगंज, जनपद लखनऊ की मुकदमा में आरोपी पूरन कश्यप (आयु 55 वर्ष, पुत्र स्व. भोला कश्यप, निवासी  राजेन्द्र नगर, थाना नाका, लखनऊ) पर धारा 376(2)एन, 323, 504, 506, 452 भा.दं.सं. तथा धारा 5/6 POCSO एक्ट के तहत मुकदमा चलाया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />वादी  (पीड़िता के पिता) के अनुसार, आरोपी (रिश्तेदार) 4 मई 2023 को उनके घर आकर 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ जबरन बलात्कार किया। पीड़िता की मां की मृत्यु हो चुकी थी और घर पर कोई जिम्मेदार सदस्य नहीं रहता था। आरोपी लगभग छह महीने तक मौका पाकर बार-बार बलात्कार करता रहा, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। डॉक्टर ने छह महीने की गर्भावस्था की पुष्टि की।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />आरोपी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दबाव डालकर 19 नवंबर 2023 को पीड़िता का विवाह अपने बड़े बेटे आयुष कश्यप से करवा दिया।<br />अदालत का निर्णय और सजा</p>
<p style="text-align:justify;"><br />अदालत ने अभियोजन साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट तथा डीएनए रिपोर्ट (जिसमें आरोपी पीड़िता के नवजात शिशु का जैविक पिता साबित हुआ) पर विश्वास जताते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि आरोपी ने नाबालिग रिश्तेदार की असहाय स्थिति का फायदा उठाकर गंभीर अपराध किया, इसलिए किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जा सकती।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सुनाई गई सजाएं:</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2">- धारा 5/6 POCSO एक्ट (धारा 376(2)एन भा.दं.सं. सहित): 20 वर्ष कठोर कारावास तथा 50,000 अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर 1 वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास)।<br />- धारा 452 भा.दं.सं.: 3 वर्ष कठोर कारावास तथा 5,000 अर्थदंड।<br />- धारा 323 भा.दं.सं.: 6 महीने कठोर कारावास तथा 1,000 अर्थदंड।<br />- धारा 504 भा.दं.सं.: 1 वर्ष कठोर कारावास तथा 1,000 अर्थदंड।<br />- धारा 506 भा.दं.सं.: 2 वर्ष कठोर कारावास तथा 2,000 अर्थदंड।</blockquote>
<p style="text-align:justify;">सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जेल में पूर्व में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अर्थदंड की राशि पीड़िता को पुनर्वास के लिए दी जाएगी। अदालत ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने का भी निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ को भी निर्देश दिया है कि पीड़िता को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। सजायाबी वॉरंट जिला कारागार लखनऊ भेजने तथा निर्णय की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और पीड़िता को उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फैसला नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा और  पॉक्सो कानून के कड़े प्रावधानों को दोहराता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184361/lucknow-court-sentenced-20-years-rigorous-imprisonment-to-the-accused</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184361/lucknow-court-sentenced-20-years-rigorous-imprisonment-to-the-accused</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:29:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/2023031278.jpg"                         length="125143"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी मुकदमों की बढ़ती चुनौती: एससी-एसटी और पॉक्सो कानूनों के कथित दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय न्याय व्यवस्था में देरी तो है ही पर इसके साथ बहुत से मामले ऐसे हैं जिनका दुरुपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है। हम बात कर रहे हैं एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो मामलों की जिनमें आदमी अगर सतर्क नहीं रहा तो बहुत बुरी तरह से घिर जाता है। एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के बढ़ते मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं। कुछ ऐसे संगठित गिरोह भी हैं जो महिलाओं के द्वारा आदमियों को फंसवाते देखे गए हैं। हालांकि उन गिरोहों का पर्दाफाश होता है लेकिन तब तक आरोपी को सज़ा काटनी ही पड़ती है। इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184359/growing-challenge-of-fake-cases-serious-questions-raised-on-alleged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/rajeev.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय न्याय व्यवस्था में देरी तो है ही पर इसके साथ बहुत से मामले ऐसे हैं जिनका दुरुपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है। हम बात कर रहे हैं एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो मामलों की जिनमें आदमी अगर सतर्क नहीं रहा तो बहुत बुरी तरह से घिर जाता है। एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के बढ़ते मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं। कुछ ऐसे संगठित गिरोह भी हैं जो महिलाओं के द्वारा आदमियों को फंसवाते देखे गए हैं। हालांकि उन गिरोहों का पर्दाफाश होता है लेकिन तब तक आरोपी को सज़ा काटनी ही पड़ती है। इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के कानून का दुरुपयोग वर्षों से हो रहा है लेकिन आज तक कितनी ही सरकारें आईं हों इनमें संसोधन नहीं हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान न्याय का अधिकार देता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे विशेष कानून बनाए गए जो समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों को सुरक्षा प्रदान कर सकें। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और पॉक्सो कानून भी इसी सोच का परिणाम हैं। इन कानूनों ने अनेक पीड़ितों को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है और समाज में अपराधियों के विरुद्ध कठोर संदेश दिया है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक दूसरा पक्ष भी लगातार चर्चा में रहा है। कई लोग आरोप लगाते हैं कि व्यक्तिगत दुश्मनी, संपत्ति विवाद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या पारिवारिक संघर्ष में इन कानूनों का दुरुपयोग कर झूठे मुक़दमे दर्ज कराए जाते हैं। यह मुद्दा अदालतों, विधि विशेषज्ञों और समाज के बीच लगातार बहस का विषय बना हुआ है। क्या सचमुच फर्जी मुकदमों की बाढ़ है?</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यह कहना कि अधिकांश एससी-एसटी या पॉक्सो के मामले फर्जी हैं, उपलब्ध आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर उचित नहीं होगा। कई मामलों में जांच के बाद आरोप सिद्ध नहीं हो पाते, लेकिन इसका कारण हमेशा झूठा मुकदमा नहीं होता। कमजोर जांच, पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव, गवाहों का मुकर जाना, समझौते का दबाव या लंबी न्यायिक प्रक्रिया भी इसके कारण हो सकते हैं। हालाँकि, विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने अलग-अलग मामलों में यह भी स्वीकार किया है कि कुछ मामलों में कानूनों का दुरुपयोग होने की शिकायतें सामने आई हैं। इसलिए यह विषय संतुलित दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। निर्दोष व्यक्ति पर मुकदमे का प्रभाव- यदि कोई व्यक्ति वास्तव में झूठे मुकदमे में फँस जाता है, तो उसका प्रभाव केवल अदालत तक सीमित नहीं रहता। उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, नौकरी पर संकट आ सकता है, आर्थिक बोझ बढ़ जाता है और पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजरता है। वर्षों तक मुकदमा चलने के बाद यदि वह निर्दोष साबित भी हो जाए, तब भी खोया हुआ समय और सम्मान आसानी से वापस नहीं आता। दूसरी ओर यह भी नहीं भूलना चाहिए कि एससी-एसटी कानून और पॉक्सो अधिनियम लाखों वास्तविक पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। भारत में जातीय उत्पीड़न और बच्चों के साथ यौन अपराध आज भी गंभीर समस्या हैं। यदि इन कानूनों को कमजोर किया जाए या हर शिकायत को संदेह की दृष्टि से देखा जाए, तो वास्तविक पीड़ित न्याय पाने से वंचित हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसलिए चुनौती यह नहीं है कि कानून समाप्त कर दिए जाएँ, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका सही और निष्पक्ष उपयोग हो। देश की अदालतों में करोड़ों मुकदमे लंबित हैं। विशेष कानूनों के अंतर्गत दर्ज मामलों की संख्या बढ़ने से न्यायिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सुनवाई में देरी के कारण न तो पीड़ित को समय पर न्याय मिल पाता है और न ही निर्दोष व्यक्ति को शीघ्र राहत। तेज और वैज्ञानिक जांच, पर्याप्त न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा समयबद्ध सुनवाई इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार की जिम्मेदारी केवल कठोर कानून बनाना नहीं है, बल्कि उनकी निष्पक्ष क्रियान्वयन व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। यदि कहीं झूठे मुकदमे दर्ज होते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यदि वास्तविक पीड़ित न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो उन्हें भी समय पर न्याय मिलना चाहिए। इस विषय पर कई विधि विशेषज्ञ निम्न सुधारों की आवश्यकता बताते हैं— निष्पक्ष और वैज्ञानिक पुलिस जांच। फॉरेंसिक साक्ष्यों का अधिक उपयोग। विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाना।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण। यदि अदालत यह पाए कि शिकायत जानबूझकर झूठी और दुर्भावनापूर्ण थी, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई। पुलिस और अभियोजन अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण। "सरकार और अदालतें धृतराष्ट्र बनी हुई हैं" जैसी अभिव्यक्ति एक राजनीतिक और भावनात्मक टिप्पणी हो सकती है, लेकिन वास्तविक समाधान तथ्यों और संस्थागत सुधारों में निहित है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में दो सिद्धांत समान रूप से महत्वपूर्ण हैं—दोषी को दंड मिले और निर्दोष को अनावश्यक दंड या उत्पीड़न न झेलना पड़े। इसलिए आवश्यकता न तो कानूनों को कमजोर करने की है और न ही हर शिकायत को झूठा मानने की। आवश्यकता ऐसी न्याय व्यवस्था की है जो वास्तविक पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाए, निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करे और न्याय प्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत बनाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184359/growing-challenge-of-fake-cases-serious-questions-raised-on-alleged</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184359/growing-challenge-of-fake-cases-serious-questions-raised-on-alleged</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 22:55:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/rajeev.jpg"                         length="77904"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद में जमीन विवाद को लेकर पीड़ित परिवार ने लगाया पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप, जान का खतरा बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती में जमीन विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय पुलिस लीपापोती कर रही है और उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार के अनुसार, परिवार के सदस्य करन रावत, धर्म रावत, राजवीर रावत, नैना रावत  इस विवाद से प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि गांव में जहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184305/the-victims-family-accused-the-police-of-pressurizing-them-regarding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-29-at-21.42.46.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती में जमीन विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय पुलिस लीपापोती कर रही है और उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार के अनुसार, परिवार के सदस्य करन रावत, धर्म रावत, राजवीर रावत, नैना रावत  इस विवाद से प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि गांव में जहां एक बिस्वा जमीन की कीमत करीब 5 लाख रुपये है, वहीं उनके बड़े भाई को शराब पिलाकर बहला-फुसलाकर बेहद कम कीमत पर जमीन का बैनामा करा लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-29-at-21.42.54.jpeg" alt="मलिहाबाद में जमीन विवाद को लेकर पीड़ित परिवार ने लगाया पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप, जान का खतरा बताया" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में ग्राम प्रधान रामशंकर की भूमिका संदिग्ध रही और उन्होंने साजिश के तहत जमीन का बैनामा कराया। और पूरा पैसा हड़प कर लिया उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष आर्थिक एवं दस्तावेजी जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार का यह भी आरोप है कि मलिहाबाद थाने में मामले की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि एक दरोगा, जिसका वर्तमान में संबंधित हल्के से तबादला हो चुका है, फिर भी उन्हें फोन कर थाने बुला रहा है और जांच के नाम पर दबाव बना रहा है। पीड़ितों ने सवाल उठाया कि यदि जांच दस्तावेजों और बैंक खातों से संबंधित है तो उन्हें बार-बार थाने बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार ने मांग की है कि पूरे मामले में बैंक खातों, जमीन के बैनामे और अन्य दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है, जिससे परिवार भय के माहौल में जी रहा है l मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184305/the-victims-family-accused-the-police-of-pressurizing-them-regarding</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184305/the-victims-family-accused-the-police-of-pressurizing-them-regarding</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 16:38:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-29-at-21.42.46.jpeg"                         length="164582"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीस दिन में दो बेटों की मौत से उजड़ा परिवार, बनपुरवा में संदिग्ध मौतों से सनसनी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हंडिया थाना क्षेत्र के बनपुरवा गांव में बीस दिनों के भीतर एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। लगातार हुई इन घटनाओं से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां की गोद सूनी हो गई। गांव में मातम के साथ-साथ लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, 9 जून को परिवार के छोटे बेटे एवं नवविवाहित संतोष कुमार का शव गांव के बाहर नीम के पेड़ से फंदे के सहारे लटका मिला था।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182674/family-devastated-by-death-of-two-sons-in-twenty-days"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260703_194720.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हंडिया थाना क्षेत्र के बनपुरवा गांव में बीस दिनों के भीतर एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। लगातार हुई इन घटनाओं से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां की गोद सूनी हो गई। गांव में मातम के साथ-साथ लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, 9 जून को परिवार के छोटे बेटे एवं नवविवाहित संतोष कुमार का शव गांव के बाहर नीम के पेड़ से फंदे के सहारे लटका मिला था। उस समय भी परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। परिवार अभी इस गहरे सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 3 जुलाई को बड़े भाई सुशील कुमार का शव घर के टीन शेड वाले कमरे में दुपट्टे के सहारे लटका मिला। लगातार दो भाइयों की मौत से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मृतकों के परिजनों का आरोप है कि दोनों भाइयों की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। मृतकों के भाई ने स्थानीय विधायक समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि पहली घटना की निष्पक्ष जांच समय पर होती तो शायद दूसरी घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया और भरोसा दिलाया कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जाएगी। </div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182674/family-devastated-by-death-of-two-sons-in-twenty-days</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182674/family-devastated-by-death-of-two-sons-in-twenty-days</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 22:04:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img_20260703_194720.jpg"                         length="75950"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारियों का डीएम-एसपी ने लिया जायजा, सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><br /></div><div><strong>बलरामपुर, 10 जून। </strong>उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बुधवार को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।</div><div>निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम तथा प्रवेश एवं निकास व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के निर्देश देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180961/dm-sp-took-stock-of-preparations-for-constable-recruitment-exam-special"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260610-wa0390.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><br /></div><div><strong>बलरामपुर, 10 जून। </strong>उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बुधवार को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।</div><div>निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम तथा प्रवेश एवं निकास व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के निर्देश देते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।</div><div>जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने अभ्यर्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div><div>अधिकारियों ने परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पूरी सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके।</div><div>पुलिस प्रशासन की ओर से परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180961/dm-sp-took-stock-of-preparations-for-constable-recruitment-exam-special</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180961/dm-sp-took-stock-of-preparations-for-constable-recruitment-exam-special</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 19:19:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260610-wa0390.jpg"                         length="124058"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौत की फैक्ट्री ने खोली व्यवस्था की पोल,सबूतों के बाद भी यदि जिम्मेदार बच जाएं तो न्याय अधूरा रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारे प्रशासनिक तंत्र, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की वास्तविक तस्वीर को सामने लाने वाली त्रासदी है। आठ लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, केवल आंकड़ा नहीं है बल्कि उन परिवारों की जिंदगी का वह अंधेरा अध्याय है जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी अवैध गतिविधियां वर्षों तक प्रशासन और पुलिस की नजरों से कैसे बची रहती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिस मकान में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह रिहायशी इलाके के बीचोंबीच स्थित था। वहां करीब डेढ़ सौ मकानों में छह सौ से अधिक लोग रहते हैं। ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगभग पचास किलो बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण किसी भी समय बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था। मकान किराए पर दिया गया था, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन कराया गया और न ही विधिवत किरायानामा तैयार किया गया। यह स्थिति बताती है कि नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने व्यवस्था की कई परतों को उजागर किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से संचालित थी और स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी थी। यदि आसपास रहने वाले लोग जानते थे कि यहां पटाखों का काम होता है तो फिर पुलिस, प्रशासन और अन्य जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। थाना क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी होती है। बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक की जवाबदेही तय होती है। ऐसे में यह मान लेना कठिन है कि किसी को इसकी जानकारी नहीं थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि हादसे के समय वहां काम करने वाले मजदूर बेहद असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य कर रहे थे। बारूद के बीच मजदूरों से काम लिया जा रहा था। वहीं खाना भी बनाया जाता था और घरेलू गैस सिलेंडर भी रखा हुआ था। सुरक्षा मानकों की ऐसी घोर अनदेखी किसी भी क्षण विनाश का कारण बन सकती थी। जब आग लगी तो मजदूर जान बचाने के लिए बाहर भागे। कई लोग बुरी तरह झुलस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके कपड़ों के साथ चमड़ी तक निकल गई थी। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है।</div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती समय में आग इतनी भयावह थी कि घटनास्थल के निकट पहुंचना मुश्किल था। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकाला। यदि स्थानीय नागरिक साहस नहीं दिखाते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। यह तथ्य भी चिंताजनक है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद घटनास्थल पर तत्काल और व्यवस्थित आपदा प्रबंधन व्यवस्था दिखाई नहीं दी। ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन अक्सर हमारी व्यवस्थाएं इन्हीं क्षणों में कमजोर पड़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ हो। देश के विभिन्न हिस्सों में हर वर्ष ऐसे हादसे होते हैं और दर्जनों लोग जान गंवाते हैं। कुछ महीने पहले खैरथल-तिजारा क्षेत्र में भी इसी प्रकार का हादसा हुआ था। उसके बाद हजारों फैक्ट्रियों की जांच की गई और बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस देने के बाद क्या हुआ। यदि कार्रवाई प्रभावी होती तो शायद जयपुर की यह घटना टाली जा सकती थी। केवल नोटिस जारी कर देना प्रशासनिक सफलता नहीं कहलाता। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब नियमों का पालन सुनिश्चित हो और अवैध इकाइयों को समय रहते बंद कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण विषय जवाबदेही का है। अक्सर बड़े हादसों के बाद जांच समितियां गठित कर दी जाती हैं, रिपोर्ट मांगी जाती है और कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है। लेकिन मुआवजा कभी किसी की जिंदगी वापस नहीं ला सकता। न्याय तभी होगा जब उन सभी लोगों की जिम्मेदारी तय होगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा। फैक्ट्री संचालक, मकान मालिक, निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी और नियमों के पालन की जांच करने वाले विभाग सभी की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज के सामने भी आत्ममंथन का अवसर है। कई बार लोग अपने आसपास चल रही अवैध गतिविधियों को देखकर भी चुप रहते हैं। भय, उदासीनता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण शिकायत नहीं करते। परिणाम यह होता है कि एक दिन वही गतिविधि किसी बड़े हादसे का रूप ले लेती है। नागरिक सतर्कता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मिलकर ही ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आज जरूरत केवल शोक व्यक्त करने की नहीं है बल्कि कठोर और निर्णायक कार्रवाई की है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए सबसे बड़ी सांत्वना यही होगी कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े। यदि इस घटना के स्पष्ट सबूतों और तथ्यों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को और कमजोर करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">खोह नागोरियान की यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जवाबदेही के अभाव का परिणाम कितना भयावह हो सकता है। आठ लोगों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। अब देखना यह है कि जांच और कार्रवाई का वादा केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर वास्तव में दोषियों को सजा देकर यह संदेश दिया जाता है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब न्याय केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देगा।</div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;">    <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180920/the-death-factory-has-opened-the-systems-polls-even-after</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:48:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/feec3084-87ae-405c-9cf7-318a98f01ecb.jpg"                         length="161256"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष: लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला, चार घायल, दो की हालत गंभीर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गंगानगर क्षेत्र के मऊआइमा थाना अंतर्गत गोपालापुर गांव में पुरानी रंजिश ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे चार लोग घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल रेफर किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपालापुर गांव निवासी वासिक अख्तर और उनकी पत्नी गुलफुल निशा का गांव के ही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180897/bloody-conflict-due-to-old-rivalry-attack-with-sticks-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0119.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गंगानगर क्षेत्र के मऊआइमा थाना अंतर्गत गोपालापुर गांव में पुरानी रंजिश ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे चार लोग घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल रेफर किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपालापुर गांव निवासी वासिक अख्तर और उनकी पत्नी गुलफुल निशा का गांव के ही कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व भी इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसके संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार रात एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले दोनों ओर से कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला उग्र हो गया और दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर भिड़ गए। आरोप है कि इस दौरान कुल्हाड़ी सहित अन्य धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया। संघर्ष के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों में दुबक गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मारपीट में एक पक्ष के तौफीक और इश्तियाक तथा दूसरे पक्ष के मोहम्मद रैसुल और मोहम्मद नदीम घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मऊआइमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊआइमा पहुंचाया, जहां प्राथमिबीबीक उपचार के बाद तौफीक और इश्तियाक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एसआरएन अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया गया</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180897/bloody-conflict-due-to-old-rivalry-attack-with-sticks-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180897/bloody-conflict-due-to-old-rivalry-attack-with-sticks-and</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:18:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260609-wa0119.jpg"                         length="151766"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निरीक्षण:निर्माण की धीमी रफ्तार पर डीएम ने जताई नाराजगी, काम जल्द पूरा कराने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा पर्यटन विभाग के निर्माणाधीन परियोजना कपिलवस्तु का समेकित विकास कार्य का निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जानकारी दिया गया कि कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न होने तथा कार्य की धीमी प्रगति पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबधित के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात निर्माणाधीन विपश्यना केन्द्र का जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर, एडमिन ब्लॉक निर्माण कार्य, मेस ब्लॉक, एकोमेंडेशन पुरुष/महिला का</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180895/dm-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-inspection-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781017885835.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा पर्यटन विभाग के निर्माणाधीन परियोजना कपिलवस्तु का समेकित विकास कार्य का निरीक्षण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जानकारी दिया गया कि कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न होने तथा कार्य की धीमी प्रगति पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबधित के विरूद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात निर्माणाधीन विपश्यना केन्द्र का जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर, एडमिन ब्लॉक निर्माण कार्य, मेस ब्लॉक, एकोमेंडेशन पुरुष/महिला का निर्माण कार्य, गार्ड रूम, सब स्टेशन रूम, मेडिटेशन ब्लॉक आदि को देखा गया। जिलाधिकारी ने निर्धारित समयान्तर्गत कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परियोजना प्रबन्धक यूपीपीसीएल आशुतोष उपाध्याय व अन्य संबधित उपस्थित थे। इसके पश्चात विपश्यना पार्क का जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विपश्यना पार्क को क्रियाशील कराये।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180895/dm-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-inspection-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180895/dm-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-inspection-and</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:16:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781017885835.jpg"                         length="141838"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर:वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच में सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा को ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को निलंबित करने तथा आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले की पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए इस कथित गबन ने वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर यह भी पता लगाने की तैयारी में है कि अनियमित भुगतान और सरकारी धन के दुरुपयोग में अन्य किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। यह मामला सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) खुनियांव द्वारा ग्राम पंचायत खखरा-खखरी, बगहवा, सिरसिया और तेलियाडीह के निरीक्षण के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट से उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए थे।जांच के अनुसार, ग्राम पंचायत खखरा-खखरी में आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और डस्टबिन इंस्टालेशन कार्यों में अनियमितता बरती गई। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/download1.jpg"                         length="6299"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संतराम बी०ए० जन चेतना समिति द्वारा संतराम बी०ए०का 38 वां परिनिर्वाण दिवस मनाया गया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 31 मई 2026 संतराम बी०ए० जन चेतना समिति के तत्वाधान में आज हरिहर नगर के इंदिरा नगर में महान समाज सुधारक जाति -पाति तोड़क मंडल के संस्थापक एवं स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक परम श्रद्धेय संतराम बी०ए० का 38 वां परिनिर्वाण दिवस श्रद्धा एवं संकल्प के साथ बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक समझदार पार्टी  एवं अरविंद कुमार प्रजापति द्वारा अध्यक्षता संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ संतराम बी०ए० जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने उद्बोधन में सतीश चंद्र प्रजापति जी ने संतराम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180891/the-38th-death-anniversary-of-santram-ba-was-celebrated-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/530579-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 31 मई 2026 संतराम बी०ए० जन चेतना समिति के तत्वाधान में आज हरिहर नगर के इंदिरा नगर में महान समाज सुधारक जाति -पाति तोड़क मंडल के संस्थापक एवं स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक परम श्रद्धेय संतराम बी०ए० का 38 वां परिनिर्वाण दिवस श्रद्धा एवं संकल्प के साथ बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सतीश चंद्र प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक समझदार पार्टी  एवं अरविंद कुमार प्रजापति द्वारा अध्यक्षता संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ संतराम बी०ए० जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने उद्बोधन में सतीश चंद्र प्रजापति जी ने संतराम बी०ए०जी को महान व्यक्तित्व के साथ एक महान विचारक थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अपना पूरा जीवन जाति-पात के भेदभाव को मिटाने और  महिलाओं की शिक्षा के प्रबल समर्थक। आज उनके विचार उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर एस.एन. कश्यप, सतीश कुमार कश्यप, राजीव रतन चन्द्र अति पिछड़ा महासभा समाज के सचिव,</div>
<div style="text-align:justify;">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<div> </div>
<div>जयराम प्रजापति, अरविंद कुमार  द्वारा  कार्यक्रम की अध्यक्षता, श्यामलाल महासचिव द्वारा मंच का संचालन सर्वश्री बलिराम प्रजापति, राम अचल प्रजापति, राम आधार प्रजापति, शांति स्वरूप वर्मा एवं अन्य स्थानीय नागरिक एवं महिलाएं  उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने संतराम बी०ए० के जीवन संघर्ष उनके सामाजिक योगदान एवं क्रांतिकारी विचारों पर प्रकाश डाला और सदस्यों ने उनके आदर्श विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद कुमार प्रजापति अधीक्षण अभियंता सेवानिवृत्त द्वारा महान संत के विचारों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला गया तथा उनको उनके विचारों को अपने जीवन में धारण करने और उन पर चलने का समाज के लोगों से विनम्र आग्रह किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180891/the-38th-death-anniversary-of-santram-ba-was-celebrated-by</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180891/the-38th-death-anniversary-of-santram-ba-was-celebrated-by</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:09:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/530579-%281%29.jpg"                         length="149698"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        