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                <title>पेयजल संकट - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>पेयजल संकट RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नैनी में आवारा कुत्तों का आतंक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  नैनी क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा  है आए दिन लोग इनका शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।क्षेत्र के यमुनानगर गली, चक भटाई चौराहा, कसाई मोहल्ला, मेवा लाल बगिया, मलहरा फाटक और हनुमान नगर सहित कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते रहते हैं। इन कुत्तों के कारण राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों</div>
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<div style="text-align:justify;">--भूमि</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181279/terror-of-stray-dogs-in-naini"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260615-wa0145.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> नैनी क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा  है आए दिन लोग इनका शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।क्षेत्र के यमुनानगर गली, चक भटाई चौराहा, कसाई मोहल्ला, मेवा लाल बगिया, मलहरा फाटक और हनुमान नगर सहित कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते रहते हैं। इन कुत्तों के कारण राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सुरिया भीट और देवरख को मिली दो मिनी ट्यूबवेल की सौगात</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">--भूमि पूजन के साथ हुआ कार्य का शुभारंभ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नैनी, प्रयागराज।  महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी एवं  करछना विधायक पीयूष रंजन निषाद की विशेष पहल तथा वार्ड-47 के निवर्तमान भाजपा पार्षद प्रत्याशी के निरंतर प्रयासों से सुरिया भीट और देवरख में दो मिनी ट्यूबवेल स्थापित किए जाने की सौगात मिली है।सुरिया भीट में भाजपा जिला मंत्री राम लखन विश्वकर्मा ने विधिवत भूमि पूजन कर बोरिंग कार्य का शुभारंभ किया। क्षेत्र के लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वे कई वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहे थे और पानी की समस्या के समाधान के लिए लंबे समय से मांग कर रहे थे। अब मिनी ट्यूबवेल की स्थापना से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।इस जनहितकारी कार्य के लिए स्थानीय जनता ने माननीय महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी का आभार व्यक्त किया। साथ ही भाजपा जिला मंत्री राम लखन विश्वकर्मा के अथक प्रयासों की भी सराहना की, जिनके निरंतर  सका।इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें राम जी श्रीवास्तव, जय सिंह, जय श्रीवास्तव, नवसाद अहमद, वकार अहमद, सुभाष कुशवाहा, कृष्ण कुमार शुक्ला, दीपक पांडेय, दिनेश विश्वकर्मा, कमला शंकर विश्वकर्मा, राजकुमार तिवारी, आशीष मिश्रा, अंजनी विश्वकर्मा, मूलचंद्र जायसवाल, जावेद अहमद सहित अन्य लोग शामिल रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 20:14:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धूल भरी आंधी से बदला मौसम का मिजाज, शहर से गांव तक चरमराई बिजली व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong> जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179165/weather-patterns-changed-due-to-dust-storm-power-system-collapsed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260513-wa03651.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong> जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की आंखमिचौली जारी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब रही। कई गांवों में तार टूटने और फाल्ट आने के कारण देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न रहने से लोगों को पेयजल संकट और गर्मी का सामना करना पड़ा।अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे राहगीरों को भी परेशानी हुई। कई जगहों पर छोटे पेड़ और होर्डिंग गिर गए। बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट खोजने और आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आंधी के कारण कई फीडरों पर तकनीकी खराबी आई है, जिसे ठीक कराने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आंधी के बाद मौसम सुहावना होने से लोगों ने गर्मी से राहत जरूर महसूस की, लेकिन बिजली संकट ने राहत के इस एहसास को फीका कर दिया। वहीं दूसरी ओर गैसड़ी क्षेत्र में बीते 4 मई को आए तेज आंधी-तूफान के बाद गैसड़ी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 200 गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आंधी में लगभग 130 बिजली पोल टूट गए थे, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांवों में टूटे पोल और बिजली के तार अब भी खेतों और सड़कों के किनारे पड़े हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधिकांश गांवों में पानी की मोटरें बंद पड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं छात्रों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। गैसड़ी ब्लॉक के खमरिया, परसहिया, चैपुरवा, ठुकरापुर, बिशुनपुर कला, बरगदवा कला, बानगढ़ पिपरी, लालपुर, रमवापुर और रजडेरवा समेत कई गांवों के प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रधानों का कहना है कि आंधी के बाद से अब तक कोई अधिकारी या कर्मचारी गांवों का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि नगर क्षेत्र को प्राथमिकता देकर ग्रामीण इलाकों की अनदेखी की जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 20:02:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धूल भरी आंधी से बदला मौसम का मिजाज, शहर से गांव तक चरमराई बिजली व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, </strong>जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179134/weather-patterns-changed-due-to-dust-storm-power-system-collapsed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260513-wa0365.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, </strong>जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की आंखमिचौली जारी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब रही। कई गांवों में तार टूटने और फाल्ट आने के कारण देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न रहने से लोगों को पेयजल संकट और गर्मी का सामना करना पड़ा।अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे राहगीरों को भी परेशानी हुई। कई जगहों पर छोटे पेड़ और होर्डिंग गिर गए। बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट खोजने और आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आंधी के कारण कई फीडरों पर तकनीकी खराबी आई है, जिसे ठीक कराने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। आंधी के बाद मौसम सुहावना होने से लोगों ने गर्मी से राहत जरूर महसूस की, लेकिन बिजली संकट ने राहत के इस एहसास को फीका कर दिया। वहीं दूसरी ओर गैसड़ी क्षेत्र में बीते 4 मई को आए तेज आंधी-तूफान के बाद गैसड़ी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 200 गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आंधी में लगभग 130 बिजली पोल टूट गए थे, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। गांवों में टूटे पोल और बिजली के तार अब भी खेतों और सड़कों के किनारे पड़े हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधिकांश गांवों में पानी की मोटरें बंद पड़ी हैं। वहीं छात्रों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गैसड़ी ब्लॉक के खमरिया, परसहिया, चैपुरवा, ठुकरापुर, बिशुनपुर कला, बरगदवा कला, बानगढ़ पिपरी, लालपुर, रमवापुर और रजडेरवा समेत कई गांवों के प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रधानों का कहना है कि आंधी के बाद से अब तक कोई अधिकारी या कर्मचारी गांवों का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि नगर क्षेत्र को प्राथमिकता देकर ग्रामीण इलाकों की अनदेखी की जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 19:31:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कानपुर: दूषित जलापूर्ति पर फूटा पार्षद का गुस्सा, जेई को धूप में बैठाकर कराया काम शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर के किदवई नगर क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति से नाराज वार्ड 14 की पार्षद शालू कनौजिया का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया। लगातार तीन दिनों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर पार्षद ने जल निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) आशीष जैन को मौके पर बुलाकर अपने साथ धूप में बैठा लिया। मौके पर जुट गए और जल निगम की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार जेई को टूटी पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कराना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कई इलाकों में दूषित पानी की समस्या</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद शालू कनौजिया ने बताया कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177415/kanpur-councilors-anger-over-contaminated-water-supply-got-je-started"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001864945-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर के किदवई नगर क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति से नाराज वार्ड 14 की पार्षद शालू कनौजिया का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया। लगातार तीन दिनों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर पार्षद ने जल निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) आशीष जैन को मौके पर बुलाकर अपने साथ धूप में बैठा लिया। मौके पर जुट गए और जल निगम की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार जेई को टूटी पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कराना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कई इलाकों में दूषित पानी की समस्या</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पार्षद शालू कनौजिया ने बताया कि सीएम ग्रिड रोड के निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण क्षेत्र में कई जगह सीवर और पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। पाइपलाइन टूटने से सीवर का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है, जिससे लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि ओ ब्लॉक, एम ब्लॉक, नयापुरवा और मार्बल मार्केट समेत कई इलाकों में पिछले तीन दिनों से गंदा पानी आ रहा है। इससे कई लोग बीमार भी पड़ चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोगों का फूटा गुस्सा</strong></div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने भी जल निगम के अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद विभाग लापरवाही बरत रहा है, जिससे उनकी सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>आश्वासन के बाद शुरू हुआ काम</strong></div>
<div style="text-align:justify;">लगातार विरोध और पार्षद के कड़े रुख के बाद जेई आशीष जैन ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया और जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:07:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोतवाली परिसर में पेयजल संकट, खराब हैंडपंप और वाटर कूलर से फरियादी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली परिसर में इन दिनों पेयजल का संकट बना हुआ है। परिसर में लगा हैंडपंप और ओवरहेड वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे कोतवाली आने वाले फरियादियों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान यह समस्या और भी स्पष्ट रूप से सामने आई। अपनी शिकायत लेकर पहुंचे कई फरियादियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। गर्मी के बीच पानी न मिलने से लोग काफी परेशान दिखाई दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260314-wa0256.jpg" alt="थाना समाधान दिवस में भी पानी के लिए भटकते रहे लोग" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि परिसर में लगा ओवरहेड टैंक भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173314/drinking-water-crisis-in-kotwali-premises-complainant-upset-due-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0256.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली परिसर में इन दिनों पेयजल का संकट बना हुआ है। परिसर में लगा हैंडपंप और ओवरहेड वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे कोतवाली आने वाले फरियादियों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान यह समस्या और भी स्पष्ट रूप से सामने आई। अपनी शिकायत लेकर पहुंचे कई फरियादियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। गर्मी के बीच पानी न मिलने से लोग काफी परेशान दिखाई दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/img-20260314-wa0256.jpg" alt="थाना समाधान दिवस में भी पानी के लिए भटकते रहे लोग" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोतवाली में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि परिसर में लगा ओवरहेड टैंक भी खराब हो चुका है। इसकी वजह से नियमित रूप से पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं हैंडपंप भी काम नहीं कर रहा है, जिससे पेयजल संकट और गहरा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके कारण कर्मचारियों और फरियादियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को कम से कम पीने का साफ पानी तो आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से खराब हैंडपंप, ओवरहेड टैंक और वाटर कूलर को जल्द ठीक कराने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:47:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धूप की प्रखरता से गर्मी के दिनों में जल स्तर नीचे जाने से बढ़ी ग्रामीणों की पेयजल समस्या</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:- </strong>पाकुड़िया प्रखण्ड के अंतर्गत तालवा, धावाडंगाल, बथानपहाड़ी ग्राम के कई टोलों में पेयजल की समस्या बढ़ गई है। 5 मार्च को लागडुम पंचायत के तालवा ग्राम के तोड़े टोला में नलकूप खराब होने से पेयजल की कठिनाई बढ़ने की बात ग्रामीणों ने कही।इस टोले की महिलाओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि इस टोले में मात्र एक नलकूप है और वह पिछले दिनों से खराब रहने के बावजूद ठीक नहीं किया गया है, जिससे पेयजल की भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पूछने पर आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि इस टोले में बहुत पुराना कूप है और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172617/drinking-water-problem-of-villagers-increased-due-to-lowering-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/news-12.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:- </strong>पाकुड़िया प्रखण्ड के अंतर्गत तालवा, धावाडंगाल, बथानपहाड़ी ग्राम के कई टोलों में पेयजल की समस्या बढ़ गई है। 5 मार्च को लागडुम पंचायत के तालवा ग्राम के तोड़े टोला में नलकूप खराब होने से पेयजल की कठिनाई बढ़ने की बात ग्रामीणों ने कही।इस टोले की महिलाओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि इस टोले में मात्र एक नलकूप है और वह पिछले दिनों से खराब रहने के बावजूद ठीक नहीं किया गया है, जिससे पेयजल की भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछने पर आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि इस टोले में बहुत पुराना कूप है और हम लोग वर्षों से इसी पुराने जीर्ण खुले कूप से जल भरते रहे हैं।विगत दिनों एक नलकूप लगाया गया था, पर वह खराब रहने से जल आपूर्ति नहीं हो रही है और पेयजल की कठिनाइयां बढ़ गई हैं। वहीं धावाडंगाल ग्राम के कई टोलों में भी पेयजल की कठिनाइयां होने की बात ग्रामीणों ने बताई।जबकि प्रखण्ड के महुलपहाड़ी पंचायत के बथान पहाड़ी ग्राम के रोड व माझी टोला में पेयजल की भीषण समस्या होने की बात महिलाओं ने कही। महिलाओं ने बताया कि प्रति वर्ष धूप और गर्मी के दिनों में पानी की कठिनाइयां बढ़ जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं ने कहा कि नलकूपों की सही मरम्मत नहीं किए जाने से नलकूप खराब रहते हैं और पेयजल की कठिनाइयां बढ़ती दिख रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जल एवं स्वच्छता विभाग तथा पंचायतों से खराब पड़े नलकूपों की पूरी मरम्मत करा दी जाए तो पेयजल की सुविधा हो सकती है।वहीं कई ग्रामीण महिलाओं का मानना है कि नए नलकूप भी लगाना जरूरी है। पूर्व निर्मित ध्वस्त जलकूपों की ठीक से मरम्मत और खराब पड़ी जल टंकियों को शीघ्र चालू किए जाने से पेयजल समस्या के समाधान में मदद मिलेगी, ऐसा प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 19:16:35 +0530</pubDate>
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