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                <title>वीके सिंह - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>वीके सिंह RSS Feed</description>
                
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                <title>प्रयागराज में प्रादेशिक सरस महोत्सव का भव्य शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173308/grand-inauguration-of-regional-saras-mahotsav-in-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0181.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरस महोत्सव जैसे आयोजनों से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार मिलता है और उनकी आय में वृद्धि होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद व अभिनेता रवि किशन फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, विधान परिषद सदस्य केपी श्रीवास्तव और सुरेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक दीपक पटेल और पियुष रंजन निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला व निर्मला पासवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। प्रतिष्ठित कवयित्री एवं गायिका अनामिका जैन अंबर तथा प्रसिद्ध गायिका तृप्ति शाक्य ने अपने गीतों और प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरस महोत्सव में विभिन्न जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ, परिधान और घरेलू उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। यह महोत्सव न केवल ग्रामीण उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि महिलाओं की उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को भी नई पहचान दे रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:19:29 +0530</pubDate>
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                <title>ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट मामले में क्लासिफाइड फाइलों पर सीबीआई  को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को एक महीने के अंदर यह तय करने का निर्देश दिया कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) में कथित गड़बड़ियों को 2007 में छपी एक किताब में उजागर करने के लिए ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत ट्रायल का सामना कर रहे एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर को “सेंसिटिव” डॉक्यूमेंट्स दिए जाएं या नहीं।</p><p style="text-align:justify;">शुक्रवार को एक सुनवाई में, टॉप कोर्ट ने कहा कि अगर ये डॉक्यूमेंट्स ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत उन पर मुकदमा चलाने का आधार हैं, तो गोपनीयता उन्हें ये डॉक्यूमेंट्स देने से मना करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172566/supreme-court-directs-cbi-on-classified-files-in-official-secrets"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को एक महीने के अंदर यह तय करने का निर्देश दिया कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) में कथित गड़बड़ियों को 2007 में छपी एक किताब में उजागर करने के लिए ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत ट्रायल का सामना कर रहे एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर को “सेंसिटिव” डॉक्यूमेंट्स दिए जाएं या नहीं।</p><p style="text-align:justify;">शुक्रवार को एक सुनवाई में, टॉप कोर्ट ने कहा कि अगर ये डॉक्यूमेंट्स ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत उन पर मुकदमा चलाने का आधार हैं, तो गोपनीयता उन्हें ये डॉक्यूमेंट्स देने से मना करने का आधार नहीं हो सकती। जस्टिस जेके माहेश्वरी और अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने कहा: “अगर आप (सीबीआई) उनके खिलाफ डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप यह नहीं कह सकते कि वे गोपनीय हैं। आप इस कोर्ट से आदेश लिए बिना ही कोई रास्ता निकाल सकते हैं।”</p><p style="text-align:justify;">कोर्ट मेजर जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह की फाइल की गई पिटीशन पर सुनवाई कर रहा था, जिन्होंने 2007 में अपने रिटायरमेंट के तुरंत बाद पब्लिश हुई अपनी किताब “इंडियाज़ एक्सटर्नल इंटेलिजेंस - सीक्रेट्स ऑफ़ रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ )” में रॉ के अंदर की गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया था।</p><p style="text-align:justify;">सिंह के वकील सुरूर मंदर ने बताया कि ये डॉक्यूमेंट्स उनके डिफेंस के लिए बहुत ज़रूरी हैं। “मेरे क्लाइंट को 12 डॉक्यूमेंट्स और चार गवाहों के बयान चाहिए।” उन्होंने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने उनके फेवर में फैसला सुनाया था और कुछ कंडीशंस के तहत हर डॉक्यूमेंट की एक कॉपी देने का निर्देश दिया था। लेकिन मंदर ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने उस फैसले को यह कहते हुए पलट दिया कि कॉन्फिडेंशियलिटी के तहत सिर्फ डॉक्यूमेंट्स की जांच की इजाज़त है।</p><p style="text-align:justify;">कोर्ट ने सीबीआई  से पूछा, “आप उन्हें डॉक्यूमेंट्स क्यों नहीं दे रहे हैं?” सीबीआई  की तरफ से कोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) दविंदर पाल सिंह रिप्रेजेंट कर रहे थे।</p><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">ASG ने कहा, “इन डॉक्यूमेंट्स से सेंसिटिविटी जुड़ी हुई है। उन्हें सिर्फ यह जानने में इंटरेस्ट है कि वे कौन से डॉक्यूमेंट्स हैं। हाई कोर्ट ने जांच की इजाज़त दी है, जिससे उनका मकसद पूरा होता है।”</p><p style="text-align:justify;">सीबीआई  ने आरोप लगाया कि सिंह ने नवंबर 2002 से जून 2004 तक कैबिनेट सेक्रेटेरिएट (R&amp;AW) में जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया और अपने ऑफिशियल काम के दौरान, रॉ  से जुड़ी क्लासिफाइड जानकारी तक उनकी पहुँच थी। सीबीआई  के मुताबिक, किताब में ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन करते हुए कई “क्लासिफाइड सीक्रेट जानकारी” छापी गई, जिसमें कई अधिकारियों के नाम और उनके डेज़िग्नेशन, काम, स्टेशन कोड और दूसरी टेक्निकल डिटेल्स शामिल थीं।</p><p style="text-align:justify;"><strong>इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी</strong></p><p style="text-align:justify;">कोर्ट ने सीबीआई  से कहा, “हमारा मकसद यह पक्का करना है कि कुछ डॉक्यूमेंट्स से फंसा हुआ कोई व्यक्ति उसी मटीरियल से वंचित न रहे।”सीबीआई ने इंस्ट्रक्शन्स लेने के लिए चार हफ़्ते बाद मामले की सुनवाई करने की रिक्वेस्ट की। मंदर ने ट्रायल पर रोक लगाने की रिक्वेस्ट की, जिसे बेंच ने ज़रूरी नहीं समझा क्योंकि इन प्रोसीडिंग्स में सीबीआई  का रिप्रेजेंटेशन था।सीबीआई  ने सितंबर 2007 में सिंह के खिलाफ देश की सिक्योरिटी को नुकसान पहुंचाने वाली सीक्रेट जानकारी का खुलासा करने का आरोप लगाते हुए केस रजिस्टर किया था। अप्रैल 2008 में, सेंटर ने OSA के तहत चार्जशीट फाइल करने की मंज़ूरी दे दी।</p><p style="text-align:justify;">2009 में, ट्रायल कोर्ट ने ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के सेक्शन 3 और 5 के तहत चार्जशीट पर संज्ञान लिया, जो “जासूसी” और “गलत कम्युनिकेशन” के अलावा इंडियन पीनल कोड के तहत पब्लिक सर्वेंट द्वारा क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट और क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के दूसरे अपराधों से संबंधित थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 22:31:52 +0530</pubDate>
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