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                <title>Transparency in Governance - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Transparency in Governance RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तिन्ना से पटा तलाब में 194 की लग रही फर्जी हाजिरी धरातल की स्थित जस का तस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181131/fake-attendance-of-194-is-being-seen-in-patta-pond"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है । प्रधान व सचिव कागजी कोरमपूरा कर फर्जी हाजिरी लगवाकर सरकारी धन को लूटने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा भटपुरवा ललहवा पर तिन्ना से पटा/पानी भरे तालाब व तैरती जलकुंभी में लगभग एक सप्ताह से फर्जी हाजिरी सरकारी रजिस्टर पर दर्ज की जा चुकी है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अगर जमीनी हकीकत की बात करे तो मजदूर नही मिले कार्य शून्य है । ग्रामीणों से मालूम हुआ कि प्रधान रोजगार सेवक के सहारे भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते हैं और विना कार्य कराए सरकारी धन को लूटने के प्रयास में लगे रहते हैं । ग्रामीणों की बातो पर गौर करे तो प्रधान प्रतिदिन लगभग पच्चास हजार रुपए सरकारी धन का बंदरबांट करने में लगे हुए हैं । ग्राम पंचायत नरहरपुर में नशे में चूर सचिव पंकज सिंह के दस्खत से दो साइडों पर 245 जॉब कार्ड धारकों का मस्टरोल जारी हुई थी । </div><div style="text-align:justify;">.</div><div style="text-align:justify;">जिसमें राम अभिलाख के खेत से अर्खापुर सरहद तक 51 मजदूरो का मस्टर रोल पूर्ण हो चुका है भटपुरवा में ललहवा पर तालाब जीर्णोधार कार्य पर अभी भी ऑनलाइन फर्जी हाजिरी भरे जा रहे हैं लेकिन धरातल की स्थिति जस का तस बनी हुई है ।यदि वास्तव में 194 मजदूरों को लगाकर कार्य कराया गया होता तो स्थल की वर्तमान स्थिति बदल चुकी होती। ग्रामीणो का सवाल है कि क्या जेब भरने के लिए मस्टररोल जारी किया जाता है या फिर वास्तव में गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी चलाने के लिए मस्टर रोल जारी किया जाता है । खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज यदिअपनी कुर्सी छोड़कर कार्य स्थल का निरीक्षण करते तो शायद इतने बड़े पैमाने पर फर्जी वाडा न होता कहीं ना कहीं वीडिओ साहब के भी हाथ चासनी से सने हुए प्रतीत होती हैं । यदि वीडिओ साहब भ्रष्टाचारियों पर उचित कार्रवाई करते हैं तो जनता की निगाह में सही बन सकते हैं । खबर की पुष्टि के लिए जब साहब से फोन पर पूछा गया तो बताया कि मेरी ड्य़ूटी पुलिस परीक्षा में लगी है आने पर देखवाता हूँ।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:02:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती PWD में 27 साल से जमे अधिकारी पर गंभीर आरोप, पत्नी की फर्म और 65 लाख के लेन-देन की जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181126/serious-allegations-against-officer-stuck-in-basti-pwd-for-27"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का जिन्न 27साल बाद बाहर निकल कर आया अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग और तत्कालीन प्रभारी मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले को पत्र देकर  गृह जनपद बस्ती में विगत 26-27 वर्षों से तैनात  अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग कार्यालय वृत्त बस्ती में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र पुत्र  राम सेवक पर अनियमितता के  अनेक गंभीर आरोप लगाते हुये उनके स्थानान्तरण और  सतर्कता विभाग से  उच्च स्तरीय जाँच कराये जाने की मांग किया है.भेजे पत्र में  अपना दल एस के प्रदेश सचिव मुख्य संगठन संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात  प्रेमचन्द्र  द्वारा ठेकेदारों व कर्मचारियों का लगातार दोहन किया जा रहा है तथा सरकारी अभिलेखों में भी फेरबदल किये जाने की शिकायत पूर्व में जन प्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है परन्तु  प्रेमचन्द्र की  ऊँची पहुँच के कारण मण्डलीय कार्यालय पर तैनाती लेते रहे हैं, जिससे इनके भ्रष्टाचार एवं कागजी हेरफेर के कारण सरकारी कार्यों में भी गोपनीयता भंग की जाती रही है.</div>
<div style="text-align:justify;">प्रेस को जारी विज्ञप्ति में संजय सिंह पगार ने कहा है कि  प्रेमचन्द्र ने अपनी सेवा अवधि का लगभग 90 प्रतिशत समय बस्ती वृत्त, बस्ती कार्यालय में ही व्यतीत किया है. बाबू पद से लेकर प्रशासनिक अधिकारी पद तक की उनकी अधिकांश सेवा बस्ती मण्डल में ही रही है. इतने लंबे समय तक एक ही मंडलीय कार्यालय में तैनाती से प्रशासनिक निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विभागीय कार्यप्रणाली की गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं.</div>
<div style="text-align:justify;">बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: बिजली बिल में 10% बढ़ोतरी से नाराज व्यापारी, बस्ती में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन</div>
<div style="text-align:justify;">पत्नी की फर्म के जरिए आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप</div>
<div style="text-align:justify;">श्री पगार ने बताया कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपने पद एवं प्रभाव का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए ठेकेदारी व्यवस्था में हस्तक्षेप किया जाता रहा है. आरोप है कि उनके द्वारा कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने, विभागीय गोपनीय सूचनाओं को प्रभावित करने तथा ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव डालने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई गई है. इसके अतिरिक्त यह भी गंभीर आरोप है कि  प्रेमचन्द्र द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती सीमा के नाम से संचालित फर्म मेसर्स बुद्धा इंटरप्राइजेज का उपयोग स्वयं एवं अपने परिवार के सदस्यों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त फर्म की प्रोपराइटर श्रीमती सीमा है, जिसका पता रौतापार, गांधी नगर, बस्ती दर्शाया गया है. उक्त फर्म का  यूनियन बैंक में है.तीन साल में खाते से 65 लाख का लेन-देन, जांच की उठी मांग</div>
<div style="text-align:justify;">उपलब्ध बैंक विवरण के अनुसार पिछले लगभग तीन वर्षों में उक्त फर्म के खाते में लगभग 65 लाख रुपये की क्रेडिट एवं डेबिट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जिससे लेन-देन की प्रकृति, धन के स्रोत तथा संबंधित ठेकेदारों से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है. आरोप है कि वे अपने पूर्व कार्यकाल से संबंधित अभिलेखों, कथित अनियमितताओं एवं आने वाली निविदा/ई-टेण्डरिंग प्रक्रियाओं हस्तक्षेप बनाए रखने के उद्देश्य से उसी कार्यालय में बने रहना चाहते हैं. प्रेमचन्द्र ने अपना आलीशान मकान लखनऊ में बनवा लिया है.</div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय स्तर पर उठाई जाती रही हैं. हाल ही में भी कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा  प्रेमचन्द्र के विरुद्ध शासन स्तर पर लिखित शिकायतें प्रेषित की गई, जिसके क्रम में शासन द्वारा धारा 7 के अंतर्गत मुख्य अभियंता, बस्ती से रिपोर्ट मांगी गई. किंतु मुख्य अभियंता, बस्ती  आनन्द कुमार द्वारा एक माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद शासन को अपेक्षित रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई. जबकि शासन की प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी गंभीर शिकायत के क्रम में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर स्थानांतरण अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती है.</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानांतरण प्रक्रिया की पूर्व निर्धारित समय-सीमा 31 मई तक थी, परंतु रिपोर्ट समय से न भेजे जाने के कारण आवश्यक कार्रवाई प्रभावित हुई. वर्तमान में शासन द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया की समय-सीमा 30 जून तक बढ़ा दी गई है, इसलिए जनहित एवं प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से यह आवश्यक है कि मुख्य अभियंता स्तर से लंबित रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजी जाए तथा प्रेमचन्द्र का स्थानांतरण करते हुए उनके विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए.</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केवल नाम का 'आदर्श गांव'! 2023-24 में 40 लाख स्वीकृत गांव सभा में लेकिन आज तक कार्य अधूरा, ज़मीनी विकास शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">सरकार द्वारा ‘आदर्श गांव’ योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी धनराशि आवंटित की जाती है। लेकिन श्रीभुमि जिला के दरगारबंद ग्राम पंचायत अंतर्गत आदर्श कृष्णनगर और छनटिला गांवों में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023–24 में 40 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी गांव सभा के माध्यम से, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्य ज़मीन पर दिखाई नहीं दिया। इससे गांववासियों में भारी असंतोष व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी सुविधाओं का अभाव सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172485/model-village-in-name-only-40-lakh-approved-in-village"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001341401.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">सरकार द्वारा ‘आदर्श गांव’ योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी धनराशि आवंटित की जाती है। लेकिन श्रीभुमि जिला के दरगारबंद ग्राम पंचायत अंतर्गत आदर्श कृष्णनगर और छनटिला गांवों में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023–24 में 40 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी गांव सभा के माध्यम से, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्य ज़मीन पर दिखाई नहीं दिया। इससे गांववासियों में भारी असंतोष व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी सुविधाओं का अभाव सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एक आदर्श गांव में निम्नलिखित सुविधाएँ अपेक्षित हैं: सीसी सड़कें, उन्नत जल निकासी प्रणाली, सौर अथवा विद्युत स्ट्रीट लाइट शुद्ध पेयजल (PHE के माध्यम से) सार्वभौमिक शौचालय सुविधा तेज़ इंटरनेट कनेक्टिविटी ग्रामीणों का दावा है कि इनमें से अधिकांश सुविधाएँ कागज़ों तक ही सीमित हैं। स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्रश्न कई घरों में शौचालय नहीं हैं। नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था नहीं है और स्थायी स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षा व्यवस्था प्रभावित कृष्णनगर में स्थित 155 नंबर निशिकांत एलपी स्कूल अब संचालित नहीं है, सरकार की तरफ से इसे बंद कर दिया गया है , जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। गांव में न तो आधुनिक विद्यालय है, न पुस्तकालय, न डिजिटल लैब और न ही कोई सक्रिय डिजिटल सेवा केंद्र।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>आर्थिक और सामाजिक विकास ठप</strong></div>
<div style="text-align:justify;">कुटीर उद्योग, लघु उद्यम, आधुनिक कृषि प्रशिक्षण जैसी योजनाओं का भी कोई स्पष्ट प्रभाव दिखाई नहीं देता। स्थानीय बाजार व्यवस्था का विकास भी नगण्य बताया जा रहा है। खेल मैदान, सामुदायिक केंद्र और जल संरक्षण जैसे कार्य भी अधूरे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रशासन की प्रतिक्रिया</strong></div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में जब विभागीय अधिकारियों और बीडीओ से संपर्क किया गया, तो बताया गया कि वर्ष 2023–24 के 40 लाख रुपये अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। प्रशासन की इस स्थिति से ग्रामीणों में और असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों ने भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का सीधा सवाल है स्वीकृत 40 लाख रुपये कहां गए! विकास कार्य अब तक शुरू क्यों नहीं हुए! अब देखना यह है कि ‘आदर्श गांव’ की संकल्पना कागज़ों तक सीमित रहेगी या वास्तव में आदर्श कृष्णनगर और छनटिला में बदलाव की नई शुरुआत होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब असली प्रश्न यही है—क्या ‘आदर्श गांव’ केवल सरकारी फाइलों और घोषणाओं तक सीमित रहेगा, या आदर्श कृष्णनगर और छनटिला में विकास की ठोस और पारदर्शी पहल वास्तव में दिखाई देगी? यदि आवंटित धनराशि का सही उपयोग हो, योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन हो और प्रशासन जवाबदेही के साथ आगे आए, तो सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और डिजिटल सुविधाओं जैसे मूलभूत क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। लेकिन यदि निगरानी और पारदर्शिता का अभाव बना रहा, तो “आदर्श” शब्द केवल नाम मात्र बनकर रह जाएगा। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई, जांच प्रक्रिया और विकास कार्यों की वास्तविक शुरुआत पर टिकी हैं यही तय करेगा कि यह संकल्पना प्रतीकात्मक रहेगी या परिवर्तनकारी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 19:21:16 +0530</pubDate>
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