<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/52733/%23tenderscam" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>#TenderScam - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/52733/rss</link>
                <description>#TenderScam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नगर निगम कानपुर में व्याप्त घोटालों की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जानकारी एकत्र की </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर निगम में घोटालों की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जांच करने के लिए नगर निगम पहुंची। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से  टीम ने नामजद पांच फर्मों समेत अन्य फर्मों से संबंधित विकास कार्यों, टेंडर, भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान कैला देवी फर्म से जुड़े भुगतान संबंधी</div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों में कुछ कमियां सामने आईं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों के फोटो और प्रिंट आउट भी लिए। टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिकारियों से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002244827.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर नगर निगम में घोटालों की जांच करने के लिए गठित एसआईटी जांच करने के लिए नगर निगम पहुंची। एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के कार्यालय में भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से  टीम ने नामजद पांच फर्मों समेत अन्य फर्मों से संबंधित विकास कार्यों, टेंडर, भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान कैला देवी फर्म से जुड़े भुगतान संबंधी</div>
<div style="text-align:justify;">दस्तावेजों में कुछ कमियां सामने आईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों के फोटो और प्रिंट आउट भी लिए। टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिकारियों से 5 घंटे तक हुई पूछताछ सुबह 11:30 बजे नगर निगम में एसआईटी जांच के लिए पहुंची थी और शाम करीब 5 बजे तक पूछताछ जारी रही। एसआईटी ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी के साथ अधिशाषी अभियंता दिवाकर भास्कर और आरके सिंह से भी पूछताछ की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इनके अलावा इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी भूपेंद्र सिंह और अजय पांडेय से भी जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। ठेकेदारों के खिलाफ जिन अधिकारियों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है, उनके वीडियो बयान भी एसआईटी ने दर्ज किए। जांच में सहयोग के लिए अधिकारियों से निर्धारित प्रोफार्मा पर साइन भी कराए गए। एसआईटी की कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप की स्थिति रही। टीम अब जब्त दस्तावेजों और सामने आई कमियों की पड़ताल कर रही है।</div>
<div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंगलवार को दर्ज हुई थी छह FIR बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव की सख्ती के बाद नगर निगम से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज हुई है। मंगलवार को कानपुर नगर आयुक्त ने 7 फर्मों के खिलाफ 6 अलग-अलग FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने 2 ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि सरगना गोविंद शर्मा फरार है। वह आगरा का रहने वाला है। गोविंद शर्मा की फर्म को सबसे अधिक ठेके मिले हैं। वही पूरा कॉकस चलता था। उसके नियत्रंण में सभी ठेकेदार रहते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर भी निरस्त किए गए थे। एसआईटी टीम अब भुगतान और फर्मों के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कांफ्रेंस करके दी थी जानकारी। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर निगम अधिकारियों ने 5 तहरीर दीं। इनके आधार पर थाना स्वरूपर नगर में मुकदमा दर्ज कराए गए हैं। </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/186460/sit-formed-to-investigate-the-scams-prevalent-in-municipal-corporation</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 20:35:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1002244827.jpg"                         length="80024"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैफई आयुर्विज्ञान संसथान में पेशेंट मॉनिटर घोटाला </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य  व्यवस्था में सुधार तब तक नहीं हो सकता है जब तक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में भ्रष्ट  अधिकारीयों और दलालों का बोलबाला रहेगा क्युकी इन लोगों ने स्वास्थ्य संस्थानों को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-2.jpg" alt="PHOTO 2" width="724" height="1005" /></p>
<p style="text-align:justify;">टेंडर संख्या GEM/2025/B/6752797 PATIENT MONITOR टेंडर संख्या GEM/2025/B/6752797, PATIENT MNITOR-LOW END  QTY 100 में खुलकर लूट की गयी है, टेंडर में मरीजों की जाँच के लिए जीवन रक्षक उपकरण पेशेंट मॉनिटर (LOW END) माँगा गया था 100 नग, <br /><br /></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>दलाली का खेल और जनता की मुसीबत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />सैफई आयुर्विज्ञान संसथान के भ्रष्ट और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172403/patient-monitor-scam-in-saifai-institute-of-medical-sciences"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/photo-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य  व्यवस्था में सुधार तब तक नहीं हो सकता है जब तक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में भ्रष्ट  अधिकारीयों और दलालों का बोलबाला रहेगा क्युकी इन लोगों ने स्वास्थ्य संस्थानों को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-2.jpg" alt="PHOTO 2" width="724" height="1005"></img></p>
<p style="text-align:justify;">टेंडर संख्या GEM/2025/B/6752797 PATIENT MONITOR टेंडर संख्या GEM/2025/B/6752797, PATIENT MNITOR-LOW END  QTY 100 में खुलकर लूट की गयी है, टेंडर में मरीजों की जाँच के लिए जीवन रक्षक उपकरण पेशेंट मॉनिटर (LOW END) माँगा गया था 100 नग, <br /><br /></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>दलाली का खेल और जनता की मुसीबत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />सैफई आयुर्विज्ञान संसथान के भ्रष्ट और लालची अधिकारीयों ने दलालों के साथ सांठ गाँठ करके पूरे टेंडर में खेल कर दिया, उक्त टेंडर में कुल 17 कंपनियों ने प्रतिभाग किया था, परन्तु सबकी निविदा को रिजेक्ट करते हुए केवल सेटिंग वाली एक कंपनी SMITH MEDI CARE (LUCKNOW) को क्वालीफाई करते हुए उसके पक्ष में करोड़ों का क्रय आदेश जारी कर दिया (RS. 13500000/-), इस प्रकार से मॉनिटर रूपये 135000/- प्रत्येक की दर से खरीदा गया जबकि अन्य संस्थानों द्वारा यही उपकरण इनके क्रय मूल्य से बहुत काम रूपये पचास हज़ार प्रत्येक की दर से खरीदे गए है, यही नहीं टेंडर में प्रतिभाग करने वाली एक और कंपनी (SSMED) S.S. MEDICAL SYSTEMS (I) PVT LTD.  (LUCKNOW &amp; Uttrakhand) अपने फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात है और आंध्र प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन (APMSIDC) द्वारा तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्टेड की गयी थी ( DATED 24 JUNE 2025 TO 23 JUNE 2018)</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-3.jpg" alt="PHOTO 3" width="738" height="521"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जेम पोर्टल का खेल और खुली लूट</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br /> टेंडर में पेशेंट मॉनिटर के लिए विशेषज्ञों द्वारा मांगी गयी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने के बाद भी फर्जीवाड़ा करते हुए SMITH MEDI CARE LUCKNOW ने टेंडर में अपने आपको M/s MAESTROS ELECTRONICS &amp; TELECOMMUNICATION SYSTEMS LTD का अधिकृत वितरक दिखाया गया, और मॉडल VITAL TRACK  पेशेंट मॉनिटर को QUOTE किया था, SMITH MEDI CARE LUCKNOW के पार्टनर रणधीर सिंह M/s MAESTROS ELECTRONICS &amp; TELECOMMUNICATION SYSTEMS LTD के पूर्व कर्मचारी है, और स्वास्थ्य विभाग के टेंडरों में फर्जीवाड़ा करने के लिए कुख्यात है, </p>
<p style="text-align:justify;"><br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-4.jpg" alt="PHOTO 4" width="699" height="494"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>MAESTROS ELECTRONICS &amp; TELECOMMUNICATION का इतिहास</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />M/s MAESTROS ELECTRONICS &amp; TELECOMMUNICATION SYSTEMS LTD की शुरुआत DR.KRISHANKUMAR NANDKUMAR MENON (DR. K. K. MENON) द्वारा की गयी थी M/s MAESTROS MEDILINE SYSTEMS LTD के नाम से और उत्तर प्रदेश में वितरक बनाने का झांसा देकर लखनऊ के एक प्रतिष्ठित व्यापारी का करोड़ों रुपया हड़प लिया,</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य राज्यों से भी बहुत सारे लोगों को भी ठगा, फिर कंपनी का नाम बदल कर अपने साथी BALKRISHNA KAMLAKAR TENDULKAR के हवाले कर के किनारे हो गया, SMITH MEDI CARE के रणधीर सिंह ने कई वर्षों तक DR K. K. MENON  के साथ काम किया और फर्ज़ीवाड़े के गुर सीखे, DR K. K. MENON चीनी उत्पादों को अपनी कंपनी के नाम से बेचने के लिए कुख्यात है</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-5.jpg" alt="PHOTO 5" width="772" height="434"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>SMITH MEDICARE LUCKNOW का फर्जीवाड़ा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />टेंडर में पेशेंट मॉनिटर के लिए विशेषज्ञों द्वारा मांगी गयी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने के बाद भी फर्जीवाड़ा करते हुए RANDHEER SINGH की SMITH MEDI CARE LUCKNOW की सिंगल बिड को पास कर दिया जबकि वह उपकरण निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता है और जरूरी क्वालिटी सर्टिफिकेट USFDA AND EUROPEAN CE (NOTIFIED BODY) भी नहीं थे, और बाकि 16 कंपनियों के टेंडर को फेल कर दिया,</p>
<p style="text-align:justify;"> इतना ही नहीं रणधीर सिंह की फर्म SMITH MEDICARE LUCKNOW को फायदा पहुँचाने के लिए उक्त उपकरण पेशेंट मॉनिटर (LOW END ) का PHYSICAL DEMONSTRATION भी नहीं कराया गया और एक घटिया चीनी मॉनिटर बाजार दर (MARKET RATE LOW END PATIENT MONITOR IS MAXIMUM RS 50000/-) से कई गुना दरों (RS. 135000/- PER UNIT) पर खरीद लिया गया, घटिया चीनी उपकरण</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव अनजान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सबसे अचरज  की बात यह है की लगातार स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में हो रहे फर्ज़ीवाड़े, घोटाले और महँगी दरों पर घटिया चीनी उपकरण की हो रही लगातार सप्लाई को विभागीय मंत्री ब्रजेश पाठक और प्रमुख सचिव रोक पाने में असमर्थ है या जानते हुए भी कार्यवाही नहीं करना चाहते है, सूबे के मुख्यमंत्री को इसपर ध्यान देना होगा क्यूंकि चुनावी वर्ष है और कही NHM की तरह कोई बड़ा घोटाला सामने न आ जाये, इसलिए मुख्यमंत्री को अपनी साख का ध्यान रखते हुए इसपर कठोर कार्यवाही करनी होगी </p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>अगले अंक  में नए घोटाले के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम ...............</strong></h4>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172403/patient-monitor-scam-in-saifai-institute-of-medical-sciences</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172403/patient-monitor-scam-in-saifai-institute-of-medical-sciences</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 08:00:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/photo-1.jpg"                         length="136051"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        