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                <title>स्वतंत्र प्रभात प्रयागराज - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>गंगोत्री नगर फ्लाईओवर पर टला बड़ा हादसा,ट्रक मकान में घुसा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong> गंगोत्री नगर फ्लाईओवर पर सोमवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, एक कार को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसा।गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक को मकान से बाहर निकालने का प्रयास जारी रहा।पुलिस मामले की जांच कर रही है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177530/major-accident-averted-on-gangotri-nagar-flyover-truck-rammed-into"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260428-wa0087.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong> गंगोत्री नगर फ्लाईओवर पर सोमवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, एक कार को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसा।गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक को मकान से बाहर निकालने का प्रयास जारी रहा।पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:48:26 +0530</pubDate>
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                <title>डॉ. मैसूर मंजूनाथ के वायलिन के सुरो से सजी ख़ूबसूरत शाम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज |</strong> दिल्ली पब्लिक स्कूल, प्रयागराज के लॉन सोमवार शाम वायलिन की दिल को छू लेने वाली धुन से जीवंत हो। उठे। स्कूल की प्रेसिडेंट सोनू सिंह, प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह, छात्र, अभिभावक और संगीत प्रेमी एक खास स्पिक मैके कॉन्सर्ट के लिए यहाँ जमा हुए थे। इस कॉन्सर्ट में वायलिन पर डॉ. मैसूर मंजूनाथ और मालवी मंजूनाथ, मृदंगम पर विद्वान तुमकुर रविशंकर और तबले पर डॉ. विनोद मिश्रा ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पूरा कैंपस शास्त्रीय संगीत की कालजयी गूंज से भर गया। डॉ. मंजूनाथ की प्रस्तुति ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया — छात्र पूरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177528/a-beautiful-evening-decorated-with-the-violin-notes-of-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0139.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज |</strong> दिल्ली पब्लिक स्कूल, प्रयागराज के लॉन सोमवार शाम वायलिन की दिल को छू लेने वाली धुन से जीवंत हो। उठे। स्कूल की प्रेसिडेंट सोनू सिंह, प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह, छात्र, अभिभावक और संगीत प्रेमी एक खास स्पिक मैके कॉन्सर्ट के लिए यहाँ जमा हुए थे। इस कॉन्सर्ट में वायलिन पर डॉ. मैसूर मंजूनाथ और मालवी मंजूनाथ, मृदंगम पर विद्वान तुमकुर रविशंकर और तबले पर डॉ. विनोद मिश्रा ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूरा कैंपस शास्त्रीय संगीत की कालजयी गूंज से भर गया। डॉ. मंजूनाथ की प्रस्तुति ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया — छात्र पूरी तन्मयता से बैठे थे, अभिभावक शांत गर्व के साथ सुन रहे थे, और हवा में एक अनोखी शांति और जुड़ाव का एहसास घुला हुआ था। कॉन्सर्ट का प्रश्न-उत्तर (Q &amp; A) सत्र जादुई पलों से भरा था, जहाँ हमारी परंपराओं ने युवा मनों को रोशन किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. मंजूनाथ की दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध और प्रेरित हुए।स्कूल ने स्पिक मैके के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन इसलिए किया था, ताकि छात्रों को किताबों से परे, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों से और करीब लाया जा सके। कई परिवारों ने अपने बच्चों के साथ लॉन में बैठकर इस शाम का आनंद लिया, जिससे यह शाम सीखने और सराहना का एक साझा अनुभव बन गई।स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह ने इस शाम में शामिल होने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और शिक्षकों, छात्रों तथा अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:47:05 +0530</pubDate>
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                <title>29 अप्रैल से 9 मई तक होगा भव्य रुद्र महायज्ञ,  भंडारे का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>सर्वजन कल्याण की भावना के साथ श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन 29 अप्रैल से 9 मई 2026 तक नैनी क्षेत्र में किया जाएगा। यह महायज्ञ सीताराम आश्रम, प्रयागराज के पूज्य बैजनाथ जी महाराज के दिशा-निर्देशन में कुशल आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन दक्षिणी लोकपुर, सहारा चौराहा, नैनी (मीरा यादव के पास), पार्षद मयंक यादव के कार्यालय के पीछे किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजन समिति के सदस्य संजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह महायज्ञ विश्व कल्याण एवं जन-जन की सुख-समृद्धि के उद्देश्य से अत्यंत भव्य एवं दिव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन हवन-पूजन एवं धार्मिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177526/grand-rudra-mahayagya-bhandara-will-be-organized-from-29th-april"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas19.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong>सर्वजन कल्याण की भावना के साथ श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन 29 अप्रैल से 9 मई 2026 तक नैनी क्षेत्र में किया जाएगा। यह महायज्ञ सीताराम आश्रम, प्रयागराज के पूज्य बैजनाथ जी महाराज के दिशा-निर्देशन में कुशल आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन दक्षिणी लोकपुर, सहारा चौराहा, नैनी (मीरा यादव के पास), पार्षद मयंक यादव के कार्यालय के पीछे किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजन समिति के सदस्य संजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह महायज्ञ विश्व कल्याण एवं जन-जन की सुख-समृद्धि के उद्देश्य से अत्यंत भव्य एवं दिव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे। समापन अवसर पर 9 मई 2026, शनिवार को शाम 5:00 बजे से आहुति, हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में सादर आमंत्रित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:44:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सोनी पल पर शुरू हो रही साहस और भक्ति के प्रतीक 'संकट मोचन हनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> भारत का लोकप्रिय  एंटरटेनमेंट चैनल सोनी पल, जो अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है, ने गर्व और उत्साह के साथ संकट मोचन हनुमान के प्रसारण की घोषणा की है। यह एक कालजयी पौराणिक धारावाहिक है, जो पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित करता रहा है। सोनी पल पर इसके शुरू होने के साथ दर्शकों को भगवान हनुमान की साहसिक यात्रा को एक बार फिर नए अंदाज में देखने का अवसर मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस महाकाव्य के केंद्र में भक्ति, शक्ति और साहस के सच्चे 'सुपरहीरो' भगवान हनुमान हैं।  उनकी जीवन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177518/sankat-mochan-hanuman-symbol-of-courage-and-devotion-starting-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001754239.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> भारत का लोकप्रिय  एंटरटेनमेंट चैनल सोनी पल, जो अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है, ने गर्व और उत्साह के साथ संकट मोचन हनुमान के प्रसारण की घोषणा की है। यह एक कालजयी पौराणिक धारावाहिक है, जो पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित करता रहा है। सोनी पल पर इसके शुरू होने के साथ दर्शकों को भगवान हनुमान की साहसिक यात्रा को एक बार फिर नए अंदाज में देखने का अवसर मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस महाकाव्य के केंद्र में भक्ति, शक्ति और साहस के सच्चे 'सुपरहीरो' भगवान हनुमान हैं।  उनकी जीवन यात्रा वीरता और अटूट निष्ठा से भरी है, जो हर पीढ़ी के दर्शकों को गहराई से जोड़ती है और उन्हें आस्था, धर्म व निस्वार्थ सेवा जैसे शाश्वत मूल्यों की याद दिलाती है। यह कहानी भगवान हनुमान की उस अद्भुत यात्रा को दिखाती है, जहाँ वे निडर रक्षक के रूप में सामने आते हैं। भगवान राम के प्रति उनकी भक्ति असीम है और बुराई के खिलाफ उनका साहस बेजोड़ है। शानदार दृश्यों और दमदार कहानी के साथ यह सिर्फ एक धारावाहिक नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक अनुभव है, जो दिल और आत्मा को छू जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस धारावाहिक की शानदार स्टार कास्ट ने इन पौराणिक किरदारों को पूरी सच्चाई और जीवंतता के साथ पर्दे पर उतारने का काम किया है। गगन मलिक भगवान राम के रूप में गरिमा और मर्यादा को दर्शाते हैं; देब्लिना चटर्जी,  माता सीता की करुणा और शक्ति को खूबसूरती से प्रस्तुत करती हैं। वहीं निर्भय वाधवा भगवान हनुमान की दिव्य ऊर्जा को जीवंत करते हैं और सौरव गुर्जर रावण के रूप में दमदार अभिनय करते नजर आते हैं। ये सभी कलाकार मिलकर एक ऐसी दुनिया रचते हैं, जो जादुई होने के साथ-साथ हमारी परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भगवान हनुमान को परम रक्षक और दिव्य सुपरहीरो के रूप में प्रस्तुत करने वाला संकट मोचन हनुमान, अपने शाश्वत संदेश और यादगार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने का वादा करता है।  सोनी पल दर्शकों को इस दिव्य यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है, जहाँ भगवान हनुमान की गाथा एक बार फिर टीवी स्क्रीन पर लौट रही है, जो पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली, प्रेरणादायक और प्रासंगिक है। यह शो 4 मई से रात 9 बजे, दर्शकों को हनुमान जी की कहानी को फिर से जीने और भक्ति की भावना को दोबारा महसूस करने का मौका देगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:34:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाप्रबन्धक नरेश पाल सिंह ने 10 रेल कर्मचारियों को किया पुरस्कृत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>महाप्रबन्धक, उत्तर मध्य रेलवे,  नरेश पाल सिंह, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी,  यतेन्द्र कुमार एवं उत्तर मध्य रेलवे के विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में संरक्षा के प्रति किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रयागराज, झाँसी  एवं आगरा मण्डलों से मार्च 2026 माह के लिए चयनित कुल 10 रेल कर्मचारियों को महाप्रबन्धक के द्वारा संरक्षा पुरस्कार प्रदान किए गए। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुरस्कृत कर्मचारियों में 1. चन्द्रभान, ट्रैक मेन्टेनर-II/मनियां/आगरा मण्डल.  शुभम पाल, ट्रैक मेन्टेनर-IV/जाजौ/ आगरा मण्डल 3.  शिवलाल यादव, गेटमैन/ चिरगांव/झाँसी मण्डल 4. अभय शंकर, संरक्षा सलाहकार/टेलीकॉम उत्तर मध्य रेलवे, मुख्यालय 5.  सुभाष चन्द्र, स्टेशन मास्टर/शिकोहाबाद/प्रयागराज मण्डल 6.  जय कुमार यादव, ट्रेन मैनेजर, चुनार/प्रयागराज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177512/general-manager-naresh-pal-singh-rewarded-10-railway-employees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260428-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>महाप्रबन्धक, उत्तर मध्य रेलवे,  नरेश पाल सिंह, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी,  यतेन्द्र कुमार एवं उत्तर मध्य रेलवे के विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में संरक्षा के प्रति किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रयागराज, झाँसी  एवं आगरा मण्डलों से मार्च 2026 माह के लिए चयनित कुल 10 रेल कर्मचारियों को महाप्रबन्धक के द्वारा संरक्षा पुरस्कार प्रदान किए गए। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुरस्कृत कर्मचारियों में 1. चन्द्रभान, ट्रैक मेन्टेनर-II/मनियां/आगरा मण्डल.  शुभम पाल, ट्रैक मेन्टेनर-IV/जाजौ/ आगरा मण्डल 3.  शिवलाल यादव, गेटमैन/ चिरगांव/झाँसी मण्डल 4. अभय शंकर, संरक्षा सलाहकार/टेलीकॉम उत्तर मध्य रेलवे, मुख्यालय 5.  सुभाष चन्द्र, स्टेशन मास्टर/शिकोहाबाद/प्रयागराज मण्डल 6.  जय कुमार यादव, ट्रेन मैनेजर, चुनार/प्रयागराज मण्डल 7 अरमान अली, प्वाइण्ट्समैन, इटावा/ प्रयागराज मण्डल 8.  सुमित कुमार शर्मा, प्वाइण्ट्समैन, अघोरीखास/प्रयागराज मण्डल 9.  मनीष कुमार, प्वाइण्ट्समैन, डभौरा/ प्रयागराज मण्डल एवं 10 धर्मेन्द्र कुमार सिंह, प्वाइण्ट्मैन, कर्मा/ प्रयागराज मण्डल शामिल हैं। धर्मेन्द्र कुमार सिंह, प्वाइण्ट्मैन, कर्मा/प्रयागराज मण्डल को माह के सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी के संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:23:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड, प्रयागराज का वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड के वर्ष 2025-26 का वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. राकेश निगम (प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक एवं अपर आयुक्त) तथा डॉ. सुरेंद्र नाथ (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं उप आयुक्त) द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि ने ब्रिगेड के सदस्यों द्वारा दी गई परेड की सलामी ली और डॉ. राकेश निगम ने संबोधन में कहा कि सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड एक ऐसी निस्वार्थ स्वयंसेवी संस्था है, जो रेल परिसर में कर्मचारियों की सेवा और प्राथमिक</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177510/annual-inspection-program-of-john-ambulance-brigade-prayagraj-concluded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड के वर्ष 2025-26 का वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. राकेश निगम (प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक एवं अपर आयुक्त) तथा डॉ. सुरेंद्र नाथ (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं उप आयुक्त) द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि ने ब्रिगेड के सदस्यों द्वारा दी गई परेड की सलामी ली और डॉ. राकेश निगम ने संबोधन में कहा कि सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड एक ऐसी निस्वार्थ स्वयंसेवी संस्था है, जो रेल परिसर में कर्मचारियों की सेवा और प्राथमिक चिकित्सा उपचार हेतु सदैव तत्पर रहती है। इस अवसर पर वित्तीय वर्ष के दौरान ब्रिगेड द्वारा किए गए कार्यों पर आधारित एक भव्य फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन अतिथियों द्वारा किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रदर्शनी का अवलोकन डॉ. एस.एस. नायक (अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक एवं डिवीजनल कमांडर मेडिकल) और डॉ. आशीष अग्रवाल (अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं डिवीजनल कमांडर मेडिकल) द्वारा कराया गया।इस दौरान एंबुलेंस अधिकारी  उदय चंद मौर्य ने वर्ष भर की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया और मंडल सचिव  अनूप कुमार श्रीवास्तव ने ब्रिगेड के कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री वीडियो साझा किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ब्रिगेड के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कानपुर से आए नए सदस्यों की टीम की उपस्थिति में अधिकारियों ने कानपुर में सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड की नई शाखा स्थापित करने की सहमति भी प्रदान की।कार्यक्रम में गत वर्ष में उत्कृष्ट और निस्वार्थ सेवा देने वाले सदस्यों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया और इस माह सेवानिवृत्त हो रहे  दिनेश कुमार (डिवीजनल कमांडर प्रशासन एवं सहायक वाणिज्यिक प्रबंधक) का विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। ब्रिगेड को सशक्त बनाने में उनके योगदान हेतु उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को डॉ. प्रकाश मुर्मू, डॉ. परवेज़ अहमद और  के.के. सिंह (मंडल वित्त प्रबंधक एवं डिवीजन कमांडर प्रशासन) ने भी संबोधित कर ब्रिगेड के जज्बे को सराहा। मंच का संचालन  एम.एच. अंसारी एवं श्री राजीव सिंह ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंडल सचिव आलोक कुमार वर्मा, रतन कुमार, ओम प्रकाश, राजीव दिवाकर, पवन कुमार, अमित कुमार मौर्य सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारी श्री ए.के. आर्या, मोहिबुल्लाह, विजय कुमार व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।</div></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 18:20:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल राजनीतिक आंदोलनों और सशस्त्र क्रांतियों का इतिहास नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह उस </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चौथे स्तंभ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के जागरण की भी गाथा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ जनमत बनाने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में जब भी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कलम के सिपाहियों</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का जिक्र होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो गणेश शंकर विद्यार्थी का नाम सबसे ऊपर चमकता है। वे केवल एक पत्रकार नहीं थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक ऐसी संस्था थे जिन्होंने पत्रकारिता को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मिशन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बनाया और अपनी लेखनी से ब्रिटिश साम्राज्य की चूलें हिला दीं।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174032/ganesh-shankar-vidyarthis-journalism-in-the-indian-freedom-struggle"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/images10.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल राजनीतिक आंदोलनों और सशस्त्र क्रांतियों का इतिहास नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह उस </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चौथे स्तंभ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के जागरण की भी गाथा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ जनमत बनाने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में जब भी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कलम के सिपाहियों</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का जिक्र होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो गणेश शंकर विद्यार्थी का नाम सबसे ऊपर चमकता है। वे केवल एक पत्रकार नहीं थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक ऐसी संस्था थे जिन्होंने पत्रकारिता को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मिशन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बनाया और अपनी लेखनी से ब्रिटिश साम्राज्य की चूलें हिला दीं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म </span>26<span lang="hi" xml:lang="hi"> अक्टूबर</span>, 1890<span lang="hi" xml:lang="hi"> को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में एक अजीब सी कशिश थी एक तरफ वे गांधीजी के अहिंसात्मक आंदोलनों के समर्थक थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी तरफ क्रांतिकारी भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के मददगार और मार्गदर्शक भी थे। उनकी पत्रकारिता इन दोनों धाराओं का संगम थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता की यात्रा का केंद्र बिंदु उनका साप्ताहिक पत्र </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">था। </span>1913<span lang="hi" xml:lang="hi"> में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल </span>23<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष की आयु में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कानपुर से </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का प्रकाशन शुरू किया। उस दौरान देश में असंतोष की लहर थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन साथ ही साम्प्रदायिकता के बीज भी बोए जा रहे थे। कानपुर उस समय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र था और यहां उदारवादी और प्रगतिशील विचारों की सख्त जरूरत थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का उद्देश्य साफ था सत्य का प्रचार और अन्याय का प्रतिकार। उस समय के अधिकांश समाचार पत्र या तो अंग्रेजों की तारीफ में लिखते थे या फिर बहुत ही सीमित बौद्धिक वर्ग तक सीमित थे। विद्यार्थी जी ने </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को जनता की आवाज बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पत्र निर्देशित नहीं होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि स्वयं एक निर्देशक बनेगा। उनके संपादकीयों में एक तीक्ष्णता थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक आक्रोश था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन साथ ही एक गहरा दर्द भी था। वे केवल खबरें देने वाले पत्रकार नहीं थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे समाज के मार्गदर्शक थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यार्थी जी की पत्रकारिता की सबसे बड़ी विशेषता उनकी लेखन शैली थी। उनकी भाषा सीधी-साधी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ठेठ देशज और बेबाक थी। वे कठिन शब्दों का प्रयोग नहीं करते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ऐसे शब्दों का चयन करते थे जो सीधे पाठक के दिल पर चोट करें। उनका लेखन </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जनवादी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">था। वे जानते थे कि स्वतंत्रता का सपना तभी साकार होगा जब किसान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मजदूर और आम जनता इसे अपना मानेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटिश शासन के दमन के खिलाफ लिखते समय उनकी कलम से आग झरती थी। वे कभी भी अलंकारों में बात नहीं कहते थे। जब भी कोई अन्याय होता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे वह ब्रिटिश सरकार द्वारा किसानों पर लगाया गया अत्याचार हो या किसी रियासत में प्रजा का शोषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यार्थी जी उसे बेधड़क उठाते थे। उनके संपादकीय न केवल सरकार की नीतियों की आलोचना करते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जनता को झकझोर कर जगाते थे। उनकी पत्रकारिता में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कर्तव्य</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का भाव था। वे मानते थे कि पत्रकार का कर्तव्य है कि वह सत्य को प्रकाश में लाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे इसके लिए उसे कितनी भी कीमत चुकानी पड़े।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश सरकार ने प्रेस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए थे। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे काले कानूनों के तहत सरकार पत्रकारों को जेल भेज सकती थी और पत्रों का जमानत बंद कर सकती थी। ऐसे में अधिकांश पत्रकार डरकर सरकार की खुशामद में लग गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन गणेश शंकर विद्यार्थी झुकने वालों में से नहीं थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने ब्रिटिश नीतियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषकर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">रोलेट एक्ट</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के विरोध में ऐसे तीखे लेख लिखे कि सरकार हमेशा उनके पीछे पड़ी रहती थी। उन पर मुकदमे चलाए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जुर्माने लगाए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कई बार उन्हें जेल जाना पड़ा। लेकिन जेल जाना उनके लिए वीरता का पदक था। जब भी वे जेल से लौटते</span>, '<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को और अधिक तेजी से लिखना शुरू करते। उन्होंने यह दिखाया कि सच्ची पत्रकारिता भय से परे होती है। वे कहा करते थे कि "अगर सच बोलने के लिए जेल जाना पड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह जेल स्वर्ग से कम नहीं।" उनके इस निडर रवैये ने कानपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को प्रेरित किया और स्वतंत्रता आंदोलन में भारी जनसहभागिता बढ़ी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रारंभिक दौर में राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से शिक्षित मध्यम वर्ग के हाथों में था। किसान और मजदूर वर्ग इसके किनारे खड़े थे। गणेश शंकर विद्यार्थी शायद पहले उन पत्रकारों में से थे जिन्होंने समझा कि आजादी की लड़ाई को तभी जीता जा सकता है जब यह लड़ाई आम आदमी की लड़ाई बन जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">ने किसानों की पीड़ा को व्यक्त किया। विद्यार्थी जी ने किसानों पर हो रहे शोषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगान की मनमानी व्यवस्था और पुलिस के अत्याचारों को बड़े ही विस्तार से उजागर किया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाई। कानपुर उस समय एक बड़ा औद्योगिक शहर था और यहां मजदूरों की स्थिति दयनीय थी। विद्यार्थी जी ने </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के माध्यम से मजदूरों में जागरूकता फैलाई और उन्हें संगठित होने की सलाह दी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रकार की पत्रकारिता उस समय के लिए अभूतपूर्व थी। यह </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">राजनीतिक पत्रकारिता</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">से आगे बढ़कर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक पत्रकारिता</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">थी। उन्होंने दिखाया कि स्वतंत्रता का अर्थ है- भूखे को रोटी मिलना और नंगे को कपड़ा। उनके पत्र में किसानों और मजदूरों की खबरें प्रमुखता से छापी जाती थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वे वर्ग अपने आपको राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ा हुआ महसूस करने लगा। यह एक रणनीतिक सफलता थी जिसने आंदोलन को व्यापक बनाया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनका क्रांतिकारियों के प्रति समर्थन था। यद्यपि वे स्वयं महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन से प्रभावित थे और कांग्रेस के कार्यकर्ता थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उन्होंने क्रांतिकारियों के साहस की भी सराहना की। जब भगत सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजगुरु और सुखदेव ने अपनी कार्रवाई की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मुख्यधारा के मीडिया ने उन्हें </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">आतंकवादी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">ने उन्हें </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">देशभक्त</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता सेनानी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यार्थी जी ने अपने संपादकीयों में क्रांतिकारियों के बलिदान को जनता तक पहुंचाया। उन्होंने लिखा कि ये नौजवान देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर रहे हैं और उनका त्याग महान है। उन्होंने काकोरी कांड के अभियुक्तों के समर्थन में भी कई लेख लिखे। इसके लिए ब्रिटिश सरकार ने उन पर कड़ी नजर रखी और कई बार उन्हें </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">देशध्रोह</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का आरोप लगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उन्होंने अपनी नीति नहीं बदली। उनकी पत्रकारिता ने जनता को यह समझने में मदद की कि स्वतंत्रता के लिए कई रास्ते हो सकते हैं और हर रास्ते पर चलने वाला देशभक्त है। उन्होंने क्रांतिकारी विचारों को मानसिक रूप से समर्थन देकर युवाओं के बीच देशभक्ति की जो लहर पैदा की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह इतिहास में दर्ज है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">फूट डालो और राज करो</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की नीति के कारण देश में सांप्रदायिकता तेजी से फैल रही थी। ऐसे में गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता एक सेतु </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की तरह थी। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">ने हिंदू-मुस्लिम एकता को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यार्थी जी का मानना था कि अगर देश बंटा तो आजादी व्यर्थ है। उन्होंने अपने अखबार के माध्यम से सांप्रदायिक दंगों की निंदा की और लोगों से अपील की कि वे एक-दूसरे के घरों का सम्मान करें। उन्होंने उन अफवाहों का पर्दाफाश किया जो समुदायों के बीच नफरत फैला रही थीं। उनकी पत्रकारिता का यह पक्ष बहुत संवेदनशील था। वे कभी भी ऐसी खबरें नहीं छापते थे जो सांप्रदायिक तनाव बढ़ाए। इसके विपरीत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे उन घटनाओं को प्रमुखता से प्रकाशित करते थे जिनमें हिंदू और मुस्लिम एक-दूसरे की मदद करते थे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी सांप्रदायिक सद्भाव के प्रति समर्पण के कारण उन्हें अपने जीवन की कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने केवल लिखकर ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने कर्मों से भी यह सिद्ध किया कि पत्रकारिता सिर्फ दफ्तर में बैठकर नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मैदान में उतरकर होती है। जब </span>1931<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कानपुर में भीषण दंगे हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना जनता के बीच गए और शांति स्थापित करते हुए शहीद हो गए। उनकी मृत्यु ने यह संदेश दिया कि एक सच्चा पत्रकार अपने सिद्धांतों के लिए मर भी सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि हम इतिहास के पन्नों को पलटें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पाएंगे कि </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">अखबार ने कानपुर क्षेत्र में स्वतंत्रता आंदोलन को न केवल दिशा दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इसे गति भी प्रदान की। </span>1920<span lang="hi" xml:lang="hi"> के दशक में जब महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन चल रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">ने इसे आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थी जी ने लोगों को विदेशी वस्तुओं का त्याग करने और खादी को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ब्रिटिश प्रशासन की नाकामियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भ्रष्टाचार और जुल्म को बेनकाब किया। उनके लेखों ने जनता के मन में शासन के प्रति विद्रोह की भावना भरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कानून तोड़ने से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक नैतिक जीत की इच्छा से उपजी थी। विद्यार्थी जी कांग्रेस के अंदरूनी मामलों से भी वाकिफ थे। उन्होंने पार्टी की नीतियों की आलोचना भी की जब उन्हें लगा कि जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उनकी पत्रकारिता किसी दल या व्यक्ति की ज़िम्मेदार नहीं थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वह </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्र</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गणेश शंकर विद्यार्थी अपने नाम के सच्चे अर्थों में विद्यार्थी थे। वे जीवन पर्यन्त सीखते रहे। उन्होंने पत्रकारिता के जो मानक स्थापित किए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे आज भी प्रासंगिक हैं। वे किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा के कैदी नहीं थे। उन्होंने कांग्रेस की गलतियों को भी बेबाक होकर उजागर किया। वे स्वयं बड़े सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। पत्रकारिता को उन्होंने कमाई का जरिया नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सेवा का माध्यम बनाया। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के कार्यालय में सादगी ही समृद्धि थी। उन्होंने सिखाया कि पत्रकार को भयमुक्त होना चाहिए। चाहे सत्ता हो या समाज के शक्तिशाली तत्व</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पत्रकार को सत्य के साथ खड़ा रहना होता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता उस युग का दर्पण थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें देश गुलामी की अंधेरी रात में रोशनी की तलाश में था। उन्होंने अपनी कलम से वह रोशनी फैलाई। उनका जीवन और उनका अखबार </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रताप</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता संग्राम का एक अभिन्न अंग था। उन्होंने पत्रकारिता को एक व्यवसाय से उठकर एक </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मिशन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बनाया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज जब भारत स्वतंत्र है और पत्रकारिता एक सशक्त संस्था के रूप में विकसित हो चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब विद्यार्थी जी के मूल्यों को याद करना और भी अधिक आवश्यक हो जाता है। वर्तमान समय में जब पत्रकारिता पर वाणिज्यिकरण और पक्षपात के आरोप लगते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यार्थी जी का जीवन हमें याद दिलाता है कि पत्रकारिता का धर्म क्या है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने अपने द्वारा स्थापित मानकों के अनुसार जीवन और मृत्यु दोनों को निभाया। </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च </span>1931<span lang="hi" xml:lang="hi"> को दंगा प्रभावित क्षेत्र में जाकर शांति स्थापित करने का प्रयास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तव में उनकी पत्रकारिता की अंतिम और सबसे बड़ी कहानी थी—एक कहानी जो बिना शब्दों के लिखी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खून से लिखी गई थी। गणेश शंकर विद्यार्थी की पत्रकारिता हमें सिखाती है कि शब्दों की ताकत अनंत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यदि उनका उपयोग सत्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्याय और मानवता के लिए किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे साम्राज्यों को भी गिरा सकते हैं। वे हमेशा एक आदर्श के रूप में प्रेरित करते रहेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक ऐसे </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">विद्यार्थी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में जिसने जीवन भर सत्य की परीक्षा में उत्तीर्ण होते रहने का प्रयास किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174032/ganesh-shankar-vidyarthis-journalism-in-the-indian-freedom-struggle</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:06:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में!</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज -</strong> दोपहर करीब 2:30 बजे एक निजी कोल्ड स्टोरेज की बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई।  अमोनिया गैस टैंक या पाइप फटने से धमाका हुआ, जिससे इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। घटना का विवरणफाफामऊ थाना क्षेत्र के चांदपुर (गद्दोपुर) गांव में यह हादसा हुआ, जहां 20-25 मजदूर काम कर रहे थे। अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मलबे में फंसे होने की आशंका है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद का बताया जा रहा है। रेस्क्यू और प्रशासनिक कार्रवाईपुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF टीमें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174024/prayagraj-cold-storage-accident-in-phaphamau-area-of-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/37.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज -</strong> दोपहर करीब 2:30 बजे एक निजी कोल्ड स्टोरेज की बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई।  अमोनिया गैस टैंक या पाइप फटने से धमाका हुआ, जिससे इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। घटना का विवरणफाफामऊ थाना क्षेत्र के चांदपुर (गद्दोपुर) गांव में यह हादसा हुआ, जहां 20-25 मजदूर काम कर रहे थे। अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मलबे में फंसे होने की आशंका है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद का बताया जा रहा है। रेस्क्यू और प्रशासनिक कार्रवाईपुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य चला रही हैं, साथ ही 7 बुलडोजर लगाए गए हैं। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा और जिला मजिस्ट्रेट स्थिति पर नजर रख रहे हैं; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कुछ रिपोर्टों में 7 लोगों को सुरक्षित निकालने की बात कही गई है। गैस रिसाव का प्रभावअमोनिया गैस रिसाव से आसपास के लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।  पुलिस ने क्षेत्र सील कर दिया है और ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है; ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर पथराव तक कर दिया। घायलों को SRN अस्पताल भेजा जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:16:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी टिकट जारी करने के मामले में रेलवे की सर्जिकल स्ट्राइक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्राप्त सूचना, जिसमें प्रयागराज से फर्जी टिकट जारी किए जाने की आशंका व्यक्त की गई थी, के आधार पर रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई प्रारंभ की।</div>
<div style="text-align:justify;">*उल्लेखनीय है कि एटीवीएम (ATVM) फैसिलिटेटर अनुबंध के आधार पर कमीशन प्रणाली पर कार्य करते हैं, जिन्हें टिकट बिक्री के आधार पर पारिश्रमिक प्राप्त होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 21/22 मार्च 2026 को प्रयागराज मण्डल के अधिकारियों द्वारा विस्तृत एवं गहन जांच की गई। इस दौरान तकनीकी एवं फील्ड स्तर पर विभिन्न बिंदुओं का परीक्षण किया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174022/railways-surgical-strike-in-case-of-issuing-fake-tickets"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/49.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> प्राप्त सूचना, जिसमें प्रयागराज से फर्जी टिकट जारी किए जाने की आशंका व्यक्त की गई थी, के आधार पर रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई प्रारंभ की।</div>
<div style="text-align:justify;">*उल्लेखनीय है कि एटीवीएम (ATVM) फैसिलिटेटर अनुबंध के आधार पर कमीशन प्रणाली पर कार्य करते हैं, जिन्हें टिकट बिक्री के आधार पर पारिश्रमिक प्राप्त होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 21/22 मार्च 2026 को प्रयागराज मण्डल के अधिकारियों द्वारा विस्तृत एवं गहन जांच की गई। इस दौरान तकनीकी एवं फील्ड स्तर पर विभिन्न बिंदुओं का परीक्षण किया गया, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके उपरांत दिनांक 23 मार्च 2026 को प्रयागराज मण्डल के वाणिज्य विभाग एवं उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय (एनसीआर) की सतर्कता (विजिलेंस) टीम द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के तहत दो एटीवीएम फैसिलिटेटर—गौरव पाण्डेय एवं विनय शुक्ला—को फर्जी टिकट विक्रय के आरोप में गिरफ्तार किया गया तथा उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई। साथ ही, फर्जी टिकट प्रिंट कराने से संबंधित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी बाहरी स्रोतों से फर्जी टिकट प्रिंट कराकर यात्रियों को बेच रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व की क्षति होने की संभावना थी। यह कृत्य पूर्णतः अवैध होने के साथ-साथ यात्रियों के साथ गंभीर धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।उक्त प्रकरण के संबंध में यह भी स्पष्ट किया जाता है कि अब तक की जांच में किसी भी रेलकर्मी की संलिप्तता प्रकाश में नहीं आई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेल प्रशासन इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सतर्कता टीम के माध्यम से विस्तृत जांच कर रहा है। जांच के दौरान अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों एवं नेटवर्क की भी पहचान की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174022/railways-surgical-strike-in-case-of-issuing-fake-tickets</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:14:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के त्याग से मिलती है ‘राष्ट्र प्रथम’ की प्रेरणा- उप  मुख्य  मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर इन शहीदों के स्मृति-चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन अमर शहीदों की वीरता गाथा केवल प्रेरणा का स्रोत ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने तथा हर चुनौती का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174020/the-inspiration-for-%E2%80%98ration-first%E2%80%99-comes-from-the-sacrifice-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260323-wa0141.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर इन शहीदों के स्मृति-चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए उनका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन अमर शहीदों की वीरता गाथा केवल प्रेरणा का स्रोत ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने तथा हर चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की शक्ति  व साहस भी प्रदान करता है।मौर्य ने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव का अप्रतिम साहस, अद्वितीय देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की चेतना में सदैव जीवंत रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके आदर्श हम सभी को ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे इन महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका  निभायें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:10:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने विगत तहसील दिवस के 51 निस्तारित प्रकरणों का 17 जिला स्तरीय अधिकारियों से कराया परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज -</strong> तहसील सदर, प्रयागराज में सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी, प्रयागराज द्वारा विगत तहसील दिवस के निस्तारित प्रकरणों में से रैण्डम आधार पर 51 निस्तारित प्रकरणों का परीक्षण 17 जिला स्तरीय अधिकारियों से कराया गया, जिसमें 13 ऐसे प्रकरण पाये गये जो जिला स्तरीय अधिकारियों के परीक्षण में शिकायतकर्ताओं से असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">1 विवेक सिंह, लेखपाल सदर, 2- मोइनउद्दीन सफाई नायक नगर निगम, 3- प्रेम किशोर पटेल, राजस्व निरीक्षक राजस्व विभाग, 4  सिद्धार्थ सिंह, जन्म मृत्यु लिपिक, नगर निगम द्वारा बिना निस्तारण किये असंतोषजनक आख्या प्रस्तुत की गयी है। (विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित)</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">1-शैलेन्द्र कुमार सिंह,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174018/the-district-magistrate-got-the-51-disposed-cases-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/hindi-divas14.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज -</strong> तहसील सदर, प्रयागराज में सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी, प्रयागराज द्वारा विगत तहसील दिवस के निस्तारित प्रकरणों में से रैण्डम आधार पर 51 निस्तारित प्रकरणों का परीक्षण 17 जिला स्तरीय अधिकारियों से कराया गया, जिसमें 13 ऐसे प्रकरण पाये गये जो जिला स्तरीय अधिकारियों के परीक्षण में शिकायतकर्ताओं से असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">1 विवेक सिंह, लेखपाल सदर, 2- मोइनउद्दीन सफाई नायक नगर निगम, 3- प्रेम किशोर पटेल, राजस्व निरीक्षक राजस्व विभाग, 4  सिद्धार्थ सिंह, जन्म मृत्यु लिपिक, नगर निगम द्वारा बिना निस्तारण किये असंतोषजनक आख्या प्रस्तुत की गयी है। (विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित)</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">1-शैलेन्द्र कुमार सिंह, उप खण्ड अधिकारी, तेलियरगंज, विद्युत विभाग प्रयागराज 2- उमाशंकर सिंह, उ०नि० धूमनगंज पुलिस विभाग ३- महेन्द्र प्रताप सिंह, लेखपाल -जोनल अधिकारी जोन-03 कटरा, नगर निगम, प्रयागराज 5  अशीष यादव, अवर अभियन्ता जलकल विभाग, प्रयागराज 6- सुशील शुक्ला, लेखपाल सदर 7- सुभाष चन्द्र दिवाकर लेखापाल, सदर 8 राकेश विश्वकर्मा, अवर अभियन्ता, नगर निगम 9-  देवांश मुखर्जी, लेखपाल द्वारा सरसरी तौर पर प्रकरण निस्तारण कर सतही आख्या प्रस्तुत की गयी है। (प्रतिकूल प्रविष्टि प्रस्तावित)</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा यह निर्देश दिया गया कि जिन अधिकारी कर्मचारियों ने असंतोषजनक आख्या प्रस्तुत की गयी है ऐसे 04 कार्मिको को विभागीय कार्यवाही एवं सरसरी तौर पर सतही आख्या प्रस्तुत किये जाने वाले 09 कार्मिकों को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत किया जाय।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:08:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिलाओं को , साइबर सुरक्षा व हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी प्रयागराज।</strong> सोमवार को मिशन शक्ति फेस 5.0 के अंतर्गत थाना नैनी की मिशन शक्ति टीम द्वारा आज उच्च प्राथमिक विद्यालय अरैल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र की महिलाओं और छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, मिशन शक्ति अभियान तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में उपस्थित टीम ने महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उच्च अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174016/under-mission-shakti-50-information-about-cyber-security-and-helpline"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260323-wa0292.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी प्रयागराज।</strong> सोमवार को मिशन शक्ति फेस 5.0 के अंतर्गत थाना नैनी की मिशन शक्ति टीम द्वारा आज उच्च प्राथमिक विद्यालय अरैल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र की महिलाओं और छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, मिशन शक्ति अभियान तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में उपस्थित टीम ने महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उच्च अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं को वूमेन पावर लाइन 1090, घरेलू हिंसा हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, स्वास्थ्य सेवा 102, एम्बुलेंस सेवा 108 तथा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई।टीम ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174016/under-mission-shakti-50-information-about-cyber-security-and-helpline</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 21:06:05 +0530</pubDate>
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