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                <title>UPSC IAS Success Story - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>UPSC IAS Success Story RSS Feed</description>
                
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                <title>IAS Success Story: 2 साल के बच्चे की मां ने IAS बनकर रचा इतिहास, पढ़ें पूरी सक्सेस स्टोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: शादी के बाद अक्सर यह मान लिया जाता है कि लड़की की प्राथमिक जिम्मेदारी केवल घर और परिवार तक सीमित रह जाती है। लेकिन हरियाणा की आईएएस अधिकारी पुष्पलता यादव ने इस रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए साबित किया कि अगर परिवार का साथ मिले तो महिलाएं हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता की कहानी दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और पारिवारिक सहयोग की मिसाल है।</p>
<p><strong>छोटे गांव से आईएएस तक का सफर</strong></p>
<p>हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशबुरा से आने वाली पुष्पलता यादव ने वर्ष 2017 में Union Public Service Commission (UPSC)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172316/ias-success-story-mother-of-2-year-old-child-created"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/ias-success-story-(30).jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: शादी के बाद अक्सर यह मान लिया जाता है कि लड़की की प्राथमिक जिम्मेदारी केवल घर और परिवार तक सीमित रह जाती है। लेकिन हरियाणा की आईएएस अधिकारी पुष्पलता यादव ने इस रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए साबित किया कि अगर परिवार का साथ मिले तो महिलाएं हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता की कहानी दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और पारिवारिक सहयोग की मिसाल है।</p>
<p><strong>छोटे गांव से आईएएस तक का सफर</strong></p>
<p>हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छोटे से गांव खुशबुरा से आने वाली पुष्पलता यादव ने वर्ष 2017 में Union Public Service Commission (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 80वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि उन्होंने ऐसे समय में हासिल की, जब वे शादीशुदा थीं, दो साल के बच्चे की मां थीं और बैंक में नौकरी भी कर रही थीं।</p>
<p><strong>शादी के बाद भी नहीं छोड़ा सपना</strong></p>
<p>पुष्पलता की स्कूली शिक्षा गांव में ही हुई। साल 2011 में उनकी शादी हो गई और वे मानेसर में रहने लगीं। शादी से पहले वे एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत थीं। बाद में उनका चयन स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हुआ। शादी के बाद भी उन्होंने नौकरी जारी रखी और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने करियर को संतुलित किया।</p>
<p><strong>पढ़ाई जारी रखकर बढ़ाया कदम</strong></p>
<p>शादी के बाद उन्होंने आगे पढ़ाई करने की इच्छा जताई, जिसमें पति और ससुराल वालों ने पूरा सहयोग दिया। वर्ष 2016 में उन्होंने बीएससी की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद एमबीए भी किया। हालांकि उनका अंतिम लक्ष्य सिविल सेवा में जाना ही था।</p>
<p><strong>परिवार बना सबसे बड़ी ताकत</strong></p>
<p>यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनका परिवार उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। जब वे पढ़ाई करती थीं, तो उनके पति दो साल के बेटे की देखभाल करते थे, जबकि सास-ससुर घर के अन्य कामों में सहयोग करते थे। वे रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं, ताकि घर और नौकरी के बीच तैयारी में कोई कमी न रह जाए।</p>
<p><strong>दो असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार</strong></p>
<p>पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। प्रीलिम्स पास करने के बाद वे मेन्स परीक्षा में सफल नहीं हो पाईं। इससे उनका मनोबल डगमगाया, लेकिन परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने वर्ष 2017 में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 80वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 11:54:17 +0530</pubDate>
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