<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/52009/operation-epic-fury" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Operation Epic Fury - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/52009/rss</link>
                <description>Operation Epic Fury RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमला मानवता के विरुद्ध अपराध और वैश्विक अंतरात्मा की पुकार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर हुआ हवाई हमला पूरी दुनिया को झकझोर देने वाला है। मासूम बच्चियों की मौत ने युद्ध की भयावहता को एक बार फिर दुनिया के सामने रख दिया है। इस घटना की गूंज केवल ईरान या मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है बल्कि यह मानवता की अंतरात्मा को झकझोरने वाली त्रासदी बन चुकी है। जब युद्ध की आग में निर्दोष बच्चों की जान जाती है तो वह केवल एक देश की नहीं बल्कि पूरी मानव सभ्यता की हार होती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोकर तुर्क  ने स्पष्ट शब्दों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172475/attack-on-irans-girls-school-a-crime-against-humanity-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/582026-03-03t104726z1691264504rc2ywja30818rtrmadp3_1772535799.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर हुआ हवाई हमला पूरी दुनिया को झकझोर देने वाला है। मासूम बच्चियों की मौत ने युद्ध की भयावहता को एक बार फिर दुनिया के सामने रख दिया है। इस घटना की गूंज केवल ईरान या मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है बल्कि यह मानवता की अंतरात्मा को झकझोरने वाली त्रासदी बन चुकी है। जब युद्ध की आग में निर्दोष बच्चों की जान जाती है तो वह केवल एक देश की नहीं बल्कि पूरी मानव सभ्यता की हार होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोकर तुर्क  ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले की जल्द निष्पक्ष और पूरी जांच होनी चाहिए। जिनेवा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शामनाशादी ने भी कहा कि जिस पक्ष ने हमला किया है उसी की जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शी जांच सुनिश्चित करे और सच्चाई दुनिया के सामने लाए। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के सिद्धांतों की याद दिलाता है जिनका पालन हर परिस्थिति में अनिवार्य है चाहे हालात कितने भी तनावपूर्ण क्यों न हों।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि हमले में 150 छात्राओं की मौत हुई है और मिनाब शहर में उनके अंतिम संस्कार के लिए सामूहिक कब्रें खोदी गईं। यह दृश्य केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए पीड़ा का कारण है। नन्हीं बच्चियों के ताबूतों के सामने खड़े परिजन और रोते बिलखते परिवार इस बात का प्रमाण हैं कि युद्ध का सबसे बड़ा खामियाजा हमेशा आम नागरिक और मासूम बच्चे ही भुगतते हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों ने इस त्रासदी को और भी वास्तविक और भयावह बना दिया है। हर तस्वीर युद्ध की निर्ममता और मानवीय संवेदनाओं के क्षरण की कहानी कहती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती। वहीं इजराइल की ओर से भी कहा गया है कि इस घटना की जांच की जा रही है। इन बयानों के बीच सच्चाई क्या है यह एक निष्पक्ष और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा। युद्ध के दौरान अक्सर सूचनाएं और दावे एक दूसरे से टकराते हैं लेकिन सच्चाई तक पहुंचना ही न्याय की पहली शर्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इस अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है और क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। ऐसे माहौल में एक स्कूल पर हमला केवल सैन्य रणनीति का सवाल नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन का गंभीर आरोप बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">युद्ध के नियम स्पष्ट हैं कि स्कूल अस्पताल और नागरिक ठिकाने संरक्षित क्षेत्र माने जाते हैं। यदि किसी भी कारण से इन पर हमला होता है तो उसकी गहन जांच आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह भावनाओं से परे जाकर तथ्यों की पुष्टि करे और दोषियों को जवाबदेह ठहराए। यदि इस तरह की घटनाओं पर चुप्पी साध ली जाती है तो यह भविष्य में और भी भयावह हमलों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दुनिया के विभिन्न देशों से इस घटना पर शोक और आक्रोश व्यक्त किया गया है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे निंदनीय बताया है और तत्काल युद्धविराम की मांग की है। बच्चों की मौत किसी भी राजनीतिक या सामरिक तर्क से उचित नहीं ठहराई जा सकती। चाहे कोई भी विचारधारा हो या कोई भी रणनीतिक लक्ष्य हो निर्दोषों की हत्या उसे नैतिक वैधता नहीं दे सकती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस त्रासदी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या आधुनिक हथियारों और तकनीकी श्रेष्ठता के बावजूद हम मानवीय मूल्यों की रक्षा कर पा रहे हैं। यदि नहीं तो यह प्रगति अधूरी है। सभ्यता का वास्तविक पैमाना युद्ध में भी मानवता को जीवित रखना है। जब स्कूलों पर बम गिरते हैं तो यह केवल इमारतों का नहीं बल्कि भविष्य का विध्वंस होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरान और इजराइल अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी चिंता में डाल दिया है। तेल की कीमतों में उछाल और क्षेत्रीय असुरक्षा ने दुनिया को यह एहसास कराया है कि यह युद्ध सीमित नहीं रहेगा। लेकिन इन भू राजनीतिक चिंताओं से परे एक सच्चाई यह है कि युद्ध की कीमत सबसे पहले और सबसे अधिक आम नागरिक चुकाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्कूल पर हमला केवल एक सैन्य घटना नहीं बल्कि मानवता की परीक्षा है। यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर एकजुट होकर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करता है तो यह भविष्य के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा। अन्यथा यह घटना इतिहास के उन काले अध्यायों में दर्ज हो जाएगी जहां निर्दोषों का खून न्याय की प्रतीक्षा करता रह गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज पूरी दुनिया उन बच्चियों के लिए आंसू बहा रही है जिनके सपने अधूरे रह गए। वे डॉक्टर बनना चाहती थीं शिक्षक बनना चाहती थीं या शायद केवल अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जीना चाहती थीं। उनकी हंसी और खिलखिलाहट अब केवल यादों में रह गई है। यह क्षति अपूरणीय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसे समय में सबसे बड़ी आवश्यकता है संयम संवाद और शांति की दिशा में ठोस पहल की। युद्ध से कभी स्थायी समाधान नहीं निकलता। हिंसा का हर दौर नई हिंसा को जन्म देता है। यदि इस त्रासदी से भी दुनिया सबक नहीं लेती तो भविष्य और भी भयावह हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए यह आवश्यक है कि इस हमले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच हो दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। मानवता की रक्षा केवल शब्दों से नहीं बल्कि ठोस कदमों से होगी। नन्हीं बच्चियों की याद में यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी कि दुनिया एक ऐसी व्यवस्था बनाने का संकल्प ले जहां स्कूल कभी युद्ध का निशाना न बनें और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172475/attack-on-irans-girls-school-a-crime-against-humanity-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172475/attack-on-irans-girls-school-a-crime-against-humanity-and</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:48:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/582026-03-03t104726z1691264504rc2ywja30818rtrmadp3_1772535799.jpg"                         length="2690405"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US–Israel–Iran War: ग्राउंड ऑपरेशन से इनकार नहीं, रक्षा सचिव बोले– लंबी लड़ाई के लिए तैयार अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी रक्षा सचिव <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Pete Hegseth</span></span> ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान की जमीन पर कोई अमेरिकी सैनिक तैनात नहीं है, लेकिन भविष्य के विकल्प खुले हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की घोषणा</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">रक्षा सचिव ने बताया कि राष्ट्रपति <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Donald Trump</span></span> के निर्देश पर “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू किया गया है। उनके मुताबिक यह अब तक के सबसे सटीक और जटिल हवाई अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी हितों की रक्षा करना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172293/us%E2%80%93israel%E2%80%93iran-war-ground-operation-not-ruled-out-defense-secretary-said"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/iran-attack-sharjah-1772429613.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी रक्षा सचिव <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Pete Hegseth</span></span> ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान की जमीन पर कोई अमेरिकी सैनिक तैनात नहीं है, लेकिन भविष्य के विकल्प खुले हैं।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की घोषणा</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">रक्षा सचिव ने बताया कि राष्ट्रपति <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Donald Trump</span></span> के निर्देश पर “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू किया गया है। उनके मुताबिक यह अब तक के सबसे सटीक और जटिल हवाई अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी हितों की रक्षा करना और ईरान की दशकों पुरानी शत्रुता का जवाब देना है।हेगसेथ ने कहा कि सैन्य रणनीति पहले से सार्वजनिक करना समझदारी नहीं होती। “दुश्मन को यह नहीं पता होना चाहिए कि अमेरिका कब और क्या कदम उठाएगा,” उन्होंने कहा।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>ग्राउंड ऑपरेशन पर क्या बोले?</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका भविष्य में ईरान में जमीनी सेना भेज सकता है, तो उन्होंने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर ऐसा कदम उठाया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि अमेरिका बिना सोचे-समझे कोई कार्रवाई नहीं करेगा।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>ईरानी जवाबी हमले और अमेरिकी सैनिकों की मौत</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान और उसके सहयोगी समूहों ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में चार अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>47 साल की दुश्मनी का जिक्र</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">हेगसेथ ने कहा कि तेहरान का शासन पिछले 47 वर्षों से अमेरिका के खिलाफ “अप्रत्यक्ष युद्ध” करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Islamic Revolutionary Guard Corps</span></span> और उसकी कुद्स फोर्स ने विभिन्न हमलों को समर्थन दिया।उन्होंने यह भी कहा कि “हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन हम इसे खत्म करेंगे।” उनके अनुसार, यह सरकार बदलने की औपचारिक लड़ाई नहीं है, बल्कि अमेरिकी नागरिकों और हितों की सुरक्षा का सवाल है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>‘हम जीतने के लिए लड़ते हैं’</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">रक्षा सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका “जीतने के लिए लड़ता है” और लंबे समय तक अनिश्चित संघर्ष में उलझने का इरादा नहीं रखता। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका बिना हिचकिचाहट जवाब देगा।मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष सीमित हवाई कार्रवाई तक रहेगा या जमीनी अभियान का रूप ले सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172293/us%E2%80%93israel%E2%80%93iran-war-ground-operation-not-ruled-out-defense-secretary-said</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172293/us%E2%80%93israel%E2%80%93iran-war-ground-operation-not-ruled-out-defense-secretary-said</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 22:05:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/iran-attack-sharjah-1772429613.jpg"                         length="127188"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        